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                <title>Narendra Tomar - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बेमौसम बरसात से रबी फसलों को नुकसान: तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान हुआ है। यह भी पढ़ें:– पंजाब पुलिस के आईजी ने अमृतपाल को लेकर किया बड़ा खुलासा तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और विश्व बैंक की ओर से कृषि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/damage-to-rabi-crops-due-to-unseasonal-rain-tomar/article-44921"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/narendra-singh-tomar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पंजाब पुलिस के आईजी ने अमृतपाल को लेकर किया बड़ा खुलासा" href="http://10.0.0.122:1245/ig-of-punjab-police-made-a-big-disclosure-about-amritpal/">पंजाब पुलिस के आईजी ने अमृतपाल को लेकर किया बड़ा खुलासा</a></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="text-align:justify;">तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और विश्व बैंक की ओर से कृषि में उच्च शिक्षा को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं के सवाल में कहा देश के कई हिस्सों में अतिवृष्टि और ओले से गेहूं, सरसों,चना तथा कुछ अन्य फसलों को नुकसान हुआ है, जिसका राज्य सरकारें आकलन कर रही हैं। किसी भी राज्य सरकार ने अभी तक फसलों की हुई क्षति का ब्योरा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि जब कभी भी प्राकृतिक प्रकोप के कारण राज्यों में फसलों का नुकसान होता है तो सरकारें उसका आकलन कराती हैं जिन किसानों की फसल प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना के तहत होता है, उसे होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाती है लेकिन जो किसान बीमा योजना की परिधि में नहीं आते हैं, उन्हें राज्य आपदा प्रबंधन कोष से मदद दी जाती है। राज्य आपदा प्रबंधन कोष में केन्द्र की 60 प्रतिशत राशि जमा होती है। अधिक नुकसान होने की स्थिति में राज्य फसलों का सर्वेक्षण कराते हैं और केन्द्र को ज्ञापन देते हैं। इसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है पिछले कई दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी केन्द्र तथा कई जगहों पर कहीं-कहीं जोरदार वर्षा हुई है और ओले भी गिरे हैं। कृषि वैज्ञानिकों का अनुमान है कि भारी वर्षा और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि के विकास के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता: तोमर</h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि के विकास के बिना भारत विकसित राष्ट्र नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा कि अमृत काल के दौरान सरकार ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कृषि के बिना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कृषि तकनीक सरल होनी चाहिए, कृषि उत्पाद गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए, कृषि लागत घटनी चाहिए और कृषि निर्यात बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि कि ज्ञान और तकनीक से परिपूर्ण कृषि परिवार इसकी सभी चुनौतियों को तकनीकी से पूरा कर सकता है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Mar 2023 18:48:45 +0530</pubDate>
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                <title>भविष्य की जरूरतों को पूरा करने पौध आधारित खाद्य महत्वपूर्ण: तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पौध आधारित खाद्य वक्त की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित करने और कृषि क्षेत्र को भी बल देने वाला है। तोमर ने मंगलवार को आहार प्रदर्शनी के दौरान कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने वाले विकल्पों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/plant-based-food-important-to-meet-future-needs-tomar/article-44563"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/narendra-singh-tomar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पौध आधारित खाद्य वक्त की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित करने और कृषि क्षेत्र को भी बल देने वाला है। तोमर ने मंगलवार को आहार प्रदर्शनी के दौरान कहा कि भविष्य में जरूरत पड़ने वाले विकल्पों को अगर हम अभी से तैयार कर लेंगे तो आने वाले समय में संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से हम अच्छी तरह से अवगत हैं, खाद्य सुरक्षा इन्हीं में से एक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="लुधियाना में तेज रफ्तार कार ने दो बच्चों को कुचला, हालत गंभीर" href="http://10.0.0.122:1245/speeding-car-crushed-two-children-in-ludhiana-condition-critical/">लुधियाना में तेज रफ्तार कार ने दो बच्चों को कुचला, हालत गंभीर</a></p>
<p style="text-align:justify;">आने वाले समय में जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, उस समय तक आबादी भी बढ़ जाएगी, वहीं आधुनिक और विकसित भारत के लिए हो रहे अधोसंरचनात्मक विकास, बड़ी संख्या में नई रेल लाइनों को बिछाना, विश्वस्तरीय नेशनल हाईवे बनाना जैसे कार्यों के कारण खेती का रकबा कम होने की संभावना को भी देखना होगा। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के महान उद्देश्य को पूरा करने में सरकार तेजी के साथ राज्य सरकारों के साथ मिलकर जुटी हुई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कृषि क्षेत्र में निजी निवेश आना चाहिए</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वर्ष 2050 तक कितने खाद्यान्न की आवश्यकता हमें रहेगी और दुनिया की अपेक्षा हमसे कितनी बढ़ेगी, इस पर अभी से विचार करने की आवश्यकता है। समग्र एवं संतुलित विकास की कल्पना को साकार करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कदम बढ़ाए हैं। कृषि में लोगों की रूचि निरंतर बढ़े, यह भी हमारी जिम्मेदारी है। कृषि क्षेत्र में निजी निवेश आना चाहिए, नई तकनीकें आनी चाहिए, काम सरल होना चाहिए और किसानों को मुनाफा ज्यादा मिलना चाहिए, इससे आने वाली पीढ़ी कृषि की ओर आकर्षित होगी। किसान खेती का आधार है, यह बात समझना होगी। किसानों को फायदा एवं प्रतिष्ठा देने को पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि वह खेती में करके, देश का पेट भर सके और दुनिया की अपेक्षा को भी पूरा कर सकें। सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं द्वारा इस दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तोमर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के साथ ही पोषक दृष्टि से भी विकल्प तैयार करना समय की जरूरत है। प्रधानमंत्री की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है। अन्न का उत्पादन-उत्पादकता बढ़े, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, निर्यात भी बढ़े, इससे बने पदार्थों को भोजन की थाली में पुन: प्रतिष्ठापूर्ण स्थान मिले, इसलिए यह वर्ष मनाया जा रहा है। इससे पोषक तत्वों का आहार बढ़ेगा, किसानों को फायदा होगा व रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 17:27:11 +0530</pubDate>
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