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                <title>World Water Day - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>World Water Day RSS Feed</description>
                
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                <title>World Water Day: बूंद-बूंद बचाने की मुहिम में फतेहाबाद बना उदाहरण, जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली की पहल से बढ़ी जनभागीदारी</title>
                                    <description><![CDATA[World Water Day:  सच कहूँ/विनोद शर्मा फतेहाबाद। जल ही जीवन है यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। गिरते भू-जल स्तर और बढ़ते जल संकट के बीच फतेहाबाद जिले में जल संरक्षण की मुहिम को धरातल पर उतारने में जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली की भूमिका काफी अहम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fatehabad-sets-an-example-in-the-campaign-to-save-every-drop-public-participation-boosts-thanks-to-the-initiative-of-district-advisor-sharma-chand-lali/article-82584"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/world-water-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>World Water Day:  सच कहूँ/विनोद शर्मा फतेहाबाद।</strong> जल ही जीवन है यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। गिरते भू-जल स्तर और बढ़ते जल संकट के बीच फतेहाबाद जिले में जल संरक्षण की मुहिम को धरातल पर उतारने में जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली की भूमिका काफी अहम रही है। उनके प्रयासों से न केवल सरकारी योजनाएं गांवों तक पहुंचीं, बल्कि लोगों को भी पानी बचाने के लिए प्रेरित किया गया। दरअसल हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले में भी जल संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हररड की भी अहम भूमिका | World Water Day</h4>
<p style="text-align:justify;">विश्व जल दिवस के अवसर पर हररड (वाटर एंड सैनिटेशन सपोर्ट आॅगेर्नाइजेशन) भी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करता है। यह संस्था सरकार की योजनाओं और आम जनता के बीच एक कड़ी का काम करती है, जिससे जल प्रबंधन के प्रयासों को मजबूती मिलती है। जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली के मार्गदर्शन में जल संरक्षण के क्षेत्र में जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे आने वाले समय के लिए एक मजबूत नींव साबित हो सकते हैं। इन प्रयासों से न केवल वर्तमान पीढ़ी को लाभ मिल रहा है, बल्कि भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने की दिशा में भी जिले को मजबूती मिल रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">जल शक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया</h5>
<p style="text-align:justify;">जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, खासकर जल शक्ति अभियान, को प्रभावी तरीके से लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने प्रशासन और आम जनता के बीच एक सेतु बनकर काम किया, ताकि जल संचयन की तकनीकें केवल कागजों तक सीमित न रहकर गांवों में व्यवहारिक रूप से अपनाई जा सकें। फतेहाबाद के कई क्षेत्र लगातार गिरते भू-जल स्तर के कारण ह्यडार्क जोनह्ण की श्रेणी में आ रहे थे। इस स्थिति को सुधारने के लिए लाली ने जल पुनर्भरण प्रणालियों को बढ़ावा दिया। साथ ही पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार और वर्षा जल संचयन के प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भू-जल स्तर को संतुलित रखने में मदद मिल सके।</p>
<h5 style="text-align:justify;">किसानों को दी नई तकनीकों की जानकारी</h5>
<p style="text-align:justify;">खेती-प्रधान जिला होने के कारण यहां पानी की सबसे ज्यादा खपत सिंचाई में होती है। इसे ध्यान में रखते हुए किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों के बारे में जागरूक किया गया।किसानों को टपक सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा कम पानी में पकने वाली फसलों जैसे मक्का और दलहन की खेती तथा धान की सीधी बिजाई तकनीक को बढ़ावा दिया गया, ताकि पानी की बचत हो सके। जल संरक्षण के इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत जनभागीदारी रही। स्कूलों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से ह्लपानी बचाओह्व का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश की गई।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 11:12:48 +0530</pubDate>
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                <title>जल के बिना जीवन का नहीं है कोई आधार जल ही जीवन है:- पूनम काहड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। और इसी कड़ी में आज पिहोवा के अक्षर इंटरनेशनल स्कूल में भी विश्व जल दिवस पर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्कूल के बच्चों ने अपनी थीम के द्वारा जल बचाने का संदेश दिया। स्कूल चेयरपर्सन पूनम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/akshar-international-school-presented-a-program-on-world-water-day/article-68690"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/pehowa-news-5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Pehowa News: विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है। और इसी कड़ी में आज पिहोवा के अक्षर इंटरनेशनल स्कूल में भी विश्व जल दिवस पर एक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्कूल के बच्चों ने अपनी थीम के द्वारा जल बचाने का संदेश दिया। स्कूल चेयरपर्सन पूनम काहड़ा ने बच्चों को जल के महत्व के बारे में बताया की जल हमारे जीवन में कितना अनमोल है और इसकी हमें बर्बादी नहीं करनी चाहिए। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया जहां 70 फीसदी जल से घिरी है वहीं, पीने योग्य ताजा पानी महज तीन फीसदी ही है। वहीं जनसंख्या वृद्धि, बढ़ता शहरीकरण और विकास के लिए तेजी से बढ़ रही फैक्ट्रियों के कारण जल के स्त्रोत प्रभावित हो रहे हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी लोग पानी की बर्बादी कर रहे हैं। इससे स्वच्छ जल की मांग बढ़ रही है और पूर्ति बाधित हो रही है। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रिंसिपल शोबे मैथ्यू ने कहा की जल प्रदूषण रोकने, जल के महत्व को समझाने और जल संरक्षण के उद्देश्य से हर साल वैश्विक स्तर पर जल दिवस मनाया जाता है। इस दौरान पानी को बर्बाद होने से बचाकर कई समस्याओं का समाधान तलाशा जाता है। परिवारों को भी जल को पानी बचाने को लेकर जागरूक होने की जरूरत है। जल संरक्षण की शुरुआत घर से करें। उन्हें पानी की जरूरत के बारे में बताते हुए बचाने के तरीकों को समझाएं। आस पड़ोस के लोगों, दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को भी जल संरक्षण का महत्व और तरीका बताएं। Kurukshetra News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Khizrabad: प्रताप नगर के विभिन्न गांव में कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए पूर्व मंत्री" href="http://10.0.0.122:1245/kanwar-pal-met-the-workers-in-various-villages-of-pratap-nagar/">Khizrabad: प्रताप नगर के विभिन्न गांव में कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए पूर्व मंत्री</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/akshar-international-school-presented-a-program-on-world-water-day/article-68690</link>
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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 18:59:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Saint Dr MSG: अगर आप पूज्य गुरु जी के ये वचन मान लो&amp;#8230; तो धरती पर जल संकट न आए!</title>
                                    <description><![CDATA[world Water Day: सरसा। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr MSG) फरमाते हैं कि आज का समय ऐसा है कि इन्सान प्रकृति का नाश कर रहा है। संस्कृति का नाश कर रहा है। इन्सानियत को रसातल में ले जा रहा है। किसी भी दृष्टिकोण से देख […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/world-water-day/article-55521"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">world Water Day: सरसा। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr MSG) फरमाते हैं कि आज का समय ऐसा है कि इन्सान प्रकृति का नाश कर रहा है। संस्कृति का नाश कर रहा है। इन्सानियत को रसातल में ले जा रहा है। किसी भी दृष्टिकोण से देख लो इन्सान दिन-ब-दिन अपने विनाश को खुद बुलाने को आतुर है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि पानी की बात करें, तो पानी इतना नीचे जा रहा है, खास कर साइंटिस्टों को बड़ा फिक्र है और यहां तक उन्होंने हमारे पास बोला गुरू जी, हो सकता है आने वाले समय में पानी के लिए युद्ध ना हो जाए। क्योंकि पानी दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। डॉक्टर साहिबान जानते हैं, हमारी बॉडी में 70 से 90 पर्सेंट पानी होता है। और साजो-सामान के बिना काम चल जाएगा, पानी के बिना कैसे चलेगा? पानी तो जरूरी है। तो क्या पानी को बचाना नहीं चाहिए? बचाया जा सकता है और बचाना चाहिए। छोटी-छोटी बातें अगर आप नोट करें तो आप काफी पानी बचा सकते हैं। आप कहेंगे कि जी, मेरे एक अकेले के पानी बचाने से क्या फायदा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी फरमाते हैं कि हमारे धर्मानुसार कहावत है बूंद-बूंद से तालाब भर जाता है। कभी लीकेज होती देखो, बूंद-बूंद टपक रही है, बाल्टी रख दो नीचे कुछ देर में भरी नजर आएगी। इसलिए आप शुरूआत तो करो। आप ब्रश करते हैं सुबह सवेरे तो वॉशबेसन में एक गिलास रख लीजिये, उसको भर लीजिये। टूंटी खुली छोड़ कर ब्रश करना और उधर से पानी बहे जा रहा है यह गलत है। यूरिन वगैराह आप जाते हैं, टॉयलेट जाते हैं तो फ्लश में अलग-अलग फंक्शन होते हैं कि एक थोड़े पानी के लिए और एक ज्यादा पानी के लिए है उसका इस्तेमाल किया करो।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/honey-bee-farming/">Honey Bee Farming : प्रगतिशील किसान ने 14 वर्ष में लाखों तक पहुंचाया कारोबार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/world-water-day/article-55521</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2024 11:05:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जल दिवस विशेष: प्राकृतिक पानी पीने से घुटनों की बीमारी से मिली निजात!</title>
                                    <description><![CDATA[घग्गर का पानी पीने से सैकड़ों लोग कैंसर और काला पीलिया के शिकार World Water Day: मानसा/सरदूलगढ़ (सच कहूँ/सुखजीत मान)। घग्गर नदी के साथ सटे सरदूलगढ़ क्षेत्र में भू-जल पूरी तरह से दृषित हो गया है, जिसके परिणाम स्वरूप काला पीलिया व कैंसर जैसी भयानक बीमारियों द्वारा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/relief-from-knee-disease-by-drinking-natural-water/article-55518"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/arora-family.jpg" alt=""></a><br /><h3>घग्गर का पानी पीने से सैकड़ों लोग कैंसर और काला पीलिया के शिकार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>World Water Day: मानसा/सरदूलगढ़ (सच कहूँ/सुखजीत मान)।</strong> घग्गर नदी के साथ सटे सरदूलगढ़ क्षेत्र में भू-जल पूरी तरह से दृषित हो गया है, जिसके परिणाम स्वरूप काला पीलिया व कैंसर जैसी भयानक बीमारियों द्वारा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। वहीं, सरदूलगढ़ के जीएम अरोड़ा परिवार ने बारिश का पानी स्टोर कर लोगों के लिए मिसाल कायम की है। जीएम अरोड़ा ने बताया कि उक्त बीमारियों से बचने के लिए उन्होंने बारिश के पानी को पीना शुरु किया, जिससे उन्हें भरपूर लाभ मिला। World Water Day</p>
<h3>प्राकृतिक पानी पीने से घुटनों की बीमारी से मिली निजात | World Water Day</h3>
<p style="text-align:justify;">जीएम अरोड़ा दूषित पानी के चलते खुद घुटनों की बीमारी से पीड़ित थे लेकिन जब से उन्होंने प्राकृतिक पानी का इस्तेमाल शुरु किया तो उनके घुटनों का दर्द कम हो गया व अब उनका शरीर वजनदार होने के बावजूद भी वह सीढ़ियों सहित अन्य ऊंची जगहों पर आसानी से चढ़-उतर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि शरीर को तंदरूस्त रखने के लिए बारिश के पानी को इस्तेमाल में लाएं व घरों में पानी की संभाल के लिए टैंक बनवाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जहां भूमिगत पानी को बचाया जा सकता है, साथ ही अपने परिवारों को भी बीमारियों से बचाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि घग्गर नदी के कारण इसके साथ लगते गांवों में काफी भयानक बीमारियों ने घर कर लिया है। मजबूरन जो किसान घग्गर में से पानी अपने खेतों में लगा रहे हैं, वे चमड़ी इत्यादि के रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने घग्गर नदी में गिरते फैक्ट्रियों के तेजाबी पानी इत्यादि को रोकने के लिए अनेकों बार धरने- प्रदर्शन किए लेकिन सरकारों द्वारा इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सात साल से इस्तेमाल में ला रहे बारिश का पानी | World Water Day</h3>
<p style="text-align:justify;">जीएम अरोड़ा ने बताया कि वह साल 2017 से बारिश के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब घर में रिश्तेदार या दोस्त आते हैं तो उनको भी यही पानी पीने के लिए देते हैं। उनके द्वारा प्राकृतिक पानी के किए जा रहे इस्तेमाल से प्रेरित होकर कुछ रिश्तेदार व दोस्तों ने भी बारिश के पानी को स्टोर करने के टैंक बनवाए हैं। बारिश के पानी को विशेषज्ञों से टैस्ट भी करवाया, जो पीने के लिए पूरी तरह सही पाया गया है। World Water Day</p>
<p><a title="World Water Day: …नहीं तो चारों ओर होगा रेत ही रेत! पानी बिना चढ़ जाओगे मौत की भेंट!" href="http://10.0.0.122:1245/you-will-die-without-water/">World Water Day: …नहीं तो चारों ओर होगा रेत ही रेत! पानी बिना चढ़ जाओगे मौत की भेंट!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2024 10:18:31 +0530</pubDate>
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                <title>World Water Day: &amp;#8230;नहीं तो चारों ओर होगा रेत ही रेत! पानी बिना चढ़ जाओगे मौत की भेंट!</title>
                                    <description><![CDATA[World Water Day: गुरुग्राम (संजय कुमार मेहरा)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी लिखा है कि-हमें पृथ्वी, हवा, जमीन का संरक्षण करना जरूरी है। ये हमें किसी विरासत में नहीं मिली हैं। हमें इन तीनों ही प्राकृतिक चीजों का ध्यान रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को उसे इसी तरह सौंपना चाहिए, जैसे हमें हमारे पूर्वजों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/you-will-die-without-water/article-55517"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/world-water-day-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>World Water Day: गुरुग्राम (संजय कुमार मेहरा)।</strong> राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी लिखा है कि-हमें पृथ्वी, हवा, जमीन का संरक्षण करना जरूरी है। ये हमें किसी विरासत में नहीं मिली हैं। हमें इन तीनों ही प्राकृतिक चीजों का ध्यान रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को उसे इसी तरह सौंपना चाहिए, जैसे हमें हमारे पूर्वजों ने दी थी। फिर भी हम पानी की खुलकर बर्बादी करते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को आज का यह खुले में बहता पानी कल को बंद बोतलों में मिले। पानी नसीब होगा भी या नहीं। Gurugram News</p>
<h3>दुनिया में 97 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं, 3 प्रतिशत पानी पर दुनिया जीवित</h3>
<p style="text-align:justify;">स्कूल, कालेज में विद्यार्थी जल ही जीवन है जैसे विषय पर पेंटिंग बनाते हैं। अपने दिमाग की उपज से अलग-अलग तरीके से पानी की बचत के संदेश देने वाले पोस्टर बनाते हैं। हम भी आमतौर पर पानी की किल्लत को लेकर आपसी चर्चा भी करते होंगे, लेकिन हम पानी की बचत के लिए जमीनी स्तर पर काम नहीं कर पा रहें हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लंदन : एक-एक बूंद की कदर | Gurugram News</h3>
<p style="text-align:justify;">पानी बचाने में इंग्लैंड में वाटर मीटरिंग तकनीक अद्भुत और अनोखी है। यहां लोग आॅनलाइन डेटाबेस का उपयोग करके अपने पानी के उपयोग को समझ सकते हैं और इसे मैनेज कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर से लोगों को पता चलता है कि वे पानी का प्रयोग कहां, किस काम में कर रहे हैं और पानी का कितना उपयोग किया जा रहा है। इससे परिवारों को यह समझने का मौका मिलता है है कि वे कहां सर्वाधिक पानी का उपयोग कर रहे हैं। ये मीटर पानी सप्लाई पाइपों में लीकेज की भी सूचना देते हैं। इतना ही नहीं ये मीटर लोगों को ये भी बताते हैं कि पानी बचाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">85 फीसदी पानी को रिसाइकिल कर रहा इजराइल | Gurugram News</h3>
<p style="text-align:justify;">रेगिस्तानी जलवायु वाला देश इजराइल जल संरक्षण में पूरी दुनिया के लिए मिसाल है। अगर बात 1960 की करें तो यहां का कुल पानी का 80 प्रतिशत पानी कृषि लिए जाता था। जबकि ऐसा करके वह खेती और घरेलू जरूरत के लिए उपयोग किया पानी की समस्या से जूझ रहा था। लेकिन हालात बिल्कुल बदल चुके हैं, अब इजराइल उपयोग किए गए 85 फीसदी पानी को रिसाइकिल करके इस्तेमाल करता है और देश में 230 ऐसे तालाब बनाए गए हैं जहां रिसाइकिल किया गया पानी इकट्ठा किया जाता है, जो खेती में उपयोग होता है। इसके अलावा दो दशकों से इजराइल समुद्र के खारे पानी को स्वच्छ करके पेयजल सहित अन्य उपयोग कर रहा है। Gurugram News</p>
<p><a title="World Water Day: लंगर की पुरातन विधि से डेरा सच्चा सौदा हर साल बचा रहा करोड़ों लीटर पानी" href="http://10.0.0.122:1245/dera-sacha-sauda-is-saving-crores-of-liters-of-water-every-year-through-the-ancient-method-of-langar/">World Water Day: लंगर की पुरातन विधि से डेरा सच्चा सौदा हर साल बचा रहा करोड़ों लीटर पानी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Mar 2024 09:49:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>World Water Day: लंगर की पुरातन विधि से डेरा सच्चा सौदा हर साल बचा रहा करोड़ों लीटर पानी</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु जी के टिप्स | World Water Day 2024 दांतों को ब्रुश करते समय नल को खुला नहीं छोड़ें, बल्कि गिलास में पानी रखकर इस्तेमाल करें। नहाने के लिए पानी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल में लाएं। नल को अच्छी तरह बंद करें ताकि पानी व्यर्थ न बहे। सरसा (सच कहूँ/तिलक राज इन्सां)। World […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/dera-sacha-sauda-is-saving-crores-of-liters-of-water-every-year-through-the-ancient-method-of-langar/article-55514"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/world-water-day.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी के टिप्स | World Water Day 2024</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>दांतों को ब्रुश करते समय नल को खुला नहीं छोड़ें, बल्कि गिलास में पानी रखकर इस्तेमाल करें।</li>
<li>नहाने के लिए पानी सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल में लाएं।</li>
<li>नल को अच्छी तरह बंद करें ताकि पानी व्यर्थ न बहे।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ/तिलक राज इन्सां)।</strong> World Water Day 2024: पूरी दुनिया में भूमिगत पानी का संकट छाया हुआ है। सरकारें पानी बचाने के लिए कोई न कोई तरीके ढूंढ रही हैं। डेरा सच्चा सौदा पिछले 75 सालों से पानी के घरेलू इस्तेमाल के क्षेत्र में अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। डेरा सच्चा सौदा में लंगर की पुरातन व सादगी वाली विधि से हर साल करोड़ों लीटर पानी बचाया जा रहा है। World Water Day 2024</p>
<p style="text-align:justify;">पूजनीय बेपरवाह साई शाह मस्ताना जी महाराज ने सन् 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की। स्थापना के समय से डेरा सच्चा सौदा में लंगर की पुरातन प्रथा चल रही है, जिसमें लंगर (सब्जी) प्रशाद हाथों पर लिया जाता है व लंगर पर ही दाले का वितरण किया जाता है और लंगर के लिए थाली, कटोरी व गिलास जैसे बर्तन इस्तेमाल में नहीं लाए जाते। बर्तनों को धोने के लिए इस्तेमाल में आने वाला पानी बच जाता है। वहीं अगर एक व्यक्ति बर्तनों में लंगर खाए तो बर्तन धोने के लिए कम से कम एक लीटर पानी की जरूरत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पावन भंडारे पर डेरा सच्चा सौदा में 2-3 करोड़ साध-संगत पहुंचती है। वहीं सत्संगों में रोजाना आने वाली साध-संगत की गिनती इससे अलग है। इस तरह हर साल 15-20 करोड़ लोग डेरा सच्चा सौदा पहुंचते हैं। अगर एक व्यक्ति एक लीटर पानी बर्तन धोने के लिए इस्तेमाल करे तो पूरे साल में 15-20 करोड़ लीटर पानी खपत होगा। इसी तरह इतने बडेÞ स्तर पर डेरा सच्चा सौदा पानी की घरेलू बचत कर रहा है। World Water Day 2024</p>
<p style="text-align:justify;">एक व्यक्ति द्वारा भोजन करते समय अगर बर्तनों का इस्तेमाल किया जाए तो उन बर्तनों को धोने के<br />
लिए कम से कम एक लीटर पानी लगता है, लंगर की पुरातन विधि से एक लाख लोगों द्वारा भोजन करने से एक लाख लीटर पानी की बचत होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लंगर व दाल का खास तरीका</h3>
<p style="text-align:justify;">लंगर तैयार करने के लिए इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि लंगर का आकार बड़ा हो ताकि लंगर पर तरी वाली सब्जी को आसानी से संभाला जा सके। इसी तरह दाल तैयार करने वाले लांगरी दाल न तो अधिक पतला रखते हैं और न ही ज्यादा गाढ़ा। इसका फायदा यह है कि दाल नीचे नहीं गिरती।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वर्षा जल संग्रहण</h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी की प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा में कई डिग्गियां बनाई गई हैं, जिनमें वर्षा का जल संग्रहण किया जाता है। फिर यह पानी फिर कृषि के लिए प्रयोग किया जाता है। इसी तरह फुव्वारा तकनीक के तहत पानी की बचत की जाती है। सीवरेज के पानी को साफ कर कृषि क्षेत्र के लिए प्रयोग में लिया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वाटर रियूज सिस्टम | World Water Day 2024</h3>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने कृषि क्षेत्र में पानी की बचत के लिए विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसे वॉटर रियूज सिस्टम कहा जाता है। इसके तहत फसल की सिंचाई के बाद बचा हुआ पानी दोबारा एक टैंक में भर जाता है। इस तकनीक से फ्लॅड इरीगेशन के मुकाबले पानी की बहुत ज्यादा बचत होती है। वहीं सीवरेज के पानी को ट्रीट करके खेती में इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी की बूंद-बूंद बचाई जाए : पूज्य गुरू जी</h3>
<p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आज का समय ऐसा है कि इन्सान प्रकृति का नाश कर रहा है। संस्कृति का नाश कर रहा है। इन्सानियत को रसातल में ले जा रहा है। किसी भी दृष्टिकोण से देख लो इन्सान दिन-ब-दिन अपने विनाश को खुद बुलाने को आतुर है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि पानी की बात करें, तो पानी इतना नीचे जा रहा है, खास कर साइंटिस्टों को बड़ा फिक्र है और यहां तक उन्होंने हमारे पास बोला गुरू जी, हो सकता है आने वाले समय में पानी के लिए युद्ध ना हो जाए। क्योंकि पानी दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। डॉक्टर साहिबान जानते हैं, हमारी बॉडी में 70 से 90 पर्सेंट पानी होता है। और साजो-सामान के बिना काम चल जाएगा, पानी के बिना कैसे चलेगा? पानी तो जरूरी है। तो क्या पानी को बचाना नहीं चाहिए? बचाया जा सकता है और बचाना चाहिए। छोटी-छोटी बातें अगर आप नोट करें तो आप काफी पानी बचा सकते हैं। आप कहेंगे कि जी, मेरे एक अकेले के पानी बचाने से क्या फायदा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी फरमाते हैं कि हमारे धर्मानुसार कहावत है बूंद-बूंद से तालाब भर जाता है। कभी लीकेज होती देखो, बूंद-बूंद टपक रही है, बाल्टी रख दो नीचे कुछ देर में भरी नजर आएगी। इसलिए आप शुरूआत तो करो। आप ब्रश करते हैं सुबह सवेरे तो वॉशबेसन में एक गिलास रख लीजिये, उसको भर लीजिये। टूंटी खुली छोड़ कर ब्रश करना और उधर से पानी बहे जा रहा है यह गलत है। यूरिन वगैराह आप जाते हैं, टॉयलेट जाते हैं तो फ्लश में अलग-अलग फंक्शन होते हैं कि एक थोड़े पानी के लिए और एक ज्यादा पानी के लिए है उसका इस्तेमाल किया करो। World Water Day 2024</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Food Technology: फूड टेक्नोलॉजी में बनाएं करियर" href="http://10.0.0.122:1245/make-a-career-in-food-technology/">Food Technology: फूड टेक्नोलॉजी में बनाएं करियर</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 20:59:39 +0530</pubDate>
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                <title>जल को बचा लो वरना आएगी बहुत बड़ी तबाही | Ram Rahim</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। जल की जीवन है क्योंकि इसके बिना जीवन की (World Water Day) कल्पना नहीं की जा सकती। दुनिया भर में कई ऐसे हिस्से हैं जहां पानी की कमी बनी रहती है। तेजी से बढ़ती फैक्ट्रियां और जनसंख्या के चलते पानी का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होने लगा है। दुनिया में लोग जाने अनजाने में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/world-water-day-ram-rahim/article-44950"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/water-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> जल की जीवन है क्योंकि इसके बिना जीवन की (World Water Day) कल्पना नहीं की जा सकती। दुनिया भर में कई ऐसे हिस्से हैं जहां पानी की कमी बनी रहती है। तेजी से बढ़ती फैक्ट्रियां और जनसंख्या के चलते पानी का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल होने लगा है। दुनिया में लोग जाने अनजाने में पानी की बर्बादीं करते हैं और बहुत जल्द सभी को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। दुनियाभर में लोग पानी का महत्व समझे इसलिए विश्व जल दिवस मनाया जाता है। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इंस्ट्राग्राम पर नई रील अपलोड की है। रील को देखने के लिए इस पर <a href="https://www.instagram.com/p/CqFJQIoLbkj/?hl=en">क्लिक</a> करें। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां हमेशा जल बचाने को लेकर समाज में संदेश देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि पानी की बात करें, तो पानी इतनी नीचे जा रहा है, खास कर साइंटिस्टों को बड़ा फिक्र है और यहां तक उन्होंने हमारे पास बोला गुरू जी, हो सकता है आने वाला समय पानी के लिए युद्ध ना हो जाए। क्योंकि पानी दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है और जरूरत है पानी की। 70 से 90 पर्सेंट, जितना भी डॉक्टर साहिबान जानते हैं, हमारी बॉडी में पानी होता है। और साजो-सामान के बिना काम चल जाएगा, पानी के बिना कैसे चलेगा? पानी तो जरूरी है। तो क्या पानी को बचाना नहीं चाहिए? बचाया जा सकता है और बचाना चाहिए। छोटी-छोटी बातें अगर आप नोट करें तो आप काफी पानी बचा सकते हैं। आप कहेंगे कि जी, मेरे एक अकेले के पानी बचाने से क्या फायदा होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>हमारे धर्मानुसार कहावत है बूंद-बूंद से तालाब भर | Ram Rahim</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">हमारे धर्मानुसार कहावत है बूंद-बूंद से तालाब भर जाता है। कभी लीकेज होती देखो आप, बूंद-बूंद टपक रही है, बाल्टी रख दो नीचे कुछ देर में भरी नज़र आएगी। इसलिए आप शुरूआत तो करो। आप ब्रश करते हैं सुबह सवेरे तो वॉशमेसन में एक गिलास रख लीजिये, उसको भर लीजिये। टूंटी खुली छोड़ कर ब्रश और उधर से पानी बहे जा रहा है। फ्लश जो होती है, वॉशरूम वगैराह आप जाते हैं, टॉयलेट जाते हैं तो अलग-अलग उसमें फंक्शन होते हैं कई, कोई महंगा नहीं होता, पहले पुराने समय से चला आ रहा है, कि एक थोड़े पानी के लिए और एक ज्यादा पानी के लिए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>छोटी-छोटी चीजों से बचाया जा सकता है पानी | Ram Rahim</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">तो आपको छोटी बात लगती है, लेकिन अगर वो लगवाते हैं आप तो सस्ता भी है और आप वॉशरूम जाएं, यूरल त्यागते हैं तो वो छोटा और टॉयलेट जाते हैं तो बड़ा फ्लश करें, पर इतना ध्यान किसके पास है, समय किसके पास है। तो ये छोटी-छोटी चीजें हैं, जिनसे पानी बचा सकते हैं।</p>
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                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 12:02:40 +0530</pubDate>
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