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                <title>Weird News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>OMG News: वैज्ञानिकों को 71000 वर्ष पहले की महिला का कंकाल मिला, जांच हुई तो ये हुए बड़े खुलासे&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[OMG News अनु सैनी| पुरातत्वविदों ने हाल ही में एक ऐसी महिला के कंकाल के अवशेष खोजे हैं, जो करीब 71000 साल पहले जीवित थी। यह खोज चीन के एक प्राचीन पुरातात्विक स्थल शिंगयी में हुई। इस महिला को वैज्ञानिकों ने “Shingyi_EN” नाम दिया है। उसके डीएनए ने वैज्ञानिकों के सामने एक नए और रहस्यमयी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/discovery-of-a-7100-year-old-woman-deep-into-the-mysterious-roots-of-the-tibetan-dynasty/article-72142"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/omg-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>OMG News अनु सैनी|</strong> पुरातत्वविदों ने हाल ही में एक ऐसी महिला के कंकाल के अवशेष खोजे हैं, जो करीब 71000 साल पहले जीवित थी। यह खोज चीन के एक प्राचीन पुरातात्विक स्थल शिंगयी में हुई। इस महिला को वैज्ञानिकों ने “Shingyi_EN” नाम दिया है। उसके डीएनए ने वैज्ञानिकों के सामने एक नए और रहस्यमयी मानव वंश के दरवाज़े खोल दिए हैं, जो अब तक पूरी तरह अज्ञात था।</p>
<p class="ai-optimize-8"><a href="http://10.0.0.122:1245/air-india-plane-crash-when-the-sky-became-a-flight-of-regret/">Air India Plane Crash: Air India के विमान हादसे, जब आसमान बना अफसोस की उड़ान</a></p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">कहां मिला यह अनमोल कंकाल? OMG News</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">यह अवशेष नवपाषाण काल से संबंधित हैं और शिंगयी पुरातात्विक स्थल (चीन) से प्राप्त हुए हैं। अध्ययन के अनुसार, यह महिला एक शिकारी और संग्रहकर्ता जीवनशैली जीती थी। जब वैज्ञानिकों ने उसके डीएनए और आहार पर आइसोटोप विश्लेषण किया, तो पता चला कि उसका वंश वर्तमान तिब्बतियों में पाए जाने वाले ‘घोस्ट वंश’ से मिलता है।</p>
<h4 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">क्या होता है ‘घोस्ट वंश’?</h4>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">‘घोस्ट वंश’ से आशय ऐसे मानव समूहों से है जिनके कंकाल तो नहीं मिले, लेकिन उनके जीन के संकेत आज भी कुछ मानव समुदायों में मौजूद हैं। इनके अस्तित्व के प्रमाण केवल डीएनए विश्लेषण से मिलते हैं। शिंगयी_ईएन का वंश निएंडरथल या डेनिसोवन जैसे पुराने मानव समूहों से भी नहीं जुड़ता, बल्कि यह एक बिल्कुल अलग और नया वंश है, जिसे अब वैज्ञानिकों ने नाम दिया है – बेसल एशियन शिंगयी वंश।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">तिब्बती वंश की जड़ें हो सकती हैं इससे जुड़ी</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">तिब्बती पठार पर रहने वाले लोगों की उत्पत्ति को लेकर अब तक कई सवाल उठते रहे हैं। पूर्व के अध्ययनों में यह बात सामने आई थी कि तिब्बतियों में एक ऐसा वंश मौजूद है जिसका कोई ठोस कंकाल प्रमाण नहीं मिला — और यही ‘घोस्ट वंश’ अब शिंगयी_ईएन की मदद से वैज्ञानिकों की समझ में आने लगा है।</p>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">क्यों है यह खोज बेहद अहम? OMG News</h3>
<ul>
<li class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">यह वंश हजारों साल तक अन्य मानव समूहों से पूरी तरह अलग रहा।</li>
<li class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">इसमें किसी भी अन्य प्रजाति के साथ कोई आनुवंशिक मिश्रण नहीं पाया गया।</li>
<li class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">यह खोज यह संकेत देती है कि पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया की प्राचीन आबादी को समझने की कुंजी शायद इन्हीं रहस्यमयी लोगों के पास है।</li>
<li class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">अध्ययन से यह भी पता चला कि शिंगयी_ईएन के जैसे और लोग भी हो सकते हैं, लेकिन अभी उनके अवशेष वैज्ञानिकों के हाथ नहीं लगे हैं।</li>
</ul>
<h3 class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">आगे की रिसर्च की आवश्यकता</h3>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">हालांकि यह अध्ययन सिर्फ एक व्यक्ति के डीएनए पर आधारित है, लेकिन इससे भविष्य में मानव विकास और वंशावली के कई अनसुलझे रहस्यों को जानने की उम्मीद जगी है। वैज्ञानिक मानते हैं कि इस दिशा में और अधिक खोज और विश्लेषण की जरूरत है ताकि हम तिब्बती जनजातियों और उनके रहस्यमयी पूर्वजों को और गहराई से समझ सकें।<br />
निष्कर्ष:-<br />
शिंगयी_ईएन की यह ऐतिहासिक खोज हमें मानव विकास की एक नई दिशा में ले जा रही है। यह केवल एक कंकाल नहीं, बल्कि पुरातत्व और आनुवंशिकी के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी खोज है, जिसने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इंसानी इतिहास जितना दिखता है, शायद उससे कहीं अधिक गहरा और रहस्यमयी है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 16:57:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मरने के बाद भी अपनों के साथ जिंदा रहते हैं ये लोग !</title>
                                    <description><![CDATA[दुनिया (World) बहुत बड़ी है और इस बड़ी दुनिया में अलग-अलग देश भी हैं और सभी की अपनी अलग सभ्यता-संस्कृति, प्रथाएं और परम्पराएं होती हैं। इन्हीं के अनुसार उनका रहन-सहन और जीवन यापन करने का तरीका होता है। दुनिया में बहुत से देश ऐसे भी जहां बाकी देशों से काफी अलग मान्यताएं होती हैं। आज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/here-the-dead-body-is-preserved-like-a-living-person-but-no-last-rites-are-performed/article-52996"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/mummy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दुनिया (World) बहुत बड़ी है और इस बड़ी दुनिया में अलग-अलग देश भी हैं और सभी की अपनी अलग सभ्यता-संस्कृति, प्रथाएं और परम्पराएं होती हैं। इन्हीं के अनुसार उनका रहन-सहन और जीवन यापन करने का तरीका होता है। दुनिया में बहुत से देश ऐसे भी जहां बाकी देशों से काफी अलग मान्यताएं होती हैं। आज इस लेख में हम इन्हीं मान्यता के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई देशों में तो अंतिम संस्कार को लेकर भी अलग नियम, अलम मान्यताएं हैं, जो बाकी देशों से बिल्कुल भिन्न हैं। Indonesia</p>
<p style="text-align:justify;">आमतौर पर आप लोगों ने देखा होगा कि जब कोई मर जाता है तो उसे या तो जला दिया जाता है या दफना दिया जाता है। लेकिन इस दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां के लोग मरने वाले लोगों का अंतिम संस्कार (Funeral) नहीं करते, बल्कि अपनों की डेड बॉडी (dead body) को ममी बनाकर सुरक्षित रखते हैं और उनकी सार-संभाल करते हैं। जी हां, आप यह जानकर हैरान जरूर हुए होंगे लेकिन यहां के लोग ऐसा ही करते हैं और ये लोग पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग हैं। देश का नाम बताएं तो उस देश का नाम है इंडोनेशिया (Indonesia)।</p>
<p style="text-align:justify;">दुनिया में इंडोनेशिया देश के पहाड़ी इलाके में रहने वाले तोराजा जनजाति के लोग ऐसा कार्य करते हैं। वे अपनों के मरने के बाद उनकी डेड बॉडी ऐसे संभालकर रखते हैं, जैसे कि वह अभी जिंदा हैं। इनका मानना है कि जब कोई व्यक्ति मर जाता है तो उसकी आत्मा उनके घर में ही रहती है। इसी वजह से वे अपनों की डेड बॉडी संभालकर रखते हैं और उसे हर वो चीज कपड़े, खाना, पानी, सिगरेट आदि देते हैं, जो एक व्यक्ति को जीवित रहने के लिए दी जाती हैं। Toraja Tribe</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में अब आप सोच रहे होंगे कि डेड बॉडी कोई?इतने दिन तक कैसे संभालकर रख सकता है! वो तो वक्त के साथ सड़ने और गलने लगती है तो वो अपनों के शव को इतने दिनों तक सड़ने से कैसे बचाते हैं? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वो अपनों की डेड बॉडी को सड़ने से बचाने के लिए उनकी त्वचा पर फॉर्मेल्डिहाइड और पानी की कोटिंग लगाते हैं। इतना ही नहीं मृत शरीर से बदबू ना आए इसके लिए भी उन्होंने जुगाड़ कर रखा है। बदबू से बचने के लिए यहां के लोग मृत शरीर के पास सूखे पौधे रखते हैं। Indonesia</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि इंडोनेशिया की तोराजा जनजाति के लोगों को छोटी उम्र से ही मौत को फेस करने के लिए तैयार कर दिया जाता है। परिवार के सदस्य डेड बॉडी को रोजाना खाना खिलाते हैं और उन्हें घर के एक कमरे में तब तक सुरक्षित रखते हैं, जब तक अंतिम संस्कार के लिए उनके पास पैसे इकट्ठे न हो जाएं। जब अंतिम संस्कार की क्रिया का समय आता है तो लोग शव को पत्थर की कब्र में दफनाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा भी नहीं है कि वह दफनाकर उनको भूल जाते हैं। टंह्णल्लील्ली नाम का एक अनुष्ठान वो लोग किया करते हैं, उसी के लिए वो कुछ समय के बाद उस शव को कब्र से बाहर निकालते हैं और उसकी अच्छे से साफ-सफाई करते हैं, मृतक के शरीर को धोकर उसे साफ कपड़े पहनाए जाते हैं और कुछ देर के लिए धूप में सूखा दिया जाता है। इस दौरान वे शव के साथ सेल्फी लेते हैं। Strange News</p>
<p style="text-align:justify;">इतना सब करके सभी रिश्तेदारों और जानने वालों को बुलाया जाता है और दावतें रखी जाती हैं। इस मौके पर युवा लोग अपने पूर्वजों से मिलते हैं और उनकी डेड बॉडी के साथ सेल्फी लेते हैं। अनुष्ठान पूरा होने के बाद शव को वापस ताबूत में रख दिया जाता है। इंडोनेशिया में अनुष्ठान की यह प्रथा सदियों से चली आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन पहाड़ी लोगों में मान्यता है कि पोंग रुमासेक नामक एक शिकारी तोराजा की पहाड़ियों पर घूमा करता था। एक दिन क्या हुआ कि उसे एक पेड़ के नीचे किसी की लाश पड़ी हुई मिली। उसने लाश की हड्डियों को अपने पास मौजूद कपड़े में रखा और उसे जमीन में दफना दिया। बताया जाता है कि ऐसा करने के बाद उस शिकारी को जीवन भर भाग्यशाली और धनवान रहने का आशीर्वाद मिला। तोराजा जनजाति के लोग यह मानते हैं कि अगर वे अपने पूर्वजों का ख्याल रखेंगे और उनकी देखभाल करेंगे तो उन्हें भी आशीर्वाद मिलेगा और वो भाग्यशाली और धनवान बनेंगे। Indonesia</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Economy: अर्थव्यवस्था-गिरती घरेलू बचत एवं बढ़ती महंगाई से त्रस्त" href="http://10.0.0.122:1245/economy-suffered-by-falling-domestic-savings-and-rising-inflation/">Economy: अर्थव्यवस्था-गिरती घरेलू बचत एवं बढ़ती महंगाई से त्रस्त</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 28 Sep 2023 18:38:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Khabre jara hatke: जल में दिखी &amp;#8216;जलपरी&amp;#8217;, मछुआरे हैरान!</title>
                                    <description><![CDATA[समुद्र में मछली पकड़ने गए थे मछुआरे, अचानक हिली नाव  Khabre jara hatke: ‘जलपरी’, सदियों से सुनते आ रहे हैं कि कोई ‘जलपरी’ होती है। पौराणिक कथाओं में भी इस प्राणी का जिक्र आता है। सदियों पहले लोककथाओं में आने के बाद से ही इसने अपनी कल्पना को जिंदा रखा है। सरल शब्दों में कहें तो, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/khabre-jara-hatke/article-49404"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/khabre-jara-hatke.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">समुद्र में मछली पकड़ने गए थे मछुआरे, अचानक हिली नाव</h4>
<p style="text-align:justify;"> Khabre jara hatke: ‘जलपरी’, सदियों से सुनते आ रहे हैं कि कोई ‘जलपरी’ होती है। पौराणिक कथाओं में भी इस प्राणी का जिक्र आता है। सदियों पहले लोककथाओं में आने के बाद से ही इसने अपनी कल्पना को जिंदा रखा है। सरल शब्दों में कहें तो, जलपरी को एक जलीय जीव के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसका सिर और धड़ मनुष्य जैसा और पूंछ मछली या अन्य जलचर जैसी होती है। लेकिन वास्तविकता क्या है? यह बहस का मुद्दा है। क्या ‘जलपरी’ के जीवन के कोई उदाहरण मौजूद हैं? इतिहास में जलपरी देखे जाने की कुछ रिपोर्टें तो आई हैं, लेकिन आज तक कोई भी इसकी पुष्टि नहीं कर पाया है। हालाँकि, आज के आधुनिक युग में भी इसकी आशा खत्म नहीं हुई है! Khabre jara hatke</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि समुद्र की दुनिया बहुत ही दिलचस्प और रहस्यों से भरी पड़ी है। इस समुद्र का अथाह जल अपने नीचे उतने ही गहरे राज छिपाए हुए है, जितना हम समुद्री दुनिया के बारे में कल्पना करते हैं। रहस्य और रोमांच उससे भी ज्यादा गहरे हैं। ऐसे में अगर अचानक ऐसे राज हमारे सामने आ जाएं जिसे देखने के बाद भी कई लोग यकीन ना कर पाएं। वैसे लंबे समय से ही आप जलपरियों के किस्से सुनते आ रहे होंगे। बचपन में जलपरियों की कई कहानियां भी आपने सुनी होगी। ज्यादातर लोग इन्हें सिर्फ काल्पनिक किरदार समझते हैं। लेकिन ऐसे भी कुछ लोग ही हैं, जिनका मानना है कि जलपरी होती है। इसके कई बार सबूत भी देखने को मिलते हैं। Khabre jara hatke</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे ही एक सबूत के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया गया, जिसमें जलपरी के कैद होने का दावा किया गया। वीडियो में दिखाया जा रहा है कि समुद्र के पानी में नीले और हरे रंग की इंसानी परछाई कैद की गई है जिसे देखने के बाद एलियन मरमेड की याद कई लोगों की ताजा हो गई। समुद्र की गहराई में इंसानी परछाई का दिखना बेहद रोमांचक अनुभव था। लेकिन उन लोगों के अनुसार जिन्होंने इसे कैद किया, उनके लिए ये काफी डरावना था। वीडियो को ढ४ी१३ङ्म फ्रूङ्म के अ‍ॅ४ं्िर’’ं शहर में कैद किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मछुआरों भी थे हैरान | Khabre jara hatke</h3>
<p style="text-align:justify;">मछुआरों ने बताया कि उन्हें ऐसा लग रहा था कि जैसे पानी के अंदर कोई परछाई चल रही है। एक मछुआरे की नजर सबसे पहले इस पर पड़ी थी। जैसे ही उसने परछाई को देखा, चिल्लाकर कहा कि नाव के नीचे कुछ है। इसका वीडियो जब शेयर किया गया, तो ज्यादातर लोग हैरान हो गए। एक शख्स ने लिखा कि ये किसी जलपरी या एलियन सा नजर आ रहा है जो पानी में नीला रंग छोड़ रहा है। वहीं, एक ने लिखा कि ये तो इंसान की तरह नजर आ रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे ग्लोइंग डॉलफिन करार दिया। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि वो जलपरी है या कोई ओर।</p>
]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2023 12:14:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Khabre Jara Hatke: दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान बनने की चाह, महज 10 साल की उम्र में उठाया 115 किलो का वजन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। सोशल मीडिया पर कोई न कोई खबर (Khabre Jara Hatke) चर्चा का विषय बन जाता है। दरअसल, दुनिया ऐसे इन्सान भी होते है कि वह अपनी चाह में कुछ भी करवा बैठते हैं। जी हां! दुनिया में आपने कई टैलेंटेड बच्चों की कहानी सुनी होगी। जिनके टैलेंट के बारे में जानकर दुनिया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/weightlifting-wanted-to-become-the-worlds-most-powerful-person-lifted-115-kg-at-the-age-of-just-10/article-45040"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/weightlifting.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सोशल मीडिया पर कोई न कोई खबर (Khabre Jara Hatke) चर्चा का विषय बन जाता है। दरअसल, दुनिया ऐसे इन्सान भी होते है कि वह अपनी चाह में कुछ भी करवा बैठते हैं। जी हां! दुनिया में आपने कई टैलेंटेड बच्चों की कहानी सुनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनके टैलेंट के बारे में जानकर दुनिया हैरान रह जाती है क्योंकि ये टैलेंटेड बच्चे दुनिया से बिल्कुल अलग होते हैं और इनके जैसा करना आम बच्चे तो छोड़िए बड़ों (Weightlifting) के बस की बात भी नहीं होती। ऐसा ही एक बच्चे की कहानी इन दिनों चर्चा में है क्योंकि इस बच्चे ने जो 10 साल की उम्र में किया वैसा करना नौजवानों के बस की बात भी नहीं है। यहां बात हो रही है ब्रिटेन के स्कूल ब्वॉय <a href="https://www.instagram.com/reel/CprkfToIp77/?utm_source=ig_embed&amp;ig_rid=ce464c35-bebc-4bb9-8844-0774ff4bd575">रोवन ओमैली</a> की जो खुद 54 किलो के है लेकिन खुद से दोगुना भार उठाने की क्षमता रखते हैं।</p>
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                <pubDate>Thu, 23 Mar 2023 19:18:52 +0530</pubDate>
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