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                <title>E-Rickshaw Driver - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>E-Rickshaw Driver RSS Feed</description>
                
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                <title>E-Rickshaw Driver Fined: ई-रिक्शा चालकों को स्टंट पड़ा महंगा, 30,500 रुपए का कटा चालान</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा (ब्यूरो)। Noida News: नोएडा के सदरपुर इलाके में तीन ई-रिक्शा चालकों के सड़क पर स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में ई-रिक्शा चालक न केवल ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं, बल्कि लोगों की जान जोखिम में डालते हुए खतरनाक स्टंट करते दिख रहे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/e-rickshaw-driver-fined-rs-thirty-thousand-five-hundred-for-doing-stunts/article-70056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/noida-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा (ब्यूरो)।</strong> Noida News: नोएडा के सदरपुर इलाके में तीन ई-रिक्शा चालकों के सड़क पर स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में ई-रिक्शा चालक न केवल ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं, बल्कि लोगों की जान जोखिम में डालते हुए खतरनाक स्टंट करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो 23 सेकंड का है, जिसमें तीन ई-रिक्शा पूरे रास्ते को घेरते हुए दिखाई दे रहे हैं। दो चालक अपने ई-रिक्शा को खतरनाक तरीके से चला रहे हैं और उनकी रफ्तार भी काफी तेज है। Traffic Rules</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान सड़क पर ट्रैफिक और राहगीर भी मौजूद हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि इस वीडियो को इनके ही किसी साथी ने शूट किया और सोशल मीडिया पर रील के रूप में अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोगों ने नाराजगी जताई और ट्रैफिक पुलिस को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की। ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीनों ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ 30,500 रुपए का चालान किया है। पुलिस ने जानकारी दी कि ई-रिक्शा को जब्त किया जाएगा और चालकों की पहचान कर उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। Traffic Rules</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Earth: ताकि धरती बची रहे और हम जीव-जंतु भी" href="http://10.0.0.122:1245/may-the-earth-survive-and-so-do-we-living-creatures/">Earth: ताकि धरती बची रहे और हम जीव-जंतु भी</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 15:12:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>यातायात पुलिस के खिलाफ ई-रिक्शा चालकों का सांकेतिक चक्काजाम</title>
                                    <description><![CDATA[हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जंक्शन में रविवार ई-रिक्शा यूनियन द्वारा अपनी मांगों को लेकर संगरिया रोड के पास अंडर ब्रिज के आगे अपने ई रिक्शा खड़े कर सांकेतिक जाम किया व नारेबाजी की। इस मौके पर एडवोकेट जोधासिंह ने बताया ई रिक्शा चालकों को यातायात पुलिस द्वारा बेवजह आये दिन परेशान किए जाने को लेकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/symbolic-chakka-jam-of-e-rickshaw-drivers-against-traffic-police/article-51693"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/e-rickshaw-driver.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जंक्शन में रविवार ई-रिक्शा यूनियन द्वारा अपनी मांगों को लेकर संगरिया रोड के पास अंडर ब्रिज के आगे अपने ई रिक्शा खड़े कर सांकेतिक जाम किया व नारेबाजी की। इस मौके पर एडवोकेट जोधासिंह ने बताया ई रिक्शा चालकों को यातायात पुलिस द्वारा बेवजह आये दिन परेशान किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस बिना वजह ई रिक्शा वालों को चालान काट देती है। E-Rickshaw Driver</p>
<p style="text-align:justify;">गरीब ई रिक्शा चालक अपनी रिक्शा को चलाकर अपने परिवार व अपना पेट भरता है व बैंक की किस चुकाता है, लेकिन यातायात पुलिस वाले इन्हें परेशान करते हैं व आये दिन चलाना करते हैं। बाजार से सवारी उठाने नहीं देते। ई-रिक्शा वालों के पास कोई स्टैंड नहीं है लेकिन यह तो चलते-फिरती सवारियों को लेकर अपना जीवन यापन करते हैं। उन्होंने चेताया कि अगर यातायात पुलिस ई-रिक्शा चालकों को बेवजह परेशान करती है तो उनके खिलाफ हमें धरना व आंदोलन करना पड़ेगा। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर यातायात पुलिस थाना प्रभारी विजेंद्र शर्मा भी मौके पर आये, उन्होंने कहा कि कोई भी चालाक नशा करके या बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य कागजों के बगैर ई रिक्शा चलाएगा तो उसके चालान काटेंगे, हम किसी का बिना कारण चालान नहीं काटते। आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस,गाड़ी के कागज अपने पास रखें तो किसी का कोई चालान नहीं कटेगा व बाजार में व्यवस्था बना कर रखें बिना व्यवस्था के पाए जाने पर भी चालान काट दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर यातायात थाना प्रभारी ने चालकों से समझाइए कि व यातायात के नियमों के बारे में बताया और उन्होंने आग्रह किया कि 29 अगस्त को यातायात पुलिस थाना में आंखों का निशुल्क कैंप लगाया जा रहा है जिसमें सभी चालक अपनी आंखों की जांच करवाई वहां पर उन्हें निशुल्क चश्मा,दवाई दी जाएगी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर ई-रिक्शा चालक प्रधान कतर सिंह, नक्षत्र सिंह, आरिफ अली, संदीप, अजय, सतपाल, दिलीप, जानू, राकेश, रघुवीर, शिव शंकर, अशोक कुमार, संतोष, सुनील, विजय, पूर्ण सिंह, सोनू सीटू, अमन, साहिल, सन्नी, सुखदेव आदि मौजूद रहे। Hanumangarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Climate Change: मौसम में डराने वाले परिवर्तन, फिर बाढ़ की आशंका !" href="http://10.0.0.122:1245/frightening-changes-in-the-weather-fear-of-flood-again/">Climate Change: मौसम में डराने वाले परिवर्तन, फिर बाढ़ की आशंका !</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 17:01:35 +0530</pubDate>
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                <title>टेम्पो चालकों पर नाजायज रूप से परेशान करने का आरोप, किया प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ई-रिक्शा चालकों ने की अलग से स्टैंड के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। ई-रिक्शा चालकों ने टेम्पो चालकों पर नाजायज रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने ई-रिक्शा खड़े करने के लिए अलग से जगह उपलब्ध करवाने की मांग प्रशासन से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/e-rickshaw-drivers-protest-alleging-illegal-harassment-by-tempo-drivers/article-49218"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/e-rikshaw.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ई-रिक्शा चालकों ने की अलग से स्टैंड के लिए जगह उपलब्ध करवाने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> ई-रिक्शा चालकों ने टेम्पो चालकों पर नाजायज रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने ई-रिक्शा खड़े करने के लिए अलग से जगह उपलब्ध करवाने की मांग प्रशासन से की। इस संबंध में ई-रिक्शा चालकों ने जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग से मुलाकात कर उन्हें मांगपत्र सौंपा। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">अनिल कुमार ने कहा कि वह ई-रिक्शा चलाता है। जंक्शन क्षेत्र में करीब 250 ई-रिक्शा हैं। टेम्पो चालकों की गुंडागर्दी के कारण वे बड़े परेशान हैं। टेम्पो चालकों की ओर से ई-रिक्शा में सवारी नहीं बैठाने दी जाती। गाली-गलौज की जाती है। रास्ते में रोककर मारपीट करते हैं और सवारी उतरवाकर टेम्पो में बैठा लेते हैं। यह आए दिन की बात हो गई है। उनके पास कमाने का कोई अन्य जरिया भी नहीं है। आज अपनी समस्या से जिला कलक्टर को अवगत करवाया है। अंजली ने कहा कि वे भी ई-रिक्शा चलाती है। जब वे जंक्शन बाजार से सवारी ले जानी लगी तो टेम्पो चालकों ने कहा कि वह सवारी ले जाए लेकिन सवारियों का किराया उन्हें दे जाए। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">अंजली ने कहा कि इस तरह टेम्पो चालक रोजाना परेशान करते हैं। अगर वे सवारियां नहीं उठाएंगे तो अपने ई-रिक्शा की किश्त कैसे भरेंगे। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों के लिए अलग से स्टैंड की जगह उपलब्ध करवाने की मांग की। इस मौके पर मनोज पाठक सहित कई अन्य ई-रिक्शा चालक मौजूद थे। E-Rickshaw Driver</p>
<p style="text-align:justify;">उधर, टेम्पो यूनियन के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश जैन ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों ई-रिक्शा चालकों से बात कर कहा था कि वे सहमति से नम्बर वाइज टेम्पो के साथ चल सकते हैं। साथ ही कहा था कि उन्हें जंक्शन-टाउन शहर में टेम्पो चालकों को मिले हुए परमिट पर नहीं चलने दिया जाएगा। शहर के अंदर चलने के लिए उन्हें नहीं रोका जाएगा। लेकिन ई-रिक्शा चालक इस व्यवस्था के तहत चलने को राजी नहीं। उल्टा टेम्पो चालकों से विवाद करते हैं। मिल-बैठकर समस्या का समाधान हो सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Titanic Submarine News: टाइटैनिक को देखने समुंद्र में गए थे 5 अरबपति, आखिरी घंटे में क्या हुआ, अंत देखकर कांपी पूरी दुनिया ?" href="http://10.0.0.122:1245/titanic-submarine-news/">Titanic Submarine News: टाइटैनिक को देखने समुंद्र में गए थे 5 अरबपति, आखिरी घंटे में क्या हुआ, अंत देखकर कांपी पूरी दुनिया ?</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jun 2023 17:46:32 +0530</pubDate>
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                <title>भीड़तंत्र की हिंसा से जख्मी होता समाज</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश के आगरा में भाजपा नेता की हत्या के बाद भीड़ ने ही दो हमलावरों में से एक को पीट-पीटकर मार डाला। दिल्ली में खुलेआम दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर गतदिनों एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। कुछ दिनों पहले आनंद विहार इलाके में कवि देवीप्रसाद मिश्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/society-wounded-by-mob-violence/article-1033"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/hinsa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के आगरा में भाजपा नेता की हत्या के बाद भीड़ ने ही दो हमलावरों में से एक को पीट-पीटकर मार डाला। दिल्ली में खुलेआम दो लड़कों को पेशाब करने से रोकने पर गतदिनों एक ई-रिक्शा चालक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। कुछ दिनों पहले आनंद विहार इलाके में कवि देवीप्रसाद मिश्र को सड़क पर खुलेआम पेशाब कर रहे डीटीसी बस के चालक और परिचालक ने टोकने पर बुरी तरह मारा-पीटा था।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर किसान आन्दोलन हो या गौरक्षा का मसला-हिंसा एवं अशांति की ऐसी घटनाएं देशभर में लगातार हो रही हैं। महावीर, बुद्ध, गांधी के अहिंसक देश में हिंसा का बढ़ना न केवल चिन्ता का विषय है बल्कि गंभीर सोचनीय स्थिति को दर्शाता है। सभ्य समाज में किसी की भी हत्या किया जाना असहनीय है लेकिन जिस तरह से भीड़तंत्र के द्वारा कानून को हाथ में लेकर किसी को भी पीट-पीटकर मार डालना अमानवीयता एवं क्रूरता की चरम पराकाष्ठा है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास कार से उतर कर खुले में पेशाब कर रहे दो युवकों को ई-रिक्शा चालक रवींद्र कुमार ने टोका तो वह अपने नागरिक होने की जिम्मेदारी को ही पूरा कर रहा था। उस समय तो वे दोनों युवक वहां से चले गए और रात करीब आठ बजे अपने बीस-पच्चीस साथियों को लेकर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन लोगों ने रवींद्र कुमार को इतना पीटा कि अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। इस घटना से स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने मर्माहत हुए कि विदेश दौरे पर होने के बावजूद उन्होंने इसकी तीखी निंदा की और अधिकारियों को दोषियों का पता लगाने और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार ने मृतक के परिवार को भले ही नौकरी दी हो, मुआवजा देकर अपना कर्त्तव्य पूरा किया हो,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन प्रश्न यह है कि व्यक्ति हिंसक एवं क्रूर क्यों हो रहा है? सवाल यह भी है कि हमारे समाज में हिंसा की बढ़ रही घटनाओं को लेकर सजगता की इतनी कमी क्यों है? एक सभ्य एवं विकसित समाज में अनावश्यक हिंसा का बढ़ना विडम्बनापूर्ण है। ऐसे क्या कारण है जो हिंसा एवं अशांति की जमीं तैयार कर रहे हैं। देश में भीड़तंत्र हिंसक क्यों हो रहा है?</p>
<p style="text-align:justify;">मनुष्य-मनुष्य के बीच संघर्ष, द्वेष एवं नफरत क्यों छिड़ गयी है? कोई किसी को क्यों नहीं सह पा रहा है? प्रतिक्षण मौत क्यों मंडराती दिखाई देती है? ये ऐसे सवाल हंै जो नये बनते भारत के भाल पर काले धब्बे हैं। ये सवाल जिन्दगी की सारी दिशाओं से उठ रहे हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर इंसान गढ़ने में कहां चूक हो रही है? यह किसी भारी चूक का ही परिणाम है कि झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते क्रुद्ध भीड़ ने 6 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। यह कहां का न्याय है। यह कहां की सभ्यता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हत्या का शिकार कोई एक समाज या धर्म का व्यक्ति नहीं होता बल्कि सभी समुदायों के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों और अराजक तत्वों को कानून का कोई खौफ नहीं है। जिस तरह से सीतापुर में बिजनेसमैन के परिवार के 3 सदस्यों की घर की पार्किंग में घुस कर हत्या की गई और जिस तरह से हरियाणा के जींद में राह चलते एक युवक की हत्या की गई उससे स्पष्ट हो जाता है कि हिंसा करने वालों को कानून से कोई डर नहीं लगता।</p>
<p style="text-align:justify;">कानून के दुश्मनों के निशाने पर पुलिस वाले भी आ गए हैं। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर होहल्ला मचाया जा रहा है लेकिन कानून व्यवस्था की बदतर हालत तो अन्य कई राज्यों में है। तेजी से बढ़ता हिंसक दौर किसी एक प्रान्त का दर्द नहीं रहा। इसने हर भारतीय दिल को जख्मी बनाया है। अब इन हिंसक होती स्थितियों को रोकने के लिये प्रतीक्षा नहीं, प्रक्रिया आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि समाज में पनप रही इस हिंसा को और अधिक समय मिला तो हम हिंसक वारदातें सुनने और निर्दोष लोगों की लाशें गिनने के इतने आदी हो जायेंगे कि वहां से लौटना मुश्किल बन जायेगा। इस पनपती हिंसक मानसिकता के समाधान के लिये ठंडा खून और ठंडा विचार नहीं, क्रांतिकारी बदलाव के आग की तपन चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">कितने असुरक्षित हैं हम? निर्दोष मारा जा रहा है और अपराधी साफ-साफ बच निकलता है। राजनीति की छांव तले होने वाली भीड़तंत्र की वारदातें हिंसक रक्तक्रांति का कलंक देश के माथे पर लगा रहे हैं चाहे वह एंटी रोमियो स्क्वायड के नाम पर हो या गौरक्षा के नाम पर।</p>
<p style="text-align:justify;">कहते हैं भीड़ पर किसी का नियंत्रण नहीं होता। वह आजाद है, उसे चाहे जब भड़काकर हिंसक वारदात खड़ी की जा सकती है। उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है जिसके कारण वह कहीं भी कानून को धत्ता बताते हुए मनमानी करती है। भीड़ इकट्ठी होती है, किसी को भी मार डालती है। जिस तरह से भीड़तंत्र का सिलसिला शुरू हुआ</p>
<p style="text-align:justify;">उससे तो लगता है कि एक दिन हम सब इसकी जद में होंगे। जब एक पुलिस वाला किसी को भी झूठे केस में फंसाने की तरकीबें स्टिंग आपरेशन में बताएगा तो फिर पुलिस वालों का खौफ कहां बचेगा? किसी भी राज्य में हिंसक घटनाओं का ग्राफ तब बढ़ता है जब अपराधियों और पुलिस में सांठगांठ हो जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">हिंसा एवं अराजकता की बढ़ती इन घटनाओं के लिये केकड़ावृत्ति की मानसिकता जिम्मेदार है। जब-जब जनता के निर्णय से राजनीतिक दल सत्ता से दूर हुए हैं, उन्होंने ऐसे ही अराजक एवं हिंसक माहौल निर्मित किये हैं। आज राजनेता अपने स्वार्थों की चादर ताने खड़े हैं अपने आपको तेज धूप से बचाने के लिये या सत्ता के करीब पहुंचने के लिये।</p>
<p style="text-align:justify;">सबके सामने एक ही अहम सवाल आ खड़ा है कि ‘जो हम नहीं कर सकते है, वो तुम कैसे करोगे?’ लगता है इसी स्वार्थी सोच ने, आग्रही पकड़ ने, राजनीतिक स्वार्थ की मनोवृत्ति ने देश को हिंसा की आग में झोंक रखा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसानों का आन्दोलन एवं किसानों के आत्महत्या करने की घटनाएं इसी की निष्पत्ति हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक स्वार्थों के लिये हिंसा को हथियार बनाया जा रहा है। किसी न किसी विचारधारा से जोड़कर अपनी सेनाएं बना लेने की परम्परा विकसित की जा रही हैं, कोई भीम सेना बना रहा है, तो कोई रावण सेना, कोई अपना ही रक्षक दल बना रहा है, तो कोई अल्पसंख्यकों की अपनी सेना गठित कर रहा है। बहुसंख्यक अपनी सेना बना रहा है तो हर गली-मौहल्ले में भी ऐसे ही संगठन हिंसा करने के लिये खड़े किये जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सहारनपुर के दंगे इस बात का प्रमाण हैं कि ये सेनाएं कैसे समाज में विष घोल रही हैं। भीड़तंत्र भेड़तंत्र में बदलता जा रहा है। इस लिहाज से सरकार को अधिक चुस्त होना पड़ेगा। कुछ कठोर व्यवस्थाओं को स्थापित करना होगा, अगर कानून की रक्षा करने वाले लोग ही अपराधियों से हारने लगेंगे तो फिर देश के सामान्य नागरिकों का क्या होगा? देश बदल रहा है, हम इसे देख भी रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक ऐसा परिवर्तन जिसमें अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और भीड़ खुद फैसला करने लगी है। हिंसा ऐसी चिंनगारी है, जो निमित्त मिलते ही भड़क उठती है। इसके लिये सत्ता के करीबी और सत्ता के विरोधी हजारों तर्क देंगे, हजारों बातें करेंगे लेकिन यह दिशा ठीक नहीं है। जब समाज में हिंसा को गलत प्रोत्साहन मिलेगा तो उसकी चिंनगारियों से कोई नहीं बच पायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-ललित गर्ग</strong></p>
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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2017 23:01:50 +0530</pubDate>
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