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                <title>Jails - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>पंजाब की जेलों की दुर्दशा</title>
                                    <description><![CDATA[रअसल किसी भी पार्टी ने राज्य की जेलों में सुरक्षा कानून लागू करने की गंभीर कोशिश नहीं की। पिछले कई सालों से जेलों में कैदियों से एक दिन में 5-7 मोबाइल फोन बरामद होने की घटनाएं आम घट रही हैं। फिरोजपुर, फरीदकोट व बठिंडा जेल हमेशा ही सुर्खियों में रही है। जेलों में नशा तस्करी के मामले भी आम हैं।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/plight-of-jails-of-punjab/article-12918"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/jails-of-punjab.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">(Jails of Punjab)</h2>
<p style="text-align:justify;">पंजाब में जेलों की दुर्दशा व सरकारी लापरवाही का आलम यह है कि गत दिवस तीन कैदी अमृतसर जेल तोड़कर फरार हो गए। किसी वक्त कांग्रेस पार्टी अकाली-भाजपा सरकार पर जेलों की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था संबंधी आरोप लगाती नहीं थकती थी कि सरकार की लापरवाही के कारण 2016 में नाभा जेल ब्रेक कांड हुआ। अब स्पष्ट है कि कांग्रेस कार्यकाल में भी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की हालत कोई ज्यादा पुख्ता नहीं। जेलों को मॉर्डन बनाने के दावे केवल घोषणाओं तक ही सीमित होकर रह गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण भी जेलें बदहाल हैं।</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल किसी भी पार्टी ने राज्य की जेलों में सुरक्षा कानून लागू करने की गंभीर कोशिश नहीं की। पिछले कई सालों से जेलों में कैदियों से एक दिन में 5-7 मोबाइल फोन बरामद होने की घटनाएं आम घट रही हैं। फिरोजपुर, फरीदकोट व बठिंडा जेल हमेशा ही सुर्खियों में रही है। जेलों में नशा तस्करी के मामले भी आम हैं। इसके बावजूद पंजाब के जेल मंत्री सुखजिन्द्र रंधावा जेलों में सुधार नहीं कर सके। जेलों में गुंडागर्दी भी बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">विगत दिनों लुधियाना जेल में सैकड़ों कैदियों ने हंगामा किया था। जेलों की दुर्दशा का खमियाजा महेन्द्रपाल बिट्टू जैसे विचाराधीन लोगों को भुगतना पड़ा जिनकी जेल के अंदर ही दो कैदियों ने हत्या कर दी थी। असुरक्षा, नशे, मोबाइल फोन व कई अन्य कारणों के चलते पंजाब की जेलें बदनाम हैं। जेलों की सुरक्षा का मामला केवल सीआरपीएफ तैनात होने कर देने से ही हल नहीं होगा, चूंकि अंदर की व्यवस्था स्वंय जेल अधिकारियों ने ही संभालनी है। कांग्रेस के एक विधायक ने भी इस मामले को जोर-शोर से उठाया था कि जो मंत्री अच्छा काम नहीं कर रहे उन्हें बदला जाना चाहिए, इसके बावजूद मंत्रियों के विभागों की समीक्षा नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां की जेलें संवेदनशील हैं, जहां किसी भी तरह का बड़ा जान-माल नुक्सान हो सकता है। ऐसा राज्य जहां 2 क्विंटल के करीब हेरोइन एक ही दिन में बरामद हो वहां की जेलों में नशा तस्करों की गतिविधियों पर सख्ती अत्यावश्यक है। नशा तस्कर जेलों में रहकर तस्करी का व्यापार चला रहे हैं। बेहतर हो, यदि जेल मंत्री राजनीतिक बयानबाजी की अपेक्षा जेलों की हालत सुधारने के प्रयास करें।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2020 20:32:55 +0530</pubDate>
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                <title>जेलों में लगेंगे 109 मोबाइल फोन जैमर्स</title>
                                    <description><![CDATA[जेलों में मोबाइल रोकने को लेकर सरकार का बड़ा फैसला 68.22 करोड़ की आएगी लागत चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। जेलों में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने जिला जेल गुुरुग्राम को छोडकर 68.22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत पर प्रदेश की सभी जेलों में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/109-mobile-phone-jammers-will-take-in-jails/article-1265"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/jammers.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">जेलों में मोबाइल रोकने को लेकर सरकार का बड़ा फैसला</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>68.22 करोड़ की आएगी लागत</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> जेलों में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने जिला जेल गुुरुग्राम को छोडकर 68.22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत पर प्रदेश की सभी जेलों में 109 मोबाइल फोन जैमर्स लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस आशय के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिला जेल गुरुग्राम में 17 मोबाइल जैमर्स लगाने के लिए 10.64 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत करने का एक प्रस्ताव पहले ही सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में भारत सरकार के उपक्रम मैसर्स ईसीआईएल द्वारा ईसी-एसजेजेई-200 मॉडल के 14 मोबाइल फोन जैमर्स स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी मॉडल के मोबाइल फोन जैमर्स प्रदेश की शेष जेलों को कवर करने के लिए भी स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान 68.22 करोड़ रुपये से अधिक के बजट का प्रावधान दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 09:11:10 +0530</pubDate>
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                <title>अपराध का अड्डा बनी जेलें</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की जेलों के विषय में कहा जाता है कि जो नशा बाहर से नहीं मिलता, वह जेल में से आसानी से मिल जाता है। सुधारगृह के नाम पर जानी जाने वाली जेलों में अपराध की ट्रेनिंग मिल रही है। पंजाब सहित अन्य राज्यों की जेलों में घातक मादक पदार्थ, मोबाइल जब्त होने के समाचार आम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/jails-of-crime/article-1035"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/jail.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब की जेलों के विषय में कहा जाता है कि जो नशा बाहर से नहीं मिलता, वह जेल में से आसानी से मिल जाता है। सुधारगृह के नाम पर जानी जाने वाली जेलों में अपराध की ट्रेनिंग मिल रही है। पंजाब सहित अन्य राज्यों की जेलों में घातक मादक पदार्थ, मोबाइल जब्त होने के समाचार आम बात हैं। बहुत सी जेलों में माफिया सरगनाओं का दरबार लगाना, नाचगान करवाने तक की कहानियां भी जेलों से बाहर आती रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संदिग्ध जेलों के अफसर अपराधियों से सांठगाठ के चलते कई दफा गिरफ्तार भी हो चुके हैं। नशे के सौदागरों के लिए तो जेलें जैसे सुरक्षित मंडियां हो गई हैं। आजकल जेलों से अपराधी सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को भी अपडेट करने लगे हैं। पिछले महीनों में पंजाब में एक जेल ब्रेक कर खतरनाक अपराधी भाग गए थे, जिनके साथ आतंकी भी भाग गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सब इसलिए भी हो रहा है, क्योंकि कहीं न कहीं राजनेता भी जेलों के अंदर की दुनिया में अपनी दिलचस्पी रख रहे हैं। कई नेताओं का अपराधिक संबंध उन्हें जेल तक भी ले गया है। बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्टÑ, पंजाब में जेलों के प्रबंधों को ठीक किए जाने की बेहद आवश्यकता है। देश में फैल रहे घातक मादक पदार्थों के जाल का नेटवर्क तोड़ने के सूत्र जेलों से ही मिल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नशों से इतर यदि नैतिक जीवन की भी बात करें, तब जेलों में कमजोर कैदियों का दैहिक व मानसिक शोषण भी एक बड़ी समस्या है। दबंग कैदी, कमजोर कैदियों से अपना निजी काम करवाने के साथ उनकी मार-पिटाई भी करते हैं। जेलों में अनैतिक जीवन की मुख्य वजह उनमें क्षमता से अधिक कैदियों का ठूंस-ठूंस कर रखा जाना भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बढ़ रही अपराधियों की संख्या के सामने जेलों का विस्तार नहीं हो रहा, जिसके चलते सुधार गृह की भूमिका निभाने वाली जेलें एक तरह से यातना गृह बनकर रह गई हैं। यहां समाजविज्ञान की नजर में एक अपराधी जो मानसिक तौर पर बीमार व्यक्ति है, वह और ज्यादा बीमार व हिंसक हो रहा है। केन्द्र व राज्य सरकारों को जेलों में सुरक्षा, अनुशासन को बढ़ाने के प्रयास करने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">जेलों में आधुनिक दौर के अनुसार शिक्षा, रोजगार व तनाव से दूर करने के प्रबंध समान्तर तौर पर विकसित करने होंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति जो सजा काट रहा है, या काट कर बाहर आने वाला है, वह पुन: अपराध की ओर नहीं लौटे। जेलें अपराध के नए ट्रेनिंग स्थल तो कतई नहीं बननी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2017 23:15:20 +0530</pubDate>
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