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                <title>Sri Jalalana Sahib - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Golden Cricket Tournament: श्री जलालआणा साहिब में क्रिकेट प्रतियोगिता, 3 राज्यों से पहुंची 48 टीमें</title>
                                    <description><![CDATA[Golden Cricket Tournament Sri Jalalana Sahib: ओढां/सरसा, राजू। पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन एमएसजी अवतार माह के उपलक्ष्य में पावन गुरु नगरी श्री जलालआणा साहिब में स्थित शाह सतनाम जी क्रिकेट स्टेडियम में ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के सहयोग से 5 दिवसीय चौथी गोल्डन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cricket-competition-in-sri-jalalana-sahib-48-teams-from-3-states-arrived/article-66976"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/golden-cricket-tournament.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Golden Cricket Tournament Sri Jalalana Sahib: ओढां/सरसा, राजू। पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन एमएसजी अवतार माह के उपलक्ष्य में पावन गुरु नगरी श्री जलालआणा साहिब में स्थित शाह सतनाम जी क्रिकेट स्टेडियम में ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के सहयोग से 5 दिवसीय चौथी गोल्डन क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ परमपिता शाह सतनाम जी महाराज के पड़पौत्र नवतेज सिंह बराड़ ने किया। प्रतियोगिता में हरियाणा, पंजाब व राजस्थान से कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। Sri Jalalana Sahib News</p>
<h3>पावन एमएसजी अवतार माह के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंची टीमों ने शाह सतनाम जी क्रिकेट स्टेडियम की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ऐसा स्टेडियम देखने को नहीं मिलता। ये स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए एक सौगात है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहने वाली टीम के लिए 1 लाख रुपये, द्वितीय ईनाम 71000 रुपये तथा तृतीय ईनाम 11000 रुपये रखा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतियोगिता के आयोजक कमेटी सदस्य सुखजिन्द्र सिंह सिधू ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 3 राज्यों से 48 टीमें भाग ले रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में मेन ऑफ द् मैच व मेन ऑफ द् सीरिज के लिए भी आकर्षक ईनाम रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के साथ-साथ एनआरआई ताजविन्द्र सिंह व खुशी ऑस्ट्रेलिया तथा आकाश मान व जग्गा सिंह मान कनाडा का विशेष सहयोग है। Sri Jalalana Sahib News</p>
<h3 style="text-align:justify;">रोमांचक खेल मुकाबलों ने मोहा मन | Sri Jalalana Sahib News</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रतियोगिता में प्रथम मुकाबला खुइयां मलकाना व मीरपुर कलां के मध्य हुआ। जिसमें खुइयां ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 6 ओवरों में 100 रन बनाए। जवाब में उतरी मीरपुर कलां की टीम ने करीब साढ़े 5 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर खुइयां मलकाना को हरा दिया। दूसरा मुकाबला विमल कालांवाली व गोबिंदगढ़ के मध्य हुआ। जिसमें कालांवाली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 134 रन बनाए। जवाब में उतरी गोबिंदगढ़ टीम निर्धारित ओवरों में 126 रन ही बना पाई। कालांवाली की टीम ने 8 रनों से मैच जीत लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं लेफ्टी फफड़े व चक्क हीरासिंह वाला के मध्य हुए मुकाबले में चक्क हीरा सिंहवाला ने 7 विकेट से मैच जीत लिया। जलालआणा साहिब व जंडवाला जटान के मध्य हुए मैच में जलालआणा साहिब 8 विकेट से विजेता रही। वहीं पाई व चक्क हीरासिंह वाला के मध्य हुए दूसरे राउंड के मुकाबले में पाई ने 76 रन बनाए। जवाब में हीरासिंह वाला ने लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की।</p>
<h3>कालांवाली 7 विकेट से विजेता</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं मीरपुर कलां व विमल कालांवाली के मध्य हुए मैच में कालांवाली 7 विकेट से विजेता रही। इसी प्रकार घोलिया खुर्द व फू ल्लो मीठी के मैच में 7 विकेट से फुल्लो मीठी विजेता, चट्ठे कलां व बाघा पुराणा के मैच में बाघा पुराणा 7 विकेट से विजेता रही।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं मलिकपुरा व भीवां के मध्य रोचक मुकाबला देखने को मिला। जिसमें भीवां ने 6 ओवरों में 70 रन बनाए। जवाब में मलिकपुरा ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। रामपुर थेहड़ी व श्री जलालआणा साहिब के मैच में रामपुर थेहड़ी ने 2 रनों से मैच जीत लिया। लालड़ू मंडी व मिठड़ी के मध्य हुए मैच में मिठड़ी बुरी तरह से मैच हारी। मिठड़ी ने मात्र 28 रन ही बनाए। जवाब में लालड़ू की टीम ने धुंआधार बल्लेबाजी करते हुए मात्र 1 ओवर में ही लक्ष्य पूरा कर लिया। वहीं भिट्टीवाला व लंबी के मध्य हुए मैच में लंबी ने 69 रन बनाए। तो वहीं जवाब में भिट्टीवाला की टीम 63 रन ही बना पाई। इस प्रकार ये मैच लंबी ने 6 रनों से जीत लिया। Sri Jalalana Sahib News</p>
<p><a title="Sirsa Weather: सरसा अगले पांच दिन होगी बारिश! मौसम विभाग ने दी चेतावनी!" href="http://10.0.0.122:1245/sirsa-will-rain-for-the-next-five-days-meteorological-department-has-issued-a-warning/">Sirsa Weather: सरसा अगले पांच दिन होगी बारिश! मौसम विभाग ने दी चेतावनी!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 10:35:03 +0530</pubDate>
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                <title>91 साल के बंता सिंह ने संजो कर रखी हुई है सतगुरु जी की प्रेम निशानियां</title>
                                    <description><![CDATA[ओढां, राजू। ‘सच-कहूँ’ अपने पाठकों को रुहानी यादों से रू-ब-रू करवा (Sri Jalalana Sahib) रहा है। आज आपको 91 वर्षीय एक ऐसे सत्संगी से अवगत करवा रहे हैं, जिन्हें तीनों बॉडियों के पावन दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने मुर्शिद के पावन कर-कमलों से प्राप्त की गई प्रेम निशानियां आज भी सप्रेम सहजकर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/91-year-old-banta-singh-insan-is-lovingly-keeping-the-royal-treasure/article-47682"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/sri-jalalana-sahib.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ओढां, राजू। </strong>‘सच-कहूँ’ अपने पाठकों को रुहानी यादों से रू-ब-रू करवा (Sri Jalalana Sahib) रहा है। आज आपको 91 वर्षीय एक ऐसे सत्संगी से अवगत करवा रहे हैं, जिन्हें तीनों बॉडियों के पावन दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने मुर्शिद के पावन कर-कमलों से प्राप्त की गई प्रेम निशानियां आज भी सप्रेम सहजकर रखी हुई है। जब उनसे बेपरवाह सार्इं शाह मस्ताना जी महाराज के चोजों के बारे पूछा गया तो उन्होंने सबसे पहले वो प्रेम निशानियां दिखाई जो उन्होंने बेपरवाह जी से प्राप्त की थी। पावन गुरु नगरी श्री जलालआणा साहिब के निवासी प्रेमी बंता सिंह इन्सां ने बताया कि मैंने सन् 1956 में बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज से नामशब्द लिया था। उस समय मेरी उम्र 18 वर्ष की थी। उस समय मलोट में आश्रम का निर्माण कार्य चल रहा था। जिसमें सेवा करने के लिए मैं और मेरा मित्र जीता सिंह दोनों पहुंच गए। वहां पर हम दोनों ने करीब डेढ़ माह तक रहकर खूब सेवा की।</p>
<p style="text-align:justify;">उस समय दिन-रात सेवा चलती थी। एक बार बेपरवाह जी ने वचन फरमाए कि ‘वरी तुम दोनों घर चले जाओ, जी ना लगे तो वापस आ जाना।’ जिसके बाद हम अपने गांव आ गए और बेपरवाह जी सरसा चले गए। हम दोनों 4-5 दिन तक घर पर रहे, लेकिन हमारा मन नहीं लगा। एक दिन हम दोनों पैदल ही शाह मस्ताना जी धाम सरसा के लिए चल पड़े। मेरी जेब में 3 पैसे थे, जबकि जीता सिंह के पास 2 पैसे। रास्ते में गांव खैरेकां के निकट हमें प्रेमी हजारा लाल जीप लेकर मिल गए। हम दोनों को भागते देख उन्होंने हमें जीप पर चढ़ा लिया। बेपरवाह जी आश्रम में सेवादारों को मिट्ठी झिड़क देते हुए कह रहे थे ‘इन सबको यहां से बाहर कर दो।’ इसी दौरान बेपरवाह जी किसी बात पर सेवादार पलटू राम पर नाराज हुए, हालांकि बाद में उन्होंने उन्हें आशीर्वाद भी दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारी तरफ देखकर बेपरवाह जी बोले कि ‘क्या तुम दोनों यहां रहकर सेवा करना चाहते हो ?’ जिस पर हमने हामी भर दी। जिसके बाद हम वहीं रहकर सेवा करने लग गए। बेपरवाह जी जब मलोट के लिए दोबारा रवाना हुए तो हमें यह कहकर गए कि ‘हम मलोट जा रहे हैं, जी न लगे तो आ जाना।’ हमारा मन तो बेपरवाह जी के हर पल दर्शन करने को आतुर रहता था। हमने गोबिंद माली को कहा कि हम तो मलोट जा रहे हैं। जिस पर उन्होंने हमारे साथ सब्जियां बांध दी और कहा कि बेपरवाह जी को दे देना। जब हम बस द्वारा मलोट पहुंचे तो बेपरवाह जी पहले से ही गेट पर खड़े थे। बेपरवाह जी हमसे बोले कि ‘वरी आ गए दोनों।’ हम दोनों वहां फिर सेवा में जुट गए। कुछ दिन बाद बेपरवाह जी बोले कि ‘वरी सभी ने यहां रहकर सेवा करनी है, हम सरसा जा र हैं।’</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘पुट्टर पगड़ी नहीं उतारना, हुकम मानना है’:-</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रेमी बंता सिंह ने बताया कि मलोट में आश्रम बनने के बाद बेपरवाह जी ने हम सभी सेवादारों को पास बुलाया और अपने हाथोें से सभी को पगड़ी बांधते हुए एक-एक बनियान भी दी। बेपरवाह जी ने फरमाया कि ‘वरी जिनको हमने पगड़ी बांधी है वे अपने घरों को चले जाएं।’ लेकिन मैं और जीता सिंह घर नहीं जाना चाहते थे। बेपरवाह जी हम दोनों को जलालआणिये कहकर बुलाते थे। हम दोनों बेपरवाह जी की हजूरी में पेश हुए और बोले कि ‘बाबा जी ये पगड़ी और बनियान वापस ले लो, हमें यहां से नहीं जाना।’ ये सुनकर बेपरवाह जी बोले कि ‘पुट्टर पगड़ी नहीं उतारना, हुकम मानना है।’ जिसके बाद हमने बेपरवाह जी से ये कहा कि ‘हम पर हमेशा दया-मेहर रखना।’ जिस पर बेपरवाह जी बोले ‘बिल्कुल दया-मेहर रहेगी। अब घर चले जाओ, जी न लगे तो वापस आ जाना।’ एक बार बेपरवाह जी ने एक लकड़ी का गल्ला व कंबल शाही खजाने के रूप में दिया। ये शाही खजाना प्रेमी बंता सिंह इन्सां आज भी सहजकर रखे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेपरवाह सार्इं जी के दर्शन करने आए हैं</h3>
<p style="text-align:justify;">बंता सिंह इन्सां बेपरवाह जी की रुहानी यादों को बताते-बताते बीच में भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जब बेपरवाह जी ने चोला बदला तो उस समय मैं गांव चोरमार के आश्रम में था। मुझे एक सेवादार ने जब इस बारे बताया तो मैं उसी समय सरसा पहुंच गया। बेपरवाह जी की पावन देह दर्शनार्थ रखी गई थी और परमपिता शाह सतनाम जी महाराज उनके पास बैठे थे। बंता सिंह इन्सां के मुताबिक उस समय दिल्ली से कुछ कव्वाल बेपरवाह जी के अंतिम दर्शन करने आए थे। उन्होंने कहा कि वे जिस फकीर की कब्र पर सेवा करते हैं वहां पर अलसुबह 3 बजे आवाज आई कि ‘आप लोगों ने हमारी बहुत सेवा की, लेकिन मेरा सच्चा पिता यहां आया था, आपने उनकी कद्र नहीं की।’ इसलिए वे यहां बेपरवाह जी के दर्शन करने आए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पिताजी बस मेरी ओड़ निभा देना</h3>
<p style="text-align:justify;">बंता सिंह इन्सां ने पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से रुहानी जाम ग्रहण करते हुए शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग की वर्दी भी ली हुई है। बंता सिंह इन्सां का नाते-पोतियों से भरा-पूरा परिवार है। बंता सिंह ने कहा कि अब तो पूज्य हजूर पिता जी से यही अरदास है कि ‘बस मेरी ओड़ निभ जाए।’ बंता सिंह के पौत्र सोनू इन्सां ने बताया कि उनके दादा जी उन्हें बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज से जुड़ी अनेकों बातें बताते रहे हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 May 2023 13:00:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गड्डी अजल स्पेशल आउणी, होज्या तैयार बंदेया&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[ शरीरदानी हुकमचंद इन्सां को दी श्रद्धांजलि  सेवा कार्यांे के लिए हमेशा स्मरणीय रहेंगे हुकमचंद इन्सां : ओमप्रकाश इन्सां ओढां, राजू।  ब्लॉक श्री जलालआणा साहिब के मंडी कालांवाली निवासी जगदीश इन्सां के पिता शरीरदानी हुकमचंद इन्सां के नमित मंगलवार को ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। नामचर्चा में बड़ी संख्या में साध-संगत के अलावा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/tributes-paid-to-hukamchand-insan/article-45966"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/sri-jalalana-sahib.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"> शरीरदानी हुकमचंद इन्सां को दी श्रद्धांजलि</li>
<li style="text-align:justify;"> सेवा कार्यांे के लिए हमेशा स्मरणीय रहेंगे हुकमचंद इन्सां : ओमप्रकाश इन्सां</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ओढां, राजू। </strong> ब्लॉक श्री जलालआणा साहिब के मंडी कालांवाली निवासी जगदीश इन्सां के पिता शरीरदानी हुकमचंद इन्सां के नमित मंगलवार को ब्लॉक स्तरीय नामचर्चा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। नामचर्चा में बड़ी संख्या में साध-संगत के अलावा राजनीतिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी, व्यापारी वर्ग के लोग, निजी स्कूलों के पदाधिकारी तथा अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। करीब 96 वर्षीय हुकमचंद इन्सां बीती 8 अप्रैल को सचखंड जा विराजे थे, जिसके बाद उनकी मृत देह मेडिकल शोध कार्यांे हेतु दान कर दी गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नामचर्चा की शुरुआत प्रेमी ओमप्रकाश इन्सां ने बेनती भजन के साथ करवाई तदुपरांत कविराजों ने फेर रोया करेंगा वेला याद करके, गड्डी अजल स्पेशल आउणी, ये देश नहीं है तेरा बंदे, छोड़ जाएगा बंदे इक दिन काल का देश बेगाना सहित अनेक नाम एवं चेतावनी प्रथाए भजनों द्वारा मनुष्य जन्म की सार्थकता बयान की। इस अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए ओमप्रकाश इन्सां ने कहा कि हुकमचंद इन्सां ने बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से नाम शब्द लेकर अपने पूरे परिवार के अलावा अनेकों लोगों को डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा। उन्होंने विभिन्न आश्रमों में लंबे समय तक सेवा की। अंतिम समय में भी वे लक्कड़ांवाली आश्रम में सेवा करते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हुकमचंद इन्सां मरणोपरांत भी शरीरदान जैसा वो महान कार्य कर गए जिसके लिए वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे। वहीं ब्लॉक रोड़ी के प्रेमी सेवक पवन इन्सां, 85 मेंबर कमेटी, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों व राजनीतिक लोगों ने भी हुकमचंद इन्सां को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने पूरा जीवन भक्ति व लोक भलाई कार्यांे में गुजार दिया। उनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वक्ताओं ने शरीरदान जैसे महान कार्य पर डेरा सच्चा सौदा की मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि परहित के लिए शरीरदान कर देना कोई छोटी बात नहीं है। इससे मेडिकल के विद्यार्थी विभिन्न बीमारियों पर बेहतर ढंग से शोध कर पाएंगे। इस मौके पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी संदेश भेजकर शोक व्यक्त किया गया। नामचर्चा के दौरान शरीरदानी के परिजनों को ब्लॉक कमेटी की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक डबवाली, सरसा, दारेवाला, श्री जलालआणा साहिब, रोड़ी सहित विभिन्न ब्लॉकों की साध-संगत व अन्य लोग मौजूद थे।</p>
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                <pubDate>Tue, 11 Apr 2023 18:51:14 +0530</pubDate>
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