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                <title>Health News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Health News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Heart Attack Warning: हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है चेतावनी! 24–48 घंटे पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज</title>
                                    <description><![CDATA[हार्ट अटैक से पहले शरीर 24–48 घंटे पहले चेतावनी संकेत देता है। जानें सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, थकान जैसे लक्षण और समय पर बचाव के जरूरी उपाय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/the-body-gives-warning-before-a-heart-attack-these-signs/article-84128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/heart-attack-warning.jpg" alt=""></a><br /><p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता तनाव और खराब लाइफस्टाइल ने दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा दिया है। जिस <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Heart Attack</span></span> को कभी बुज़ुर्गों की बीमारी माना जाता था, वह अब 30–40 साल के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रहा है।</p>
<p>चौंकाने वाली बात यह है कि हार्ट अटैक अचानक नहीं आता—शरीर 24 से 48 घंटे पहले ही संकेत देने लगता है। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।</p>
<h3>1. सीने में दर्द या दबाव</h3>
<p>हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत है सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस होना।</p>
<ul>
<li>यह दर्द हल्का भारीपन या जलन जैसा भी हो सकता है</li>
<li>कुछ मिनटों तक रहता है या बार-बार आता है<br />👉 इसे अक्सर गैस या एसिडिटी समझ लिया जाता है, जो खतरनाक हो सकता है।</li>
</ul>
<h3> सांस लेने में तकलीफ</h3>
<p>अगर बिना मेहनत के ही सांस फूलने लगे या हल्के काम में भी थकान हो, तो यह चेतावनी हो सकती है।<br />👉 खासकर महिलाओं में यह लक्षण बिना सीने के दर्द के भी दिखाई देता है।</p>
<h3>3. असामान्य थकान</h3>
<ul>
<li>बिना वजह अत्यधिक थकान</li>
<li>छोटे कामों में भी कमजोरी महसूस होना<br />👉 जब दिल सही से खून पंप नहीं करता, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।</li>
</ul>
<hr />
<h3>4. दर्द का फैलना</h3>
<p>दिल का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता:</p>
<ul>
<li>बाएं या दोनों हाथों में</li>
<li>गर्दन, जबड़े, कंधे या पीठ में<br />👉 अगर बिना कारण ऐसा दर्द बढ़ रहा हो, तो सावधान हो जाएं।</li>
</ul>
<h3>5. ठंडा पसीना और बेचैनी</h3>
<p>अचानक ठंडा पसीना आना, घबराहट या अजीब सा डर महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकता है।</p>
<h3>6. मतली, उल्टी और अपच</h3>
<p>कई बार हार्ट अटैक से पहले:</p>
<ul>
<li>पेट में जलन</li>
<li>उल्टी जैसा महसूस होना<br />👉 खासकर महिलाएं इसे गैस समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।</li>
</ul>
<h3> 7. चक्कर या बेहोशी</h3>
<p>अचानक चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही।</p>
<h3>⚡ किन लोगों को ज्यादा खतरा?</h3>
<p>इन लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम अधिक होता है:</p>
<ul>
<li>हाई ब्लड प्रेशर</li>
<li>डायबिटीज</li>
<li>हाई कोलेस्ट्रॉल</li>
<li>मोटापा</li>
<li>धूम्रपान</li>
<li>पारिवारिक इतिहास</li>
</ul>
<p>👉 साथ ही तनाव, खराब नींद और जंक फूड भी खतरा बढ़ाते हैं।</p>
<h3>🚑 लक्षण दिखें तो क्या करें?</h3>
<ul>
<li>तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें</li>
<li>लक्षण हल्के हों तब भी जांच कराएं</li>
<li>आपात स्थिति में एम्बुलेंस बुलाएं<br />👉 देरी जानलेवा हो सकती है</li>
</ul>
<h3>बचाव ही सबसे बेहतर उपाय</h3>
<ul>
<li>रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम</li>
<li>संतुलित और पौष्टिक आहार</li>
<li>धूम्रपान और शराब से दूरी</li>
<li>नियमित हेल्थ चेकअप</li>
<li>योग और ध्यान से तनाव कम करें</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 16:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health News: 30 की उम्र के बाद इन बीमारियों को पहचानना है अनिवार्य, शरीर देता है समय रहते संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने करियर, परिवार और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मेडिकल रिसर्च यह बताती है कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/identifying-these-diseases-after-age-30-is-essential-the-body-gives-timely-warning-signs/article-83275"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/health-care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने करियर, परिवार और जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत को अक्सर पीछे छोड़ देते हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले बदलावों को लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मेडिकल रिसर्च यह बताती है कि यही वह उम्र होती है, जब शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की ओर बढ़ने लगता है। अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो छोटी-छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी और गंभीर बीमारी का रूप ले सकती हैं। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">हाई ब्लड प्रेशर: 30 की उम्र के बाद तनाव, नींद की कमी और खराब खानपान के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है। शुरुआत में इसके लक्षण साफ दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। अगर इसे लंबे समय तक कंट्रोल न किया जाए, तो यह दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी डैमेज जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। नियमित ब्लड प्रेशर चेक करना और नमक की मात्रा कम रखना इससे बचाव में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डायबिटीज: 30 के बाद शरीर का मेटाबोलिज्म धीमा होने लगता है, जिससे शुगर लेवल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। अगर व्यक्ति ज्यादा मीठा, जंक फूड या प्रोसेस्ड खाना खाता है और शारीरिक गतिविधि कम करता है तो यह खतरा और बढ़ जाता है। डायबिटीज का असर आंखों, किडनी और नर्व्स पर भी पड़ सकता है। इसलिए नियमित ब्लड शुगर टेस्ट और संतुलित डाइट बहुत जरूरी है। Health News</p>
<h3>लिवर और किडनी की सेहत भी इस उम्र में बेहद महत्वपूर्ण होती है</h3>
<p style="text-align:justify;">हाई कोलेस्ट्रॉल: ज्यादा तला-भुना और फैटी फूड, शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इससे खून की नलियों में रुकावट बनने लगती है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकती है। इस उम्र में कोलेस्ट्रॉल का स्तर जांचते रहना और हेल्दी फैट्स जैसे नट्स, बीज और हरी सब्जियों का सेवन करना जरूरी होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्टियोपोरोसिस: उम्र बढ़ने के साथ-साथ बोन डेंसिटी कम होने लगती है, खासकर महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना धूप में समय बिताना, दूध और कैल्शियम युक्त आहार लेना इस समस्या से बचाव में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">फैटी लिवर: लिवर और किडनी की सेहत भी इस उम्र में बेहद महत्वपूर्ण होती है। जो न लोग ज्यादा तैलीय खाना खाते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं है। उनमें किडनी से जुड़ी समस्याएं भी धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं, जिनका शुरुआती चरण में पता नहीं चलता। इसलिए डॉक्टर समय-समय पर लिवर फंक्शन और किडनी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, ताकि किसी भी समस्या को शुरुआत में ही रोका जा सके। Health News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाथूसरी चौपटा के बीमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को इलाज की दरकार</title>
                                    <description><![CDATA[नाथूसरी चौपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। राजस्थान की सीमा से सटे ऐलनाबाद हल्के के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Nathusari Chopta Community Health center) में चिकित्सकों की कमी से करीब 50 गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सा सेवाओं की कमी के चलते कोई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/the-ailing-community-health-center-in-nathusari-chopta-needs-treatment/article-81121"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/nathusari-chopta-health-center.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>नाथूसरी चौपटा (सच कहूँ/भगत सिंह)। राजस्थान की सीमा से सटे ऐलनाबाद हल्के के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Nathusari Chopta Community Health center) में चिकित्सकों की कमी से करीब 50 गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सा सेवाओं की कमी के चलते कोई दुर्घटना या गंभीर चोट का मामला हो तो मरीज को सिरसा रेफर करना पड़ता है। यहां के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को रेफर केंद्र के नाम से पुकारने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि चोपटा क्षेत्र का अस्पताल खुद बीमार है और इसको इलाज की दरकार है। Sirsa News</p>
<p>गौरतलब है कि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। चौपटा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दड़बा कला, रंधावा, डिंग, जमाल, कागदाना आते हैं और इन केंद्रों पर वर्तमान की सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का दावा कर रही हैं, लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रो पर चिकित्सकों के साथ, फार्मासिस्ट, दंत चिकित्सक सहित कई पद रिक्त पड़े  हुए है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का यह दावा तहसील मुख्यालय पर दम तोड़ता नजर आ रहा है।</p>
<h3>चौपटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद में चिकित्सा अधिकारी का पद  रिक्त</h3>
<p>चौपटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद में चिकित्सा अधिकारी का पद  रिक्त  है। विडंबना की बात तो यह है कि सीएचसी व पीएचसी में फार्मासिस्ट की सभी पोस्ट खाली हैं। चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 चिकित्सक के पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां सिर्फ 5 चिकित्सक ही सेवाए दे रहे हैं, ऐसे में लोगों को सीएचसी व पीएचसी में कहां से बेहतर सुविधा मिलेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विभिन्न रोगों का उपचार कराने के लिए प्रतिदिन सैंकड़ों मरीज आते हैं।</p>
<p>इस संबध में सीएचसी प्रभारी डॉ. सिद्धांत कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि चौपटा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दड़बा कला, रंधावा, डिंग, जमाल, कागदाना आते हैं, इनमें 18 चिकत्सकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन इस समय 5 चिकित्सक हैं।  सीएचसी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को कोई कठिनाई न हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है। Sirsa News</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 10:51:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health News: दो मिनट का नाश्ता, बच्चों की सेहत पर पड़ रहा भारी — डॉ अभिनव तोमर</title>
                                    <description><![CDATA[मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी से बढ़ रही बच्चों में बीमारियां, बाल रोग विशेषज्ञ ने जताई गंभीर चिंता बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)। Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह के समय मम्मियों के लिए बच्चों का नाश्ता तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की जल्दी, ऑफिस की भागदौड़ और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/maggi-noodles-pasta-and-macaroni-are-increasing-diseases-in-children/article-80714"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/baraut.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी से बढ़ रही बच्चों में बीमारियां, बाल रोग विशेषज्ञ ने जताई गंभीर चिंता</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार)।</strong> Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुबह के समय मम्मियों के लिए बच्चों का नाश्ता तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्कूल की जल्दी, ऑफिस की भागदौड़ और समय की कमी के चलते अधिकतर घरों में बच्चों को झटपट तैयार होने वाला “दो मिनट का नाश्ता” परोसा जा रहा है। इसमें मैगी, नूडल्स, पास्ता और अन्य इंस्टेंट फूड प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन यह सुविधा बच्चों की सेहत के लिए धीरे-धीरे गंभीर खतरा बनती जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अभिनव तोमर के अनुसार, झटपट तैयार होने वाले अनहेल्दी नाश्ते बच्चों के शरीर को आवश्यक पोषण नहीं दे पाते। लगातार इंस्टेंट और प्रोसेस्ड फूड खाने से बच्चों में कई तरह की बीमारियां देखने को मिल रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नाश्ते के नाम पर बच्चो की सेहत के साथ खिलवाड़ | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ऐसे खाद्य पदार्थों में पोषण बहुत कम और नमक, रिफाइंड आटा, प्रिज़रवेटिव्स व हानिकारक केमिकल्स की मात्रा अधिक होती है और विटामिन, प्रोटीन, आयरन और फाइबर की भारी कमी रहती है।जो बच्चों के शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। डॉ तोमर के अनुसार, रोजाना मैगी, नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी जैसे नाश्ते से बच्चों में पेट दर्द, गैस, कब्ज, एसिडिटी, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे बार-बार सर्दी, खांसी, बुखार और संक्रमण होने लगता है। लंबे समय तक ऐसे भोजन से मोटापा, एनीमिया, ध्यान की कमी और थकान जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सुबह का नाश्ता बच्चों के पूरे दिन की ऊर्जा और मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि नाश्ता पोषण से भरपूर न हो तो बच्चों की पढ़ाई, एकाग्रता और शारीरिक विकास पर सीधा असर पड़ता है। दुर्भाग्यवश, दो मिनट में बनने वाला नाश्ता बच्चों के पेट तो भर देता है, लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे पाता। डॉ अभिनव तोमर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सेहत के साथ समझौता न करें और समय की कमी के बावजूद हेल्दी विकल्प अपनाएं। उन्होंने कहा कि घर पर बना साधारण और ताजा भोजन ही बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद है। Health News</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों के लिए हेल्दी नाश्ते और खाने के सुझाव</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ तोमर के अनुसार, बच्चों के नाश्ते में दलिया, ओट्स, दूध, फल, उबले अंडे, पराठा-सब्जी, पोहा, उपमा, सैंडविच (घर की बनी सब्जियों के साथ) और दही जैसे विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। अंकुरित अनाज, मूंग दाल चीला, इडली या घर पर बने पैनकेक भी पौष्टिक नाश्ते के अच्छे विकल्प हैं। बच्चों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने और जंक फूड से दूरी बनाने की आदत डालना भी जरूरी है। डॉ अभिनव तोमर ने कहा कि बच्चों की सेहत की नींव बचपन में ही रखी जाती है। थोड़ी सी योजना और जागरूकता से मम्मियां बच्चों को स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद नाश्ता दे सकती हैं। दो मिनट की सुविधा के बजाय बच्चों का स्वस्थ भविष्य चुनना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab News: पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, डीजीपी यादव ने दी बधाई" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-police-officers-and-employees-will-be-honored-dgp-yadav-congratulated/">Punjab News: पंजाब पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलेगा सम्मान, डीजीपी यादव ने दी बधाई</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/maggi-noodles-pasta-and-macaroni-are-increasing-diseases-in-children/article-80714</link>
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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:28:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Daily Workout Limit: कहीं वजन कम करने के चक्कर में सेहत से समझौता तो नहीं कर रहे?</title>
                                    <description><![CDATA[Daily Workout Limit: अनु सैनी। आज के समय में फिटनेस का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया, फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह में लोग रोज घंटों जिम या एक्सरसाइज करने लगते हैं। खासकर वजन कम करने की चाहत में कई लोग अपनी क्षमता से ज्यादा वर्कआउट कर डालते हैं। लेकिन सवाल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/are-you-compromising-your-health-in-the-pursuit-of-losing-weight/article-76656"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/daily-workout-limit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Daily Workout Limit: अनु सैनी।</strong> आज के समय में फिटनेस का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया, फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स और हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह में लोग रोज घंटों जिम या एक्सरसाइज करने लगते हैं। खासकर वजन कम करने की चाहत में कई लोग अपनी क्षमता से ज्यादा वर्कआउट कर डालते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या ज्यादा वर्कआउट करना हमेशा अच्छा होता है? या फिर इसका उल्टा असर भी हो सकता है?<br />
आइए जानते हैं कि एक दिन में कितना वर्कआउट सही है, और कब यह आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/say-goodbye-to-gas-and-stomach-pain-the-miraculous-effect-of-leaf-water/">Healthy Tips For Stomach: गैस और पेट दर्द को कहें अलविदा, पत्तों के पानी का चमत्कारी असर</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">1. वर्कआउट का मतलब सिर्फ जिम नहीं | Daily Workout Limit</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्कआउट का मतलब केवल वेट ट्रेनिंग या मशीनों पर पसीना बहाना नहीं है। इसमें वॉकिंग, रनिंग, योगा, डांस, साइकिलिंग, स्ट्रेचिंग, स्विमिंग और घर के हल्के-फुल्के काम भी शामिल हैं।<br />
हल्की गतिविधियां (Light Activity) – जैसे टहलना, सीढ़ियां चढ़ना। मध्यम गतिविधियां (Moderate Activity) – जैसे तेज चलना, साइकिल चलाना। तीव्र गतिविधियां (Vigorous Activity) – जैसे रनिंग, हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग</p>
<h3 style="text-align:justify;">2. WHO और विशेषज्ञ क्या कहते हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार:-<br />
बड़ों के लिए: सप्ताह में कम से कम 150–300 मिनट मध्यम स्तर की एक्टिविटी या 75–150 मिनट तीव्र एक्टिविटी ज़रूरी है।<br />
अगर आप इसे दिनों में बांटें, तो रोज़ लगभग 30–45 मिनट का वर्कआउट पर्याप्त है। फिटनेस ट्रेनर और डॉक्टर भी मानते हैं कि ज्यादा वर्कआउट करने से मांसपेशियों, हड्डियों और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. अलग-अलग लक्ष्य के हिसाब से वर्कआउट</h4>
<p style="text-align:justify;">वर्कआउट की अवधि और तीव्रता इस बात पर निर्भर करती है कि आपका लक्ष्य क्या है।<br />
(A) वजन कम करने के लिए<br />
कार्डियो + स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का मिश्रण बेहतर रहता है।<br />
रोज़ाना 45–60 मिनट का वर्कआउट, जिसमें 3–4 दिन कार्डियो और 2–3 दिन स्ट्रेंथ शामिल हो।<br />
(B) फिटनेस बनाए रखने के लिए<br />
रोज़ 30–40 मिनट की हल्की से मध्यम गतिविधि, जैसे तेज चलना, योगा या साइकलिंग।<br />
(C) मसल्स बनाने के लिए<br />
4–5 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (45–60 मिनट) और बाकी दिन हल्की एक्सरसाइज या रेस्ट।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. ज्यादा वर्कआउट करने के नुकसान</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा वर्कआउट करते हैं, तो शरीर पर इसका उल्टा असर पड़ सकता है।<br />
(1) मांसपेशियों में चोट<br />
बहुत ज्यादा वेट लिफ्टिंग या रिपीटेड एक्सरसाइज करने से मसल्स में स्ट्रेन या चोट लग सकती है।<br />
(2) हार्मोनल असंतुलन<br />
ओवर-ट्रेनिंग से कोर्टिसोल (Stress Hormone) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे थकान और मूड स्विंग हो सकते हैं।<br />
(3) इम्यून सिस्टम कमजोर होना<br />
शरीर को रिकवरी का समय न देने पर रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट सकती है, जिससे आप जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।<br />
(4) नींद की समस्या<br />
ज्यादा थकान के बावजूद कई लोगों को नींद आने में परेशानी होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">(5) वजन घटने की बजाय बढ़ना</h3>
<p style="text-align:justify;">अत्यधिक वर्कआउट से शरीर में स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे फैट बर्न होने की बजाय बढ़ सकता है।<br />
5. सही वर्कआउट प्लान कैसे बनाएं?<br />
(A) अपने लेवल को पहचानें<br />
अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो 15–20 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे समय और इंटेंसिटी बढ़ाएं।<br />
(B) रेस्ट डे जरूरी है<br />
सप्ताह में कम से कम 1–2 दिन शरीर को आराम दें, ताकि मसल्स रिकवर हो सकें।<br />
(C) वार्म-अप और कूल-डाउन<br />
वर्कआउट से पहले हल्की स्ट्रेचिंग और बाद में रिलैक्सेशन एक्सरसाइज ज़रूरी है।<br />
(D) बैलेंस्ड डाइट लें<br />
वर्कआउट के साथ पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और पानी लें, ताकि शरीर को ऊर्जा मिलती रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. वजन कम करने में सिर्फ वर्कआउट काफी नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">कई लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा वर्कआउट करेंगे, उतनी जल्दी वजन घटेगा। लेकिन यह सोच गलत है।<br />
80% वजन डाइट से और 20% एक्सरसाइज से नियंत्रित होता है।<br />
अगर आप वर्कआउट करते हुए भी ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं, तो वजन कम नहीं होगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">7. संकेत कि आप ज्यादा वर्कआउट कर रहे हैं</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर ये लक्षण दिखें, तो वर्कआउट कम करें:-<br />
हमेशा थकान महसूस होना<br />
नींद न आना या बेचैनी<br />
भूख कम होना<br />
मांसपेशियों में लगातार दर्द<br />
बार-बार सर्दी-जुकाम होना</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. सही संतुलन ही कुंजी है</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्कआउट का उद्देश्य शरीर को स्वस्थ, लचीला और एक्टिव रखना है — न कि उसे थकाकर बीमार कर देना।<br />
रोज़ाना 30–60 मिनट की गतिविधि पर्याप्त है।<br />
शरीर की सुनें, थकान होने पर ब्रेक लें।<br />
फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें।<br />
वर्कआउट जरूरी है, लेकिन उसकी एक सीमा है। वजन कम करने की जल्दी में ओवर-ट्रेनिंग सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। बेहतर होगा कि आप अपने लक्ष्य, उम्र, स्वास्थ्य और क्षमता के हिसाब से वर्कआउट प्लान बनाएं। संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद और नियमित लेकिन सीमित एक्सरसाइज ही आपको फिट और हेल्दी बनाए रखेगी।</p>
<p>नोट:-इस आर्टिकल में बताई गई विधि, तरीकों और दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, सच कहूं इनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह की किसी भी उपचार दवा या डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले अपने किसी संबंधी एक्सपर्ट या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 10:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stomach Stone: पेट में पथरी होने पर कौन सा फल खाना चाहिए और कौन सा नहीं? जानें पूरी जानकारी..</title>
                                    <description><![CDATA[Stomach Stone: (सच कहूं/अनु सैनी) आजकल के खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से पेट में पथरी वाले मरीजों की संख्या देश में लगातार बढ़ती नजर आ रही है। पथरी का सीधा कनेक्शन आपकी लाइफस्टाइल और गलत खानपान से होता है। बता दें कि पेट में जब पथरी की शुरूआत होती है, तो इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/which-fruit-should-be-eaten-and-which-should-not-be-eaten-when-there-is-stone-in-the-stomach-know-complete-information/article-74402"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/stomach-stone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Stomach Stone: (सच कहूं/अनु सैनी) आजकल के खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से पेट में पथरी वाले मरीजों की संख्या देश में लगातार बढ़ती नजर आ रही है। पथरी का सीधा कनेक्शन आपकी लाइफस्टाइल और गलत खानपान से होता है। बता दें कि पेट में जब पथरी की शुरूआत होती है, तो इस दौरान पेशाब करते समय पेट में तेज दर्द और इंफेक्शन हो जाता है, पथरी में होने वाला दर्द काफी तेज होता है, इस दर्द को ना तो नौजवान बर्दाश्त कर पाते है और ना ही बुजुर्ग। ऐसे में आपको ये जानना आवश्यक है कि अगर आपके पेट में पथरी है तो आपको किन फलों का सेवन करना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पथरी में कौन से फल खाने चाहिए? Stomach Stone</h3>
<p style="text-align:justify;">पानी वाले फल: पथरी के मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए, इसके अलावा पथरी के मरीज को पानी वाले फल ज्यादा खाने चाहिए, जैसे तरबूज, खरबूजा, नारियल पानी, खीरा और हाई वॉटर युक्त फल खाना चाहिए, इससे शरीर में पानी की कमी नहीं रेहती है, और यह पेट में पथरी की समस्या को कम करते है।</p>
<p style="text-align:justify;">खट्टे फल: पथरी के मरीज को खट्टे फल या सिट्रिक फल खाने चाहिए, अगर आप पथरी से जूझ रहे हैं तो आपको खट्टे फलों का सेवन जरूर करना चाहिए, जैसे आप अपनी डाइट में संतरा, नींबू, अंगूर जैसे फलों को जरूर शामिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">कैल्शियम से भरपूर फल: पथरी वाले मरीज को हमेश कैल्शियम से भरपूर फल खाने चाहिए, जैसे अंगूर, जामुन, कीवी जो कि सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पथरी के मरीज को कौन सा फल नहीं खाना चाहिए? Stomach Stone</h4>
<p style="text-align:justify;">पथरी की समस्या होने पर कौन सा फल और कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए, ये बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे। हम आपको बताते हैं, दरअसल पथरी होने पर अनार, अमरूद जैसे फल नहीं खाना चहिए। इसके अलाव सब्जियों में बेंगन, टमाटर और शकरकंद कम खाएं, ड्राई फ्रूट्स न खाएं, यह दिक्कत और अधिक बढ़ा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली और उसके आसपास के एरिया में भीषण गर्मी पड़ रही है, इस कारण किडनी स्टोन की गंभीर समस्या वहां बढ़ती ही जा रही है, इस का कारण शरीर में पानी की कमी बताई जा रही है, पिछले महीने से 30-40 प्रतिशत युवाओं में किडनी स्टोन की गंभीर बीमारी फैलती जा रही है।</p>
<p>नोट: किसी आर्टिकल में दी गई टिप्स और सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं, इस पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 12:02:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health News: हो जाओ सावधान, इस वजह से बढ़ रहा कैंसर! डब्लयूएचओ ने विश्व को किया अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[Health News: नई दिल्ली (एजेंसी)। आज की तेज-रफ्तार जीवनशैली में लोग अक्सर समय बचाने के लिए पका हुआ खाना बार-बार गर्म करके खाते हैं। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों इस आदत को बेहद खतरनाक मानते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार गर्म किया गया खाना पोषण कम और जहर अधिक बन जाता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/be-careful-cancer-is-increasing-due-to-this-reason-who-alerted-the-world/article-73932"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/health-risks-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Health News: नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> आज की तेज-रफ्तार जीवनशैली में लोग अक्सर समय बचाने के लिए पका हुआ खाना बार-बार गर्म करके खाते हैं। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों इस आदत को बेहद खतरनाक मानते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार गर्म किया गया खाना पोषण कम और जहर अधिक बन जाता है। यह न सिर्फ पाचन पर असर डालता है, बल्कि शरीर में जहरीले तत्व यानी टॉक्सिन्स जमा करके गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयुर्वेद में दोबारा गर्म किए गए खाने को ‘अमवर्धक’ कहा जाता है, यानी ऐसे खाने से न तो शरीर को कोई ताकत मिलती है और न ही यह पेट में ठीक से पचता है, बल्कि शरीर को धीरे-धीरे कमजोर कर जाता है और रोगों को बढ़ाता है।<br />
आधुनिक विज्ञान भी इस चेतावनी की पुष्टि करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पके हुए खाने को दोबारा गर्म करते समय उसका तापमान कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना चाहिए ताकि बैक्टीरिया नष्ट हो सकें। लेकिन यह प्रक्रिया सिर्फ एक बार करनी चाहिए। बार-बार गर्म करने से न केवल पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, बल्कि कुछ खाद्य पदार्थों में कैंसरकारक रसायन भी बन सकते हैं। उदाहरण के लिए, प्रोटीन युक्त आहार को बार-बार गर्म करने से उसका प्रोटीन संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे शरीर के लिए उसे पचाना काफी कठिन हो जाता है।<br />
वहीं, पके हुए चावल या पास्ता में बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो दोबारा गर्म करने पर भी पूरी तरह नष्ट नहीं होते, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। आलू, ब्रेड और तले हुए व्यंजन जैसे पकौड़े, समोसे आदि को बार-बार गर्म करने पर अक्रिलामाइड नामक रसायन बनता है, जो लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर का कारण साबित हो सकता है। आयुर्वेद और विज्ञान, दोनों की सलाह है कि भोजन को हमेशा ताजा और सीमित मात्रा में बनाएं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/be-careful-cancer-is-increasing-due-to-this-reason-who-alerted-the-world/article-73932</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/be-careful-cancer-is-increasing-due-to-this-reason-who-alerted-the-world/article-73932</guid>
                <pubDate>Sun, 27 Jul 2025 11:42:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Jamun Side Effects: अगर आप भी खाते हैं ज्यादा जामुन, तो जानिये इससे होने वाले नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[Jamun Side Effects: अनु सैनी।  जामुन एक मौसमी फल है जो गर्मी और बारिश के मौसम में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा और कसैला होता है, जो न केवल बच्चों बल्कि बड़ों को भी खूब पसंद आता है। जामुन में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन C, और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/if-you-also-eat-too-many-berries-then-know-the-harm-caused-by-it/article-72932"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/jamun-side-effects.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Jamun Side Effects: अनु सैनी।</strong>  जामुन एक मौसमी फल है जो गर्मी और बारिश के मौसम में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा और कसैला होता है, जो न केवल बच्चों बल्कि बड़ों को भी खूब पसंद आता है। जामुन में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन C, और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। यह डायबिटीज, पाचन, हृदय स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन जैसा कि कहा जाता है – “अति सर्वत्र वर्जयेत्”, यानी हर चीज की अधिकता नुकसानदेह हो सकती है। जामुन का अत्यधिक सेवन भी आपके शरीर को कई प्रकार से प्रभावित कर सकता है। आइए जानें कि जामुन ज्यादा खाने पर कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1. पेट में गैस और अपच की समस्या | Jamun Side Effects</h3>
<p style="text-align:justify;">जामुन में मौजूद टैनिन और फाइबर की अधिकता पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती है। यदि आप बहुत अधिक मात्रा में जामुन खाते हैं, तो इससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर खाली पेट जामुन खाना हानिकारक माना जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">2. गले और मुंह में खराश</h4>
<p style="text-align:justify;">जामुन की तासीर ठंडी होती है, और अगर इसे अत्यधिक मात्रा में खाया जाए तो गले में खराश, जलन या खुजली जैसी शिकायत हो सकती है। साथ ही, कुछ लोगों को इसके रस से मुंह के अंदर एलर्जी या सूजन भी हो सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">3. ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन</h4>
<p style="text-align:justify;">हालांकि जामुन को डायबिटिक रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से शुगर लेवल बहुत ज्यादा कम हो सकता है। इससे हाइपोग्लाइसीमिया (Low Blood Sugar) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो सिर दर्द, चक्कर, कमजोरी और बेहोशी तक ले जा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4. खून पतला होना और ब्लीडिंग की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;">जामुन में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो खून को पतला करने में मदद करते हैं। लेकिन यदि आप ब्लड थिनर दवाइयों का सेवन कर रहे हैं और साथ में बहुत अधिक जामुन खाते हैं, तो यह दवा के प्रभाव को बढ़ा सकता है और ब्लीडिंग की संभावना भी बढ़ जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">5. कब्ज की शिकायत</h3>
<p style="text-align:justify;">जामुन में टैनिन और कसैलापन होता है, जो पाचन क्रिया को धीमा कर सकता है। अगर इसे आवश्यकता से अधिक खा लिया जाए, खासकर बिना पर्याप्त पानी पिए, तो इससे कब्ज की समस्या हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">6. दवाओं के प्रभाव को कम कर सकता है</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप किसी विशेष रोग की दवाइयां ले रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा में जामुन खाना उन दवाओं के प्रभाव को कम या अधिक कर सकता है। खासकर मधुमेह और ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ जामुन का अत्यधिक सेवन परहेज योग्य है। इसलिए डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">7. एलर्जी और रिएक्शन की संभावना | Jamun Side Effects</h3>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों को जामुन से एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में मुंह में जलन, स्किन रैशेज़, खुजली, आंखों में जलन या सांस लेने में दिक्कत शामिल हो सकती है। अगर जामुन खाने के बाद ऐसी कोई प्रतिक्रिया दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">8. अधिक सेवन से दांत और जीभ पर असर</h3>
<p style="text-align:justify;">जामुन का गहरा बैंगनी रंग जीभ और दांतों पर चिपक जाता है। अधिक खाने पर यह रंग कई घंटे तक रह सकता है और कुछ मामलों में इससे दांतों पर दाग भी पड़ सकते हैं। साथ ही जीभ पर भारीपन और स्वाद में बदलाव भी महसूस हो सकता है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किन लोगों को जामुन खाने से परहेज़ करना चाहिए?</li>
<li style="text-align:justify;">डायबिटिक मरीज जो इंसुलिन या ब्लड शुगर कंट्रोल की दवा लेते हैं</li>
<li style="text-align:justify;">खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले मरीज</li>
<li style="text-align:justify;">गैस्ट्रिक समस्या से परेशान लोग</li>
<li style="text-align:justify;">एलर्जिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति</li>
<li style="text-align:justify;">बच्चे और बुजुर्ग जिन्हें पाचन से जुड़ी दिक्कतें होती हैं</li>
<li style="text-align:justify;">सुरक्षित मात्रा में खाएं जामुन</li>
<li style="text-align:justify;">रोजाना 100-150 ग्राम (10-12 जामुन) से ज्यादा नहीं खाना चाहिए</li>
<li style="text-align:justify;">जामुन खाने के बाद तुरंत पानी न पिएं</li>
<li style="text-align:justify;">खाली पेट या रात में जामुन खाने से बचें</li>
<li style="text-align:justify;">यदि आप किसी बीमारी का इलाज करवा रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन संयम जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">जामुन एक अत्यंत लाभकारी फल है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। यदि आप इसे जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, तो ये फायदे के बजाय नुकसान कर सकता है। सेहतमंद जीवन के लिए हर चीज का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। याद रखें – स्वाद से पहले समझदारी!</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 11:20:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health News: ये खाद्य पदार्थ आपके दिमाग की मेमोरी को बनाएंगे तरोताजा</title>
                                    <description><![CDATA[Health News: उन लोगों को कोई भी बात अधिक समय तक याद नहीं रहती। इसलिए अगर आप अपनी याददाश्त को मजबूत करना चाहते हैं। तो कुछ फूड्स का सेवन करें। इनसे आपका दिमाग तेज होने के साथ ही मेमोरी भी बढ़ने लगेगी। अखरोट | Health News दिमाग को स्वस्थ रखना है। तो हमें नट्स का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/these-foods-will-refresh-your-brains-memory/article-71158"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/health-new.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health News: उन लोगों को कोई भी बात अधिक समय तक याद नहीं रहती। इसलिए अगर आप अपनी याददाश्त को मजबूत करना चाहते हैं। तो कुछ फूड्स का सेवन करें। इनसे आपका दिमाग तेज होने के साथ ही मेमोरी भी बढ़ने लगेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अखरोट | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">दिमाग को स्वस्थ रखना है। तो हमें नट्स का सेवन करना चाहिए। आप रात के समय अखरोट को भिगोकर रख दें। इसे सुबह उठकर छीलकर खाएं। इससे आपका दिमाग तेज होगा और याददाश्त भी बढ़ेगी। इसी के साथ आप बादाम भी रात को भिगोकर रख सकते हैं। जिसका सेवन सुबह उठकर दूध के साथ करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हल्दी का सेवन करें</h3>
<p style="text-align:justify;">हल्दी का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि यह एंटीआॅक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। हल्दी का यही तत्व हमारी याददाश्त को बेहतर करता है और तनाव को कम करने में मददगार होता है। इसलिए हल्दी का सेवन चाहें तो दूध के साथ भी करें। यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्रोकली का सेवन करें</h3>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो सभी हरी सब्जियां शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। लेकिन ब्रोकली विटामिन के सहित कई पोषक तत्वों और एंटीआॅक्सीडेंट से भरपूर होती है। इसका सेवन करने से व्यक्ति की याददाश्त स्ट्रांग रहती है और दिमाग भी तेज चलता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बादाम का सेवन करें</h3>
<p style="text-align:justify;">बादाम मस्तिष्क और याददाश्त की शक्ति को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए अति उत्क्रष्ट आयुर्वेदिक उपाय है और बादाम आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है याददाश्त बढ़ाने के लिए बादाम सबसे फायदेमंद है। रात में 5 से 10 बादाम पानी में भिगोएँ, सुबह छिलका उतारकर पीस लें, अब इस पेस्ट को एक गिलास दूध के साथ उबाल लें, स्वादनुसार शहद या चीनी मिलाएं और नियमित 30 से 40 दिन सेवन करें। Health News</p>
<h3 style="text-align:justify;">कलौंजी</h3>
<p style="text-align:justify;">कलौंजी कई बीमारीयों से बचाती है इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो आपकी मेमोरी को तेज करते हैं आप एक चम्मच कलौंजी में स्वादनुसार शहद मिलाकर इसका दिन में दो बार सेवन करके कुछ ही दिनों में अपनी याददाश्त तेज कर सकते हैं। इन घरेलू उपचारों से आप अपनी मेमोरी, याददाश्त तेज कर सकते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="छछरौली के लल्हाडी कलां में 7 एकड़ में बनेगा आधुनिक खेल स्टेडियम" href="http://10.0.0.122:1245/a-modern-sports-stadium-will-be-built-on-seven-acres-in-lalhari-kalan-of-chhachhrauli/">छछरौली के लल्हाडी कलां में 7 एकड़ में बनेगा आधुनिक खेल स्टेडियम</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 May 2025 16:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Health News: गर्मियों में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए 7 खाद्य पदार्थों से परहेज करें</title>
                                    <description><![CDATA[Health News: गर्मी का मौसम बच्चों के लिए ऊर्जा और हाइड्रेशन की मांग को बढ़ा देता है। इस दौरान माता-पिता बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए कई खाद्य पदार्थ देते हैं, लेकिन कुछ चीजें जो स्वस्थ लगती हैं, वास्तव में वह हानिकारक हो सकती हैं। यह लेख गर्मियों के संदर्भ में उन पांच खाद्य पदार्थों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/seven-foods-to-avoid-in-summer-for-childrens-health/article-70515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/health-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health News: गर्मी का मौसम बच्चों के लिए ऊर्जा और हाइड्रेशन की मांग को बढ़ा देता है। इस दौरान माता-पिता बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए कई खाद्य पदार्थ देते हैं, लेकिन कुछ चीजें जो स्वस्थ लगती हैं, वास्तव में वह हानिकारक हो सकती हैं। यह लेख गर्मियों के संदर्भ में उन पांच खाद्य पदार्थों पर केंद्रित है, जिन्हें माता-पिता अक्सर स्वस्थ समझकर बच्चों को देते हैं, लेकिन जिन्हें तुरंत बंद करना चाहिए। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">फ्रोजन सब्जियां: गर्मियों में फ्रोजन सब्जियां सुविधाजनक लगती हैं, लेकिन इन्हें संरक्षित करने के लिए रासायनिक प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग होता है, जो पोषक तत्वों को कम करता है। गर्मी में बार-बार फ्रिज खोलने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ता है, जो बच्चों के लिए हानिकारक है। गर्मियों में ताजी सब्जियां जैसे खीरा, टमाटर और पालक बच्चों को हाइड्रेशन और पोषण प्रदान करते हैं। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">पैकेज्ड फ्रूट जूस: गर्मियों में बच्चों को ठंडा जूस देना आम है, लेकिन पैकेज्ड जूस में चीनी, कृत्रिम स्वाद और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ये मोटापा, दंत क्षय और डिहाइड्रेशन का जोखिम बढ़ाते हैं। गर्मी में फाइबर की कमी पाचन को प्रभावित करती है। ताजे फल जैसे तरबूज, संतरा या घर पर बना नींबू पानी बच्चों को हाइड्रेट और स्वस्थ रखता है।<br />
रिफाइंड आटा (मैदा): गर्मियों में बच्चे मैदे से बने पिज्जा, बर्गर या नूडल्स की मांग करते हैं, लेकिन ये पोषक तत्वों से रहित होते हैं। मैदा पाचन को धीमा करता है, जिससे गर्मी में कब्ज और सुस्ती की समस्या बढ़ती है। साबुत अनाज जैसे ज्वार, जौं, बाजरा या होल व्हीट आटा गर्मियों में हल्का और पौष्टिक विकल्प है।</p>
<p style="text-align:justify;">फ्लेवर्ड दही: गर्मियों में फ्लेवर्ड दही बच्चों को ठंडक देता है, लेकिन इसमें चीनी और कृत्रिम योजक दांतों और पाचन को नुकसान पहुंचाते हैं। गर्मी में ये डिहाइड्रेशन और पेट की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। घर पर बना ताजा दही या नारियल पानी के साथ सादा दही बच्चों के लिए गर्मियों में आदर्श है। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रोसेस्ड फूड्स: गर्मियों में प्रोसेस्ड फूड्स जैसे फ्रोजन नगेट्स, चिप्स या इंस्टेंट स्नैक्स बच्चों को आकर्षित करते हैं। इनमें ट्रांस फैट और अधिक नमक डिहाइड्रेशन, उच्च रक्तचाप और मोटापे का कारण बनते हैं। गर्मियों में ताजे फल, भुने मखाने या घर पर बने वेजिटेबल रोल जैसे हल्के स्नैक्स बच्चों के लिए फायदेमंद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आइसक्रीम और मीठा: गर्मियों में बच्चे आइसक्रीम और मीठे डेजर्ट की मांग करते हैं, लेकिन इनमें उच्च चीनी और कृत्रिम रंग होते हैं, जो दंत स्वास्थ्य और वजन को प्रभावित करते हैं। घर पर बने फ्रूट स्मूदी या फ्रोजन फल जैसे अंगूर और तरबूज गर्मियों में ठंडक और पोषण देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्बोनेटेड ड्रिंक्स: गर्मियों में बच्चे कोल्ड ड्रिंक्स की जिद करते हैं, लेकिन इनमें चीनी और कृत्रिम योजक डिहाइड्रेशन, मोटापा और पाचन समस्याएं बढ़ाते हैं। ताजा नारियल पानी, छाछ या हर्बल इन्फ्यूज्ड पानी बच्चों को हाइड्रेट और स्वस्थ रखने का प्राकृतिक तरीका है। Health News</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में बच्चों का आहार उनके स्वास्थ्य और हाइड्रेशन के लिए महत्वपूर्ण है। माता-पिता को खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य और गर्मी के प्रभावों को समझना चाहिए। उपरोक्त खाद्य पदार्थों को बंद करके और ताजा, हाइड्रेटिंग व घर पर बने भोजन को चुनकर बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है। किसी भी चिंता के लिए बाल रोग विशेषज्ञ या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="UP New Railway Line: खुशखबरी, यूपी में नई रेल लाइन के लिए अधिग्रहित की जाएगी इन गांवों की जमीन" href="http://10.0.0.122:1245/good-news-land-of-these-villages-will-be-acquired-for-new-railway-line-in-up/">UP New Railway Line: खुशखबरी, यूपी में नई रेल लाइन के लिए अधिग्रहित की जाएगी इन गांवों की जमीन</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/seven-foods-to-avoid-in-summer-for-childrens-health/article-70515</link>
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                <pubDate>Mon, 05 May 2025 15:05:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आयुर्वेदिक दिनचर्या: स्वस्थ जीवन के लिए प्राचीन नियम</title>
                                    <description><![CDATA[Health News: आधुनिक जीवनशैली में भागदौड़, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। आयुर्वेद, जो कि एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जीवन को संतुलित और स्वस्थ रखने के लिए विशिष्ट दिनचर्या का पालन करने की सलाह देता है। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ancient-rules-for-healthy-living/article-68493"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/health-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health News: आधुनिक जीवनशैली में भागदौड़, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। आयुर्वेद, जो कि एक प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जीवन को संतुलित और स्वस्थ रखने के लिए विशिष्ट दिनचर्या का पालन करने की सलाह देता है। यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को भी बनाए रखने में सहायक होता है। हमारी सहयोगी <a href="https://sachkahoonpunjabi.com/ayurvedic-daily-routine-and-health-tips/">पंजाबी वेबसाइट</a> के माध्यम से आइए जानें कि एक आदर्श आयुर्वेदिक दिनचर्या कैसी होनी चाहिए और इसके क्या लाभ हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रह्म मुहूर्त में जागरण (सुबह जल्दी उठना)<br />
समय: सुबह 2:00 बजे से 5:00 के बीच।<br />
लाभ: शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।<br />
मन शांत रहता है व एकाग्रता बढ़ती है।<br />
आयुर्वेद के अनुसार, इस समय वातावरण में प्राणवायु (आॅक्सीजन) अधिक मात्रा में होती है, जो श्वसन प्रणाली के लिए लाभदायक होती है। ऐसे में प्राणायाम के साथ ध्यान करना अति उत्तम है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद क्या करें?</h3>
<p style="text-align:justify;">1. अपनी जीभ साफ करें: तांबे या स्टील की जीभ साफ करने वाली जिव्हानिर्लेखन का प्रयोग करें। यह टॉक्सिन्स (आमा) को निकालने में मदद करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">2. गुनगुना पानी पिएं: इससे पाचन तंत्र सक्रिय होता है और पेट साफ रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">3. तेल से कुल्ला (आॅयल पुलिंग): तिल या नारियल के तेल से कुल्ला करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मल त्याग और शरीर शुद्धि | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">सुबह शौच जाना शरीर की प्राकृतिक क्रिया है। कब्ज जैसी समस्याओं से बचने के लिए रात में हल्का और सुपाच्य भोजन करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>टिप्स:</strong> पेट साफ रखने के लिए गुनगुने पानी में नींबू और शहद डालकर पी सकते हैं। त्रिफला चूर्ण या आंवला का सेवन करने से भी पाचन तंत्र मजबूत रहता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ध्यान और योग</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: सुबह 6 से 7 बजे के बीच<br />
लाभ: शरीर में रक्त संचार सुधरता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।<br />
रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ती है। मानसिक तनाव कम होता है।<br />
क्या करें: सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करें। हल्के व्यायाम या टहलना भी फायदेमंद होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्नान (अभ्यंग और शारीरिक शुद्धि)</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>समय:</strong> व्यायाम के बाद या सूर्योदय के तुरंत बाद स्नान करना अच्छा होता है।<br />
<strong>लाभ:</strong> शरीर शुद्ध होता है और मन तरोताजा रहता है। रक्त संचार बेहतर होता है। थकान और तनाव कम होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आयुर्वेदिक स्नान के नियम:</h3>
<p style="text-align:justify;">1. नहाने से पहले तिल या नारियल के तेल की मालिश करें (अभ्यंग)।<br />
2. ठंडे या गुनगुने पानी से स्नान करें।<br />
3. हर्बल साबुन या उबटन का उपयोग करें।<br />
4. सिर पर कभी गर्म पानी न डालें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पौष्टिक व संतुलित नाश्ता | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: सुबह 8:00 से 9:00 बजे<br />
क्या खाएं: अंकुरित अनाज, ताजे फल, दूध और घी युक्त खाना लें।<br />
गरम पानी या हर्बल चाय का सेवन करें। चाय या कॉफी का अत्यधिक सेवन न करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कार्य व दोपहर का भोजन</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: दोपहर 12:00 से 1:30 बजे के बीच<br />
क्या खाएं: संतुलित आहार जिसमें दाल, चावल, रोटी, सब्जियां हो।<br />
खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं, एक घंटें का अंतर रखें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोपहर के बाद हल्का विश्राम (पावर नैप)</h3>
<p style="text-align:justify;">15-20 मिनट तक आराम करें। दोपहर में गहरी नींद न लें, यह सुस्ती बढ़ा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शाम को हल्का व्यायाम या सैर</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: सूर्यास्त से पहले या बाद में हल्की वॉक करें।<br />
लाभ: पाचन में सहायता करता है।<br />
मन को शांति देता है और तनाव कम करता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रात्रि भोजन</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: सूर्यास्त से पहले भोजन करना सबसे उचित समय है।<br />
क्या खाएं: हल्का और सुपाच्य भोजन लें, जैसे खिचड़ी, दलिया, हरी सब्जियां। रात में दही, भारी भोजन या तला-भुना खाना न खाएं। खाने के बाद 10-15 मिनट टहलें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सोने से पहले नियम</h3>
<p style="text-align:justify;">समय: रात 10:00 बजे तक सो जाना चाहिए।<br />
क्या करें: अच्छी किताब पढ़ें व सुमिरन करें। फोन और टीवी से दूरी बनाएं। तिल के तेल से पैरों की मालिश करें, इससे नींद अच्छी आती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गरम दूध में हल्दी मिलाकर पीना लाभदायक होता है।</h3>
<p style="text-align:justify;">आयुर्वेदिक दिनचर्या का पालन करने से शरीर और मन स्वस्थ रहता है। नियमित दिनचर्या अपनाने से जीवनशैली संतुलित होती है और बीमारियों से बचाव होता है। Health News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana News: सीएम सैनी का बड़ा ऐलान, हरियाणा की इन महिलाओं के खाते में आएंगे 2100 रुपये हर महीने" href="http://10.0.0.122:1245/haryana-budget-session-news/">Haryana News: सीएम सैनी का बड़ा ऐलान, हरियाणा की इन महिलाओं के खाते में आएंगे 2100 रुपये हर महीने</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ancient-rules-for-healthy-living/article-68493</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:40:30 +0530</pubDate>
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                <title>Health News: सर्दियों में खाएं ये बीज, शरीर रहेगा गर्म और स्किन बनी रहेगी गर्म&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Health News: सर्दियों का मौसम अक्सर शरीर को कमजोर कर देता है, खासकर जब बाहर की ठंडक शरीर के अंदर पहुंचने लगती है, वहीं इस मौसम में शरीर को गर्म और स्वस्थ बनाए रखने के लिए खानपान के विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। वहीं ठंड के मौसम में शरीर को ऊर्जा, गर्माहट और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/eat-these-seeds-in-winter-the-body-will-remain-warm-and-the-skin-will-remain-warm/article-66597"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/health-news-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Health News: सर्दियों का मौसम अक्सर शरीर को कमजोर कर देता है, खासकर जब बाहर की ठंडक शरीर के अंदर पहुंचने लगती है, वहीं इस मौसम में शरीर को गर्म और स्वस्थ बनाए रखने के लिए खानपान के विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। वहीं ठंड के मौसम में शरीर को ऊर्जा, गर्माहट और पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों की जरूरत होती हैं, इन्हीं में से हैं यह…दरअसल बीज शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, खासकर सर्दियों में इनका सेवन करना काफी फायदेमंद माना जाता है। ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को गर्माहट भी पहुंचाते हैं। इसके साथ ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व आपकी स्किन को अंदर से स्वस्थ रखते हैं, जिससे आपकी त्वचा सुंदर और सॉफ्ट रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि सर्दियों के मौसम में शरीर को हेल्दी बनाए रखना काफी मुश्किल हो जाता है, ठंड के मौसम में अक्सर छोटी सी लापरवाही में ही शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं, ऐसे में इस मौसम में आपको खासतौर पर अपनी डाइट में ऐसी चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए, जो शरीर को अंदर से पोषण दें और उसे गर्म बनाए रखें। ठंड में आपके लिए इन बीजों का सेवन बहुत लाभकारी हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं बीज को कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इन्हें भिगोकर या भूनकर खाना भी ज्यादा लाभकारी होता है, क्योंकि ऐसा करने से उनमें मौजूद पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद मिलती है, यहां हम कुछ बीजों के बारे में बताते हैं, जिन्हें सर्दी के मौसम में अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/when-will-we-get-relief-from-this-terrible-cold-wave-the-meteorological-department-has-given-good-news-know/#google_vignette">Weather Update: इस भयानक शीत लहर से कब मिलेगी राहत, मौसम विभाग ने दी अच्छी खबर, जानिये…</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">अलसी के बीज | Health News</h3>
<p style="text-align:justify;">अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा सोर्स होता है, जो हड्डियों को मजबूत करते हैं और हार्ट के लिए भी फायदेमंद होते हैं। असली में हेल्दी फैटी एसिड भी मौजूद होते हैं, जो आपकी स्किन के लिए काफी अच्छे होते हैं। ये आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं होते, क्योंकि अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और विटामिन ई होता है, जो कोलेजन प्रोडक्शन में मदद करता है और आपकी स्किन को लंबे समय तक जवान रखता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चिया सीड्स</h3>
<p style="text-align:justify;">चिया सीड्स वेट लॉस के मामले में जितने पॉपुलर होते हैं, उतने ही स्किन के लिए भी फायदेमंद होते हैं। चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है, चिया सीड्स में मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट्स, फ्री रैडिकल्स से लड़ते हैं और हार्ट हेल्थ और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते हैं। चिया सीड्स में मौजूद फाइबर, वजन घटाने में मदद करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है,चिया सीड्स में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कद्दू के बीज</h3>
<p style="text-align:justify;">कद्दू के बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें एंटीआॅक्सीडेंट्स, हेल्दी फैट और मिनरल्स होते हैं, ये कोशिकाओं को पोषण देते हैं और नुकसान से बचाते हैं। कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है, कद्दू के बीजों में मौजूद विटामिन-ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीआॅक्सीडेंट्स त्वचा को नमी देते हैं और तव्चा को जवान रखने में मदद करते हैं। ये बालों को भी मजबूती प्रदान करतें हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 13:00:07 +0530</pubDate>
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