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                <title>Erosion - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बरबादी के मंजर के खिलाफ उत्तर भारत हुआ एकजुट</title>
                                    <description><![CDATA[नशे के खिलाफ एक बार फिर सरकारी मशीनरी कमर कसने जा रही है। नशे और इसके सौदागरों से निपटने के लिए पूरा उत्तर भारत एक हो गया है। यह अलग बात है की सरकारी स्तर पर ढिलाई और मिलीभगत से ही नशे का प्रचलन घर घर तक पहुँचने में कामयाब हुआ है। देर आये दुरस्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/north-india-became-united-against-the-erosion-of-destruction/article-5495"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/artical-02.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नशे के खिलाफ एक बार फिर सरकारी मशीनरी कमर कसने जा रही है। नशे और इसके सौदागरों से निपटने के लिए पूरा उत्तर भारत एक हो गया है। यह अलग बात है की सरकारी स्तर पर ढिलाई और मिलीभगत से ही नशे का प्रचलन घर घर तक पहुँचने में कामयाब हुआ है। देर आये दुरस्त आये की तर्ज पर अभी भी सरकारी अमला जन सहयोग से जी जान से जुटे तो लाखों नौजवानों को नशे की गिरफ्त में आने से बचाया जा सकता है। सात राज्यों ने इस दिशा में एक जूट होकर पहल की है। दो और राज्यों को इस संयुक्त अभियान में शामिल किया जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली केंद्रशासित राज्य चंडीगढ़ सहित जम्मू कश्मीर और उत्तर प्रदेश एक साथ संयुक्त अभियान में शामिल होकर नशे की बुराई और नशे के सौदागरों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही अमल में लाएंगे। आशा की जाती है इस पहल के सकारात्मक परिणाम हासिल होंगे।सात राज्यों ने इस मुद्दे पर सोमवार को चंडीगढ़ में बैठक कर एकजुटता दिखाई है। बाकी के दो राज्यों उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पहल पर हुई इस बैठक में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अगली बैठक में दिल्ली, राजस्थान के साथ यूपी और जम्मू कश्मीर के सीएम भी मौजूद रहेंगे। इस तरह से उत्तर भारत के 9 राज्य मिलकर नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ेंगे।पंजाब के बार्डर राज्य होने की वजह से यहां नशे की तस्करी काफी हो रही है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, नयी दिल्ली, जम्मू-कश्मीर तथा केंद्रशासित राज्य चंडीगढ़ में भी नशा लगातार फैल रहा है। उत्तर भारत के गांव गांव में नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री की जा रही है। शराब, चरस, स्मैक, गांजा आदि नशीले पदार्थ परचून के सामान की तरह बेचे जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सर्वे के अनुसार देश की जनसंख्या में 65 प्रतिशत युवा हैं जिनकी उम्र 35 वर्ष से कम है और 1.35 अरब लोगों में से आधे देश की आबादी की उम्र 25 वर्ष से कम है इनमें बड़ी संख्या युवा नशे का शिकार हैं किसी को भी यह आंकड़ा चौंकाने वाला लग सकता है। मगर यह हकीकत है। पंजाब नशे का सबसे बड़ा और संवेदनशील गढ़ है आज वहाँ राज्य का हर नौजवान किसी न किसी तरह के नशे की गिरफ्त में है। उत्तराखंड में 70 प्रतिशत , हरियाणा में 63 प्रतिशत लोग भांग और गांजा लेने के आदी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी दिल्ली में 76.7 प्रतिशत आबादी तबांकू का सेवन करती है उसमें 2.8 प्रतिशत महिलाएं गुटखा-पान मसाला खाती हैं।देश में नशे का प्रचलन यूँ ही बढ़ता रहा तो भारत को नशेड़ी देश बनते देर नहीं लगेगा। आज नशे ने पंजाब को जलाया है कल समूचा देश धूं धूं कर जलेगा। पंजाब और नशे का रिश्ता काफी पुराना और गहरा है। पंजाब नशीले पदार्थों के मामले में देश में पहले नंबर पर आता है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि पंजाब में मादक पदार्थ माफिया, पुलिस अधिकारियों और राजनीतिज्ञों का बड़ा गठजोड़ है। इसी गठजोड़ ने हरे भरे पंजाब को मौत की दहलीज तक पहुंचा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह भी सच है कि नशे में एक नहीं अपितु अनेक दुर्गुण है। इन दुगुर्णों के कारण भला चंगा व्यक्ति अपनी सुध बुध खोकर जघन्य अपराधों में लिप्त हो गया है। छेड़छाड़ ,बलात्कार और लूट जैसे गंभीर अपराध भी नशे के कारण ही समाज और देश को बर्बाद करने पर तुले है। आज पंजाब जल रहा है और कल पूरा देश इसके चपेट में आने से कोई भी नहीं रोक पायेगा।एक सर्वे के अनुसार भारत में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लगभग 37 प्रतिशत लोग नशे का सेवन करते हैं। आजादी के बाद देश में शराब की खपत 60 से 80 गुना अधिक बढ़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें ऐसे लोग भी शामिल है जिनके घरों में दो जून रोटी भी सुलभ नहीं है। जिन परिवारों के पास रोटी-कपड़ा और मकान की सुविधा उपलब्ध नहीं है तथा सुबह-शाम के खाने के लाले पड़े हुए हैं उनके मुखिया मजदूरी के रूप में जो कमा कर लाते हैं वे शराब पर फूंक डालते हैं। इन लोगों को अपने परिवार की चिन्ता नहीं है कि उनके पेट खाली हैं और बच्चे भूख से तड़फ रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। ये लोग कहते हैं वे गम को भुलाने के लिए नशे का सेवन करते हैं। उनका यह तर्क कितना बेमानी है जब यह देखा जाता है कि उनका परिवार भूखे ही सो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाल मुकुन्द ओझा</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Aug 2018 09:51:35 +0530</pubDate>
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                <title>सेमनाले में 40 फुट का कटाव आने से सैंकड़ों एकड़ भूमि में भरा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ड्रेन के टूटने की चेतावनी दिए जाने के बाद भी नहीं जागा विभाग आधिकारियों ने कटाव में बांध लगाने में जताई असमर्थता, बांध लगाने में अपने स्तर पर जुटे ग्रामीण अबोहर(सुधीर अरोड़ा/सच कहूँ न्यूज)। ड्रेनेज विभाग के आधिकारियों द्वारा समय पर सेमनाला की सफाई नहीं करवाने की लापरवाही पिछले रात दो गांवोंवासियों पर उस समय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/filled-with-hundreds-of-acres-of-land-coming-out-of-the-40-foot-erosion-in-semanala/article-4695"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/samnala-news.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">ड्रेन के टूटने की चेतावनी दिए जाने के बाद भी नहीं जागा विभाग</h1>
<h2 style="text-align:center;">आधिकारियों ने कटाव में बांध लगाने में जताई असमर्थता, बांध लगाने में अपने स्तर पर जुटे ग्रामीण</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर(सुधीर अरोड़ा/सच कहूँ न्यूज)।</strong> ड्रेनेज विभाग के आधिकारियों द्वारा समय पर सेमनाला की सफाई नहीं करवाने की लापरवाही पिछले रात दो गांवोंवासियों पर उस समय भारी पड़ी जब किसानों द्वारा अबुलखुराना ड्रेन के टूटने की चेतावनी दिए जाने के बाद भी विभाग नहीं जागा व बीती रात सेमनाले में करीब 40 फुट का कटाव आने से सैंकड़ों एकड़ भूमि पानी के साथ भर जाने से किसानों की फसलें तबाह हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरफ आज सुबह मौके पर पहुंचे आधिकारियों ने कटाव में बाँध लगाने में असमर्थता जताऐ जाने पर किसानों ने अपने स्तर पर सेमनाले में आए कटाव को बांधना शरू कर दिया है।  जानकारी के अनुसार गांव बहादुरखेडा, ढाबा कोकरियां व सरदारपुरा से निकलते अबुल खुराना ड्रेन में सफाई नहीं होने के कारण इसमें जलकुंभी की भरमार थी, जिसे देखते हुए किसानों ने विभाग को सूचित किया कि जलकुंभी के साथ सेमनाले में आ रहे पानी के आगे जाने में अड़चन पैदा हो रही है।</p>
<h2 style="text-align:center;">पानी से भर गई 200 एकड फसल</h2>
<p style="text-align:justify;">जलकुंभी पुलों में अटक रही है, जिससे सेमनाले के किनारे कमजोर हो रहे हैं, और किसी भी समय यह ड्रेन टूटकर भारी तबाही मचा सकती है लेकिन इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने जलकुंभी निकलवाने की तरफ ध्यान नहीं दिया, जिसके फलस्वरूप पिछले दिन हुई भारी बरसात के चलते रात करीब 11 बजे उक्त ड्रेन में 40 फुट का कटाव आ गया, जिससे गांव बहादुरखेड़ा व ढाबा कोकरियां में 200 एकड फसल पानी से भर गई।</p>
<h2 style="text-align:center;">किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जताया रोष</h2>
<p style="text-align:justify;">किसान नगेंदर, दर्शन,गुरचरण सिंह और सीता ने जिला प्रशासन के इस मामले में उदासीनता दिखाए जाने पर रोष जाहिर किया। गांववासियों ने प्रशासनिक आधिकारियों से जल्द पुलों के नीचे रुकी जलकुंभी को निकालने की अपील करते हुए कहा कि अगर जल्द इस ड्रैन की सफाई नहीं हुई तो यह ड्रेन किसी और जगह से टूटकर अन्य गांवों को भी नुक्सान पहुंचा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरफ गांव दुतांरावाली के लोगों ने बताया कि गांव के 5किलोमीटर क्षेत्र में जलकुंभी भरी हुई है, जिस कारण यह ड्रेन दुतारांवाली के नजदीक से भी टूट सकता है। गांववासियों ने दुतारांवाली व आसपास के अन्य गांवों के लोगों द्वारा ड्रेनेज विभाग के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह ड्रेन फिर से टूटी तो वह विभाग के खिलाफ सघर्ष करने को मजबूर होंगे व इसकी पूरी जिम्मेवारी विभाग की होगी। गांववासियों ने ड्रेन विभाग के आधिकारियों व स्थानीय उपमंडल अधिकारी व जिला डिप्टी कमिशनर को इस तरफ ध्यान देने की मांग की है।</p>
<h2 style="text-align:center;">संबंधित विभाग ने समस्या का हल करने किए हाथ खडे</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी सूचना मिलने पर आज सुबह ड्रेनेज विभाग के एक्सईयन अमरजीत गुप्ता, एसडीओ अर्शदीप सिंह व जेई हरप्रीत सिंह मौके पर पहुुंचे व किसानों के साथ हमदर्दी जताते हुए ड्रेन में आए कटाव को भरने के लिए योजना बनानी शुरू की लेकिन विभाग के पास फंड नहीं होने की बात कहकर उन्होंंने भी इस कटाव को भरने पर अपने हाथ खड़े कर दिए, जिसके बाद किसानों ने खुद फंड इकठ्ठा कर ड्रेन में आए कटाव को भरने का कार्य शुरू कर दिया ताकि सेमनाले का पानी अधिक गांवों को अपनी चपेट में न ले सके।</p>
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                <pubDate>Fri, 06 Jul 2018 04:03:07 +0530</pubDate>
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                <title>माइनर में आया कटाव, सैंकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न</title>
                                    <description><![CDATA[अबोहर: गांव डंगरखेड़ा के निकट से गुजरती पंजाबा माइनर से निकलने वाली डंगरखेड़ा माइनर में अचानक कटाव आने से सैंकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। किसान भजन लाल पंच, बलकरण सिंह, बलवीर सिंह, महावीर व ढाणियों में रहते दलीप कुमार आदि ने बताया कि उक्त माइनर की साफ-सफाई न होने के कारण माइनर के दोनों किनारों पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/minor-came-erosion/article-290"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/minor-crack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर:</strong> गांव डंगरखेड़ा के निकट से गुजरती पंजाबा माइनर से निकलने वाली डंगरखेड़ा माइनर में अचानक कटाव आने से सैंकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। किसान भजन लाल पंच, बलकरण सिंह, बलवीर सिंह, महावीर व ढाणियों में रहते दलीप कुमार आदि ने बताया कि उक्त माइनर की साफ-सफाई न होने के कारण माइनर के दोनों किनारों पर झाडिय़ां उगी हुई हैं, इसके अलावा उक्त माइनर के दोनों किनारे कच्चे व कमजोर होने के कारण गत देर रात्रि उक्त माइनर में पंजाबा माइनर के मोघे के पास से ही करीब 5 फुट का कटाव आने से सैंकड़ों एकड़ नरमे की फसल व गेहूं बीजने के लिए तैयार की गई जमीन में पानी भरने से किसानों को नुक्सान पहुंचा है। इस बात की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई। <em>एजेंसी</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/minor-came-erosion/article-290</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Nov 2016 04:38:03 +0530</pubDate>
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