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                <title>Rajnath Singh - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>चुनौतियों का सामना करने के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक तौर पर सशक्त रहना जरूरी: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा है कि अनिश्चितता के दौर से गुजर रही दुनिया में देश के युवाओं का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त रहना तथा हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आॅपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/it-is-important-for-the-youth-to-be-physically-and-mentally-strong-to-face-challenges-rajnath/article-80664"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/new-delhi-7.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा है कि अनिश्चितता के दौर से गुजर रही दुनिया में देश के युवाओं का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त रहना तथा हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आॅपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर में आयोजित मॉक ड्रिल्स में जन-जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले साहसी और समर्पित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटों से प्रेरणा लेने का भी आह्वान किया। सिंह ने शनिवार को यहां दिल्ली छावनी में एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित करते हुए एनसीसी को देश की ‘दूसरी रक्षा पंक्ति’ बताया, जिन्होंने आॅपरेशन सिंदूर में अपनी भूमिका असाधारण रूप से निभाई जब पूरा देश इस अभियान के दौरान अपनी सशस्त्र सेनाओं के साथ खड़ा था। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट किया, जो पहलगाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण और कायराना आतंकी हमले का करारा जवाब था। हमारे सैनिकों ने साहस और संयम के साथ कार्रवाई की। हमने केवल उन्हीं को निशाना बनाया जिन्होंने हमें चोट पहुंचाई, किसी और को नहीं। यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि हमारे सैनिक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हैं।” रक्षा मंत्री ने युवाओं की तुलना महाभारत के अभिमन्यु से की जो किसी भी प्रकार के चक्रव्यूह में प्रवेश करना और उससे विजयी होकर बाहर निकलना जानते हैं। उन्होंने युवाओं से सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हम ऐसे समय में प्रवेश कर चुके हैं जहां युवाओं से अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। वे राष्ट्र की अमूल्य संपत्ति हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने एनसीसी को युवाओं को सशक्त बनाने का एक उत्कृष्ट माध्यम बताया जो बदले में राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहा, “आज की दुनिया आराम बेच रही है। वीडियो गेम, फूड डिलीवरी और इस तरह की कई चीजें मानव जीवन में सुविधा लाने के लिए हैं। परेड, ड्रिल और शिविरों के माध्यम से एनसीसी आपको उस आरामदायक दायरे से बाहर निकालती है और मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। इसके अलावा, बच्चे कई जीवन कौशल सीखते हैं, जो आपदाओं के समय स्वयं और दूसरों की रक्षा करने में सहायक होते हैं।” रक्षा मंत्री ने कहा कि एनसीसी कैडेट में अनुशासन और देशभक्ति की भावना का संचार करती है तथा ‘एकाग्रता की कमी’ की समस्या को दूर करने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में, जब लोग सब कुछ तुरंत पाना चाहते हैं, एनसीसी धैर्य, निरंतरता और एकाग्रता सिखाती है, जो जीवन की बड़ी लड़ाइयों, राष्ट्र की महान जिम्मेदारियों और चरित्र निर्माण के लिए आवश्यक हैं। यह एकाग्रता उनके जीवन के हर पहलू में दिखाई देती है, चाहे वे सशस्त्र बलों में जाएँ या डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासक, राजनेता आदि बनें। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">जीवन में केवल योजना-ए ही नहीं, बल्कि योजना-बी और आवश्यकता पड़ने पर योजना-सी बनाने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री सिंह ने कहा कि जब केवल योजना-ए होती है और वह काम नहीं करती, तो भय और निराशा पैदा होती है। लेकिन योजना-बी और योजना-सी होने से परिस्थितियां नियंत्रण में आ जाती हैं। उन्होंने कहा, “आपको हमेशा योजना-बी के लिए तैयार रहना चाहिए और यह याद रखना चाहिए कि यदि आज बारिश होती है, तो कल सूर्य अवश्य निकलेगा। जीवन में सफलता पाने के लिए ‘मेरा तरीका या कोई तरीका नहीं’ के बजाय ‘सैन्य सोच’ अपनानी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका को रेखांकित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि एनसीसी से प्रशिक्षित अनेक लोगों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “परम वीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे और कैप्टन विक्रम बत्रा एनसीसी कैडेट थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं स्वयं भी एनसीसी कैडेट रहे हैं। अनेक अन्य लोग भी एनसीसी से निकलकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान एनसीसी कैडेट को दूसरी रक्षा पंक्ति के रूप में तैनात किया गया था। यह हर क्षेत्र में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को दशार्ता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों के प्रति देश के संकल्प को मजबूत करने की याद दिलाता है। उन्होंने कहा, “संविधान केवल एक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह हमारे सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक तथा अन्य अधिकारों और कर्तव्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम है। हमें वैसा नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जैसा हमारा संविधान चाहता है। हमें अपने संविधान को समझना चाहिए और उसमें निहित अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। इस पूरे अभियान में एनसीसी कैडेट ध्वजवाहक की भूमिका निभा सकते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान एक ‘अलंकरण समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए कैडेट को रक्षा मंत्री पदक और प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। इस वर्ष रक्षा मंत्री पदक जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालय की कैडेट अर्पण दीप कौर तथा पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के कैडेट पालदेन लेपचा को प्रदान किया गया। प्रशंसा पत्र कर्नाटक एवं गोवा निदेशालय की पेटी आॅफिसर लीशा देजप्पा सुवर्णा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ निदेशालय के जूनियर अंडर आॅफिसर पवन भगेल, उत्तर पूर्व क्षेत्र निदेशालय की कॉर्पोरल राधा दोर्जी तथा उत्तराखंड निदेशालय के कैडेट प्रिंस सिंह राणा को प्रदान किए गए। रक्षा मंत्री ने एनसीसी के तीनों अंगों से आए कैडेट द्वारा प्रस्तुत प्रभावशाली ‘गार्ड आॅफ आॅनर’ का भी निरीक्षण किया। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Sirhind Railway Track Blast: पंजाब में गणतंत्र दिवस से पहले रेलवे लाइन पर धमाका, सरहिंद में मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त, लोको पायलट घायल" href="http://10.0.0.122:1245/explosion-on-railway-line-in-punjab-goods-train-engine-damage-in-sirhind-loco-pilot-injured/">Sirhind Railway Track Blast: पंजाब में गणतंत्र दिवस से पहले रेलवे लाइन पर धमाका, सरहिंद में मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त, लोको पायलट घायल</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 15:52:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रक्षा मंत्री ने जैसलमेर में सेना कमांडर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा स्थिति और सेना की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनोट और लोंगेवाला के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा भी किया ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक है जो यह दर्शाता है कि हमारे सैनिकों की ताकत हथियारों में ही नहीं, बल्कि नैतिक अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता में भी निहित है: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajnath-singh-reviews-security-situation-and-operational-preparedness-of-indian-army-at-army-commanders-conference-in-jaisalmer/article-77277"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/jaipur-news-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनोट और लोंगेवाला के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा भी किया</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक है जो यह दर्शाता है कि हमारे सैनिकों की ताकत हथियारों में ही नहीं, बल्कि नैतिक अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता में भी निहित है: राजनाथ सिंह</li>
<li>रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों से कहा कि वे कभी विरोधियों को कम न आंकें और हमेशा सतर्क, तैयार रहें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ/गुरजंट सिंह धालीवाल)।</strong> Jaipur News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में सेना कमांडरों के सम्मेलन और 24 अक्टूबर, 2025 को राजस्थान के तनोट और लोंगेवाला के अग्रिम क्षेत्रों के दौरे में भारतीय सेना की सुरक्षा स्थिति और परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। इस सम्मेलन के दौरान, भारतीय सेना के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ ग्रे ज़ोन युद्ध और संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार के रोडमैप सहित प्रमुख पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और सभी सेना कमांडर उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य कौशल और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए यह सिद्ध किया कि उनकी शक्ति केवल हथियारों में ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक अनुशासन और रणनीतिक स्पष्टता में भी निहित है। उन्होंने कहा, ” ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में केवल एक सैन्य अभियान के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के साहस और संयम के प्रतीक के रूप में भी दर्ज होगा। आतंकवादियों के विरुद्ध हमारी सेनाओं की कार्रवाई नीतिगत सटीकता और मानवीय गरिमा, दोनों के अनुरूप थी। ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। शांति के लिए हमारा मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक एक भी आतंकवादी मानसिकता जीवित रहेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने ज़ोर देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से एक नई रणनीतिक सोच का उभार हुआ है कि भारत किसी भी आतंकवादी गतिविधि का अपनी शर्तों पर जवाब देगा। उन्होंने कहा, “यह नए भारत का रक्षा सिद्धांत है, जो दृढ़ संकल्प और साहस, दोनों का प्रतीक है।” रक्षा मंत्री ने देश की अखंडता की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया और उनसे दुश्मनों को कभी कम न आंकने और हमेशा सतर्क व तैयार रहने का आह्वान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने कमांडरों से भविष्य में सर्वदा तैयार सेना सुनिश्चित करने के लिए रक्षा कूटनीति, आत्मनिर्भरता, सूचना युद्ध, रक्षा अवसंरचना और सेना आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित करते रहने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों की दक्षता, साहस और सुदृढ़ता की सराहना की और परिचालन तैयारियों के उच्चतम स्तर को बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, रक्षा अवसंरचना और सहायता प्रदान करने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।<br />
राजनाथ सिंह ने अनुच्छेद 370 के उन्मूलन के बाद जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “अनुच्छेद 370 का उन्मूलन ऐतिहासिक रहा। आज, वहां की सड़कें अशांति से नहीं, बल्कि उम्मीदों से भरी हैं। लोग अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्णय लेने की व्यवस्था अब स्थानीय लोगों के हाथों में है। भारतीय सेना ने इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” Jaipur News</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तरी सीमा पर स्थिति पर रक्षा मंत्री ने कहा कि चल रही बातचीत और तनाव कम करने के उपायों ने भारत की संतुलित और दृढ़ विदेश नीति को दर्शाया है। उन्होंने कहा, “हमारी नीति स्पष्ट है कि बातचीत जारी रहेगी और सीमा पर हमारी तत्परता बरकरार रहेगी।”</p>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने सैनिकों की दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे अनुकूलनशील सेनाओं में से एक मानी जाती है। उन्होंने कहा, “चाहे सियाचिन का बर्फीला इलाका हो, राजस्थान के रेगिस्तान की चिलचिलाती गर्मी हो, या घने जंगलों में आतंकवाद विरोधी अभियान, हमारे सैनिकों ने हमेशा अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। कठिन परिस्थितियों और विविध चुनौतियों के बावजूद, हमारे जवान बदलावों के साथ तालमेल बिठाते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मज़बूत करते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि आज का युद्ध तकनीक-आधारित है, फिर भी सैनिक देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि मशीनें शक्ति को कई गुना बढ़ा देती हैं, लेकिन परिणाम देने की शक्ति मानवीय भावना में ही निहित होती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आधुनिक युद्ध साइबरस्पेस, सूचना, इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान और अंतरिक्ष नियंत्रण जैसे अदृश्य क्षेत्रों में लड़े जाते हैं, और नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठाने के साथ-साथ सैनिकों की त्वरित निर्णय क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति भी महत्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">कमांडर सम्मेलन के एक भाग के रूप में, राजनाथ सिंह ने कोणार्क के एज डेटा सेंटर और भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर सहित प्रौद्योगिकी सक्षमकर्ताओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। अगले वर्ष तक, देश भर में सभी कोर के एज डेटा सेंटर होंगे। उन्होंने भारतीय सेना के लिए उपकरण हेल्पलाइन सैनिक यात्री मित्र ऐप का भी शुभारंभ किया और आर्मी सर्विस कोर सेंटर एंड कॉलेज, बेंगलुरु द्वारा संकलित ‘रक्षा बाजरा व्यंजन संग्रह’ का विमोचन किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए नमन केंद्रों का भी उद्घाटन किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लौंगेवाला में रक्षा मंत्री ने प्रतिष्ठित लौंगेवाला युद्ध स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की और भारतीय सेना के बहादुरों को श्रद्धांजलि दी | Jaipur News</h3>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने मेजर (बाद में ब्रिगेडियर) कुलदीप सिंह चांदपुरी की स्मृति को समर्पित एक श्रव्य-दृश्य कक्ष ‘चांदपुरी हॉल’ का उद्घाटन किया, जिन्होंने 1971 में लौंगेवाला के युद्ध के दौरान वीरतापूर्ण रक्षा का नेतृत्व किया था। उन्होंने युद्ध में भाग लेने वाले दिग्गजों को भी सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में विकसित करने के लिए शुरू की जा रही अनेक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो भारतीय सेना की वीरता और सुदृढ़ता को प्रदर्शित करेगा।<br />
राजनाथ सिंह ने एक गतिशील ‘क्षमता प्रदर्शन अभ्यास’ भी देखा, जिसमें भैरव बटालियन और अश्नी प्लाटून जैसे नए संगठनों के एकीकृत उपयोग के साथ-साथ भारतीय सेना में ऑपरेशनों के संचालन के लिए शामिल की गई नवीनतम तकनीकी साधनों का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन विरासत और नवाचार के सहज मिश्रण का प्रतीक था, जिसने भारतीय सेना के क्षमता विकास और सैन्य बल के आधुनिकीकरण पर ज़ोर दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पुलिस मुठभेड़ में मेडिकल पर गोली चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/two-accused-of-firing-at-a-medical-doctor-arrested-in-police-encounter/">पुलिस मुठभेड़ में मेडिकल पर गोली चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 20:31:03 +0530</pubDate>
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                <title>राजनाथ और योगी ने ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को दिखाई हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे। पाकिस्तान की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rajnath-and-yogi-flag-off-the-first-batch-of-brahmos-missiles/article-77080"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/lucknow-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे। पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। उन्होंने कहा, ह्ल मैंने इस परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया है।रुद्राक्ष को वैसे भी महादेव का रूप माना जाता है। मैं चाहता हूँ इस परिसर पर महादेव का आशीर्वाद बना रहे। हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे। पाकिस्तान की एक-एक इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है। ऑपरेशन से दूर तो केवल एक ट्रेलर था उसे ट्रेलर नहीं पाकिस्तान को यह एहसास दिला दिया अगर भारत-पाकिस्तान को जन्म दे सकता है तो समय आने पर क्या कर सकता है या मुझे बोलने की जरूरत नहीं। Lucknow News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत की नींव है… अब तक हमने छह नोड्स में इसके लिए 2,500 एकड़ से ज्यादा जमीन उपलब्ध कराई है। इसके जरिए राज्य के 15,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है। ब्रह्मोस के महानिदेशक और रक्षा मंत्री ने हाल ही में हमें 40 करोड़ का जीएसटी चेक प्रदान किया… मैंने डीआरडीओ से फिर कहा, ‘मुझे बताइए आपको कितनी जमीन चाहिए; हम आपको यहीं उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने कहा, ‘जब हर साल 100 ब्रह्मोस मिसाइलें बनाई जाएँगी और भविष्य में इनकी क्षमता बढ़कर 150 हो जाएगी, तो राज्य सरकार को इन मिसाइलों से जीएसटी के माध्यम से सालाना 150 से 200 करोड़ प्राप्त होंगे। Lucknow News</p>
<p style="text-align:justify;">एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह न केवल उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे (यूपीडीआईसी) के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के भारत के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। बयान में कहा गया है कि ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली के निमार्ता, ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित अपने नए एकीकरण और परीक्षण केंद्र से इस मिसाइल प्रणाली की पहली खेप का सफलतापूर्वक उत्पादन किया है। यह अत्याधुनिक इकाई, जिसका उद्घाटन 11 मई, 2025 को हुआ था, मिसाइल एकीकरण, परीक्षण और अंतिम गुणवत्ता जाँच के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। सफल परीक्षण के बाद, मिसाइलों को भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा तैनाती के लिए तैयार किया जाता है। इस इकाई की स्थापना उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बल प्रदान करती है। मई 2025 में पूरी तरह से चालू होने वाली यह सुविधा, भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा तैनाती से पहले मिसाइल असेंबली से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरी स्वदेशी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। Lucknow News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="इंस्टाग्राम व फेसबुक पर धमकी देने का आरोप, पुलिस से शिकायत" href="http://10.0.0.122:1245/complaint-lodged-with-police-alleging-threats-on-instagram-and-facebook/">इंस्टाग्राम व फेसबुक पर धमकी देने का आरोप, पुलिस से शिकायत</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 20:21:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Government News: दीपावली से पहले पूर्व सैनिकों को रक्षामंत्री ने दी बड़ी खुशखबरी, राशि बढाकर दोगुना की</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने दीपावली से पहले पूर्व सैनिकों को बड़ा उपहार देते हुए उन्हें और उनके आश्रितों को शिक्षा, विवाह और निर्धनता अनुदान के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि को दोगुना कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/defence-minister-rajnath-singh-has-doubled-the-financial-assistance-given-to-ex-servicemen-under-the-poverty-grant/article-76926"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/government-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने दीपावली से पहले पूर्व सैनिकों को बड़ा उपहार देते हुए उन्हें और उनके आश्रितों को शिक्षा, विवाह और निर्धनता अनुदान के अंतर्गत मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि को दोगुना कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा कार्यान्वित योजनाओं के अंतर्गत पूर्व सैनिकों (ईएसएम) और उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। Government News</p>
<p style="text-align:justify;">संशोधित दरें आगामी एक नवम्बर से लागू होंगी। इस बढोतरी के बाद पात्र पूर्व सैनिकों को मिलने वाली निर्धनता अनुदान की राशि 4,000 रुपये से दोगुना करके 8,000 रुपये प्रति माह कर दी गयी है। इसमें 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध तथा गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को जिनकी कोई नियमित आय नहीं है आजीवन निरंतर सहायता प्रदान की जायेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा अनुदान की श्रेणी में दो आश्रित बच्चों (कक्षा 1 से स्नातक तक) या दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कर रही विधवाओं के लिए शिक्षा अनुदान एक हजार रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह कर दिया गया है।विवाह अनुदान की राशि भी प्रति लाभार्थी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गयी है। यह अनुदान पूर्व सैनिकों की अधिकतम दो पुत्रियों और विधवा पुनर्विवाह के लिए दिया जायेगा। यह राशि इस आदेश के जारी होने के बाद संपन्न विवाहों के लिए लागू होगी। Government News</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर हर वर्ष 257 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है और यह सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष से वहन किया जाएगा। इन योजनाओं का वित्तपोषण रक्षा मंत्री भूतपूर्व सैनिक कल्याण कोष के माध्यम से किया जाता है। यह निर्णय गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों, विधवाओं और निम्न-आय वर्ग के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करता है और पूर्व सैनिकों की सेवा और बलिदान का सम्मान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana News: हरियाणा आईपीएस अधिकारी मामले में प्रकाश अंबेडकर का विवादित बयान" href="http://10.0.0.122:1245/prakash-ambedkars-controversial-statement-in-the-haryana-ips-officer-case/">Haryana News: हरियाणा आईपीएस अधिकारी मामले में प्रकाश अंबेडकर का विवादित बयान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 14:53:08 +0530</pubDate>
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                <title>संयुक्त राष्ट्र में सुधार जरूरी, भारत नियम आधारित व्यवस्था का पक्षधर: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधारों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा है कि विश्वास के संकट का सामना कर रही यह संस्था मौजूदा वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं होने के कारण चुनौतियों से निपटने में विफल रही है। रक्षा मंत्री ने किसी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/reforms-in-the-united-nations-are-necessary-india-is-in-favor-of-a-rules-based-system-rajnath/article-76884"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/new-delhi-9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधारों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा है कि विश्वास के संकट का सामना कर रही यह संस्था मौजूदा वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं होने के कारण चुनौतियों से निपटने में विफल रही है। रक्षा मंत्री ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि कुछ देश खुलेआम अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने मंगलवार को यहां भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र में शांति सैनिकों का योगदान देने वाले देशों के सेना प्रमुखों को संबोधित करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के पुराने बहुपक्षीय ढांचे पर सवाल उठाते हुए इसमें सुधारों की वकालत की। उन्होंने कहा, “हम आज की चुनौतियों का सामना पुराने बहुपक्षीय ढांचों से नहीं कर सकते। व्यापक सुधारों के बिना, संयुक्त राष्ट्र विश्वास के संकट का सामना कर रहा है। आज की परस्पर जुड़ी दुनिया के लिए, हमें एक सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता है, जो आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करे, सभी हितधारकों की आवाज बनें, समकालीन चुनौतियों का समाधान करे और मानव कल्याण पर केंद्रित हो।”</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ देशों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नियमों की खुेलआम धज्जी उडाये जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत पुरानी अंतर्राष्ट्रीय संरचनाओं में सुधार की वकालत करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूती से कायम रखने में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा, “आजकल, कुछ देश खुलेआम अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, कुछ उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ अपने नियम बनाकर अगली सदी पर अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। इन सबके बीच, भारत पुरानी अंतर्राष्ट्रीय संरचनाओं में सुधार की वकालत करते हुए, अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूती से कायम रखने में मजबूती से खड़ा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुरूप सैन्य योगदान देने वाले देशों की अधिक भूमिका की वकालत करने वाली एक आवाज है। उन्होंने कहा, “जो लोग क्षेत्र में सेवा करते हैं और जोखिम उठाते हैं, उन्हें अपने मिशनों का मार्गदर्शन करने वाली नीतियों को आकार देने में एक सार्थक आवाज मिलनी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्री सिंह ने कहा कि भारत मानता है कि शांति स्थापना की सफलता केवल संख्या पर ही नहीं, बल्कि तैयारियों पर भी निर्भर करती है। यहां स्थित हमारे संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना केंद्र (सीयूएनपीके) ने 90 से अधिक देशों के प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया है। यह केंद्र व्यापक परिदृश्य-आधारित शिक्षा प्रदान करता है इसमें सशस्त्र समूहों के साथ बातचीत, खतरे में मानवीय अभियानों और संकट के दौरान नागरिक सुरक्षा का अनुकरण शामिल है। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में भारत का विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के लिए, यह सिर्फ़ बातचीत का विषय नहीं है, हजारों भारतीय संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले शांति और विकास के लिए काम करते हैं। यह एक प्रमुख उदाहरण है जो भारत के वादों को प्रदर्शन के साथ जोड़ने के सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दशार्ता है।” श्री सिंह ने कहा कि भारत के लिए शांति स्थापना कभी भी एक विकल्प का कार्य नहीं रहा है, बल्कि एक आस्था का विषय रहा है। उन्होंने कहा, “अपनी स्वतंत्रता के आरंभ से ही, भारत अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने मिशन में संयुक्त राष्ट्र के साथ दृढ़ता से खड़ा रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्री सिंह ने कहा कि भारत महात्मा गांधी की भूमि है, जहां शांति हमारे अहिंसा और सत्य के दर्शन में गहराई से निहित है। महात्मा गांधी के लिए, शांति केवल युद्ध का अभाव नहीं, बल्कि न्याय, सद्भाव और नैतिक शक्ति की एक सकारात्मक स्थिति थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रूस में मिला 340 कैरेट का हीरा चमक देख फटी रह जाएंगी आंखें" href="http://10.0.0.122:1245/a-340-carat-diamond-found-in-russia-will-leave-you-stunned/">रूस में मिला 340 कैरेट का हीरा चमक देख फटी रह जाएंगी आंखें</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 14:53:27 +0530</pubDate>
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                <title>Rajnath Singh: राजनाथ बुधवार को चीन में एससीओ की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) बुधवार को चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि दो दिन की बैठक के दौरान सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्रीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rajnath-will-represent-india-at-the-sco-meeting-in-china-on-wednesday/article-72529"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/new-delhi-9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) बुधवार को चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यहां बताया कि दो दिन की बैठक के दौरान सदस्य देशों के रक्षा मंत्री क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के साथ-साथ आतंकवाद विरोधी प्रयासों और एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री एससीओ के सिद्धांतों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता प्रकट करते हुए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की दिशा में भारत का दृष्टिकोण रखेंगे। वह क्षेत्र में आतंकवाद तथा उग्रवाद को खत्म करने के लिए एकजुट और लगातार प्रयासों का आह्वान करते हुए सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और संपर्क बढ़ाने की जरूरत पर बल देंगे। वह बैठक के दौरान चीन और रूस सहित भाग लेने वाले कुछ देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। भारत क्षेत्र में बहुपक्षवाद, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देता है। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">एससीओ सदस्य देशों की संप्रभुता, राष्ट्रों की क्षेत्रीय अखंडता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, आपसी सम्मान, समझ और सभी सदस्य देशों की समानता के सिद्धांतों पर आधारित नीति का पालन करता है। एससीओ का गठन वर्ष 2001 में किया गया था और यह अंतर-सरकारी संगठन है। भारत वर्ष 2017 में इसका पूर्ण सदस्य बना था और वर्ष 2023 में क्रम से इसे संगठन की अध्यक्षता सौंपी गई। एससीओ में भारत के अलावा कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। चीन ने ह्यशंघाई भावना को कायम रखना: एससीओ आगे बढ़ रहा है विषय के तहत 2025 के लिए एससीओ की अध्यक्षता संभाली है। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Monsoon Rainfall Update: मुंबई से सूरत तक बारिश ही बारिश! जनजीवन थम सा गया" href="http://10.0.0.122:1245/heavy-rain-in-gujarat-maharashtra-life-disrupted/">Monsoon Rainfall Update: मुंबई से सूरत तक बारिश ही बारिश! जनजीवन थम सा गया</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/rajnath-will-represent-india-at-the-sco-meeting-in-china-on-wednesday/article-72529</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 14:54:16 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Rajnath Singh: रावलपिंडी तक सुनी गई भारत की सेनाओं की धमक!</title>
                                    <description><![CDATA[आपरेशन सिंदूर’ ने दिलाया पीड़ित परिवारों को इंसाफ : राजनाथ सिंह लखनऊ/नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन एवं परीक्षण इकाई का उद्घाटन केवल एक परियोजना की शुरुआत भर नहीं है, बल्कि यह भारत के सामरिक, तकनीकी और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इस पहल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-threat-of-indian-forces-was-heard-till-rawalpindi/article-70775"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/rajnath-singh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आपरेशन सिंदूर’ ने दिलाया पीड़ित परिवारों को इंसाफ : राजनाथ सिंह</h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ/नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन एवं परीक्षण इकाई का उद्घाटन केवल एक परियोजना की शुरुआत भर नहीं है, बल्कि यह भारत के सामरिक, तकनीकी और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इस पहल के पीछे अनेक गहरे रणनीतिक और राष्ट्रीय हित जुड़े हुए हैं, जिनका विश्लेषण करना आज के संदर्भ में अत्यंत आवश्यक है। Rajnath Singh</p>
<p><a title="BrahMos Missile Unit Lucknow: आतंकवाद पूरी तरह कुचलने को ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का उद्घाटन" href="http://10.0.0.122:1245/brahmos-missile-unit-inaugurated-to-completely-crush-terrorism/">BrahMos Missile Unit Lucknow: आतंकवाद पूरी तरह कुचलने को ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का उद्घाटन</a></p>
<h3>1. लखनऊ: अब केवल सांस्कृतिक नहीं, सामरिक पहचान भी</h3>
<p>लखनऊ, जो अब तक अपनी सांस्कृतिक, साहित्यिक और राजनीतिक पहचान के लिए जाना जाता था, अब भारत के डिफेंस सेक्टर का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस की नई इकाई इस शहर को न केवल औद्योगिक मानचित्र पर उभारने जा रही है, बल्कि इससे रोजगार के अवसर भी व्यापक रूप से उत्पन्न होंगे। रक्षा मंत्री द्वारा व्यक्त यह विश्वास कि लखनऊ ‘तकनीकी संगम’ के लिए जाना जाएगा, भविष्य में उत्तर भारत की औद्योगिक धारा को एक नया मोड़ देगा।</p>
<h3>2. ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के विरुद्ध भारत की दृढ़ता | Rajnath Singh</h3>
<p>रक्षा मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतिक नीति की एक नई परिभाषा सामने रखी। यह अभियान, जो पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए चलाया गया, यह स्पष्ट करता है कि भारत अब ‘संयम’ और ‘प्रतिकार’ दोनों के संतुलन से काम कर रहा है। यह केवल सैन्य कार्रवाई नहीं थी – यह एक संदेश था: भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पहल करेगा। यह नई रणनीति, जिसे हम सक्रिय सुरक्षा नीति कह सकते हैं, भारत की भू-राजनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ करती है।</p>
<h3>3. सैन्य शक्ति के साथ संयम का उदाहरण</h3>
<p>भारत ने हमेशा आतंकी संगठनों को जवाब देते समय आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाने की नीति अपनाई है। राजनाथ सिंह द्वारा यह बात दोहराना कि भारतीय सेना ने ‘सिर्फ सैन्य ठिकानों को लक्ष्य बनाया’, भारत की नैतिक सैन्य परंपरा को दर्शाता है। यह संयम भारत को विश्व मंच पर एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में स्थापित करता है।</p>
<h3>4. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस और ब्रह्मोस परियोजना का संयोग</h3>
<p>11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के दिन ब्रह्मोस इकाई का उद्घाटन महज एक तिथि का संयोग नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक प्रतीक है। यह उस वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी आत्मनिर्भरता का उत्सव है जिसकी नींव 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षणों से पड़ी थी। ब्रह्मोस जैसी उन्नत मिसाइल प्रणाली का निर्माण और परीक्षण देश के रक्षा उत्पादन को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बना रहा है।</p>
<h3>5. यूपी डिफेंस कॉरिडोर: स्थानीय से राष्ट्रीय तक का विस्तार | Rajnath Singh</h3>
<p>उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की सफलता लखनऊ से झांसी, कानपुर, चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ तक फैलेगी। यह न केवल सैन्य उत्पादों के निर्माण का केंद्र बनेगा, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों के लिए भी सहायक सिद्ध होगा। यह योजना न केवल रक्षा क्षेत्र को मज़बूत करेगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक ढांचे को भी सशक्त बनाएगी।</p>
<p><a title="Indian Air Force: सीजफायर के बीच भारतीय वायुसेना ने कर दिया ये बड़ा ऐलान!" href="http://10.0.0.122:1245/indian-air-force-made-this-big-announcement-amidst-ceasefire/">Indian Air Force: सीजफायर के बीच भारतीय वायुसेना ने कर दिया ये बड़ा ऐलान!</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>लेख</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 15:37:14 +0530</pubDate>
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                <title>राजनाथ ने जर्मनी के रक्षा मंत्री के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। रक्षा मंंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ बातचीत में रक्षा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। दोनों रक्षा मंत्रियों ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान हवाई और समुद्री अभ्यास […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rajnath-reviews-defence-cooperation-with-german-defence-minister/article-63050"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/new-delhi-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> रक्षा मंंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ बातचीत में रक्षा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की सिंह ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। दोनों रक्षा मंत्रियों ने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान हवाई और समुद्री अभ्यास सहित विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने लिखा, ‘जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ टेलीफोन पर बात की। हमने हवाई और समुद्री अभ्यास सहित विभिन्न गतिविधियों में रक्षा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। हमने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में साझेदारी और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के उपायों तथा तरीकों पर चर्चा की। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="एग्जिट पोल को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने दिया बड़ा बयान" href="http://10.0.0.122:1245/bjp-state-president-baroli-gave-a-statement-regarding-the-exit-poll/">एग्जिट पोल को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने दिया बड़ा बयान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Oct 2024 16:39:35 +0530</pubDate>
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                <title>हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे नौसेना: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आर्थिक, व्यापार, परिवहन और समग्र राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूत नौसैनिक क्षमता की जरूरत पर बल देते हुए नौसेना के शीर्ष कमांडरों से मौजूदा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/navy-should-be-ready-to-deal-with-every-situation-rajnath/article-62395"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/new-delhi-14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आर्थिक, व्यापार, परिवहन और समग्र राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूत नौसैनिक क्षमता की जरूरत पर बल देते हुए नौसेना के शीर्ष कमांडरों से मौजूदा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। सिंह ने गुरूवार को यहां नौसेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन के दूसरे संस्करण में कमांडरों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए और कमांडरों को समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर आज के अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आर्थिक, व्यापार, परिवहन और समग्र राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत नौसैनिक क्षमता की आवश्यकता पर जोर दिया। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने हिंद महासागर में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भारतीय नौसेना की सराहना की और इस क्षेत्र को आर्थिक, भू-राजनीतिक, व्यापार और सुरक्षा पहलुओं की दृष्टि से संवेदनशील बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत एक समय समुद्र तटों से घिरा हुआ देश था, लेकिन अब इसे भूमि सीमाओं के साथ एक द्वीप देश के रूप में देखा जा सकता है। रक्षा मंत्री ने देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए क्षेत्र में प्रथम उत्तरदाता के रूप में विश्वसनीयता के लिए भारतीय नौसेना की तत्परता की सराहना की। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने कहा, ‘दुनिया के व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से होकर गुजरता है, जो इसे मूल्यवान बनाता है। वहीं, समुद्र में समुद्री डकैती, अपहरण, ड्रोन हमले, मिसाइल हमले और समुद्री केबल कनेक्शन में व्यवधान जैसी घटनाएं इसे बेहद संवेदनशील बनाती हैं। हमारी नौसेना ने इंडो-पैसिफिक के सभी हितधारक देशों के आर्थिक हितों की रक्षा करने और हिंद महासागर क्षेत्र में माल की सुचारू आवाजाही में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके समुद्री डकैती विरोधी अभियानों को न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी सराहना मिल रही है। भारत को अब इस पूरे क्षेत्र में एक पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में देखा जाता है। जब भी जरूरत होगी, हम क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करते हुए क्षमता विकास के लिए अत्याधुनिक जहाजों, पनडुब्बियों आदि को शामिल करके भारतीय नौसेना को और अधिक शक्तिशाली बनाने के सरकार के प्रयास को दोहराया। उन्होंने कहा कि अभी भारतीय शिपयार्डों में 64 जहाज और पनडुब्बियां निमार्णाधीन हैं, और 24 अतिरिक्त प्लेटफार्मों के लिए आॅर्डर दिए गए हैं। सिंह ने कहा कि, पिछले पांच वर्षों में, नौसेना के आधुनिकीकरण बजट का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा स्वदेशी खरीद पर खर्च किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप घरेलू रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का त्वरित विकास हुआ है। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">नौसेना के स्वदेशीकरण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की और कमांडरों को ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने के संकल्प को और मजबूत बनाने के तरीके तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नौसेना को ‘खरीदार’ से ‘निर्मार्ता’ में बदलने का दृष्टिकोण 2047 तक इसे पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। रक्षा मंत्री ने एकीकरण और संसाधनों के इष्टतम उपयोग के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हालांकि भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की अपनी ताकत, जनादेश और काम करने के तरीके हैं, लेकिन देश की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए और अधिक समन्वय की आवश्यकता है। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर श्री सिंह ने कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में आयोजित ‘टेक डेमो’ में भी भाग लिया। नौसेना के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन हथियार और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम इंजीनियरिंग प्रतिष्ठान सहित विभिन्न एजेंसियों ने स्वदेशी समाधानों का प्रदर्शन किया, जिसमें स्वायत्त प्रणाली, डोमेन जागरूकता, सॉफ्टवेयर परिभाषित रेडियो और अन्य विशिष्ट तकनीकी पहल शामिल हैं। इस अवसर पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और अन्य वरिष्ठ नागरिक तथा सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Traffic Challan: इस तरह के टू-व्हीलर्स को बहुत दूर से ही पहचान रहे पुलिसवाले, फिर कट रहा है 25000 रुपए तक का चालान…जानें" href="http://10.0.0.122:1245/policemen-are-recognizing-two-wheelers-from-a-distance-and-challans-are-being-issued/">Traffic Challan: इस तरह के टू-व्हीलर्स को बहुत दूर से ही पहचान रहे पुलिसवाले, फिर कट रहा है 25000 रुपए तक का चालान…जानें</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 16:27:13 +0530</pubDate>
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                <title>&amp;#8230;इसलिए सेना को कहा-युद्ध के लिए तैयार रहे: राजनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को यहां कहा कि देश और दुनिया में शांति कायम रखने के लिए ही उन्होंने सेना से युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। राजनाथ ने गत दिवस प्रथम संयुक्त कमांडर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा था कि सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/thats-why-i-told-the-army-to-be-ready-for-war-rajnath/article-61896"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/rajnath-singh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लखनऊ (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को यहां कहा कि देश और दुनिया में शांति कायम रखने के लिए ही उन्होंने सेना से युद्ध के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। राजनाथ ने गत दिवस प्रथम संयुक्त कमांडर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा था कि सशस्त्र बलों को युद्ध के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। Rajnath Singh</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया, ‘‘भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश दिया है। भारत ने हमेशा शांति की वकालत की है। लेकिन आज की भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए मैंने सेना से कहा कि भारत और दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए हमें हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। ऐसा कहने के पीछे मकसद यह है कि हमारी शांति न भंग होने पाए।’ Rajnath Singh</p>
<p><a title="J&amp;K Assembly Elections 2024: ‘जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 अब कभी नहीं लौट सकता’" href="http://10.0.0.122:1245/article-370-can-never-return-to-jammu-and-kashmir-now/">J&amp;K Assembly Elections 2024: ‘जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 अब कभी नहीं लौट सकता’</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Sep 2024 20:15:14 +0530</pubDate>
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                <title>Pakistan: भारत की &amp;#8216;पाकिस्तान में घुस कर मारेंगे&amp;#8217; टिप्पणी पर भड़का पाकिस्तान!</title>
                                    <description><![CDATA[कराची (सच कहूँ न्यूज)। शनिवार को पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पिछले दिनों की गई भड़काऊ टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। पाक ने कहा कि देश की सत्ता पर काबिज सरकार अति-राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ावा देने के लिए घृणित बयानबाजी का सहारा लेती है। सत्तारूढ़ सरकार अपने चुनावी फायदे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pakistan-angry-over-indias-will-enter-pakistan-and-kill-comment/article-56096"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/india-pak-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कराची (सच कहूँ न्यूज)।</strong> शनिवार को पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पिछले दिनों की गई भड़काऊ टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। पाक ने कहा कि देश की सत्ता पर काबिज सरकार अति-राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ावा देने के लिए घृणित बयानबाजी का सहारा लेती है। सत्तारूढ़ सरकार अपने चुनावी फायदे के लिए इस तरह की ब्यानबाजी करके सही नहीं कर रही है। Pakistan News</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में पाक विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार न केवल क्षेत्रीय शांति को कमजोर करता है, बल्कि दीर्घकालिक रचनात्मक जुड़ाव की संभावनाओं को भी बाधित करता है। इसमें दावा किया गया कि पाकिस्तान ने 25 जनवरी को अकाट्य सबूत मुहैया कराए, जिससे पाकिस्तान की धरती पर न्यायेतर और अंतरराष्ट्रीय हत्याओं के भारत के अभियान को स्पष्ट किया जा सके। Pakistan News</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया है कि भारत का यह दावा कि वह पाकिस्तान के अंदर मनमाने तरीके से आतंकवादियों के रूप में घोषित अधिक नागरिकों को अतिरिक्त-न्यायिक तरीके से मारने की तैयारी में है, यह भारत की स्पस्ट स्वीकृति है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान आक्रामकता के किसी भी कृत्य के खिलाफ अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के अपने इरादे और क्षमता में दृढ़ है, जैसा कि फरवरी 2019 में भारत की लापरवाह घुसपैठ पर उसकी मजबूत प्रतिक्रिया से पता चला है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">🔊: PR NO. 5️⃣9️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣</p>
<p>Pakistan Denounces the Provocative Remarks Made by the Indian Defence Minister</p>
<p>🔗⬇️<a href="https://t.co/7oo9v6ya9w">https://t.co/7oo9v6ya9w</a> <a href="https://t.co/aVsOZLdE8v">pic.twitter.com/aVsOZLdE8v</a></p>
<p>— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) <a href="https://twitter.com/ForeignOfficePk/status/1776493201924227336?ref_src=twsrc%5Etfw">April 6, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;">‘पाकिस्तान में घुस के मारेंगे’ | Pakistan News</h3>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसमें दावा किया गया था कि भारत की रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने विदेशी धरती पर रहने वाले आतंकवादियों को खत्म करने की रणनीति अपनाई है। मंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा था, ”अगर कोई भी आतंकवादी किसी भी पड़ोसी देश से भारत को परेशान करने की कोशिश करेगा या भारत में कोई आतंकी गतिविधियां चलाने की कोशिश करेगा, तो हम हमेशा उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे।” सिंह ने कहा कि अगर वह आतंकवादी है और भारत से निकलकर पाकिस्तान की ओर भागेगा, तो उन्हें पाकिस्तान में घुसकर मारेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><a title="Gold- Silver Price Today: आज डरा रही हैं सोना- चांदी की कीमतें! " href="http://10.0.0.122:1245/gold-and-silver-prices-are-scaring-today/">Gold- Silver Price Today: आज डरा रही हैं सोना- चांदी की कीमतें! </a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Apr 2024 16:19:09 +0530</pubDate>
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                <title>राजनाथ ने लेह में सैनिकों के साथ मनायी होली</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने रविवार को लेह में सैनिकों के साथ रंगों का त्योहार होली हर्षोल्लास के साथ मनाया। थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल आॅफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली भी इस मौके पर उनके साथ थे। रक्षा मंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rajnath-celebrated-holi-with-soldiers-in-leh/article-55614"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-03/delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने रविवार को लेह में सैनिकों के साथ रंगों का त्योहार होली हर्षोल्लास के साथ मनाया। थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे और फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल आॅफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली भी इस मौके पर उनके साथ थे। रक्षा मंत्री ने सैनिकों को संबोधित करते हुए दुर्गम इलाकों और प्रतिकूल मौसम में मातृभूमि की रक्षा करने के लिए उनकी वीरता, दृढ़ संकल्प और बलिदान की सराहना की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों की सकारात्मक प्रतिबद्धता शून्य से भी कम तापमान से भी ज्यादा मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि जैसे दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है, मुंबई वित्तीय राजधानी है और बेंगलुरु प्रौद्योगिकी राजधानी है उसी तरह लद्दाख भारत की वीरता और बहादुरी की राजधानी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह (Rajnath Singh) ने कहा, ‘पूरा देश सुरक्षित महसूस करता है क्योंकि हमारे बहादुर सैनिक सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। हम प्रगति कर रहे हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं क्योंकि हमारे सतर्क सैनिक सीमाओं पर तैयार खड़े हैं। प्रत्येक नागरिक को सशस्त्र बलों पर गर्व है क्योंकि वे अपने परिवारों से बहुत दूर रहते हैं ताकि हम होली और अन्य त्योहार अपने परिवारों के साथ शांतिपूर्वक मना सकें। राष्ट्र सदैव हमारे सैनिकों का ऋणी रहेगा और उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही सैनिकों के साथ होली मनाने का फैसला किया, क्योंकि उनका मानना ​​है कि त्योहारों को सबसे पहले देश के रक्षकों के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने तीनों सेनाओं के प्रमुखों से एक दिन पहले सैनिकों के साथ त्योहार मनाने की नई परंपरा शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘कारगिल की बफीर्ली चोटियों पर, राजस्थान के तपते मैदानों में और गहरे समुद्र में स्थित पनडुब्बियों में सैनिकों के साथ इस तरह का जश्न हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग बनना चाहिए। इस अवसर पर सिंह ने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में लेह के युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Joint Pain Relief: इसे खाने से जोड़ों का दर्द, घुटने का दर्द, खत्म हुआ ग्रीस हो जाएगा पूरा" href="http://10.0.0.122:1245/by-eating-this-joint-pain-knee-pain-and-grease-will-be-completely-cured/">Joint Pain Relief: इसे खाने से जोड़ों का दर्द, घुटने का दर्द, खत्म हुआ ग्रीस हो जाएगा पूरा</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Mar 2024 16:34:21 +0530</pubDate>
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