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                <title>India News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Fuel Supply Crisis: तेल को लेकर केंद्र सरकार का आया ये बड़ा बयान!</title>
                                    <description><![CDATA[तेल की कोई कमी नहीं, भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद Indian Oil News: नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत ने अपने रणनीतिक तेल भंडार और बहुस्तरीय आपूर्ति व्यवस्था के कारण संभावित संकटों से निपटने की मजबूत तैयारी कर रखी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि देश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-central-government-has-issued-a-major-statement-regarding-oil/article-82220"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/indian-oil-update.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">तेल की कोई कमी नहीं, भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद</h3>
<p style="text-align:justify;">Indian Oil News: नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत ने अपने रणनीतिक तेल भंडार और बहुस्तरीय आपूर्ति व्यवस्था के कारण संभावित संकटों से निपटने की मजबूत तैयारी कर रखी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और कच्चे तेल का सुरक्षित भंडारण मौजूद है, जिससे वैश्विक परिस्थितियों का प्रभाव सीमित रखने में मदद मिल रही है। Fuel Supply Crisis</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी के अनुसार भारत के पास इतनी विदेशी मुद्रा उपलब्ध है कि वह लंबे समय तक आवश्यक वस्तुओं के आयात को सुचारु रूप से जारी रख सकता है। साथ ही देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का इतना भंडार है, जिससे घरेलू बाजार की मांग कई सप्ताह तक आसानी से पूरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने की नीति अपनाई है। पहले जहां कच्चे तेल के लिए मध्य पूर्वी देशों पर अधिक निर्भरता थी, वहीं अब भारत विभिन्न देशों से आयात कर जोखिम को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।</p>
<h3>भारत की मुद्रास्फीति दर वैश्विक स्तर की तुलना में अपेक्षाकृत कम है</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार की ऊर्जा नीति में व्यावहारिक आर्थिक कूटनीति को महत्वपूर्ण माना गया है। इसके तहत रियायती दरों पर उपलब्ध कच्चे तेल की खरीद, आवश्यक वस्तु अधिनियम का उपयोग और ऊर्जा आपूर्ति के विभिन्न स्रोतों का विस्तार शामिल है। इससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ कीमतों को भी संतुलित रखने में सहायता मिल रही है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मुद्रास्फीति दर वैश्विक स्तर की तुलना में अपेक्षाकृत कम है, जिससे अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलती है। सरकार द्वारा ईंधन करों में लचीलापन और एलपीजी की नियंत्रित कीमतों जैसी नीतियों ने भी उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले दबाव को कम किया है। Fuel Supply Crisis</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने हाल के वर्षों में ऊर्जा आयात के स्रोतों को विस्तारित करते हुए रूस, अमेरिका और पश्चिम एशिया के कई देशों से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है। इससे आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुरक्षित और संतुलित बनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रणनीति से भारत किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम कर वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं का बेहतर ढंग से सामना कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण एशिया के अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत बताई जा रही है। कई पड़ोसी देशों को सीमित ऊर्जा भंडार के कारण कीमतों में तेज वृद्धि या ईंधन नियंत्रण जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है, जबकि भारत ने दीर्घकालिक नीति और भंडारण व्यवस्था के माध्यम से अपने ऊर्जा तंत्र को अधिक स्थिर बनाए रखा है। Fuel Supply Crisis</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 15:35:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत- इजरायल के बीच ये डील &amp;#8216;पक्की&amp;#8217;! पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने</title>
                                    <description><![CDATA[Israel Iron Dome: तेल अवीव। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता में उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से इज़रायल की बहुचर्चित Iron Dome प्रणाली को लेकर सहयोग पर सहमति बनने की अटकलें तेज हैं। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/this-india-israel-deal-is-confirmed-pakistan-will-be-in-a-tizzy/article-81725"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/ind-vs-isr.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Israel Iron Dome: तेल अवीव। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ता में उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से इज़रायल की बहुचर्चित Iron Dome प्रणाली को लेकर सहयोग पर सहमति बनने की अटकलें तेज हैं। India Israel News</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेता औपचारिक द्विपक्षीय बैठक से पूर्व यरूशलम स्थित Yad Vashem का दौरा करेंगे। इसके पश्चात रणनीतिक साझेदारी की व्यापक समीक्षा की जाएगी, जिसमें रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, व्यापार तथा जन-से-जन संपर्क को और सुदृढ़ बनाने पर विचार होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौता केवल प्रत्यक्ष खरीद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और स्वदेशी उत्पादन को भी समाहित कर सकता है। इसे भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रमुख कदम माना जा रहा है। इज़रायल की ओर से “मेक इन इंडिया” पहल के अंतर्गत आयरन डोम तकनीक के हस्तांतरण का प्रस्ताव दिया गया है। इससे कम दूरी के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन खतरों से निपटने के लिए देश में ही उत्पादन एवं एकीकरण संभव हो सकेगा। India Israel News</p>
<h3>भारत, इज़रायल की लेजर-आधारित Iron Beam प्रणाली में भी रुचि दिखा रहा है</h3>
<p style="text-align:justify;">आयरन डोम के अतिरिक्त भारत, इज़रायल की लेजर-आधारित Iron Beam प्रणाली में भी रुचि दिखा रहा है। इसे कम लागत में तीव्र प्रतिक्रिया देने वाली उन्नत तकनीक माना जाता है। यह प्रणाली दीर्घ दूरी की रक्षा व्यवस्थाओं—जैसे S-400 Triumf—का पूरक बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक एक व्यापक और अभेद्य राष्ट्रीय वायु सुरक्षा तंत्र विकसित करने का लक्ष्य इस सहयोग से गति पकड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के अभियानों में भारत ने स्वदेशी और अत्याधुनिक आयातित हथियार प्रणालियों के समन्वित उपयोग का प्रदर्शन किया था। BrahMos, Rafale, Sukhoi Su-30MKI और Dassault Mirage 2000 जैसे प्लेटफॉर्मों ने सटीक प्रहार क्षमता का परिचय दिया। India Israel News</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान वार्ता का उद्देश्य इन क्षमताओं को और व्यापक सुरक्षा ढांचे में समाहित करना है, जिससे शहरी क्षेत्रों और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक के उपरांत संभावित समझौतों पर हस्ताक्षर और संयुक्त वक्तव्य जारी किए जाने की संभावना है, जो भारत–इज़रायल रक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 13:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PM Narendra Modi Israel Visit: इज़रायल पीएम नेतन्याहू ने इज़रायल पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी को चौंकाया!</title>
                                    <description><![CDATA[PM Narendra Modi Israel Visit: नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इज़रायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/israeli-pm-netanyahu-surprises-prime-minister-modi-with-his-arrival-in-israel/article-81713"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/modi-isreal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">PM Narendra Modi Israel Visit: नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इज़रायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया। Israel News</p>
<h3>प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मोदी को पारंपरिक भारतीय वेश में उपस्थित होकर आश्चर्यचकित किया</h3>
<p style="text-align:justify;">दौरे के दौरान आयोजित रात्रि-भोज में एक विशेष क्षण तब आया, जब प्रधानमंत्री नेतन्याहू भारतीय परिधान में उपस्थित हुए। उन्होंने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर साझा संदेश में लिखा कि उन्होंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक भारतीय वेश में उपस्थित होकर आश्चर्यचकित किया। इस आत्मीयता ने दोनों देशों के नेतृत्व के बीच गहरे संबंधों को रेखांकित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हवाई अड्डे पर स्वागत के समय एक रोचक प्रसंग भी देखने को मिला। सारा नेतन्याहू और प्रधानमंत्री मोदी के परिधानों के रंग की समानता पर टिप्पणी करते हुए नेतन्याहू ने मुस्कराकर कहा कि दोनों के वस्त्रों का ‘केसरिया’ रंग मेल खा रहा है। इस सहज संवाद ने वातावरण को और भी आत्मीय बना दिया। Israel News</p>
<h3>संसद अध्यक्ष ने हिंदी में उनका स्वागत कर विशेष सम्मान प्रकट किया</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़रायल की संसद को संबोधित कर ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। संसद परिसर में उनका जोरदार स्वागत किया गया और उपस्थित सांसदों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया। संसद अध्यक्ष ने हिंदी में उनका स्वागत कर विशेष सम्मान प्रकट किया।</p>
<p style="text-align:justify;">संसद में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘प्रिय मित्र’ और ‘भाई समान’ बताते हुए दोनों देशों की साझेदारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत और इज़रायल ने पिछले वर्षों में व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्मरण किया कि पिछली भेंट के दौरान दोनों नेताओं ने भूमध्य सागर तट पर अनौपचारिक वार्ता की थी। उन्होंने उल्लेख किया कि तब से दोनों देशों के व्यापारिक संबंध दोगुने, सहयोग के क्षेत्र तिगुने और आपसी समझ चौगुनी हुई है। यह यात्रा भारत–इज़रायल संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। Israel News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Humanity-First AI City: भारत1.एआई का बड़ा ऐलान, बेंगलुरु में स्थापित होगी देश की पहली ‘ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी’</title>
                                    <description><![CDATA[Humanity-India’s First AI City: बेंगलुरु। प्रौद्योगिकी नगरी बेंगलुरु में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक महत्त्वाकांक्षी पहल की घोषणा की गई है। शहर की एआई अवसंरचना कंपनी भारत1.एआई ने देश की पहली ‘ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी’ विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। इस पहल का उद्देश्य मॉडल प्रशिक्षण, फाइन-ट्यूनिंग और इंफेरेंस के लिए व्यापक एवं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bengaluru-will-be-home-to-the-countrys-first-humanity-first-ai-city/article-81389"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/humanity-first-ai-city.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Humanity-India’s First AI City: बेंगलुरु। प्रौद्योगिकी नगरी बेंगलुरु में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक महत्त्वाकांक्षी पहल की घोषणा की गई है। शहर की एआई अवसंरचना कंपनी भारत1.एआई ने देश की पहली ‘ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी’ विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। इस पहल का उद्देश्य मॉडल प्रशिक्षण, फाइन-ट्यूनिंग और इंफेरेंस के लिए व्यापक एवं उन्नत मंच उपलब्ध कराना है। कंपनी का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक इस परिसर में 10,000 से अधिक एआई शोधकर्ता और नवप्रवर्तक सक्रिय रूप से कार्य करें। Humanity-First AI City</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के अनुसार यह परियोजना केवल तकनीकी ढांचा खड़ा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर स्तर पर अनुसंधान, परीक्षण और नवाचार को बढ़ावा देने वाला समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करेगी। इसका ध्येय वास्तविक परिस्थितियों में उन्नत एजेंटिक तथा भौतिक एआई प्रणालियों का विकास और परीक्षण करना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘बी1 एआई सुपरपार्क’ का निर्माण | Humanity-First AI City</h3>
<p style="text-align:justify;">परियोजना के अंतर्गत सरजापुर क्षेत्र में लगभग पाँच लाख वर्गफुट में फैला ‘बी1 एआई सुपरपार्क’ स्थापित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार परिसर होगा, जहाँ देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थान प्रारंभिक सहयोगी के रूप में जुड़ेंगे। इनमें आईआईटी कानपुर की एयरावत रिसर्च फाउंडेशन, आईआईएससी का सेफ्टी, प्राइवेसी एंड एआई रिसर्च सेंटर, वधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स, बिट्स पिलानी, आईस्पिरिट फाउंडेशन तथा आईआईटी रोपड़ सम्मिलित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रारंभिक चरण में नियंत्रित और वास्तविक दोनों प्रकार की परिस्थितियों में मूलभूत एआई ढांचे का विकास एवं परीक्षण किया जाएगा। उच्च गुणवत्ता वाले मल्टीमॉडल डेटा के आधार पर शहर-स्तरीय ओपन-वर्ल्ड मॉडल तैयार किए जाएंगे। बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन से पूर्व एजेंटिक और भौतिक एआई प्रणालियों के लिए सुदृढ़ प्रमाणीकरण तंत्र विकसित किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। इस परिसर में 400 जीबीपीएस तक की उच्च गति कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जो प्रमुख एआई क्लाउड मंचों से अत्यंत कम विलंबता के साथ जुड़ी रहेगी। इससे व्यापक अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और परीक्षण कार्यों में निर्बाध गति बनी रहेगी। Humanity-First AI City</p>
<h3 style="text-align:justify;">36 महीनों में एआई टेस्टबेड का विस्तार</h3>
<p style="text-align:justify;">कंपनी की योजना है कि अगले 36 महीनों में यह सुपरपार्क एक विस्तृत ‘एआई सिटी टेस्टबेड’ का रूप ले लेगा। इसके माध्यम से भारतीय और वैश्विक संस्थाएँ शहरी स्तर पर एआई प्रणालियों का परीक्षण और तैनाती कर सकेंगी। यह पहल भारत को सुरक्षित और उत्तरदायी एआई विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Humanity-First AI City</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमाकांत सोनी ने कहा कि जटिल वास्तविक परिस्थितियों में समुचित परीक्षण के बिना एआई प्रणालियों को व्यापक स्तर पर लागू करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। उनका उद्देश्य ऐसे एआई समाधान विकसित करना है जो सुरक्षित, विश्वसनीय और मानवीय मूल्यों के अनुरूप हों।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, वैश्विक दक्षिण के प्रमुख आयोजनों में शामिल इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। 20 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में विश्वभर से सरकारी प्रतिनिधि, राष्ट्राध्यक्ष, मंत्रीगण और एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं, जिससे भारत की एआई क्षेत्र में बढ़ती भूमिका स्पष्ट होती है। Humanity-First AI City</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bengaluru-will-be-home-to-the-countrys-first-humanity-first-ai-city/article-81389</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 14:51:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पुनीत अग्रवाल बने थाईलैंड में भारत के नए राजदूत, सशक्त होंगे भारत-थाई संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[Puneet Agarwal India’s New Ambassador in Thailand: नई दिल्ली। भारत सरकार ने वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा अधिकारी Puneet Agrawal को थाईलैंड में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। इस संबंध में सूचना Ministry of External Affairs द्वारा जारी की गई। वर्ष 1997 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में मंत्रालय में अतिरिक्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/puneet-agrawal-appointed-india-ambassador-thailand/article-81245"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/thailand-a-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Puneet Agarwal India’s New Ambassador in Thailand: नई दिल्ली। भारत सरकार ने वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा अधिकारी Puneet Agrawal को थाईलैंड में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। इस संबंध में सूचना Ministry of External Affairs द्वारा जारी की गई। वर्ष 1997 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी अग्रवाल वर्तमान में मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और शीघ्र ही अपने नए दायित्व का कार्यभार ग्रहण करेंगे। India Thailand News</p>
<h3 style="text-align:justify;">समृद्ध कूटनीतिक अनुभव</h3>
<p style="text-align:justify;">पुनीत अग्रवाल का कूटनीतिक जीवन विविध अंतरराष्ट्रीय दायित्वों से परिपूर्ण रहा है। वे जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में राजदूत एवं उप-स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे हांगकांग में भारत के महावाणिज्य दूत भी रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने वियना में काउंसलर, थिम्पू में प्रथम सचिव तथा बर्लिन में द्वितीय सचिव जैसे दायित्व निभाए हैं। जुलाई 2022 से दिसंबर 2025 तक उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के सामरिक हितों के समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। इससे पूर्व, फरवरी 2019 से जुलाई 2022 तक जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र से जुड़े बहुपक्षीय विषयों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अग्रवाल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से विद्युत अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है, जिससे उनकी तकनीकी समझ भी कूटनीतिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है। उनका कार्यक्षेत्र संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन और वैश्विक आर्थिक विषयों जैसे बहुपक्षीय मंचों तक विस्तृत रहा है। साथ ही, दक्षिण एशिया एवं हिंद महासागर क्षेत्र, विशेषकर श्रीलंका और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों से जुड़े रणनीतिक मामलों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत-थाईलैंड संबंधों की नई दिशा | India Thailand News</h3>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में भारत और थाईलैंड के बीच संबंधों को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की बैंकॉक यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग को रणनीतिक साझेदारी का स्वरूप दिया। यह साझेदारी भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति और थाईलैंड की “एक्ट वेस्ट” नीति के सामंजस्य पर आधारित है, जिसमें व्यापार, संस्कृति और संपर्क को प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्तीय वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 19 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। भारत मुख्यतः मशीनरी, रत्न-आभूषण और औषधीय उत्पादों का निर्यात करता है, जबकि थाईलैंड से वनस्पति तेल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और प्लास्टिक कच्चा माल आयात किया जाता है। विशेषज्ञों का मत है कि पुनीत अग्रवाल की नियुक्ति से दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामरिक सहयोग को और सुदृढ़ता मिलेगी। India Thailand News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:56:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होने से रुपया हुआ मजबूत, बढ़ेगा विदेशी निवेश : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[India-US Trade Deal Impact: नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुआ नवीन व्यापार समझौता देश की बाह्य आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक प्रमुख ब्रोकिंग संस्था की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता भारत के चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने, रुपये की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-us-trade-deal-strengthens-rupee-will-boost-foreign-investment-report/article-80926"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/trade-deal-today.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India-US Trade Deal Impact: नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुआ नवीन व्यापार समझौता देश की बाह्य आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक प्रमुख ब्रोकिंग संस्था की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता भारत के चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने, रुपये की स्थिरता बनाए रखने तथा वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से उत्पन्न जोखिमों को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले प्रतिदानात्मक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) को पूर्व निर्धारित 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। India-US Trade Deal</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यह समझौता मध्यम अवधि में भारत की आर्थिक वृद्धि और बाह्य स्थिरता को प्रोत्साहित करेगा। शुल्क में स्पष्टता और स्थिरता से निर्यात को गति मिलेगी, विनिर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बल मिलेगा। विशेष रूप से वस्त्र उद्योग, रसायन क्षेत्र, औषधि निर्माण, वाहन पुर्जे, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ और कुछ औद्योगिक क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। India-US Trade Deal</p>
<h3>बढ़ते निर्यात आदेशों, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग</h3>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषण के अनुसार, बढ़ते निर्यात आदेशों, उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग और आय में स्थिरता से संबंधित स्पष्टता के कारण इन क्षेत्रों की कंपनियों में दीर्घकालिक विकास की संभावना प्रबल होगी। भारत-अमेरिका व्यापार संबंध अब सहयोगात्मक चरण में प्रवेश कर रहे हैं। पूर्व में ये संबंध शुल्क विवादों और नियामकीय चुनौतियों से प्रभावित रहे थे, किंतु वर्तमान में दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने, चीन पर निर्भरता कम करने और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की दिशा में अग्रसर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह समझौता भारत की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, निर्यात संवर्धन रणनीति और वैश्विक आर्थिक मंच पर सशक्त भूमिका निभाने की नीति के अनुरूप है। अमेरिका के लिए भी भारत एक विश्वसनीय एवं व्यापक बाजार के रूप में उभर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूंजी बाजार के दृष्टिकोण से यह समझौता निर्यातोन्मुख तथा पूंजीगत व्यय से जुड़े क्षेत्रों में निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का मत है कि इसके प्रभाव को तात्कालिक लाभ के बजाय मध्यम अवधि के संरचनात्मक परिवर्तन के रूप में देखा जाना चाहिए। यदि इसका क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया गया, तो यह भारत की निर्यात क्षमता और विनिर्माण आधार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है। India-US Trade Deal</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 10:38:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>India New Zealand FTA: महिलाओं के नेतृत्व में न्यूजीलैंड के साथ भारत का पहला ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[India New Zealand FTA: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि यह भारत का पहला ऐसा एफटीए है, जिसका नेतृत्व पूरी तरह महिलाओं ने किया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के साथ इस समझौते के लिए गठित वार्ता दल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indias-first-historic-free-trade-agreement-with-new-zealand-led-by-women/article-79544"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India New Zealand FTA: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि यह भारत का पहला ऐसा एफटीए है, जिसका नेतृत्व पूरी तरह महिलाओं ने किया। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के साथ इस समझौते के लिए गठित वार्ता दल की सभी प्रमुख सदस्य महिलाएं थीं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। India-New Zealand News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लिखे गए एक लेख को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए की। लेख में बताया गया है कि भारत के वर्तमान मुक्त व्यापार समझौते केवल सीमा शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार के व्यापक लक्ष्य से जुड़े हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा कि भारत–न्यूजीलैंड एफटीए न केवल व्यापारिक दृष्टि से, बल्कि नेतृत्व की दृष्टि से भी विशेष है। यह समझौता दर्शाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की व्यापार कूटनीति में महिलाओं की भूमिका कितनी सशक्त और निर्णायक होती जा रही है। India-New Zealand News</p>
<p style="text-align:justify;">यह एफटीए भारत की व्यापार नीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। इसके माध्यम से भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, सेवाओं, परिवहन और निवेश के क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे और कृषि सहित उभरते क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती मिलेगी। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर लगने वाला शत-प्रतिशत सीमा शुल्क समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही आगामी 15 वर्षों में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है। समझौते के लागू होते ही न्यूजीलैंड की सभी टैरिफ लाइनों पर भारतीय वस्तुओं को शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस एफटीए से किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), विद्यार्थियों और कुशल पेशेवरों को व्यापक लाभ पहुंचेगा। साथ ही, यह समझौता भारत को एक विश्वसनीय और दूरदर्शी वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा तथा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा। India-New Zealand News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indias-first-historic-free-trade-agreement-with-new-zealand-led-by-women/article-79544</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 17:04:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व राजनयिक महेश कुमार सचदेव ने किया बांग्लादेश को लेकर बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और वहां बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भारत में भी चिंता और असंतोष की भावना देखी जा रही है। चुनाव की घोषणा के बाद से पड़ोसी देश में हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से एक अल्पसंख्यक हिंदू युवक की नृशंस हत्या और उसके बाद शव को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/former-diplomat-mahesh-kumar-sachdev-makes-a-major-revelation-about-bangladesh/article-79499"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/former-diploment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और वहां बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भारत में भी चिंता और असंतोष की भावना देखी जा रही है। चुनाव की घोषणा के बाद से पड़ोसी देश में हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से एक अल्पसंख्यक हिंदू युवक की नृशंस हत्या और उसके बाद शव को जलाए जाने की घटना ने व्यापक आक्रोश को जन्म दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी निंदा हो रही है। India News</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं परिस्थितियों के बीच पूर्व राजनयिक महेश कुमार सचदेव ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को प्रस्तावित चुनावों से पहले कुछ समय के लिए दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन दीर्घकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंध स्थिर बने रहेंगे। उनके अनुसार, अच्छे पड़ोसी होने का सिद्धांत और मजबूत आर्थिक सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को आधार प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">महेश कुमार सचदेव ने कहा कि भारत और बांग्लादेश का संबंध ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है। दोनों ही दक्षिण एशिया का हिस्सा हैं और जनता के स्तर पर आपसी संपर्क और सहयोग गहरा रहा है। वर्तमान में जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, वे मुख्यतः राजनीतिक कारणों से उत्पन्न हुई हैं और इन्हें अस्थायी मानकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समय के साथ स्थिति में सुधार होगा। India News</p>
<p style="text-align:justify;">तनाव के संभावित प्रभावों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पकाल में परिस्थितियां असहज अवश्य हैं, लेकिन दीर्घकाल में किसी बड़े संकट की संभावना नहीं दिखती। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का लंबे समय तक भारत के प्रति सकारात्मक रुख रहा है। वर्तमान राजनीतिक बदलाव और चुनावी माहौल के कारण कुछ वर्गों द्वारा भारत विरोधी भावनाओं को हवा दी जा रही है, जो निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना है। इससे बांग्लादेश के आंतरिक सामाजिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे को भी क्षति पहुंच रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व राजनयिक के अनुसार, कुछ राजनीतिक समूह भारत को विरोध का प्रतीक बनाकर अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं। जनअसंतोष की दिशा बदलने के लिए बड़े पड़ोसी देश पर आरोप मढ़ना एक आसान लेकिन अल्पकालिक उपाय है। वास्तविकता यह है कि बांग्लादेश कई क्षेत्रों में भारत पर निर्भर है और दोनों देशों का सहयोग एक-दूसरे के लिए आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर चिंता व्यक्त करते हुए महेश कुमार सचदेव ने कहा कि बांग्लादेश में उभरती कट्टरपंथी गतिविधियां भारत के लिए चुनौती बन सकती हैं। यह समस्या नई नहीं है, क्योंकि भारत को पिछले कई दशकों में सीमापार आतंकवाद का सामना करना पड़ा है। यदि परिस्थितियां बिगड़ती हैं और बांग्लादेश चरमपंथी तत्वों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता है, तो इसका असर भारत की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत को सतर्कता और दूरदर्शिता के साथ स्थिति पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है। India News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/former-diplomat-mahesh-kumar-sachdev-makes-a-major-revelation-about-bangladesh/article-79499</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 16:26:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bangladesh: बांग्लादेश में भारतीय वीजा सेंटर बंद, भारत चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[Bangladesh Indian Visa Centers Closed: ढाका। सुरक्षा कारणों के चलते दो भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्रों (आईवीएसी) को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बांग्लादेश में भारतीय वीज़ा सेवाएं प्रभावित रहीं। भारत–बांग्लादेश संबंधों में बढ़े तनाव और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनज़र राजशाही और खुलना स्थित आईवीएसी केंद्रों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/indian-visa-centers-in-bangladesh-closed-india-expresses-concern/article-79346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/india-visa-in-bangladesh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Bangladesh Indian Visa Centers Closed: ढाका। सुरक्षा कारणों के चलते दो भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्रों (आईवीएसी) को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद गुरुवार को लगातार दूसरे दिन बांग्लादेश में भारतीय वीज़ा सेवाएं प्रभावित रहीं। भारत–बांग्लादेश संबंधों में बढ़े तनाव और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के मद्देनज़र राजशाही और खुलना स्थित आईवीएसी केंद्रों (Rajshahi, Khulna IVAC Closed) को 18 दिसंबर से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">बांग्लादेश में वीज़ा आवेदन स्वीकार करने वाली एकमात्र अधिकृत एजेंसी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (बांग्लादेश) ने एक सूचना जारी कर कहा कि वर्तमान सुरक्षा हालात को देखते हुए राजशाही और खुलना के आईवीएसी केंद्र अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन आवेदकों ने इन तिथियों के लिए अपॉइंटमेंट लिया है, उन्हें आगे की तारीखों में नया स्लॉट प्रदान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब भारत ने ढाका में भारतीय प्रतिष्ठानों को मिल रही धमकियों और कुछ बांग्लादेशी नेताओं के भारत-विरोधी बयानों को लेकर नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज़ हमीदुल्लाह को तलब किया। इससे पहले ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित आईवीएसी को भी 17 दिसंबर को दोपहर बाद बंद करने की घोषणा की गई थी। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश में कुल 16 भारतीय वीज़ा आवेदन केंद्र संचालित होते हैं, जिनके माध्यम से हर वर्ष लगभग 22 लाख वीज़ा आवेदनों का निपटारा किया जाता है। हालिया घटनाक्रम के बाद इन केंद्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत बांग्लादेश में शांति और स्थिरता का समर्थक है तथा उसने अंतरिम सरकार से अपने कूटनीतिक दायित्वों के तहत सभी विदेशी मिशनों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई है। मंत्रालय ने बांग्लादेश में कुछ घटनाओं को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक और निराधार दावों को भी सिरे से खारिज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच, ढाका में भारत विरोधी नारों के साथ प्रदर्शन भी देखने को मिले। ‘जुलाई ओइक्या’ नामक बैनर के तहत प्रदर्शनकारियों का एक समूह भारतीय उच्चायोग की ओर बढ़ा, हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों की मांगों में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण जैसी बातें भी शामिल थीं। पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच राजनयिक और सुरक्षा स्तर पर हलचल बढ़ा दी है, जिसके चलते भारतीय वीज़ा सेवाओं पर फिलहाल अस्थायी विराम लगा हुआ है। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 15:15:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Bangladesh: भारत ने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को किया तलब, जानें क्या है मामला?</title>
                                    <description><![CDATA[India Summons Bangladesh’s High Commissioner: नई दिल्ली। भारत सरकार ने बुधवार को बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा (Indian High Commission Security) से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि भारतीय राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेज़बान देश की जिम्मेदारी है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/india-summons-bangladeshs-high-commissioner-what-is-the-matter/article-79296"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/bangladesh-flag.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India Summons Bangladesh’s High Commissioner: नई दिल्ली। भारत सरकार ने बुधवार को बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा (Indian High Commission Security) से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया कि भारतीय राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेज़बान देश की जिम्मेदारी है और इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। Bangladesh News</p>
<p style="text-align:justify;">इसी क्रम में एक अन्य संबंधित मामले में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनात अब्दुल्ला द्वारा दिए गए उकसावेपूर्ण और भारत-विरोधी वक्तव्यों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। मंत्रालय ने इन बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के संबंधों के लिए नुकसानदेह हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हसनात अब्दुल्ला ने सोमवार को ढाका स्थित सेंट्रल शहीद मीनार पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए दावा किया था कि बांग्लादेश भारत विरोधी शक्तियों, जिनमें अलगाववादी तत्व भी शामिल हैं, को शरण दे सकता है। उन्होंने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा—को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय की इस पहल से यह संकेत मिलता है कि भारत अपने राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और क्षेत्र में फैलाए जा रहे भड़काऊ राजनीतिक वक्तव्यों को लेकर सतर्क है। नई दिल्ली का मानना है कि इस प्रकार के बयान द्विपक्षीय विश्वास को कमजोर करते हैं और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। Bangladesh News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:56:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Job Growth in India: ट्रंप के एच-1बी वीज़ा पर सख्ती के चलते वॉल स्ट्रीट ने बढ़ाईं भारत में भर्तियाँ : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आव्रजन नियमों को कठोर किए जाने तथा एच-1बी वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी के बाद, वॉल स्ट्रीट की कंपनियाँ अब पहले से अधिक अपने भारत स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पर निर्भर होती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नीतिगत बदलावों के चलते अमेरिकी वित्तीय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/wall-street-increased-hiring-in-india-due-to-trumps-tightening-of-h-1b-visas-report/article-78047"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/jobs-in-haryana.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आव्रजन नियमों को कठोर किए जाने तथा एच-1बी वीज़ा शुल्क में भारी बढ़ोतरी के बाद, वॉल स्ट्रीट की कंपनियाँ अब पहले से अधिक अपने भारत स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पर निर्भर होती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नीतिगत बदलावों के चलते अमेरिकी वित्तीय संस्थान भारत में अपने बैक-ऑफिस और तकनीकी इकाइयों का विस्तार तेज़ी से करेंगे, क्योंकि यहाँ उच्च कौशल वाले पेशेवरों की बड़ी उपलब्धता और अपेक्षाकृत कम लागत एक बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है। Job Growth in India</p>
<p style="text-align:justify;">कई बड़ी कंपनियाँ पहले ही अपने भारत स्थित केंद्रों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने में जुट गई हैं। जेपी मॉर्गन चेज़ बेंगलुरु में अनुबंधों की निगरानी के लिए क्रेडिट सपोर्ट विशेषज्ञों की तलाश कर रहा है, जबकि गोल्डमैन सैक्स ऋण मूल्यांकन के लिए नए सहयोगियों की भर्ती कर रहा है। इसी प्रकार, केकेआर एंड कंपनी अपनी पोर्टफोलियो इकाइयों का विश्लेषण करने के लिए टीम बढ़ा रहा है तथा मिलेनियम मैनेजमेंट एलएलसी अपनी डेरिवेटिव ट्रेडिंग इकाई के लिए जोखिम विश्लेषकों की नियुक्ति कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से विश्व के प्रमुख तकनीकी प्रतिभा केंद्रों में शामिल रहा है। ग्लोबल टेक मार्केट्स: टॉप टैलेंट लोकेशन्स 2025 रिपोर्ट के मुताबिक भारत, चीन और जापान उन चुनिंदा देशों में हैं जिनके कई शहर वैश्विक शीर्ष 10 में स्थान रखते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कंपनियों की रणनीति में बदलाव | Job Growth in India</h3>
<p style="text-align:justify;">ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में स्थित दो अमेरिकी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी अपने मुख्यालयों के साथ मिलकर जीसीसी का और विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। कुछ संस्थान अमेरिका में दिए गए जॉब ऑफ़र रद्द कर भारत में वैकल्पिक पद सृजित करने पर भी विचार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीज़ा आवेदन पर लगाए गए नए 100,000 डॉलर के शुल्क ने वैश्विक कंपनियों को झकझोर दिया है। जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डाइमॉन ने स्वयं कहा कि इस निर्णय ने “कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया”।</p>
<p style="text-align:justify;">उच्च शुल्क के कारण कई कंपनियाँ यह सोचने पर मजबूर हैं कि वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों की नौकरियाँ अमेरिका में रखना लाभकारी होगा या भारत में जीसीसी के माध्यम से संचालित करना अधिक उचित रहेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत की ओर रुझान तेज़ क्यों? | Job Growth in India</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान महज़ वीज़ा नियमों के कारण नहीं है, बल्कि भारत अब केवल “कम लागत वाले श्रम केंद्र” की छवि से आगे बढ़ चुका है। यहाँ गहरी तकनीकी विशेषज्ञता, उच्च-स्तरीय कार्य-कुशलता और बड़े पैमाने पर उपलब्ध प्रतिभाएँ मल्टीनेशनल कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">1990 के दशक में बैक-ऑफिस के रूप में शुरू हुए ये केंद्र आज वैश्विक वित्तीय परिचालन के रणनीतिक हिस्से बन चुके हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और गुरुग्राम में स्थित विशाल परिसरों में अब जोखिम विश्लेषण, क्वांट मॉडलिंग, निवेश विश्लेषण, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और उच्च-स्तरीय तकनीकी परियोजनाओं पर कार्य किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज स्थिति यह है कि अमेरिका के शीर्ष छह बैंक भारत स्थित जीसीसी में लगभग 1.5 लाख कर्मचारियों को रोजगार दे रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली की भारत में टीमों का आकार अब अमेरिका के बाहर किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे बड़ा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भारत में नौकरी करना क्यों फायदेमंद? | Job Growth in India</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी केंद्रों की तुलना में भारतीय कर्मचारियों को कम वेतन देना कंपनियों के लिए लागत बचत का बड़ा जरिया है। भारत में जीसीसी में नई शुरुआत करने वाले इंजीनियरिंग स्नातक सालाना 3 से 8 लाख रुपए तक कमा सकते हैं, जबकि अमेरिका में इन्हीं पदों पर वेतन 60,000 से 120,000 डॉलर तक होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही भारत में प्रतिभाओं का विशाल पूल लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में गोल्डमैन सैक्स ने बेंगलुरु में 38 कर्मचारियों को मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया, जो न्यूयॉर्क और लंदन के बाद सबसे बड़ी संख्या है। बरकलेज इंडिया के सीईओ प्रमोद कुमार के अनुसार, “भारत बैंकिंग क्षेत्र के लिए जीसीसी विस्तार का प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है और आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति और भी तेज़ होगी।” Job Growth in India</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/wall-street-increased-hiring-in-india-due-to-trumps-tightening-of-h-1b-visas-report/article-78047</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 15:31:23 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>India News: जिस खबर का था इंतजार भारत को वो खुशखबरी मिल गई!, आने वाला समय &amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[India News:कोलकाता (एजेंसी)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्योगों के विकास के लिए लोकतंत्र को जरूरी बताते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से आकर्षित होकर निवेशक यहां आ रह हैं। बिरला ने यहां भारत चैंबर आॅफ कॉमर्स के 125वें वर्षगांठ समारोह में न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन को बढ़ावा देकर, नौकरशाही से संबंधित बाधाओं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/india-has-received-the-good-news-it-was-waiting-for-the-time-to-come/article-77732"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/india-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>India News:कोलकाता (एजेंसी)।</strong> लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्योगों के विकास के लिए लोकतंत्र को जरूरी बताते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से आकर्षित होकर निवेशक यहां आ रह हैं। बिरला ने यहां भारत चैंबर आॅफ कॉमर्स के 125वें वर्षगांठ समारोह में न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन को बढ़ावा देकर, नौकरशाही से संबंधित बाधाओं को कम करके और औद्योगिक विस्तार को सक्षम बनाकर व्यापार-अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने निजी क्षेत्र को अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश बढ़ाने और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढलने के लिए प्रोत्साहित किया। समारोह का विषय था – “भारत@100: एक नये सवेरे का युग”। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी नेतृत्व, स्थिरता और समावेशिता के साथ भारत दुनिया के लिए एक आदर्श लोकतंत्र है। देश में लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है, बल्कि एक जीवनशैली है। मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं नीतिगत निरंतरता सुनिश्चित करती हैं और निवेशकों का विश्वास बढ़ाती हैं — ये दोनों ही दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बनाये रखने के लिए आवश्यक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत चैंबर आॅफ कॉमर्स को देश भर के व्यावसायिक चैंबरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने उसकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में भारत का उल्लेखनीय परिवर्तन, खासकर एक तेजी से जटिल होते वैश्विक परिवेश में, इसके व्यावसायिक समुदाय की दूरदर्शिता, लचीलेपन और उद्यमशीलता की भावना का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जहां लोकतंत्र फलता-फूलता है, वहां मजबूत और स्थिर शासन भी पनपता है। इससे ठोस नीतिगत निर्णय और प्रभावी कार्यान्वयन संभव होता है। श्री बिरला ने नवाचार और अनुसंधान के एक वैश्विक केंद्र के रूप में देश के उभरने पर कहा कि प्रौद्योगिकी और अनुसंधान एवं विकास में मजबूत सार्वजनिक-निजी सहयोग देश को अत्याधुनिक उद्योगों में नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास में संस्था के ऐतिहासिक योगदान की सराहना करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने मारवाड़ी चैंबर आॅफ कॉमर्स के रूप में इसकी शुरूआत को याद किया। समावेशी विकास में महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर बिरला ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनकी बढ़ती भागीदारी एक गहन सामाजिक परिवर्तन को दशार्ती है। उन्होंने कहा कि विविध क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे एक विकसित तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी। उन्होंने नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने तथा ऊर्जा और दूरदर्शिता के साथ राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में युवाओं और उद्यमियों के योगदान को भी रेखांकित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बिरला ने एक लचीली और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत के बीच घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ और हरित ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह देश पर्यावरणीय और जलवायु चुनौतियों से निपटने में दुनिया का नेतृत्व करेगा। देश की प्रगति में पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक और निरंतर योगदान को स्वीकार करते हुए बिरला ने कहा कि यह राज्य लंबे समय से बौद्धिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक उत्कृष्टता का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल ने प्रख्यात विचारकों, कवियों, सुधारकों और औद्योगिक अग्रदूतों को जन्म दिया है और यह स्वतंत्रता आंदोलन के केंद्र में रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमशीलता की स्थायी भावना राष्ट्र को प्रेरित करती रहती है।</p>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 15:37:16 +0530</pubDate>
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