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                <title>Vaisakhi Festival - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Vaisakhi Festival: ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल में बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। Mirapur News: ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल में बैसाखी पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/baisakhi-festival-was-celebrated-in-gyansthali-public-school/article-69605"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/mirapur-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">छात्रों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। </strong>Mirapur News: ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल में बैसाखी पर्व बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। Mirapur News</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात छात्रा विदिशा और छात्र मुदित ने डॉ. अंबेडकर के जीवन व योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की प्रस्तावना प्रस्तुत की थी, जिसे 26 जनवरी 1950 से देश में लागू किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद बैसाखी पर्व के उपलक्ष्य में छात्रों ने पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से समां बांध दिया। छात्र कार्तिक और अवि वर्मा ने बैसाखी पर्व के महत्व को साझा करते हुए बताया कि यह पर्व 13 या 14 अप्रैल को रबी की फसल की कटाई और गुरु गोविंद सिंह द्वारा खालसा पंथ की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक कुमार धीमान ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें संविधान का पालन करने और डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी। Mirapur News</p>
<p style="text-align:justify;">मंच संचालन ऋषिका ने किया तथा कार्यक्रम की सफलता में लीना शर्मा, नीतिका गुप्ता, पूजा चौधरी, स्मिता गोयल और अमनप्रीत कौर सहित अन्य शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जिम्मेदारी के साथ सुरक्षा भी जरूरी…" href="http://10.0.0.122:1245/safety-is-as-important-as-responsibility/">जिम्मेदारी के साथ सुरक्षा भी जरूरी…</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 16:42:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Kalpana Chawla Vidyapeeth: कल्पना चावला में मनाया बैसाखी पर्व व भीमराव अंबेडकर जयंती</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Kalpana Chawla Vidyapeeth: खांडा रोड़ स्थित कल्पना चावला विद्यापीठ में प्रातः कालीन सभा के दौरान बैसाखी पर्व व बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई गई। सभा का संचालन अध्यापिका ज्योति द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अनेक कविताएं, भाषण व नृत्य की प्रस्तुति की गई। छात्राओं द्वारा बैसाखी पर्व पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/baisakhi-festival-and-bhimrao-ambedkar-jayanti-celebrated-in-kalpana-chawla/article-69575"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-04/kharkhoda.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> Kalpana Chawla Vidyapeeth: खांडा रोड़ स्थित कल्पना चावला विद्यापीठ में प्रातः कालीन सभा के दौरान बैसाखी पर्व व बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई गई। सभा का संचालन अध्यापिका ज्योति द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अनेक कविताएं, भाषण व नृत्य की प्रस्तुति की गई। छात्राओं द्वारा बैसाखी पर्व पर बहुत ही शानदार भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुतियां दी । इस अवसर पर प्राचार्य उषा वत्स ने बताया कि बैसाखी पर्व फसल और नए साल का जश्न मनाने का त्यौहार है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">हिंदुओं के लिए यह त्योहार नववर्ष की शुरुआत है। बैसाखी के पर्व की शुरुआत भारत के पंजाब प्रांत से हुई है और इसे रबी की फसल की कटाई शुरू होने की सफलता के रूप में मनाया जाता है। पंजाब और हरियाणा के अलावा उत्तर भारत में भी बैसाखी के पर्व का बहुत महत्व है। इस दिन गेहूं, तिलहन, गन्ने आदि की फसल की कटाई शुरू होती है। उन्होंने बताया कि भांगड़ा बैसाखी त्योहार का लोक नृत्य है जिसे पारंपरिक रूप से फसल नृत्य कहा जाता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर (1891-1956) भारत के एक महान सामाजिक सुधारक, संविधान निर्माता और राजनीतिज्ञ थे।</p>
<p style="text-align:justify;">वे दलित समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले एक प्रेरणादायक नेता थे। उन्होंने भारत के संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारत सरकार के पहले कानून मंत्री भी थे। उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और जातिवाद के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। प्राथमिक प्रभारी रीतु ने भी सभी विद्यार्थियों व उनके तैयारकर्ता अध्यापकों के प्रयासों को सराहा तथा उन्हें ऐसे ही हर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर स्कूल निदेशक धर्मराज खत्री, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे। Kharkhoda News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="घग्गर नदी के कैमिकल युक्त पानी से बीमारियां फैलने का भय" href="http://10.0.0.122:1245/fear-of-spread-of-diseases-due-to-chemical-laden-water-of-ghaggar-river/">घग्गर नदी के कैमिकल युक्त पानी से बीमारियां फैलने का भय</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Apr 2025 16:28:04 +0530</pubDate>
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                <title>Baisakhi 2024: शुभकामनाएँ हों या व्हाट्सएप्प सन्देश, हर दोस्त के पास पाओगे भेजो!</title>
                                    <description><![CDATA[Happy Baisakhi 2024 : नई दिल्ली। फसल उत्सव बैसाखी जोकि पंजाब और उत्तर भारत की जीवंत संस्कृति को दर्शाती है, यह बैसाख महीने के शुरू होने के संकेत देती है। परंपरागत रूप से यह फसल उत्सव साल की 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। यह पर्व सिख नव वर्ष की शुरूआत का प्रतीक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/baisakhi-special-greetings-and-whatsapp-messages/article-56291"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/baisakhi-2024.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Happy Baisakhi 2024 : नई दिल्ली।</strong> फसल उत्सव बैसाखी जोकि पंजाब और उत्तर भारत की जीवंत संस्कृति को दर्शाती है, यह बैसाख महीने के शुरू होने के संकेत देती है। परंपरागत रूप से यह फसल उत्सव साल की 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। यह पर्व सिख नव वर्ष की शुरूआत का प्रतीक भी है और देश के विभिन्न समुदाय इस दिन को अत्यधिक शुभ दिन मानते हैं। बैसाखी लोगों को प्रकृति के आशीर्वाद और भरपूर फसल का जश्न मनाने के लिए एक साथ लाती है। Baisakhi 2024</p>
<h3 style="text-align:justify;">देखें बैसाखी की शुभकामनाएं एवं संदेश | Baisakhi 2024</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सुख, समृद्धि और खुशहाली से महकता रहे आपका जीवन<br />
त्यौहार की तरह ही रंगीन और आनंदमय रहे आपका जीवन।।<br />
बैसाखी की शुभकामनाएँ!</li>
<li style="text-align:justify;">मन में मस्ती, दिल में खुशी और घर में हंसी।<br />
बैसाखी की शुभकामनाओं के साथ खुशहाली रहे सदा आपके मन-मंदिर में बसी</li>
<li style="text-align:justify;">मौज-मस्ती का दिन बैसाखी और नाचने-गाने का दिन बैसाखी। जश्न मनाने का दिन है बैसाखी, आइये इस त्यौहार चारों ओर खुशियाँ फैलाएं। बैसाखी 2024 की हार्दिक शुभकामनाएँ!</li>
<li style="text-align:justify;">इस बैसाखी आपका जीवन खुशियों से भर जाए, यही मेरी है कामना<br />
आपके खुद का क्षेत्र हो सबसे उज्ज्वल, दिल से मेरा यही है मानना<br />
हैप्पी बैसाखी 2024!</li>
<li style="text-align:justify;">इस बैसाखी परिवार और दोस्तों के साथ अद्भुत यादों को एक धोगे में पिरोएं<br />
बैसाखी की परंपराओं और मूल्यों को एक रिश्ते में संजोएं।</li>
<li style="text-align:justify;">बैसाखी का त्यौहार है एकता और एकजुटता की भावना का प्रतीक<br />
जहां भी जाएं, वहीं दया और खुशी फैलाने के लिए सबको करें प्रेरित</li>
<li style="text-align:justify;">वाहेगुरु का दिव्य आशीर्वाद इस बैसाखी आपके जीवन में शांति, प्रेम और समृद्धि की मिठास लाए।</li>
<li style="text-align:justify;">आज पंजाब और उत्तरी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद और उत्साह के साथ जश्न मनाने का दिन है।</li>
</ul>
<p><a title="President’s Rule in Delhi Soon: थम जाएगी दिल्ली? लगने वाला है राष्ट्रपति शासन?" href="http://10.0.0.122:1245/will-delhi-stop-presidents-rule-is-about-to-be-imposed/">President’s Rule in Delhi Soon: थम जाएगी दिल्ली? लगने वाला है राष्ट्रपति शासन?</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Apr 2024 16:57:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रताप स्कूल में बैसाखी व डॉ भीमराव आंबेडकर जयंती मनाई</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार) सापला मार्ग पर स्थित प्रताप स्कूल में बैसाखी का त्योहार व डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती बड़ी धूम-धाम से मनाई गई। (Kharkhoda) बैसाखी के अवसर पर विद्यार्थियों ने पंजाब व हरियाणा की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मनमोहक नृत्य करते हुए पंजाब व हरियाणा की संस्कृति को दर्शाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/baisakhi-and-dr-bhimrao-ambedkar-jayanti-celebrated-in-pratap-school/article-46106"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/kharkhoda-news-8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)</strong> सापला मार्ग पर स्थित प्रताप स्कूल में बैसाखी का त्योहार व डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती बड़ी धूम-धाम से मनाई गई। (Kharkhoda) बैसाखी के अवसर पर विद्यार्थियों ने पंजाब व हरियाणा की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मनमोहक नृत्य करते हुए पंजाब व हरियाणा की संस्कृति को दर्शाया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बैसाखी व डॉ भीमराव आंबेडकर के जीवन पर भाषण भी दिए। प्राचार्या दया दहिया ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि बैसाखी को खुशहाली और समृद्धि का पर्व माना जाता है। बैसाखी को मेष संक्रांति भी कहा जाता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="माउंट एवरेस्ट फतह करने चली ट्रैक्टर मैकेनिक पिता की बेटी Reena Bhatti" href="http://10.0.0.122:1245/reena-bhatti-daughter-of-tractor-mechanic-father-went-to-conquer-mount-everest/">माउंट एवरेस्ट फतह करने चली ट्रैक्टर मैकेनिक पिता की बेटी Reena Bhatti</a></p>
<p style="text-align:justify;">इस पर्व से कई मान्यताएं और परंपराएं जुड़ी हुई हैं। सिख समुदाय के लोग इस दिन को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। ये पर्व खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में धूमधाम से मनाया जाता है। वैशाख महीने तक रबी की फसलें पक जाती हैं और उनकी कटाई शुरू हो जाती है। ऐसे में इस दिन फसल के कटकर घर आ जाने की खुशी में लोग ईश्वर को धन्यवाद देते हैं और अनाज की पूजा करते हैं। प्राचार्या दया दहिया ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक गांव में हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान निर्माता के तौर पर जाना जाता है। (Kharkhoda) उनकी भूमिका संविधान निर्माण में तो अतुल्य थी ही, साथ ही दलित समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण रही। डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्ष और सफलता की कहानी सभी के लिए प्रेरणा है। हम सभी को डॉ भीमराव आंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र उत्थान में योगदान देना चाहिए। परिवार व समाज को भी राष्ट्र के उत्थान के लिए प्रेरित करना चाहिए।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Apr 2023 14:57:59 +0530</pubDate>
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