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                <title>मानसून मचा रहा तबाही, मौसम विभाग बेखबर</title>
                                    <description><![CDATA[ पिछले पांच दिनों से बंद डॉप्लर रडार जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान में आधा दर्जन जिलों में मानसून तबाही मचा चुका है और अब तक प्रभावित जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश का मौसम विभाग प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज से बेखबर बना हुआ है। दिल्ली स्थित मौसम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/negligence-of-weather-department/article-2697"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/heavy-rain-11.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> पिछले पांच दिनों से बंद डॉप्लर रडार</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान में आधा दर्जन जिलों में मानसून तबाही मचा चुका है और अब तक प्रभावित जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश का मौसम विभाग प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज से बेखबर बना हुआ है। दिल्ली स्थित मौसम केंद्र ने भले ही मौसम में बड़े बदलाव को लेकर अलर्ट जारी किए हैं, लेकिन जयपुर में मौसम केंद्र में लगे डॉप्लर रडार पिछले पांच दिनों से तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ा है। वहीं विभाग के अधिकारी भी रडार कब शुरू होगा इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तकनीकी रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही</h3>
<p style="text-align:justify;">मालूम हो गत वर्ष 2012 में करीब दस करोड़ रुपए लागत से जयपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में जर्मनी निर्मित डॉप्लर रडार लगाया गया था। राडार से जयपुर केंद्र से दो सौ किलोमीटर परिधि में मौसम के मिजाज में होने वाले बदलावों की सटीक जानकारियां प्रशासन समेत आमजन को उपलब्ध कराना मुख्य उद्देश्य था, लेकिन तकनीकी रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही राडार लगाए जाने के साथ ही शुरू हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">गत वर्ष 2013 में तत्कालीन निदेशक एसएस सिंह ने राडार की कूलिंग के लिए मंगवाए एसी मनमर्जी से राडार की बजाय विभाग के भवन में लगवा दिए। इसके चलते करीब दस लाख रुपए लागत वाली रडार की बैट्री फुंक गई और करीब तीन महीने तक रडार बंद रहा। वहीं पिछले पांच दिनों से प्रदेश में मानसून ने जमकर तबाही मचाई हो, लेकिन मानों मौसम विभाग के अफसरों को इससे कोई सरोकार ही नहीं रहा। पिछले पांच दिनों से विभाग की ओर से जिला प्रशासन को मौसम संबंधी अलर्ट की सूचना भी समय पर नहीं जारी नहीं की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>डॉप्लर राडार में बैटरी बैकअप की समस्या आने से पिछले पांच दिनों से राडार काम नहीं कर रहा है। मामले में आलाधिकारियों को अवगत करवाया गया है उम्मीद है अगले एक दो दिनों में रडार दुरुस्त होने के बाद मौसम अपडेट उपलब्ध हो सकेगा।</em></p>
<p style="text-align:justify;">-जीसी नगराले, केंद्र निदेशक, जयपुर।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2017 05:56:29 +0530</pubDate>
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                <title>जान के खतरे से बेखबर ‘बाल’ की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[अब तक कई जिंदगीयां निगल चुका है नहर नहर के नजदीक ही बनी हुई है पुलिस लाइन राजस्थान व सरहंद नहर में नहाने वालों का लगा तांता फरीदकोट (सच कहूँ न्यूज)। न नियमों की परवाह और न ही जान चली जाने का डर। कुछ समय के सुकून के लिए बच्चे सरेआम नहरों में मौत की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/unaware-children-from-danger/article-1064"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/faridkot-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अब तक कई जिंदगीयां निगल चुका है नहर</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>नहर के नजदीक ही बनी हुई है पुलिस लाइन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान व सरहंद नहर में नहाने वालों का लगा तांता</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फरीदकोट (सच कहूँ न्यूज)।</strong> न नियमों की परवाह और न ही जान चली जाने का डर। कुछ समय के सुकून के लिए बच्चे सरेआम नहरों में मौत की डुबकी लगा रहे हैं। फरीदकोट से गुजरती राजस्थान व सरहिंद नहर पर इन दिनों नहाने वालों का तांता लगा हुआ है। इससे पहले इस नहर ने कई जिंदगीयों को निगला है। इसके अलावा जब गर्मियां आती हैं तब इस नहर के किनारे छोटे-छोटे बच्चे स्टंट करते हुए नजर आते हैं और इन बच्चों को रोकने वाला कोई नहीं है। वहीं नहरों के पास पुलिस लाइन है व एक चौक भी है जहां पर पुलिस के मुलाजिम तैनात रहते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पिछले साल हुई थी दो की मौत</h3>
<p style="text-align:justify;">बीते साल दो नौजवान इसी नहर पर गर्मियों के मौसम में नहाने आए थे जिनमें से एक की डूबने से मौत हुई थी और दूसरे की उसे बचाते हुए पांव फिसलने से मौत हो गई थी। हर वर्ष करीब 8 से 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे गर्मियां होते ही पुल की ग्रिलिंग से स्टंट कर नहर में छलांग लगाते हैं। नहरों पर हो रही घटनाओं के बाद भी यहां पर निगरानी के लिए नहर प्रशासन का कोई मुलाजिम नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हर साल निकालते हैं 50-60 लाशें: भटनागर</h3>
<p style="text-align:justify;">सहारा सेवा सोसायटी के अशोक भटनागर ने बताया कि नहर के किनारे छोटे बच्चे नहाने जाते है। यहां पर कोई सुरक्षा प्रबंध नहीं है और ना इनको कोई रोकने वाला है। नहरें काफी गहरी हैं। उन्होंने बताया कि वह साल भर में नहर से करीब 50-60 लाशें निकालते हैं जिनकी डूबने से मौत होती है और कई लाशों की पहचान तक नहीं होती है जिनका हम अंतिम संस्कार कर देते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों को नहरों में नहाने से रोकें</h3>
<p style="text-align:justify;">अशोक ने जिला प्रशासन से अपील करते हुए बच्चो को यहां आने से रोकने व नहरों पर सुरक्षा कर्मचारी लगाने की अपील की। उन्होंने बच्चो के मां बाप को भी अपील कि वह अपने बच्चों को नहर में नहाने से रोकें। उन्होंने लोगो से भी अपील कि वह यह सामग्री न फेंके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नहरों पर पेट्रोलिंग करने के लिए कहा :एडीसी</h3>
<p style="text-align:justify;">एडीसी केशव हिंगोनिया ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित पत्र भेज दिया है कि इन जगहों पर रोज पेट्रोलिंग करने और नहरी विभाग को भी सूचित कर दिया है, ताकि कोई घटना न घट सके। उन्होंने कहा कि उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वह अपने बच्चों को इस नहरों में नहाने से रोकें।</p>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 07:32:50 +0530</pubDate>
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