<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/fci/tag-2361" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>FCI - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2361/rss</link>
                <description>FCI RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>किसानों ने एमएसपी पर नहीं बेची धान, राह देखते रहे एफसीआई अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[ जंक्शन-टाउन में किसी किसान ने एमएसपी पर बेचान के लिए नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन विक्रेता किसानों की तलाश में एफसीआई अधिकारियों ने लगाया जंक्शन-टाउन धानमंडी का राउंड  एमएसपी पर कम दाम मिलना बनी सरकारी बेचान की तरफ कम रूझान की वजह हनुमानगढ़। यूं तो क्षेत्र के किसानों की ओर से पिछले कुछ समय से धान की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/msp-paddy-purchase/article-39506"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/dhan.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"> <strong>जंक्शन-टाउन में किसी किसान ने एमएसपी पर बेचान के लिए नहीं करवाया रजिस्ट्रेशन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>विक्रेता किसानों की तलाश में एफसीआई अधिकारियों ने लगाया जंक्शन-टाउन धानमंडी का राउंड</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> एमएसपी पर कम दाम मिलना बनी सरकारी बेचान की तरफ कम रूझान की वजह</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़।</strong> यूं तो क्षेत्र के किसानों की ओर से पिछले कुछ समय से धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग जोर-शोर से की जा रही थी। एमएसपी पर खरीद <strong>(MSP Paddy Purchase)</strong> शुरू न होने पर किसान संगठनों की ओर से आंदोलन करने तक की चेतावनी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई थी। लेकिन अब जब धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है तो धान की खरीद करने वाली एजेंसी एफसीआई को धान का ही कोई विक्रेता किसान नहीं मिल रहा। उल्टा एफसीआई अधिकारियों को एमएसपी पर धान विक्रय करने के लिए किसानों की मिन्नतें निकालनी पड़ रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हालात मंगलवार को भारतीय खाद्य निगम की ओर से धान मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद का कार्य शुरू करने के दौरान सामने आए। हालात यह थे कि जंक्शन व टाउन धानमंडी में एफसीआई अधिकारी पूरा दिन किसानों की राह देखते रहे लेकिन कोई किसान अपनी धान की फसल को सरकारी दाम पर बेचने के लिए लेकर नहीं पहुंचा। एफसीआई अधिकारियों ने दोनों धानमंडियों का राउंड तक लगाया लेकिन कोई किसान एमएसपी पर अपनी धान की फसल विक्रय करने वाला नहीं मिला।</p>
<h3>किसानों ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवाया | <strong>MSP Paddy Purchase</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यही नहीं मंगलवार दोपहर तक जंक्शन-टाउन धानमंडी में एफसीआई को धान बेचने के लिए किसी किसान ने आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवाया। एफसीआई के क्वालिटी इंस्पेक्टर अशोक शर्मा ने बताया कि धान की सरकारी खरीद के लिए किसानों को राजस्थान सरकार की ओर से बनाए गए पोर्टल पर जनआधार के जरिए आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। जनआधार कार्ड के अलावा बैंक की पासबुक, गिरदावरी पर्ची साथ लाना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तारीख को एफसीआई की ओर से धान की सरकारी खरीद की जाएगी। खरीद के 24 से 48 घंटे के बीच एफसीआई की ओर से संबंधित किसान को भुगतान किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने धान को भारत सरकार के मापदंडानुसार 17 प्रतिशत नमी से नीचे सूखाकर और साफ-सुथरा कर लाएं। मॉश्चर मीटर से नमी की जांच की जा रही है। सरकारी बेचान की तरफ कम किसानों का रूझान होने के सवाल के जवाब में क्यूआई अशोक शर्मा का जवाब था कि इस बार पिछली बार के मुकाबले अधिक किसानों ने नरमा का बिजान किया है। पीआर धान की बुवाई कम की है। जिन किसानों ने पीआर धान की बुवाई की उन किसानों में से कइयों ने एमएसपी से अधिक दाम पर अपनी जिन्स बेच दी है।</p>
<h2><strong> किसानों का रूझान कम नजर आ रहा है<br />
</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">इसलिए एमएसपी पर धान बेचान की तरफ किसानों का रूझान कम नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि एमएसपी पर धान की खरीद की बात करें तो कॉमन के 2040 व ग्रेड ए के 2060 रुपए प्रति क्विंटल का दाम तय किया गया है। इस मौके पर क्वालिटी इंस्पेक्टर संतोष कुमार, उदय कुमार, भुगतान प्रभारी रजनीकांत, कुलदीप सिंह, निरीक्षक विकास चौधरी आदि मौजूद रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पिछले साल सरकारी खरीद के लिए हुआ था आंदोलन</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पिछले साल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर क्षेत्र के अन्नदाताओं ने आंदोलन किया था। उन्हें कई दिन तक धान फसल के साथ जिला कलक्ट्रेट के सामने ठंडी रातें गुजारने पड़ी थी। किसान जिला कलक्ट्रेट के सामने सड़क पर धान की ढेरियां बिखेरकर पड़ाव पर बैठे रहे थे। तब जाकर धान की सरकारी खरीद शुरू हो पाई थी। लेकिन इस सीजन में हालात इसके बिल्कुल विपरित हैं। एमएसपी कम मिलने के कारण किसानों का सरकारी बेचान की तरफ से मोहभंग हो गया है।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/msp-paddy-purchase/article-39506</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/msp-paddy-purchase/article-39506</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Nov 2022 17:55:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-11/dhan.jpg"                         length="68277"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खुले में भंडारण के कारण 700 करोड का गेहूं सड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के उपायों के बावजूद वर्ष 2016 में पंजाब में सात सौ करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चार लाख 72 हजार टन गेहूं खुले में रखे जाने के कारण सड़ गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की संसद में पेश एक रिपोर्ट में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/wheat-rotten-from-open-storage/article-2957"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/wheat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के उपायों के बावजूद वर्ष 2016 में पंजाब में सात सौ करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का चार लाख 72 हजार टन गेहूं खुले में रखे जाने के कारण सड़ गया। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की संसद में पेश एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे स्थानों पर अनाज के भंडारण के कारण उसके सड़ने की शिकायत को दूर करने तथा ढके में अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 2008 में निजी उद्यमी गारंटी योजना (पीईजी) की शुरुआत की थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार</h2>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2016 तक पंजाब में 53 लाख 56 हजार टन गेहूं का भंडारण कच्चे चबूतरों पर किया गया था जिनमें से सात सौ करोड रुपये से अधिक मूल्य के चार लाख 72 हजार टन गेहूं को जारी नहीं करने योग्य घोषत कर दिया गया। निजी उद्यमी गारंटी योजना के कार्यान्वयन में बिलम्ब के कारण राज्य की एजेंसियों और एफसीआई ने खुले में भारी मात्रा में गेहूं का भंडारण कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/wheat-rotten-from-open-storage/article-2957</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/wheat-rotten-from-open-storage/article-2957</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Aug 2017 08:05:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/wheat.jpg"                         length="97505"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एफसीआई वर्करों पर लाठीचार्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मालगाड़ी को भरने का मामला: गुरूहरसहाए (विजय हांडा)। गुरूहरसहाय में आज उस समय माहौल तनावपूर्ण बन गया जब कई सालों से खरीद एजेंसी एफसीआई का अनाज स्पेशल मालगाड़ी में लोड करने के लिए पहुंची एफसीआई लेबर से संबंधित मजदूरों को पुलिसिया कहर का शिकार होना पड़ा। मजदूरों ने अपनी रोजी-रोटी का हवाला देकर बड़ी मिन्नतें […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lathi-charges-on-fci-workers/article-1082"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/lathi-charge.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">मालगाड़ी को भरने का मामला:</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुरूहरसहाए (विजय हांडा)।</strong> गुरूहरसहाय में आज उस समय माहौल तनावपूर्ण बन गया जब कई सालों से खरीद एजेंसी एफसीआई का अनाज स्पेशल मालगाड़ी में लोड करने के लिए पहुंची एफसीआई लेबर से संबंधित मजदूरों को पुलिसिया कहर का शिकार होना पड़ा। मजदूरों ने अपनी रोजी-रोटी का हवाला देकर बड़ी मिन्नतें की परंतु भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे डीएसपी गुरूहरसहाए, एफसीआई के अधिकारियों और ठेकेदारों ने एक नहीं सुनी। उनको वहां से हट जाने के लिए डराया धमकाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आखिर पुलिस द्वारा पॉवर का प्रयोग करके मजदूरों पर आंसू गैस के गोले दागे गए, लाठीचार्ज किया और मजदूरों को पकड़ कर घसीटा गया। वर्णननीय है कि कथित नये ठेकेदारी सिस्टम के अंतर्गत एफसीआई ने अपने पक्के मजदूरों की बिजाए नये कम रेट पर टैंडर भरने वाले मजदूरों को काम ठेके पर दे दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ माह पहले जब नये प्राईवेट ठेकेदार के मजदूरों की ओर से मालगाड़ी को भरने का काम शुरू किया तो तात्कालीन डीएसपी गुरूहरसहाय ने भारी पुलिस बल के साथ मजदूरों को खदेड़ दिया था और मजदूरों को थानों में बंद करके भी रखा गया। उस मौके कांग्रेस पार्टी ने मजदूरों के साथ हमदर्दी दिखाई थी। मौके पर विधायक गुरूहरसहाए राणा गुरमीत सिंह के निजी सचिव नसीब सिंह संधू अपने अन्य कांग्रेसी साथियों के साथ पहुंचे थे और उन्होंने कहा था कि वह लेबर यूनियन के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मजदूरों को पुलिस की ओर से रोका जा रहा</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके मजदूरों को ठंडे पानी की बोतलें, केले भी कांग्रेस नेता की ओर से दिए गए थे। इसके बाद चुनाव आचार संहिता लगने उपरांत काम लटक गया था परंतु इस दौरान प्राईवेट ठेकेदार ने कुछ माल गाड़ियां भरने का काम किया। चुनावों मौके अकाली-भाजपा सरकार से खफा एफसीआई मजदूरों ने बड़ा इकट्ठ करके कांग्रेस पार्टी की हिमायत का ऐलान किया था और उसे चुनावों मौके निभाया भी बताया जाता है। आज जब मजदूरों को पुलिस की ओर से रोका जा रहा था तो मौके पर कांग्रेस पार्टी से सम्बन्धित ट्रक यूनियन प्रधान व अन्य शहर से संबंधित कांग्रेसी नेता भी मौके पर पहुंचे हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार माल लोड करने का ठेका पुरानी अकाली शासन के समय की पार्टी के पास ही है परंतु कांग्रेस के नेताओं ने उस ठेकेदार के साथ संपर्क करके काम खुद संभाल लिया है, जब लेबर यूनियन ने मामला बढ़ता देखा तो यूनियन के नेताओं ने कांग्रेसी विधायक के साथ फोन पर संपर्क करके सहायता करने की फरियाद की परंतु उसका कोई लाभ नहीं हुआ। </em></p>
<h2 style="text-align:justify;">डीएसपी व पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">एफसीआई मजदूरों ने मुख्य मंत्री पंजाब और डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर से मांग की है कि मजदूरों पर लाठीचार्ज करवाने वाले डीएसपी गुरूहरसहाए और लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डीएसपी ने काटा फोन</h2>
<p style="text-align:justify;">जब मजदूरों पर किए लाठीचार्ज की मंजूरी संबंधी डीएसपी गुरजीत सिंह के साथ बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह तहसीलदार साहब के साथ थे और उन्होंने फोन काट दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lathi-charges-on-fci-workers/article-1082</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/lathi-charges-on-fci-workers/article-1082</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 20:50:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/lathi-charge.jpg"                         length="69187"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        