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                <title>Mobile App - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>नकली “फोन पे” ट्रांजैक्शन दिखाकर दुकानदार से ठगी, मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के दहिसर इलाके में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए दुकानदार को ठगने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/fraud-alert/mumbai-police-nabs-two-accused-who-were-cheated-by-fake/article-83964"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/mumbai-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> Mumbai News: मुंबई के दहिसर इलाके में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए दुकानदार को ठगने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों को सतर्क रहने की एक अहम चेतावनी भी दे रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">दहिसर पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर खुद को “फोन पे” जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोगकर्ता बताते थे। वे दुकानदारों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, जबकि वास्तव में कोई लेन-देन नहीं होता था।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घटना 23 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 4:30 बजे की है, जब दहिसर पूर्व स्थित एक पान की दुकान पर दो युवक पहुंचे। उन्होंने दुकानदार से 4 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वे तुरंत मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान कर देंगे। आरोपियों ने क्यूआर कोड स्कैन कर अपने मोबाइल में फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाया और दुकानदार को 3 हजार और फिर 1 हजार रुपये की पेमेंट होने का नकली मैसेज भी दिखाया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी की मदद से दुकानदार से 4 हजार रुपये नकद ले लिए। हालांकि, कुछ ही देर बाद जब दुकानदार के मोबाइल पर पैसे आने का कोई संदेश नहीं आया, तो उसे शक हुआ। उसने आरोपियों से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री दिखाने को कहा, लेकिन वे मौके से भागने लगे।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में दहिसर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि आरोपी इसी तरह कई दुकानदारों को निशाना बनाने की फिराक में थे। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने लोगों को इस तरह ठगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने आम लोगों और खासकर छोटे व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी डिजिटल भुगतान को स्वीकार करने से पहले अपने बैंक खाते में पैसे आने की पुष्टि जरूर करें। केवल स्क्रीनशॉट या मैसेज पर भरोसा न करें, क्योंकि इस तरह के फर्जीवाड़े के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>Fraud Alert</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 17:39:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>IIT Delhi: लोकेशन मांगने वाले मोबाइल ऐप से रहें सावधान! &amp;#8221;निजी जानकारी लीक होने का खतरा&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[Mobile App Fraud: नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी महत्वपूर्ण जांच सामने रखी है, जो मोबाइल ऐप्स से जुड़ी गोपनीयता चिंताओं को और गंभीर बना देती है। अध्ययन के अनुसार, वे ऐप्स जो उपयोगकर्ताओं से “सटीक लोकेशन” की अनुमति मांगते हैं, वे केवल स्थान की जानकारी ही नहीं, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/beware-of-mobile-apps-that-ask-for-your-location-personal-information-is-at-risk-of-leakage/article-77523"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/mobile-app-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Mobile App Fraud: नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी महत्वपूर्ण जांच सामने रखी है, जो मोबाइल ऐप्स से जुड़ी गोपनीयता चिंताओं को और गंभीर बना देती है। अध्ययन के अनुसार, वे ऐप्स जो उपयोगकर्ताओं से “सटीक लोकेशन” की अनुमति मांगते हैं, वे केवल स्थान की जानकारी ही नहीं, बल्कि उपयोगकर्ता की गतिविधियों, आसपास के वातावरण और यहां तक कि उनके कमरे की संरचना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भी जान सकते हैं। IIT Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल ACM Transactions on Sensor Networks में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में “एंड्रोकॉन” नामक एक तकनीकी मॉडल का विश्लेषण किया गया, जिसने यह दर्शाया कि एंड्रॉयड सिस्टम में उपलब्ध सूक्ष्म जीपीएस डेटा किसी छुपे हुए सेंसर की तरह काम कर सकता है। इस डेटा के आधार पर ऐप्स कैमरा, माइक्रोफोन या मोशन सेंसर का उपयोग किए बिना भी व्यक्ति की स्थिति और उसके आस-पास के माहौल का अनुमान लगा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शोध बताता है कि डॉपलर शिफ्ट, सिग्नल की शक्ति और मल्टीपाथ इंटरफेरेंस जैसे कुल नौ जीपीएस मापदंडों की व्याख्या करके यह तकनीक यह पता लगा सकती है कि व्यक्ति बैठा है, खड़ा है, लेटा है, यात्रा कर रहा है, पार्क में है या किसी भीड़ भरे स्थान पर मौजूद है। शोध दल, जिसका नेतृत्व एम.टेक छात्र सोहम नाग ने किया, ने यह भी बताया कि इस तकनीक से यह तक समझा जा सकता है कि कोई कमरा भरा हुआ है या खाली। IIT Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">कच्चे जीपीएस संकेतों को स्पष्ट जानकारी में बदलने के लिए, शोध टीम ने परंपरागत सिग्नल प्रोसेसिंग और आधुनिक मशीन लर्निंग तकनीकों का संयोजन किया। परिणामों के अनुसार, यह प्रणाली मानवीय गतिविधियों की पहचान में 87 प्रतिशत तक और आसपास के माहौल का पता लगाने में करीब 99 प्रतिशत तक सटीक पाई गई।</p>
<h3>यह शोध मोबाइल जीपीएस के एक ऐसे पक्ष को सामने लाता है</h3>
<p style="text-align:justify;">स्टडी में यह भी सामने आया कि सिर्फ जीपीएस पैटर्न और उपयोगकर्ता की आवाजाही की दिशा देखकर यह तकनीक 4 मीटर से भी कम त्रुटि के साथ किसी भवन का फ्लोर प्लान तैयार कर सकती है, जिसमें कमरे, लिफ्ट और सीढ़ियों जैसी संरचनाओं की पहचान भी शामिल है। IIT Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">आईआईटी दिल्ली के कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर स्मृति आर. सारंगी ने कहा कि यह शोध मोबाइल जीपीएस के एक ऐसे पक्ष को सामने लाता है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है — एक मौन परंतु अत्यंत शक्तिशाली माध्यम, जो उपयोगकर्ता के परिवेश को महसूस कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सटीक लोकेशन की अनुमति किसी ऐप को दी जाती है, तो वह ऐप उपयोगकर्ता की जानकारी या अनुमति के बिना ही अत्यधिक संवेदनशील डेटा प्राप्त कर सकता है। इसलिए, यह खोज न केवल नई तकनीकी संभावनाओं को उजागर करती है, बल्कि डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता की गंभीर चुनौती भी प्रस्तुत करती है। IIT Delhi News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>शिक्षा / रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 14:12:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ICICI Bank iMobile Glitch: अपना क्रेडिट कार्ड कर दें ब्लॉक! ICICI Bank</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आईसीआईसीआई बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन, आईमोबाइल पे में एक गड़बड़ी सामने आई है, जिसमें यूजर्स का दावा है कि वे प्लेटफॉर्म पर अन्य लोगों के क्रेडिट कार्ड के संवेदनशील विवरण देख सकते हैं। ICICI Bank सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में टेक्नोफिनो के संस्थापक सुमंत मंडल ने इस मुद्दे को तत्काल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/icici-bank-imobile-glitch-portal-issues-alert/article-56775"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/icici.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आईसीआईसीआई बैंक के मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन, आईमोबाइल पे में एक गड़बड़ी सामने आई है, जिसमें यूजर्स का दावा है कि वे प्लेटफॉर्म पर अन्य लोगों के क्रेडिट कार्ड के संवेदनशील विवरण देख सकते हैं। ICICI Bank</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में टेक्नोफिनो के संस्थापक सुमंत मंडल ने इस मुद्दे को तत्काल संबोधित करने के लिए बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक को टैग किया। कई यूजर्स ने अपने आईमोबाइल पे ऐप पर अन्य ग्राहकों के आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड देखने में सक्षम होने की सूचना दी है। मंडल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि चूंकि पूरा कार्ड नंबर, समाप्ति तिथि और सीवीवी आईमोबाइल पर दिखाई देता है और कोई अंतरराष्ट्रीय लेनदेन सेटिंग्स प्रबंधित कर सकता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए किसी अन्य व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग करना किसी के लिए भी यह आसान है। ICICI Bank</p>
<h3>दुरुपयोग का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया</h3>
<p style="text-align:justify;">कई यूजर्स की चिंता को देखते हुए मैडल ने बाद में पोस्ट किया कि ऐसा लगता है कि बैंक ने समस्या को सुधारने के लिए क्रेडिट कार्ड की जानकारी तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी है। आईसीआईसीआई बैंक प्रवक्ता ने इस संबंध में कहा कि गड़बड़ी उनके डिजिटल चैनलों में 17,000 नए क्रेडिट कार्ड के गलती से मैप किए गए डेटा के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रभावित कार्डों में बैंक के क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो का 0.1 प्रतिशत शामिल है और दुरुपयोग का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब हमारे संज्ञान में आया है कि पिछले कुछ दिनों में जारी किए गए लगभग 17,000 नए क्रेडिट कार्ड गलत तरीके से हमारे डिजिटल चैनलों में गलत यूजर्स के लिए मैप किए गए थे। वे बैंक के क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो का लगभग 0.1 प्रतिशत बनाते हैं। तत्काल उपाय के रूप में, हमने इन कार्डों को ब्लॉक कर दिया है और ग्राहकों को नए कार्ड जारी कर रहे हैं। आईसीआईसीआई बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि हमें ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद है। हालांकि, हम आपको आश्वस्त करते हैं कि बैंक किसी भी वित्तीय नुकसान के मामले में ग्राहक को उचित मुआवजा देगा। ICICI Bank</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">It seems ICICI Bank has restricted access to credit card details on the iMobile app for everyone. <a href="https://t.co/nOt8Abv3rc">https://t.co/nOt8Abv3rc</a></p>
<p>— Sumanta Mandal (@SumantaTF) <a href="https://twitter.com/SumantaTF/status/1783372454611878206?ref_src=twsrc%5Etfw">April 25, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3>क्रेडिट कार्ड विवरण तक पहुंच के दावे का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य ऑनलाइन पोस्ट में मंडल लिखते हैं कि वर्तमान में खुद को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा विकल्प अपने कार्ड को ब्लॉक करना और बदलना है। यदि आप कुछ नहीं कर सकते हैं और किसी के पास आपके कार्ड तक पहुंच है, तो वे ओटीपी या एमपिन के बिना भी आईमोबाइल पर सेटिंग्स बदल सकते हैं। सबसे अच्छा विकल्प कार्ड को ब्लॉक करना और इसे बदलना है। इससे कुछ अस्थायी राहत मिलेगी। मंडल के अलावा, साइट उपयोगकर्ता @googley ने भी किसी और के अमेजॅन पे, क्रेडिट कार्ड विवरण तक पहुंच के दावे का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">I just checked my imobile app. Card detail is locked by ICICI bank as this news may be true. Serious security lapse.<a href="https://twitter.com/hashtag/ccgeek?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#ccgeek</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/creditcard?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#creditcard</a> <a href="https://t.co/4HWABRRpPj">https://t.co/4HWABRRpPj</a> <a href="https://t.co/yYEV39kgBt">pic.twitter.com/yYEV39kgBt</a></p>
<p>— CredoLite (@Credolite) <a href="https://twitter.com/Credolite/status/1783371284598178220?ref_src=twsrc%5Etfw">April 25, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">I have emailed ICICI Bank regarding this critical security bug. For those concerned, here is the email template: <a href="https://t.co/frixOfZngh">https://t.co/frixOfZngh</a>  . Feel free to modify and use as needed.</p>
<p>Email address:</p>
<p>customer.care@icicibank.com</p>
<p>antiphishing@icicibank.com <a href="https://t.co/9aCIKEQAqQ">pic.twitter.com/9aCIKEQAqQ</a></p>
<p>— Ganesh (@ganeshrvel) <a href="https://twitter.com/ganeshrvel/status/1783343847390724587?ref_src=twsrc%5Etfw">April 25, 2024</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">यूजर्स ने लिखा कि आईमोबाइल ऐप पर सुरक्षा गड़बड़ी के कारण मेरे पास किसी और के अमेजॅन पे सीसी तक पहुंच है। हालांकि, ओटीपी घरेलू लेनदेन को प्रतिबंधित करता है, लेकिन मैं आईमोबाइल ऐप से विवरण का उपयोग करके अंतरराष्ट्रीय लेनदेन कर सकता हूं। यदि वास्तविक उपयोगकर्ता द्वारा इसे अक्षम कर दिया गया है तो यह मुझे अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन सक्षम करने की अनुमति देता है। कर्तव्यनिष्ठ यूजर्स ने यह भी कहा कि इस मुद्दे को चिह्नित कर लिया गया है। गूगली यूजर ने कहा कि मैंने इसे पहले ही आईसीआईसीआई टीम को बता दिया है। वे इस पर प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहे हैं क्योंकि कई ग्राहकों ने इसकी सूचना दी है। मैं समुदाय के लोगों को भी इसके बारे में सचेत करना चाहता था। ICICI Bank</p>
<p><a title="T20 World Cup 2024 की बड़ी अपडेट! इस बड़े खिलाड़ी को दिखाया बाहर का रास्ता!" href="http://10.0.0.122:1245/icc-mans-t20-world-cup-2024/">T20 World Cup 2024 की बड़ी अपडेट! इस बड़े खिलाड़ी को दिखाया बाहर का रास्ता!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Apr 2024 15:47:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब Mobile App से डाल सकेंगे चुनाव में वोट | Eection</title>
                                    <description><![CDATA[इलेक्शन कमीशन आॅफ इंडिया ने चुनाव में एक नई टेक्नोलॉजी का (Mobile App Eection) इस्तेमाल की है। इसमें यूजर्स फेशियल रिकग्निशन के जरिए चुनाव में वोट डाल पाएंगे। साधारण शब्दों में कहें, तो आपको चुनाव में वोट डालने के लिए वोटर आईडी की जरूरत नहीं होगी। मतदाता चुनाव में मोबाइल ऐप और सेल्फी की मदद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-you-will-be-able-to-vote-in-the-election-through-mobile-app/article-47365"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/43-mobile-apps-banned.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इलेक्शन कमीशन आॅफ इंडिया ने चुनाव में एक नई टेक्नोलॉजी का (Mobile App Eection) इस्तेमाल की है। इसमें यूजर्स फेशियल रिकग्निशन के जरिए चुनाव में वोट डाल पाएंगे। साधारण शब्दों में कहें, तो आपको चुनाव में वोट डालने के लिए वोटर आईडी की जरूरत नहीं होगी। मतदाता चुनाव में मोबाइल ऐप और सेल्फी की मदद से वोट डाल पाएंगे। इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बैंग्लोर के पोलिंग बूथ में किया जा रहा है। इसके लिए यूजर्स को आॅफिशियल ऐप पर अपनी सेल्फी अपलोड करनी होती है। इसके लिए यूजर फेशियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है। जब एक बार स्कैन सफलतापूर्वक हो जाएगा, तो वोट आपनी लाइन छोड़कर वोट डाल सकते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल | Eection</h3>
<p style="text-align:justify;">यह पहला मौका है, जब इलेक्शन कमीशन आॅफ इंडिया की तरफ से फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह बिल्कुल हालिया लॉन्च डिजि यात्रा सर्विस की तरह है। इसमें यूजर फेशियल रिकग्निशन का इस्तेमाल करके एयरपोर्ट पर लाइन लगाने से बच जाते हैं। हालांकि डिजि यात्रा और कर्नाटक चुनाव में फेशियल रिकग्निशन के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा चिंताएं जाहिर की जा रही हैं। इलेक्शन कमीशन ने बताया कि पोलिंग बूथ के आसपास फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में कोई इसका गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="लुधियाना में गैंगस्टर सुक्खा बाड़ेवालिया को गोलियों से भूना" href="http://10.0.0.122:1245/gangster-sukha-badewalia-gunned-down-in-ludhiana/">लुधियाना में गैंगस्टर सुक्खा बाड़ेवालिया को गोलियों से भूना</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">फर्जी वोटिंग पर लगाम| Eection</h3>
<p style="text-align:justify;">कमीशन का कहना है कि सेल्फी का मिलान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से होगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं करना होगा। इससे फर्जी वोटिंग पर रोक लगाई जा सकेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या करना होगा? Eection</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए यूजर्स को आॅफिशियल गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से चुनावना ऐप्लीकेशन डाउनलोड करना होगा।<br />
इसके बाद यूजर्स को इपिक नंबर और मोबाइल नंबर ऐप में दर्ज करना होगा। इसके बाद आपको ओटीपी से वेरिफाई करना होगा। जब यह प्रॉसेस पूरा हो जाएगा, तो आपको सेल्फी क्लिक करनी होगी और उसे ऐप पर अपलोड करनी होगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/now-you-will-be-able-to-vote-in-the-election-through-mobile-app/article-47365</link>
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                <pubDate>Mon, 08 May 2023 19:19:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब एमसेवा मोबाइल एप जारी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज यहां एप जारी करते हुए कहा कि सभी विभागों की विभिन्न एप का प्रयोग करने की बजाय अब एक ही मोबाइल एप के साथ सभी सरकारी सेवाएं आसानी से बिना किसी मुश्किल से हासिल की जा सकेंगी ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/punjab-m-service-mobile-app-released/article-12357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/mobile-app.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब की जनता को एक ही छत के नीचे सभी नागरिक सेवाएं मुहैया करवाने के लिए गुरूवार को पंजाब एमसेवा मोबाइल एप जारी की गई ,इसके बाद सभी सरकारी विभागों की सेवाएं स्मार्ट फोन पर एक बटन दबा कर उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज यहां एप जारी करते हुए कहा कि सभी विभागों की विभिन्न एप का प्रयोग करने की बजाय अब एक ही मोबाइल एप के साथ सभी सरकारी सेवाएं आसानी से बिना किसी मुश्किल से हासिल की जा सकेंगी ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोग अपने निजी दस्तावेज एमसेवा मोबाइल के जरिए अपने डिजीलौकर में रख सकते हैं।</h3>
<p style="text-align:justify;">यह मोबाइल एप्लीकेशन राज्य निवासियों को उनके ऐनड्रोड और आई.ओ.एस. स्मार्ट फोनों पर उपलब्ध होगी जो सम्बन्धित एप स्टोर पर एमसेवा पंजाब खोज कर डाउनलोड की जा सकेगी। प्रशासकीय सुधार विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन ने बताया कि अब एक ही मोबाइल एप के जरिए स्कूल शिक्षा, सेहत व परिवार कल्याण, राजस्व, ग्रामीण विकास व पंचायत, सामाजिक न्याय, सशक्तीकरन और अल्पसंख्यक, पंजाब राज्य मंडीकरण बोर्ड, पंजाब पुलिस, पंजाब शहरी योजना और विकास अथॉरिटी समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं हासिल की जा सकेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सेवा के स्टेटस का ट्रैक भी एमसेवा या सेवा केंद्र के द्वारा किया जा सकेगा।</h3>
<p style="text-align:justify;">अपनी डिजीटल यात्रा पर चलते हुए राज्य सरकार द्वारा यह मोबाइल एप्लीकेशन मंच ऐंटरप्राईजज आर्किटेक्चर पर आधारित है। श्रीमती महाजन ने कहा कि एप का इस्तेमाल करने वाले नागरिक से संबंधित सेवा की अदा की जाने वाली राशि का भुगतान भी आॅनलाइन कर सकेंगे। इसके बाद सेवा के स्टेटस का ट्रैक भी एमसेवा या सेवा केंद्र के द्वारा किया जा सकेगा। इस एप के द्वारा नजदीकी सरकारी संस्थाओं, अपने सम्बन्धित गाँव /कस्बे के विकास कामों की स्थिति और सरकारी संदेश भी हासिल किए जा सकेंगे।</p>
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</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jan 2020 16:42:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल एप से सीखें खेती के गुर</title>
                                    <description><![CDATA[कृषि से जुड़े हर सवाल का जवाब व मिलेंगे हर तरह के उपाय नई दिल्ली। देशभर में आज भी बड़ी संख्या में किसान परंपरागत खेती कर रहे हैं जबकि कई किसान ऐसे हैं जो खेती-किसानी की जानकारियों में अपडेट रहकर कृषि क्षेत्र में नई-नई कामयाबी हासिल कर रहे हैं। कोई गन्ने के साथ-साथ टमाटर की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/features/learn-from-mobile-app-farming-tricks/article-4688"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/mobile-app.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कृषि से जुड़े हर सवाल का जवाब व मिलेंगे हर तरह के उपाय</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देशभर में आज भी बड़ी संख्या में किसान परंपरागत खेती कर रहे हैं जबकि कई किसान ऐसे हैं जो खेती-किसानी की जानकारियों में अपडेट रहकर कृषि क्षेत्र में नई-नई कामयाबी हासिल कर रहे हैं। कोई गन्ने के साथ-साथ टमाटर की खेती कर रहा है तो कोई छोटी मगर कमाल की मशीनों का अपने खेती में उपयोग कर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ी बात यह है कि किसान आज तेजी से सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिये खेती-किसानी की जानकारी बटोर रहे हैं और उन्हें अपनी खेती में उपयोग कर मोटा मुनाफा भी कमा रहे हैं। आज हम किसानों को खेती-किसानी से जुड़े ऐसे कुछ मोबाइल एप के बारे में बताएंगे जो न सिर्फ उन्हें कृषि क्षेत्र की सही जानकारी देंगे, बल्कि खेती से जुड़े उनके सवालों का उपाय भी बताएंगे।</p>
<h1 style="text-align:center;">एम किसान मोबाइल एप</h1>
<p style="text-align:justify;">किसान भाईयों के लिए एम किसान मोबाइल एप बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। ऐसा कहना इसलिये है क्योंकि इस मोबाइल एप के जरिये किसान खेती-किसानी से जुड़े अपने किसी भी तरह के सवालों का जवाब किसान विशेषज्ञों से पा सकते हैं। किसान विशेषज्ञों की सही सलाह से किसान अपनी फसलों में बेहतर उत्पादन के साथ-साथ ज्यादा मुनाफा भी कमा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, किसान इस एप के जरिये लाइव विशेषज्ञों से बात भी कर सकते हैं। किसानों के लिए इस मोबाइल एप को डैक पुणे की मदद से कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा विकसित किया गया है। यह मोबाइल एप किसान भाई एमकिसान पोर्टल पर पंजीकरण कर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एककिसान इंडिया नाम से गूगल प्ले स्टोर से भी डाउनलोड किया जा सकता है।</p>
<h1 style="text-align:center;">एग्री पोर्टल</h1>
<p style="text-align:justify;">इस मोबाइल एप से भारत में किसान व्यापारी और किसान बिना किसी शुल्क के नवीनतम मूल्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह एप मंडी में कीमत पता लगाने के लिए बेहद उपयुक्त एप है और इसका किसानों समेत अन्य सभी लोगों द्वारा भी उपयोग किया जा सकता है। इस एप के डाउनलोड करने से किसानों को कृषि बाजार में उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी मिलती है। यह मोबाइल एप हिन्दी, गुजराती और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। जल्द ही यह मोबाइल एप तेलगू, तमिल और बंगाली में भी उपलब्ध होगा।</p>
<h1 style="text-align:center;">शेतकारी मासिक मोबाइल एप</h1>
<p style="text-align:justify;">शेतकारी मासिक मोबाइल एप असल में च्च्शेतकारी मासिक” पत्रिका है। यह पत्रिका कृषि विभाग महाराष्ट्र की ओर से पिछले 51 सालों से प्रकाशित की जा रही है। यह एक लोकप्रिय पत्रिका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस शेतकारी मासिक मोबाइल एप को एक बार डाउनलोड करने पर खेती-किसानी से जुड़ी आप जानकारी पा सकते हैं। अच्छी बात यह है कि एक बार डाउनलोड किये जाने के बाद इसे बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी पढ़ा जा सकता है और किसान भाई उपयुक्त जानकारी पा सकते हैं।</p>
<h1 style="text-align:center;">फार्म ओ पीडिया</h1>
<p style="text-align:justify;">इस मोबाइल एप के जरिये किसान अपने मिट्टी और मौसम के अनुसार उपयुक्त फसल का चुनाव, फसलवार जानकारी, अपने क्षेत्र में मौसम के बारे में और अपने मवेशियों को संभालने के बारे में जानकारी दी गई है। यह मोबाइल एप भी किसानों के लिए उपयोगी है। यह एप अभी अंग्रेजी और गुजराती भाषा में उपलब्ध है। सीडैक, मुंबई की ओर से विकसित यह एप ग्रामीणों के लिए बहुभाषी एप है।</p>
<h1 style="text-align:center;">किसान सुविधा</h1>
<p style="text-align:justify;">किसानों के लिए एक मोबाइल एप किसान सुविधा भी बहुत उपयोगी है। इस एप के जरिये किसान अगले पांच दिनों के मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा किसान व्यापारी, बाजार में कीमतों, कृषि परामर्श, पौध सरंक्षण और आईपीएम आचरण समेत कई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। मौसम की जानकारियों के साथ निकटतम क्षेत्र में बाजार मूल्यों के बारे में इस एप के जरिये पता किया जा सकता है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फीचर्स</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/features/learn-from-mobile-app-farming-tricks/article-4688</link>
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                <pubDate>Fri, 06 Jul 2018 03:28:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल एप से बनें इंग्लिश में एक्सपर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[इंग्लिश सीखने का एक बेहतरीन मंच है आपका स्मार्टफोन किसी भी भाषा को सीखना अपने आप में एक खास बात है। अंग्रेजी भाषा को भी आप टीचिंग के पारंपरिक तरीकों, प्रैक्टिस, पढा़ई से सीख सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपका स्मार्टफोन भी इंग्लिश सीखने का एक बेहतरीन तरीका है। अगर आपको इंग्लिश […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/features/learn-english-from-mobile-app-and-expert-in-english/article-3667"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/mobile.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">इंग्लिश सीखने का एक बेहतरीन मंच है आपका स्मार्टफोन</h1>
<p style="text-align:justify;">किसी भी भाषा को सीखना अपने आप में एक खास बात है। अंग्रेजी भाषा को भी आप टीचिंग के पारंपरिक तरीकों, प्रैक्टिस, पढा़ई से सीख सकते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपका स्मार्टफोन भी इंग्लिश सीखने का एक बेहतरीन तरीका है। अगर आपको इंग्लिश सीखनी हो या फिर इंग्लिश में अपने स्किल्स इंप्रूव करने हो आपके मोबाइल के ऐप्स आपको इंग्लिश में एक्सपर्ट बना सकते हैं। इन ऐप्स के जरिए आप इंग्लिश सीखेंगे ही साथ ही बुक्स से कहीं ज्यादा आसानी से प्रैक्टिस भी कर सकेंगे। ये ऐप आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Duolingo-</strong></p>
<p style="text-align:justify;">यह इंग्लिश सीखने का बेसिक लर्निंग सिस्टम है। इसके चैप्टर इस तरह के हैं जिसके जरिए आपको स्किल ट्री से पढ़ाया जाता है। यहीं नहीं यह आपको लेखन के पूरा होने पर अवार्ड भी दिया जाता है। यही नहीं इस एप के जरिए आपको हर सवाल का सही जवाब देने पर प्रोत्साहित भी किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Memise</strong> :-</p>
<p style="text-align:justify;">इस एप के जरिए इंग्लिश के साथ ही कई और भाषाएं भी सीख सकते हैं। इस एप्प के सभी कोर्स आप आॅनलाइन मोड में भी पढ़ सकते हैं। यह एप्प प्वाइंट सिस्टम से आपको इंग्लिश की बारिकियां सिखाता है। इस एप के जरिए आप क्रिएटिव तरीकों की मदद से इंग्लिश के शब्दों को याद कर सकते हैं। इस एप का कोर्स यूजर्स द्वारा डिजाइन किया गया है। इस तरह आप तुलना भी कर सकते हैं कि दूसरे इंग्लिश लर्नर्स ने कैसे इंग्लिश सीखी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Lingua.ly-</strong></p>
<p style="text-align:justify;">यह एप एक वोकेबलरी टूल है। यह एक तरह से वेब कंटेंट को भाषा सीखने के अवसर में तब्दील कर देता है। इस एप में आप वोकेबलरी टेस्ट भी दे सकते हैं। यहां इंग्लिश सिखाने के लिए असीमित टेस्ट हैं जिनके जरिए आप इंग्लिश में अपनी पकड़ बना सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Jeluuny grammar’s word challenge: –</strong></p>
<p style="text-align:justify;">यह एक फन लिटिल क्विज एप्लीकेशन है। इस एप के जरिए आप स्पेल चेक, ग्रामर, वोकेबलरी में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं। इस ऐप में सीखने के लिए तीन लेवल हैं। ईजी मीडियम और हार्ड। यही नहीं इस एप की मदद से आप और भी कई यूजर्स से कॉम्पीट भी कर सकते हैं।</p>
<h1 style="text-align:justify;">लगातार सीखना</h1>
<p style="text-align:justify;">ज्यादातर लोगों को लगता है कि जॉब मिलने के बाद वे सेटल हो गए हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक जॉब मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपने अपना लक्ष्य पा लिया है और सीखने का सिलसिला खत्म हो गया है। आपको करियर गोल की तरफ आगे बढ़ते रहना चाहिए। मेडिसिन, नर्सिंग, आईटी, इंजिनियरिंग जैसे ग्लोबल प्रफेशंस में लगातार सीखना पड़ता है। दुनिया डिजिटल हो रही है। ऐसे में आपको डिजिटल स्किल्स बढ़ानी चाहिए, चाहे आप किसी भी सेक्टर में काम क्यों न कर रहे हों।</p>
<h1 style="text-align:justify;">कार्य की गहरी समझ होना जरूरी</h1>
<p style="text-align:justify;">एक बार आप करियर की सीढ़ी पर चढ़ गए तो आपको पता चलता है कि आपके मौजूदा स्किल सेट पर्याप्त नहीं हैं। मिसाल के तौर पर, ज्यादातर लोग आईटी सेक्टर में प्रोग्रामर के तौर पर आते हैं और बढ़कर टीम लीडर बन जाते हैं।अगला लेवल मैनेजमेंट का होता है और इसके लिए कोडिंग से आगे बढ़ने की जरूरत होती है। यहां आपको सेल्स, प्रोजेक्ट के फाइनेंशियल आस्पेक्ट्स, कस्टमर सर्विस जैसी चीजें जानने की जरूरत होती है। आपको इंडस्ट्री की भी गहरी समझ होनी चाहिए।</p>
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                                                            <category>फीचर्स</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Mar 2018 03:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘सेल्फी विद डॉटर’ से बढ़ेगा बेटियों का मान</title>
                                    <description><![CDATA[रंग लाई जींद के युवा की मुहिम, राष्ट्रपति ने लांच किया मोबाइल एप पहली सेल्फी में राष्ट्रपति संग नजर आर्इं हरियाणा की बेटियां नरवाना(बिन्टू सिंह)। हरियाणा की बेटियों को विश्व स्तर पर नई पहचान देने के लिए देशव्यापी सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू करने वाले जींद जिले के गांव बीबीपुर के नौजवान सुनील जागलान की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/president-launches-mobile-app/article-1087"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/selife-with.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रंग लाई जींद के युवा की मुहिम, राष्ट्रपति ने लांच किया मोबाइल एप</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पहली सेल्फी में राष्ट्रपति संग नजर आर्इं हरियाणा की बेटियां </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नरवाना(बिन्टू सिंह)।</strong> हरियाणा की बेटियों को विश्व स्तर पर नई पहचान देने के लिए देशव्यापी सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू करने वाले जींद जिले के गांव बीबीपुर के नौजवान सुनील जागलान की मुहिम को शुक्रवार को उस समय और बल मिला जब भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए एक मोबाइल एप लांच किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अब कोई भी व्यक्ति अपनी बेटी के साथ सेल्फ ी लेकर इस एप के माध्यम से म्यूजियम में अपनी फ ोटो अपलोड कर सकता है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने हरियाणा से दिल्ली पहुंची छोटी बच्चियों के साथ सेल्फ ी लेकर इस एप के माध्यम से उसे अपलोड कर औपचारिक उद्घाटन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि महिलाओं अथवा बेटियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास योजनाओं का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस संदेश का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी राष्टÑ की तरक्की का सूचक वहां की महिलाओं को मिलने वाला सम्मान होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">महामहिम ने जींद के गांव बीबीपुर निवासी सुनील जागलान द्वारा शुरू किए गए अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ अभियान सेल्फ ी विद डॉटर आज समूचे विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुका है और इस अभियान के बल पर बेटियों को समाज में अधिक सम्मान व गौरव मिला है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने मन की बात में किया था उल्लेख</h2>
<p style="text-align:justify;">जींद जिले के गांव बीबीपुर निवासी सुनील जागलान द्वारा शुरू किए गए इस अभियान ने जहां बेटियों को अलग पहचान दिलाई है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2015 को मन की बात कार्यक्रम में इसका उल्लेख करते हुए बधाई दी थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के दौरान भारतीयों के लिए दिए गए भाषण में भी इस अभियान का उल्लेख किया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इसलिए शुरू किया अभियान</h2>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सुनील जागलान ने बताया कि 24 जनवरी 2012 को जब एक अस्पताल में उनकी बेटी का जन्म हुआ तो अस्पताल की एक नर्स के चेहरे भाव बड़े अजीबोगरीब थे। अस्पताल से छुट्टी के समय उन्होंने जब नर्स को मिठाई बांटने के लिए दो हजार रुपए दिए तो उसने यह कहते हुए लेने से इनकार कर दिया कि अगर बेटा होता तो हम यह ले सकते थे आप केवल 100 रुपए ही दे दीजिए। इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने समाज की बेटियों के प्रति सोच बदलने तथा उन्हें गौरव दिलाने की दिशा में कई प्रयास किए,जो बेहद सफल हुए हैं।</p>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:26:00 +0530</pubDate>
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