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                <title>Aadhar - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>बच्चों के आधार कार्ड को 5 से 15 वर्ष के बीच बायोमेट्रिक अपडेट करना अनिवार्य-उपायुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। उपायुक्त डॉ0 मनोज कुमार ने बुधवार को जिला स्तरीय आधार (Aadhaar) निगरानी समिति की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन्म के समय जिन बच्चों के आधार कार्ड बने हैं उनके पांच से 15 वर्ष की आयु के बीच बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) अवश्य अपडेट होने चाहिए। अगर यह अपडेट नहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/it-is-mandatory-to-update-biometrics-of-children-aadhar-card-deputy-commissioner/article-52939"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/kharkhoda-news-2-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> उपायुक्त डॉ0 मनोज कुमार ने बुधवार को जिला स्तरीय आधार (Aadhaar) निगरानी समिति की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन्म के समय जिन बच्चों के आधार कार्ड बने हैं उनके पांच से 15 वर्ष की आयु के बीच बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) अवश्य अपडेट होने चाहिए। अगर यह अपडेट नहीं होते हैं तो आधार रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने एडीआईओ को निर्देश दिए कि वे जिला के ऐसे आधार केन्द्रों का निरीक्षण करें जहां पर ज्यादा संख्या में लोग अपना आधार से संबंधित कार्य करवाने आते और वहां पर ये चेक करें कि एक व्यक्ति का कार्य कितने समय में पूरा किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड केन्द्र पर आने वाले लोगों के बिना देरी के आधार से संबंधित कार्य पूरा करवाया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आधार केन्द्र पर आने वाले लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी सुनिश्चित करें। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बैंकों, डाकघरों व सीएससी सेंटरों में आधार अपडेट कार्य गंभीरता से किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को आधार अपडेट करवाने के प्रति जागरूक करने के लिए गांवों में जागरूकता कैंप आयोजित करें। लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि वह आधार कार्ड में अपना वर्तमान पता, मोबाइल नंबर और अपने बच्चों का बेहद जरूरी बायोमीट्रिक अपडेट अवश्य करवाएं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों में बच्चों के लिए यह बायोमीट्रिक अपडेट पूरी तरह से नि:शुल्क है। इसके साथ ही इनरोलमेंट सेंटर पर जाकर अगर कोई व्यक्ति किसी भी तरह का अपडेट करवाता है तो 50 रुपये फीस लगती है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ को भी निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी वर्करों को भी सूचित करें कि वे घर-घर जाकर लोगों को इस कार्य के लिए प्रेरित करें। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे आठ से दस साल पहले बने आधार कार्ड को दिसंबर माह तक अवश्य अपडेट कराएं। ताकि विभिन्न प्रकार की सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। बैठक में वीसी के माध्यम से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव ने भी अधिकारियों को आधार अपडेट से संबंधित जानकारी दी। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी, एसीपी नरसिंह, डीआईओ विशाल सैनी, महिला एवं बाल विकास विभाग की पीओ प्रवीण कुमारी, एडीसी कार्यालय से पीए नितिन शर्मा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चीन में मंकीपॉक्स का पहला मामला, जानें इसके लक्षण" href="http://10.0.0.122:1245/first-case-of-monkeypox-in-china/">चीन में मंकीपॉक्स का पहला मामला, जानें इसके लक्षण</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 16:16:45 +0530</pubDate>
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                <title>1 अक्टूबर से नए नियम का ऐलान, बर्थ सर्टिफिकेट से होंगे ऐसे-ऐसे काम</title>
                                    <description><![CDATA[मानसून सत्र में पास हुआ था बिल | Birth Certificate नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल 2023 पारित किया गया था, जिसे राष्ट्रपति से भी सहमति मिल चुकी थी। एक अक्टूबर से इसे लागू किया जा रहा है। इस बिल से डॉक्यूमेंट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/all-work-will-be-done-with-birth-certificate/article-52338"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/birth-certificate-1.gif" alt=""></a><br /><h3>मानसून सत्र में पास हुआ था बिल | Birth Certificate</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल 2023 पारित किया गया था, जिसे राष्ट्रपति से भी सहमति मिल चुकी थी। एक अक्टूबर से इसे लागू किया जा रहा है। इस बिल से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में बर्थ सर्टिफिकेट की अहमियत बढ़ जाएगी। बर्थ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल स्कूल में एडमिशन, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, वोटर आईडी, विवाह पंजीकरण, सरकारी रोजगार, पासपोर्ट और आधार बनवाने सहित कई जगहों पर सिंगल डॉक्यूमेंट के तौर पर किया जा सकेगा। Birth Certificate</p>
<p style="text-align:justify;">यह नया कानून रजिस्टर्ड बर्थ-डेथ का नेशनल और स्टेट लेवल डेटा बेस बनाने में भी सहयोग करेगा। इससे पब्लिक सर्विसेज बेहतर तरीके से डिलीवर की जा सकेंगी। ये नया नियम 1 अक्टूबर या इसके बाद बनने वाले बर्थ सर्टिफिकेट पर लागू होगा। नया कानून लागू होने से सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट डिजिटल रूप से भी मिल पाएगा। अभी इसकी हार्ड कॉपी ही मिल पाती है। इसके लिए भी कई-कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब आपके मन में यह सवाल होगा कि क्या बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट का इस्तेमाल आधार कार्ड की तरह ही होगा? बता दें कि अभी तक आधार कार्ड को हर जगह पहचान पत्र की तरह यूज किया जाता रहा है। इसे अपने दूसरे डॉक्यूमेंट और अकाउंट से लिंक कराने की जरूरत पड़ती है। उसी तरह ये बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट होगा, जोकि बर्थ और डेथ प्रूफ के लिए हर जगह पर सर्वमान्य पहचान पत्र की तरह काम करेगा। Birth Certificate</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Alien News: …अब मेक्सिको की संसद में भी ‘एलियन’, जानिये क्या है माजरा" href="http://10.0.0.122:1245/alien-in-mexicos-parliament-know-what-is-the-matter/">Alien News: …अब मेक्सिको की संसद में भी ‘एलियन’, जानिये क्या है माजरा</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Sep 2023 18:26:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जानकारियां सुरक्षित होने के दावे कितने खरे?</title>
                                    <description><![CDATA[आधार कार्ड के डाटाबेस की सुरक्षा में सेंध को लेकर आए दिन नए-नए दावे सामने आ रहे हैं और विडंम्बना यह है कि आधार प्राधिकरण इस तरह के दावों को खारिज करने से ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा है। अब हाफिंगटन पोस्ट की तीन माह की पड़ताल के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/aadhar-card-security/article-6008"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/uidai.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आधार कार्ड के डाटाबेस की सुरक्षा में सेंध को लेकर आए दिन नए-नए दावे सामने आ रहे हैं और विडंम्बना यह है कि आधार प्राधिकरण इस तरह के दावों को खारिज करने से ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहा है। अब हाफिंगटन पोस्ट की तीन माह की पड़ताल के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आधार का सॉफ्टवेयर हैक किया जा चुका है तथा भारत के लगभग एक अरब लोगों की निजी जानकारियां दांव पर हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार महज ढ़ाई हजार रुपये खर्च कर आसानी से फर्जी आधाार बनाया जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आधार डाटा में एक सॉफ्टवेयर पैच के जरिये सेंध लगाई जा सकती है और सुरक्षा फीचर को बंद किया जा सकता है। यह पैच आधार सॉफ्टवेयर की आंखों को पहचानने की क्षमता को कमजोर कर देता है और इस कारण आधार सॉफ्टवेयर को धोखा देकर इस सॉफ्टवेयर पैच के जरिये दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति किसी के भी नाम से आधार बना सकता है</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यूआईडीएआई ने इसका खंडन करते हुए हर बार की तरह फिर कहा है कि आधार डाटाबेस में सेंधमारी असंभव है और आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर हैक किए जाने की रिपोर्ट पूरी तरह गलत है लेकिन जैसा कि मीडिया रिपोर्ट में सामने आया कि आधार हैक करने वाला सॉफ्टवेयर मात्र ढ़ाई-ढ़ाई हजार रुपये में बेचा जा रहा है और यही नहीं, यू-ट्यूब पर भी कई ऐसे वीडियो हैं, जिनमें दर्शाया गया है कि किस तरह एक कोड के जरिये किसी के भी आधा से छेड़छाड़ कर नया आधार कार्ड बनाया जा सकता है। ज्यादा दिन नहीं हुए, जब आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई के संस्थापक प्रबंध निदेशक रह चुके टेलीकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी आॅफ इंडिया (ट्राई) के प्रमुख आर एस शर्मा द्वारा चुनौती दिए जाने पर उनके आधार कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हैकर्स द्वारा सार्वजनिक कर दी गई थी और आधार कार्ड के डाटाबेस की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने गत दिनों ट्विटर पर अपना 12 अंकों का आधार नंबर ट्वीट कर चुनौती दी थी कि अगर इससे सुरक्षा से जुड़ा कोई खतरा है तो कोई मेरे आंकड़े लीक करके दिखाएं और चंद घंटों के भीतर फ्रांस के सिक्योरिटी एक्सपर्ट हैकर इलियट एल्डर्सन ने ट्राई चीफ के फोन नंबर, घर के पते, जन्मतिथि, बैंक खाते इत्यादि कई जानकारियां ट्विटर पर सार्वजनिक कर आधार की सुरक्षा से जुड़ी खामियों को बड़ी सहजता से उजागर कर दिया था। हालांकि ‘यूआईडीएआई’ मानने को तैयार नहीं था कि ट्राई चीफ की ये व्यक्तिगत जानकारियां आधार के डाटा बेस या यूआईडीएआई के सर्वर से ली गई बल्कि उसका कहना था कि ये तमाम जानकारियां हैकर्स ने गूगल तथा अन्य वेबसाइट्स से हासिल की।</p>
<p style="text-align:justify;">यूआईडीएआई के इस खंडन को ज्यादा पल नहीं बीते थे कि ‘एथिकल हैकर्स नामक दूसरे ग्रुप ने आधार नंबर से महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाकर शर्मा के बैंक अकाउंट में आधार से जुड़े पेमेंट सर्वर के ही माध्यम से एक रुपया भेजने का दावा किया, जिसका उन्होंने स्क्रीन शॉट भी शेयर किया। यदि आधार वाकई इतना ही सुरक्षित है तो सवाल यह उठता है कि यूआईडीएआई को इस तरह की एडवायजरी क्यों जारी करनी पड़ी? अगर आधार इतना ही सुरक्षित है तो क्यों गत वर्ष यूआईडीएआई द्वारा आधार डाटा में सेंधमारी को लेकर 50 से अधिक एफआईआर दर्ज कराई गई? अगर हमारे देश के अलावा फ्रांस तक के हैकर्स आधार की जानकारियां लीक करके दिखा रहे हैं और यूआईडीएआई अब आधार नंबर को सोशल मीडिया पर शेयर न करने की चेतावनी दे रहा है तो आसानी से समझा जा सकता है कि आधार की जानकारियां सुरक्षित होने के दावे कितने खरे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अब यह तो आधार प्राधिकरण की ही जिम्मेदारी है कि वो हैकर्स की तमाम चुनौतियों को ध्वस्त करते हुए जनता को आधार के सुरक्षित होने का विश्वास दिलाए। साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल का मानना है कि यह नए तरह का साइबर हमला है और अगर यह साइबर हैकरों का काम है तो निश्चित रूप से डिजिटल सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। वह कहते हैं कि आधार की सुरक्षा को लेकर जितना हमें करना चाहिए था, हम नहीं कर सके और रही-सही कसर पिछले दिनों ट्राई चीफ की चुनौती ने पूरी कर दी, जिसने दुनियाभर के हैकर्स को आधार में सेंधमारी के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ माह पहले बेंगलुरु की ‘सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसायटी (सीआईएस) की एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसने आधार कार्ड की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि करीब 13.5 करोड़ आधार कार्ड का डाटा लीक होने की आशंका है और कई सरकारी विभागों ने करोड़ों लोगों की आधार कार्ड की जानकारियां सार्वजनिक कर दी हैं, जिसे अब कोई भी देख सकता है। सीआईएस के मुताबिक उसने यह रिपोर्ट चार डाटा बेस की स्टडी करने के बाद तैयार की थी। हालांकि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा नहीं किया गया कि डाटा जानबूझकर लीक किया गया या फिर किसी की गलती से ऐसा हुआ और न ही यह जानकारी दी गई थी कि डाटा लीक होने के पीछे क्या कारण रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सीआईएस के अनुसार जिन चार जगहों से आधार डाटा लीक हुआ, उनमें दो डाटा बेस रूरल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री से जुड़े थे, जिनमें एक था नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम का डैशबोर्ड और दूसरा नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट का पोर्टल। इसके अलावा दो डाटा बेस आंध्र प्रदेश से जुड़े थे, जिनमें एक स्टेट का नरेगा पोर्टल था और दूसरा चंद्राना बीमा नामक सरकारी स्कीम का डैशबोर्ड। रिपोर्ट के मुताबिक इन चार पोर्टल्स से कुल मिलाकर करीब 13.5 करोड़ लोगों की आधार कार्ड की जानकारियां लीक हुई, जिनमें 10 करोड़ के करीब अकाउंट नंबर होने की संभावना जताई गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">करीब चार माह पहले आधार कानून की वैधता पर सुनवाई कर रही सर्वोच्च अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने तो केन्द्र सरकार से यह सवाल भी किया था कि वह हर चीज को आधार से क्यों जोडऩा चाहती है? क्या वह हर व्यक्ति को आतंकवादी समझती है? आधार से निजता का गंभीर प्रश्न जुड़ा है और इसके दुरूपयोग के मामले भी अक्सर सामने आते रहे हैं। बड़ी तादाद में आधार तथा बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां लीक होने की बातें भी सामने आती रही हैं और ऐसी खबरें भी आती रही हैं कि इंटरनेट पर लाखों लोगों के आधार कार्ड और उससे जुड़ी समस्त जानकारियां आसानी से उपलब्ध हैं, जिन्हें कोई भी हासिल कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार या यूआईडीएआई भले ही आधार के सुरक्षित होने को लेकर कितने भी दावे करें किन्तु हकीकत यही है कि सवा सौ करोड़ की विशाल आबादी के व्यक्तिगत आंकड़ों को सुरक्षित रखने का हमारे पास अभी तक कोई भरोसेमंद नेटवर्क है ही नहीं।करीब एक दशक पहले इंग्लैंड द्वारा भी ऐसा ही बायोमैट्रिक प्रोजेक्ट शुरू किया गया था किन्तु साइबर सुरक्षा की चुनौतियों का अहसास होते ही उसे तुरंत बंद कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार आस्ट्रेलिया ने भी अपने ऐसे ही प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हैकर्स द्वारा 2015 में अमेरिकी सरकार के नेटवर्क से करीब पचास लाख लोगों के फिंगर प्रिंट हैक कर लिए गए थे, ऐसे में आधार के बायोमैट्रिक डाटाबेस की सुरक्षा पर अगर सवाल उठ रहे हैं तो इन्हें इतनी सहजता से खारिज नहीं किया जा सकता। गत वर्ष विकीलीक्स द्वारा बताया गया था कि अधिकांश भारतीयों के आधार की जानकारी अमेरिका के पास है किन्तु इस खबर के आधार पर अपने आधार डाटा सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के बजाय प्राधिकरण ऐसी खबरों को दबाने में ही ज्यादा ऊर्जा खर्च करता रहा है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>योगेश कुमार गोयल</strong></p>
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<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Sep 2018 08:55:39 +0530</pubDate>
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                <title>आज से पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली:आधार कार्ड आपकी जिंदगी का आधार बनता जा रहा है। एक जुलाई, 2017 से कई अहम चीजों के लिए ‘आधार’ देने को जरूरी बना दिया गया है। ऑनलाइन रिटर्न भरने से लेकर पासपोर्ट बनवाने और स्कॉलरशिप लेने तक के लिए ‘आधार’ नंबर देना होगा। हालांकि, कई गवर्नमेंट स्कीम्स का फायदा 30 सितंबर तक बगैर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/aadhar-is-required-to-build-a-passport-from-today/article-1820"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/pasport.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong>आधार कार्ड आपकी जिंदगी का आधार बनता जा रहा है। एक जुलाई, 2017 से कई अहम चीजों के लिए ‘आधार’ देने को जरूरी बना दिया गया है। ऑनलाइन रिटर्न भरने से लेकर पासपोर्ट बनवाने और स्कॉलरशिप लेने तक के लिए ‘आधार’ नंबर देना होगा। हालांकि, कई गवर्नमेंट स्कीम्स का फायदा 30 सितंबर तक बगैर ‘आधार’ भी मिलता रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पैन से आधार को जोड़ना जरूरी</h2>
<p style="text-align:justify;"> पैन को ‘आधार’ से जोड़ना अब जरूरी कर दिया गया है। चार्टड अकाउंटेंट (सीए) हिमांशु कुमार के मुताबिक इससे गवर्नेंट-कंज्यूमर दोनों को फायदा है। पैन से दो मिनट में इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन दाखिल किया जा सकेगा। वहीं, कई लोग 2-3 पैन रखते हैं और टैक्स चोरी के लिए फर्जीवाड़ा करते हैं। इस पर रोक लगेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jul 2017 00:17:44 +0530</pubDate>
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                <title>योगी सरकार ने मंदसौर हिंसा से ली सीख</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के तमाम क्षेत्रों में चल रहे किसान आंदोलनों की खबरों के बीच यूपी से किसानों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। शुक्रवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में फसली ऋण माफी योजना को लागू करने के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/yogi-sarkar-took-lessons-from-mandsaur-violence/article-1088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/yogi-ji-uttar-pardesh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ:</strong> मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के तमाम क्षेत्रों में चल रहे किसान आंदोलनों की खबरों के बीच यूपी से किसानों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। शुक्रवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में फसली ऋण माफी योजना को लागू करने के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।</p>
<p>बैठक में योगी आदित्यनाथ ने फसली ऋण माफी योजना को लेकर वित्त विभाग को प्रभावी निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यूपी की योगी सरकार की इस तत्परता के पीछे मध्य प्रदेश का हिंसक किसान आंदोलन काम कर रहा है।</p>
<h2>किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जाए</h2>
<p>योगी ने कहा कि इस योजना के प्रभावी रूप से लागू करने के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाए। योजना का लाभ पाने वाले किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराया जाए।</p>
<p> </p>
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                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:32:55 +0530</pubDate>
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