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                <title>आंकड़ों से नहीं वास्तव में हल हो कृषि संकट</title>
                                    <description><![CDATA[यदि यह कहा जाए कि कृषि उत्पादन बढ़िया है तब भी इसे कृषि संकट का हल नहीं कहा जा सकता। यह ठीक ऐसे है जैसे सरकार कहती है कि लोगों ने कारें अधिक खरीदी हैं तो गरीबी कम हुई है। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि के बारे में भी ऐसा ही बयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/do-not-really-solve-agriculture-crisis/article-4072"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kisahn.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यदि यह कहा जाए कि कृषि उत्पादन बढ़िया है तब भी इसे कृषि संकट का हल नहीं कहा जा सकता। यह ठीक ऐसे है जैसे सरकार कहती है कि लोगों ने कारें अधिक खरीदी हैं तो गरीबी कम हुई है। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि के बारे में भी ऐसा ही बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि एनडीए सरकार दौरान कृषि उत्पादन यूपीए सरकार के मुकाबले बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये आंकड़ों की जादूगरी है जो सुधार और तरक्की दिखाती हैं जमीनी हकीकत नहीं। उत्पादन दो तीन दशकों से ही बढ़ रहा है पर किसानों को लागत खर्चों के मुताबिक भाव नहीं मिल रहा। केंद्र ने मक्का का कम से कम समर्थन मूल्य 4400 रुपये तय किया है लेकिन मक्का 3400 रु. में बिक रहा है। यही हाल सरसों का है। अगर उत्पादन बढ़ाना कृषि की तरक्की का प्रमाण है तो किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला क्यों नहीं रुक रहा? भाजपा की सरकारों वाले राज्य ही कर्ज माफी का निर्णय ले रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कृषि कर्ज माफ करने का निर्णय लिया है। कर्नाटक विधानसभा चुनावों दौरान अपने घोषणा-पत्र में भाजपा ने कर्ज माफी का वायदा किया था, कृषि के साथ-साथ डेयरी, मधुमक्खी पालन व अन्य सहायक धन्धे बुरी तरह फे ल साबित हुए हैं। प्राकृतिक आपदाओं से नुक्सान हुआ है। कृषि नीतियां राजनेताओं द्वारा तैयार की जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विशेषज्ञों की समिति बनती है लेकिन रिपोर्ट या तो पढ़ी नहीं जाती या फिर आखिरी निर्णय राजनेता ही लेते हैं। कृषि मंत्री उत्पादन के विस्तार के आंकड़े पेश कर तकनीकी होशियारी के साथ किसानों को खुशहाल दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस समय दौरान कृषि लागत खर्च में कितना इजाफा हुुआ इसका जिक्र तक नहीं किया जाता।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्पादन बढ़ने के साथ पैसा अधिक आता है, लेकिन खर्च को कुल बिक्री राशि से घटाने के बिना आमदन कैसे अच्छी आंकी जा सकती है। कृषि संबंधी सार्थक निर्णय लेने की बजाए प्रशासनिक सुधारों पर ही जोर दिया जा रहा है। सरकार फसल विभिन्नता को लोकप्रिय नहीं बना सकी। चंद किसान अपने बलबूते पर नए रास्ते निकाल रहे हैं नहीं तो नई फसलों की बिक्री के लिए मंडीकरण की समस्या का हल ही नहीं हो रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">खाद, बीज, कृषि यंत्र महंगे हो रहे हैं। पराली या गेहूं के अवशेष न जलाने के लिए कानून का पालन करने के लिए किसानों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसान प्रदूषण फैलाने के पक्ष में नहीं लेकिन मसले का हल वह खुद भी नहीं निकाल सकते। केन्द्रीय कृषि मंत्री कृषि की असल तस्वीर पेश करें न कि कृषि उत्पादन में विस्तार का एकतरफा बयान देकर कृषि संबंधी गलतफहमी पैदा न करें। कृषि में सुधार के लिए कम से कम कृषि विशेषज्ञों की बात सुनने, मानने व अमल में लाये जाने की आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 08:54:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>डेरे की साध-संगत ने राहगीरों के लिए लगाया प्याऊ</title>
                                    <description><![CDATA[संगरिया (सुरेंद्र जग्गा)।  पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं का अनुसरण करते हुए लोक भलाई कार्यों में अग्रसर ब्लॉक संगरिया की साध-संगत ने बढ़ती हुई गर्मी को देखते हुए राहगीरों के लिए आज दूसरे प्याऊ का उद्घाटन ग्राम चक हीरा सिंह वाला बस स्टैंड पर किया। इस दौरान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/dera-man-thristy-water-problem-solve-good-work-huminty/article-3709"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/sangria.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संगरिया (सुरेंद्र जग्गा)। </strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं का अनुसरण करते हुए लोक भलाई कार्यों में अग्रसर ब्लॉक संगरिया की साध-संगत ने बढ़ती हुई गर्मी को देखते हुए राहगीरों के लिए आज दूसरे प्याऊ का उद्घाटन ग्राम चक हीरा सिंह वाला बस स्टैंड पर किया। इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार लालचंद इन्सां ने बताया कि चकहीरा सिंह वाला बस स्टैंड पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यहां पर नुकेरा जंडवाला सादुलशहर गंगानगर व संगरिया की तरफ आने जाने वाले राहगीरों की भीड़ हमेशा लगी रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">परंतु पीने के पानी के लिए कोई सार्वजनिक प्याऊ आदि की व्यवस्था न होने से इस भीषण गर्मी में राहगीरों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा था। ऐसे में साध-संगत ने यहां पर आज प्याऊ का उद्घाटन विनती का भजन बोलने के बाद किया। पानी पिलाने के लिए नियमित सेवा प्रेमी रोशनलाल इन्सां देंगे, इस मौके पर उपस्थित मार्केट प्रधान कृष्ण लाल कस्वा ने साध-संगत द्वारा किए गए। इस कार्य की भरपूर प्रशंसा की इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से लालचंद इन्सां ट्विंकल इन्सां, निंदी सोनी इन्सां, अमनदीप इन्सां, सुरेंद्र जग्गा इन्सां, लखबीर मिस्त्री इन्सां, धन्नाराम इन्सां, बद्रीप्रसाद इन्सां, भंगीदास पृथ्वी इन्सां, भंगीदास रज्जीराम इन्सां, साजन इन्सां, जगनंदन इन्सां, बलकरन सिंह इन्सां, अक्षितइन्सां, गुरबचन इन्सां, मदनलाल, मोहनलाल, सुदेश वर्मा व जगतार मिस्त्री ने भरपूर सहयोग किया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 May 2018 20:35:40 +0530</pubDate>
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                <title>संवेदनशीलता से करें जनसमस्याओं का निराकरण: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा संभाग की जनसुनवाई जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में अपनी समस्या के निराकरण की आस लेकर आने वाले परिवादियों को न केवल पूरी संवेदनशीलता से सुनें बल्कि पूरी तत्परता से उनकी तकलीफों को दूर भी करें। श्रीमती राजे शुक्रवार को 8 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/solve-problems-of-peoples-from-sensitivity-raje/article-2056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/clp_6619.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कोटा संभाग की जनसुनवाई</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में अपनी समस्या के निराकरण की आस लेकर आने वाले परिवादियों को न केवल पूरी संवेदनशीलता से सुनें बल्कि पूरी तत्परता से उनकी तकलीफों को दूर भी करें।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे शुक्रवार को 8 सिविल लाइन्स पर जनसुनवाई के दौरान कोटा संभाग के विभिन्न जिलों से आए लोगों के अभाव-अभियोग सुन रही थीं। करीब दो घण्टे तक श्रीमती राजे ने संभाग के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों से आये एक-एक व्यक्ति की समस्या सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कई मामलों में श्रीमती राजे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर परिवादियों को राहत प्रदान करें। मुख्यमंत्री द्वारा की गई जनसुनवाई से लौटते समय फरियादियों के चेहरे पर संतोष के भाव दिखाई दे रहे थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभ्यर्थियों को शीघ्र मिलेगी नियुक्ति</h3>
<p style="text-align:justify;">जनसुनवाई के दौरान संभाग के विभिन्न जिलों से आए आरएएस-2013 परीक्षा के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग की। श्रीमती राजे ने उन्हें आश्वस्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनितों को जल्द नियुक्ति दी जाए। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि कार्मिक विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है और संभवत: एक सप्ताह में नियुक्ति दे दी जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जिलावार सुनवाई की व्यवस्था</h3>
<p style="text-align:justify;">जनसुनवाई के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए जिलावार ब्लॉक बनाए गए थे। इन ब्लॉक्स में सम्बन्धित जिलों से आए लोगों के लिए छाया-ठण्डे पानी तथा गर्मी से राहत देने के लिए पंखों की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर राज्य स्तरीय जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति के अध्यक्ष श्री श्रीकृष्ण पाटीदार, राज्य वरिष्ठ नागरिक बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रेमनारायण गालव, संसदीय सचिव श्री नरेन्द्र नागर सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव सहित संभाग के चारों जिलों से आए वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 07:10:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>GST काउंसिल दूर करेगी इंडस्ट्री की दिक्कतें</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली: इंडस्ट्री की जीएसटी से संबंधित दिक्कतें दूर करने के लिए काउंसिल ने 18 टीम बनाई है। यह टीम अलग-अलग सेक्टर के लिए काम करेगी। हर टीम में केंद्र और राज्य के सीनियर ऑफिशियल्स होंगे। वे इंडस्ट्री बॉडी से मिलकर सेक्टर की प्रॉब्लम्स पहचानेंगे और ड्राफ्ट गाइडेंस तैयार करेंगे। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-council-will-solve-industry-problems/article-1091"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/gst4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> इंडस्ट्री की जीएसटी से संबंधित दिक्कतें दूर करने के लिए काउंसिल ने 18 टीम बनाई है। यह टीम अलग-अलग सेक्टर के लिए काम करेगी। हर टीम में केंद्र और राज्य के सीनियर ऑफिशियल्स होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वे इंडस्ट्री बॉडी से मिलकर सेक्टर की प्रॉब्लम्स पहचानेंगे और ड्राफ्ट गाइडेंस तैयार करेंगे। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक बयान में यह जानकारी दी है। इसमें जिन खास सेक्टर्स पर ध्यान देने की बात है, उनमें टेलिकॉम, बैंकिंग, एक्सपोर्ट, आईटी, टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वैलरी, फूड प्रोसेसिंग, ईकॉमर्स, फार्मा और एमएसएमई प्रमुख हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">उन जगहों पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर खोलेगी, जहां बिक्री ज्यादा</h2>
<p style="text-align:justify;">फ्यूचर रिटेल उन जगहों पर डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर खोलेगी, जहां बिक्री ज्यादा है। कंपनी के ज्वाइंट एमडी राकेश बियानी ने बताया कि जीएसटी में सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होगा, क्रेडिट का भी नुकसान नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए हम ज्यादा स्टोर खोलना चाहते हैं। अभी कपड़ों और होम प्रोडक्टस के लिए इसके देशभर में सिर्फ दो डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर हैं- नागपुर और बर्दवान (पश्चिम बंगाल) में। बियानी ने कहा कि जीएसटी रिटेल सेक्टर के लिए बड़े मौके की तरह है। इससे दाम कम होंगे और डिमांड बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/gst-council-will-solve-industry-problems/article-1091</link>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2017 21:52:39 +0530</pubDate>
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