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                <title>Bhagwant Singh Mann - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Bhagwant Singh Mann RSS Feed</description>
                
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                <title>बिस्त दोआब नहरी नेटवर्क के तहत वर्ष 2025-26 में सिंचाई क्षेत्र में 167% वृद्धि, 1.10 लाख एकड़ अतिरिक्त रकबा सिंचाई के दायरे में आया</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की ऐतिहासिक जीवनरेखा मानी जाने वाली बिस्त दोआब नहर के पुनर्जीवन ने दोआबा क्षेत्र के खेतों, किसानों और भविष्य को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए गए योजनाबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त दोआब नहरी नेटवर्क के अंतर्गत सिंचाई क्षेत्र में 167% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/167-increase-in-irrigation-area-in-the-year-2025-26-under/article-84784"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/mann-canal-water.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चंडीगढ़। पंजाब की ऐतिहासिक जीवनरेखा मानी जाने वाली बिस्त दोआब नहर के पुनर्जीवन ने दोआबा क्षेत्र के खेतों, किसानों और भविष्य को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा किए गए योजनाबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 के दौरान बिस्त दोआब नहरी नेटवर्क के अंतर्गत सिंचाई क्षेत्र में 167% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि के साथ 1,10,762 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी सिंचाई के दायरे में लाया गया है, जिससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोआबा की जीवनरेखा मानी जाने वाली इस नहर में जल प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। इन प्रयासों के चलते जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर, कपूरथला तथा होशियारपुर के कुछ हिस्सों में लंबे समय से बनी पानी की कमी को काफी हद तक दूर किया गया है और सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। रोपड़ हेडवर्क्स से निकलने वाले इस नहरी नेटवर्क, जिसमें इसकी शाखाएं, माइनर और खाल शामिल हैं, का व्यापक स्तर पर पुनरुद्धार किया गया है। इससे पानी के वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सिंचाई के तहत आने वाले क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पुनर्जीवन अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बिस्त दोआब नहर नेटवर्क के अंतर्गत लगभग 19,213 एकड़ कृषि भूमि को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध हुआ है। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक केवल भूमिगत जल और बारिश पर निर्भर थे। जल प्रवाह में सुधार का सकारात्मक प्रभाव बलाचौर क्षेत्र की काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना पर भी पड़ा है। वहीं शहीद भगत सिंह नगर के बंगा और मुकंदपुर तथा जालंधर जिले के अपरा, नूरमहल, मलसियां, नकोदर, आदमपुर और कालासंघियां जैसे क्षेत्रों में सिंचाई ढांचे को मजबूत किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जालंधर ब्रांच से जुड़े पुनर्जीवित रजवाहों ने अंतिम खेत तक पानी पहुंचाने की क्षमता को और बेहतर बनाया है। नहर के पुनर्जीवन का लाभ अब शहरी क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। जालंधर शहर में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए जालंधर ब्रांच को अतिरिक्त 150 क्यूसेक पानी आवंटित किया गया है। इससे नगर निगम की भूमिगत जल पर निर्भरता कम होगी और शहर को अधिक टिकाऊ एवं भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली उपलब्ध हो सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">बिस्त दोआब नहर की यह बहाली पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत सिंचाई तंत्र को आधुनिक बनाया जा रहा है, किसानों को मजबूत किया जा रहा है और जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं टिकाऊ प्रबंधन को सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। नहरों के पुनर्जीवन की यह सफल कहानी पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था, किसानों की समृद्धि और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 10:28:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>किसानों के लिए बड़ी राहत; पंजाब में भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन चावल और गेहूं के स्टॉक की लिफ्टिंग के लिए विशेष रेल गाड़ियां चलाई जाएंगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली/पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य के किसानों और मंडियों के लिए कई महत्वपूर्ण राहत उपाय सुनिश्चित किए। इस दौरान केंद्र ने पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/the-centre-has-agreed-to-chief-minister-bhagwant-singh-manns-demand/article-83347"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/bhagwant-singh-mann.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/पंजाब।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य के किसानों और मंडियों के लिए कई महत्वपूर्ण राहत उपाय सुनिश्चित किए। इस दौरान केंद्र ने पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन अनाज की लिफ्टिंग के लिए विशेष रेल गाड़ियां चलाने पर सहमति दे दी, जिससे रबी मंडीकरण सीजन से पहले राज्य में अनाज भंडारण संबंधी गंभीर संकट से निपटने में मदद मिलेगी। इस हस्तक्षेप के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब पर बोझ बने संरचनात्मक मुद्दों के समाधान पर जोर दिया, जिसमें उच्च नकद ऋण ब्याज दरें, ग्रामीण विकास फंड के तहत लंबित 9,000 करोड़ रुपए, ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए मुआवजा और आढ़तियों की लंबे समय से लंबित मांगें शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने इन मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए सचिव स्तरीय व्यवस्था बनाने सहित ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्स हैंडल पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “आज दिल्ली में मैंने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी जी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान हमने आढ़तियों की मांगों सहित पंजाब से संबंधित विभिन्न प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।” मुख्यमंत्री ने आगे लिखा: “बैठक के दौरान केंद्र के सामने महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिसमें पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की तुरंत लिफ्टिंग तथा आरडीएफ के तहत बकाया 9,000 करोड़ रुपए की तुरंत अदायगी के मुद्दे शामिल थे। इसके साथ ही, नकद ऋण सीमा के तहत राज्यों पर लगाई गई उच्च ब्याज दरों को कम करने और आढ़तियों की केंद्र से संबंधित मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने की मांग की गई। इसके अलावा, मंडी मजदूरों के ईपीएफ से संबंधित मुद्दों को तुरंत हल करने की अपील की गई और असामयिक बारिश के कारण हुए नुकसान के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की गई।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा, “मुझे बेहद खुशी हो रही है कि केंद्रीय मंत्री जी ने इन सभी मुद्दों पर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हम पंजाब के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” फसलों के भंडारण संबंधी भारी कमी पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के कवरड गोदामों में 180.88 लाख मीट्रिक टन अनाज (151.20 लाख मीट्रिक टन चावल और 29.67 लाख मीट्रिक टन गेहूं) पहले से ही स्टोर किया गया है, जबकि कुल उपलब्ध कवरड भंडारण क्षमता लगभग 183 लाख मीट्रिक टन (173 लाख मीट्रिक टन कवरड गोदाम + 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं साइलो) है। नतीजतन, चावलों के लिए केवल 0.50 लाख मीट्रिक टन कवरड स्पेस और गेहूं के लिए 1.75 लाख मीट्रिक टन साइलो स्पेस उपलब्ध है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “राज्य में 1 अप्रैल, 2026 से रबी मंडीकरण सीजन (आरएमएस) 2026-27 शुरू हो गया है, जिसमें संभावित रूप से 130-132 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी।” मौजूदा स्टॉक के बोझ को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल के 38 लाख मीट्रिक टन गेहूं के स्टॉक में से लगभग 8.71 लाख मीट्रिक टन स्टॉक पहले ही राज्य में सीएपी या खुली स्टोरेज में पड़ा है, जिससे वैज्ञानिक तरीके से भंडारण क्षमता की कमी हो गई है और लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं को कम अनुकूल परिस्थितियों में स्टोर करना पड़ेगा। अनाज की धीमी उठाई का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार लगातार गेहूं और चावल की राज्य से उठाई की मांग करती रही है ताकि चावल की खरीद और स्टोरेज के लिए जरूरी भंडारण क्षमता बनाई जा सके। हालांकि पिछले कई महीनों से राज्य से गेहूं और चावल की औसत उठाई प्रति माह केवल 5 लाख मीट्रिक टन रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जोर देकर कहा कि हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल की उठाई की जाए या वैकल्पिक रूप से, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान आम लोगों को पेश मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत अनाज का वितरण बढ़ाने जैसे प्रबंध किए जाएं, जैसा कोविड-19 महामारी के दौरान किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि इससे रबी मंडीकरण सीजन 2026-27 के दौरान सुचारू खरीद कार्य सुनिश्चित होंगे और खरीफ मंडीकरण सीजन 2025-26 के लिए धान की मिलिंग को तेज किया जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खरीद के लिए फंडों का प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह द्वारा किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय स्टेट बैंक जो ब्याज दर वसूल रहा है, वह भारतीय खाद्य निगम पर लागू रिकवरी दर से 0.5 प्रतिशत अधिक है और मासिक मिश्रित आधार पर ब्याज लगा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि भारत सरकार द्वारा हर सीजन के लिए जारी की गई अस्थायी लागत शीटों में राज्य को फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) की ब्याज दर पर केवल साधारण ब्याज की अनुमति है। नतीजतन पंजाब राज्य को हर सीजन में लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, जिससे बचा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि हमने यह मुद्दा केंद्रीय वित्त मंत्री के पास भी उठाया है। तीसरा मुद्दा ग्रामीण विकास फंड से संबंधित है। हमने बार-बार कहा है कि हमारी मंडियों तक जाने वाली सड़कों के निर्माण की जरूरत है और हमने विधानसभा में एक बिल भी पास किया है जिसमें कहा गया है कि यह पैसा केवल मंडियों की मरम्मत, मंडियों के आधुनिकीकरण और मंडियों की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने इन फंडों का दुरुपयोग किया, जिसके कारण यह पैसा रोका गया है। उन्होंने आगे कहा कि हम इस मुद्दे पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुके हैं और मामला फिलहाल विचाराधीन है। मुकदमेबाजी को लंबा खींचने की बजाय केंद्र सरकार को पंजाब के जायज बकाए जारी कर देने चाहिए। यह पंजाब का हिस्सा है और पंजाब का हक है और हम केवल वही मांग रहे हैं जो हमारा जायज हक है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि यदि केंद्र के बजट में कोई रुकावट है तो फंड किस्तों में या किसी भी तरीके से जो उचित समझा जाए, जारी किए जा सकते हैं। लेकिन यह राशि अब 9000 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसे अभी भी जारी नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमने इस मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया है और हमें भरोसा दिया गया है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में कोई व्यवस्था बनाने के लिए सचिव स्तर पर बैठक बुलाई जाएगी, जिसके माध्यम से यह फंड जारी होना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने अपील की, “पंजाब को भारतीय खाद्य निगम की ब्याज दर के बजाय, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा नकद ऋण सीमा (सीसीएल) पर लगाए जाने वाले ब्याज दर के अनुसार मासिक मिश्रित आधार पर ब्याज लेने की अनुमति दी जाए।” आढ़तियों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मुख्य मुद्दा यह है कि आढ़ती 2.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं, जबकि भारत सरकार ने अपना कमीशन मौजूदा दरों पर निर्धारित किया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">आढ़तियों के कमीशन के मुद्दे पर विचार करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत सरकार के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने आढ़तियों (कमीशन एजेंट) के कमीशन को खरीफ मार्केटिंग सीजन (केएमएस) 2020-21 के लिए धान के लिए 45.88 रुपए प्रति क्विंटल और रबी मार्केटिंग सीजन (आरएमएस) 2021-22 के लिए गेहूं के लिए 46.00 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था।” उन्होंने आगे कहा, “उस समय से हर साल धान और गेहूं दोनों के लिए एक समान निर्धारित कमीशन जारी रखा गया है, जिसके कारण आढ़ती असंतुष्ट हैं और राज्य सरकार आढ़तियों का कमीशन बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को लगातार लिख रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय ने गेहूं के लिए 4.75 रुपये प्रति क्विंटल (46 रुपए से 50.75 रुपए) और धान के लिए 4.73 रुपये प्रति क्विंटल (45.88 रुपए से 50.61 रुपए) के कमीशन में मामूली बढ़ोतरी की है, जो आरएमएस 2026-27 से लागू होगी।” उन्होंने आगे कहा, “आढ़तियों द्वारा इस मामूली बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं किया गया है और मांग की गई है कि पंजाब कृषि उत्पाद बाजार अधिनियम, 1961 और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार, आढ़तियों का कमीशन एमएसपी के 2.5 प्रतिशत पर निर्धारित किया जाए।” उन्होंने अपील की, “भारत सरकार को डीएफपीडी के माध्यम से आढ़तियों के कमीशन में इस मामूली बढ़ोतरी की समीक्षा करनी चाहिए और पंजाब कृषि उपज बाजार अधिनियम, 1961 के अनुसार एमएसपी के 2.5 प्रतिशत की दर से कमीशन को मंजूरी दी जानी चाहिए।”</p>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य चिंता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले कई सालों से, भारतीय खाद्य निगम ईपीएफ से संबंधित मुद्दों के कारण हर सीजन में खरीदी जाने वाली फसलों के लिए भुगतान किए जाने वाले मंडी लेबर चार्ज का 30 प्रतिशत अपने पास रख रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “इसके परिणामस्वरूप, आढ़तियों से संबंधित लगभग 50 करोड़ रुपए की राशि एफसीआई के पास पड़ी है, जिससे उनका वित्तीय बोझ और बढ़ गया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य की एजेंसियां आढ़तियों से अंडरटेकिंग या हलफिया बयान प्राप्त करने के बाद उन्हें भुगतान कर रही हैं, जिसमें कहा गया है कि यदि ईपीएफ अधिकारियों द्वारा कोई देनदारी निर्धारित की जाती है, तो आढ़ती इसे पूरा करेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा, “इसलिए ईपीएफ के हिसाब से लेबर चार्ज का 30 प्रतिशत अपने पास रखना किसी भी तरह उचित नहीं है।” केंद्रीय मंत्री से अपील की कि वे एफसीआई को राज्य एजेंसियों की तरह हलफिया बयान लेकर भुगतान जारी करने के निर्देश दें। राष्ट्रीय खाद्य खरीद प्रणाली में पंजाब की प्रमुख भूमिका को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने और राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ने से रोकने के लिए केंद्र द्वारा इन मुद्दों पर समय पर हस्तक्षेप करने की जरूरत है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:51:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Bathinda News: बठिंडा सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों का तबादला  </title>
                                    <description><![CDATA[नशे से मौतों पर कार्रवाई न होने की शिकायत पर सीएम मान का फैसला नशे के खिलाफ कार्रवाई में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मान बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा के सदर पुलिस स्टेशन (Bathinda Sadar Police Station) कोटशमीर के सभी कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। यह कदम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/all-employees-of-bathinda-sadar-police-station-transferred/article-83132"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/bhagwant-mann.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नशे से मौतों पर कार्रवाई न होने की शिकायत पर सीएम मान का फैसला</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>नशे के खिलाफ कार्रवाई में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मान</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा के सदर पुलिस स्टेशन (Bathinda Sadar Police Station) कोटशमीर के सभी कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। यह कदम गुलाबगढ़ गांव के सरपंच लाखा सिंह की शिकायत पर उठाया गया। सरपंच ने बताया कि उनके गांव और आसपास के इलाकों में नशे के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है। नशे का कारोबार लगातार जारी है, लेकिन पुलिस स्टेशन को जानकारी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने बलवंत गार्गी आॅडिटोरियम में कार्यकर्ताओं, नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने आदेश दिया कि सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों की तैनाती की जाए। मान ने सख्त लहजे में कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तुरंत कदम उठाए जाएं। Bathinda News</p>
<h3 style="text-align:justify;">डीआईजी को सौंपा कार्रवाई का जिम्मा | Bathinda News</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीआईजी बठिंडा रेंज हरजीत सिंह को कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया। उन्होंने बताया कि सदर पुलिस स्टेशन के सभी कर्मचारियों का तबादला मानसा कर दिया गया है। नए कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी और जांच भी कराई जाएगी कि समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि उनकी रेंज में बठिंडा और मानसा दोनों जिले आते हैं, इसलिए कर्मचारियों को मानसा भेजा गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="New PRTC Bus: पीआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 100 नई बसें" href="http://10.0.0.122:1245/one-hundred-new-buses-will-be-added-to-the-prtc-fleet/">New PRTC Bus: पीआरटीसी के बेड़े में शामिल होंगी 100 नई बसें</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/all-employees-of-bathinda-sadar-police-station-transferred/article-83132</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 21:10:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>140 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना वाले गेहूं कटाई सीजन से पहले पंजाब ने तेल आपूर्ति की तत्काल मांग उठाई, केंद्र तुरंत कार्रवाई करे:  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत सरकार से पेट्रोल, डीजल और डीएपी खाद की बढ़ी हुई तथा निर्बाध आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कटाई के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल की उपलब्धता में किसी भी प्रकार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ensure-an-uninterrupted-supply-of-fuel-during-the-harvest-season-otherwise-food-security-will-be-jeopardized-chief-minister-bhagwant-singh-mann/article-82847"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/bhagwant-singh-mann-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत सरकार से पेट्रोल, डीजल और डीएपी खाद की बढ़ी हुई तथा निर्बाध आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंजाब 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं की कटाई के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकती है। लोगों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी चीज़ की कोई कमी नहीं है और घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कटाई और अनाज की ढुलाई को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समय पर कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शुक्रवार शाम को प्रधानमंत्री के साथ एक वर्चुअल बैठक के दौरान मैंने बताया कि इस वर्ष पंजाब में 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की संभावना है। फसल की सुचारु कटाई और ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति बेहद आवश्यक है। कटाई के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रॉलियां, हार्वेस्टर और ट्रक इस्तेमाल किए जाते हैं, इसलिए व्यापक जनहित में तेल आपूर्ति बढ़ाई जानी चाहिए। यह समय की मांग है कि देश की खाद्य सुरक्षा हर हाल में बरकरार रखी जाए।”</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस समय राज्य में 12 से 14 दिनों का पेट्रोल और डीजल तथा लगभग छह दिनों का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है, जो सामान्य रूप से पूरे वर्ष समान रहता है। आपूर्ति लगातार जारी है। देश के 41 देशों के साथ आयात समझौते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल तथा 30 दिनों का एलपीजी स्टॉक पहले से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि जमाखोरी या घबराहट में खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मुख्य सचिव स्वयं आपूर्ति पर नजर रख रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “गुरुवार तक एलपीजी रीफिल के लिए 71,000 अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिनमें से 69,000 की डिलीवरी की जा चुकी है। राज्य में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है और सभी कार्य सामान्य रूप से चल रहे हैं। कुल 1,497 स्थानों पर जांच की गई, जिसमें 301 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कृषि और उद्योग दोनों को किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-3321001 शुरू किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में पंजाब की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “वर्तमान स्थिति में पंजाब अपने गोदामों से 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं देने के लिए तैयार है, जबकि इस वर्ष 140 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन की उम्मीद है। इसके अलावा, देश की सेवा के लिए पंजाब 139 लाख मीट्रिक टन धान उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है। राज्य ने हमेशा जरूरतमंदों और गरीबों की मदद की है। यदि देश को 181 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन धान की आवश्यकता है, तो इसे किसी भी समय उठाया जा सकता है। पंजाब इस समय भी देश का साथ देने की अपनी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखेगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">तेल कीमतों के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त कर कम करने का निर्णय विश्वास बढ़ाने वाला कदम है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को प्राथमिकता के आधार पर डीएपी खाद की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि पंजाब में धान की बुवाई 1 जून से शुरू हो रही है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी रीफिल की प्रतीक्षा अवधि को 45 दिनों से घटाकर शहरी क्षेत्रों के बराबर 25 दिन किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “वर्चुअल बैठक के दौरान मैंने पंजाब से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। मैंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे कूटनीतिक माध्यमों का सक्रिय रूप से उपयोग करें, ताकि देश को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। भले ही हम ‘विश्व गुरु’ बनने का दावा करते हैं, लेकिन आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित करने में आत्मनिर्भरता और रणनीतिक क्षमता ही हमारी वास्तविक ताकत को दर्शाती है।”</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:46:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनीतिज्ञों ने अपने नेताओं के नाम पर शानदार स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[खटकड़ कलां। शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के उनके शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन देश को शहीदों द्वारा दी गई महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारी की सोच को अपनाने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/politicians-have-built-magnificent-memorials-in-the-name-of-their-leaders-but-have-ignored-shaheed-e-azam-bhagat-singh-chief-minister-bhagwant-singh-mann/article-82652"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/bhagwant-singh-mann.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खटकड़ कलां।</strong> शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के उनके शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन देश को शहीदों द्वारा दी गई महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने लोगों से मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारी की सोच को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने शहीदों का सम्मान करने और उनके सपनों का रंगला पंजाब बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। देश के महान क्रांतिकारियों की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अवसर केवल उनकी कुर्बानी को याद करने का ही नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और अन्याय के खिलाफ लड़ने के संकल्प को आगे बढ़ाने का भी है। उन्होंने उनके सपनों के पंजाब और देश की सेवा करने के अपने संकल्प को दोहराया, साथ ही इन स्वतंत्रता सेनानियों को भारत रत्न (सबसे बड़ा सम्मान) न दिए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआती वर्षों में देश की बागडोर ऐसे साहसी और प्रगतिशील युवाओं के हाथों में होती तो देश की स्थिति अलग होती।</p>
<p style="text-align:justify;">जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह दिन हमें शहीद भगत सिंह द्वारा मातृभूमि के लिए दी गई अद्वितीय कुर्बानी की याद दिलाता है। शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव की शहादत हमें हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती रहेगी। समाज में मौजूद हर प्रकार की बुराइयों के खिलाफ लड़ना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।”</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही गरीबी और सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने का एकमात्र स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा, “शिक्षा समाज की सभी समस्याओं का इलाज है, इसलिए पंजाब सरकार ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें मजबूरी और बेबसी के इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसीलिए हमारी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।” सामाजिक परिवर्तन में ज्ञान की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “शिक्षा वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। यदि हम वास्तविक बदलाव चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा, उन्हें सशक्त बनाना होगा और समाज को ऊपर उठाकर गरीबी को खत्म करना होगा। असली बदलाव अस्थायी लाभों से नहीं, बल्कि सच्चे ज्ञान और जागरूकता से आएगा।”</p>
<p style="text-align:justify;">शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हमारे महान शहीदों के संकल्पों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि हम पंजाब की तरक्की और इसके लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध हैं। वह दिन दूर नहीं जब हमारे सामूहिक प्रयासों से पंजाब देश में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा। 23 मार्च के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि केवल 23 मार्च होने के कारण यह दिन खास नहीं है, बल्कि यह एक साधारण दिन असाधारण बन जाता है क्योंकि इसी विशेष दिन देश के तीन वीर सपूतों ने देश के लिए अपनी जवानी और जान कुर्बान की थी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी शहादत ने आजादी के संग्राम में नया जोश भर दिया और उनके अथाह योगदान के कारण 15-16 वर्षों के भीतर लाल किले पर भारतीय तिरंगा फहराया जा सका।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने शहीदों की कुर्बानी के निस्वार्थ स्वरूप और लोकतांत्रिक अधिकारों की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह और उनके साथियों ने सत्ता या राजनीतिक लाभ के लिए अपनी जान नहीं दी थी। उनकी कुर्बानी निस्वार्थ थी। उन्हीं की बदौलत आज हमें वोट डालने का अधिकार मिला है। जब हम अपने वोटर आईडी कार्ड को देखते हैं तो हमें अपनी तस्वीर दिखाई देती है, लेकिन यदि हम ध्यान से देखें तो हमें इन शहीदों की महक महसूस होगी। इसलिए हमें अपने वोट का उपयोग समझदारी से करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज़ादी से पहले लोग त्योहार तो मनाते थे, लेकिन अंग्रेजों के शासन के कारण हमें वोट डालने का कोई अधिकार नहीं था। इन शहीदों ने इस अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी ताकि हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपना नेता चुन सकें। उन्होंने कहा कि यह अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है और लोगों को पैसे, प्रभाव या लालच में आकर कभी भी अपना वोट नहीं बेचना चाहिए। शहीदों के दृष्टिकोण की गहराई को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि यह वोटर कार्ड अनमोल है क्योंकि यह शहीदों की महान कुर्बानियों से हासिल हुआ है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बारे में अनगिनत कहानियां, किताबें, पत्र, नाटक और फिल्में हैं। उन्होंने कहा कि जितना अधिक आप उनके बारे में पढ़ेंगे, उतना ही आप कम उम्र में भी देश के भविष्य के बारे में उनकी गहरी सोच को समझकर उनकी सराहना करेंगे। अंग्रेजों ने यह सोचकर भव्य इमारतें बनाईं कि वे हमेशा राज करेंगे, लेकिन वे यह अनुमान लगाने में असफल रहे कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे नौजवान क्रांतिकारी उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार बैठे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों से अधिक समय के बाद भी इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपने पूरी तरह साकार नहीं हो पाए हैं। देश अभी भी गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही हमारी सरकार इन मुद्दों से लोगों को राहत देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। शहीदों की विरासत को संभालने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह अपने शहीदों का सम्मान करे और उनकी विरासत को सहेजे। जो राष्ट्र अपने शहीदों को भूल जाते हैं, वे समय के साथ अपनी पहचान खो देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने आजादी के संघर्ष से लेकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए विभिन्न आंदोलनों तक अनेक कुर्बानियां दी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आबादी का केवल दो प्रतिशत होने के बावजूद, आजादी के संग्राम के दौरान फांसी दिए गए या निर्वासित किए गए 80 प्रतिशत शहीद पंजाब से थे। उन्होंने कहा कि आजादी के समय जब देश जश्न मना रहा था, पंजाब ने विभाजन की भयावहता का सामना किया, जहां लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई, बेघर हुए और अपनी संपत्ति हमेशा के लिए खो दी। अपनी सरकार के दृष्टिकोण की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि आप सरकार शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने और एक सौहार्दपूर्ण तथा समानतावादी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। इस युवा नायक ने देश को विदेशी शासन से मुक्त कराने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनके दृष्टिकोण को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे उन्होंने आगे कहा कि हम अपने शहीदों के राह पर चलते हुए पहले ही कई जन-हितैषी और विकासोन्मुखी योजनाएँ शुरू की हुई हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 11:52:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>आयुष्मान भारत योजना में शर्तें लागू, जबकि ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी देती है, फर्क इरादे में है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दशकों में जितने डॉक्टर भर्ती हुए, उतने ‘आप’ सरकार ने चार वर्षों में भर्ती किए, पंजाब की लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पांच करोड़ से अधिक ओपीडी के साथ आम आदमी क्लीनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बन रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आम आदमी क्लीनिकों से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/with-over-five-crore-opds-aam-aadmi-clinics-are-becoming-the-backbone-of-the-healthcare-system-cm-mann/article-82562"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/chandigarh-news-6.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पिछले दशकों में जितने डॉक्टर भर्ती हुए, उतने ‘आप’ सरकार ने चार वर्षों में भर्ती किए, पंजाब की लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>पांच करोड़ से अधिक ओपीडी के साथ आम आदमी क्लीनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बन रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</li>
<li>आम आदमी क्लीनिकों से 94 प्रतिशत मरीज संतुष्ट, ‘आप’ सरकार के स्वास्थ्य मॉडल ने लोगों का विश्वास जीता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</li>
<li>883 आम आदमी क्लीनिक पहले से कार्यरत, मुफ्त इलाज की पहुंच बढ़ाने के लिए 400 और क्लीनिक बनाए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</li>
<li>मिशन अमृत 23 जिलों में दिल के दौरे के हजारों मरीजों की जान बचाने में मदद कर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्वास्थ्य क्षेत्र का चार वर्षों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इससे पहले कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में ‘आप’ सरकार के कार्यों का विवरण दिया गया था। ‘शर्तों वाली’ आयुष्मान भारत योजना और ‘आप’ सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को एक सार्वभौमिक और सुलभ स्वास्थ्य मॉडल बताया और जोर देकर कहा कि फर्क इरादे और क्रियान्वयन में है।</p>
<p style="text-align:justify;">डेटा-आधारित परिणाम प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है। बिना किसी पाबंदी के 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की गारंटी से लेकर एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जिस पर लोग भरोसा करते हैं और सक्रिय रूप से उसका उपयोग कर रहे हैं। गलत जानकारी फैलाने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब को स्वस्थ नहीं देखना चाहते। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी के कल्याण के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य योजना है और इसके बारे में अफवाह फैलाने वाले पंजाब के हित में नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने यह योजना खासकर कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक सीधी पहुंच देने के उद्देश्य से शुरू की है। उन्होंने आगे कहा, “यह देश की अपनी तरह की पहली योजना है, जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इसे गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब ऐसा पहला भारतीय राज्य है जो व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होने के साथ-साथ जनता पर आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो रहा है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इस योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और सभी नागरिकों को सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या आधार अथवा वोटर कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर स्वास्थ्य कार्ड जारी करते हुए सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, “इस योजना को व्यापक समर्थन मिला है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे उन परिवारों को काफी राहत मिली है जिन्हें इलाज पर भारी खर्च करना पड़ता था।”</p>
<p style="text-align:justify;">अफवाहों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ पंजाब विरोधी ताकतें, जो नहीं चाहतीं कि लोग ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाएं, इस योजना के बारे में गलत जानकारी फैला रही हैं। ऐसे तत्वों का उद्देश्य लोगों को इसके लाभ से वंचित करना है, जो अनुचित है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत अधिकांश निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है, जहां सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर लगभग 2600 बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र की आयुष्मान योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना लोगों के लिए वरदान है, जबकि आयुष्मान केवल दिखावा है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “केंद्र ने 140 करोड़ की आबादी के लिए केवल 9300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि पंजाब ने मात्र 3 करोड़ लोगों के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए हैं। इसका अर्थ है कि पंजाब प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक खर्च कर रहा है। आयुष्मान के विपरीत हमारी योजना में कोई शर्त नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब और चंडीगढ़ के लगभग 900 सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के अंतर्गत शामिल किए गए हैं और 25 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से 1.6 लाख से अधिक लोग इलाज प्राप्त कर चुके हैं।” उन्होंने आगे बताया, “वर्ष 2025-26 के लिए 1200 करोड़ रुपए और 2026-27 के लिए 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना 2,356 चिकित्सा एवं सर्जिकल प्रक्रियाओं को कवर करती है, जिसमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, हृदय, फेफड़े, गुर्दे की बीमारियां, कैंसर उपचार सहित कई अन्य सेवाएं शामिल हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग का चार वर्ष का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब भर में 883 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं और 28 मार्च को 100 और क्लीनिक समर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 400 क्लीनिक निर्माणाधीन हैं। इन क्लीनिकों में 47 जांच और 107 दवाएं मुफ्त उपलब्ध हैं तथा मरीज संतुष्टि दर 94 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “ओपीडी संख्या 5 करोड़ को पार कर चुकी है और 1.69 करोड़ मरीजों का इलाज किया जा चुका है। यह मॉडल अब पूरे भारत में लोकप्रिय हो रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">मानव संसाधनों में अधिक निवेश की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने 2022 के बाद अपने इतिहास में डॉक्टरों की सबसे बड़ी भर्ती देखी है, जिसमें 948 जनरल डॉक्टर और 627 विशेषज्ञ शामिल हैं। यह पिछले 75 वर्षों में कुल सरकारी डॉक्टरों की भर्ती का लगभग 35 प्रतिशत है।” उन्होंने आगे कहा, “300 नर्सिंग स्टाफ और 250 फार्मासिस्ट भर्ती किए गए हैं तथा 672 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।” Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने कहा, “250 बिस्तरों की क्षमता वाले सात मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन हैं और 17 मार्च को 30 बिस्तरों वाले धूरी केंद्र का उद्घाटन किया गया। अब सभी अस्पतालों में मुफ्त दवाएं उपलब्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करना प्राथमिकता है और सभी जिला अस्पतालों तथा 42 में से 33 सब-डिविजनल अस्पतालों में हॉटलाइन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, “शेष अस्पताल अप्रैल-मई 2026 तक हॉटलाइन सेवाओं से जुड़ जाएंगे और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर 400 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “50-50 बिस्तरों वाले 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन हैं और डायग्नोस्टिक सेवाओं का महत्वपूर्ण विस्तार किया जा रहा है। अक्टूबर 2026 तक सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे 500 प्रतिशत वृद्धि होगी, जबकि सीटी स्कैन सेवाओं में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “अमृतसर, फरीदकोट, मोहाली और पटियाला में पीईटी स्कैन सुविधाएं शुरू की जाएंगी और 200 से अधिक सूचीबद्ध निजी डायग्नोस्टिक केंद्र मुफ्त एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">तकनीक के उपयोग पर उन्होंने कहा, “डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया गया है और क्षमता बढ़ाकर 4800 कर दी गई है, जिससे प्रतीक्षा समय कम हुआ है। देश में पहली बार सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच एआई आधारित कैंसर स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 9,294 महिलाओं की स्तन कैंसर के लिए जांच की गई।” उन्होंने आगे कहा, “1.07 लाख लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 21,660 लोगों में समस्या पाई गई।”</p>
<p style="text-align:justify;">क्रिटिकल केयर पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिशन अमृत के तहत पंजाब स्टेमी प्रोजेक्ट को दिल के दौरे के मरीजों की देखभाल के लिए 23 जिलों में लागू किया गया है। इसमें 29,000 मरीज दर्ज किए गए हैं और 1700 से अधिक मामलों की पहचान की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “सीएमसी लुधियाना और मेडट्रॉनिक के सहयोग से ‘समर्थ पंजाब स्ट्रोक प्रोजेक्ट’ पहले ही 100 से अधिक मरीजों को लाभ पहुंचा चुका है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा, “अपनी तरह का पहला पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलेरी साइंसेज लोगों को बड़ी राहत दे रहा है।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की योगशाला अभियान के तहत प्रतिदिन 8000 योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 2 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा शिक्षा के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, “सात नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनसे 600 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी और पंजाब को चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।” उन्होंने निष्कर्ष में कहा, “पंजाब सरकार आने वाले समय में राज्य को स्वस्थ और प्रगतिशील बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।” Chandigarh News</p>
<p>इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 16:45:44 +0530</pubDate>
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                <title>पंजाब में ‘मान सरकार’ की एक और शानदार पहल</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुरु किया ‘सरकार आपके द्वार’ प्रोग्राम मुख्यमंत्री ने कहा, धूरी को राज्य भर में मॉडल हलके के तौर पर किया जाएगा विकसित धूरी/संगरुर। (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह) मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Singh Mann) ने धूरी विधानसभा हलके से ‘सरकार आपके द्वार’ नाम अधीन लोक हितैषी पहल की शुरुआत करते हुए कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-bhagwant-singh-mann-started-sarkar-aapke-dwar-program/article-47504"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/bhagwant-mann-2-2.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुरु किया ‘सरकार आपके द्वार’ प्रोग्राम</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>मुख्यमंत्री ने कहा, धूरी को राज्य भर में मॉडल हलके के तौर पर किया जाएगा विकसित</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>धूरी/संगरुर। (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)</strong> मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Singh Mann) ने धूरी विधानसभा हलके से ‘सरकार आपके द्वार’ नाम अधीन लोक हितैषी पहल की शुरुआत करते हुए कहा कि यह कदम पंजाब के लोगों के घर-घर जाकर उनको नागरिक केंद्रित सेवाएँ प्रदान करने के लिए मील पत्थर साबित होगा। अपने किस्म के अलग प्रयास की शुरुआत के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रास्ते से हटकर पहल है, जिसका उद्देश्य अफसरशाही को सीधे तौर पर लोगों प्रति जवाबदेह बनाना है, जिससे लोगों को और अधिक ताकत मिलती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Imran Khan रिहा, पीटीआई कार्यकर्ताओं से की शांति बनाये रखने की अपील" href="http://10.0.0.122:1245/imran-released-appeals-to-pti-workers-to-maintain-peace/">Imran Khan रिहा, पीटीआई कार्यकर्ताओं से की शांति बनाये रखने की अपील</a></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann)ने कहा कि यह प्रोग्राम प्रशासन को लोगों के दरवाजे पर लाएगा, जिससे उनको असली अर्थों में शक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम मानव संसाधन के सर्वोत्तम प्रयोग के साथ-साथ विभिन्न कल्याण प्रोग्रामों को समय पर लागू करने को सुनिश्चित बनाने में बहुत सहायक होगी। भगवंत मान ने कहा कि इस लोक हितैषी प्रयास का लोगों को बहुत फायदा होगा, क्योंकि उनको सेवाएं हासिल करने के लिए सरकारी दफ़्तरों में परेशान नहीं होना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि धूरी (Dhuri) को राज्य भर में मॉडल हलके के तौर पर विकसित किया जाएगा, क्योंकि इस धरती से अति-आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करने के साथ-साथ नए युग की शुरुआत होगी। भगवंत मान ने कहा कि धूरी शुगर मिल का मसला जल्द ही हल किया जाएगा और किसानों के हितों की हर तरह से रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों और राज्य के कल्याण को हर कीमत पर सुनिश्चित बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुमूल्य जल स्रोतों के संरक्षण के लिए घग्गर जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के बाँध मजबूत कर इनको पुनरुद्धार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन जल स्रोतों की समय पर सफाई को सुनिश्चित बनाया जाएगा, जिससे नहरी पानी के अधिक से अधिक प्रयोग को सुनिश्चित बनाया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों को विकास की प्रक्रिया में सक्रिय हिस्सेदार बनने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने उनको सार्वजनिक फंड्स का सही प्रयोग को सुनिश्चित बनाने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के विकास प्रोजैक्टों की निगरानी करने का न्योता दिया। उन्होंने यह भी बताया कि धूरी (Dhuri) हलके के विकास कार्यों की निगरानी के लिए एस.डी.एम स्तर का अधिकारी तैनात किया जाएगा। भगवंत मान ने धूरी के लिए ट्रॉमा सैंटर बनाने के अलावा मौजूदा अस्पताल को अति-आधुनिक इलाज सुविधाओं के साथ अपग्रेड करने का ऐलान किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 71.36 करोड़ रुपए की लागत के साथ 118 किलोमीटर लम्बी 14 सड़कों को नया रुप प्रदान किया जाएगा और इस सम्बन्धी टैंडर जल्द ही जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि रेलवे ओवर ब्रिज (आर.ओ.बी.) का निर्माण जल्द ही शुरु हो जाएगा और इस प्रोजैक्ट के लिए राज्य सरकार ने अपने हिस्से के 35 करोड़ रुपए की राशि भारत सरकार को पहले ही जमा करवा दी है। उन्होंने बताया कि 19.50 करोड़ रुपए की लागत से धूरी रजबाहे को भी नया रुप दिया जाएगा।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 May 2023 21:15:29 +0530</pubDate>
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