<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/interview/tag-2437" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Interview - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/2437/rss</link>
                <description>Interview RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कलेक्टर की कुर्सी पर बैठेगा ये कंडक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[नौकरी के साथ-साथ बिना कोचिंग पास की UPSC परीक्षा बैंगलुरू (सच कहूँ डेस्क)। ‘‘सपना वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं, सपना वो हैं, जो आपको सोने न दे।’’ पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का ये कथन बेंगलुरु के इस शख्स के जीवन पर सटीक बैठता है। 29 साल के मधु ने एनसी बीएमटीसी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bangalore-bus-conductor-clears-upsc-exams/article-12815"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/madhu-clear-upsc-exams.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">नौकरी के साथ-साथ बिना कोचिंग पास की UPSC परीक्षा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>बैंगलुरू (सच कहूँ डेस्क)।</strong> <strong>‘‘सपना वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हैं, सपना वो हैं, जो आपको सोने न दे।’’</strong> पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का ये कथन बेंगलुरु के इस शख्स के जीवन पर सटीक बैठता है। 29 साल के मधु ने एनसी बीएमटीसी (BMTC) में बस कंडक्टर हैं। इसके साथ ही बिना कोचिंग इस मेहनतकश युवा ने यूपीएससी (UPSC) की प्री और मेन्स परीक्षा पास कर ली है। अब वे 25 मार्च को इंटरव्यू (Interview) देने वाले हैं। दिलचस्प पहलू ये भी है कि अपने परिवार में मधु अकेले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने स्कूल जाकर पढ़ाई की। उनके परिवार में भाई, भाभी और माता-पिता हैं। मधु की मां को तो यूपीएससी का मतलब तक नहीं पता है। लेकिन वे बेटे कामयाबी से फूली नहीं समा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक में मांडया जिले के रहने वाले मधु का ये सफर काफी मुश्किलों से भरा रहा है। वे बताते हैं कि रोज आठ घंटे कंडक्टर का कम करते हैं। दिनभर खड़े रहकर टिकट बांटना। भीड़ में सवारियों को बुलाना और यह सुनिश्चित करना कि कोई यात्री बेटिकट ना रहे। ये काम बहुत ज्यादा थका देने वाले हैं। इस सबके बावजूद मधु ने नौकरी नहीं छोड़ी है। वे कहते हैं कि इस लक्ष्य ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बॉस बनी मददगार</h3>
<p style="text-align:justify;">मधु कहते हैं कि वे बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉपोर्रेशन की मैनेजिंग डायरेक्टर आईएएएस सी. शिखा जैसा बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि<br />
सी शिखा उनकी काफी मदद की है। मेन्स परीक्षा की तैयारी ने उन्होंने मुझे हर हफ्ते दो घंटे पढ़ाती रही कि परीक्षा में आंसर कैसे लिखे जाएं। अब वे ही मुझे इंटरव्यू के लिए भी तैयार कर रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हार से नहीं टूटने दिए हौंसले</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मधु ने बताया कि ये कामयाबी उन्हें पहली ही बार में नहीं मिली है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>2014 में कर्नाटक प्रशासनिक सेवा परीक्षा में वे फेल हो गए थे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जबकि 2018 की यूपीएएसी परीक्षा में भी वे कामयाब नहीं हो पाए थे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेकिन उनकी लक्ष्य पर स्टीक नजर थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने अपने हौंसले को नहीं टूटने दिया। नौकरी के साथ-साथ समय निकालकर रोजाना पाँच घंटे पढ़ाई की। </strong></li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">किसी इंस्टीट्यूट में नहीं ली कोचिंग</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मधु ने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट की मदद नहीं ली। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पूरी पढ़ाई स्वयं और बीएमटीसी में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से की। </strong></li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">पॉलिटिकल साइंस विषय में दी मेन्स परीक्षा</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>गत वर्ष प्री-परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद मधु ने मेन्स के लिए कड़ी मेहनत से पढ़ाई की। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मेन्स परीक्षा के लिए उन्होंने पॉलिटिकल साइंस, इंटरनैशनल रिलेशन्स, एथिक्स, लैंग्वेज के साथ-साथ कई अन्य विषयों को जमकर पढ़ा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने मेन्स परीक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनैशनल रिलेशन्स को चुना। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने प्री-परीक्षा तो कन्नड़ में दी थी, लेकिन मेन्स उन्होंने अंग्रेजी में लिखा।</strong></li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">अब चल रही इंटरव्यू की तैयारी</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मधु ने बताया कि वे अब यूट्यूब विडियो देखकर इंटरव्यू की तैयारी कर रहे हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उनका कहना है कि इससे मैं जवाब देने की कला और आत्मविश्वास बढ़ाना सीख रहा हूँ। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुझे पूरा विश्वास है कि इंटरव्यू भी पास कर लूंगा।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/bangalore-bus-conductor-clears-upsc-exams/article-12815</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/bangalore-bus-conductor-clears-upsc-exams/article-12815</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jan 2020 12:12:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/madhu-clear-upsc-exams.jpg"                         length="24524"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साक्षात्कार: निचले स्तर से खिलाड़ियों को उभारा जाएगा : संदीप सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[किस्मत के धनी रहे सन्दीप सिंह हाकी खिलाड़ी से शुरूआत करके आज हरियाणा के खेल मंत्री बन चुके हैं। बेस्ट फ्लकर के रूप में उभरे सन्दीप सिंह को 2003 में युवराज सिंह के चोटिल होने पर अचानक भारतीय टीम में शामिल किया गया था और उस समय वे सिर्फ 18 साल के ही थे। बाद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sports-minister-sandeep-singh-interview/article-11153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/sports-minister-sandeep-singh.jpg" alt=""></a><br /><p>किस्मत के धनी रहे सन्दीप सिंह हाकी खिलाड़ी से शुरूआत करके आज हरियाणा के खेल मंत्री बन चुके हैं। बेस्ट फ्लकर के रूप में उभरे सन्दीप सिंह को 2003 में युवराज सिंह के चोटिल होने पर अचानक भारतीय टीम में शामिल किया गया था और उस समय वे सिर्फ 18 साल के ही थे। बाद में संदीप सिंह हॉकी इंडिया के कप्तान भी बने। एक समय गोली लगने की वजह से वह पैरालिसिस का शिकार हुए और डाक्टरों ने खिलाड़ी के तौर पर कॅरिअर खत्म होने का ऐलान तक कर दिया। इस दौर से लड़ कर उभरे संदीप सिंह ने फिर से हॉकी के मैदान में न सिर्फ वापिसी की बल्कि मैदान पर कई गोल दागे। उसके बाद कांग्रेस सरकार ने संदीप सिंह को हरियाणा में डीएसपी बनाया और अब वे पिहोवा से चुनाव जीत दर्ज करने के बाद मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री बनाए गए हैं। संदीप सिंह को खेल और युवा मामलों के विभाग दिए गए हैं। संदीप सिंह ने खेल विभाग का कार्यभार संभालने के बाद सच कहूँ के चंडीगढ़ से ब्यूरो चीफ अश्वनी चावला से खास बातचीत में भविष्य का प्लान बताने के साथ रोड मैप का जिक्र किया।</p>
<h2>खिलाड़ी से खेल मंत्री बनकर कैसा लग रहा है?</h2>
<p>बहुत अच्छा लग रहा है कि अब मुझे सरकार में रहते हुए हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए काम करने का मौका मिलेगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी शुक्रगुजार हूँ, जिन्होंने मुझे खेल विभाग के काबिल समझते हुए इसका कार्यभार मुझे सौंपा।</p>
<h2>अब आपकी क्या-क्या प्राथमिकताएं रहेंगी?</h2>
<p>अभी तो जस्ट शुरूआत कर रहा हूँ। दिल और दिमाग में बहुत कुछ है, जिसके जरिए हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए बहुत कुछ करना चाहता हूँ। जल्द ही उन चीजों पर काम करना शुरू कर दूंगा, जिनकी मुझे बतौर खिलाड़ी रहते काफी कमी खलती रहती थी। ग्रामीण इलाके में काफी ज्यादा प्रतिभाशाली खिलाड़ी आज भी मौजूद है। लेकिन उन्हें सही मौका और साधन नहीं मिलने के चलते वह आगे नहीं बढ़ पाते हैं । इसलिए वह गाँव तक पहुंचकर उस ग्रास रूट से खिलाड़ियों को पैदा करके आगे लेकर आएंगे, जो कि न सिर्फ हरियाणा का नाम रोशन करेंगे बल्कि देश का नाम भी बड़ी-बड़ी ओलंपिक्स में चमकाएंगे।</p>
<h2>मेडल टेली में हरियाणा काफी आगे रहा है, अब आगे क्या टारगेट रहेंगे ?</h2>
<p>हरियाणा को एक मॉडल के रूप में आगे लेकर आना चाहता हूँ और पूरे देश में हरियाणा एक ऐसा राज्य बनता हुआ देखना चाहता हूँ, जिसके पास सभी दूसरे राज्यों से ज्यादा मैडल हों। इसके लिए बहुत काम करने की जरूरत है, क्योंकि ग्रास रूट में जाकर खिलाड़ियों को पैदा करना होगा। उसके बाद ही आने वाले सालों में हरियाणा के नौजवान इस कदर तैयार होंगे कि उनके सामने पड़ोसी राज्य तो दूर दूसरे देशों के खिलाड़ी भी खड़े नहीं हो पाएंगे।</p>
<h2>कौन-कौन सी गेम पर आप का फोकस रहेगा?</h2>
<p>हरियाणा में अभी तक कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबाल, फुटबॉल व हॉकी जैसी खेलों पर ही ज्यादा फोकस किया गया है बल्कि ओलंपिक्स में ताइक्वांडो सहित ऐसी कई छोटी-छोटी गेम्स हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। हरियाणा के हर खिलाड़ी को हर गेम के प्रति आकर्षित किया जाएगा।</p>
<h2>नए खिलाड़ियों को लेकर क्या-क्या प्लान हैं?</h2>
<p>अगर हमें उच्च दर्जे का और लंबे समय तक टिकने वाला खिलाड़ी चाहिए तो हमें 8 साल की उम्र से ही खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू करना पड़ेगा, क्योंकि अगर 8 साल के एक छोटे बच्चे को खेल के मैदान में उतारकर तैयार करने की कोशिश की जाए तो युवा होने तक वह खिलाड़ी पूरी तरह दूसरे देशों के खिलाड़ियों को टक्कर देने के लिए तैयार हो जाएगा।</p>
<h2>कब से आप काम शुरू करने जा रहे हैं?</h2>
<p>कब से नहीं, बल्कि आज से ही काम करने शुरू जा रहा हूँ। अभी मैंने स्टाफ के साथ परिचय करने के बाद खेल विभाग के अधिकारियों की कल ही मीटिंग बुलाई है। मैं तो आज ही खेल विभाग के अधिकारियों से मीटिंग लेना चाहता था, लेकिन विभाग के डायरेक्टर के दिल्ली में एक मीटिंग में जाने के चलते ऐसा संभव नहीं हो पाया। जैसे ही वे यहां पहुंचेंगे, काम शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<h2>क्या पिछली सरकार में खेलों को लेकर कुछ कमी देखते हैं?</h2>
<p>नहीं, पिछली भाजपा सरकार में माननीय मंत्री अनिल विज द्वारा काफी अच्छा काम किया गया है, जिसका नतीजा मेडलों के ढेर के रूप में हमने देखा। यह जरूर है कि हर दिन कुछ नया करने की जरूरत है, ताकि नए खिलाड़ी और ज्यादा आ सकें और समय-समय पर बदल रही तकनीक के अनुसार खिलाड़ियों को उस तकनीक के अनुसार तैयार किया जा सके।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sports-minister-sandeep-singh-interview/article-11153</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sports-minister-sandeep-singh-interview/article-11153</guid>
                <pubDate>Sat, 16 Nov 2019 13:07:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-11/sports-minister-sandeep-singh.jpg"                         length="123741"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सामाजिक जीवन जीने का आंनद कुछ और ही होता है</title>
                                    <description><![CDATA[इंटरव्यू: जावेद अख्तर जावेद अख्तर साहब का अब परिचय देना खुद में बेमानी सा लगता है। कला क्षेत्र के प्रत्येक विधाओं में उन्होंने जिस तरह से छाप छोड़ी है वहां तक पहुंचना किसी के लिए सपना मात्र होता है। कवि, हिंदी फिल्मों के मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक, डायलॉग राइटर, सामाजिक कार्यकर्ता के अलावा भी कई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/interview-javed-akhtar/article-6107"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/javed-akhtar.jpg" alt=""></a><br /><h2><strong> इंटरव्यू: जावेद अख्तर</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">जावेद अख्तर साहब का अब परिचय देना खुद में बेमानी सा लगता है। कला क्षेत्र के प्रत्येक विधाओं में उन्होंने जिस तरह से छाप छोड़ी है वहां तक पहुंचना किसी के लिए सपना मात्र होता है। कवि, हिंदी फिल्मों के मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक, डायलॉग राइटर, सामाजिक कार्यकर्ता के अलावा भी कई ऐसी खूबियां इस प्रचंड शख्सियत में व्याप्त हैं जिसे लोग कम ही जानते हैं। राजनीति के क्षेत्र में भी विगत सालों से सक्रिय हैं। जावेद अख्तर साहब को पिछले दिनों दिल्ली सरकार की ओर से शलाका सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर रमेश ठाकुर ने उनसे बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पिछले कुछ समय से आपकी सक्रियता सार्वजनिक मंचों पर ज्यादा देखी जा रही है, कुछ खास वजह?</h2>
<p style="text-align:justify;">शख्सियत बड़ी हो या छोटी। उसकी निमार्ता जनमानस होती है। मुल्क की आवाम ने मुझे जो प्यार-सम्मान दिया है, बस उसी को ध्यान में रखकर उनकी बेहतरी के लिए हर संभव कुछ अच्छा करने का प्रयास करता हूं। वैसे अब चाहत किसी चीज की नहीं हैं खुदा ने उम्मीद से ज्यादा दे रखा है। सार्वजनिक मंचों पर जाने के संबंध में मैं आपको बस इतना ही कह सकता हूं। ये मंच ही इंसान को बुनियादी एहसासों से रूबरू कराते हैं। क्योंकि पूरा जीवन तो हमारा रंगमंच से ही जुड़ा रहा है। जिस कारण इन मंचों से हमारी दूरी रही। खास जीवन के इतर अब आम जीवन जीने में मजा आ रहा है। विगत कुछ सालों से मुझे एहसास भी हुआ है कि सामाजिक जीवन जीने का आनंद ही कुछ और है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दिल्ली सरकार ने इस वर्ष आपको शलाका पुरस्कार से नवाजा है, लेकिन मंच पर बोलने नहीं दिया, ऐसा क्यों?</h2>
<p style="text-align:justify;">दरअसल कुछ गलतफहमियों के कारण ऐसा हुआ। मेरा सम्मान करने के तुरंत बाद किसी दूसरे का नाम बोल दिया गया। मैं हक्का-बक्का रह गया। कुछ क्ष़्ाण मंच पर रूका भी, लेकिन किसी ने माइक पर बोलने को नहीं कहा। थोड़ा गुस्सा भी आया, जिस कारण मैं मंच छोड़कर बाहर निकल आया। तभी पीछे से कई लोग भागकर मेरे पास आए। और बोलने लगे कि सर कुछ गलतियों के कारण आपको बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। खैर, बाद में मैं दोबारा से मंच पर गया और अपने विचार रखे। सम्मान के लिए मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को धन्यवाद देना चाहूंगा। उनके उज्जवल भविष्य की मैं कामना करता हूं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और उप-राज्यपाल के बीच टकराव को आप कैसे देखते हैं?</h2>
<p style="text-align:justify;">देखिए मैं कोई राजनैतिक बयान देकर बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहता। लेकिन मुझे लगता इन सभी के बीच कुछ तालमेल की कमी दिखती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि अरविंद केजरीवाल अपने स्तर पर दिल्ली के लिए अच्छा न कर रहे हों। हां, वह अलग बात है उनकी केंद्र सरकार से पटरी न खा रही हो। लेकिन जनता की भलाई के लिए दोनों सरकारों को मधरु संबंध स्थापित कर आपसी तालमेल में मिठास घोलने की दरकार है। अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की जनता के अलावा दूसरे राज्यों की आवाम को भी बहुत भरोसा और उम्मीदें हैं। मैं उम्मीद करूंगा कि वह उनकी आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे। दिल्ली को लेकर उनका काम कैसा है इसकी समीक्षा आप पत्रकार लोग करोगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सदन में आने के बाद आपकी कलात्मक क्षेत्रों से कुछ दूरी बनी है?</h2>
<p style="text-align:justify;">किस क्षेत्र को कितना और कब समय देना है, उसको मैं ठीक से मैंनेज कर लेता हूं। बेटा फरहान अख्तर भी कुछ ऐसे ही सवाल अक्सर करता रहता है। देखिए, ये आपकी उर्जा पर निर्भर करता है कि आप कितना वर्क उठा सकते हो। सदन के जरिए मुझे अपने पूरे मुल्क की समस्याओं पर बोलने का मौका मिला था। जिसे मैंने स्वभाग्य समझा। संसद में देश की जनता का प्रतिनिधित्व बनकर आवाज उठाना सभी का सपना होता है। मैं एहसानमंद हूं कला क्षेत्र का जिसके जरिए मुझे ये मौका मिला। रही बात कला क्षेत्र से दूरी बनाने की, वो नहीं हो सकता। यही वो क्षेत्र है जिसने मुझे जावेद अख्तर बनाया। जिंदगी के आखिरी लम्हों तक पटकथा लेखन से जुड़ा रहूंगा। इसके बिना जिंदगी अधूरी सी लगती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">फिल्मों की पटकथा का स्वरूप अब पहले से काफी जुदा है, आपको असहजता तो नहीं होती?</h2>
<p style="text-align:justify;">मैं बूढा हो गया हूं इसलिए ये सवाल कर रहे हो न! देखिए, आज की फिल्मों में आधुनिकता का तड़गा लग चुका है। जो लेखन हम पहले करते थे उसी को मिक्स किया जा रहा है। लगान, तेजाब, 1942 लव स्टोरी और बॉर्डर जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए लिखे गीतों को लोग आज भी गुनगुनाते हैं। इन गीत लेखनों के चलते मुझे कई फिल्मफेयर पुरस्कार, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्म भूषण भी मिला। इसके अलावा पुराने जमाने की सीता और गीता, जंजीर, दीवार और शोले की कहानी, पटकथा और संवाद में मेरी और सलीम की जोड़ी को लोग आज भी पसंद करते हैं। देखिए, हर चीज का एक दौर और समय होता है। जैसे प्रकृति का नियम बदलाव है तो उसी के साथ हम सबों को भी ढलते रहना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बेटी जोया और बेटा फरहान भी आपसे टिप्स लेते होंगे?</h2>
<p style="text-align:justify;">बच्चों के लिए पिता बरगद के पेड़ की तरह होते हैं। बिना उनकी छाया के भला वह कैसे महरूम रहेंगे। भाग मिल्खा भाग में फरहान ने महीनों जिस कठिनाई से परिश्रम किया था उसके पीछे मैं भी खड़ा था। फरहान बिना पापा के कोई बड़ा फैसला आज भी नहीं करता। उसके हर निर्णय में मेरी परस्पर भूमिका रहती है। एक पिता अपने औलाद को आगे बढ़ाने के लिए जो किरदार निभाता है मैं भी वही करता हूं। बाकि आज उसने जो नाम कमाया है उसे देखकर और सुनकर अच्छा लगता है। फरहान मुख्यता: फिल्म निमार्ता, निर्देशक्, अभिनेता और गायक हैं। जोया भी निर्देशक के रूप में अच्छा कर रही हैं। हालांकि बच्चे अब मुझे ज्यादा काम करने की इजाजत नहीं देते।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>लेखक: रमेश ठाकुर</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/interview-javed-akhtar/article-6107</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/interview-javed-akhtar/article-6107</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Oct 2018 10:16:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/javed-akhtar.jpg"                         length="86015"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>662 पदों पर डॉक्टरों के इंटरव्यू शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[विज बोले स्वास्थ्य सेवाओं में हरियाणा को बनाना है नंबर वन हर जिले को मिलेंगे स्पैशलिस्ट चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए गत दिनों जारी हुए 662 डॉक्टरों की भर्ती के विज्ञापन के बाद विभाग का अच्छा रिस्पांस मिला है एवं स्वीकृत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">विज बोले स्वास्थ्य सेवाओं में हरियाणा को बनाना है नंबर वन</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>हर जिले को मिलेंगे स्पैशलिस्ट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)।</strong> प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए गत दिनों जारी हुए 662 डॉक्टरों की भर्ती के विज्ञापन के बाद विभाग का अच्छा रिस्पांस मिला है एवं स्वीकृत पदों से तीन गुणा ज्यादा डॉक्टरों ने भर्ती के लिए एप्लाई किया है। भर्ती के लिए इंटरव्यू वीरवार से शुरू हो गए हैं। विज अपने कार्यालय पर सच कहूँ संवाददाता से बातचीत कर रहे थे। विज ने कहा कि देश के बहुत कम राज्यों में यह सुविधा है जहां सरकारी अस्पतालों में 5 रुपए की पर्ची पर ही सभी टैस्ट, सलाह एवं दवाइयां नि:शुल्क मिलती हों। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ उनका लक्ष्य प्रदेश को देश में नंबर वन बनाना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4 जिलों में शुरु हुई फ्री डायलसिस सेवा</h3>
<p style="text-align:justify;">विज ने बताया कि पहले फेज़ में सरकार ने 11 से 14 जिलों में फ्री डायलसिस, सिटी स्कैन इत्यादि की सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई जिसके टैंडर इत्यादि हो चुके हैं। इनमें से अंबाला कैंट, गुरुग्राम सहित 4 जिलों में डायलसिस की सेवाएं शुरू हो गई हैं एवं जल्द ही प्रदेश के बाकि प्रस्तावित जिलों में भी ये सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकारी डॉक्टर पर्ची पर वही दवाइयां लिखें जो अस्पताल में मौजूद</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के सरकारी अस्पतालों से अक्सर ये शिकायतें मिलती हैं कि डॉक्टर अस्पताल में मौजूद दवाइयां न लिख कर मरीज को बाहर से दवाइयां लेने की बात करते हैं। ऐसे में मरीज को मजबूरन मंहगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। इस सवाल पर विज ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों को सख्त हिदायत दे रखी है कि वे दवाइयां वहीं लिखें जो अस्पताल में मौजूद हैं। फिर भी यदि कोई डॉक्टर ऐसा जान-बूझ कर करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/doctors-interview-on-662-posts/article-3189</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/doctors-interview-on-662-posts/article-3189</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Aug 2017 09:05:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जॉब फेयर में 711 विद्यार्थियों को नौकरी</title>
                                    <description><![CDATA[रोजगार मेले में बहुतकनीकी संस्थानों के 1200 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। हरियाणा राज्य बहुतकनीकी शिक्षा बोर्ड द्वारा भारतीय उद्योग प्रसंघ के सहयोग से 10 जिलों नामत: हिसार, सरसा, रोहतक, जींद, भिवानी, फतेहाबाद, महेन्द्रगढ़, सोनीपत, पानीपत और झज्जर में 2017 पासआउट बहुतकनीकी विद्यार्थियों के लिए आयोजित जॉब फेयर में ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा सर्वाधिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/711-students-job-in-job-fair/article-1120"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/jobs.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">रोजगार मेले में बहुतकनीकी संस्थानों के 1200 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा</h2>
<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। हरियाणा राज्य बहुतकनीकी शिक्षा बोर्ड द्वारा भारतीय उद्योग प्रसंघ के सहयोग से 10 जिलों नामत: हिसार, सरसा, रोहतक, जींद, भिवानी, फतेहाबाद, महेन्द्रगढ़, सोनीपत, पानीपत और झज्जर में 2017 पासआउट बहुतकनीकी विद्यार्थियों के लिए आयोजित जॉब फेयर में ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा सर्वाधिक 6 लाख रुपये के पैकेज और औसत 1.5 लाख रुपये के पैकेज की पेशकश के साथ 711 विद्यार्थियों का चयन किया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">30 कम्पनियों ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार लिए</h2>
<p style="text-align:justify;">बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त बहुतकनीकी संस्थानों के विभिन्न संकायों जैसे मकैनिकल इंजीनियरिंग, आॅटो मोबाइल इंजीनियरिंग, कैमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रोनिक्स एण्ड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, प्लास्टिक टैक्रोलोजी, फाइनान्स अकाउंटिंग और आॅडिटिंग, इन्स्ट्रूमैंटेशन एण्ड कन्ट्रोल, लाइब्रेरी एण्ड इन्फोर्मेशन साईंस, आॅफिस मैंनेजमैंट और कम्प्यूटर एप्लीकेशन तथा मैडिकल लैब टैक्रोलोजी के 1200 विद्यार्थियों और 10 जिलों के 61 निजी बहुतकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने इस जॉब फेयर में भाग लिया। इस दौरान 30 कम्पनियों ने लिखित परीक्षा और साक्षात्कार लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्लेसमैंट अभियान में भाग लेने वाली बहुराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कम्पनियों में टाटा मोटर्स, जय भारत मारुति, यूरेका फोर्बस लि०, इंडिया निप्पो इलैक्ट्रिकल लि०, इन्वेस्टर्स क्लीनिक इन्फ्राटेक प्राइवेट लि०, मुजाल शोआ मुथुत फिनान्स, पाथ फाइंडर, पावर केयर सिस्टम, सोडेक्सो फेसिलिटी मैनेजमैंट सर्विस प्राइवेट लि०, सुब्रोज लि०, ट्राइडेंट ग्रुप, विकास गु्रप, सुबइन्फ्रा, गोइला इंजीनियर्स, जी के मैडिकल इक्यूपमैंट, ओम लोजिस्टिकस, कापरोमारुति, रोंच पोलिमर्स और नवभारत फर्टिलाइजर शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/711-students-job-in-job-fair/article-1120</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/711-students-job-in-job-fair/article-1120</guid>
                <pubDate>Sun, 11 Jun 2017 01:24:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/jobs.jpg"                         length="32386"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        