<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/wmo-alert/tag-24419" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>WMO ALERT - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/24419/rss</link>
                <description>WMO ALERT RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>WMO ALERT: संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने दी पूरी दुनिया को चेतावनी!</title>
                                    <description><![CDATA[WMO ALERT: जलवायु परिवर्तन (Climate Change) व प्रशांत महासागर में बने अलनीनो का प्रभाव (El Nino effect) भारत में ही नहीं बल्कि वैश्विक तौर पर देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से विश्व में किसी देश में सूखे जैसी स्थिति है तो कोई देश बाढ़ की चपेट में है। जिन देशों में अब तक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/un-meteorologists-warned-the-whole-world/article-54739"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/el-nino-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">WMO ALERT: जलवायु परिवर्तन (Climate Change) व प्रशांत महासागर में बने अलनीनो का प्रभाव (El Nino effect) भारत में ही नहीं बल्कि वैश्विक तौर पर देखने को मिल रहा है। जिसकी वजह से विश्व में किसी देश में सूखे जैसी स्थिति है तो कोई देश बाढ़ की चपेट में है। जिन देशों में अब तक सर्दी का मौसम बन जाना था, वह देश भी अब तक गर्म बने हुए हैं, जिनमे भारत भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस बार अक्टूबर महीना सबसे गर्म रहा है ऐसा 2020-21 के बाद पहली बार हुआ है। El Nino Effect</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2023 अन्य वर्षो की तुलना में गर्म रहने की ही संभावना है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन डब्ल्यूएमओ (WMO) ने अपने सन्देश में कहा है कि अल नीनो प्रभाव अगले वर्ष भी जारी रहेगा, जिससे तापमान वृद्धि के जारी रहने की संभावना बनी रहेगी संगठन ने कहा है कि इस वर्ष अभी तक, वैश्विक औसत तापमान, अभी तक के रिकॉर्ड के अनुसार, सबसे ऊँचा है, जोकि पूर्व-औद्योगिक स्तरों से, 1.43 डिग्री सैल्सियस ऊपर है।</p>
<h3>अल नीनो जलवायु रुझान अप्रैल 2024 तक जारी रहेगा</h3>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, अंटार्कटिक में समुद्री हिम का स्तर रिकॉर्ड निम्न है यूएन मौसम विज्ञान संगठन की अपेक्षा के अनुसार, गर्माता अल नीनो जलवायु रुझान,अप्रैल 2024 तक जारी रहेगा जिससे,तापमान में और अधिक वृद्धि होगी। इसे भारत जैसे देश के लिए एक चेतावनी के रूप में समझ जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठन के अध्यक्ष पैटेरी टालस ने कहा कि वैसे तो अल नीनो प्रभाव प्राकृतिक रूप से घटता है,मगर यह जलवायु परिवर्तन के सन्दर्भ में होता है जिसे, मानव गतिविधियों के परिणाम स्वरूप गर्मी को सोख़ने वाली ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ते जमाव से बढ़ावा मिलता है। जिसका असर पूरी मानव जाति के साथ-साथ प्रकृति पर भी पड़ता है। उन्होंने आगाह किया कि ताप लहरें, सूखा, जंगली आग, भारी वर्षा और बाढ़ जैसी मौसम की अत्यन्त चरम घटनाएँ, कुछ क्षेत्रों में और भी बदतर होंगी। पैटेरी टालस ने कहा, ‘इसीलिए, विश्व मौसम संगठन, ज़िन्दगियों को बचाने और आर्थिक नुक़सान कम करने के लिए, सभी के लिए पूर्व चेतावनी पहल, के लिए प्रतिबद्ध है।’</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले वर्ष 2016 में भी एलनीनो का प्रभाव पूरे विश्व भर में देखने को मिला था। जिसमें असाधारण रूप से मज़बूत अल नीनो और जलवायु परिवर्तन का बहुत बड़ा हाथ रहा था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">0.40 फीसदी अधिक रहा तापमान</h3>
<p style="text-align:justify;">विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने कहा है कि इस वर्ष अक्टूबर महीना, रिकॉर्ड पर अभी का सबसे गर्म महीना रहा है, जोकि 1991-2020 के औसत तापमान से 0.85 डिग्री सैल्सियस, और अतीत में सर्वाधिक गर्म रहे अक्टूबर महीने से, 0.40 डिग्री सैल्सियस अधिक रहा।अक्टूबर ऐसा लगातार छठा महीना रहा है, जिसमें अंटार्कटिक समुद्र में हिम विस्तार रिकॉर्ड निम्न स्तर पर रहा। आर्कटिक समुद्र का हिम विस्तार, अक्टूबर के लिए,अपने सातवें निम्न बिन्दु पर पहुँचा। संगठन का कहना है कि अक्टूबर 2023 में, कुल बारिश या नमी, लगभग पूरे योरोप में, औसत से ऊपर रही।</p>
<p style="text-align:justify;">बाबेट तूफ़ान ने उत्तरी योरोप में दस्तक दी,और ऐलीन तूफ़ान ने, पुर्तगाल और स्पेन को प्रभावित किया,जिस दौरान भारी बारिश हुई और बाढ़ें आईं। ध्यान रहे कि दक्षिण पश्चिम मानसून की शुरुआत से ही भारत में भी बिपरजाय चक्रवात ने पूरे मॉनसून चक्र को बिगाड़ कर छोड़ दिया था। जिसकी वजह से राजस्थान जैसे इलाके में भी बाढ़ के हालात देखने को मिले व हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड जैसे राज्यों में बादल फटने के कारण हिमस्खलन हुआ तो हरियाणा ऐसा राज्य बना जिसके हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद, भिवानी, चरखी-दादरी जिलों में सूखे जैसे हालात बने।</p>
<h3 style="text-align:justify;">उत्तर भारत मे बदला मौसम,प्रदूषण से मिली राहत | El Nino Effect</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा राज्य सहित दिल्ली एनसीआर में पश्चिमिविक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 9 नवंबर रात्रि से मौसम बदल चुका है। इस बदलाव के बाद 9 नवंबर रात्रि से ही बदलवाई बनी हुई है। दिल्ली एनसीआर में रात भर से हो रही बूंदाबांदी के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभागाध्यक्ष डॉ मदन खीचड़ ने 10 नवंबर को कहीं कहीं गरजचमक व हवाओं के साथ छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है। हरियाणा में कहीं कहीं पर हल्की बूंदाबांदी की शुरुआत हो भी चुकी है। इस बूंदाबांदी के बाद वायुमंडल की परत में बने प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट की संभावना है। इसके बाद 11 नवंबर से मौसम खुश्क तथा उत्तरपश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में गिरावट की संभावना बनी रहेगी। El Nino Effect</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Gold-Silver Price Today : धनतेरस पर सोना-चांदी सस्ता, जानें आज के भाव!" href="http://10.0.0.122:1245/gold-is-cheap-on-dhanteras-know-todays-price/">Gold-Silver Price Today : धनतेरस पर सोना-चांदी सस्ता, जानें आज के भाव!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/un-meteorologists-warned-the-whole-world/article-54739</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/un-meteorologists-warned-the-whole-world/article-54739</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Nov 2023 17:35:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-11/el-nino-1.jpg"                         length="14456"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>WMO का ALERT, Saint MSG पहले ही बरनावा आश्रम में दे चुके हैं चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[जलेगी धरती, जलेगा जंगल, दुनिया में होगा इतना अमंगल पेरिस। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट किया है कि वर्ष 2027 में धरती का औसतन टैम्प्रेचर 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा, जिसका परिणाम ये होगा कि धरती जलेगी, आसमान जलेगा, जंगल जलेंगे, बेमौसमी बरसात, बाढ़, सूखा, धूल भरी आंधी, समुद्री जलस्तर बढ़ना, समुद्री तूफान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/wmo-alert-saint-msg-has-already-warned-in-barnava-ashram/article-47779"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/wmo.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जलेगी धरती, जलेगा जंगल, दुनिया में होगा इतना अमंगल</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पेरिस।</strong> विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट किया है कि वर्ष 2027 में धरती का औसतन टैम्प्रेचर 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा, जिसका परिणाम ये होगा कि धरती जलेगी, आसमान जलेगा, जंगल जलेंगे, बेमौसमी बरसात, बाढ़, सूखा, धूल भरी आंधी, समुद्री जलस्तर बढ़ना, समुद्री तूफान आएंगे। ऐसे में इंसानों का क्या होगा? इसका अंदाजा लगाना शायद ही दुनिया के लिए मुश्किल होगा। साइंस इसका अलर्ट आज जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां पहले ही आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से दुनिया को आगाह कर चुके हैं कि दुनिया महाप्रलय की ओर जा रही है।</p>
<h3>दुनिया की हालत इतनी खराब होगी कि पूरी दुनिया जलेगी | WMO ALERT</h3>
<p style="text-align:justify;">WMO  ने 30 साल के औसत वैश्विक तापमान के आधार पर ये खुलासा करते हुए दुनिया को चेतावनी दी है कि हर पांच साल में एक साल रिकॉर्डतोड़ गर्मी वाला होगा, जिसका 98 प्रतिशत अनुमान है। यह प्रक्रिया 2016 से शुरू हो चुकी है। यह एक बहुत बड़े स्तर का जलवायु संकट है जिसे दुनिया गंभीरता से नहीं ले रही है। दुनिया की हालत इतनी खराब होगी कि पूरी दुनिया जलेगी, मौसम अपने समय के विपरीत बदल जाएंगे। अचानक आपदाएं आएंगी, धूल भरी आंधियां आएंगी, बेमौसमी बरसात होगी।</p>
<h3>डरावना खुलासा | WMO ALERT</h3>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में ब्रिटेन के मेट आॅफिस हैडली सेंटर के लॉन्ग-रेंज प्रेडिक्शन प्रमुख एडम स्कैफी ने कहा कि यह भी संभव है कि हम अगले चार-पांच सालों में गर्मी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर देखें। डेढ़ डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान चला जाए। उन्होंने कहा है कि पिछले वर्ष आई रिपोर्ट के अनुसार इस बात की संभावना 50-50 थी, लेकिन दोबारा की गई स्टडी के अनुसार अब यह 66 प्रतिशत है। स्कैफी के अनुसार ग्लोबल एनुअल टू डिकेडल क्लाइमेट अपडेट (Global Annual to Decadal Climate Update) में यह डरावना खुलासा किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एडम स्कैफी के अनुसार अगर अस्थाई तौर पर भी डेढ़ डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ता है तो भी पूरी दुनिया को प्राकृतिक आपदाएं झेलनी पड़ेंगी। कहने का मतलब कि पूरी दुनिया ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर रोक लगाने में कामयाब नहीं होगी। जब तक ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम नहीं होगा तब तक बढ़ती गर्मी को रोका नहीं जा सकता, जिसका विभिन्न देशों के मौसम पर फर्क पड़ना लाजमी है। भारत की हालत इसलिए खराब होगी क्योंकि अल-नीनो के साथ जब इंसानों द्वारा किया जा रहा जलवायु परिवर्तन मिलेगा तो स्थितियां और भी बद्तर हो जाएंगी।</p>
<h3>बरनावा आश्रम से पहले ही दे चुके है चेतावनी | WMO ALERT</h3>
<p><iframe title="नशा दुनिया को महाप्रलय की तरफ ले जा रहा है | Drug Addiction Will Result in Global Destruction" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/c-GMiC_Xqtg?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 40 दिन की रूहानी यात्रा पर बरनावा आश्रम में पधारे थे उस दौरान गुरु जी ने फरमाया कि ऐसे थोड़ी ना बरसात को उड़ीकते रहते हैं लोग। पर बरसात सही समय पर आ जाए लेकिन आजकल तो गड़बड़ हो रही है जब बरसात नहीं चाहिए तब आती है। जब चाहिए तब नहीं आती। यह क्यों होता है ऐसा क्यों हो रहा है इस पर भी बात करेंगे अभी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी वजह है जो हमने अनुभव किया पिछली बार भी हमने कहा था आपको जब पिछली बार आए थे कि शाह सतनाम शाह मस्तान जी ने इस बॉडी से पता नहीं क्या काम लेना है जो इतनी तपस्या करवाई उन्होंने। तो फीलिंग आती है महसूस होता है कि ऐसा तब होता है, मालिक ऐसा करे ना यह मालिक से दुआ है , पर यह परिवर्तन तब आता है जब प्रलय की तरफ दुनिया बढ़ रही होती है। बड़ी दुखद बात है जनसंख्या का विस्फोट होने को तैयार है। इतने बच्चे बढ़ते जा रहे हैं इतनी जनसंख्या होती जा रही है कि पूछो मत। पानी धरती में नीचे गायब होता जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/wmo-alert-saint-msg-has-already-warned-in-barnava-ashram/article-47779</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/wmo-alert-saint-msg-has-already-warned-in-barnava-ashram/article-47779</guid>
                <pubDate>Thu, 18 May 2023 16:30:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/wmo.jpg"                         length="49762"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        