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                <title>muslim - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Seema Haider Pakistan: हिन्दू सीमा हैदर जाएगी पाकिस्तान!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Seema Haider Pakistan:सीमा हैदर इस वक्त भारत में है और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा चल रही है। पाकिस्तान से आई सीमा हैदर (PUBG) को सोशल मीडिया पर कुछ व्यक्ति आईएसआई का एजेंट बता रहे हैं और शक की निगाहों से देख रहे हैं तो वहीं कुछ उसको सही बता रहे हैं। वहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/seema-haider-pakistan/article-50079"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/seema-haider.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Seema Haider Pakistan:सीमा हैदर इस वक्त भारत में है और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा चल रही है। पाकिस्तान से आई सीमा हैदर (PUBG) को सोशल मीडिया पर कुछ व्यक्ति आईएसआई का एजेंट बता रहे हैं और शक की निगाहों से देख रहे हैं तो वहीं कुछ उसको सही बता रहे हैं। वहीं पाक के सोशल मीडिया पर एक दावा यह भी किया जा रहा है कि सीमा हैदर दरअसल भारत की एजें थी जो 10 वर्ष से पाक में रह थी और अब वो अपने मुल्क वापस लौट गई है। हालांकि इन दावों का सच से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। Pakistan</p>
<h3 style="text-align:justify;">पाक में रहे रहे हिंदुओं को मिल रहीं है धमकियां | Seema Haider Pakistan</h3>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं को धमकियां मिल रही है जो कि चिंता का विषय है। आपको बता दें कि 1947 के बाद पाकिस्तान में हजारों लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया। लेकिन जो थोड़े बहुत हिंदू है अब इस मामले को लेकर उन्हें धमकियां मिल रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हिंदुओं की सुरक्षा बढ़ी | Seema Haider</h3>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिए हैं। पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह खां ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए हिंदुओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h3>
<p style="text-align:justify;">सीमा हैदर अपने 4 बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते बिना वीजा के अवैध रूप से भारत आई थी। इसके बाद सीमा हैदर को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में 4 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। वहीं सचिन को अवैध अप्रवासियों को आश्रय देने के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। हालांकि वे हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं, लेकिन सीमा पार से खबरें इतनी सकारात्मक नहीं हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीमा हैदर जाएंगी पाकिस्तान!</h3>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर इस मामले पर कर्इं तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है। कोई कह रहा है कि इसको पाकिस्तान भेज देना चाहिए और कोई कह रहा है कि इसको यहीं पर रहने दीजिए। लेकिन कानून विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा हैदर का केस अदालत में चल रहा है। जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पाकिस्तान से मिल रही हैं धमकियां</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि सीमा हैदर को पाकिस्तान से धमकियां मिल रही है कि अगर वो पाकिस्तान आई तो उसको मार दिया जाएगा। गौरतलब हैं कि सीमा हैदर का केस नोएडा थाने में चल रहा है। अभी फिलहाल उसको जमानत मिली हुई है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/op-rajbhar-joins-nda/">OP Rajbhar Joins NDA: 2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष को लगा बड़ा झटका</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 18:04:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो मजहबों के भाईचारे ने पेश की इन्सानियत की मिसाल, मुस्लिम भाईयों ने भरा हिंदू बेटी का भात</title>
                                    <description><![CDATA[रितू की शादी के भात में भातियों ने 20 हजार नकद, कपड़े व गहनों सहित अन्य सामान दिया इस्लाम ने मंदिर और गौशाला के लिए भी दिया दान सच कहूँ/इन्द्रवेश चरखी दादरी। हिंदू-मुस्लिम समाज ने आपसी सद्भावना व भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। चरखी दादरी में 22 साल पहले मुस्लिम भाई को धर्मभाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-brotherhood-of-two-religions-set-an-example-of-humanity-muslim-brothers-offered-rice-for-a-hindu-daughter/article-46699"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/charkhi-dadri.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;">रितू की शादी के भात में भातियों ने 20 हजार नकद, कपड़े व गहनों सहित अन्य सामान दिया</li>
<li style="text-align:justify;">इस्लाम ने मंदिर और गौशाला के लिए भी दिया दान</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/इन्द्रवेश</strong><br />
<strong>चरखी दादरी</strong>। हिंदू-मुस्लिम समाज ने आपसी सद्भावना व भाईचारे की अनोखी मिसाल पेश की है। चरखी दादरी में 22 साल पहले मुस्लिम भाई को धर्मभाई बनाकर हिंदू बहन ने राखी बांधी थी। मुस्लिम धर्म भाई ने उसी बहन की बेटी की शादी में भात भरकर अपना फर्ज निभाया। धर्मभाई इकराम मलिक व इस्लाम मलिक 14 भातियों के साथ धर्म बहन के घर भात भरने पहुंचे और हिंदू रीति रिवाज के अनुसार भातियों ने सभी रस्में निभाई। दो मजहबों के बीच इस आपसी भाईचारे की हर कोई सराहना कर रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी त्यौहारों को मिलकर मनाते हैं परिवार</h3>
<p style="text-align:justify;">इकराम मलिक ने बताया कि दोनों के परिवार काफी समय से एक-दूसरे का साथ देते आ रहे हैं और सभी त्यौहारों को मिलकर मनाते हैं। धर्म बहन लता ने दरवाजे पर भातियों को तिलक लगाकर स्वागत किया और घर के आंगन में भात लिया। भात में 20 हजार रुपए नकद, कपड़े, गहनों सहित हिंदू रस्मों के अनुसार मंदिर व गौशाला में भी दान दिया है। बहन का भात भरकर आपसी भाईचारा बढ़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं दुल्हन के भाई जीवन ने बताया कि समाज में हिंदू-मुस्लिम को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाई जाती हैं, लेकिन मुस्लिम समाज के भाइयों ने भात भरकर सद्भावना के साथ भाईचारे की मिसाल कायम की है। वहीं मुस्लिम समाज की निशा ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच कोई धर्म आड़े नहीं आया। हमेशा लता को ननद व माजा-भांजे के रिश्ते अनुसार लगातार 25 सालों से एक-दूसरे के घरों में दोनों मजहबों के त्यौहार खुशी से मनाते आ रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आपसी भाईचारे को मिला बढ़ावा</h3>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि मूलरूप से उत्तराखंड निवासी लक्ष्मण व लता परिवार सहित करीब 25 सालों से दादरी शहर में रह रहे हैं। वहीं इस्लाम व इकराम मलिक का परिवार भी उनके पड़ोस में रह रहा है। रविवार को लता की बेटी की शादी थी और मजबूरीवश भात भरने उसका भाई नहीं आ सका। जैसे ही यह जानकारी मुस्लिम भाइयों को मिली तो 22 साल पहले धर्मभाइयों ने मुस्लिम इंतजामिया कमेटी पदाधिकारियों के साथ पंहुचकर हिंदू रीति-रिवाज अनुसार रितू का भात भरा। हिंदू बहन लता ने बताया कि उसकी बेटी रितू की 23 अप्रैल को शादी हुई। भात की रस्म अदा करने मुस्लिम भाईचारे से इस्लाम और इकराम मलिक ने धर्म भाई का फर्ज निभाया है। इस शादी में धर्म भाइयों ने समाज में आपसी भाईचारे की नई मिसाल पेश की है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-brotherhood-of-two-religions-set-an-example-of-humanity-muslim-brothers-offered-rice-for-a-hindu-daughter/article-46699</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Apr 2023 12:57:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Taimurpur Village&amp;#8230;जहां एक साथ बनें मंदिर-मस्जिद देते हैं एकता का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[जिस मस्जिद में आज होती है अजान, पहले होता था गुरुबाणी का पाठ रोहतक जिले का सबसे छोटा गांव है तैमूरपुर देशवासियों को धार्मिक सौहार्द का परिचय देता है गांव तैमूरपुर सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा रोहतक। तैमूरपुर गांव (Taimurpur Village) भले ही यह गांव रोहतक जिले का सबसे छोटा गांव हो, लेकिन यहां से हर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/taimurpur-village/article-39772"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/t.jpg" alt=""></a><br /><h3>जिस मस्जिद में आज होती है अजान, पहले होता था गुरुबाणी का पाठ</h3>
<ol>
<li><strong>रोहतक जिले का सबसे छोटा गांव है तैमूरपुर</strong></li>
<li><strong>देशवासियों को धार्मिक सौहार्द का परिचय देता है गांव तैमूरपुर</strong></li>
</ol>
<p><strong>सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा</strong><br />
<strong>रोहतक।</strong> तैमूरपुर गांव <strong>(<span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">Taimurpur Village</span></span></span>)</strong> भले ही यह गांव रोहतक जिले का सबसे छोटा गांव हो, लेकिन यहां से हर किसी को बड़ा संदेश मिलता है। संदेश धार्मिक सौहार्द, एकता और भाईचारे का। यहां बसने वाले हिन्दू-मुस्लिम एक-दूसरे के त्योहारों को केवल दिखावे सम्मान नहीं देते, बल्कि मिलकर मनाते हैं। यहां की सबसे बड़ी विशेषता गांव के बीचों-बीच बना मंदिर-मस्जिद है। ये दोनों एक ही परिसर में हैं। दीवार के साथ दीवार मिलती है। एक ही परिसर में मंदिर की घंटियां भी बजती हैं और मस्जिद में अजान भी।</p>
<h3>90.61 प्रतिशत पुरुष और 73.30 प्रतिशत महिलाएं शामिल | <strong><span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">Taimurpur Village</span></span></span></strong></h3>
<p>भारत की जनगणना 2011 की सूचना के मुताबिक गांव का लोकेशन कोड-061618 है। रोहतक जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर बसे इस छोटे से गांव तैमूरपुर की अपनी पंचायत है। यहां का भौगोलिक क्षेत्रफल 276 हेक्टेयर है। गांव की शिक्षा की बात करें तो यहां लिटरेसी रेट 82.78 प्रतिशत है। इसमें 90.61 प्रतिशत पुरुष और 73.30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। शिक्षा का यह रेट बहुत अच्छा है। करीब 100 घरों यह गांव विकास की दृष्टि से भी अग्रणी है। गांव में धार्मिक सौहार्द की जो भावना है, वह बड़ा उदाहरण है। गांव के मंदिर और मस्जिद एक साथ बने हैं। मस्जिद में आज जहां अजान होती है, उसमें किसी समय गुरुबाणी भी होती थी। गांव में सिखों का एक ही घर था। रोजाना सुबह-शाम उसी इमारत में गुरुबाणी का पाठ होता था, जिसमें आज अजान होती है। ईद की नमाज अता होती है।</p>
<h3><strong>प्राचीन गांव है तैमूरपुर, पेशा है कृषि | <span class="HwtZe" lang="en" xml:lang="en"><span class="jCAhz ChMk0b"><span class="ryNqvb">Taimurpur Village</span></span></span><br />
</strong></h3>
<p>तैमूरपुर एक प्राचीन गांव है। यहां के निवासियों का मुख्य पेशा कृषि है। तैमूरपुर गांव में शिक्षा, पेयजल, सड़क और बिजली को लेकर काफी दिक्कतें झेली हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इन मूलभूत सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। प्रकृति की गोद में यह गांव बसा है। चारों तरफ खेतों में हरियाली, शुद्ध वातावरण यहां सुखद अहसास कराता है। जैसे ही यहां सुबह होती है तो चारों तरफ पेड़ों पर पक्षियों की चहचहाट से स्वागत होता है। कोयल की मधुर कूक सुकून देती है। उगते सूरज की सुंदरता और आसपास खेतों की हरियाली, मीठी हवा का आनंद यहां की फिजां को बढ़ाता है। ग्रामीण स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन यापन करते हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-</strong><a href="http://10.0.0.122:1245/reduction-in-incidents-of-stubble-burning-in-haryana/">पंजाब की तुलना में हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी</a></p>
<p>ग्रामीण सामाजिक रूप से आपस में जुड़े हुए हैं। वे सहकारिता का जीवन जीते हैं। एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार रहते हैं। तैमूरपुर गांव के ग्रामीणों की सामाजिक भावना इतनी प्रबल है कि एक के अतिथि को सभी का अतिथि मानकर आदर-सत्कार करते हैं। भले ही गांव की आबादी कम हो, लेकिन गांव की बहुत बड़ी विशेषता यह है कि यहां का भाईचारा मजबूत है। इन दिनों पंचायत चुनाव चल रहे हैं। चुनाव मैदान में कोई भी प्रत्याशी हो, लेकिन गली-मोहल्ले में घूमते हुए एक-दूसरे के सामने आने पर राम-राम, आदर-सत्कार करना नहीं भूलते।</p>
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<p>फोटो नंबर-01: रोहतक जिले के गांव तैमूरपुर में एक साथ बने मंदिर-मस्जिद।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/taimurpur-village/article-39772</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 19:33:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांधी जी का उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकत्ता में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़के हुए थे। तमाम प्रयासों के बावजूद लोग शांत नहीं हो रहे थे। ऐसी स्थिति में गांधी जी (Gandhiji) वहां पहुंचे और एक मुस्लिम मित्र के यहां ठहरे। उनके पहुचने से दंगा कुछ शांत हुआ लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से आग भड़क उठी। तब गांधी जी ने आमरण अनशन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/gandhijis-remedy/article-12497"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/gandhiji-1.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकत्ता में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़के हुए थे। तमाम प्रयासों के बावजूद लोग शांत नहीं हो रहे थे। ऐसी स्थिति में गांधी जी <strong>(Gandhiji)</strong> वहां पहुंचे और एक मुस्लिम मित्र के यहां ठहरे। उनके पहुचने से दंगा कुछ शांत हुआ लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से आग भड़क उठी।</p>
<p>तब गांधी जी ने आमरण अनशन करने का निर्णय लिया और 31 अगस्त 1947 को अनशन पर बैठ गए।</p>
<p>इसी दौरान एक दिन एक अधेड़ उम्र का <strong>(Hindu)</strong> आदमी  उनके पास पहुंचा और बोला, ‘मैं तुम्हारी मृत्यु का पाप अपने सर पर नहीं लेना चाहता, लो रोटी खा लो।’<br />
और फिर अचानक ही वह रोने लगा, ‘मैं मरूंगा तो नर्क जाऊंगा!!’</p>
<p>‘क्यों?’ गांधी जी ने विनम्रता से पूछा। ‘क्योंकि मैंने एक आठ साल के मुस्लिम <strong>(Muslim)</strong> लड़के की जान ले ली।’ ‘तुमने उसे क्यों मारा?’ गांधी जी ने पूछा।</p>
<p>‘क्योंकि उन्होंने मेरे मासूम बच्चे को जान से मार दिया।’,  आदमी रोते हुए बोला।</p>
<p>गांधी जी ने कुछ देर सोचा और फिर बोले,‘मेरे पास एक उपाय है।’ आदमी आश्चर्य से उनकी तरफ देखने लगा।</p>
<p>‘उसी उम्र का एक लड़का खोजो जिसने दंगो में अपने माता-पिता खो दिए हों, और उसे अपने बच्चे की तरह पालो।</p>
<p>लेकिन एक चीज सुनिश्चित कर लो की वह एक मुस्लिम होना चाहिए और उसी तरह बड़ा किया जाना चाहिए।’, गांधी जी ने अपनी बात खत्म की।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2020 11:32:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुस्लिम बहुल देशों में फूट</title>
                                    <description><![CDATA[मलेशिया सम्मेलन से पाक और सऊदी अरब ने किया किनारा इस्लामाबाद (एजेंसी)। मुस्लिम (Muslim)बहुल देशों की एकजुटता को लेकर किए जा रहे दावों की कलई खुल गई है। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में प्रमुख मुस्लिम देशों के सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया। वहीं तुर्की ने सऊदी पर पाक के ऊपर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/disunity-in-muslim-majority-countries/article-11900"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/disunity-in-muslim-majority-countries.jpg" alt=""></a><br /><h2>मलेशिया सम्मेलन से पाक और सऊदी अरब ने किया किनारा</h2>
<p><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> मुस्लिम <strong>(Muslim)</strong>बहुल देशों की एकजुटता को लेकर किए जा रहे दावों की कलई खुल गई है। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में प्रमुख मुस्लिम देशों के सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया। वहीं तुर्की ने सऊदी पर पाक के ऊपर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने अपने निर्णय के पीछे ‘उम्माह’ में संभावित विभाजन की कुछ मुस्लिम देशों की चिंताओं को दूर करना बताया है। पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान उम्माह की एकता और एकजुटता में सहयोग जारी रखेगा।</p>
<h3>57 मुस्लिम देशों के संगठन से बताया बाहर Muslim</h3>
<p>सऊदी अरब ने कहा कि उसके नेता शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे हैं। क्योंकि यह जेद्दा में स्थित मुस्लिम देशों के 57 सदस्यीय संगठन इस्लामिक सहयोग संगठन के तत्वावधान में नहीं बल्कि उसके बाहर आयोजित किया जा रहा है। पाकिस्तानी सेंट्रल बैंक ने इस साल जनवरी में सऊदी अरब से बैलेंस-आफ-पेमेंट सपोर्ट प्रोग्राम के हिस्से के रूप में अपना तीसरा और आखिरी एक अरब डॉलर का हिस्सा प्राप्त किया।</p>
<h3>खुद इमरान थे प्रस्तावकों में शामिल Muslim</h3>
<p>पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान, मलेशियाई प्रधानमंत्री और तुर्की के राष्ट्रपति के साथ शिखर सम्मेलन के पीछे प्रमुख प्रस्तावकों में शामिल थे। खान ने आखिरी क्षणों में इस सम्मेलन से अलग होने का निर्णय लिया। कुआलालंपुर में वीरवार से शुरू हुए चार दिवसीय सम्मेलन में इस्लामी दुनिया के कुछ ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।</p>
<h3>तुर्की का दावा</h3>
<ul>
<li><strong>सऊदी अरब ने पाकिस्तान को थी चेतावनी </strong></li>
<li><strong>40 लाख पाकिस्तानियों को वापिस भेज देंगे</strong></li>
<li><strong>बेरोजगार बांग्लादेशियों को फिर से देंगे काम </strong></li>
<li><strong>अपने पैसे वापस भी मांगे वापिस</strong></li>
</ul>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/international/disunity-in-muslim-majority-countries/article-11900</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2019 11:50:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुस्लिम देशों के लिए भी ‘जाकिर’ भस्मासुर साबित होगा</title>
                                    <description><![CDATA[जाकिर नाइक एक भस्मासुर है, इसका अहसास मलेशिया को भी अब हो रहा है। जाकिर नाइक ने एक भगोडा होते हुए भी मलेशिया में हिन्दुओं और चीनियों के खिलाफ न केवल विषवमन किया बल्कि हिन्दुओं और चीनियों को खदेडने और उनके सर्वनाश करने, जमींदोज करने का फरमान भी सुना दिया। जाकिर ने अपने एक भाषण […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/zakir-will-prove-to-be-bhasmasura-for-muslim-countries-too/article-10339"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-08/muslim-zakir-pakistan-zakir-will-prove-to-be-bhasmasur-for-muslim-countries-too.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जाकिर नाइक एक भस्मासुर है, इसका अहसास मलेशिया को भी अब हो रहा है। जाकिर नाइक ने एक भगोडा होते हुए भी मलेशिया में हिन्दुओं और चीनियों के खिलाफ न केवल विषवमन किया बल्कि हिन्दुओं और चीनियों को खदेडने और उनके सर्वनाश करने, जमींदोज करने का फरमान भी सुना दिया। जाकिर ने अपने एक भाषण में कह डाला कि मलेशिया एक इस्लामिक देश है, इसलिए यहां हिन्दुओं और चीनियों को रहने का अर्थ इस्लाम का अपमान करना है, इस्लाम में काफिरों का वध करना, उन्हें प्रताडित करना पुण्य कार्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">जाकिर नाइक की इस जिहादी फरमान की गूंज पूरी दुनिया में सुनी गयी। पूरी दुनिया की जनमत मलेशिया के अल्पसंख्यकों के प्रति जाकिर नाइक के फरमान को लेकर चिंताग्रस्त है, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की जनमत अब जाकिर नाइक को ओसामा बिन लादेन जैसा आतंकवाद का सरगना मानने के लिए बाध्य है। मलेशिया में छह प्रतिशत हिन्दू हैं जबकि चीनियों की संख्या करीब 25 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">जाहिर तौर पर जाकिर नाइक खतरनाक और घृणास्पद तथा विषवमन करने वाला मजहबी सरगना है, ठीक उसी तरह जिस तरह प्रारंभिक दौर में ओसामा बिन लादेन खतरनाक, घृणास्पद, विषवमन करने वाला मजहबी सरगना था जो बाद में चलकर घृणित और अमानवीय आतंकवाद का सरगना बन बैठा था। पाकिस्तान और अफगानिस्तान कभी ओसामा बिन लादेन की घृणास्पद, खतरनाक और जिहादी तकरीरों पर चमत्कृत होते थे। दुष्परिणाम क्या निकला? दुष्परिणाम कितना अमानवीय और कितना खून-खराबा वाला निकला? ओसामा बिन लादेन के कारण ही अफगानिस्तान में लाखों लोग मारे गये, जहां पर आज भी शांति दूर है, हमारा इस्लाम अच्छा, तुम्हारा इस्लाम बुरा के नाम पर अफगानिस्तान में सत्ता संघर्ष गृह युद्ध में तब्दील हो चुका है। अफगानिस्तान का भविष्य क्या होगा? अमेरिका जब अफगानिस्तान छोड कर चल जायेगा तब अफगानिस्तान के कई फिरकों में विभाजित होने के खतरे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान का हाल भी देख लीजिये। पाकिस्तान खुद आतंकवाद का घर बन बैठा हुआ है। ओसामा बिन लादेन को पालने पोसने और दबा कर रखने में खुद पाकिस्तान आतंकवाद के कारण आतंकवादी हिंसा का शिकार है। जाहिर तौर पर ओसामा बिन लादेन की घृणास्पद और विषवमन की मानसिकताएं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, पाकिस्तान की राजनीति, पाकिस्तान की सामाजिक व्यवस्थाएं चैपट कर दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">आज पाकिस्तान को कटोरे लेकर दुनिया भर में भीख मांगनी पड रही है फिर भी पाकिस्तान को भीख नहीं मिल रही है। हर अतंराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को अपमानित होना पड़ रहा है, आज एक तरह से पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अलग-थलग पड़ गया है। अगर अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन के घृणास्पद और लहूलुहान करने वाली मानसिकताओं के सहचर नहीं बनते तो फिर पाकिस्तान और अफगानिस्तान की आज यह बुरी स्थिति नहीं होती, दोनों देशो में शांति होती, अर्थव्यवस्था को हिंसा मुक्त वातावरण मिलता।</p>
<p style="text-align:justify;">मलेशिया जैसे देश ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान के हश्र को नहीं देखा, ओसामा बिन लादेन के सबक को समझा नही। अगर मलेशया ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान के हश्र को समझा होता, ओसामा बिन लादेन के सबक को समझा होता तो फिर जाकिर नाइक को न केवल भस्मासुर मानते बल्कि अपनी संपभुत्ता के लिए भी खतरा मानते। मलेशिया ने इस्लाम के नाम पर उस भस्मासुर को संरक्षण दे दिया जिसकी मानसिकताएं खुद को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भस्मासुर बनने वाली है।</p>
<p style="text-align:justify;">विभिन्न समुदायों के बीच घृणा फैलाना, भारत में ही नहीं बल्कि मुस्लिम देश बांग्लादेश में आतंक का प्रतीक बन जाना उसकी मानसिकताएं रही है। जाकिर नाइक कौन है, यह कौन नहीं जानता है। वह न केवल घृणास्पद और खून-खराबा करने के लिए गुमराह लोगों को प्रेरित करता है बल्कि आतंकवाद भी फैलाता है। जिस तरह से कभी ओसामा बिन लादेन ने आतंकवाद फैलाने के लिए इस्लाम की घुट्टी लोगों को पिलाता था उसी प्रकार से जाकिर नाइक भी इस्लाम के नाम पर घृणा और आतंकवाद फैलाता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जाकिर नाइक की विनाशक भूमिका बांग्लादेश की सरकार ने सबसे पहले पहचानी थी। जाकिर नाइक को ओसामा बिन लादेन जैसा खतरनाक सरगना बांग्लादेश की सरकार ने माना था। बांग्लादेश की गुप्तचर एजेसियां का मानना था कि जाकिर नाइक के भाषणों के कारण बांग्लादेश में आतंकवादी मानसिकताएं पसर रही है, मुस्लिम युवक गुमराह हो रहे हैं। यह एक सच्चाई थी। इस सच्चाई को स्वीकार करने और इस सच्चाई को दुनिया भर में उजागर करने की हिम्मत बांग्लादेश की सरकार ने दिखायी थी। बांग्लादेश में एक बडी आतंकवादी घटना घटी थी, जिसमें कई लोग मारे गये थे। उस आतंकवादी घटना ने पूरे बांग्लादेश को अस्थिर कर दी थी। उस आतंकवादी घटना के सरगनाओं के संबंध जाकिर नाइक से थे। बांग्लादेश की गुप्तचर एजेसियों ने इसकी सूचना भारतीय सुरक्षा एजेसियों को दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी जानकारी भारतीय सुरक्षा एजेसियों को पहले से ही थी पर राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण भारत की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बंधे हुए थे। बांग्लादेश की सरकार ने जाकिर नाइक के सभी भाषणों पर प्रतिबंध लगा दिया। जाकिर नाइक के भाषणों के कैसेट और प्रिंट प्रति रखने वालों को आतंकवादी घोषित करने का फरमान सुना दिया गया। भारत की वर्तमान सरकार ने जब जांच शुरू करायी तब बडी चैकाने वाली बातें सामने आयी थी। यह स्पष्ट हुआ था कि भारत की संप्रभुत्ता और एकता-अखंडता के खिलाफ जाकिर नाइक अप्रत्यक्ष युद्ध में शामिल था। जब गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो फिर जाकिर नाइक भाग कर मलेशिया चला गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मलेशिया के लिए भी अब जाकिर नाइक भस्मासुर बन गया है। मलेशिया को भी अब उसके खतरे, उसकी हिंसा, उसकी हिंसक मानसिकता का डर सताने लगा है। जाकिर नाइक जो काम भारत में करता था वही काम मलेशिया में भी कर रहा है। मलेशिया अब संरक्षण देने की अपनी नीति पर जरूर पछता रहा है। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को पता ही नहीं है कि मलेशिया में जाकिर नाइक को संरक्षण और स्थायी नागरिकता कैसे मिली? दरअसल मलेशिया की सत्ता पर इस्लाम की जिहादी संगठनों की घुसपैठ है। जिहादी संगठनों ने ही जाकिर नाइक को स्थायी नागरिकता दिलायी है। सिर्फ जाकिर नाइक की कट्टरपंथी बोल पर प्रतिबंध लगाने से बात नहीं बनने वाली है। अगर इसी तरह जाकिर नाइक को संरक्षण मिलता रहा तो फिर एक न एक दिन मलेशिया का हाल भी अफगानिस्तान-पाकिस्तान जैसा ही होगा।<br />
<strong><em>-विष्णुगुप्त</em></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Aug 2019 20:41:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आतंक पर मुस्लिम देशों का प्रहार</title>
                                    <description><![CDATA[अभी-अभी हुई आतंकवादी घटनाओं से मिस्त्र जरूर दहला पर उसने जो जवाबी कार्यवाही की उससे मिस्त्र की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है और यह बात मानी जा रही है कि आतंकवादियों के प्रति पूरी दुनिया मिस्त्र की तरह ही जवाबी कार्यवाही करे, आतंकवादियों और आतंकवादियों को संरक्षण देने वालों को दंड पात्र बनाये […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">अभी-अभी हुई आतंकवादी घटनाओं से मिस्त्र जरूर दहला पर उसने जो जवाबी कार्यवाही की उससे मिस्त्र की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है और यह बात मानी जा रही है कि आतंकवादियों के प्रति पूरी दुनिया मिस्त्र की तरह ही जवाबी कार्यवाही करे, आतंकवादियों और आतंकवादियों को संरक्षण देने वालों को दंड पात्र बनाये तो फिर मुस्लिम आतंकवाद का सामना किया जा सकता है, मुस्लिम आतंकवाद के जड़ में मटठा डाला जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मिस्त्र के अंदर में जैसे ही आतंकवाद की बड़ी घटना घटी जिसमे लगभग एक दर्जन से अधिक वियतनामी पर्यटक मारे गये थे, वैसे ही मिस्त्र की सरकार ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलायी और खोज-खोज कर 40 अधिक आतंकवादियों, आतंकवादियों के संरक्षण देने वालों और आतंकवादियों के मजहबी गुरूओं को मार गिराया।</p>
<p style="text-align:justify;">खासकर आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले और आतंकवादियों के मजहबी गुरूओं को भी मिस्त्र की पुलिस ने निशाना बनाया है। मिश्र की पुलिस ने अलग से बयान जारी कर कही है कि आतंकवादियों को संरक्षण देने वाले नागरिकों और आतंकवादियों को उपदेश देने वाले मजहबी गुरूओं का अपराध भी आतंकवादियों की श्रेणी में रखे जायेंगे और इसकी सजा भी मौत होगी। जानना यह भी जरूरी है कि मिस्त्र का पर्यटन मार्केट पूरी दुनिया में विख्यात है, दुनिया भर के पर्यटक मिस्त्र में आते हैं, मिस्त्र की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा आधार पर्यटन बाजार देता है। पर मिस्त्र में मुस्लिम वदर हुड़ के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न आतंकवादी संगठनों की आतंकवादी हिंसा के कारण मिस्त्र का पर्यटन बाजार भी प्रभावित हुआ है। दुनिया भर से मिस्त्र में आने वाले पर्यटक अब दूसरे देशों की ओर मुंह कर रहे हैं, यही कारण है कि मिस्त्र की पर्यटन अर्थव्यवस्था के उपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मिस्त्र कभी आधुनिक सोच वाला देश था पर मुस्लिम व्रदर हुड के प्रवेश के साथ ही साथ मिस्त्र में मजहबी कट्टरपंथ के हिंसक पंख लगे गये।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ मिस्त्र ही क्यों बल्कि अन्य मुस्लिम देश भी अब सचेत हो रहे हैं, आतंकवाद के खतरे को देख-समझ रहे हैं, आतंकवाद को आत्मघाती मान रहे हैं। दुनिया में कई ऐसे मुस्लिम देश हैं जो मुस्लिम आतंकवाद के प्रति वीरता दिखा रहहै, प्रति हिंसा को आधार बना कर मुस्लिम आतंकवाद को समाप्त करने का नया हथियार भी बनाया है। हम अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश का ही उदाहरण देख-समझ सकते थे। कभी बांग्लादेश भी कट्टरपंथ और आतंकवाद के आंकठ में डूबा हुआ था पर बांग्लादेश की सरकार ने मजहबी हिंसाओं के सामने हथियार नहीं डाले, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि बांग्लादेश ने कई आतंकवादी संगठनों के सरगनाओं को सरेआम फांसी पर लटका दिया, बांग्लादेश की सरकार ने यह नहीं सोची कि इससे उनका समर्थक वर्ग नाराज हो जायेगा या फिर कटटरपंथी समुदाय उनकी सत्ता को चाट जायेगा? पाकिस्तान का उदाहरण देख लीजिये। पाकिस्तान के अंदर भी दर्जनों लोगो को फांसी पर लटकाया जा चुका है जिन पर आतंकवादी घटनाओं के गंभीर आरोप थे। यद्यपि पाकिस्तान अभी भी दुनिया भर में आतंकवादियों की आउटसोर्सिग करता है फिर भी उसे अपने घर का आतंकवादी आत्मघाती लग रहे हैं, शांति के दुश्मन लग रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे बड़ा उदाहरण सउदी अरब का है। सउदी अरब कभी अपने आप को मुस्लिम देशों का नेता कहता था, सउदी अरब कभी इस्लाम के कट्टरपंथ का पैरवीकार था। दुनिया यह जानती है कि मुस्लिम कट्टरपंथ की हवा बहाने में सउदी अरब की कितनी बड़ी विनाशक भूमिका थी। अलकायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन सउदी अरब का ही नागरिक था। सउदी अरब का नागरिक ओसामा बिन लादेन अफगानिस्तान और पाकिस्तान जाकर हिंसक सरगना बन गया था, ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका पर हमला करा कर पांच हजार से अधिक लोगों को मार डाला था। बाद में अमेरिका ने पाकिस्तान के अंदर ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। एक समय वह भी था जब मुस्लिम दृष्टिकोण पर सउदी अरब आंख मुंद कर पाकिस्तान का समर्थन करता था। जब आतंकवाद खुद सउदी अरब के लिए आत्मघाती साबित होने लगा, आतंकवाद जब शांति का दुश्मन बन बैठा तब सउदी अरब के शासकों की नींद टूटी, सउदी अरब की तरक्की खतरे में पड़ गयी, सउदी अरब ने अनेकानेक आतंकवादियों को फांसी पर लटका दिया।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>विष्णुगुप्त</strong></p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/attack-of-muslim-countries-on-terror/article-7169</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Jan 2019 13:53:19 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>UK: हिजाब खींचकर लड़की को गिराया</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन: ब्रिटेन में एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचकर उसे धक्का दे दिया गया, जिससे वह गिर गई। घटना पीटरबरो के फेनगेट में तब हुई, जब महिला अपनी कार से उतरकर सड़क पार कर रही थी। इसके अलावा, एक मुस्लिम लड़की पर ताना मारने का भी मामला सामने आया है। आरोपी पुरुष गोरा, लंबा और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/increase-crime-in-uk/article-1126"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/muslim.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदन:</strong> ब्रिटेन में एक मुस्लिम महिला का हिजाब खींचकर उसे धक्का दे दिया गया, जिससे वह गिर गई। घटना पीटरबरो के फेनगेट में तब हुई, जब महिला अपनी कार से उतरकर सड़क पार कर रही थी। इसके अलावा, एक मुस्लिम लड़की पर ताना मारने का भी मामला सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी पुरुष गोरा, लंबा और सामान्य कद-काठी वाला है और वह काले हुड वाली टी-शर्ट पहने था। रिपोर्ट में पुलिस प्रवक्ता के हवाले से कहा गया कि इस हमले से पीड़िता हिल गई लेकिन उसे कोई चोट नहीं आई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राजधानी में मुसलमानों के खिलाफ अपराध पांच गुना बढ़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">मैनचेस्टर और लंदन ब्रिज में आतंकवादी हमलों में 30 लोगों के मारे जाने के बाद यहां घृणा अपराध बढ़ गए हैं। लंदन के मेयर सादिक खान ने पिछले सप्ताह कहा था कि लंदन हमले के बाद राजधानी में मुसलमानों के खिलाफ अपराध पांच गुना बढ़ गए हैं लेकिन पुलिस इन्हें कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके अलावा मैनचेस्टर हमले के बाद पुलिस में घृणा अपराध के मामले ज्यादा दर्ज किए गए हैं। इनमें एक मुस्लिम स्कूल को बम हमले की धमकी मिलने और नकाब पहने महिला को मुस्लिम परिधान नहीं पहनने की हिदायत देना शामिल है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jun 2017 05:26:13 +0530</pubDate>
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