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                <title>Hisar Geyser Gas Leak - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Hisar Gas Leak: कुएं की जहरीली गैस फिर बनी मौत का वजह</title>
                                    <description><![CDATA[सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस चढ़ने से मौत संदीप सिंहमार। हिसार। सीवरेज मैनहॉल, गोबर गैस प्लांट व खेतों में बने पुराने (Hisar Gas Leak) कुओं की सफाई करते हुए लापरवाही से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।आए दिनों कहीं ना कहीं ऐसी खबर सुनने को मिल ही जाती […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-poisonous-gas-of-the-well-again-became-the-cause-of-death/article-47903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/hisar-gas-leak.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की जहरीली गैस चढ़ने से मौत</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>संदीप सिंहमार।</strong><br />
<strong>हिसार।</strong><br />
सीवरेज मैनहॉल, गोबर गैस प्लांट व खेतों में बने पुराने (Hisar Gas Leak) कुओं की सफाई करते हुए लापरवाही से मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।आए दिनों कहीं ना कहीं ऐसी खबर सुनने को मिल ही जाती है। हर बार सावधानी में ऑक्सीजन किट का नाम लेकर इन मामलों की फाइल बंद कर दी जाती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="500 का नोट है नहीं, 2000 का कहां से लाएं !" href="http://10.0.0.122:1245/common-people-welcomed-demonetisation/">500 का नोट है नहीं, 2000 का कहां से लाएं !</a></p>
<p style="text-align:justify;">यहां तक की जब किसी की जान चली जाती है तो उनके परिजनों को मुआवजे के लिए भी सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ना पड़ता है। कई बार तो आंदोलन भी हुए हैं। लेकिन स्थिति वही ढाक के तीन पात। कहीं भी सफाई व्यवस्था के दौरान इस तरह का ध्यान नहीं रखा जाता। हिसार के स्याहड़वा गांव में भी रविवार को ऐसा ही दर्दनाक हादसा देखने को मिला। गांव के ही 4 मजदूर अपनी आजीविका के लिए इंद्र के खेत के कुएं की सफाई करने के लिए गए थे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कई सालों से कुएं की नहीं हुई थी सफाई,आती थी दुर्गंध | Hisar Gas Leak</h4>
<p style="text-align:justify;">इस कुएं की कई सालों से सफाई नहीं हुई थी। कुएं को दोबारा शुरू करवाने के लिए इंद्र ने सुरेश, जयपाल, नरेंद्र व विक्रम को बुलाया। चारों मजदूरों को जरा भी यह एहसास नहीं था कि आज उनके साथ ऐसा होने वाला है। क्योंकि यह चारों मजदूर कुई खुदाई व सफाई का कार्य अक्सर करते रहते थे। सफाई कार्य को अंजाम देने के लिए सबसे पहले जयपाल कुएं के अंदर उतर गया। जब वह काफी देर तक भी बाहर नहीं आया तो नरेंद्र भी रस्सी के सहारे कुएं में उतर गया। जब इन दोनों की कोई आवाज नहीं आई तो सुरेश व विक्रम दोनों एक साथ इन्हें बचाने के लिए कुएं के अंदर उतरने लगे। इस दौरान सुरेश भी बेहोश होकर कुएं के अंदर गिर गया। विक्रम स्थिति को भांपकर तुरंत कुएं से बाहर निकल आया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने 2 शव निकले बाहर, फिर बुलाया प्रशासन | Hisar Geyser Gas Leak</h3>
<p style="text-align:justify;">कुए से बाहर आकर विक्रम ने शोर मचाना शुरू किया तो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर रस्सी के सहारे शवों को कुएं से बाहर निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद भी तीसरा शव जब ग्रामीणों से नहीं निकल पाया तो उन्होंने इसकी सूचना प्रशासन व पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मियों ने तीसरे शव को बाहर निकाला। दूसरी ओर कुए से सुरक्षित बाहर आने वाले विक्रम की भी तबीयत बिगड़ने के कारण उसे उपचार के लिए हिसार के महाराजा अग्रसेन नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जबकि सुरेश,जयपाल व नरेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पहले भी हो चुके ऐसे मामले | Hisar Geyser Gas Leak</h3>
<p style="text-align:justify;">हिसार में इससे पहले भी ऐसे मामले घटित हो चुके हैं। हर बार प्रशासनिक तौर पर यह चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है कि जब भी कभी सीवरेज या गहरे कुएं की सफाई की जाए तब सुरक्षा किट लेकर ही अंदर उतरा जाए। लेकिन हर बार सुरक्षा किट व ट्रेनिंग के बिना मजदूरों की जान चली जाती है। हिसार के मिल गेट रोड व आजाद नगर के हादसे लोगों को अब तक याद है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 14:26:40 +0530</pubDate>
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