<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/climate-crisis/tag-24612" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Climate Crisis - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/24612/rss</link>
                <description>Climate Crisis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जलवायु संकट रोकने के लिए एकजुट प्रयासों की जरुरत</title>
                                    <description><![CDATA[देश में पिछले दो सप्ताह से अतरंगी मौसम देखने को मिल रहे हैं। मई माह की गर्मी में जहां सड़कें सुनसान और आमजन की गतिविधियां थम जाती हैं, वहीं इस वर्ष मई में मानो सर्दी जैसे मौसम का अहसास हो रहा है। कभी बारिश तो कभी बूंदाबांदी हो रही है। कई राज्यों में बारिश ज्यादा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-efforts-needed-to-stop-the-climate-crisis/article-47998"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/environment-day.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में पिछले दो सप्ताह से अतरंगी मौसम देखने को मिल रहे हैं। मई माह की गर्मी में जहां सड़कें सुनसान और आमजन की गतिविधियां थम जाती हैं, वहीं इस वर्ष मई में मानो सर्दी जैसे मौसम का अहसास हो रहा है। कभी बारिश तो कभी बूंदाबांदी हो रही है। कई राज्यों में बारिश ज्यादा हुई तो कहीं सूखे की समस्या बनी हुई है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि मई महीने में उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। खेतों में पकी गेहूँ की बड़ी संख्या में फसलें ओलावृष्टि से बर्बाद भी हुई। लोग भले ही इस मौसम को सुहावना बता रहे हों, लेकिन मौसम के इन परिवर्तनों से हमें समझ लेना चाहिए कि जलवायु संकट (Climate Crisis) ने हमारे दरवाजे पर दस्तक दे दी है। ये हाल उस मौसम में है जब देश के विभिन्न भागों में भीषण गर्मी पड़ती है और तापमान पचास डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, अप्रैल में कुछ समय भरपूर गर्मी रही लेकिन बाद में माह के अंत और मई की शुरूआत में तापमान (Temperature) अचानक बदल गया। यह स्थिति सिर्फ उत्तर भारत में ही हो, ऐसा भी नहीं है। इसका प्रभाव दक्षिणी, पश्चिम, मध्य व पूर्वी भारत में भी नजर आ रहा है। यहां तक कि कई इलाकों में तापमान में दस डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। यह वास्तविक्ता है कि जलवायु संकट के कारण पूरे विश्व के लिए घातक संकट पैदा हो रहा है। हाल ही में विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने मौसम संबंधी एक चेतावनी जारी की है कि आगामी पांच वर्ष बहुत गर्म वर्ष होंगे, जिसके लिए तमाम देशों को तैयार रहना होगा। पता नहीं अब तक कितने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों में जलवायु संकट को लेकर चर्चा हुई, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई भी देश इन परिवर्तनों को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">विकसित देश विकास की अंधी दौड़ में पर्यावरण (Environment) को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन सम्मेलनों में ठीकरा विकासशील देशों पर फोड़ देते हैं। कार्बन उत्सर्जन में विकासशील देशों के हिस्सेदार विकसित राष्ट्रों के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन जलवायु परिवर्तन की मार ये राष्ट्र ही अधिक झेलते हैं। यह एक तरह से गरीब देशों के प्रति जलवायु अन्याय है। जाहिर है यदि विश्व स्तर पर कोई कारगर कदम नहीं उठाए गए तो भीषण गर्मी, विनाशकारी बाढ़ और सूखे जैसी मौसमी घटनाओं के परिणामों को भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। जलवायु संकट को लेकर विकसित व विकासशील देशों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे ताकि प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी को रोका जा सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आंधी का वो मंजर जो हुआ कैमरे में रिकॉर्ड, देखकर हो जाएंगे …." href="http://10.0.0.122:1245/the-scene-of-the-storm-which-was-recorded-in-the-camera/">आंधी का वो मंजर जो हुआ कैमरे में रिकॉर्ड, देखकर हो जाएंगे ….</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-efforts-needed-to-stop-the-climate-crisis/article-47998</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/united-efforts-needed-to-stop-the-climate-crisis/article-47998</guid>
                <pubDate>Wed, 24 May 2023 09:32:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/environment-day.jpeg"                         length="237569"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        