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                <title>New Parliament Building - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>New Parliament Building RSS Feed</description>
                
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                <title>Parliament special session: भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन</title>
                                    <description><![CDATA[Parliament special session: 19 सितंबर 2023 का दिन भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन बन गया है। मंगलवार को देश की संसद की नई और बड़ी इमारत में संसदीय कामकाज शुरू हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अनेक खामियों और बाधाओं के बावजूद भारतीय संसदीय व लोकतांत्रिक व्यवस्था ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/a-golden-day-in-the-political-history-of-india/article-52597"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/new-parliament-building-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Parliament special session: 19 सितंबर 2023 का दिन भारत के राजनीतिक इतिहास का एक स्वर्णिम दिन बन गया है। मंगलवार को देश की संसद की नई और बड़ी इमारत में संसदीय कामकाज शुरू हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अनेक खामियों और बाधाओं के बावजूद भारतीय संसदीय व लोकतांत्रिक व्यवस्था ने देश को एक मजबूत राजनीतिक, संवैधानिक और प्रशासनिक ढांचा दिया है। New Parliament Building</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छी बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय इतिहास की सराहना की और पार्टीबाजी से ऊपर उठकर दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, शास्त्री से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह को याद किया। नई बिल्डिंग के उद्घाटन के दिन ही लोकसभा में राजनीति में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का बिल भी पेश किया गया है। इस बिल का पेश होना भारत के नव-निर्माण के लिए एक प्रेरणा, ऊर्जा के साथ मिलकर आगे बढ़ने के संकल्प को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की अवधारणा को समाज में समानता तभी मिलेगी जब महिलाएं राजनीति और शासन में बराबर की भूमिका निभाएंगी। प्रशासन, सेना, सिविल सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस सहित सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है, लेकिन न तो महिलाओं ने राजनीति में पूरी रुचि दिखाई और न ही पुरुषवादी सोच के कारण राजनीतिक दलों ने ‘सरपंच पति’ और ‘विधायक पति’ के कल्चर ने महिलाओं को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर दिया। Parliament special session</p>
<p style="text-align:justify;">75 वर्ष में केवल एक महिला प्रधानमंत्री पद तक पहुंची और केवल दो महिलाओं को राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला। संसद हो या विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या 10 प्रतिशत भी नहीं है। अच्छी बात यह है कि 27 वर्ष बाद महिला आरक्षण बिल दोबारा पेश किया गया और इस बार प्रचंड बहुमत वाली सरकार होने के कारण बिल का पास होना लगभग तय है। देश में आज डीजीपी, आईजी, एसपी के पदों पर कार्य करने वाली महिलाएं कामयाबी से कार्य कर रही हैं, ऐसे में उनके लिए राजनीतिक भूमिका भी कोई कठिन बात नहीं है। New Parliament Building</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 11:21:16 +0530</pubDate>
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                <title>एक अकेला सब पर भारी&amp;#8230; विपक्ष शोर मचाता रह गया लेकिन प्रधानमंत्री&amp;#8230;| Narendra Modi</title>
                                    <description><![CDATA[नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। New Parliament House Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया और इसे देश की 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक निरुपित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house-news/article-48175"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-house-inauguration.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>New Parliament House Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया और इसे देश की 140 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक निरुपित किया। विपक्ष ने उद्धाटन समारोह से बहिष्कार कर ऐलान किया लेकिन उसे उस वक्त बड़ा झटका लगा जब पूर्व पीएम एच डी देवगौडा उद्घाटन समारोह में पहुंचे। विपक्ष के विरोध के बाद भी प्रधानमंत्री अलग ही अंदाज में दिखे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये थे उपस्थित | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">नये भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित उद्घाटन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा, लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित समाज सेवी कैलाश सत्यार्थी, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, दिल्ली के उप-राज्यपाल, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, विभिन्न देशों के आमंत्रित राजनयिक, सांसद और अन्य आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में मंच पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उप-सभापति डॉ हरिवंश विराजमान थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के संदेश पढ़े गये। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने श्री मोदी का नये भवन में स्वागत किया और उद्घाटन समारोह में डॉ हरिवंश के सम्मान में स्वागत भाषण दिया। समारोह में नये संसद भवन का निर्माण कार्य करने वाले टाटा उद्योग समूह के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन को भी आमंत्रित किया गया था। विपक्षी दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित न किये जाने के विरोध में समारोह का बहिष्कार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">नये संसद भवन के लोकार्पण कार्यक्रम की शुरूआत सुबह हवन-पूजन और सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। मोदी ने 64500 वर्गमीटर के निर्मित क्षेत्र वाले नये भवन की पट्टिका का अनावरण कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने नये लोकसभा कक्ष में चोल राजवंश परम्परा के राजदंड सेन्गोल को स्थापित किया। इसे तमिलनाडु के अधीनम मठ के संतों ने प्रधानमंत्री को शनिवार की शाम को सौंपा था। मोदी ने सेन्गोल को दंडवत प्रणाम किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन पर हुआ बेटियों का अपमान: कांग्रेस | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस ने कहा है कि संसद जनता की आवाज होती है लेकिन जब नये संसद भवन का उद्घाटन हुआ तो देश के लिए मेडल लाने वाली महिला खिलाड़ियों को संसद के नजदीक सड़कों पर अपमानित किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नीता डिसूजा तथा कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहंकार और भाजपा सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की बात करने वाली सरकार ने जिस दिन नये संसद भवन का उद्घाटन किया उसी दिन संसद भवन के करीब अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही महिला पहलवानों को प्रताड़ित करके देश का मान बढ़ाने वाली बेटियों को अपमानित किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोकतंत्र केवल इमारतों से नहीं… | New Parliament House Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">खड़गे ने यहां जारी एक बयान में कहा, “सड़कों पर महिला खिलाड़ियों को तानाशाही के बल से पीटा। भाजपा-आरएसएस के सत्ताधीशों के तीन झूठ अब देश के सामने बे-पर्दा हैं। लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, बेटी बचाओ। याद रहे मोदी जी,लोकतंत्र केवल इमारतों से नहीं,जनता की आवाज से चलता है।” गांधी ने कहा “राज्याभिषेक पूरा हुआ – ‘अहंकारी राजा’ सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती वाड्रा ने कहा, “खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से,खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है।भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है। ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है।” इससे पहले यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुश्री डिसूजा ने कहा “आज नये संसद भवन की शुरूआत महिलाओं के अपमान के साथ हुई है। मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भजपा की परंपरा- महिलाओं का अपमान, शोषण, महिला उत्पीड़न को जिंदा रखने का काम किया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आज के दिन को देश की महिलाओं के लिए काला दिन बताया और कहा कि न्यू इंडिया के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाना बंद करिए। देश के कोने-कोने में जिन बेटियों- माताओं ने ये देखा है वो कतई चुप नहीं बैठेंगी। मोदी सरकार की तानाशाही के अंत होने के दिन करीब आ रहे हैं। नये संसद भवन के उद्घाटन का हक राष्ट्रपति जी से छीना। श्रीमती श्रीनेत ने भी संवाददाता सम्मेलन में कहा,”इतिहास साक्षी रहेगा कि कैसे एक प्रधानमंत्री अपने आप को सम्राट समझ कर, सत्ता के अहंकार में इतना चूर है कि जिस दिन नये संसद भवन का उद्घाटन होता है उसी दिन एक किमी की दूरी पर देश की बेटियों का चीरहरण होता है। सम्राट ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधी हुई है। ह्</p>
<h4 style="text-align:justify;">देश में बहुत बड़ा इतिहास रचा गया | New Parliament House Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा,”आज इस देश में बहुत बड़ा इतिहास रचा गया। देश में एक तानाशाह ने अपने राजतिलक का स्वांग रचा। जब तानाशाह अपना राजतिलक करा रहा था, तब देश की सबसे होनहार बेटियां घसीटी और मारी जा रही थीं। ये देश की वो बेटियां हैं, जो बड़े-बड़ों को चित कर देती हैं। जब वो मेडल लाती हैं तो लोग फोटो खिंचवाने के लिए लालायित रहते हैं। ये वो बेटियां हैं जो देश के लिए ख्याति लाती हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री अपने घर की बेटी कहते हैं। उन्हें सड़कों पर ऐसे घसीटा और बेइज्जत किया गया, जैसे वो मुजरिम हों।”</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवक्ता ने कहा कि मन में एक सवाल उठता है कि क्या तानाशाह इस कदर सत्ता के अहंकार में चूर है कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। देश की सबसे होनहार और वीर बेटियां एक महीने से जंतर-मंतर पर बैठ कर न्याय की गुहार लगा रही हैं। लेकिन न्याय के नाम पर सिर्फ सरकार की चुप्पी और ये बर्बरता नजर आ रही है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 May 2023 11:55:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नये संसद भवन को लेकर राष्ट्रपति मूर्मु ने दिया बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[नये संसद भवन का उद्घाटन लोकतांत्रिक यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव: मूर्मु नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। New Parliament House राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु ने नये संसद भवन के उद्घाटन को लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुये रविवार को कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हो रहा यह महत्वपूर्ण आयोजन हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/president-murmu-gave-a-big-statement-regarding-the-new-parliament-house/article-48158"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/draupadi-murmu.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">नये संसद भवन का उद्घाटन लोकतांत्रिक यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव: मूर्मु</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> New Parliament House राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु ने नये संसद भवन के उद्घाटन को लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुये रविवार को कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हो रहा यह महत्वपूर्ण आयोजन हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के संरक्षण एवं विस्तार के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती मूर्मु ने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर (New Parliament House) पर भेजे अपने संदेश में यह बात कही। उद्घाटन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्रपति के इस संदेश का पढ़ा। संदेश में उन्होंने कहा, ‘यह हमारे देशवासियों की सामूहिक आशाओं और आंकक्षाओं से आलौकिक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अग्रसर करने के लिए हमारे राष्ट्र को ऊर्जा प्रदान करे। हमारे संविधान के शिल्पकारों ने ऐसे राष्ट्र की परिकल्पना की थी जिसका स्वरूप लोकतांत्रिक तरीके से चुने गये प्रतिनिधियों से बनी संसद की विधायी विवेक के आधार पर निर्मित हो रहा है। आज मुझे इस बात का गहरा संतोष है कि संसद के विश्वास के प्रतीक प्रधानमंत्री जी इस नये संसद भवन का उद्घाटन कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 15:01:38 +0530</pubDate>
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                <title>New Parliament Inauguration: सिल्क की धोती, कुर्ता एवं गुलाबी जैकेट पहने प्रसन्न मुद्रा में दिखे मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। New Parliament Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ देश के नये संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित किया और नयी लोकसभा के सदन में पवित्र सेंगोल (राजदंड) को श्रद्धा के साथ प्रतिष्ठित किया। सुबह करीब साढ़े सात बजे मोदी संसद भवन के परिसर में पहुंचे और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/prime-minister-modi-bowed-down-to-sengol/article-48151"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-inauguration-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> New Parliament Inauguration प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ देश के नये संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित किया और नयी लोकसभा के सदन में पवित्र सेंगोल (राजदंड) को श्रद्धा के साथ प्रतिष्ठित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुबह करीब साढ़े सात बजे मोदी संसद भवन के परिसर में पहुंचे और बिरला ने उनका स्वागत किया। सिल्क की धोती, कुर्ता एवं गुलाबी जैकेट पहने प्रसन्न मुद्रा में दिख रहे मोदी ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करके प्रणाम किया।</p>
<h3>मोदी ने सेंगोल को साष्टांग प्रणाम किया | New Parliament Building</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वह बिरला के साथ वहां हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। मोदी ने इसके बाद तमिलनाडु के विभिन्न आदिनम से पधारे संतों द्वारा लाये गये सेंगोल को साष्टांग प्रणाम किया और फिर पांच आदिनम संतों के हाथों से श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया और अपने स्थान पर चारों ओर परिक्रमा की। इसके बाद मोदी ने आदिनम संतों से आशीर्वाद लिया और फिर बिरला एवं आदिनम संतों के साथ वह नयी लोकसभा के भीतर गये और लोकसभा अध्यक्ष के आसन के दाहिनी ओर पीछे एक कांच के केस में सेंगोल को स्थापित किया जिसे संप्रभुता, न्याय, शासन एवं शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन किया और पुष्पों से सेंगोल का पूजन किया। इस मौके पर आदिनम संत भी सदन में उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मोदी एवं बिरला बाहर आये और फिर नये संसद के उद्घाटन पट्ट का अनावरण करके नये संसद भवन को लोकार्पित किया। इसके पश्चात उन्होंने निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों से भेंट की और उन्हें शाल एवं प्रतीक चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया। इसके बाद सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शिरकत की। New Parliament Building</p>
<p style="text-align:justify;">बौद्ध, जैन, पारसी, सिख, इस्लाम, वैदिक आदि धर्मों के धर्मगुरुओं ने प्रार्थना की। इसके बाद मोदी ने कार्यक्रम में आये मेहमानों से भेंट की और बातचीत की। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, अश्विनी वैष्णव, अनुराग ठाकुर, डॉ जितेन्द्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, शीर्ष अधिकारी आदि उपस्थित थे। वहीं कार्यक्रम की शुरूआत में अधीनम (पुजारियों) ने पीएम मोदी को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सेंगोल यानी राजदंड दिया. राजदंड को हाथों में लेने से पहले पीएम मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ देश के नये संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित किया और नयी लोकसभा के सदन में पवित्र सेंगोल (राजदंड) को श्रद्धा के साथ प्रतिष्ठित किया।</p>
<h4>दीप प्रज्ज्वलन किया | New Parliament Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">सुबह करीब साढ़े सात बजे मोदी संसद भवन के परिसर में पहुंचे और बिरला ने उनका स्वागत किया। सिल्क की धोती, कुर्ता एवं गुलाबी जैकेट पहने प्रसन्न मुद्रा में दिख रहे मोदी ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करके प्रणाम किया। इसके बाद वह बिरला के साथ वहां हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। मोदी ने इसके बाद तमिलनाडु के विभिन्न आदिनम से पधारे संतों द्वारा लाये गये सेंगोल को साष्टांग प्रणाम किया और फिर पांच आदिनम संतों के हाथों से श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया और अपने स्थान पर चारों ओर परिक्रमा की।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मोदी ने आदिनम संतों से आशीर्वाद लिया और फिर बिरला एवं आदिनम संतों के साथ वह नयी लोकसभा के भीतर गये और लोकसभा अध्यक्ष के आसन के दाहिनी ओर पीछे एक कांच के केस में सेंगोल को स्थापित किया जिसे संप्रभुता, न्याय, शासन एवं शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन किया और पुष्पों से सेंगोल का पूजन किया। इस मौके पर आदिनम संत भी सदन में उपस्थित थे।</p>
<h4>सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शिरकत| New Parliament Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मोदी एवं बिरला बाहर आये और फिर नये संसद के उद्घाटन पट्ट का अनावरण करके नये संसद भवन को लोकार्पित किया। इसके पश्चात उन्होंने निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों से भेंट की और उन्हें शाल एवं प्रतीक चिह्न प्रदान करके सम्मानित किया। इसके बाद सर्वधर्म प्रार्थना सभा में शिरकत की। बौद्ध, जैन, पारसी, सिख, इस्लाम, वैदिक आदि धर्मों के धर्मगुरुओं ने प्रार्थना की। इसके बाद मोदी ने कार्यक्रम में आये मेहमानों से भेंट की और बातचीत की। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, अश्विनी वैष्णव, अनुराग ठाकुर, डॉ जितेन्द्र सिंह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, शीर्ष अधिकारी आदि उपस्थित थे। वहीं कार्यक्रम की शुरूआत में अधीनम (पुजारियों) ने पीएम मोदी को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सेंगोल यानी राजदंड दिया. राजदंड को हाथों में लेने से पहले पीएम मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम किया। New Parliament Inauguration</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 10:51:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए संसद भवन का हुआ उद्घाटन , पीएम मोदी ने किया दंडवत् प्रणाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/pm-with-sangul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera MOdi) ने संसद के निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमयोगियों को सम्मानित किया। पीएम मोदी सुबह 7:30 बजे संसद भवन पहुंचे और सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद हवन शुरू हुआ और सेंगोल ग्रहण करते समय पीएम मोदी द्वारा उपस्थित सभी साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्लियामेंट बिल्डिंग के वीडियो के लिए सभी से वॉयस ओवर देने की अपील की थी। तत्पश्चात शाहरुख खान, अक्षय कुमार और अनुपम खेर जैसे सेलेब्रिटीज ने इस वीडियो में अपनी आवाज दी। बता दें कि संसद के उद्घाटन का विपक्ष के 20 दलों ने बायकॉट किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कार्यक्रम सुबह साढ़े 7 बजे से पूजा और हवन के साथ शुरू उद्घाटन (Inauguration) कार्यक्रम 7 घंटे चलेगा। साढ़े 8 से 9 बजे के बीच लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास सेंगोल की स्थापना की गई। इससे पहले पार्लियामेंट लॉबी में प्रार्थना सभा हुई। इस उद्घाटन अवसर पर 12 बजे नई पार्लियामेंट बिल्डिंग से जुड़ी दो शॉर्ट फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ा जाएगा। दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 रुपए का स्पेशल सिक्का और स्टाम्प जारी करेंगे। उसके 10 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना भाषण देंगे और फिर ढाई बजे कार्यक्रम की समाप्ति की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147</link>
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                <pubDate>Sun, 28 May 2023 09:03:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>100 200 Rupee Note: ₹75 का सिक्का आ रहा, 100-200 का नोट जा रहा है? कीजिए सच का सामना!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। Currency Note News 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का (100-200 Rupee Note) उद्घाटन करने जा रहे हैं। इसी उपलक्ष्य में वित्त मंत्रालय 75 रुपये का सिक्का (75 coin) लॉन्च करने जा रहा है जोकि गोलाकार होगा, जिसका व्यास 44 मिलीमीटर होगा। सिक्के की संरचना चार धातुओं से मिलकर बनी होगी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/currency-note-news/article-48119"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/100-200-rupee-note.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> Currency Note News 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का (100-200 Rupee Note) उद्घाटन करने जा रहे हैं। इसी उपलक्ष्य में वित्त मंत्रालय 75 रुपये का सिक्का (75 coin) लॉन्च करने जा रहा है जोकि गोलाकार होगा, जिसका व्यास 44 मिलीमीटर होगा। सिक्के की संरचना चार धातुओं से मिलकर बनी होगी जिसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल व 5 प्रतिशत जस्ता शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">“सिक्के के मुख पर बीच में अशोक स्तम्भ का (100-200 Rupee Note) सिंह शीर्ष होगा, जिसके नीचे “”सत्यमेव जयते” लिखा होगा, बायीं परिधि पर देवनागरी लिपि में “भारत” (भारत) शब्द होगा और दाहिनी परिधि पर अंग्रेजी में “India” शब्द है, ”<br />
अधिसूचना में आगे कहा गया है कि सिक्के के विपरीत पक्ष पर संसद परिसर की एक छवि प्रदर्शित होगी। सिक्के की ऊपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में “संसद संकुल” और निचली परिधि पर अंग्रेजी में “पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स” शब्द लिखा होगा। Currency Note</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच, 19 विपक्षी दलों-और एआईएमआईएम ने अपना अलग-अलग (100-200 Rupee Note) सुर आलापा। बुधवार को विपक्षी दलों द्वारा 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के अपने “सामूहिक निर्णय” की घोषणा करते हुए कहा गया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का खुद इसका उद्घाटन करने का निर्णय, “पूरी तरह से” दरकिनार’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति के उच्च पद का अपमान करते हैं और संविधान के पत्र और भावना का उल्लंघन करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">75 रुपये के सिक्के के लॉन्च होने की सूचना पर लोगों के मन में ये शंका उत्पन्न हो रही है कि अगर 75 रुपये का सिक्का आ रहा है तो क्या 100 रुपये और 200 रुपये का नोट बैन हो रहा। बता दें कि आरबीआई द्वारा ऐसी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है। 100 और 200 रुपये के नोटों का क्या होगा ये तो समय ही बताएगा। 100-200 Rupee Note</p>
<p style="text-align:justify;">100, 200 और 500 रुपये के नोट को लेकर (100-200 Rupee Note) एक अपडेट यह सामने आ रही है, अगर आपके पास इन छोटे मूल्य के नोट हैं तो अब क्या करें, आपको बता दें समय-समय पर नोटों को लेकर कई फेक खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब देश का सरकारी बैंक पीएनबी एक ऐसा आॅफर लेकर आया है, जिसमें आप अपने पुराने और कटे-फटे नोटों को आसानी से बदल सकते हैं। पीएनबी आपको एकदम नए नोट दे रहा है। पीएनबी ने अपने आॅफिशियल ट्वीट में लिखा है कि अगर आपको भी पुराने या फिर कटे-फटे नोट को बदलना है तो अब आप यह काम आसानी से कर सकते हैं। बैंक ने बताया है कि आप अपने नजदीकी ब्रांच में संपर्क कर सकते हैं। यहां पर आप नोट और सिक्कों को बदल सकते हैं। 100-200 Rupee Note</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/fifteen-lakh-rupees-cheated-from-a-young-man-in-the-name-of-sending-him-abroad-case-registered/">विदेश भेजने के नाम पर युवक से ठगे 15 लाख रुपये, मामला दर्ज</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/currency-note-news/article-48119</link>
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                <pubDate>Sat, 27 May 2023 12:22:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कायम रहे संसद की मर्यादा</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नए संसद भवन का उद्धाटन राष्ट्रपति (President) से कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा और यह अदालत का विषय भी नहीं है। उद्घाटन समारोह एक पॉलिटिकल इवेंट बन गया है। भारत के नए संसद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/so-that-the-dignity-of-the-parliament-remains/article-48115"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नए संसद भवन का उद्धाटन राष्ट्रपति (President) से कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा और यह अदालत का विषय भी नहीं है। उद्घाटन समारोह एक पॉलिटिकल इवेंट बन गया है। भारत के नए संसद भवन परिसर का उद्घाटन एक खुशी का अवसर है, लेकिन इस खुशी के अवसर पर एक शिकायत राजनीतिक गलियारों से होती हुई सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गई। विपक्षी दलों की दलील है कि नया संसद भवन एक इमारत मात्र नहीं है। यह प्राचीन परंपराओं, मूल्यों के साथ ही भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सरकार कहती है कि देश में बढ़ती आबादी के साथ नये लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन होता है तो उसके अनुरूप भविष्य में संसद में अधिक सांसदों के बैठने की जगह होनी चाहिए। ताकि संसद का कार्य सुचारू रूप से चल सके। 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित न करना विधायिका या कार्यपालिका द्वारा किया गया फैसला है और इसकी विवेचना अवश्य होनी चाहिए। यह राजनीति का विषय ही नहीं है, व्यावहारिकता से जुड़ा विषय है। ऐसे विषयों पर किसी भी व्यवस्था में बहस लगातार होती रहती है और समय के साथ उसमें सुधार भी होते रहते हैं। लोकतंत्र में संसद का वही स्थान है, जो भारतीय संस्कृति में मंदिर का है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे संविधान निर्माताओं ने इसलिए कहा भी था कि लोकतंत्र (Democracy) में प्रत्येक विचार का केंद्र बिंदु संसद ही है और राष्ट्र निर्माण में उसकी अहम भूमिका है। संसद के नवनिर्मित भवन को गुणवत्ता के साथ रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। चार मंजिला संसद भवन में 1272 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है। लोकतंत्र का हमारा ये इतिहास देश के हर कोने में नजर आता है। कुछ पुरातन शब्दों से तो हम बराबर परिचित हैं, जैसे सभा, समिति, गणपति, गणाधिपति। ये शब्दावली हमारे मन मस्तिष्क में सदियों से प्रवाहित है। हजारों साल पहले रचित हमारे ऋग्वेद में लोकतंत्र के विचार को समज्ञान यानि समूह चेतना के रूप में देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">संसदीय व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सतत संवाद, सहमति, सहयोग, सहकार, स्वीकार और सम्मान का भाव प्रबल होना ही चाहिए। यही लोकतंत्र की विशेषता है। इसी में संसदीय परंपरा की महिमा और गरिमा है। संभव है, इसे कुछ लोग कोरी राजनीति कहकर विशेष महत्व न दें, बल्कि सीधे खारिज कर दें, परंतु मूल्यों के अवमूल्यन के इस दौर में ऐसी राजनीति की महती आवश्यकता है। ऐसी राजनीति ही राष्ट्र-नीति बनने की संभावना रखती है। ऐसी राजनीति से ही देश एवं व्यवस्था का सुचारू संचालन संभव होगा। संसद देश के एक सौ चालीस करोड़ से अधिक लोगों के लिये लोकतंत्र का मंदिर है। उसकी शुचिता-गरिमा को बनाये रखना सभी राजनीतिक दलों का दायित्व भी है। सत्तापक्ष व विपक्ष को इसका ध्यान रखना होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 May 2023 10:57:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नये संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराने की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने भारत के राष्ट्रपति से यहां नवनिर्मित (New Parliament Building) संसद भवन का उद्घाटन कराने के लिए लोकसभा सचिवालय को निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की अवकाशकालीन पीठ ने अधिवक्ता सी आर जया सुकिन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/petition-to-inaugurate-the-new-parliament-house-from-the-president-rejected/article-48104"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय ने भारत के राष्ट्रपति से यहां नवनिर्मित (New Parliament Building) संसद भवन का उद्घाटन कराने के लिए लोकसभा सचिवालय को निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की अवकाशकालीन पीठ ने अधिवक्ता सी आर जया सुकिन की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत के सुनवाई करने से इनकार के बाद याचिकाकर्ता ने पीठ की सहमति के बाद अपनी याचिका वापस ले ली।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने हालांकि, याचिकाकर्ता से पूछा कि संसद (New Parliament Building) की इमारत के उद्घाटन में उनकी भूमिका कैसी थी। याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण बताने वाली दलीलें देते हुए कहा कि वह (द्रौपदी द्रौपदी मुर्मू) संसद की प्रमुख हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया है कि लोकसभा सचिवालय ने नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करके संविधान का उल्लंघन किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति भारत के पहले नागरिक और संसद की संस्था के प्रमुख हैं। संसद में भारत के राष्ट्रपति और सर्वोच्च विधायिका के दो सदन – राज्यसभा और लोकसभा शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया है, “देश के बारे में सभी (New Parliament Building) महत्वपूर्ण निर्णय भारतीय राष्ट्रपति के नाम पर लिए जाते हैं, हालांकि, इनमें से अधिकांश भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार मंत्रिपरिषद (सीओएम) द्वारा दी गई सलाह पर लिए हैं।” याचिकाकर्ता सुकिन ने कहा, “लोकसभा सचिवालय द्वारा 18 मई को जारी किया गया बयान और नए संसद भवन के उद्घाटन के बारे में लोकसभा महासचिव द्वारा जारी किया गया निमंत्रण रिकॉर्डों के उचित अध्ययन के बिना और बिना सोच विचार के मनमाने ढंग से जारी किया गया है।” गौरतलब है कि नवनिर्मित संसद भवन का उद्घाटन रविवार (28 मई ) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पीएसईबी ने दसवीं के नतीजों किए घोषित, इन आसान स्टेप्स से कर सकते हैं चेक" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-board-pseb-class-10th-result-2023-declared/">पीएसईबी ने दसवीं के नतीजों किए घोषित, इन आसान स्टेप्स से कर सकते हैं चेक</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 19:31:32 +0530</pubDate>
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                <title>New 75 Rupee Coin: नए संसद भवन के उद्घाटन को ‘खास’ बनाने के लिए हो रही है 4 धातुओं से लैस ये खास चीज उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[नए संसद भवन के खास उद्घाटन पर ‘खास’ लॉन्चिंग | new parliament building नई दिल्ली। बता दें कि 28 मई दिन रविवार को नए (New 75 Rupee Coin) संसद भवन का उद्घाटन होने जा रहा है। इस मौके को खास और यादगार बनाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, वित्त मंत्रालय […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/new-75-rupee-coin/article-48078"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-75-rupee-coin.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">नए संसद भवन के खास उद्घाटन पर ‘खास’ लॉन्चिंग | new parliament building</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> बता दें कि 28 मई दिन रविवार को नए (New 75 Rupee Coin) संसद भवन का उद्घाटन होने जा रहा है। इस मौके को खास और यादगार बनाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, वित्त मंत्रालय ने गुरुवार (25 मई) को एलान किया कि नए संसद भवन के उद्घाटन को यादगार बनाने के लिए 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, सिक्के पर नए संसद भवन की तस्वीर और उसका नाम लिखा होगा। नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। आइए जानते हैं 75 रुपये के नए सिक्के की रूपरेखा…</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैसा होगा? New 75 Rupee Coin</h4>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, 75 रुपये का सिक्का गोल गोल होगा। सिक्के का व्यास 44 मिलीमीटर और किनारों पर 200 सेरेशन होगा। 75 रुपये का ये स्मारक सिक्का चार धातुओं को मिलाकर बनाया जाएगा, जिसमें 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी तांबा, 5 फीसदी निकल और 5 फीसदी जिंक का इस्तेमाल किया जाएगा। नए संसद भवन की तस्वीर के नीचे 2023 भी लिखा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं सिक्के के सामने वाले हिस्से के बीच में अशोक स्तंभ का सिंह और सत्यमेव जयते लिखा होगा। सिक्के पर देवनागरी लिपि में भारत और अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। पीछे के हिस्से में ऊपरी परिधि में देवनागरी लिपि में संसद भवन और निचली परिधि में अंग्रेजी में संसद भवन लिखा होगा। सिक्के का डिजाइन संविधान के पहली अनुसूची में दिए गए दिशा-निदेर्शों के अनुसार ही होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 10:44:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>New Parliament: नए संसद भवन का उद्घाटन, क्या होगा खास, जानिए पूरा शेड्यूल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। कांग्रेस और टीएमसी सहित विपक्ष के 19 दलों ने (New Parliament Inauguration) संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बुधवार (24 मई) को बहिष्कार करने का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है। इससे राष्ट्रपति द्रौपदी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house-what-will-be-special-know-the-full-schedule/article-48060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building-22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस और टीएमसी सहित विपक्ष के 19 दलों ने (New Parliament Inauguration) संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का बुधवार (24 मई) को बहिष्कार करने का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है। इससे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दूर रखना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने विपक्ष के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियों को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि हर मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। शाह ने कहा, ‘‘राजनीति को इसके साथ मत जोड़िए। एक बड़ी भावनात्मक प्रक्रिया है कि पुरानी परंपराओं से नए भारत को जोड़ने की। इसको इतने ही सीमित अर्थ में देखना चाहिए। राजनीति अपनी जगह चलती है। सब अपनी सोचने की क्षमताओं के अनुसार रिएक्शन देते हैं और काम करते हैं।’’</p>
<h4 style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की दलील | New Parliament Inauguration</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। विपक्षी दलों की घोषणा को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उनसे अपने रुख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नए भवन के कार्यक्रम का समय | New Parliament Inauguration</h3>
<p style="text-align:justify;">संसद के नए भवन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 28 मई को करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद का उद्घाटन दोपहर 12 बजे करने वाले हैं लेकिन उससे पहले ही सुबद 7 बजे से हवन पूजन का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। सुबह 7:30 से 8:30 बजे तक हवन और पूजा होगी। पूजा के लिए पंडाल गांधी मूर्ति के पास लगाया जाएगा। इस पूजा में पीएम नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन सहित कई मंत्री मौजूद रहेंगे। इसके बाद 8:30 से 9 बजे के बीच में लोकसभा के अंदर सेंगोल को स्थापित किया जाएगा।</p>
<h4>सुप्रीम कोर्ट पहुंचा नए संसद भवन का मामला, राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने की मांग</h4>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है जिसमें शीर्ष अदालत से यह निर्देश देने की मांग की गई है कि नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थान पर देश के राष्ट्रपति से कराया जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता और पेशे से उच्चतम न्यायालय की (New Parliament Inauguration) अधिवक्ता सी आर जया सुकिन ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है और कहा कि लोकसभा सचिवालय ने उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं करके भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है। ऐसा करके संविधान का सम्मान नहीं किया जा रहा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने अपनी याचिका में दावा किया, “लोकसभा सचिवालय द्वारा 18 मई को जारी किया गया बयान और नए संसद भवन के उद्घाटन के बारे में लाेकसभा महासचिव द्वारा जारी किया गया निमंत्रण एक मनमाना रवैया है, बिना रिकॉर्ड के उचित अध्ययन किए बिना ऐसा करना कदापि उचित नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले की जल्द ही (New Parliament Inauguration) उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तरदाताओं, केंद्र सरकार और लोकसभा सचिवालय सभी ने इस मामले में भारतीय संविधान का उल्लंघन किया है और इसका सम्मान नहीं किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में कहा गया है कि संसद भारत का सर्वोच्च विधायी निकाय है। भारतीय संसद में राष्ट्रपति और दो सदन राज्यसभा (राज्यों की परिषद) और लोक सभा (जनता का सदन)शामिल हैं। राष्ट्रपति के पास किसी भी सदन को बुलाने और सत्रावसान करने की शक्ति है। साथ ही संसद या लोकसभा को भंग करने की शक्ति भी राष्ट्रपति के ही पास है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता सुकिन ने अपनी याचिका में कहा, “राष्ट्रपति संसद का एक अभिन्न अंग हैं, लेकिन राष्ट्रपति को शिलान्यास समारोह से भी दूर रखा गया और अब वह उद्घाटन समारोह का हिस्सा भी नहीं है, सरकार का यह मनमाना फैसला कदापि उचित नहीं है।”</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के  (New Parliament Inauguration) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के “ऐतिहासिक अवसर” पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की घोषणा की थी और कहा कि राष्ट्रपति तथा संसद जैसी संस्था को किसी ऐसे विवाद से अलग रखना चाहिए जिससे उनके गरिमा और सम्मान पर प्रभाव पड़ता हो।</p>
<p style="text-align:justify;">समान विचारधारा वाले विपक्ष के 19 दलों ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के (New Parliament) नेतृत्व वाली सरकार में संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात हुआ है और नये भवन के निर्माण में विपक्षी दलों के साथ कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया गया, इसलिए समान विचारधारा वाले दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विपक्षी दलों ने कल एक संयुक्त वक्तव्य में कहा, “नये संसद भवन का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण अवसर है। विपक्ष मानता है कि मोदी सरकार लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है। इस सरकार ने निरंकुश तरीके से नये संसद का निर्माण किया है इसके बावज़ूद विपक्ष उद्घाटन समारोह के अवसर पर मतभेदों को भुलाने को तैयार था, लेकिन सरकार ने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पूरी तरह से दरकिनार कर प्रधानमंत्री से इसका उद्घाटन कराने का निर्णय लिया है और यह हमारी लोकतांत्रिक परंपरा पर सीधा हमला है।”</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 17:42:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>नए संसद पर संग्राम, विपक्ष की मुहिम को लगा बड़ा झटका, पीएम मोदी का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[New Parliament Building बीजद नए संसद भवन के उद्घाटन में भाग लेगा नई दिल्ली। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के (New Parliament) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के ह्लऐतिहासिक अवसरह्व पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की बुधवार को घोषणा की और कहा कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-parliament-battle-over-the-new-parliament-the-oppositions-campaign-got-a-big-blow-pm-modis-big-statement/article-48041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building-21.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">New Parliament Building बीजद नए संसद भवन के उद्घाटन में भाग लेगा</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के (New Parliament) नेतृत्व वाले बीजू जनता दल (बीजद) ने राजधानी में नवनिर्मित नए संसद भवन के उद्घाटन के ह्लऐतिहासिक अवसरह्व पर आयोजित का कार्यक्रम में भाग लेने की बुधवार को घोषणा की और कहा कि राष्ट्रपति तथा संसद जैसी संस्था को किसी ऐसे विवाद से अलग रखना चाहिए जिससे उनके गरिमा और सम्मान पर प्रभाव पड़ता हो। नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 28 मई 2023 को करेंगे। कुछ दलों का कहना है कि इस भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से कराया जाना चाहिए। त्रिणमूल कांग्रेस , आप और कुछ अन्य दलों ने उद्घाटन समारोह में भाग नहीं लेने की घेषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने जारी एक (New Parliament) प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘बीजद का मानना है कि इन सैवैधनिक संस्थाओं को ऐसे किसी विवाद से अलग रखा जाना चाहिए जिससे उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान प्रभावित होता हो। ऐसे मुद्दों पर बाद में कभी भी महान सदन में चर्चा हो सकती है। बयान में कहा गया है, ‘इसलिए बीजद इस ऐतिहासिक अवसर पर इसमें भाग लेगा। वहीं पीएम मोदी ने अपने आॅस्ट्रेलिया में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए भारत में संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने वाली पार्टियों पर निशाना भी साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिडनी में उन्हें सुनने के लिए 20,000 लोग इकट्ठा हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बीजद ने बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति भारत (New Parliament) सरकार का मुखिया होता है। लोक सभा भारत के 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। ये दोनों संस्थाएं भारत के लोकतंत्र की प्रतीक है और उन्हें भारत के संविधान के अंतर्गत अधिकार दिए गए हैं। सदैव इन संस्थाओं के अधिकार और प्रतिष्ठा की रक्षा की जानी चाहिए। इससे पहले विपक्ष के 19 दलों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में संसदीय लोकतंत्र पर कुठाराघात हुआ है और नये भवन के निर्माण में विपक्षी दलों के साथ कोई सलाह मशविरा तक नहीं किया गया, इसलिए समान विचारधारा वाले दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों ने आज यहां संयुक्त वक्तव्य में कहा, ‘नये संसद भवन (New Parliament) का उद्घाटन एक महत्वपूर्ण अवसर है। विपक्ष मानता है कि मोदी सरकार लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर रही है। इस सरकार ने निरंकुश तरीके से नये संसद का निर्माण किया है इसके बावजूद विपक्ष उद्घाटन समारोह के अवसर पर मतभेदों को भुलाने को तैयार था। सरकार ने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पूरी तरह से दरकिनार कर नये भवन का उद्घाटन मोदी से कराने का निर्णय लिया है और यह हमारी लोकतांत्रिक परंपरा पर सीधा हमला है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नये संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार संवैधानिक मूल्यों का अपमान- राजग New Parliament Building</h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का 19 विपक्षी दलों के बहिष्कार फैसले की बुधवार को आलोचना करते हुए कहा कि उनका यह रुख देश के लोकतांत्रिक लोकाचार और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। राजग में शामिल 14 दलों के नेताओं ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में संसद एक पवित्र संस्था है।उन्होंने कहा कि यह विपक्ष के दिवालियापन को दिखाता है। यह लोकतंत्र की मूल आत्म और मयार्दा पर कुठारघात है। राजग के दलों ने बयान में कहा विपक्ष ने मुर्मू के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने का कड़ा विरोधकर न सिर्फ उनका, बल्कि हमारे राष्ट्र की अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का घोर अपमान था। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद सार्वजनिक तथ्य है कि विपक्ष संसद से भागता रहा है। कारण यह उनकी स्वार्थी और पुरानी इच्छाओं को प्रतिनिधित्व करता है। जिन्हें जनता ने बार-बार खारिज किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आजादी के समय सत्ता के हस्तातंरण के प्रतीक ‘सेंगोल’ को संसद भवन में स्थापित किया जायेगा:शाह New Parliament Building</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नये संसद भवन के राष्ट्र को लोकार्पण के मौके पर आजादी के समय 14 अगस्त 1947 के दिन सत्ता के हस्तांतरण की परंपरा को दोहराते हुए पवित्र ह्यसेंगोलह्ण को स्वीकार करेंगे जिसे बाद में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट स्थापित किया जायेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी अनेक लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के समय प्राचीन भारतीय परंपराओं का निर्वहन करते हुए ब्रिटिश साम्राज्य से सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में पवित्र सेंगोल को स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार ने इस विशेष अवसर और परंपरा के लिए वायसराय लार्ड माउंटबेटन को भारत भेजा था। उन्होंंने कहा कि पंडित नेहरू ने अपने आवास पर लार्ड माउंटबेटन की मौजूदगी में तमिलनाडु के अधिनम से आये धार्मिक शिष्टमंडल से सेंगोल को स्वीकार किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शाह ने कहा कि सेंगोल भारत की प्राचीन आध्यात्मिक (New Parliament) परंपरा से जुड़ा है और इसका संबंध आठवीं सदी के चोल साम्राज्य से है। सेंगोल शब्द तमिल भाषा के सेमई शब्द से बना है जिसका अर्थ नीति परायणता है। उन्होंंने कहा कि सेंगोल न्याय और नीति पर आधारित शासन के भाव से जुड़ा है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी रविवार को जब प्रधानमंत्री नये संसद भवन का उद्घाटन करेंगे तो तमिलनाडु के 20 अधिनम के अध्यक्ष श्री मोदी को यह सेंगोल प्रदान करेंगे। बाद में पवित्र सेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के निकट स्थापित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह पवित्र सेंगोल न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था का प्रतीक है इसलिए इसकी जगह संग्रहालय के बजाय संसद भवन होनी चाहिए।</p>
<h4>मोदी के खिलाफ गाली-गलौज की भाषा का प्रयोग कुछ विपक्षियों का एकमात्र एजेंडा : चंद्रशेखर New Parliament Building</h4>
<p style="text-align:justify;">सूचना प्रौद्योगिकी , कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है पर लेकिन प्रधानमंत्री को गाली देना कुछ विपक्षी नेताओं का एक मात्र एजेंडा रह गया है। चंद्रशेखर ने यहां भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय पर संवाददताओं से बातीचत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्तमान विदेश दौरे में दुनिया के देशों में ‘भारत और भारत के प्रधानमंत्री को आज जो सम्मान मिल रहा है वह अविस्मरणीय है।</p>
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<p style="text-align:justify;">चंद्रशेख ने राज्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना (New Parliament Building) भी साधा। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में गाली-गलौज की भाषा का प्रयोग करना विपक्ष के नेताओं का सिंगल प्वाइंट एजेंडा बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी जापान, पापुआ न्यू गिनी और आस्ट्रेलिया की यात्रा के बाद आज स्वदेश लौट रहे हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि इन पांचों दिनों में जापान, पपुआ न्यूगिनी और आस्ट्रेलिया के अखबारों के प्रथम पृष्ठों पर प्रधानमंत्री की बैठकों और उनके बारे में अन्य खबरें छायी हुई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस यात्रा में भारत और प्रधानमंत्री मोदी को मिले (New Parliament) सम्मान का जिक्र करते हुए कहा, ‘दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का उल्लेख कर रहे हैं। पापुआ न्यूगिनी के प्रधानमंत्री स्वागत करने के बाद आदर भाव से प्रधानमंत्री मोदी जी के पैर छूते हैं। आस्ट्रेलिया के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मोदी जी को बॉस कहते हैं और सिडनी के उच्च सदन को तिरंगी रोशनी में नहाते हैं और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री आस्ट्रेलिया आकर प्रधानमंत्री मोदी जी से मिलते हैं।</p>
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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 11:39:40 +0530</pubDate>
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