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                <title>Basmati Dhan - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>संगरूर में धान की सरकारी खरीद कल से, तैयारियां पूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[जिले की 171 मंडियों में प्रबंध मुकम्मल करने का किया जा रहा दावा एक सप्ताह के बाद मंडियों में होगी धान की आवक भाव से संतुष्ट दिखाई दे रहे किसान | Sangrur News संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)। धान (Dhan) की सरकारी खरीद बेशक 1 अक्तूबर से हो रही है लेकिन अभी तक मंडियों में धान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparation-for-government-procurement-of-paddy-completed-in-sangrur/article-53100"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/sangrur-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिले की 171 मंडियों में प्रबंध मुकम्मल करने का किया जा रहा दावा</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक सप्ताह के बाद मंडियों में होगी धान की आवक</li>
<li>भाव से संतुष्ट दिखाई दे रहे किसान | Sangrur News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर (सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> धान (Dhan) की सरकारी खरीद बेशक 1 अक्तूबर से हो रही है लेकिन अभी तक मंडियों में धान की आमद बेहद कम होने की रिपोर्ट मिली है। मंडियों में फिलहाल बासमती धान ही आ रहा है, जो आढ़तियों द्वारा खरीदा जा रहा है। मंडियो में सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और कहीं-कहीं मंडियों में सफाई का काम हो रहा है, जिस संबंधी मंडी अधिकारियों से मीटिंगें की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज शनिवार को संगरूर की सबसे बड़ी मुख्य मंडी में खरीद प्रबंधोंं का जायजा लिया गया तो वहां फिलहाल बहुत कम धान ही पहुंचा बल्कि कुछेक ढेरियां बासमती धान की खरीदी हुई पड़ी थीं, जिनको आढ़तियों द्वारा खरीदा गया था, वहीं मजदूरों द्वारा साथ के साथ धान की सफाई का काम भी लगातार किया जा रहा है। वहीं अगर मंडियों में सफाई प्रबंधों की बात की जाए तो फिलहाल संगरूर मंडी में सफाई के प्रबंध ठीक-ठाक दिखाई दिए लेकिन मंडियों में लोगों के निजी वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है, असल में 10 दिनों बाद मंडियों में रौनक दिखाई देने लगेगी। बड़ी संख्या में किसानों द्वारा मंडी में प्राईवेट विभागों को धान बेचा जा रहा है। Sangrur News</p>
<p style="text-align:justify;">मंडी में मौजूद संगरूर के किसान गोबिन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बासमती धान 1509 की बिजाई की है, जिसका प्राईवेट तौर पर 3300 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बासमती धान पिछले 15 दिनों से निजी व्यापारियों द्वारा खरीदा जा रहा है और इसे लेकर कोई दिक्कत नहीं आ रही और किसानों को बासमती का भाव भी अच्छा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकतर किसानों द्वारा धान की किसम पूसा 44 की बिजाई की हुई है। उन्होंने बताया कि अन्दाजन धान का उत्पादन एक एकड़ में 6 क्विंटल के करीब निकलता है और इस मूनक क्षेत्र में बाढ़ के कारण थोड़ी फसल खराब हुई है लेकिन इस बार धान की फसल को कोई खास दिक्कत नहीं आई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जिले की मंडियोंं में खरीद के सभी प्रबंध मुकम्मल: जिला मंडी अधिकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">‘सच कहूँ’ से बात करते जिला मंडी अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि 1 अक्तूबर से सरकारी तौर पर मंडियों में धान की खरीद शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि धान की आमद एक सप्ताह के बाद शुरु होगी। उन्होंने कहा कि जिला संगरूर में 171 मंडियां हैं, जिनमें सभी प्रबंध पूरे हैं। इसके अलावा मलेरकोटला में भी 100 के करीब मंडियोंं में साफ-सफाई के काम चल रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुनाम अनाज मंडी में धान की आवक शुरु, प्रबंध मुकम्मल | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुनाम ऊधम सिंह वाला।</strong> पंजाब की दूसरी सबसे बड़ी सुनाम की अनाज मंडी में धान की आमद शुरु हो चुकी है। मंडी में फिलहाल स्ट्ठी जीरी ही आ रही है, कुल मिलाकर अनाज मंडी में साफ-सफाई पक्ष से व अन्य किसानों के लिए छाया, पीने वाले पानी और अन्य सुविधाएं मुकम्मल कर ली गई हैं, 1 अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद भी शुरु हो रही है। अनाज मंडी में सफाई प्रबंध लगभग मुकम्मल दिखाई दे रहे हैं। धान लेकर पहुंचे किसान नायब सिंह छाहड़ ने बताया कि मंडी में सभी प्रबंध दिखाई दे रहे हैं, जो कि किसानों के लिहाज से उचित हैं। वहीं किसान नायब सिंह ने बताया कि बासमती 3700-3800 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रही है, जो कि अच्छा भाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस बार धान की फसल का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद नजर आ रही है।उल्लेखनीय है कि मजदूर यूनियन पंजाब द्वारा भी पंजाब की मंडियोंं को बंद करने संबंधी हड़ताल की जा रही है, उनका कहना है कि जो मांगें पंजाब सरकार पहले मान चुकी थी, वह अब अपने वायदे से मुकर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि 1 अक्तूबर से पूरे पंजाब भर की मंडियां अनिश्चित समय के लिए बंद की जाएंगी। वहीं आज 1 अक्तूबर से ही धान की सरकारी खरीद शुरु हो रही है और 10-15 अक्तूबर तक पूसा 44 व अन्य क्वालिटी का धान भी मंडियों में आना शुरु हो जाएगा। अगर इसी तरह मजदूर यूनियन की हड़ताल जारी रही तो कहीं न कहीं किसानों को लेबर व अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रबंध मुकंमल, नहीं होगी किसी को परेशानी: चेयरमैन | Sangrur News</h3>
<p style="text-align:justify;">मार्केट कमेटी सुनाम के चेयरमैन मुकेश जुनेजा ने कहा कि अनाज मंडी की साफ-सफाई, पानी व अन्य हर तरह के पुख्ता प्रबंध कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी मंडी में बासमती 1509, 1847, 1409 आदि ही आ रहा है। उन्होंने कहा कि बासमती इस बार 3500 से 3800 रूपये प्रति क्विंटल के करीब रेट के हिसाब से बिक रही है। जिसे प्राईवेट सैक्टर खरीद रहे हैं। जुनेजा ने कहा कि आज 1 अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरु हो जाएगी और 10-15 अक्तूबर तक धान की पूसा 44 सहित अन्य तरह का धान मंडी में आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने मजदूर यूनियन की हड़ताल के बारे में बताया कि यह हड़ताल पंजाब स्तर पर है, जबकि धान की पूसा व अन्य क्वालिटी का धान 10 से 15 अक्तूबर तक मंडियों में आएगा, तब तक सरकार द्वारा इस मसले का हल निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में किसी को भी कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वह अपना धान पूरी तरह सूखाकर ही मंडियों में लाएं ताकि उनका समय मंडियों में खराब न हो।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जिला स्तरीय खेल मुकाबलों का आगाज" href="http://10.0.0.122:1245/participation-of-small-children-and-elderly-in-sports-shows-the-right-path-to-the-youth-poonamdeep-kaur/">जिला स्तरीय खेल मुकाबलों का आगाज</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparation-for-government-procurement-of-paddy-completed-in-sangrur/article-53100</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 21:45:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बासमती के निर्यात से तुरंत हटाई जाए पाबंदियां: मान</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए केन्द्र से की मांग ग्रामीण विकास फंड रोकने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा | Bhagwant Mann लुधियाना (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्र सरकार द्वारा बासमती के निर्यात पर लगाई पाबंदियों को पंजाब और किसान विरोधी कदम बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने केन्द्र […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/restrictions-on-export-of-basmati-should-be-removed-immediately-bhagwant-mann/article-52399"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/ludhiana-news-5.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए केन्द्र से की मांग</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>ग्रामीण विकास फंड रोकने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा | Bhagwant Mann</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केन्द्र सरकार द्वारा बासमती के निर्यात पर लगाई पाबंदियों को पंजाब और किसान विरोधी कदम बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने केन्द्र सरकार से इस मनमाने फैसले को तुरंत वापस लेने की माँग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को यहां पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय किसान मेले के आखिरी दिन बड़ी संख्या में पहुँचे किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बड़े दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि केन्द्र सरकार का यह बेतुका फैसला किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को आर्थिक तौर पर बड़ा नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने बासमती चावलों का कम से कम निर्यात मूल्य 1200 डॉलर प्रति टन तय कर दिया है, जिससे बासमती की घरेलू कीमतों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने कहा कि मेहनतकश किसान खेती लागतें बढ़ने और कम भाव मिलने के कारण पहले ही संकट में डूबे हुए हैं। सीएम मान ने कहा कि देश में बासमती का सबसे अधिक उत्पादन पंजाब में होता है और केन्द्र सरकार का यह फैसला हमारे किसानों के हितों को बुरी तरह से प्रभावित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में फसलीय विविधता के अंतर्गत मूँग की दाल, बासमती और अन्य वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े प्रयास कर रही है, परन्तु दूसरी ओर केंद्र की ऐसी नीतियों से हमारी मुहिम को चोट पहुँच रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री (Bhagwant Mann) ने केन्द्र सरकार का यह कदम किसान विरोधी और पंजाब विरोधी बताया है, जिसका राज्य सरकार द्वारा जोरदार विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार केंद्रीय पाबंदियों के मद्देनजर बासमती चावल पश्चिमी बंगाल, केरला जैसे राज्यों को बेचने पर भी गौर कर रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="देश भर में 31 जीएसटी अदालतें मंजूर, हरियाणा में हिसार और गुड़गांव से चलेंगी जीएसटी न्यायपीठ" href="http://10.0.0.122:1245/thirty-one-gst-courts-approved-across-the-country/">देश भर में 31 जीएसटी अदालतें मंजूर, हरियाणा में हिसार और गुड़गांव से चलेंगी जीएसटी न्यायपीठ</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/restrictions-on-export-of-basmati-should-be-removed-immediately-bhagwant-mann/article-52399</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Sep 2023 21:50:44 +0530</pubDate>
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                <title>Basmati Rice: बासमती धान: कम लागत में पाएं बेशुमार पैदावार</title>
                                    <description><![CDATA[देश में मॉनसून का आगाज होने वाला है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रेदश, तमिलनाडु और बिहार सहित पूरे देश में किसान धान की खेती में लग जाएंगे। ऐसे तो पूरे देश में धान की कई किस्मों की खेती की जाती है, लेकिन बासमती के क्या कहने! इसका कोई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/cultivation-of-basmati-rice/article-48125"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/cultivation-of-basmati-rice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में मॉनसून का आगाज होने वाला है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रेदश, तमिलनाडु और बिहार सहित पूरे देश में किसान धान की खेती में लग जाएंगे। ऐसे तो पूरे देश में धान की कई किस्मों की खेती की जाती है, लेकिन बासमती के क्या कहने! इसका कोई तोड़Þ नहीं है। यह अपने स्वाद, सुगंध के लिए मशहूर है। आपको बता दें कि बासमती धान की भी कई किस्में होती हैं और सबका अपना-अपना स्वाद और फ्लेवर होता है। अगर किसान भाई बासमती धान की खेती करने का प्लान बना रहे हैं, तो उन्हें आज ऐसी किस्मों के बारे में बताया जा रहा है जिससे बंपर पैदावार मिलेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चुकंदर, धन देने में धुरंधर ! अमीर बनना है तो फसल ऐसे उगाएं, मन माफिक मुनाफा पाएं" href="http://10.0.0.122:1245/do-sugar-beet-farming-to-become-rich/">चुकंदर, धन देने में धुरंधर ! अमीर बनना है तो फसल ऐसे उगाएं, मन माफिक मुनाफा पाएं</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">बासमती धान की किस्में | (Cultivation of Basmati Rice)</h3>
<p style="text-align:justify;">पूसा 834: पूसा 834 उच्च उपज वाली बासमती धान की एक बेहतरीन किस्म है। इस किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने विकसित किया है। इसमें रोग से लड़ने की क्षमता अधिक पाई जाती है। इसके ऊपर झुलरा रोग का कोई असर नहीं पड़ेगा। पूसा 834 अर्ध- बौनी किस्म है। तेज हवा और आंधी चलने पर भी इसकी फसल खेत में नहीं गिरती है। खास बात है कि यह किस्म 125 से 130 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। यानी कि 130 दिन बाद आप इसकी कटाई कर सकते हैं। अगर पैदावार की बात करें तो 6-7 टन धान आप प्रति हेक्टेयर उत्पादित कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंत धान-12: पंत धान 12 बासमती की एक बेहतरीन किस्म है। यह कम समय में ही पक कर तैयार हो जाती है। इसकी उपज क्षमता भी अन्य बासमती किस्मों के मुकाबले अधिक है। अगर किसान भाई इसकी खेती करते हैं, तो 110 से 115 दिन में ही फसल पक कर तैयार हो जाती है। इससे प्रति हेक्टेयर आपको 7-8 टन उपज मिलेगी। पंत धान 12 को भी भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने पंत यूनिवर्सिटी आॅफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर विकसित किया है। इसी लिए इसका नाम पंत दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बासमती (Cultivation of Basmati Rice) की एक उच्च उपज वाली किस्म है। इसे शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने तैयार किया है। यह भी एक अर्ध-बौनी किस्म है। ऐसे में तेज हवा का उसके ऊपर कोई असर नहीं पड़ता है। यह एक सिंचित धान की किस्म है, जिसकी सबसे अधिक खेती जम्मू- कश्मीर में की जाती है। इसकी फसल को तैयार होने में 135 से 140 दिन लग जाते हैं। इसकी उपज क्षमता प्रति हेक्टेयर 6-7 टन है। यह सूखा, जलभराव और खारे पानी का भी असानी से सहन कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूसा-1401: पूसा-1401 को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने विकसित किया है। यह एक बासमती धान की अर्ध- बौनी किस्म है। इसकी फसल को आप 135 से 140 दिन बाद काट सकते हैं। इसकी खेती नॉर्थ इंडिया के सिंचित क्षेत्रों में की जाती है। इसकी उपज क्षमता प्रति हेक्टेयर 4-5 टन है।</p>
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                                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 May 2023 15:30:33 +0530</pubDate>
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