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                <title>Digital India - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>डिजिटल इंडिया से समय की बचत और भ्रष्टाचार की समाप्ति : नरेश कुमार</title>
                                    <description><![CDATA[खरखोदा (सच कहूं न्यूज / हेमंत कुमार)। प्रताप सिंह मैमोरियल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खरखौदा में राष्ट्रीय सेवा योजना वार्षिक कैंप के छठे दिन उपप्राचार्य नरेश कुमार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस मिशन योजना की शुरूआत महात्मा गांधी द्वारा की गई। जो कि बाद में 24 सितम्बर, 1969 तत्कालीन शिक्षा मंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/saving-time-and-ending-corruption-with-digital-india/article-42046"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/1-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखोदा (सच कहूं न्यूज / हेमंत कुमार)।</strong> प्रताप सिंह मैमोरियल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खरखौदा में राष्ट्रीय सेवा योजना वार्षिक कैंप के छठे दिन उपप्राचार्य नरेश कुमार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस मिशन योजना की शुरूआत महात्मा गांधी द्वारा की गई। जो कि बाद में 24 सितम्बर, 1969 तत्कालीन शिक्षा मंत्री वी के आर राय ने स्कूल, कॉलेजों में इसकी शुरूआत की। उन्होंने स्वयंसेवकों को डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इसकी शुरूआत 01 जुलाई, 2015 से की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका उद्देश्य सरकारी व गैर सरकारी सभी को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का मिशन था ताकि समय की बचत हो और व्यक्ति घर पर बैठकर सभी कार्य कर सके। आज हम डिजिटल के माध्यम से एग्रीकल्चर, शिक्षा के क्षेत्र, प्रापर्टी, रेल टिकट, जहाज टिकट बुकिंग, बिजली, पानी बिल की पेमेंट घर बैठे ही कर सकते हैं। डिजिटल कार्य होने से भ्रष्टाचार का भी समाधान हो रहा है। इस अवसर पर स्कूल कार्यक्रम अधिकारी फूलकंवार, सीमा, प्रहलाद वर्मा आदि महानुभाव उपस्थित रहे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jan 2023 14:20:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>मोदी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी&amp;#8217;</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु। केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यहां कहा कि कोरोना महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत रखी गई मजबूत नींव के कारण हुई। चंद्रशेखर ने यहां नैसकॉम और एसटीपीआई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक समारोह में कहा, “जिस तरह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/recovery-of-indian-economy-due-to-modi-digital-india-program/article-28166"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/economy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु।</strong> केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने यहां कहा कि कोरोना महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत रखी गई मजबूत नींव के कारण हुई। चंद्रशेखर ने यहां नैसकॉम और एसटीपीआई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक समारोह में कहा, “जिस तरह से भारतीय अर्थव्यवस्था ने महामारी के बाद वापसी की है, उसमें से बहुत बड़ा योगदान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत रखी गई मजबूत नींव का है। देश के सबसे दूरस्थ हिस्से में लोगों तक एक क्लिक के साथ पहुंचा जा सकता है। एक-एक पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में स्थानांतरित कर दिया जाता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने पिछले 18 महीनों में डिजिटल अर्थव्यवस्था में हुए जबरदस्त विस्तार का हवाला दिया और कहा कि दुनिया भारत जैसे नए विश्वसनीय आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रही है। यह सरकार की प्राथमिकता है कि वह अपनी सभी सेवाओं को डिजिटल करे, जिससे अतिरिक्त मांग पैदा होगी। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मोदी सरकार के समर्थन की फिर से पुष्टि की और स्टार्टअप्स को आश्वासन दिया कि सरकार सभी आवश्यक नीतिगत समर्थन तथा बाजार से जुड़ाव को सुविधाजनक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले चंद्रशेखर कर्नाटक के बाहर स्थित डीपटेक, टेकवी और एसटीपीआई आईओटी ओपनलैब स्टार्टअप उद्योग जगत के सदस्यों से रूबरू हुए और उनके साथ संवाद किया। उन्होंने स्टार्टअप्स के गेम चेंजिंग सॉल्यूशंस और उन लोगों के बारे जानकारी हासिल की, जिन्होंने अपनी डिजिटल समावेशन यात्रा में प्रभावित किया है। साथ ही 2026 तक भारत में डीप टेक इकोसिस्टम विकसित करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Nov 2021 11:50:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>डिजिटल इंडिया से हो रही समय, श्रम और धन की बचत : पीएम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय मदद पहुँचाने, संक्रमण रोकने और सुचारू टीकाकरण के लिए डिजिटल समाधानों की तारीफ करते हुये वीरवार को कहा कि डिजिटल इंडिया से समय, श्रम और धन की बचत हो रही है। डिजिटल इंडिया के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/saving-time-labor-and-money-through-digital-india-pm/article-24840"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-07/pm-modi-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय मदद पहुँचाने, संक्रमण रोकने और सुचारू टीकाकरण के लिए डिजिटल समाधानों की तारीफ करते हुये वीरवार को कहा कि डिजिटल इंडिया से समय, श्रम और धन की बचत हो रही है। डिजिटल इंडिया के छह साल पूरे होने के अवसर पर इसके लाभार्थियों से संवाद के दौरान श्री मोदी ने कहा, ‘कोरोना काल में डिजिटल इंडिया अभियान देश के कितना काम आया है, यह हम सभी ने देखा है। जिस समय बड़े-बड़े समृद्ध देश लॉकडाउन के कारण अपने नागरिकों को सहायता राशि नहीं भेज पा रहे थे, भारत हजारों करोड़ रुपये, सीधे लोगों के बैंक खातों में भेज रहा था। कोरोना काल में जो डिजिटल समधान भारत ने तैयार किए हैं उनकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत के कोविन ऐप में भी अनेक देशों ने दिलचस्पी दिखाई</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कॉनटैक्ट ट्रेसिंग के लिए दुनिया के सबसे बड़े ऐप में से एक आरोग्य सेतु से संक्रमण को रोकने में बहुत मदद मिली है। टीकाकरण के लिए भारत के कोविन ऐप में भी अनेक देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया के लिए ऐसा निगरानी माध्यम होना हमारी तकनीकी कुशलता का प्रमाण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:#333399;"><strong><em>प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डिजिटल इंडिया यानि समय, श्रम और धन की बचत। डिजिटल इंडिया यानि तेजी से लाभ, पूरा लाभ। डिजिटल इंडिया यानि मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिम गवर्नेंस।</em></strong></span></p>
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                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jul 2021 17:10:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोशल मीडिया का अनैतिक प्रयोग कब तक?</title>
                                    <description><![CDATA[वाक् एवं अभिव्यक्ति की मौलिक आजादी लोकतंत्र का एक अहम् पहलू है। इस अधिकार के उपयोग हेतु सोशल मीडिया ने जो अवसर नागरिकों को दिए, एक दशक पूर्व उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की होगी। इसके माध्यम से अन्ना आंदोलन का प्रचार, निर्भया कांड के बाद यौन हिंसा के खिलाफ एक सफल आंदोलन, रोहित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/unethical-use-of-social-media/article-2648"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/social-media.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">वाक् एवं अभिव्यक्ति की मौलिक आजादी लोकतंत्र का एक अहम् पहलू है। इस अधिकार के उपयोग हेतु सोशल मीडिया ने जो अवसर नागरिकों को दिए, एक दशक पूर्व उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की होगी। इसके माध्यम से अन्ना आंदोलन का प्रचार, निर्भया कांड के बाद यौन हिंसा के खिलाफ एक सफल आंदोलन, रोहित वेमूला प्रकरण पर छात्रों की लामबंदी आदि जैसे प्रयोग जहां सफल रहे, वहीं दूसरी ओर इसके माध्यम से दुष्प्रचार करने, धमकाने, अफवाहें फैलाने, निंदा अभियान चलाने, चरित्र हनन करने और समाज में तनाव पैदा करने की घटनाएं भी हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लिहाजा पश्चिम बंगाल में इन दिनों सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने से सोशल मीडिया के दुरूपयोग की तरफ एक बार ध्यान गया है। एक तरफ हमारी सरकार डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रम ला कर देश की तस्वीर बदलने का प्रयास कर रही है, तो दूसरी तरफ हम इस कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से का दुरूपयोग कर सरकार और देश को ही चुनौती देने का काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल पहली मिसाल नहीं है। सोशल मीडिया के सहारे माहौल खराब करने की कोशिशों की एक लंबी फेरहिस्त है। उत्तर प्रदेश, बिहार, कश्मीर, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्य किसी न किसी रूप में सोशल मीडिया से आहत हुए हैं। हाल ही में ओडिशा के भदरक जिला, उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में सांप्रदायिक दंगे सोशल मीडिया के कारण ही हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">बहुचर्चित मुजफ्फरनगर दंगा कौन नहीं जानता? यह तो एक बानगी भर है। दरअसल देश के विभिन्न कोने में प्रत्येक दिन सोशल मीडिया के कारण कोई न कोई घटना जरूर घटती है। फेसबुक के अनुसार पिछले वर्ष जुलाई से दिसंबर तक की अवधि में भारत में 719 आपत्तिजनक कंटेंट्स को हटाया गया। ये वो कंटेंट्स थे, जो उन कानूनों का उल्लंघन करते थे, जो धार्मिक भावनाएं और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने का निषेध करने के लिए बने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर गौर करें, तो पश्चिम बंगाल की घटना से हमारी दो कमजोरियों का पता चलता है। पहला यह कि हमारे आपसी संबंध इतने कमजोर और खोखले हो चुके हैं कि एक नाबालिग लड़के के एक फेसबुक पोस्ट से ही हमारी भावनाएं आहत हो जाती हैं। क्या हम इतने असहिष्णु हो गए हैं कि अपने विवेक का इस्तेमाल करना भी हमें गंवारा नहीं? दूसरी कमजोरी यह कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी का प्रयोग कर हमें विभिन्न समस्याओं पर आवाज बुलंद करनी चाहिए, लेकिन हम धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने का तंत्र इसे बना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमें देश की वास्तविक समस्या नजर नहीं आ रही है, देश को विकास की राह पर ले जाने का सुझाव देना हमें कतई पसंद नहीं, लेकिन मुद्दे को धार्मिक रंग देना हमारी नियति बन गई है। नतीजे के रूप में हम सामाजिक ताने-बाने को तोड़ते ही हैं, साथ-ही-साथ विकास के मार्ग में भी रूकावट बनते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बंगलादेश और मिस्त्र में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक परिवर्तन के लिए अरब-स्प्रिंग क्रांति-श्रृंखला के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग क्या हम भूल गए? क्या इस बात की कल्पना भी किसी ने की होगी कि एक युवा सब्जी विक्रेता की आवाज ट्यूनीशिया से अरब के लगभग 15 विभिन्न देशों में पहुँच जाएगी? क्या किसी ने सोचा होगा कि एक बेहद ढांचागत तरीके से दूर दराज के लोगों को क्रांति से जोड़ा जा सकेगा? लेकिन, यह संभव हो सका केवल सोशल मीडिया के कारण। सरकार के कुशासन और तानाशाही के खिलाफ सोशल मीडिया पर जन सैलाब उमड़ पड़ा और कई देशों के दिग्गज शासकों को अपनी गद्दी गंवानी पड़ी, साथ ही कितनों को जेल की हवा भी खानी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार को भी समझना होगा कि हालात बिगड़ने पर इंटरनेट की सुविधा को कुछ समय के लिए बंद कर देने से समस्या का समाधान नहीं होने वाला। इससे उभरने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए जर्मनी जैसी किसी पहल की जरूरत है, अन्यथा एक नियमित अंतराल पर जानमाल और समय की बर्बादी के लिए हम तैयार रहें।</p>
<p><em>पश्चिम बंगाल की घटना से हमारी दो कमजोरियों का पता चलता है। पहला यह कि हमारे आपसी संबंध इतने कमजोर और खोखले हो चुके हैं कि एक नाबालिग लड़के के एक फेसबुक पोस्ट से ही हमारी भावनाएं आहत हो जाती हैं।</em></p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>-रिजवान निजामुद्दीन अंसारी</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/unethical-use-of-social-media/article-2648</link>
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                <pubDate>Thu, 27 Jul 2017 03:23:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>मनो ने बचाया करोड़ों का सरकारी खजाना</title>
                                    <description><![CDATA[साकार कर रहे पीएम मोदी का ‘डिजीटल इंडिया’ का सपना जनसुविधाओं से लेकर आम मीटिंगों तक में हाइटेक तकनीक का उपयोग वीडियो कांफ्रेंसिंग से निपटाए जा रहे सरकारी काम चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल दुनिया भर के नेताओं, युवाओं व आम-जन के आइडल हैं बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उन्हें बाखूबी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">साकार कर रहे पीएम मोदी का ‘डिजीटल इंडिया’ का सपना</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>जनसुविधाओं से लेकर आम मीटिंगों तक में हाइटेक तकनीक का उपयोग</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वीडियो कांफ्रेंसिंग से निपटाए जा रहे सरकारी काम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल दुनिया भर के नेताओं, युवाओं व आम-जन के आइडल हैं बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उन्हें बाखूबी फॉलो करते हैं। मोदी ने जिस तरह चुनावों के साथ-साथ शासन व्यवस्था में भी तकनीक की सहारा लेकर जनसुविधाओं को लोगों के लिए आसान बनाया है वहीं डिजीटल होते इंडिया में हरियाणा सरकार भी पीछे नहीं है। मोदी सरकार की तरह मनोहर सरकार भी जगह-जगह जाकर मीटिंगें करने एवं शिलान्यास करने की बजाय वीडियो कांफे्रंसिंग से ही बहुत से महत्वपूर्ण कार्य निपटा रही है जिससे सरकार के खजाने पर बोझ भी कम पड़ रहा है और समय की बचत भी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बाबत सचिवालय स्थित आईटी डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार मनोहर सरकार ने अब तक अपने कार्यकाल में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा ही निपटा दिए हैं। आईटी अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में रोजाना 2 से 4 महत्वपूर्ण बैठकें वीडियो कांफे्रंसिंग द्वारा की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये बैठकें न केवल उच्चाधिकारियों द्वारा जिला अधिकारियों की हैं बल्कि चीफ इन्फारमेंशन कमिश्नर तक की बैठकों सहित मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों की जिले के अधिकारियों के साथ होने वाली अधिकारी बैठकें वीडियो कांफें्रसिंग के जरिए हो रही हैं। बैठकों के अलावा एक ही साथ विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास भी मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों द्वारा वीडियो कांफे्रंसिंग द्वारा ही किए जा रहे हैं। जिनमें गत दिनों 21 महाविद्यालयों का एक साथ शिलान्यास एक बड़ा उदाहरण हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बचाया करोड़ों रुपए का पैट्रोल-डीजल</h4>
<p style="text-align:justify;">आईटी अधिकारियों के अनुसार मनोहर सरकार के इस कदम से जहां अब तक करोड़ों रुपए का डीज़ल-पैट्रोल बचाया गया है। वहीं अधिकारियों की तैनाती, कार्यक्रम के लिए होने वाले इंतजाम, सुरक्षा इंतजाम एवं अन्य इंतजामों के करोड़ों रुपए के खर्च को बचाया गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पैसे के साथ-साथ समय की बचत</h4>
<p style="text-align:justify;">तकनीक के इस उपयोग से न केवल पैसों की बचत हो रही है वहीं सरकार के बहुमूल्य समय की बचत भी हो रही है। एक तरफ जहां पिछली सरकारों में मंत्री एवं अधिकारी ज्यादातर टूअर पर रहते थे एवं शिलान्यास, मीटिगों के लिए जिलों में घूमते थे वहीं आज मंत्री एवं अधिकारी ज्यादातर सचिवालयों में बने अपने दफ्तरों में मौजूद रहते हैं एवं सरकारी काम-काज के लिए आम लोागें के लिए उपलब्ध रहते हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/manohar-lal-saved-millions-of-government-treasures/article-1150</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2017 09:09:05 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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