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                <title>Kisan news - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>किसानों के लिए राहत की खबर, एक बारी चार में दो समूह चलाने पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[दो बारी तीन में एक समूह चलाने का निर्णय, जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में हुआ हंगामा हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Indira Gandhi Canal: चार में दो समूह चलाने की मांग कर रहे इंदिरा गांधी नहर के किसानों के लिए राहत की खबर है। इंदिरा गांधी नहर में एक बारी चार में दो समूह चलाए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/relief-for-indira-gandhi-canal-farmers-demanding-operation-of-two-groups/article-79999"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/hanumangarh-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दो बारी तीन में एक समूह चलाने का निर्णय, जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में हुआ हंगामा</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Indira Gandhi Canal: चार में दो समूह चलाने की मांग कर रहे इंदिरा गांधी नहर के किसानों के लिए राहत की खबर है। इंदिरा गांधी नहर में एक बारी चार में दो समूह चलाए जाएंगे। उसके बाद तीन में एक समूह में पानी चलाया जाएगा। यह सहमति इंदिरा गांधी नहर में रेग्यूलेशन निर्धारित करने के लिए जल संसाधन विभाग मुख्य अभियंता कार्यालय में शनिवार को दोबारा बुलाई गई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में हुई। बैठक में मौजूद विपक्ष के विधायकों ने आईजीएनपी में चार में दो समूह में पानी चलाने की मांग को पुरजोर तरीके से रखा। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि जनवरी में गेहूं और सरसों दोनों फसलों को पानी की आवश्यकता है। किसान खर्चा करके बैठा है। अगर जनवरी में पानी नहीं दिया तो आगे चलकर पानी देने का फायदा नहीं। इस पर मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी ने बांध में कम पानी का हवाला देते हुए कहा कि तीन में एक समूह में पानी चलाया जा सकता है लेकिन विधायक चार में दो समूह में पानी देने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि पानी नहीं मिला तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। चार में दो समूह चलाने की जद्दोजहद को लेकर बैठक में खूब हंगामा हुआ। विधायकों व किसान प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान जा रहे पानी के मुद्दे को लेकर भी सरकार व विभाग को घेरा। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">सभी बातों पर चर्चा के बाद पानी की व्यवस्था व उपलब्धता के आधार पर किसानों के हित में निर्णय हुआ और 4 जनवरी से 21 जनवरी तक एक बारी चार में दो समूह जबकि 13 मार्च तक दो बारी तीन में एक समूह चलाया जाएगा। उसके बाद उपलब्धता के आधार पर नहरों में पानी प्रवाहित किया जाएगा। बैठक में रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक, अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर, पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने किसानों का प्रतिनिधित्व किया। प्रशासन की तरफ से एसडीएम मांगीलाल सुथार बैठक में मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले 30 दिसम्बर को हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया था। बैठक में अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक ने मुद्दा रखा कि 21 सितम्बर से 20 मई तक तय होने वाले राजस्थान के शेयर में चार अक्टूबर से लेकर 9 अक्टूबर तक लगभग 3 लाख 73 हजार के आसपास पानी निकाल लिया गया जो किसानों के खेतों में जाना चाहिए था। वह पानी किसानों को नहीं मिला। वह पानी भी किसानों को दिया जाए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस समस्या को लेकर आईजीएनपी के पूरे चरण पर बसे किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को बचाने के लिए वह पानी दिया जाए, चाहे उसके लिए पंजाब से बात क्यों न करनी पड़ी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनूपगढ़ विधायक बोलीं-किसानों की जीत, दबाव की वजह से मिला पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम एक बूंद पानी पाकिस्तान नहीं जाने देंगे। हम खून और पानी एकसाथ नहीं बहने देंगे। अगर यह डबल इंजन की सरकार है तो क्यों किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। वह पाकिस्तान जा रहे पानी को रोके। मंच पर खड़े होकर बड़े-बड़े वादे करने से कुछ नहीं होने वाला।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति कभी पैदा न हो कि किसान की पकी-पकाई फसल पानी के अभाव में खराब हो जाए। भविष्य में भी पानी की उचित व्यवस्था करते हुए किसान और किसानी को बचाया जाए। उन्होंने चार में दो समूह चलाए जाने पर सहमति बनने को किसानों की जीत बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों व किसानों के दबाव की वजह से मांग अनुसार पानी मिल सका है। Hanumangarh News</p>
<h3 style="text-align:justify;">पानी नहीं मिला तो विधानसभा में घेरेंगे सरकार: सोहन नायक</h3>
<p style="text-align:justify;">संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने कहा कि जहां किसान की बात है उन मीटिंगों में सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं आता। क्या दोनों जिलों में सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं है। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं सरकार को सोचना पड़ेगा कि आईजीएनपी किसान की रीढ़ की हड्डी है। अगर आईजीएनपी के रेग्यूलेशन को कमजोर किया जाएगा तो किसान कमजोर होगा। चाहे कोई भी सरकार हो, उसे इस समस्या के समाधान के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। पूनिया ने कहा कि पानी पाकिस्तान जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान के लिए इससे ज्यादा पीड़ा क्या हो सकती है लेकिन डबल इंजन की सरकार चुप है। सरकार ईआरसीपी लाकर वाहवाही लूटने का काम कर रही है। सरकार को किसान की फसल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। विधायक सोहनलाल नायक ने कहा कि चार में दो समूह में पानी चलाने के बाद अगर 13 मार्च के बाद मांग अनुसार पानी नहीं दिया गया तो विधानसभा में सरकार को इस मुद्दे पर घेरा जाएगा कि किसानों की फसलें बचाई जाएं। जरूरत पड़ी तो विधानसभा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों की फसलें बर्बाद नहीं होने देंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="खानक व खरकड़ी सोहान की पहाड़ियों में ग्रैप की पाबंदी हटी, खनन कार्य फिर शुरू" href="http://10.0.0.122:1245/mining-work-resumed-in-the-khanak-and-kharkari-sohan-hills-as-soon-as-the-grap-ban-was-lifted/">खानक व खरकड़ी सोहान की पहाड़ियों में ग्रैप की पाबंदी हटी, खनन कार्य फिर शुरू</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/relief-for-indira-gandhi-canal-farmers-demanding-operation-of-two-groups/article-79999</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 17:27:06 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Haryana Weather: मौसम विभाग ने हरियाणा के किसानों को दी बड़ी जानकारी, जानें 25 सितंबर तक मौसम के हालात</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Haryana Weather: हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने के साथ-साथ मौसम में बदलाव भी होने लगा है। हरियाणा व पंजाब में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क बना रहने की उम्मीद है। हालांकि इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। चौधरी चरण सिंह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meteorological-department-gives-information-to-the-farmers-of-haryana/article-76056"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/haryana-weather-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)।</strong> Haryana Weather: हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू होने के साथ-साथ मौसम में बदलाव भी होने लगा है। हरियाणा व पंजाब में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क बना रहने की उम्मीद है। हालांकि इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसर के कृषि मौसम विज्ञान विभग्ग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि मानसून की वापसी रेखा वर्तमान में भटिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, डिजा और भुज तक पहुंच गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब पंजाब व हरियाणा के हिस्सों से मानसून की पूर्ण वापसी की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान के ऊपर एक एंटीसाइक्लोनिक सर्कुलेशन (वायुमंडलीय चक्रवात का विपरीत रूप) सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी दिशा से शुष्क हवाएं हरियाणा की ओर बढ़ रही हैं। इन हवाओं के कारण राज्य में नमी का स्तर घटेगा और आसमान साफ रहेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के लिए परामर्श | Haryana Weather</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों ने किसानों को सुझाव दिया है कि चूँकि बारिश की संभावना नहीं है, इसलिए वे खेतों में फसल कटाई और भंडारण संबंधी कार्यों को तेजी से पूर्ण करें। नमी घटने से फसलों के पत्तों और फलियों पर कीट-रोग का प्रकोप भी पलट सकता है, ऐसे में सतर्क रहना लाभकारी होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मानसून की वापसी का महत्व</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह तक उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों से मानसून की वापसी शुरू हो जाती है। इस वर्ष राजस्थान के बाद हरियाणा व पंजाब में भी यह प्रक्रिया समय पर आरंभ हो गई है। मानसून की वापसी जहाँ कृषि चक्र का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, वहीं इसके बाद रबी सीजन की तैयारी भी शुरू हो जाती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">25 सितंबर तक मौसम के हालात</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. खीचड़ ने बताया कि 25 सितंबर तक हरियाणा में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील लेकिन शुष्क रहने की संभावना है। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, बीच-बीच में हल्के बादल दिखाई देने की भी संभावना से इंकार नहीं किया गया है। Haryana Weather</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="‘तीन दिन के अंदर बाजार से हटा ले अतिक्रमण, वरना होगी कार्यवाही’" href="http://10.0.0.122:1245/meeting-held-in-kotwali-in-view-of-upcoming-festivals/">‘तीन दिन के अंदर बाजार से हटा ले अतिक्रमण, वरना होगी कार्यवाही’</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/meteorological-department-gives-information-to-the-farmers-of-haryana/article-76056</link>
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                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 18:22:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंद किस्मत का खुला ताला&amp;#8230;! आधुनिक खेती से फतेहाबाद के किसान की चमकी किस्मत, महीनें का कमा रहे लाखों</title>
                                    <description><![CDATA[जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Kisan News: खंड जाखल, जिला फतेहाबाद के गांव शक्करपुरा के किसान सतनाम सिंह आज मेहनत और नई सोच की जीती-जागती मिसाल हैं। कभी गेहूं-धान की परंपरागत खेती में सीमित आमदनी से संतोष करने वाले सतनाम ने वक्त रहते बदलाव किया और लहसुन व खीरे की आधुनिक खेती अपनाकर न सिर्फ अपने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fatehabad-farmers-are-earning-lakhs-of-rupees-a-month-through-modern-farming/article-75958"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/kisan-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> Kisan News: खंड जाखल, जिला फतेहाबाद के गांव शक्करपुरा के किसान सतनाम सिंह आज मेहनत और नई सोच की जीती-जागती मिसाल हैं। कभी गेहूं-धान की परंपरागत खेती में सीमित आमदनी से संतोष करने वाले सतनाम ने वक्त रहते बदलाव किया और लहसुन व खीरे की आधुनिक खेती अपनाकर न सिर्फ अपने परिवार की आमदनी कई गुना बढ़ाई, बल्कि अपनी जिंदगी को भी खुशहाल बना लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">4 कनाल से शुरू किया था सफर</h3>
<p style="text-align:justify;">साल 2005 में सतनाम ने महज 4 कनाल जमीन पर लहसुन की खेती शुरू की। शुरूआती संघर्ष और अनुभव ने उन्हें सफलता दिलाई तो धीरे-धीरे यह क्षेत्रफल बढ़ाकर 3 एकड़ कर लिया। आज लहसुन से ही उन्हें हर साल 7 से 10 लाख रुपये तक की आमदनी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया और 65 से 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी से 7 एकड़ में नेटहाउस बनवाकर भाइयों के साथ खीरे की खेती शुरू की। साल में दो बार फसल लेकर सतनाम करीब 35 लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं। कुल 12 एकड़ जमीन में से 3 एकड़ में लहसुन और 7 एकड़ में भाइयों के साथ मिलकर खीरे की खेती कर उन्होंने खेती का एक नया मॉडल खड़ा कर दिया है। इस खेती से 25 से 30 लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आसान विपणन और तिहरा मुनाफा | Kisan News</h3>
<p style="text-align:justify;">सतनाम बताते हैं कि उनकी फसलों को बेचना आसान है। खीरे की पूरी फसल टोहाना मंडी में बिक जाती है, जबकि लहसुन की बिक्री टोहाना, ऐलनाबाद, मलेरकोटला और पटियाला तक होती है। परंपरागत खेती की तुलना में उन्हें इन फसलों से तीन गुना ज्यादा मुनाफा हो रहा है। साथ ही पानी की बचत और मिट्टी की ताकत में भी सुधार हो रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बागवानी विभाग का समर्थन</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला बागवानी अधिकारी श्रवण कुमार कहते हैं कि जिले के कई किसान अब परंपरागत खेती छोड़कर बागवानी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं। सब्जी की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। सरकार भी किसानों को प्रोत्साहित करते हुए नेटहाउस निर्माण पर उदार सब्सिडी दे रही है। किसानों को चाहिए कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं। सतनाम सिंह की सफलता की कहानी हर उस किसान के लिए प्रेरणा है, जो बदलाव की सोच और मेहनत के बल पर अपनी तकदीर बदलना चाहता है। Kisan News</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के लिए संदेश</h3>
<p style="text-align:justify;">सतनाम सिंह का कहना है कि यदि किसान एक बार हिम्मत करके इन फसलों की शुरूआत करें तो उन्हें निश्चित तौर पर अच्छी कमाई होगी और उनका जीवन खुशहाल बनेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Highway News: इन राज्यों में है आपकी जमीन तो होने वाले हैं मालामल! निकलने वाला है हाईवे" href="http://10.0.0.122:1245/panipat-dabwali-highway-hisar-rewari-highway-and-ambala-delhi-highway/">Highway News: इन राज्यों में है आपकी जमीन तो होने वाले हैं मालामल! निकलने वाला है हाईवे</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fatehabad-farmers-are-earning-lakhs-of-rupees-a-month-through-modern-farming/article-75958</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 15:56:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: सरकार ने किसानों को दी राहत, धान पर बढ़ाई एमएसपी, इस दिन से शुरू होगी धान की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-government-has-given-relief-to-farmers-by-increasing-the-msp-on-paddy/article-75922"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/need-to-clarify-the-situation-on-msp.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ/डॉ. संदीप सिंहमार)</strong>। Kisan News Update: धान किसानों के इंतजार के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार के नए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ऐलान के बाद जहां समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को राहत मिली है, वहीं अब 23 सितंबर से हरियाणा में धान की खरीद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने इस वर्ष खरीफ विपणन सीजन के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए और ग्रेड-ए धान का 2389 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल की दर से 69 रुपए अधिक है। इससे राज्य के किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खरीद में देरी से किसानों में नाराजगी | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि खरीद प्रक्रिया में देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। करनाल और कैथल जैसे प्रमुख मंडियों में किसान धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब फसल मंडियों में पहुंचने लगी है तो खरीद समय से शुरू होनी चाहिए। खेत से मंडी तक पहुंची फसल रखने की दिक्कत और बढ़ते खर्च से किसान परेशान हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सीएम की दिल्ली बैठक से उम्मीद</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तीन दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बैठक में खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन, परिवहन व्यवस्था और एफसीआई से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अब यह संभावना मजबूत हो गई है कि 23 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">84 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड आवक का अनुमान</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार इस साल धान की रिकॉर्ड आवक मानकर चल रही है। अनुमान है कि करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचेगा। इसके सुचारू उठान और भंडारण के लिए सरकार ने नई रणनीति बनाई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई मिलिंग पॉलिसी लागू</h3>
<p style="text-align:justify;">खरीद सीजन से पहले राज्य सरकार 2025-26 की नई मिलिंग पॉलिसी को मंजूरी दे चुकी है। इसके तहत अब राइस मिलरों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य मंडियों से धान के शीघ्र उठान और मिलों तक पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को भुगतान और धान निकासी में दिक्कत न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों की नजर 23 सितंबर पर | MSP</h3>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि अगर सरकार तय तिथि से खरीद शुरू कर देती है तो इससे उनकी बड़ी राहत होगी। फिलहाल उनकी चिंता मंडियों में पड़े धान और उसके संरक्षण को लेकर है। सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि खरीफ सीजन की भारी आवक के बीच न सिर्फ खरीद तेजी से हो, बल्कि भुगतान भी समय पर किसानों तक पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">धान खरीद सीजन 2025-26 को लेकर हरियाणा सरकार ने नई मिलिंग पॉलिसी लागू कर दी है। यह नीति न सिर्फ किसानों के लिए राहतकारी कदम मानी जा रही है, बल्कि सरकार की खरीद और भंडारण व्यवस्था की बड़ी परीक्षा भी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नई नीति की मुख्य बातें</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>समय सीमा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक प्रस्तावित है। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र से पूर्व अनुमति मांगी थी और अब 22 या 23 सितंबर से खरीद शुरू होने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मिलिंग व्यवस्था</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि ठेकेदार समय पर धान का उठान नहीं करता है, तो राइस मिलर सीधे मंडियों से धान उठा सकेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खर्च वहन करेगी सरकार</h3>
<p style="text-align:justify;">इस स्थिति में जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, उसका भुगतान हरियाणा सरकार करेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">CMR मूल्य</h3>
<p style="text-align:justify;">कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की कीमतें अभी तय नहीं हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि यह दरें केंद्र सरकार से मिलने के बाद घोषित की जाएंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अनुमानित आवक और खरीद का ब्योरा | MSP</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">इस बार हरियाणा की मंडियों में करीब 84 लाख मीट्रिक टन धान आने का अनुमान है।</li>
<li style="text-align:justify;">इसमें से 54 लाख मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा जाएगा।</li>
<li style="text-align:justify;">खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य खरीद एजेंसियां केंद्रीय पूल में लगभग 36 लाख मीट्रिक टन CMR का योगदान देंगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों और मंडियों पर असर</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उठान में देरी होने पर जिम्मेदारी अब सीधे मिलरों पर भी डाली जाएगी, जिससे मंडियों में धान अटकने की स्थिति कम हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">राज्य सरकार द्वारा खर्च वहन करने की घोषणा से खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और मंडियों का दबाव घटेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि CMR कीमतें तय न होने से मिलरों और खरीद एजेंसियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">चुनौतियां और सवाल</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">समय पर खरीद और उठान सुनिश्चित करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि धान की आवक करीब 84 लाख मीट्रिक टन अनुमानित है।</li>
<li style="text-align:justify;">भंडारण और परिवहन की जटिल समस्या से निपटने में किस हद तक नई नीति कारगर होगी, यह देखना बाकी है।</li>
<li style="text-align:justify;">CMR की कीमतें तय न होने से मिलरों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">किसानों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि 22-23 सितंबर से वाकई खरीद शुरू होती है या उन्हें अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा।</li>
</ul>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Indian Railways: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद: रेलवे ने शुरू की कटरा-बनिहाल के बीच स्पेशल ट्रेन" href="http://10.0.0.122:1245/jammu-srinagar-highway-closed-railways-launches-special-train-between-katra-and-banihal/">Indian Railways: जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद: रेलवे ने शुरू की कटरा-बनिहाल के बीच स्पेशल ट्रेन</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-government-has-given-relief-to-farmers-by-increasing-the-msp-on-paddy/article-75922</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 14:26:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Punjab Kisan News: देश में किसानों को सबसे अधिक मुआवजा देने वाला राज्य बना पंजाब</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Punjab Kisan News: पंजाब में बाढ़ ने किसानों की मेहनत और ख्वाबों को डुबो दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों को अकेला नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि हर प्रभावित किसान को ₹20,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाएगा। यह सिर्फ़ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-became-the-state-giving-highest-compensation-to-farmers-in-the-country/article-75604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/agriculture.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Punjab Kisan News: पंजाब में बाढ़ ने किसानों की मेहनत और ख्वाबों को डुबो दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने किसानों को अकेला नहीं छोड़ा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि हर प्रभावित किसान को ₹20,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाएगा। यह सिर्फ़ पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में अब तक का सबसे बड़ा मुआवज़ा है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">मान सरकार ने यह कदम सिर्फ़ काग़ज़ों पर नहीं बल्कि किसानों के दर्द को महसूस करते हुए उठाया है। जब हरियाणा में किसानों को अधिकतम ₹15,000 प्रति एकड़, गुजरात में करीब ₹8,900 प्रति एकड़, मध्य प्रदेश में करीब ₹12,950 प्रति एकड़, और उत्तर प्रदेश व राजस्थान में अधिकतर ₹5,000- ₹7,000 प्रति एकड़ तक राहत मिलती है, वहीं पंजाब के किसानों को सीधा ₹20,000 प्रति एकड़ देने का फैसला किसानों की ताक़त और मेहनत को सलाम करने जैसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं, मान सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को ₹4 लाख की सहायता और खेतों में जमी रेत को बेचने की अनुमति भी दी है, ताकि किसानों को तुरंत नक़दी मिले और अगली बुवाई का रास्ता आसान हो सके। यह कदम साफ़ दिखाता है कि सरकार किसानों की मुश्किलें समझती है और उनके लिए हर मुमकिन राहत पहुँचाना चाहती है। आज जब पंजाब का किसान बाढ़ से तबाह खेतों और टूटे हुए घरों के बीच संघर्ष कर रहा है, तब सरकार का यह फैसला उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। मान सरकार ने साफ़ कर दिया है कि किसान अगर डूबे तो पूरी अर्थव्यवस्था डूबेगी, इसलिए सबसे पहले किसान को संभालना ज़रूरी है। यही वजह है कि राहत की राशि को देशभर में सबसे ऊपर रखकर पंजाब को मिसाल बनाया गया है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">यह मुआवज़ा सिर्फ़ पैसों की मदद नहीं, बल्कि किसानों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि सरकार उनकी पीड़ा को अपनी पीड़ा मानती है। संकट की इस घड़ी में यह संदेश पूरे पंजाब में गूंज रहा है कि यह सरकार किसानों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मान सरकार ने राहत की राशि को सबसे ऊपर रखकर साबित कर दिया है कि किसान सिर्फ़ वोटर नहीं, बल्कि पंजाब की असली ताक़त हैं। यह फैसला किसानों को संघर्ष से सहारा और भविष्य के लिए विश्वास देता है। किसान की जीत ही पंजाब की जीत है, और मान सरकार हर हाल में किसानों के साथ खड़ी है। Chandigarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Fraud Alert: व्हाट्सएप पर रिश्तेदार बनाकर 95 हजार की ठगी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/accused-arrested-in-case-of-cheating-of-ninety-five-thousand-rupees-by-pretending-to-be-a-relative-on-whatsapp/">Fraud Alert: व्हाट्सएप पर रिश्तेदार बनाकर 95 हजार की ठगी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 20:27:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Kisan 20th Installment: कैथल जिले के 97 हजार किसानों के खातों में भेजे 20.88 करोड़ रूपये</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी की गई 20वीं किस्त भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी सहित जिले भर से आए किसानों ने सुना प्रधानमंत्री का संदेश कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)। PM Kisan 20th Installment: भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी ने कहा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की, किसानों के हित में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-amount-of-prime-minister-kisan-samman-nidhi-yojana-was-sent-to-the-accounts-of-ninety-seven-thousand-farmers-of-kaithal-district/article-74201"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/kaithal-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी की गई 20वीं किस्त</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी सहित जिले भर से आए किसानों ने सुना प्रधानमंत्री का संदेश</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूँ/कुलदीप नैन)।</strong> PM Kisan 20th Installment: भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी ने कहा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की, किसानों के हित में दोनों सरकारों द्वारा अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिनका किसानों को बिना किसी बिचौलिये के सीधा लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20वीं किस्त के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के किसानों के खातों में किसान सम्मान राशि भेजी है। कैथल जिले में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 हजार 320 पात्र किसानों के खातों में 20 करोड़ 88 लाख 64 हजार रुपये की धनराशि सीधे खातों में भेजी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी लघु सचिवालय स्थित सभागार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित कर रही थी। इससे पहले उन्होंने एडीसी दीपक बाबू लाल करवा, डीडीए डा. बाबू लाल व अन्य अधिकारियों के अलावा जिले भर के किसानों के साथ उत्तर प्रदेश वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव प्रसारण कार्यक्रम को देखा व सुना। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में सरकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ मिलने से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर लिया जाता है तथा अधिकारियों के माध्यम से तुरंत उन समस्याओं का समाधान करवाया जाता है। फसलों को एमएसपी पर खरीदकर किसानों की आय में बढ़ोतरी की जा रही है, ताकि हमारा किसान सशक्त और मजबूत बने। एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने कहा कि किसानों को मजबूत बनाने के लिए सरकार व प्रशासन निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेकर समाधान करवाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर डीडीए डा. बाबू लाल ने भी पीएम किसान सम्मान निधित योजना के बारे में विस्तार से बताया॥ जिला जिला बागवानी अधिकारी हीरालाल, भाजपा जिला महामंत्री सुरेश संधू, प्रगतिशील किसान राजेश कुमार, गुरदयाल सिंह, कश्मीर सिंह सहित जिले भर से आए प्रगतिशील किसान मौजूद थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पीएम किसान सम्मान निधि योजना से अब तक दिए जा चुके हैं पौने चार लाख करोड़ | Kaithal News</h3>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से लाइव कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आज देश के 10 करोड़ किसानों के खाते में 21 हजार करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई है। किसानों की खुशहाली के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में पौने चार लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह धनराशि बिना किसी कमिशन, बिना हेराफरी, बिना कोई कट के डाले गए हैं। किसानों की फसलों पर हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना काफी कारगर सिद्ध हुई है। इसके माध्यम से पौने दो लाख करोड़ रुपये की धनराशि का क्लेम किसानों को दिया जा चुका है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="खेलो इंडिया वुशु लीग में ज्योति ने रजत व गरिमा ने कांस्य पदक पर किया कब्जा" href="http://10.0.0.122:1245/jyoti-won-silver-and-garima-won-bronze-medal-in-khelo-india-wushu-league/">खेलो इंडिया वुशु लीग में ज्योति ने रजत व गरिमा ने कांस्य पदक पर किया कब्जा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-amount-of-prime-minister-kisan-samman-nidhi-yojana-was-sent-to-the-accounts-of-ninety-seven-thousand-farmers-of-kaithal-district/article-74201</link>
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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 18:05:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: गाय-भैंस के सफल प्रसव के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां</title>
                                    <description><![CDATA[Kisan News: गाय और भैंस जैसे दुधारू पशुओं का सफल प्रजनन और प्रसव एक सुचारु डेयरी प्रबंधन की रीढ़ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डेयरी फार्म पर प्रजनन से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जाए, तो गाभिन पशु की अनुमानित प्रसव तिथि का निर्धारण सरल हो जाता है। इससे न केवल समय पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/take-precautions-for-successful-delivery-of-cow-and-buffalo/article-74167"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/kisan-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Kisan News: गाय और भैंस जैसे दुधारू पशुओं का सफल प्रजनन और प्रसव एक सुचारु डेयरी प्रबंधन की रीढ़ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डेयरी फार्म पर प्रजनन से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जाए, तो गाभिन पशु की अनुमानित प्रसव तिथि का निर्धारण सरल हो जाता है। इससे न केवल समय पर देखभाल संभव होती है, बल्कि प्रसव के दौरान किसी आपात स्थिति से भी बचा जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गर्भकाल की अवधि और देखभाल की शुरूआत | Kisan News</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सुजॉय खन्ना, विशेषज्ञ विस्तार शिक्षा निदेशालय, लुवास, हिसार बताते हैं कि गाय का गर्भकाल औसतन 270 से 290 दिन होता है, जबकि भैंस का गर्भकाल लगभग 308 से 330 दिनों के बीच होता है। जैसे ही प्रसव की संभावित तिथि करीब आए, यानी लगभग 10 से 15 दिन पूर्व, गर्भवती पशु को अन्य पशुओं से अलग करके साफ, सुरक्षित और हवादार बाड़े में रखा जाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गर्भनाल न निकले तो अपनाएं ये कारगर मिश्रण</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रसव के 8 से 12 घंटे बीतने के बाद भी यदि गर्भनाल स्वत: बाहर नहीं आती, तो पशु को ‘अरगट’ नामक आयुर्वेदिक औषधि का मिश्रण पिलाना उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यदि 12 घंटे बाद भी गर्भनाल नहीं निकले, तो पशु चिकित्सक की मदद से उसे हाथ से निकाला जाना चाहिए। Kisan News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रसव के बाद बाहर निकले गर्भीय झिल्लियों को खेत में फेंकने की बजाय मिट्टी में दबा देना चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। स्वस्थ गाय या भैंस सामान्यत: स्वाभाविक रूप से प्रसव कर लेती है। लेकिन यदि प्रसव की शुरूआत के चार घंटे बाद भी बच्चा बाहर नहीं आता, तो यह भ्रूण की स्थिति में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे में देर किए बिना तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाएं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रसवोत्तर स्वच्छता है अनिवार्य</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रसव के बाद मादा पशु के बाह्य जननांग, पूंछ और उसके आस-पास के अंगों को गुनगुने पानी से धोएं। इस पानी में नीम की पत्तियों का उबाला हुआ अर्क मिलाएं, जो संक्रमण से बचाव करता है। विशेष ध्यान रखें कि पशु गलती से अपनी गर्भनाल न खा जाए, क्योंकि इससे उसके शरीर में अत्यधिक प्रोटीन पहुंच सकता है, जिससे दूध उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">देखभाल से बढ़ेगा उत्पादन | Kisan News</h3>
<p style="text-align:justify;">गर्भवती पशुओं की समय पर देखभाल, प्रसव के दौरान सतर्कता और प्रसवोत्तर स्वच्छता न केवल पशु को स्वस्थ बनाए रखती है, बल्कि डेयरी फार्म की समग्र उत्पादकता और लाभ में भी वृद्धि करती है। जागरूकता और विशेषज्ञ सलाह के साथ की गई पशु सेवा, हर पशुपालक के लिए वरदान साबित हो सकती है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जागरूकता और सतर्कता की मिसाल: जाखल पुलिस ने लावारिस मवेशियों को सुरक्षित पहुँचाया उनके मालिकों तक" href="http://10.0.0.122:1245/jakhal-police-safely-delivered-the-abandoned-cattle-to-their-owners/">जागरूकता और सतर्कता की मिसाल: जाखल पुलिस ने लावारिस मवेशियों को सुरक्षित पहुँचाया उनके मालिकों तक</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/agriculture/take-precautions-for-successful-delivery-of-cow-and-buffalo/article-74167</link>
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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 15:48:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Kisan News: करोड़ों किसानों के खाते में इस दिन आएगी पीएम किसान की 20वीं किस्त</title>
                                    <description><![CDATA[Kisan News: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की अगली किस्त 2 अगस्त को जारी की जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/the-20th-installment-of-pm-kisan-will-come-in-the-accounts-of-crores-of-farmers-on-this-day/article-74090"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/kisan-news-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Kisan News: नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की अगली किस्त 2 अगस्त को जारी की जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में करेंगे और यह सुनिश्चित किया गया कि इसका लाभ अधिकतम किसानों तक पहुँचे। देश भर के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और कृषि विश्वविद्यालयों के निदेशक, कुलपति और प्रमुख आज की बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर किसानों को इस कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए और इस आयोजन को एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में आयोजित करने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केंद्रों को निर्देश देते हुए, चौहान ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, किसानों को तीन किश्तों में रु.6,000 हस्तांतरित किए जा रहे हैं, प्रत्येक किश्त हर चार महीने में जारी की जाती है। इस प्रक्रिया में कृषि विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शीघ्र तैयारियाँ करने का आह्वान किया और कहा कि इस कार्यक्रम को एक उत्सव और एक मिशन, दोनों के रूप में मनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सुनिश्चित करता है और एक जन जागरूकता अभियान के रूप में कार्य करता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 17:40:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: 4727 किसानों का 67.84 करोड़ कर्ज माफ</title>
                                    <description><![CDATA[अमृतसर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 67.84 करोड़ रुपये की कर्जमाफी की घोषणा करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के संघर्ष और आत्मसम्मान को सलाम है। इस योजना के तहत पंजाब अनुसूचित जातियां वित्त और विकास […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/four-thousand-seven-hundred-twenty-seven-farmers-loans-waived-off/article-71936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/amritsar-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Mann) ने अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 67.84 करोड़ रुपये की कर्जमाफी की घोषणा करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के संघर्ष और आत्मसम्मान को सलाम है। इस योजना के तहत पंजाब अनुसूचित जातियां वित्त और विकास निगम (पीएससीएफसी) से 31 मार्च 2020 तक लिए गए कर्ज को माफ किया गया है, जिससे लगभग 4,727 परिवारों को सीधा लाभ मिला है। इनमें 4,685 डिफॉल्टर और 42 नियमित कर्जदार शामिल हैं। Amritsar News</p>
<p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें केवल अमीरों का कर्ज माफ करती थीं, लेकिन आम आदमी की उपेक्षा की जाती थी। अब राज्य का बजट आम जनता के कल्याण पर केंद्रित है। मान ने बताया कि पीएससीएफसी द्वारा दिए गए कर्ज पर अब कोई वसूली नहीं होगी और लाभार्थियों को नो ड्यू सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सके। यह पहल रंगला पंजाब की ओर एक और मजबूत कदम है। Amritsar News</p>
<p class="ai-optimize-7"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कई मामलों में वांछित तीन भगोड़े गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/three-fugitives-wanted-in-several-cases-arrested/">कई मामलों में वांछित तीन भगोड़े गिरफ्तार</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/four-thousand-seven-hundred-twenty-seven-farmers-loans-waived-off/article-71936</link>
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                <pubDate>Sun, 08 Jun 2025 20:41:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: सीवन क्षेत्र के किसान खरबूजे की खेती से कमा रहे मोटा मुनाफा</title>
                                    <description><![CDATA[Kisan News:  कैथल /सीवन, सच कहूं /कुलदीप नैन| बदलते समय के साथ किसान भी खेती और खेती के तरीको में बदलाव कर रहे हैं | आज किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर नई नई तकनीक के साथ नई नई फसले उगाकर मुनाफा कमा रहे है | कैथल जिले के सीवन क्षेत्र में ऐसे अनेक किसान है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/agriculture/farmers-of-sewan-area-are-earning-huge-profits-from-melon-cultivation/article-71737"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-06/kisan-news.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>Kisan News:  कैथल /सीवन, सच कहूं /कुलदीप नैन| </strong>बदलते समय के साथ किसान भी खेती और खेती के तरीको में बदलाव कर रहे हैं | आज किसान पारंपरिक खेती को छोड़कर नई नई तकनीक के साथ नई नई फसले उगाकर मुनाफा कमा रहे है | कैथल जिले के सीवन क्षेत्र में ऐसे अनेक किसान है जो हर साल गर्मियों में खरबूजे से लाखो रूपये की कमाई कर रहे है | ये किसान अलग तरीके से खरबूजे की खेती करते हैं और अच्छा मुनाफा कमाते है |</p>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">सीवन क्षेत्र में ज्यादातर गोल्डन ग्लोरी किस्म का खरबूजा लगाया जाता है | इसकी ख़ास बात यह है कि यह मीठा बहुत होता है और यही कारण है कि आज इसकी मिठास हर ओर फैल रही है। अब खरबूजे की फसल सीजन के अपने अंतिम पड़ाव में है | अगेती बिजाई जिन किसानो ने कि थी उनका सीजन पूरा होने को है लेकिन जिन्होंने लेट बिजाई की थी उनका खरबूजा अभी अच्छी मात्रा में बिक रहा है | यह फसल अब इतनी प्रसिद्ध हो चुकी है कि किसान अपनी उपज को मंडी तक नहीं ले जाते बल्कि खरीदार खुद खेतों में आकर खरबूजे की बोली लगाते हैं और एडवांस बुकिंग कर लेते हैं</p>
<h3 class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">28500 रूपये प्रति किलो बीज का रेट | Kisan News</h3>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि इस तकनीक से शुरुआत में लागत थोड़ी अधिक आती है, लेकिन इसके लाभ कई गुना ज्यादा हैं। गोल्डन ग्लोरी किस्म का बीज 28 हजार 500 रुपये प्रति किलो तक आता है, और एक किलो बीज में 3 एकड़ की बिजाई होती है | एक एकड़ में डेढ़ से दो लाख के बीच की फसल होती है और 70 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से लागत आ जाती है जिसमे 12 से 13 हजार रूपये के करीब की मल्चिंग सीट बिछाई जाती है | 15 हजार के करीब दवाइयों पर खर्च आ जाता है | इसके अलावा खाद, लेबर व अन्य खर्चे शामिल होते है |</p>
<p class="ai-optimize-11" style="text-align:justify;"><strong>दूसरे राज्यों में बढती मांग ः</strong> इस समय सीवन, गोबिंदपुरा, फिरोजपुर, मलिकपुर, खानपुर और आस-पास के क्षेत्रों में करीब 1500 से 2000 एकड़ में खरबूजे की खेती हो रही है। स्थानीय किसानो ने बताया कि कि यहाँ का खरबूजा अब दूर दूर अन्य राज्यों के लोगो के मुह में भी मिठास भर रहा है | लोगो की बढती मांग को देखते हुए अन्य राज्यों के व्यापारी पहले से ही खेतों में आकर खरबूजा बुक कर लेते है। गाड़ी भी व्यापारी खुद ही भेजते है |</p>
<p class="ai-optimize-9" style="text-align:justify;"><strong>मल्चिंग तकनीक का उपयोग:</strong> सीवन में किसानो ने मल्चिंग तकनीक का उपयोग करते हुए अधिक उपज प्राप्त की है। इस तकनीक में पॉलीथीन की परत मिट्टी पर बिछाई जाती है, जिससे नमी बरकरार रहती है, खरपतवारों को नियंत्रित करने, मिट्टी के कटाव को रोकने और मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के लिए उपयोगी है।</p>
<h3 class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">बारिश से हुआ नुकसान</h3>
<p class="ai-optimize-10" style="text-align:justify;">पिछले दिनों हुई बारिश से किसानो को काफी नुकसान हुआ | खरबूजा खेतो में पककर तैयार हो चूका था | ऐसे में अचानक से आये तूफ़ान और बारिश ने किसानो को प्रति एकड़ 30 से 40 हजार रूपये का घाटा कर दिया | किसानो ने बताया कि मौसम की मार के चलते कई बार खेती मुनाफे से ज्यादा घाटे का सौदा बन जाती है |</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 16:13:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kisan News: पीएम मोदी ने किसानों की कर दी बल्ले-बल्ले, लिया बड़ा निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Kisan News: केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल के लिए धान, बाजरा, मक्का, उडद, मूंगफली और सूरजमुखी बीज सहित 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-central-government-announced-an-increase-in-the-minimum-support-price-msp-of-fourteen-crops-for-the-kharif-season/article-71516"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/kisan-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p class="ai-optimize-6 ai-optimize-introduction" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Kisan News: केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 में खरीफ की फसल के लिए धान, बाजरा, मक्का, उडद, मूंगफली और सूरजमुखी बीज सहित 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृ़ति दी गयी। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विपणन सीजन 2025-26 के लिए 14 खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दे दी गयी है। Kisan News</p>
<p class="ai-optimize-7" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि नाइजरसीड में 820 रुपये प्रति क्विंटल, रागी में 596 रुपये प्रति क्विंटल, कपास में 589 रुपये प्रति क्विंटल और तिल में 579 रुपये प्रति क्विंटल की गयी है। वैष्णव ने बताया कि धान ‘सामान्य’ का एमएसपी का 2300 रुपए से बढ़ाकर 2369 रुपए और धान ‘ए’ का 2320 रुपए से 2389 रुपए प्रति क्विंटल, ज्वार ‘संकर’ का 3371 रुपए से 3699 रुपए प्रति क्विंटल और ज्वार ‘मालदंडी’ का 3421 रुपए से 3749 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरा का 2625 रुपए से 2775 रुपए, रागी का 4290 रुपए से 4886 रुपए और मक्का का 2225 रुपए से 2400 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।</p>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि अरहर का एमएसपी 7550 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए प्रति क्विंटल, मूंग का 8682 रुपए से 8786 रुपए प्रति क्विंटल और उडद का 7400 रुपए से 7800 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसके अलावा मूंगफली का एमएसपी 6783 रुपए से बढ़ाकर 7263 रुपए प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के बीज का 7280 रुपए से 7721 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन-पीला का 4892 रुपए से 5328 रुपए प्रति क्विंटल, तिल का 9267 रुपए से 9846 रुपए</p>
<p class="ai-optimize-8" style="text-align:justify;">प्रति क्विंटल, नाइजर सीड 8717 रुपए से 9537 रुपए प्रति क्विंटल और कपास – मध्यम का 7121 रुपए से 7710 रुपए और कपास – लंबा 7521 रुपए से 8110 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपणन सत्र 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2024-25 की अवधि के दौरान 14 खरीफ फसल उगाने वाले किसानों को दी गई एमएसपी राशि 16.35 लाख करोड़ रुपये थी। Kisan News</p>
<p class="ai-optimize-9"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Paka Venkata Satyanarayana: पाका वेंकट सत्यनारायण ने ली राज्यसभा की सदस्यता की शपथ" href="http://10.0.0.122:1245/paka-venkata-satyanarayana-took-oath-as-rajya-sabha-member/">Paka Venkata Satyanarayana: पाका वेंकट सत्यनारायण ने ली राज्यसभा की सदस्यता की शपथ</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-central-government-announced-an-increase-in-the-minimum-support-price-msp-of-fourteen-crops-for-the-kharif-season/article-71516</link>
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                <pubDate>Wed, 28 May 2025 17:07:31 +0530</pubDate>
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                <title>Kisan News: ये खबर किसानों के लिए, ढैंचा की बिजाई पर मिलेगा इतने रुपये प्रति एकड़ अनुदान</title>
                                    <description><![CDATA[Kisan News: सच कहूँ/पवन कुमार। सरसा। हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा ढैंचा का बीज वितरण नहीं किया जाएगा। इस वर्ष किसान किसी भी सरकारी व गैर सरकारी बीज बिक्री केंद्रों से ढैंचा का बीज खरीदकर बिजाई कर सकते हैं। बीज लेते समय किसान ध्यान रखें कि उन्हें बीज का पक्का बिल दुकानदार से लेना है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/this-news-is-for-farmers-they-will-get-this-much-subsidy-per-acre-on-sowing-of-dhaincha/article-70894"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-05/kisan-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Kisan News: सच कहूँ/पवन कुमार।</strong> सरसा। हरियाणा बीज विकास निगम द्वारा ढैंचा का बीज वितरण नहीं किया जाएगा। इस वर्ष किसान किसी भी सरकारी व गैर सरकारी बीज बिक्री केंद्रों से ढैंचा का बीज खरीदकर बिजाई कर सकते हैं। बीज लेते समय किसान ध्यान रखें कि उन्हें बीज का पक्का बिल दुकानदार से लेना है। ढैंचा की बिजाई पर इस वर्ष हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ$ सुखदेव सिंह ने बताया कि एक किसान अधिकतम 10 एकड़ ढैंचा बीज की बिजाई पर 10 हजार रुपये तक की अनुदान राशि ले सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ढैंचा बीज के लिए आॅनलाइन आवेदन करना होगा व दुकानदार से ढैंचा बीज खरीद का पक्का बिल लेने उपरांत बिजाई करके खेत की फोटो जीपीएस लोकेशन सहित पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। तत्पश्चात कृषि विभाग द्वारा किसान के खेत का भौतिक सत्यापन किया जाएगा व सही पाए जाने पर किसान के बैंक खाता में एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन/सब्सिडी राशि प्रदान कर दी जाएगी। जिला सरसा को ढैंचा की बिजाई का 45 हजार एकड़ का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि भूमि की उर्वरा शक्ति की बढ़ोतरी के लिए ज्यादा से ज्यादा स्कीम का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने खंड कृषि अधिकारी या उप मंडल कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 19:50:56 +0530</pubDate>
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