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                <title>Meghalaya - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Meghalaya में जेल तोड़ कर भागे चार कैदियों की पीट-पीटकर हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[शिलांग। मेघालय के पश्चिमी जयंतिया हिल्स जिले के थादमुथलोंग और शांगपुंग गांव की सीमा से लगे वन क्षेत्र में भीड़ ने जेल तोड़ भागे चार अपराधियों की रविवार को पीट-पीट कर हत्या (Prisoners Lynched) कर दी। ये चारों मृतक उन छह कैदयों में शामिल थे जो शनिवार दोपहर चार जेल कर्मचारियों और एक सशस्त्र पुलिस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/four-prisoners-lynched-in-meghalaya/article-37687"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/prisoners-lynched.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिलांग।</strong> मेघालय के पश्चिमी जयंतिया हिल्स जिले के थादमुथलोंग और शांगपुंग गांव की सीमा से लगे वन क्षेत्र में भीड़ ने जेल तोड़ भागे चार अपराधियों की रविवार को पीट-पीट कर हत्या (Prisoners Lynched) कर दी। ये चारों मृतक उन छह कैदयों में शामिल थे जो शनिवार दोपहर चार जेल कर्मचारियों और एक सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल को काबू में करने के बाद जोवाई जिला जेल और सुधार गृह से भाग गए थे। मॉब लिंचिंग की इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया है। भागने वालों में दो हत्या के आरोपी – आई लव यू तलंग और रमेश डाखर शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले और पश्चिमी जयंतिया हिल्स जिले में पिछले महीने दो टैक्सी ड्राइवरों के अपहरण और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक मृत लोगों की पहचान नहीं हो पाई है और उनके शवों की पहचान के लिए लालोंग सिविल अस्पताल ले जाया गया है। वेस्ट जयंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख बिक्रम डी. मारक ने ‘यूनीवार्ता ’को बताया, “हम मृत लोगों के नाम तभी साझा कर सकते हैं जब शवों की पहचान हो जाए।” उन्होंने बताया कि फरार दो अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एक ग्रामीण ने कहा कि यह घटना रविवार दोपहर को उस समय हुई जब यह खबर फैली कि भागने वालों में से एक रमेश दखर इलाके की एक स्थानीय दुकान से खाना लेने आया हुआ है, जिसके बाद भीड़ उन लोगों की तलाश में निकल गई, जो वहां वन में मौजूद थे। भीड़ ने आखिरकार चारों को पीट-पीट कर मार डाला, बावजूद इसके कि मुट्ठी भर पुलिसकर्मियों ने भीड़ को पीट-पीटकर मारने से रोकने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">तलंग और दखर के अलावा, चार अन्य, मार्संकी तारियांग (हत्या का दोषी) रिकामेनलंग लामारे, शिदोरकी दखर और लोदेस्टार तांग शनिवार दोपहर जोवाई जेल से फरार हो गए थे। हत्या के दोषी शाइनिंगस्टार पाला के 22 जून को फरार होने के बाद जोवाई जिला जेल में यह दूसरी जेलब्रेक की घटना है। तीन दिन बाद, उसे उसके रिश्तेदारों की मदद से पुलिस ने पकड़ लिया। इस बीच पुलिस ने जेल में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जोवाई जिला जेल और सुधार गृह के पांच जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिसके कारण छह कैदी भाग निकले। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि गिरफ्तार जेल स्टाफ – हेड वार्डर राजेश स्वेर, वार्डर पिंडपबोर बामोन और वार्डर चमिलन किनजिंग के अलावा दो अस्थायी वार्डर दामेलहुन सुन और एलेक्सियस इवरम – ने भागने की साजिश रची। मारक ने कहा, “हम शनिवार के“जेलब्रेक ’की तह तक जाने के लिए सभी पांच जेल कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Sep 2022 09:27:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मेघालय : उल्फा के डिप्टी कमांडर इन चीफ ने किया आत्मसमर्पण</title>
                                    <description><![CDATA[शिलांग l भारत के सर्वाधिक वांछित उग्रवादी यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-1) के दृष्टि राजखोवा को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उल्फा के दृष्टि राजखोवा और उसके चार अन्य सहयोगियों ने बुधवार को (Meghalaya) मेघालय में आत्मसमर्पण कर दिया। राजखोवा उर्फ मनोज राभा उल्फा का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/meghalaya-ulfa-deputy-commander-in-chief-surrendered/article-19843"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-11/meghalaya-ulfa-deputy-commander-in-chief-surrendered.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिलांग</strong> l भारत के सर्वाधिक वांछित उग्रवादी यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा-1) के दृष्टि राजखोवा को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उल्फा के दृष्टि राजखोवा और उसके चार अन्य सहयोगियों ने बुधवार को (Meghalaya) मेघालय में आत्मसमर्पण कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजखोवा उर्फ मनोज राभा उल्फा का डिप्टी कमांडर इन चीफ है और उल्फा के संस्थापक परेश बरुआह का करीबी माना जाता है। मेघायल के दक्षिण गारो हिल्स जिले के बाेलबाेगक्रे गांव में एसएफ-10 कमांडोज के साथ के साथ हुई झड़प में राजखोवा घिर गया और उसे चार अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए चार अन्य लोगों में उल्फा के ही राहुल हजारिका, रूपीज्योति रावा, मृदुल कोनवार और इजिंग रे भी शामिल है। प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सभी उग्रवादियों को असम ले जाया गया है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Nov 2020 10:31:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत का एक ऐसा राज्य जहां माँ से चलती है वंशावली</title>
                                    <description><![CDATA[मेघालय पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है जिसका शाब्दिक अर्थ है बादलों का घर। 2016 के अनुसार यहां की जनसंख्या 32,11,474 है एवं विस्तार 220 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में है, जिसका लम्बाई से चौड़ाई अनुपात लगभग 3:1 का है। राज्य का दक्षिणी छोर मयमनसिंह एवं सिलहट बांग्लादेशी विभागों से लगता है, पश्चिमी ओर रंगपुर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/a-state-of-india-where-the-lineage-runs-from-mother/article-18878"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/a-state-of-india-where-the-lineage-runs-from-mother.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;">मेघालय पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है जिसका शाब्दिक अर्थ है बादलों का घर। 2016 के अनुसार यहां की जनसंख्या 32,11,474 है एवं विस्तार 220 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में है, जिसका लम्बाई से चौड़ाई अनुपात लगभग 3:1 का है। राज्य का दक्षिणी छोर मयमनसिंह एवं सिलहट बांग्लादेशी विभागों से लगता है, पश्चिमी ओर रंगपुर बांग्लादेशी भाग तथा उत्तर एवं पूर्वी ओर भारतीय राज्य असम से घिरा हुआ है। राज्य की राजधानी शिलांग है। भारत में ब्रिटिश राज के समय तत्कालीन ब्रिटिश शाही अधिकारियों द्वारा इसे “पूर्व का स्काटलैण्ड” संज्ञा दी गयी थी। मेघालय पहले असम राज्य का ही भाग था, 21 जनवरी 1972 को असम के खासी, गारो एवं जैन्तिया पर्वतीय जिलों को काटकर नया राज्य मेघालय अस्तित्व में लाया गया। यहां की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। इसके अलावा अन्य मुख्यत: बोली जाने वाली भाषाओं में खासी, गारो, प्नार, बियाट, हजोंग एवं बांग्ला आती हैं। इनके अलावा यहां हिन्दी भी कुछ-कुछ बोली समझी जाती है, जिसके बोलने वाले मुख्यत: शिलांग में मिलते हैं।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">भारत के अन्य राज्यों से अलग यहां मातृवंशीय प्रणाली चलती है, जिसमें वंशावली मां (महिला) के नाम से चलती है और सबसे छोटी बेटी अपने माता-पिता की देखभाल करती है तथा उसे ही उनकी सारी सम्पत्ति मिलती है। यह राज्य भारत का आर्द्रतम क्षेत्र है, जहां वार्षित औसत वर्षा 12,000 मिमी. (470 इंच) दर्ज हुई है। राज्य का 70% से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में मेघालय उपोष्णकटिबंधीय वन पर्यावरण क्षेत्रों का विस्तार है, यहां के पर्वतीय वन उत्तर से दक्षिण के अन्य निचले क्षेत्रों के उष्णकटिबन्धीय वनों से पृथक हैं। ये वन स्तनधारी पशुओं, पक्षियों तथा वृक्षों की जैवविविधता के मामलों में विशेष उल्लेखनीय हैं। मेघालय में मुख्य रूप से कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था (अग्रेरियन) है, जिसमें वाणिज्यिक वन उद्योग का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। यहां की मुख्य फसल में आलू, चावल, मक्का, अनान्नास, केला, पपीता एवं दालचीनी, हल्दी आदि बहुत से मसाले, आदि हैं। सेवा क्षेत्र में मुख्यत: अचल सम्पत्ति एवं बीमा कम्पनियां हैं।</h6>
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                <pubDate>Thu, 01 Oct 2020 21:16:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Citizenship Amendment Bill :  मेघालय में इंटरनेट-एसएमएस बंद, शिलॉन्ग में लगा कर्फ्यू</title>
                                    <description><![CDATA[नागरिकता संशोधन विधेयक  के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/citizenship-amendment-bill/article-11747"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/curfew-shillong.jpg" alt=""></a><br /><h2>सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा | <strong>Citizenship </strong></h2>
<h4>Edited By Vijay Sharma</h4>
<p><strong>शिलॉन्ग (एजेंसी)</strong>। नागरिकता संशोधन विधेयक <strong>(Citizenship)</strong> के विरोध की आग अब मेघालय पहुंच चुकी है। सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस पर रोक लगा दी है। राजधानी शिलॉन्ग (में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है। बताते चलें कि नागरिकता बिल का सबसे ज्यादा विरोध असम और त्रिपुरा में हो रहा है। वहां हो रहे प्रदर्शनों में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी बंद का असर देखने को मिल रहा है। सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद करवा दिया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कई हिस्सों में सेना तैनात</h2>
<p style="text-align:justify;">मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ पूर्व निर्धारित मुलाकात को स्थगित कर दिया। क्योंकि असम में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू लगे होने की वजह से उनके मंत्रिमंडल के साथी गुवाहाटी हवाई अड्डे पर नहीं पहुंच सके। सूत्रों ने बताया कि हालांकि संगमा एलजीबी हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे और वह राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जापान के पीएम शिंजो आबे रद्द कर सकते हैं भारत यात्रा</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच जापान प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा रद्द हो सकती है। </strong></li>
<li><strong>आपको बता दें कि गुवाहाटी में 15-17 दिसंबर को तय भारत-जापान शिखर सम्मेलन होना है।</strong></li>
<li><strong>सरकार ने हालांकि अभी तक बैठक की जगह की घोषणा नहीं की है, लेकिन गुवाहाटी में मेजबानी की तैयारी जारी थीं। </strong></li>
<li><strong>नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर असम में पिछले दो दिनों से हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। </strong></li>
</ul>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2019 11:12:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन का विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[शिलॉन्ग: मेघालय ने जानवरों की खरीद-फरोख्त पर बैन लगाने वाले केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन का विरोध किया है। ऐसा करने वाला वह केरल के बाद दूसरा राज्य है। मेघालय की सरकार ने नोटिफिकेशन के विरोध में विधानसभा में बाकायदा रेजोल्यूशन पास किया है। रेजोल्यूशन के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि केंद्र का नोटिफिकेशन हम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/opposed-to-central-government-notification/article-1154"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cow.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिलॉन्ग:</strong> मेघालय ने जानवरों की खरीद-फरोख्त पर बैन लगाने वाले केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन का विरोध किया है। ऐसा करने वाला वह केरल के बाद दूसरा राज्य है। मेघालय की सरकार ने नोटिफिकेशन के विरोध में विधानसभा में बाकायदा रेजोल्यूशन पास किया है। रेजोल्यूशन के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि केंद्र का नोटिफिकेशन हम इसलिए नहीं मान सकते क्योंकि राज्य के लोगों की अपनी फूड हैबिट है और इससे इकोनॉमी पर भी असर पड़ेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बीफ हमारे जीवन का हिस्सा: संगमा</h2>
<p style="text-align:justify;">संगमा ने ये भी कहा कि बीफ हमारे जीवन का हिस्सा होने के अलावा मेघालय की जनजातियों के रोज के खाने में शामिल होता है। 2015-16 में राज्य में बीफ की डिमांड 23 हजार 634 मीट्रिक टन थी। राज्य में केवल 12 हजार 834 मीट्रिक टन बीफ का प्रोडक्शन किया गया, जबकि 10 हजार 800 मीट्रिक टन बीफ बाहर से खरीदा गया।</p>
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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2017 22:34:41 +0530</pubDate>
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