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                <title>Business News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>RBI MPC 2026: वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूत बनी भारतीय अर्थव्यवस्था: आरबीआई गवर्नर</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, निवेश, निर्यात और सेवा क्षेत्र की वृद्धि के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/rbi-mpc-2026-indian-economy-remains-strong-despite-global-challenges/article-89264"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/economic-growth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">RBI MPC 2026: नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू मांग, निजी उपभोग और निवेश गतिविधियों में निरंतर सुधार देश की विकास यात्रा को गति दे रहा है। आरबीआई गवर्नर के अनुसार, पूंजीगत व्यय, निर्माण क्षेत्र की सक्रियता और बैंकिंग प्रणाली से मिलने वाला ऋण यह संकेत दे रहे हैं कि उद्योगों और कारोबार में निवेश का माहौल बेहतर बना हुआ है। इन सकारात्मक संकेतकों के कारण वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर को मजबूती मिल रही है। RBI News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के निर्यात में निरंतर वृद्धि और वस्तुओं के निर्यात में सुधार से बाहरी मांग भी संतुलित बनी हुई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, इसलिए सतर्कता बनाए रखना आवश्यक होगा। संजय मल्होत्रा ने ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बने दबाव को भी चुनौती बताया। उनके अनुसार सरकार और संबंधित एजेंसियां आपूर्ति पक्ष को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठा रही हैं, जिससे इन जोखिमों का प्रभाव सीमित किया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि अल-नीनो के कारण मानसून में असमान वर्षा और वर्षा की कमी से कृषि क्षेत्र तथा ग्रामीण मांग पर कुछ दबाव बनने की आशंका है। हालांकि जल संरक्षण, जल संचयन और फसल विविधीकरण जैसी सरकारी योजनाएं इन चुनौतियों के प्रभाव को कम करने में सहायक साबित हो सकती हैं। आरबीआई गवर्नर ने विश्वास जताया कि सेवा क्षेत्र की निरंतर प्रगति, रोजगार की स्थिर स्थिति, जीएसटी सुधारों का सकारात्मक असर, पर्याप्त बैंक ऋण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सरकारी निवेश आर्थिक गतिविधियों को आगे भी मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का विस्तार तथा निर्यात में सुधार भारत को विश्व की सबसे तेजी से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। RBI News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 12:35:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>India Data Centers: भारत में 4.33 लाख नौकरियों की संभावना: रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[भारत में 2030 तक प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं से 4.33 लाख रोजगार सृजित हो सकते हैं। जानिए रियल एस्टेट, आवासीय मांग और निवेश पर इसका संभावित प्रभाव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/india-data-centers-report-potential-of-433-lakh-jobs-in/article-89166"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/data-center.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India Data Centers: नई दिल्ली । सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेजी से विस्तार कर रही डेटा सेंटर परियोजनाएं आने वाले वर्षों में रोजगार, बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े बदलाव की आधारशिला बन सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में प्रस्तावित लगभग 9,030 मेगावाट क्षमता की डेटा सेंटर परियोजनाएं वर्ष 2030 तक करीब 4.33 लाख प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार अवसर पैदा कर सकती हैं। इसके साथ ही आवासीय क्षेत्र में लगभग 19.5 करोड़ वर्गफुट अतिरिक्त मांग उत्पन्न होने का अनुमान है।  Data Center News</p>
<p style="text-align:justify;">रियल एस्टेट परामर्श कंपनी स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वर्तमान में दुनिया के कुल डिजिटल डेटा का लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन करता है, लेकिन वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता में उसकी हिस्सेदारी केवल 4 प्रतिशत है। यह स्थिति देश में डेटा सेंटर अवसंरचना के विस्तार की अपार संभावनाओं की ओर संकेत करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन में तेजी आने से डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जो अवसंरचना-आधारित रियल एस्टेट विकास की नई लहर को जन्म देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे अपने आसपास बिजली आपूर्ति नेटवर्क, फाइबर संपर्क व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और व्यावसायिक सेवाओं का विकास भी आकर्षित करते हैं। समय के साथ ये क्षेत्र विकसित होकर नए शहरी आर्थिक केंद्रों का रूप ले लेते हैं। Data Center News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा सेंटरों का दीर्घकालिक प्रभाव तकनीकी क्षेत्र से कहीं आगे तक जाता है। वे आवासीय मांग, बुनियादी ढांचा निवेश और नए शहरी विस्तार के लिए उत्प्रेरक की भूमिका निभाते हैं। इससे उभरते विकास गलियारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नए रोजगार अवसर पैदा होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बड़े डेटा सेंटर परिसरों के आसपास 5 से 15 किलोमीटर का क्षेत्र सबसे अधिक लाभान्वित होगा। इस क्षेत्र को रिपोर्ट में "गोल्डन रिंग" बताया गया है, जहां सड़क, बिजली और संचार सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाएं, आवासीय टाउनशिप, खुदरा बाजार, सामाजिक सुविधाएं और नागरिक सेवाएं तेजी से विकसित होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे ये सहायक आर्थिक तंत्र परिपक्व होंगे, वैसे-वैसे प्रत्यक्ष कर्मचारियों के अलावा उनसे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ेगा। यही कारण है कि आवासीय संपत्तियों की मांग लंबे समय तक बनी रहने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्क्वायर यार्ड्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा कि पिछले कई दशकों में भारत के रियल एस्टेट विकास को राजमार्गों, औद्योगिक गलियारों, हवाई अड्डों और सूचना प्रौद्योगिकी पार्कों ने गति दी है। अब डेटा सेंटर इस विकास यात्रा का अगला महत्वपूर्ण चरण बनने जा रहे हैं। Data Center News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे कहा कि बिजली, फाइबर संपर्क और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना में होने वाला निवेश उद्योगों, डेवलपर्स और संस्थागत निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है, जिसका सीधा असर इन उभरते डिजिटल गलियारों के आसपास आवासीय और वाणिज्यिक विकास के रूप में दिखाई देता है। आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर शहरों के विस्तार और विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक केंद्र बन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यों के स्तर पर देखें तो महाराष्ट्र को सबसे बड़ा लाभ मिलने का अनुमान है, जहां डेटा सेंटर निवेश के चलते 5.4 करोड़ वर्गफुट से अधिक आवासीय मांग पैदा हो सकती है। इसके बाद कर्नाटक में लगभग 2.8 करोड़ वर्गफुट, आंध्र प्रदेश में 2.3 करोड़ वर्गफुट से अधिक, उत्तर प्रदेश में करीब 2.27 करोड़ वर्गफुट, तेलंगाना में 2.16 करोड़ वर्गफुट और तमिलनाडु में लगभग 1.94 करोड़ वर्गफुट आवासीय मांग उत्पन्न होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। Data Center News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 15:38:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Gold-Silver Price Today: और सस्ते हुए सोना-चांदी, कीमतें आधा प्रतिशत से अधिक लुढ़की  </title>
                                    <description><![CDATA[MCX Gold Silver Price Today: शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना और चांदी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का असर कीमती धातुओं पर देखने को मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/gold-silver-price-today-became-cheaper-gold-silver-prices-fell-by-more/article-88956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/ludka-gold.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">MCX Gold-Silver Price Today: मुंबई। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुएं शुरुआती कारोबार में दबाव के साथ कारोबार करती रहीं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। Gold-Silver Price Today</p>
<p style="text-align:justify;">एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव से नीचे खुला और शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें लगभग 0.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोने ने दिन का उच्च और निम्न स्तर भी छुआ, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। इसी तरह 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी भी कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करती रही। शुरुआती सत्र में चांदी की कीमत में करीब 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी के भाव सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। विदेशी बाजारों में निवेशकों की सतर्क रणनीति और अमेरिकी आर्थिक संकेतकों के इंतजार के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सावधानी ने भी सोने-चांदी की चाल को प्रभावित किया है। Gold-Silver Price Today</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद उसकी नीति का रुख अपेक्षाकृत सख्त माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने भविष्य में ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, जिसके कारण निवेशक फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही वजह है कि कीमती धातुओं में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में नई दिशा देखने को मिल सकती है। Gold-Silver Price Today</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 10:50:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>FD में सिर्फ 1.5% ज्यादा ब्याज दिला सकता है लाखों का फायदा! निवेश से पहले जरूर करें यह तुलना</title>
                                    <description><![CDATA[FD में सिर्फ 1.5% ज्यादा ब्याज दिला सकता है लाखों का फायदा! निवेश से पहले जरूर करें यह तुलना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/just-rs-15-more-interest-in-fd-can-give-profit/article-88915"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/business-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी भारत में सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक सुरक्षित और तय रिटर्न के लिए एफडी को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, बहुत से लोग बैंक की ब्याज दर में 1-2 फीसदी के अंतर को मामूली मानते हैं, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) की वजह से यही छोटा अंतर समय के साथ लाखों रुपये के अतिरिक्त रिटर्न में बदल सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्यों सुरक्षित माना जाता है फिक्स्ड डिपॉजिट?</h4>
<p style="text-align:justify;">फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश की गई राशि पर बैंक तय अवधि के लिए निश्चित ब्याज देता है। ब्याज दर बैंक और एफडी की अवधि के अनुसार अलग-अलग होती है। आमतौर पर लंबी अवधि की एफडी पर अधिक ब्याज मिलता है, जिससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न हासिल हो सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">1.5% ब्याज का अंतर कैसे बढ़ा देता है कमाई?</h4>
<p style="text-align:justify;">मान लीजिए आपने <strong>₹1 करोड़</strong> की एफडी <strong>3 साल</strong> के लिए कराई है। आपके सामने दो विकल्प हैं—</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बैंक A</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>निवेश राशि: ₹1 करोड़</li>
<li>ब्याज दर: 6% सालाना</li>
<li>अवधि: 3 वर्ष</li>
<li>अनुमानित ब्याज: लगभग ₹20 लाख</li>
<li>मैच्योरिटी राशि: करीब <strong>₹1.20 करोड़</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>बैंक B</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>निवेश राशि: ₹1 करोड़</li>
<li>ब्याज दर: 7.5% सालाना</li>
<li>अवधि: 3 वर्ष</li>
<li>अनुमानित ब्याज: लगभग ₹25 लाख</li>
<li>मैच्योरिटी राशि: करीब <strong>₹1.25 करोड़</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">यानी केवल <strong>1.5% अधिक ब्याज दर</strong> मिलने से 3 साल में निवेशक को <strong>करीब ₹5 लाख</strong> का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।</p>
<blockquote>
<p><strong>नोट:</strong> वास्तविक मैच्योरिटी राशि बैंक की कंपाउंडिंग (मासिक, तिमाही आदि) और एफडी की शर्तों के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है।</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;">एफडी कराने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें।</li>
<li>एफडी की अवधि अपनी वित्तीय जरूरत के अनुसार चुनें।</li>
<li>बैंक की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर ध्यान दें।</li>
<li>महंगाई (Inflation) के प्रभाव को समझें।</li>
<li>ब्याज पर लगने वाले टैक्स को भी ध्यान में रखें।</li>
<li>समय से पहले एफडी तोड़ने (Premature Withdrawal) के नियम और पेनाल्टी जरूर जांचें।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">सही तुलना से मिलेगा बेहतर रिटर्न</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर आप बड़ी राशि या लंबी अवधि के लिए एफडी करने की योजना बना रहे हैं, तो केवल सुविधा के आधार पर बैंक न चुनें। अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना करने से आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है और निवेश का अधिकतम फायदा उठाया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 13:07:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Business News: भारत-नेपाल डिजिटल भुगतान को मिलेगा नया आयाम: एडीबी</title>
                                    <description><![CDATA[एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भारत-नेपाल डिजिटल पेमेंट कॉरिडोर को एक बड़े अवसर के रूप में पहचाना है और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और रेमिटेंस के प्रवाह में बड़ा सुधार हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/business-news-india-nepal-digital-payments-will-get-a-new-dimension/article-88197"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/india-nepal-digital-payments.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">India-Nepal Digital Payments: काठमांडू। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने भारत-नेपाल डिजिटल पेमेंट कॉरिडोर को एक बड़े अवसर के रूप में पहचाना है और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और रेमिटेंस के प्रवाह में बड़ा सुधार हो सकता है। एडीबी ने अपनी रिपोर्ट 'नेपाल में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा: बेहतर व्यापार सुविधा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और पॉलिसी डेवलपमेंट' में कहा कि व्यापार और रेमिटेंस के जरिए नेपाल और भारत के बीच हर साल अरबों डॉलर का लेन-देन होता है, फिर भी डिजिटल पेमेंट सिस्टम में तेजी से हो रही तरक्की के बावजूद अधिकतर लेन-देन पारंपरिक बैंकिंग चैनलों पर ही निर्भर हैं। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में नेपाली फिनटेक एक्सपर्ट संजीब सुब्बा के हवाले से कहा गया है कि भारत और नेपाल के बीच आर्थिक संबंधों से डिजिटल पेमेंट का एक ऐसा मौका बनता है जिसका अभी तक अधिक इस्तेमाल नहीं हुआ है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि इंटरऑपरेबल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से दोनों देशों में कारोबारियों और ग्राहकों के लिए कामकाज में ज्यादा कुशलता आ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में नेपाल के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने और व्यापार सुगमता में इसकी भूमिका बढ़ाने के लिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, नियामकीय समन्वय, भुगतान प्रणालियों की इंटरऑपरेबिलिटी और बाजार एकीकरण को सुदृढ़ करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में घरेलू अवसंरचना और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के उपायों के साथ-साथ समन्वित शासन व्यवस्था और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी पर जोर देने वाले कार्यान्वयन ढांचे के माध्यम से डिजिटल भुगतान प्रणाली के व्यापक विकास का भी जिक्र किया गया है। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2024 में नेपाल राष्ट्र बैंक (नेपाल का केंद्रीय बैंक) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से जोड़ने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए नियामकीय संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए थे। मार्च 2024 से भारतीय यात्री नेपाल में फोनेपे या खल्ती के क्यूआर कोड स्कैन कर अपने भारतीय भुगतान ऐप के जरिए व्यापारियों को भुगतान कर सकते हैं। फोनेपे और खल्ती नेपाल के प्रमुख डिजिटल भुगतान सेवा प्रदाताओं में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया, "इस व्यवस्था को उत्साहजनक सफलता मिली है। शुरुआत के समय प्रतिदिन लगभग 500 लेनदेन होते थे, जो 2025 की शुरुआत तक बढ़कर करीब 2,000 प्रतिदिन हो गए। इससे प्रतिदिन लगभग 60 लाख नेपाली रुपए (करीब 42,000 अमेरिकी डॉलर) का कारोबार हो रहा है, जबकि शुरुआत से अब तक कुल 1.6 अरब नेपाली रुपए (करीब 1.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के लेनदेन दर्ज किए जा चुके हैं।" Business News</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय पर्यटकों के अलावा जनवरी 2025 से चीन, इटली, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और सिंगापुर के पर्यटक भी नेपालपे क्यूआर का उपयोग कर सकते हैं। नेपालपे नेपाल का राष्ट्रीय डिजिटल भुगतान सिस्टम और ब्रांड है, जिसे नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड ने देश के केंद्रीय बैंक के मार्गदर्शन में विकसित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं, लेकिन नेपालियों को भारत और अन्य देशों में क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों दिशाओं (बायडायरेक्शनल) में पूरी तरह एकीकृत भुगतान प्रणाली विकसित करने की दिशा में अब भी चुनौतियां बनी हुई हैं। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में भारतीय नागरिक नेपाल में प्रति लेनदेन 1.95 प्रतिशत के मानक शुल्क पर क्यूआर भुगतान कर सकते हैं, लेकिन भारत में नेपालियों के लिए समान सुविधा मुख्य रूप से कमीशन संरचना से जुड़े अनसुलझे मुद्दों के कारण शुरू नहीं हो पाई है। भारत में क्यूआर कोड के जरिए भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगता। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि जब नेपाली ग्राहक भारत में भुगतान करेंगे, तो नेपाली बैंकों को देय सेवा कमीशन का भुगतान कौन करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, "यह स्थिति दर्शाती है कि शुल्क संरचना और नियामकीय दृष्टिकोण में देशों के बीच मौजूद अंतर, तकनीकी रूप से संभव सीमा-पार भुगतान समाधानों के क्रियान्वयन में भी बाधा बन सकते हैं।" एशियाई विकास बैंक ने इसलिए नेपाल-भारत क्यूआर भुगतान के लिए कमीशन संरचना से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की सिफारिश की है, ताकि भारत में नेपालियों के लिए पहले से विकसित पारस्परिक (रिसिप्रोकल) भुगतान सुविधा शुरू की जा सके। कमीशन संरचना का विवाद लंबित रहने से भारत में नेपालियों के लिए क्यूआर भुगतान सेवा शुरू होने में लगातार देरी हो रही है। इसी बीच, जून की शुरुआत में दोनों देशों ने सीमा-पार ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सेवा शुरू की, जिसके तहत ग्राहक सीधे एक-दूसरे के देशों के बैंक खातों में धनराशि भेज सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सेवा का शुभारंभ नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल की भारत यात्रा के दौरान किया गया। इस अवसर पर शिशिर खनाल और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त रूप से इस पहल का उद्घाटन किया, जिससे दोनों देशों में कार्यरत श्रमिकों के लिए सीमा-पार ऑनलाइन धन प्रेषण (रेमिटेंस) की सुविधा उपलब्ध हो गई। एडीबी की रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की गई है कि भारत, जो नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, उसके साथ सीमा-पार लेनदेन को सरल बनाने और द्विपक्षीय व्यापार भुगतानों में मौजूद प्रमुख अक्षमताओं को दूर करने के लिए यूपीआई जैसी भुगतान संरचना अपनाई जाए। Business News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 16:45:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेल परिवहन में मारुति सुजुकी की बड़ी छलांग, 2025 में रिकॉर्ड वाहन भेजे गए</title>
                                    <description><![CDATA[Maruti Suzuki 2025 Sales: नई दिल्ली। देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने वर्ष 2025 में रेलवे के माध्यम से 5.85 लाख से अधिक वाहनों की ढुलाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह संख्या वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने इसे पर्यावरण अनुकूल परिवहन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/maruti-suzuki-india-ships-record-5-85-lakh-vehicles-via-railways-in-2025/article-81101"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/maruti-suzuki-sales.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Maruti Suzuki 2025 Sales: नई दिल्ली। देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने वर्ष 2025 में रेलवे के माध्यम से 5.85 लाख से अधिक वाहनों की ढुलाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह संख्या वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने इसे पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। Maruti Suzuki News</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के अनुसार वर्ष 2016 में कुल वाहन प्रेषण में रेल मार्ग की भागीदारी मात्र 5.1 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 26 प्रतिशत तक पहुंच गई है। रेल परिवहन के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है, ईंधन खपत घटी है और सड़कों पर यातायात दबाव भी कम हुआ है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रबंधन का बयान और भविष्य की योजना</h3>
<p style="text-align:justify;">मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने बताया कि वर्ष 2025 कंपनी के लिए रेल मार्ग से सर्वाधिक वाहनों की आपूर्ति का वर्ष रहा। इस दौरान दो उल्लेखनीय पहलें की गईं। पहली, हरियाणा के मानेसर संयंत्र में देश का सबसे बड़ा इन-प्लांट ऑटोमोबाइल रेलवे साइडिंग आरंभ किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी, चिनाब नदी पर निर्मित विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च पुल के माध्यम से कश्मीर घाटी तक रेल द्वारा वाहनों की आपूर्ति की गई, जो किसी भी वाहन निर्माता कंपनी के लिए पहली पहल रही। उन्होंने जानकारी दी कि कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक रेल मार्ग से वाहनों की ढुलाई की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। यह पहल भारत के वर्ष 2070 तक ‘नेट-जीरो’ कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को समर्थन देगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हब एंड स्पोक मॉडल से व्यापक विस्तार | Maruti Suzuki News</h3>
<p style="text-align:justify;">वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक कंपनी ने 22 प्रेषण केंद्रों से देश के 600 से अधिक शहरों में लगभग 28 लाख वाहनों की आपूर्ति रेल मार्ग से की है। वर्तमान में कंपनी 45 से अधिक फ्लेक्सी-डेक रेक का उपयोग कर रही है, जिनमें प्रत्येक की वहन क्षमता लगभग 260 वाहनों की है। वर्ष 2025 में गुजरात और मानेसर स्थित संयंत्रों से कुल रेल आपूर्ति का 53 प्रतिशत हिस्सा भेजा गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">‘सर्कुलर मोबिलिटी’ रणनीति पर जोर</h3>
<p style="text-align:justify;">मारुति सुजुकी ने ‘सर्कुलर मोबिलिटी’ नामक दीर्घकालिक रणनीति अपनाई है, जिसका उद्देश्य वाहन के संपूर्ण जीवन चक्र—डिजाइन, निर्माण, परिवहन और उपयोग के बाद निस्तारण—के प्रत्येक चरण में कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी का मानना है कि रेल मार्ग न केवल सुरक्षित और किफायती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत प्रभावी साधन है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी कंपनी हरित लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता देते हुए सतत विकास की दिशा में कार्य करती रहेगी। Maruti Suzuki News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:37:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gopichand P. Hinduja Passes Away: हिंदुजा समूह के अध्यक्ष गोपीचंद पी. हिंदुजा नहीं रहे, वैश्विक व्यापार जगत में शोक</title>
                                    <description><![CDATA[Gopichand P. Hinduja Passes Away: नई दिल्ली। हिंदुजा समूह के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत की प्रतिष्ठित हस्ती गोपीचंद पी. हिंदुजा का 85 वर्ष की आयु में लंदन के एक अस्पताल में शांतिपूर्वक निधन हो गया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hinduja-group-chairman-gopichand-p-hinduja-passes-away-global-business-community-mourns/article-77736"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/gopichand-hinduja.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Gopichand P. Hinduja Passes Away: नई दिल्ली। हिंदुजा समूह के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत की प्रतिष्ठित हस्ती गोपीचंद पी. हिंदुजा का 85 वर्ष की आयु में लंदन के एक अस्पताल में शांतिपूर्वक निधन हो गया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। Hinduja Group News</p>
<h3 style="text-align:justify;">गोपीचंद पी. हिंदुजा का जीवन परिचय | Hinduja Group News</h3>
<p style="text-align:justify;">साल 1940 में जन्मे गोपीचंद पी. हिंदुजा, हिंदुजा परिवार की दूसरी पीढ़ी से थे। उनके पिता परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने 1914 में व्यापारिक घराने की नींव रखी थी, जो समय के साथ एक वैश्विक कारोबारी साम्राज्य में बदल गया। गोपीचंद हिंदुजा चार भाइयों—श्रीचंद, प्रकाश और अशोक—के साथ मिलकर समूह के व्यवसाय को विश्वभर में विस्तारित करने के लिए जाने जाते हैं। 2023 में बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के निधन के बाद उन्होंने समूह की अध्यक्षता संभाली और परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने 1959 में बॉम्बे के जय हिंद कॉलेज से स्नातक किया था। साथ ही, वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय तथा लंदन के रिचमंड कॉलेज द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधियाँ भी प्रदान की गई थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके परिवार में पत्नी सुनीता, पुत्र संजय एवं धीरज और पुत्री रीता हैं। व्यावसायिक जगत में उनकी भूमिका, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दुनियाभर के नेताओं और उद्योग जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। ब्रिटेन के सांसद रामी रेंजर ने उन्हें “अत्यंत विनम्र और उदार व्यक्तित्व वाला सच्चा मित्र” बताते हुए कहा कि उनका जाना एक युग के अंत जैसा है। Hinduja Group News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hinduja-group-chairman-gopichand-p-hinduja-passes-away-global-business-community-mourns/article-77736</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 16:37:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Business News: अमेरिकी शुल्क कार्रवाई का भारत पर क्या पड़ेगा प्रभाव, जानिये एक्सपर्ट से&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Business News:  मुंबई (एजेंसी)। बाजार विश्लेषकों के अनुसार भारतीय सामानों पर अमेरिका में 25 प्रतिशत की दर से जवाबी प्रशुल्क लगाने की कार्रवाई का देश के कुल कार और मोटरसाइकिल निर्यात पर असर सीमित रहने का अनुमान है कि क्योंकि भारत से अमेरिकी बाजार में इनका निर्यात सीमित है। पर अमेरिका की शुल्क कार्रवाई का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/what-will-be-the-impact-of-us-tariff-action-on-india-know-from-experts/article-68956"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/business-news-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Business News:  मुंबई (एजेंसी)।</strong> बाजार विश्लेषकों के अनुसार भारतीय सामानों पर अमेरिका में 25 प्रतिशत की दर से जवाबी प्रशुल्क लगाने की कार्रवाई का देश के कुल कार और मोटरसाइकिल निर्यात पर असर सीमित रहने का अनुमान है कि क्योंकि भारत से अमेरिकी बाजार में इनका निर्यात सीमित है। पर अमेरिका की शुल्क कार्रवाई का विशेष रूप से भारत के उन टीयर टियर-1 और टियर-2 वाहन कल-पुर्जा निर्यातकों के लिए चुनौती पैदा कर सकती है जो राजस्व के लिए अमेरिका पर अधिक निर्भर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका में आयात शुल्क बढने पर इन निर्यातकों का माल कीमत की दृष्टि से कम प्रतिस्पर्धी बनाकर खतरा पैदा कर सकता है। टीयर-1 अपूर्तिकर्ता मूल उपकरण निमार्ताओं को सीधे आपूर्ति करते हैं जबकि टीयर-2 आपूर्तिकर्ता टीयर-1 आपूर्तिकतार्ओं को माल देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय वाहन विनिमार्ताओं के लिए निर्यात बाजार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इस मुद्दे पर एक विश्लेषण रिपोर्ट में विंडमिल कैपिटल के स्मॉलकेस मैनेजर और सीनियर डायरेक्टर नवीन केआर ने कहा है कि भारत ने 2024 में लगभग 6.7 लाख वाहनों का निर्यात किया, जिसमें अब निर्यात कुल घरेलू आॅटोमोटिव बिक्री का 15-16 प्रतिशत है। उन्होंने कहा है कि मारुति सुजुकी और किआ मोटर्स जैसी आॅटोमेकर्स एक प्रमुख विकास रणनीति के रूप में निर्यात पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषणों के अनुसार भारत से वाहनों का ज्यादातर निर्यात पहले अफ्रीका, लातीनी अमेरिका और दक्षिण एशिया के बाजारों में जाता था। अब भारतीय वाहन विनिमार्ता जापान जैसे विकसित बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जो उनकी बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को दशार्ता है। विंडमिल कैपिटल के श्री नवीन के अनुसार भारतीय वाहन निर्यातकों के लिए अमेरिका में निर्यात जोखिम अपेक्षाकृत कम है क्योंकि वहां भारत का निर्यात सीमित रहता है। संयुक्त राष्ट्र कॉमट्रेड के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2023 में अमेरिका को केवल 3.71 करोड़ डालर मूल्य की मोटर कार और वाहनों का निर्यात किए।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि अमेरिकी बाजार पर इस सीमित निर्भता को देखते हुए भारतीय वाहन निर्यातओं पर अमेरिकी प्रशुल्क कार्रवाई का सीधा प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। उन्होंने कहा है कि भारत की बढ़ती व्यापार साझेदारी – जिसमें आॅस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ हाल ही में मुक्त व्यापार समझौतों ने – भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खोल रहे हैं और देश के वाहन और वाहन कल पुर्जों के निर्यात की गति को और बढ़ाने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में नए शुल्कों के लगने का प्रभाव विशेष रूप से टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) जैसी विदेशी लक्जरी कार निमार्ताओं को जरूर पड़ सकता है। नवीन के अनुसार 25 प्रतिशत अमेरिकी आयात शुल्क भारतीय आॅटो एंसिलरी निर्यात को कम कीमत-प्रतिस्पर्धी बनाकर, उनके लिए खतरा पैदा कर सकता है। इससे खासकर ऐसे टियर-1 और टियर-2 आपूर्तिकतार्ओं के लिए जोखिम ज्यादा है जो अपनी बिक्री आय के लिए अमेरिका पर बहुत अधिक निर्भर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका मानना है कि भारत में वाहनों के कल पुर्जे के आयात पर शुल्क 5-15 के दायरे में है जो अपेक्षा कृत कम है। इस परिदृश्य में अमेरिकी जवाबी आयात शुल्क की कार्रवाई के बावजूद वहां भारतीय आटो ऐंसिलरी (कल पुर्जा ) निर्यातक मूल्य के हिसाब से प्रतिस्पर्धा में मजबूत बने रह सकते हैं। विश्लेषण में कहा गया है कि भारतीय आपूर्तिकर्ता अमेरिकी बाजार में जवाबी प्रशुल्क के बाद भी मैक्सिको या चीन जैसे उन देशों के निर्यातकों की तुलना में लागत प्रभावी बने रह सकते हैं, जहाँ भू-राजनीतिक कारकों के कारण लागत संरचना का अनुमान प्राय: घटता-बढ़ता रहता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 10:43:37 +0530</pubDate>
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                <title>Business News: सीतारमण ने बिल गेट्स से मुलाकात के बाद किए ये बड़े ऐलान, जल्द बदलेगी भारत की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं बोर्ड सदस्य बिल गेट्स से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर यह जानकारी देते हुए कहा कि गेट्स के साथ फाउंडेशन के सीईओ एवं बोर्ड सदस्य मार्क सुजेन और फाउंडेशन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/sitharaman-made-these-big-announcements-after-meeting-bill-gates-indias-picture-will-change-soon/article-68580"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/business-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं बोर्ड सदस्य बिल गेट्स से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय ने एक्स पर यह जानकारी देते हुए कहा कि गेट्स के साथ फाउंडेशन के सीईओ एवं बोर्ड सदस्य मार्क सुजेन और फाउंडेशन के कंट्री डायरेक्टर-भारत/दक्षिण एवं दक्षिण पूर्व एशिया हरि मेनन भी थे।</p>
<p style="text-align:justify;">गेट्स ने वित्त मंत्री के साथ स्वास्थ्य एवं कृषि क्षेत्रों में प्रगति के लिए समाधान एवं वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं के विकास हेतु भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के साथ फाउंडेशन के जुड़ाव के बारे में चर्चा की। गेट्स ने डिजिटल वित्तीय समावेशन, सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, डीपी आई और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में फाउंडेशन के कार्यों को भी साझा किया और कहा कि वह भारत के साथ इस तरह के और अधिक सहयोगात्मक प्रयासों की आशा करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने फाउंडेशन के कार्यों की सराहना की और विश्व स्तरीय ए आई अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए भारत की दूरदर्शी नीतियों का भी उल्लेख किया। श्रीमती सीतारमण ने गेट्स को चार क्षेत्रों अर्थात कृषि, स्वास्थ्य सेवा, टिकाऊ शहर और शिक्षा में एआई के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना जैसी भारत की पहलों से अवगत कराया, जो देश के एआई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहे हैं और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 13:31:01 +0530</pubDate>
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                <title>Business News: डाक विभाग और इसरो ने भारत की एड्रेसिंग प्रणाली में बदलाव के लिए की नयी साझेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारत में एक मानकीकृत, जियो-कोडेड एड्रेसिंग प्रणाली स्थापित करने की चल रही महत्वपूर्ण पहल में डाक विभाग ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार 23 अगस्त 2024 को पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/department-of-posts-and-isro-enter-into-a-new-partnership-to-transform-indias-addressing-system/article-61426"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/business-news-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारत में एक मानकीकृत, जियो-कोडेड एड्रेसिंग प्रणाली स्थापित करने की चल रही महत्वपूर्ण पहल में डाक विभाग ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारिक जानकारी के अनुसार 23 अगस्त 2024 को पहले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस से पहले घोषित यह ऐतिहासिक सहयोग, उपग्रह डेटा और रिमोट सेंसिंग प्रौद्योगिकियों में एनआरएससी की विशेषज्ञता को डीओपी के व्यापक बुनियादी ढांचे और सेवाओं के साथ एकीकृत करके, राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान के साथ साझेदारी करके भारत में एड्रेसिंग को मानकीकृत करने की डीओपी की पहल का एक प्रमुख घटक है। इस समझौता ज्ञापन पर डाक विभाग की सदस्य (संचालन) मंजू कुमार और इसरो के एनआरएससी के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के माध्यम से डाक विभाग भारत में एक मानकीकृत, जियो-कोडेड एड्रेसिंग प्रणाली विकसित करने और उसे परिष्कृत करने के लिए एनआरएससी, इसरो के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि सार्वजनिक और निजी सेवाओं की नागरिक-केंद्रित डिलीवरी के लिए सरलीकृत एड्रेसिंग का समाधान सुनिश्चित किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 11:24:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Business News: भारत में 10 करोड़ यूरो का निवेश करेगा डिकैथलॉन</title>
                                    <description><![CDATA[Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। मल्टी-स्पेशलिस्ट स्पोर्ट्स ब्रांड डिकैथलॉन ने अगले पांच साल में भारत में 10 करोड़ यूरो (करीब 930 करोड़ रुपये) के निवेश की बुधवार को घोषणा की। कंपनी ने यहां जारी बयान में कहा कि इस निवेश का प्रयोग भारत में नेटवर्क को बढ़ाकर 190 स्टोर तक पहुंचाने, डिजिटल व्यापार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/decathlon-will-invest-100-million-euros-in-india/article-61349"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/business-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Business News: नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मल्टी-स्पेशलिस्ट स्पोर्ट्स ब्रांड डिकैथलॉन ने अगले पांच साल में भारत में 10 करोड़ यूरो (करीब 930 करोड़ रुपये) के निवेश की बुधवार को घोषणा की। कंपनी ने यहां जारी बयान में कहा कि इस निवेश का प्रयोग भारत में नेटवर्क को बढ़ाकर 190 स्टोर तक पहुंचाने, डिजिटल व्यापार को बेहतर करने और स्थानीय विनिर्माण को मजबूती देने में किया जाएगा। डिकैथलॉन के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में उभरकर सामने आया है, जहां बड़ा विकास देखने को मिला है। यह बड़ा निवेश भारत को लेकर ब्रांड की लॉन्ग टर्म विजन में रुचि दिखाता है। यह विजन केवल व्यावसायिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों में सहभागिता बढ़ाने और सतत विकास को बढ़ावा देने तक विस्तारित है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी के ग्लोबल चीफ रिटेल एवं कंट्रीज आॅफिसर स्टीव डाइक्स ने कहा, ‘डिकैथलॉन की वैश्विक महत्वाकांक्षा में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां के जीवंत बाजार और प्रतिभाशाली कार्यबल में अप्रत्याशित संभावनाएं हैं। हम यहां अपने विकास को गति देने, अपनी पहुंच बढ़ाने और खेलों के माध्यम से लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत में डिकैथलॉन का वैश्विक मैन्यूफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनने की जबर्दस्त क्षमता है और हम स्थानीय प्रतिभाओं को पोषित करने और स्पोर्टिंग पावरहाउस बनने के भारत के सफर में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं। डिकैथलॉन इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंकर चटर्जी ने कहा, ‘बढ़ती खेल संस्कृति के साथ भारत एक गतिशील और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है। यह निवेश भारत की क्षमता में अटूट विश्वास और यहां के आर्थिक विकास में योगदान देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य हर किसी को खेलों का लाभ उठाने में सक्षम बनाना है। साथ ही इस निवेश से हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने और खेलों का ज्यादा व्यापक अनुभव देने में सक्षम होंगे। हमारा उद्देश्य खेलों में सहभागिता को बढ़ावा देते हुए, भारत में रोजगार सृजित करते हुए और सतत प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करते हुए स्थायी प्रभाव डालना है।</p>
<p style="text-align:justify;">डिकैथलॉन भारतीय मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत कर रहा है। वर्तमान समय में सभी क्रिकेट बैट, एक्सेसरीज एवं ज्यादातर हॉकी उपकरण समेत इसकी ग्लोबल प्रोडक्ट रेंज का करीब 8 प्रतिशत भारत में तैयार होता है। भारत में बिकने वाले 68 प्रतिशत उत्पाद मेड इन इंडिया हैं। ब्रांड का लक्ष्य 2026 तक इस आंकड़े को बढ़ाकर 85 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इससे भारत की स्थिति डिकैथलॉन के प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत होगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Aug 2024 11:53:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Business News: अब पैसों की नहीं होगी टेंशन, शुरू करना चाहते हैं बिजनेस तो इस योजना के तहत करें आवेदन, मिलेगी 25% सब्सिडी</title>
                                    <description><![CDATA[Business News: अगर आप उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं और कोई व्यावसाय शुरु करना चाहते हैं तथा आपके पास व्यावसाय शुरु करने के लिए पूंजी नहीें हैं तो आपको इससे संबंधित चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र बलिया आपके व्यापार शुरु करने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/now-there-will-be-no-tension-about-money-if-you-want-to-start-a-business-then-apply-under-this-scheme-you-will-get-25-subsidy/article-61268"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/business-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Business News: अगर आप उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं और कोई व्यावसाय शुरु करना चाहते हैं तथा आपके पास व्यावसाय शुरु करने के लिए पूंजी नहीें हैं तो आपको इससे संबंधित चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं क्योंकि जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र बलिया आपके व्यापार शुरु करने में आपकी मदद कर सकता हैं। व्यापार शुरु करने के लिए ये विभाग आपके 25 प्रतिशत सब्सिडी देगा। जिससे आप आसानी से व्यापार शुरु कर सकते हैं</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/use-turmeric-to-blacken-white-hair/">Turmeric For Black Hair: सफेद बालों को काला करने के लिए करें हल्दी का इस्तेमाल, नेचुरल तरीके से होंगे ब्लैक</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">बेरोजगार युवाओं के लिए शुरु की गई योजना | Business News</h3>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त उद्योग बलिया के अधिकारी मायाराम सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना खासतौर पर उन बेरोजगार युवा के लिए शुरु की गई हैं जो रोजगार की तलाश कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि इस सब्सिडी का लाभ उठाकर युवा व्यावसाय शुरु कर, देश के आत्मनिर्भर बनने में अपना योगदान दे सकता हैं</p>
<h3 style="text-align:justify;">18 से 40 वर्ष के युवा कर सकते हैं आवेदन | Business News</h3>
<p style="text-align:justify;">जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि इस योजना पर आवेदन करने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 40 के बीच होनी चाहिए और वह युवा उत्तर प्रदेश के बलिया जिला का निवासी होना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भौतिक लक्ष्यों और वित्तीय लक्ष्यों का किया गया निर्धारण</h3>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बलिया जिले के लिए 99 भौतिक लक्ष्यों और 191.33 लाख रुपए के वित्तीय लक्ष्यों का निर्धारण किया गया हैं। इस योजना के तहत 25% सब्सिडी का प्रावधान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किया गया हैं</p>
<h3 style="text-align:justify;">कैसे करे आवेदन</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आप इस वेबसाइट ……….. पर आॅनलाइन आवेदन कर सकते हैं इस लिंक पर आवेदन करने के बाद आपको मागें गए सभी दस्तावेज जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया के कार्यालय में जमा करवाने होगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज</h3>
<p style="text-align:justify;">अगर आप इस योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास निम्न दस्तावेज होना जरूरी हैं<br />
1. आधार कार्ड<br />
2. पैन कार्ड<br />
3. हाईस्कूल प्रमाण पत्र<br />
4. पासपोर्ट साइज फोटो<br />
5. बैंक पासबुक<br />
6. प्रोजेक्ट रिपोट<br />
7. शपथ पत्र</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, आप जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इस योजना के माध्यम से युवा आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ, हमारे प्यारे भारत देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Aug 2024 11:49:47 +0530</pubDate>
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