<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/millets/tag-25205" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Millets - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/25205/rss</link>
                <description>Millets RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मिलट्स पर रिसर्च करने के लिए हैदराबाद में बनाया जा रहा रिसर्च सेंटर</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Industry) मंत्रालय द्वारा कुण्डली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) में मिलेट्स (मोटा अनाज) को पोषण और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयोजित किए गए तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन किया गया। समापन अवसर पर केन्द्रीय खाद्य प्रंसस्करण एवं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/research-center-being-built-in-hyderabad-for-research-on-millets/article-52783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/kharkhoda-news-10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Industry) मंत्रालय द्वारा कुण्डली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) में मिलेट्स (मोटा अनाज) को पोषण और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए आयोजित किए गए तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को समापन किया गया। समापन अवसर पर केन्द्रीय खाद्य प्रंसस्करण एवं उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारतीय मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए निफ्टम में जो भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया उसके लिए मैं संस्थान के पदाधिकारियों का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने किस प्रकार देश व विदेश से आए लोगों को भारत के मोटे अनाजों के बारे में जानकारी व उनके फायदों के बारे में अवगत करवाया। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आज से 50 साल पहले हमारे बुजुर्ग बड़ी मात्रा में मोटे अनाजों की खेती करते थे और मोटे अनाजों को गरीब का खाना कहा जाता था। लेकिन बाद में फसल के भाव व अन्य परिस्थितियों के कारण हमारे किसानों ने मोटे अनाजों को उगाना छोड़ दिया, जिसका परिणाम ये निकला की मनुष्य अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व ने माना है कि मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए मोटे अनाजों का सेवन जरूरी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने भी मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना की शुरूआत की, ताकि भारत मोटे अनाजों का सबसे बड़ा निर्यातक देश बन सके। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मोटे अनाज के बीजों पर रिसर्च करने के लिए हैदाराबाद में मिलेट्स रिसर्च सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। ताकि हमारे वैज्ञानिक ऐसे बीजों की खोज कर सके जिससे किसानों को फसल का अधिक उत्पादन हो और उन्हें बचत भी ज्यादा हो सके। उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों की खेती करने में उर्वरकों और जल की भी कम जरूरत होती है, जिससे हमारी मिट्टïी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">केन्द्रीय मंत्री ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों व विद्यार्थियों को 03 से 05 नवंबर को प्रगति मैदान में आयोजित विश्व स्तरीय मिलेट्स कार्यक्रम का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल के इतिहास में नरेन्द्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हो देश के ही नहीं पूरे विश्व के प्रसिद्घ नेता है। जिनकी विदेशी कूटनीति ने देश का मान सम्मान बढ़ाया है। हाल ही में हुए जी-20 सम्मेलन में पूरे विश्व ने नए भारत की ताकत देखी। उन्होंने कहा कि आज विश्व का हर विकसित देश भारत का हर क्षेत्र में साथ लेकर चलना चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद का विशेष स्तर बुलाकर महिलाओं को उनका हक दिलवाया है। ये महिला आरक्षण बिल पिछले 29 साल से पेंडिग था, जिसे आज भाजपा सरकार ने पास करवाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने निफ्टम एट ए ग्लेंसी ई-पुस्तक का भी विमोचन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर राई से विधायक एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री मोहनलाल बड़ौली ने केन्द्रीय मंत्री का निफ्टम में पहुंचने पर स्वागत करते हुए कहा कि आज उनके नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय किसानों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही आज पूरा विश्व 2023 को मिलेट्स वर्ष के रूप में मना रहा है। हर व्यक्ति के प्रतिदिन आहार में मोटे अनाजों से व्यंजनों को शामिल करने के लिए दुनिया 2023 को मिलेट्स वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव मिन्हाज आलम, केन्द्रीय मंत्री के पीएस डॉ० सुबेाध कुमार, निफ्टम संस्थान के निदेशक डॉ० हरेन्द्र सिंह ओबराय, निफ्टम रजिस्ट्रार जेएस राणा सहित 11 देशों से आए प्रतिनिधि व निफ्टम में पढऩे वाले छात्र-छात्राएं व शिक्षक मौजूद रहे। Kharkhoda News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा को लेकर भारी उत्साह : सीपी जोशी" href="http://10.0.0.122:1245/huge-enthusiasm-about-prime-minister-modis-public-meeting-cp-joshi/">प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा को लेकर भारी उत्साह : सीपी जोशी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/research-center-being-built-in-hyderabad-for-research-on-millets/article-52783</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/research-center-being-built-in-hyderabad-for-research-on-millets/article-52783</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 15:05:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-09/kharkhoda-news-10.jpg"                         length="65693"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Benefits of Millets: मोटापा, कोलैस्ट्रोल, ब्लडप्रैशर से बचाव को रोज खायें मिलेट्स</title>
                                    <description><![CDATA[Benefits of Millets: आजकल स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। (Millets) नियमित वर्कआउट करना उन की दिनचर्या में शामिल हो चुका है, लेकिन उनकी डाइट में जागरूकता की बहुत कमी है क्योंकि आज के युवा जंक फूड पर अधिक रहने लगे हैं। उन्हें घर का बना खाना पसंद नहीं। ऐसे में बहुत कम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/benefits-of-millets-news/article-48805"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/millets.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Benefits of Millets: आजकल स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। (Millets) नियमित वर्कआउट करना उन की दिनचर्या में शामिल हो चुका है, लेकिन उनकी डाइट में जागरूकता की बहुत कमी है क्योंकि आज के युवा जंक फूड पर अधिक रहने लगे हैं। उन्हें घर का बना खाना पसंद नहीं। ऐसे में बहुत कम उम्र में उन्हें मोटापा, कोलैस्ट्रोल, ब्लडप्रैशर आदि कई बीमारियां घेर लेती हैं, जिन से निकल पाना उनके लिए मुश्किल होता है। ऐसे में आज डाइटीशियन प्रत्येक व्यक्ति को मिलेट्स को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह बराबर दे रहे हैं। मिलेट्स यानी मोटा अनाज। यह दो तरह का होता है- मोटा दाना और छोटा दाना। मिलेट्स की कैटेगरी में बाजरा, रागी, कोधरा, कंगनी, कुटकी, चना और जौ आदि आते हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जागरूकता है जरूरी: mota anaj</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में क्लीनिकल डाइटीशियन सलाह देते हैं कि मिलेट्स इम्यूनिटी बूस्टर का काम करते हैं। 2023 को सरकार ने मिलेट्स ईयर घोषित किया है ताकि लोगों में मिलेट्स के प्रति जागरूकता बढ़े। मिलेट्स में कैल्सियम, आयरन, जिंक, फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फाइबर, विटामिन बी-6 मौजूद होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एसिडिटी की समस्या में मिलेट्स फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें विटामिन बी-3 होता है, जो शरीर के मैटाबोलिज्म को बैलेंस रखता है। मिलेट्स में काम्प्लैक्स कार्बोहाइड्रेट रहता है, इसलिए फाइबर की मात्रा अधिक होती है। यह ग्लूटेन फ्री होता है। इस से वजन कम होता है। कुछ लोग ग्लूटेन सैंसिटिव होते हैं। इस से उन का वजन बढ़ जाता है। मिलेट्स में इन सब की मात्रा न होने की वजह से डाइजेशन शक्ति बढ़ती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मानसून में अधिक उपयोगी | Millets</h3>
<p style="text-align:justify;">मॉनसून में पूरा मौसम बदल जाता है। बच्चों से लेकर वयस्कों सभी को कोल्ड, कफ, डायरिया आदि हो जाता है। इस मौसम में रोगप्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है, साथ ही पीने का पानी बदल जाता है। बारिश की वजह से उस समय लोगों की चटपटा खाने की इच्छा होती है। इस से पेट खराब हो जाता है। इस मौसम में मिलेट्स से बना भोजन अधिक लेना चाहिए क्योंकि यह हलका होने के साथसाथ पच भी जल्दी जाता है। यदि मॉनसून में बाहर का खाना खाते हैं तो कब्ज की शिकायत हो जाती है और पेट फूल जाता है। ऐसे में ज्वार, कोदरा, कंगनी, कुटकी, बाजरा आदि से बना भोजन अच्छा होता है। रागी को रेनी सीजन का बैस्ट भोजन माना जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वजन घटने का है मंत्र | Millets</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई व्यक्ति गेहूं की 4 रोटियां खाता है, तो वह ज्वार या बाजरा की दो रोटी ही खा सकेगा, वजन कम करने का यही मंत्र है। इसके अलावा रागी में कैल्सियम होता है। इससे एसिडिटी नहीं होती। हजम करना भी आसान होता है। डाइजेशन सिस्टम पर किसी प्रकार का प्रैशर नहीं होता। छोटे मिलेट्स जैसे कंगनी, कोदो, सांवा और कुटकी आते हैं। ये छोटे अवश्य हैं, लेकिन इनके फायदे लाजवाब हैं, इनमें फाइबर बहुत अधिक होता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मिलेट्स के निम्न हैं फायदे | Benefits of Millets</h3>
<p style="text-align:justify;">मिलेट्स ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। इसे नियमित भोजन में शामिल करना अच्छा होता है, जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है।<br />
वजन कम करने में सहायक होता है क्योंकि मिलेट्स के सेवन से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है। मिलेट्स में एंटीऐजिंग के गुण होने की वजह से त्वचा पर काले धब्बे, डलनैस, पिंपल्स और झुर्रियों में कमी आती है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक होने की वजह अधिक फाइबर का होना।</li>
<li style="text-align:justify;">डायबिटीज को कम करने में सहायक होने की वजह ग्लूटेन फ्री होना।</li>
<li style="text-align:justify;">कैल्सियम अधिक होने की वजह से हड्डियां मजबूत होती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">मिलेट्स में मैग्नीशियम बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो हार्ट अटैक से शरीर का बचाव करने में सहायक होता है क्योंकि यह मांसपेशियों को आराम दे कर ब्लड को निरंतर चलने में सहायता करता है।</li>
<li style="text-align:justify;">मिलेट्स में ऐंटीऔक्सीडैंट्स शरीर में मौजूद सभी कैंसर कोशिकाओं पर नजर रखते हैं। इस से कैंसर का खतरा कम होता है।</li>
<li style="text-align:justify;">बौडी डिटौक्स करने में सहायक होता है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">ऐसे करें मिलेट्स Millets का सेवन:</h3>
<p style="text-align:justify;">दूध में रागी या ज्वार के आटे को डालकर सुबह का नाश्ता यानी पोरिज बना सकते हैं। इसके लिए रागी के आटे को धीमी आंच पर थोड़ा घी डाल कर सेंक लें। फिर उसमें दूध या छाछ मिलाकर ठंडा या गर्म पोरिज ले सकते हैं। उसके ऊपर थोड़ा ड्राईफ्रूट डाल देने से वह और अधिक स्वादिष्ठ बन जाता है। दिन में दो बार रागी, ज्वार, बाजरा की रोटी खाई जा सकती है।<br />
मधुमेह के रोगी सांवा की रोटी चावल के स्थान पर खाते हैं। रागी के डोसे और इडली भी बनाई जा सकती है। खाने में हमेशा उस की मात्रा पर अधिक ध्यान देना पड़ता है। फाइबर अधिक होने से कम मात्रा में खाने से ही पेट भरा हुआ लगता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के यूथ को जंक फूड के अलावा कुछ और खिलाना मुश्किल होता है। ऐसे में रागी, ज्वार, बाजरा को गेहूं में मिला कर आटा बनाया जा सकता है। इससे बनी रोटी फायदेमंद होती है। इसके अलावा मखना, राजगिरा के मीठे लड्डू आदि सभी बच्चे आसानी से खा लेते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/benefits-of-millets-news/article-48805</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/home-and-family/benefits-of-millets-news/article-48805</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jun 2023 15:21:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-06/millets.jpg"                         length="82715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        