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                <title>CLC Canal - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>सीएलसी नहर में आई 50 मीटर चौड़ी दरार, 250 एकड़ भूमि में जलभराव</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में पेयजल संकट गहराने की आशंका | (Sonipat News) सैकड़ों मजदूर मिट्टी के बैगों, पोपकीन व जेसीबी की मदद से दरार पाटने में जुटे मुश्किल से बचने के लिए वाहनों का मार्ग किया डायवर्ट सोनीपत (सच कहूँ/अजीतराम बंसल)। बीती रात ढ़ाई बजे शहर के गोहाना रोड पर स्थित गाँव बड़वासनी के पास मात्र 15 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/clc-canal-broken-water-logging/article-48857"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/14snp1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दिल्ली में पेयजल संकट गहराने की आशंका | (Sonipat News)</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सैकड़ों मजदूर मिट्टी के बैगों, पोपकीन व जेसीबी की मदद से दरार पाटने में जुटे</li>
<li style="text-align:justify;">मुश्किल से बचने के लिए वाहनों का मार्ग किया डायवर्ट</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सोनीपत (सच कहूँ/अजीतराम बंसल)।</strong> बीती रात ढ़ाई बजे शहर के गोहाना रोड पर स्थित गाँव बड़वासनी के पास मात्र 15 साल पुरानी सीएलसी नहर के तटबंध में दरार आ गई। पानी के तेज बहाव में नहर का 50 मीटर का तटबंध बह गया। लगभग 250 एकड़ जमीन पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। दरार को पाटने के लिए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और मजदूरों, जेसीबी और पोपकीन मशीनों की मदद से दरार भरने के कार्य में जुट गए। Sonipat News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को लेकर अब तक की बड़ी खबर! जानिए क्या है ताजा अपडेट" href="http://10.0.0.122:1245/cyclone-biparjoy-tracking/">Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को लेकर अब तक की बड़ी खबर! जानिए क्या है ताजा अपडेट</a></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार बीती रात अढ़ाई बजे गांव बड़वासनी के पास अचानक सीएलसी नहर के कमजोर तटबंध में कटाव होने से पानी बड़वासनी के खेतों के अलावा सिटावली की ओर जा रहे लिंक मार्ग के अलावा गोहाना-सोनीपत रोड के ऊपर से बहने लगा। जिस समय तटबंध में कटाव हुआ उस समय नहर में 800 क्यूसिक पानी चल रहा था। इस नहर की मार्फत दिल्ली में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। Sonipat News</p>
<p style="text-align:justify;">तेज बहाव होने के कारण पानी खेतों में जमा होने के बाद सड़कों के ऊपर से बहने लग गया। किसी भी अप्रिय घटना पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने वाहनों का रास्ता बदल दिया। डीआरओ हरीओम अत्री ने बताया कि नहर में दरार पड़ने की सूचना मिलते ही वो रात को ही एसडीएम राकेश संधू, तहसील दार और सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित अपने अमले सहित मौके पर पहुंच गए। सिंचाई विभाग के बड़े अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। Sonipat News</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सच कहूँ को बताया कि दिल्ली में पीने के पानी का संकट पैदा न हो, इसलिए खुबडू हेड से सीएलसी के पानी को पश्चिमी यमुना नहर में डायवर्ट करा दिया गया। लेकिन पश्चिमी यमुना नहर की सफाई न होने के कारण पानी क्षमता के अनुरूप ही डायवर्ट किया गया। शाम तक तटबंध को ठीक करने की संभावना है। ग्रामीणों के अनुसार गाँव बड़वासनी व साथ लगते दूसरे गाँवों की 250 एकड़ भूमि में पानी भर गया। जिससे किसानों की कई एकड़ में खड़ी फसलों में जलभराव हो गया। Sonipat News</p>
<h3 style="text-align:justify;">2008 से लगातार चल रहा पानी का बहाव</h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 2008 से पहले सिंचाई विभाग के पास दिल्ली को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए पश्चिमी यमुना नहर के अलावा दूसरी बड़ी नहर नहीं थी। 2005 में दिल्ली सरकार के खर्च पर मुनक से दिल्ली के हैदरपुर वाटर वर्कस तक 102 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण कराया गया था। सिंचाई विभाग के तत्कालिक एससी के अनुसार सीएलसी को पश्चिमी यमुना नहर के साथ-साथ इतनी ही क्षमता की पैरलल सीएलसी नहर का निर्माण कराया जाना था। लेकिन जमीन के अभाव में ककरोई हैड के बाद यह संभव न हो सका। Sonipat News</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए ककरोई हैड से दिल्ली तक मात्र 500 क्यूसिक क्षमता की नहर बनानी पड़ी थी। नई नहर का मुख्य कारण 70 साल से पश्चिमी यमुना नहर की सफाई कराने के लिए किया जाना था। लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा पानी क्षमता बढ़ाए जाने के बावजूद सफाई नहीं करवाई जा सकी है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग द्वारा मई 2008 में सीएलसी में पहली बार पानी छोड़ा गया था, जो लगातार चल रहा है। विभाग द्वारा देखभाल के नाम पर खानापूर्ति किए जाने के कारण मात्र 15 साल में नहर का तटबंध पानी के तेज बहाव में बह गया। (CLC canal)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/clc-canal-broken-water-logging/article-48857</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 19:38:01 +0530</pubDate>
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