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                <title>High Court - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>High Court: हाईकोर्ट ने एससी आयोग के नोटिस पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[‘बैंड बाजा’ बयान पर प्रताप बाजवा को जारी किया गया था नोटिस चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के अनुुसूचित जाति आयोग द्वारा जारी नोटिस पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बावजा को बड़ी राहत मिली है। उन्हें ‘बैंड बाजा’ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/high-court-stays-sc-commission-notice/article-81363"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/punjab-haryana-high-court-min.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">‘बैंड बाजा’ बयान पर प्रताप बाजवा को जारी किया गया था नोटिस</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> Chandigarh News: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के अनुुसूचित जाति आयोग द्वारा जारी नोटिस पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बावजा को बड़ी राहत मिली है। उन्हें ‘बैंड बाजा’ संबंधी बयान पर अनुसूचित जाति आयोग ने तलब किया था। इस मामले में बाजवा ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एस.सी. आयोग के नोटिस को ही गलत ठहराया था। साथ ही आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी पर राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया था। अदालत ने इस मामले में पंजाब सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार, विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने एक राजनीतिक रैली के दौरान कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ पर टिप्पणी करते हुए उनका ‘बैंड बाजा बजाने’ की बात कही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ा एतराज जताया था। वहीं हरभजन सिंह ईटीओ ने इसे दलित विरोधी बयान करार दिया था। इसके बाद अनुसूचित जाति आयोग ने बाजवा को नोटिस जारी कर 11 फरवरी को आयोग कार्यालय में पेश होने के लिए कहा था। आयोग के सामने स्वयं पेश होने के बजाय बाजवा ने अपने वकील के माध्यम से जवाब भेजा, जिसमें कहा गया कि उन्होंने यह बात एक कहावत के रूप में कही थी और इसमें किसी भी गलत शब्द या दलित समुदाय का उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए यह मामला अनुसूचित जाति आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वकील के जरिए जवाब भेजने के साथ ही बाजवा ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अब अदालत ने आयोग के नोटिस और आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हेरोइन तस्करी मामले में मुख्य सप्लायर काबू" href="http://10.0.0.122:1245/main-supplier-in-heroin-smuggling-case-arrested/">हेरोइन तस्करी मामले में मुख्य सप्लायर काबू</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 20:29:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Suvendu Adhikari Attack Case: सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले की सीबीआई जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[Suvendu Adhikari Attack Case: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए कथित हमले का मामला अब कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष पहुंच गया है। सोमवार को सुवेंदु अधिकारी ने इस प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ में याचिका दायर की। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/demand-for-cbi-inquiry-into-the-attack-on-suvendu-adhikaris-convoy/article-80301"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/calcutta-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Suvendu Adhikari Attack Case: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के काफिले पर हुए कथित हमले का मामला अब कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष पहुंच गया है। सोमवार को सुवेंदु अधिकारी ने इस प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उच्च न्यायालय की एकल पीठ में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति सुव्रत घोष ने याचिका को स्वीकार कर लिया है, हालांकि मामले की सुनवाई की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है। West Bengal News</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में अधिकारी ने आरोप लगाया है कि 10 जनवरी की रात वह पुरुलिया जिले में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम से लौटकर कोलकाता जा रहे थे। इसी दौरान पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना क्षेत्र में कुछ लोगों ने अचानक उनके काफिले को रोक लिया। अधिकारी का दावा है कि रास्ता रोकने वाले लोग सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के प्रतीक चिह्नों के साथ मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, उनके काफिले पर बांस के डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी बुलेटप्रूफ वाहन को भी क्षति पहुंची। उन्होंने कहा कि हमला कुछ समय तक जारी रहा, लेकिन घटनास्थल पर पुलिस की तत्काल उपस्थिति नहीं दिखी। किसी प्रकार स्थिति से निकलकर उनका काफिला आगे बढ़ा और इसके बाद वह नजदीकी पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध स्वरूप जमीन पर बैठकर घटना की जानकारी दी। West Bengal News</p>
<h3>घटना को केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से संज्ञान में लिया</h3>
<p style="text-align:justify;">इस घटना को केंद्र सरकार ने भी गंभीरता से संज्ञान में लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुवेंदु अधिकारी के कार्यालय से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारी के कार्यालय की ओर से हमले से संबंधित पांच वीडियो पहले ही मंत्रालय को सौंपे जा चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं सुवेंदु अधिकारी से फोन पर बातचीत की और हमले की पूरी जानकारी ली। बताया गया है कि दोनों के बीच लगभग पंद्रह मिनट तक चर्चा हुई, जिसमें घटना के सभी पहलुओं पर बात की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि उनके काफिले पर इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले में उनके काफिले को घेरने और रास्ता बाधित करने का प्रयास किया गया था, जिसमें सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों की भूमिका का आरोप लगाया गया था। West Bengal News</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 16:36:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Doctors Strike: हरियाणा में हड़ताली डॉक्टरों को सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया, मामला हाईकोर्ट पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (एजेंसी)। Haryana Doctors Strike: हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की जारी हड़ताल चौथे दिन भी जारी है, इसी बीच सरकार ने गुरुवार अपराह्न चार बजे चंडीगढ़ में डॉक्टरों को बैठक के लिए बुलाया है। सरकार ने बुधवार को डॉक्टरों की चार में से तीन प्रमुख मांगें मान ली थीं, जिसके बाद बातचीत का रास्ता खुला […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/the-case-of-striking-doctors-in-haryana-reached-the-high-court/article-79085"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/chandigarh-news-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (एजेंसी)।</strong> Haryana Doctors Strike: हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की जारी हड़ताल चौथे दिन भी जारी है, इसी बीच सरकार ने गुरुवार अपराह्न चार बजे चंडीगढ़ में डॉक्टरों को बैठक के लिए बुलाया है। सरकार ने बुधवार को डॉक्टरों की चार में से तीन प्रमुख मांगें मान ली थीं, जिसके बाद बातचीत का रास्ता खुला है। सरकार की ओर से रियायतें देने के बाद पंचकूला में पुलिस प्रदर्शन स्थल पर पहुंची और धरना समाप्त करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि केवल तीन प्रतिनिधि धरने पर बैठें और बाकी डॉक्टर सेवाएं बहाल करें। डॉक्टरों ने बैठक होने तक हालांकि धरना जारी रखने का फैसला किया। इसी दौरान पंचकूला पुलिस और हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक वार्ता नहीं होती, धरना नहीं हटेगा। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सरकार हड़ताली डॉक्टरों पर एस्मा लागू कर चुकी है। आदेश में हड़ताल पर रोक लगाते हुए चेतावनी दी गई है कि ड्यूटी पर न लौटने वालों की सैलरी रोकी जा सकती है। सरकार हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की सूची भी तैयार कर रही है। उधर, हड़ताल का मामला पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय पहुंच गया है। याचिकाकर्ता अरविंदर सेठ ने कहा है कि सरकारी अस्पताल स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और सेवाएं बंद होने से जनता गंभीर परेशानी झेल रही है। अदालत में इस पर आज ही सुनवाई होनी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नौ दिसंबर को लगभग 70 हजार मरीजों ने ओपीडी सेवाएं लीं। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">2,433 मरीजों को भर्ती किया गया, 202 सर्जरी की गईं और 1,498 मरीजों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की गईं। 320 प्रसव हुए, 1.86 लाख से अधिक मरीजों को दवाएं दी गईं और 56 पोस्टमॉर्टम किए गए। हड़ताल के असर को कम करने के लिए सरकार ने बुधवार को 2,531 विकल्प डॉक्टरों की तैनाती की। इसी दौरान 74 डॉक्टरों ने अपनी ड्यूटी दोबारा जॉइन भी की। अब सभी की नजरें सरकार और डॉक्टरों के बीच होने वाली अहम बैठक और उच्च न्यायालय की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस गतिरोध के भविष्य का फैसला करेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भाजपा वोट चोरी कर सत्ता में आई, अब जनता से मुंह मोड़ रही है:- सरदार सतनाम सिंह विर्क" href="http://10.0.0.122:1245/bjp-came-to-power-by-stealing-votes-now-it-is-turning-its-back-on-the-public-sardar-satnam-singh-virk/">भाजपा वोट चोरी कर सत्ता में आई, अब जनता से मुंह मोड़ रही है:- सरदार सतनाम सिंह विर्क</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 15:20:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Simran Gupta Petition: राहुल गांधी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, सिमरन गुप्ता ने फिर की कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[संभल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विवादित बयान को लेकर दायर प्रकरण अब एक बार फिर न्यायिक दायरे में गूंजने लगा है। संभल स्थित एमपी–एमएलए विशेष न्यायालय (Sambhal MP-MLA Court) द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/a-petition-has-been-filed-against-rahul-gandhi-in-the-high-court/article-78131"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/rahul-gandhi-mike.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संभल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विवादित बयान को लेकर दायर प्रकरण अब एक बार फिर न्यायिक दायरे में गूंजने लगा है। संभल स्थित एमपी–एमएलए विशेष न्यायालय (Sambhal MP-MLA Court) द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की शरण ली है। शुक्रवार को दाखिल की गई नवीन याचिका में उन्होंने राहुल गांधी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही को आवश्यक बताते हुए कठोर कदम उठाने की मांग दोहराई है। Simran Gupta Petition</p>
<p style="text-align:justify;">याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी का “इंडियन स्टेट” (Indian State Statement) संबंधी कथन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक ढांचे की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा करता है, इसलिए इस बयान पर न्यायिक रूप से सख्ती जरूरी है। सिमरन गुप्ता का कहना है कि वह न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखते हैं और लड़ाई को अंजाम तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<h3>राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में टिप्पणी की थी</h3>
<p style="text-align:justify;">यह विवाद उस टिप्पणी से आरम्भ हुआ था, जो राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की थी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडियन स्टेट से है। इस remark के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कई नेताओं ने इसे अनुचित बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी टिप्पणी को राष्ट्रहित के विपरीत बताते हुए सिमरन गुप्ता ने 23 जनवरी 2025 को संभल के एमपी–एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की थी। करीब दस महीनों तक चले विस्तृत सुनवाई क्रम में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। समस्त अभिलेखों और कानूनी बिंदुओं पर विचार के बाद अदालत ने 7 नवंबर को यह याचिका निरस्त कर दी, जिससे राहुल गांधी को राहत मिली। अब सिमरन गुप्ता ने इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए न्याय की उम्मीद जताई है। हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई को इस पूरे मामले में निर्णायक माना जा रहा है। Simran Gupta Petition</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 16:11:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट पहुंचे पंजाब पुलिस और नवनीत चतुर्वेदी, कोर्ट ने 4 नवंबर तक दोनों पक्षों से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[नवनीत चतुर्वेदी को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा जारी, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस आमने-सामने चतुर्वेदी ने भी जताया जान का खतरा, गिरफ्तारी से पहले 10 दिन की मोहलत मांगी चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद शुरू हुआ नवनीत चतुर्वेदी का विवाद अब तक थमा नहीं है। जयपुर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-police-and-navneet-chaturvedi-reached-the-high-court/article-76948"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/punjab-haryana-high-court-min.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">नवनीत चतुर्वेदी को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा जारी, पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस आमने-सामने</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>चतुर्वेदी ने भी जताया जान का खतरा, गिरफ्तारी से पहले 10 दिन की मोहलत मांगी</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> Chandigarh News: राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद शुरू हुआ नवनीत चतुर्वेदी का विवाद अब तक थमा नहीं है। जयपुर निवासी चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस हर हाल में गिरफ्तार करना चाहती है, जबकि चंडीगढ़ पुलिस उन्हें पंजाब पुलिस के हवाले करने से इनकार कर रही है। पिछले 24 घंटों से नवनीत चतुर्वेदी को सेक्टर-3 थाना में भारी सुरक्षा के बीच रखा गया है। वहीं पंजाब पुलिस ने थाने को चारों ओर से घेरते हुए 40 से अधिक जवान तैनात कर दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब पुलिस ने थाने के बाहर अपनी मानव बैरिकेडिंग करते हुए हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सख्ती से जांच शुरू कर दी है, ताकि चतुर्वेदी को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट न किया जा सके। इसी बीच पंजाब पुलिस ने उनकी हिरासत के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जवाब में नवनीत चतुर्वेदी ने भी हाईकोर्ट का रुख किया और खुद को पंजाब पुलिस से जान का खतरा बताते हुए गिरफ्तारी से पहले 10 दिन की मोहलत मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि पंजाब में उनके खिलाफ कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं और किन थानों में।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विधायकों के समर्थन को लेकर विवाद | Chandigarh News</h3>
<p style="text-align:justify;">नवनीत चतुर्वेदी ने राज्यसभा सीट के लिए दो बार नामांकन दाखिल किया- पहली बार 6 अक्टूबर को केवल 10 विधायकों के नाम दिए गए, जबकि दूसरी बार 13 अक्टूबर को उन्हीं विधायकों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए। आम आदमी पार्टी के विधायकों का आरोप है कि उन्होंने चतुर्वेदी को कोई समर्थन नहीं दिया और न ही हस्ताक्षर किए। इसी विवाद के चलते पंजाब के कई थानों में एफआईआर दर्ज हुई और रोपड़ पुलिस 14 अक्टूबर को चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने चंडीगढ़ पहुंची, जहां चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सौंपने से साफ इनकार कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दस्तावेज लीक और विधायकों के पलटने का आरोप</h3>
<p style="text-align:justify;">चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव अधिकारी ने उनके दस्तावेज लीक कर दिए, जिससे सरकार के दबाव में आकर समर्थक विधायक पीछे हट गए। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया चंडीगढ़ में चल रही है, इसलिए शिकायतें चंडीगढ़ पुलिस को दी जानी चाहिए, न कि पंजाब पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार है। उन्होंने पंजाब में दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां और जानकारी भी मांगी है। कोर्ट ने इस मामले में भी पंजाब सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर 4 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़ में नवनीत चतुर्वेदी को पंजाब ले जाने की जंग अब हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी है। पंजाब पुलिस को जहां झटका लगा, वहीं चतुर्वेदी को भी कोई राहत नहीं मिली। दोनों पक्षों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 4 नवंबर तक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पंजाब पुलिस ने मांग की थी कि रोपड़ अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेशों के आधार पर चतुर्वेदी को उनके हवाले किया जाए। लेकिन कोर्ट ने कोई आदेश जारी नहीं किया। Chandigarh News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Gurdaspur Road Acciden: कलानौर रोड पर अड्डा नड़ांवाली के पास हुआ हादसा, मंत्री सुरक्षित" href="http://10.0.0.122:1245/pilot-car-collides-with-swift-car-on-kalanaur-road/">Gurdaspur Road Acciden: कलानौर रोड पर अड्डा नड़ांवाली के पास हुआ हादसा, मंत्री सुरक्षित</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 20:21:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>High Court: प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्रियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने के केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि विश्वविद्यालयों से डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का कोई कानूनी आधार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/delhi-high-courts-decision-on-prime-minister-modi-degree/article-75060"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/new-delhi-14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्रियों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने के केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि विश्वविद्यालयों से डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का कोई कानूनी आधार नहीं है जब तक कि इससे जनहित में कोई स्पष्ट कारण न हो। High Court News</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला तब उठा जब सूचना के अधिकार (सीआईसी के तहत एक याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी मांगी थी। सीआईसी ने 2016 में आदेश दिया था कि प्रधानमंत्री की डिग्रियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। इस आदेश को गुजरात विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय ने अदालत में चुनौती दी थी। दिल्ली विश्वविद्यालय ने सीआईसी के इस आदेश को चुनौती दी थी, जिस पर जनवरी 2017 में पहली सुनवाई के दिन रोक लगा दी गई थी। High Court News</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की शैक्षणिक जानकारी उसकी निजी जानकारी के अंतर्गत आती है, और बिना उचित कारण के उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरटीआई का दायरा असीमित नहीं है और निजता के अधिकार का भी सम्मान किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर वर्षों से राजनीतिक बहस होती रही है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी पहले ही उनकी बीए और एमए की डिग्रियों की प्रतियां सार्वजनिक कर चुकी है। फिर भी इस मुद्दे पर कई बार आरटीआई याचिकाएं दायर होती रही हैं। इस फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री की डिग्री से जुड़ी जानकारी आरटीआई के तहत सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी, जब तक कि कोई ठोस सार्वजनिक हित न हो। अदालत के इस निर्णय को निजता के अधिकार की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है। High Court News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana: बहुत जल्द बदल जाएगी हरियाणा के इस हल्के की तस्वीर, 27 सड़कों का होगा कायाकल्प" href="http://10.0.0.122:1245/twenty-seven-roads-of-haryana-will-be-rejuvenated/">Haryana: बहुत जल्द बदल जाएगी हरियाणा के इस हल्के की तस्वीर, 27 सड़कों का होगा कायाकल्प</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 17:22:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahendrapal Bittu Murder Case: महेंद्रपाल बिट्टू मर्डर केस में हाईकोर्ट ने स्टेट्स रिपोर्ट मांगी</title>
                                    <description><![CDATA[मृतक की पत्नी संतोष कुमारी ने दायर की याचिका याचिका में कहा-मेरे बेकसूर पति को बेअदबी में झूठा फंसाकर करवाया कत्ल चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Mahendrapal Bittu Murder Case: आज माननीय हाई कोर्ट में महेन्द्रपाल बिट्टू मर्डर केस में बिट्टू की पत्नी संतोष कुमारी द्वारा एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/high-court-sought-status-report-in-mahendrapal-bittu-murder-case/article-66305"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/mahendrapal-bittu.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मृतक की पत्नी संतोष कुमारी ने दायर की याचिका</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>याचिका में कहा-मेरे बेकसूर पति को बेअदबी में झूठा फंसाकर करवाया कत्ल</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Mahendrapal Bittu Murder Case: आज माननीय हाई कोर्ट में महेन्द्रपाल बिट्टू मर्डर केस में बिट्टू की पत्नी संतोष कुमारी द्वारा एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि मेरे बेकसूर पति महेंद्रपाल बिट्टू को बेअदबी के केस में झूठा फसाकर साजिशवश मेरे पति की हत्या करवाई गई है। हत्या की पीछे सभी साजिशकर्ताओं पर कड़ी कारवाई की माँग करते हुए कहा कि हत्या की साजिश को मेरे पति महेंद्रपाल बिट्टू द्वारा पहले से ही एक डायरी में लिख दिया गया था। बिट्टू की हत्या के बाद वो डायरी परिवार के हाथ लगी तो उस समय भी परिवार द्वारा हाई कोर्ट में याचिका डाली गई और हाई कोर्ट के आदेशोंनुसार उस डायरी की जाँच के आदेश किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">जाँच के दौरान जब बिट्टू की हैंडराइटिंग (लिखाई) का मिलान बिट्टू की डायरी में लिखी हैंडराइटिंग से करवाया गया तो सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में यह कहा गया कि डायरी में लिखी गई हैंडराइटिंग बिट्टू की ही है। सीएफएसएल रिपोर्ट आने से यह स्पष्ट हो गया कि बिट्टू द्वारा डायरी में लिखे गए साजिशकर्ताओं द्वारा ही मेरे बेकसूर पति को बेअदबी के केस में झूठा फंसाकर और अमानवीय यातनाएँ देकर उनसे जबरन झूठा कबूलनामा (164 स्टेटमेंट) करवाकर यह कहा कि अगर तू इस कबूलनामे से बदला तो तुझे फरीदकोट जेल से शिफ्ट करके नाभा जेल भेजकर तेरा कत्ल करवा दिया जाएगा और बिलकुल वैसे ही योजनाबद्ध तरीके से उनका कत्ल नाभा की हाई सिक्योरिटी जेल में करवाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">संतोष कुमारी ने यह भी कहा कि मेरे पति बिट्टू ने जैसे-जैसे डायरी में लिखा वैसे-वैसे ही उनके कत्ल की साजिश को अंजाम दिया गया है और जो कबूलनामा अमानवीय यातनाएं देकर करवाया गया था वो भी सीबीआई जाँच में झूठा पाया गया है। संतोष कुमारी ने माननीय हाई कोर्ट से इंसाफ की माँग करते हुए माननीय हाई कोर्ट में याचिका दायर की, इस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया और अब तक की जाँच की स्टेटस रिपोर्ट को भी तलब कर लिया है। इस केस की अगली सुनवाई 6 फरवरी लगाई गई है। Mahendrapal Bittu Murder Case</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana Transport Department: हरियाणा परिवहन विभाग खरीदेगा 750 नई बसें:- अनिल विज" href="http://10.0.0.122:1245/anil-vij-said-haryana-transport-department-will-buy-seven-hundred-fifty-new-buses/">Haryana Transport Department: हरियाणा परिवहन विभाग खरीदेगा 750 नई बसें:- अनिल विज</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/high-court-sought-status-report-in-mahendrapal-bittu-murder-case/article-66305</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 20:52:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>High Court: ट्रेनी एसआई की पोस्टिंग-ट्रेनिंग पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर (सच कहूं न्यूज)। राजस्थान सरकार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 रद्द नहीं करेगी। सरकार ने 9 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर खंडपीठ) Rajasthan High Court में जवाब पेश कर दिया है। इस मामले जस्टिस समीर जैन की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अब इस भर्ती में किसी भी ट्रेनिंग-पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/high-court-imposed-ban-on-posting-and-training-of-trainee-si/article-66273"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर (सच कहूं न्यूज)। राजस्थान सरकार सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 रद्द नहीं करेगी। सरकार ने 9 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर खंडपीठ) Rajasthan High Court में जवाब पेश कर दिया है। इस मामले जस्टिस समीर जैन की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अब इस भर्ती में किसी भी ट्रेनिंग-पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। आगे की सुनवाई के लिए 10 फरवरी 2025 की डेट दी गई है। Jaipur News</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कोर्ट में जवाब पेश किया है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को पकड़ा है। डमी व नकल करने वाले करीब 40 ट्रेनी एसआई को हमने सस्पेंड भी किया। फिलहाल भर्ती रद्द नहीं कर सकते। सरकार के जवाब पर कृषि मंत्री किरोड़ीलाल ने कहा कि इस बार में सरकार के मुखिया से पूछो, क्योंकि कमेटी के निर्णय को नकारने का अधिकार तो केवल मुख्यमंत्री को ही है।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता के वकील हरेन्द्र नील ने बताया- कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आप भर्ती को रद्द क्यों नहीं कर रहे हैं? आप निर्णय क्यों नहीं ले रहे हैं? पब्लिक से जुड़ा मामला है। इसमें इतना भ्रष्टाचार हुआ है। इस पर अब कोर्ट ही सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौररान कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को न्याय मित्र नियुक्त किया है। हाईकोर्ट ने किसी भी तरह की फील्ड पोस्टिंग और ट्रेनिंग पर रोक लगा दी है। Jaipur News</p>
<p><a title="Free Medical Camp: निशुल्क चिकित्सा महाकुंभ 18 जनवरी को" href="http://10.0.0.122:1245/free-medical-camp-on-18-january/">Free Medical Camp: निशुल्क चिकित्सा महाकुंभ 18 जनवरी को</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/high-court-imposed-ban-on-posting-and-training-of-trainee-si/article-66273</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jan 2025 11:41:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lawrence Bishnoi: लॉरेंस इंटरव्यू मामले की नए सिरे से होगी जांच हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[कहा-गैंगस्टर को स्टूडियो जैसी सुविधा दी नई दिल्ली (एजेंसी)। Lawrence Bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस के जेल से दिए गए इंटरव्यू के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने कहा कि एसआईटी ने जो कैंसिलेशन रिपोर्ट दायर की है, वह पुलिस और गैंगस्टर के बीच सांठगांठ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lawrence-interview-case-will-be-investigated-afresh-high-court-reprimands-punjab-government/article-63864"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-10/new-delhi-27.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कहा-गैंगस्टर को स्टूडियो जैसी सुविधा दी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> Lawrence Bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस के जेल से दिए गए इंटरव्यू के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने कहा कि एसआईटी ने जो कैंसिलेशन रिपोर्ट दायर की है, वह पुलिस और गैंगस्टर के बीच सांठगांठ को लेकर संदेह पैदा करती है। अदालत ने लॉरेंस के 2023 में बठिंडा जेल में रहने के दौरान निजी चैनल को दिए इंटरव्यू की नए सिरे से जांच करने का आदेश भी दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, ‘पुलिस ने अपराधी को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल की अनुमति दी और इंटरव्यू के लिए स्टूडियो जैसी सुविधा दी, जो अपराध को महिमामंडित करता है। इससे अपराधी तथा उसके सहयोगियों के जबरन वसूली सहित दूसरे अपराधों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।’</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने इस मामले में पंजाब के सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को भी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि निचले स्तर के अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। न्यायमूर्ति अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और लपिता बनर्जी की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि निलंबित अधिकारियों में केवल दो राजपत्रित अधिकारी थे, जबकि बाकी जूनियर कर्मचारी थे। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के जरिये अपराधी या उसके सहयोगियों से अवैध रिश्वत मिलने का संकेत मिलता है। यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध बनता। इसलिए, मामले में आगे की जांच की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि इस मामले में हाल ही में पंजाब पुलिस ने दो उप-अधीक्षक रैंक के अधिकारियों सहित 7 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया। हालांकि, अदालत ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रभारी शिव कुमार की भूमिका पर चिंता व्यक्त की है। जिन्हें बर्खास्त कर दिया गया था, लेकिन वे एक्सटेंशन पर बने रहे। अदालत ने रिमांड और पूछताछ के लिए लॉरेंस को बार-बार खरड़ में सीआईए में स्थानांतरित करने के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाया और राज्य को अतिरिक्त हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि हमने अपने पिछले आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि निचले स्तर के अधिकारियों को बलि का बकरा नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, अदालत ने पंजाब जेल के भीतर लॉरेंस के साक्षात्कार के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से हलफनामा न दिए जाने पर भी सवाल उठाया।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने पूछा कि डीजीपी ने यह क्यों कहा कि पंजाब की जेल में कोई साक्षात्कार नहीं हुआ और इसमें शामिल अधिकारियों पर आपराधिक साजिश अधिनियम की धारा 120-बी क्यों नहीं लगाई गई? विशेष पुलिस महानिदेशक (मानवाधिकार) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने स्वीकार किया कि लॉरेंस का एक साक्षात्कार मोहाली के खरड़ में हिरासत के दौरान हुआ था, जबकि दूसरा राजस्थान में हुआ था। इन निष्कर्षों के बाद, सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। Lawrence Bishnoi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Telangana Weather: तेलंगाना में बिजली गिरने के साथ आंधी आने के आसार" href="http://10.0.0.122:1245/chances-of-thunderstorm-with-lightning-in-telangana/">Telangana Weather: तेलंगाना में बिजली गिरने के साथ आंधी आने के आसार</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Oct 2024 18:07:17 +0530</pubDate>
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                <title>High Court: 25 मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोले जाने पर हाईकोर्ट ने लगायी मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[नैनीताल (एजेंसी)। Nainital News: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों के लिये आरक्षित 25 मार्गों को निजी वाहन कंपनियों के लिये खोले जाने के सरकार के कदम पर अपनी मुहर लगा दी है। उच्च न्यायालय के इस कदम से रोडवेज को झटका लगा है। मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/the-high-court-approved-the-opening-of-twenty-five-routes-for-private-vehicles/article-61577"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/uttarakhand-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नैनीताल (एजेंसी)।</strong> Nainital News: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों के लिये आरक्षित 25 मार्गों को निजी वाहन कंपनियों के लिये खोले जाने के सरकार के कदम पर अपनी मुहर लगा दी है। उच्च न्यायालय के इस कदम से रोडवेज को झटका लगा है। मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में आज उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। Nainital News</p>
<p style="text-align:justify;">रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से एक जनहित याचिका दायर कर कहा गया कि प्रदेश सरकार ने 15 मार्च को एक अधिसूचना जारी कर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के लिये आरक्षित 25 मार्गों को निजी कंपनियों के लिये खोल दिया गया है। इन मार्गों पर निजी वाहनों को परमिट दिये जा रहे हैं। इससे परिवहन निगम की आय पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। यह भी कहा गया कि प्रदेश सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन किया है। सरकार की ओर से रोडवेज का पक्ष नहीं सुना गया है। याचिका में सरकार के इस कदम पर रोक लगाने की मांग की गयी। Nainital News</p>
<p style="text-align:justify;">आज सरकार की ओर से दायर जवाबी हलफनामा में कहा गया कि रोडवेज का पक्ष सुना गया है। उसके बाद ही यह निर्णय लिया गया। कुमाऊं मोटर आनर्स यूनियन (केमू) की ओर से भी हस्तक्षेप करते हुए गया कि रोडवेज के पास पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश मार्गों पर निजी कंपनियों की बसें संचालित हो रही है। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सरकार के कदम पर अपनी मुहर लगा दी और जनहित याचिका को पूरी तरह से निस्तारित कर दिया है। सरकार के इस कदम से रोडवेज को झटका लगा है। Nainital News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="कोलकाता में भाजपा के मार्च पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े" href="http://10.0.0.122:1245/police-fired-tear-gas-shells-on-bjps-march-in-kolkata/">कोलकाता में भाजपा के मार्च पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छो</a></p>
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                                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 15:01:47 +0530</pubDate>
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                <title>High Court: अब पेरोल के लिए नहीं लेनी पड़ेगी कोर्ट की इजाजत: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एसजीपीसी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पेरोल देने पर हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए थे। उच्च न्यायालय ने आज फैसला सुनाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार पेरोल एक्ट के तहत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-you-will-not-need-to-take-courts-permission-for-parole-high-court/article-60904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/high-court-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एसजीपीसी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पेरोल देने पर हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए थे। उच्च न्यायालय ने आज फैसला सुनाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार पेरोल एक्ट के तहत जो भी प्रावधान हैं उनके अनुसार पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पेरोल\फरलो दे सकती है। गौरतलब हैं कि वीरवार को अदालत में मामले की सुनवाई मुक्कमल हो गई थी और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 17:28:57 +0530</pubDate>
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                <title>High Court: शंभू और खनौरी सीमाओं को एक सप्ताह के भीतर खोला जाए, हाईकोर्ट का आया आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Punjab &amp; Haryana High Court: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को आदेश दिया कि पंजाब व हरियाणा की शंभू और खनौरी सीमाओं को एक सप्ताह के भीतर खोला जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला कानून बनाने और अन्य मांगों को लेकर पंजाब के किसान संगठनों के 10 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/shambhu-and-khanauri-borders-should-be-opened-within-a-week-high-court-orders/article-59657"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/chandigarh-news-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Punjab &amp; Haryana High Court: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को आदेश दिया कि पंजाब व हरियाणा की शंभू और खनौरी सीमाओं को एक सप्ताह के भीतर खोला जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाला कानून बनाने और अन्य मांगों को लेकर पंजाब के किसान संगठनों के 10 फरवरी के ‘दिल्ली कूच’ आंदोलन के कारण दोनों सीमाएं तब से ही बंद हैं। अदालत ने विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार से सीमाओं पर राष्ट्रीय राजमार्गों से बैरीकेड हटाने का निर्देश दिया। पंजाब सरकार से अपनी सीमा में शंभू सीमा पर प्रदर्शनों को संभालने को कहा और किसान संगठनों से कानून और व्यवस्था बनाए रखने को कहा। High Court</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि स्थिति शांत है और चूंकि किसानों की मांगें केंद्र सरकार से हैं तो उन्हें दिल्ली जाने दिया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि किसान संगठनों के दिल्ली कूच आह्वान के बाद हरियाणा सरकार ने बैरीकेड लगाकर और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती से सीमाएं सील कर दीं। आंदोलन के शुरूआती दिनों में हरियाणा सुरक्षा बलों ने बलप्रयोग भी किया और ड्रोन से रबर की गोलियां दागी। कई किसान घायल हुए। दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में उनके कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। एक युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत भी हुई। किसान नेताओं की इस दौरान तीन तत्कालीन केन्द्रीय मंत्रियों से वार्ता के कई दौर चले लेकिन वार्ता विफल रही।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="IMD Alert: मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी, 4 दिनों तक बारिश आंधी-तूफान, हरियाणा, पंजाब, यूपी में अलर्ट जारी" href="http://10.0.0.122:1245/weather-department-forecast-rain-storm-for-four-days/">IMD Alert: मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी, 4 दिनों तक बारिश आंधी-तूफान, हरियाणा, पंजाब, यूपी में अलर्ट जारी</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/shambhu-and-khanauri-borders-should-be-opened-within-a-week-high-court-orders/article-59657</link>
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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 17:16:42 +0530</pubDate>
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