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                <title>Heart Health - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Heart Health RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Heart Attack Warning: हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है चेतावनी! 24–48 घंटे पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज</title>
                                    <description><![CDATA[हार्ट अटैक से पहले शरीर 24–48 घंटे पहले चेतावनी संकेत देता है। जानें सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, थकान जैसे लक्षण और समय पर बचाव के जरूरी उपाय।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/the-body-gives-warning-before-a-heart-attack-these-signs/article-84128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/heart-attack-warning.jpg" alt=""></a><br /><p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता तनाव और खराब लाइफस्टाइल ने दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा दिया है। जिस <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Heart Attack</span></span> को कभी बुज़ुर्गों की बीमारी माना जाता था, वह अब 30–40 साल के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रहा है।</p>
<p>चौंकाने वाली बात यह है कि हार्ट अटैक अचानक नहीं आता—शरीर 24 से 48 घंटे पहले ही संकेत देने लगता है। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।</p>
<h3>1. सीने में दर्द या दबाव</h3>
<p>हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत है सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस होना।</p>
<ul>
<li>यह दर्द हल्का भारीपन या जलन जैसा भी हो सकता है</li>
<li>कुछ मिनटों तक रहता है या बार-बार आता है<br />👉 इसे अक्सर गैस या एसिडिटी समझ लिया जाता है, जो खतरनाक हो सकता है।</li>
</ul>
<h3> सांस लेने में तकलीफ</h3>
<p>अगर बिना मेहनत के ही सांस फूलने लगे या हल्के काम में भी थकान हो, तो यह चेतावनी हो सकती है।<br />👉 खासकर महिलाओं में यह लक्षण बिना सीने के दर्द के भी दिखाई देता है।</p>
<h3>3. असामान्य थकान</h3>
<ul>
<li>बिना वजह अत्यधिक थकान</li>
<li>छोटे कामों में भी कमजोरी महसूस होना<br />👉 जब दिल सही से खून पंप नहीं करता, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।</li>
</ul>
<hr />
<h3>4. दर्द का फैलना</h3>
<p>दिल का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता:</p>
<ul>
<li>बाएं या दोनों हाथों में</li>
<li>गर्दन, जबड़े, कंधे या पीठ में<br />👉 अगर बिना कारण ऐसा दर्द बढ़ रहा हो, तो सावधान हो जाएं।</li>
</ul>
<h3>5. ठंडा पसीना और बेचैनी</h3>
<p>अचानक ठंडा पसीना आना, घबराहट या अजीब सा डर महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकता है।</p>
<h3>6. मतली, उल्टी और अपच</h3>
<p>कई बार हार्ट अटैक से पहले:</p>
<ul>
<li>पेट में जलन</li>
<li>उल्टी जैसा महसूस होना<br />👉 खासकर महिलाएं इसे गैस समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।</li>
</ul>
<h3> 7. चक्कर या बेहोशी</h3>
<p>अचानक चक्कर आना या बेहोशी जैसा लगना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही।</p>
<h3>⚡ किन लोगों को ज्यादा खतरा?</h3>
<p>इन लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम अधिक होता है:</p>
<ul>
<li>हाई ब्लड प्रेशर</li>
<li>डायबिटीज</li>
<li>हाई कोलेस्ट्रॉल</li>
<li>मोटापा</li>
<li>धूम्रपान</li>
<li>पारिवारिक इतिहास</li>
</ul>
<p>👉 साथ ही तनाव, खराब नींद और जंक फूड भी खतरा बढ़ाते हैं।</p>
<h3>🚑 लक्षण दिखें तो क्या करें?</h3>
<ul>
<li>तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें</li>
<li>लक्षण हल्के हों तब भी जांच कराएं</li>
<li>आपात स्थिति में एम्बुलेंस बुलाएं<br />👉 देरी जानलेवा हो सकती है</li>
</ul>
<h3>बचाव ही सबसे बेहतर उपाय</h3>
<ul>
<li>रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम</li>
<li>संतुलित और पौष्टिक आहार</li>
<li>धूम्रपान और शराब से दूरी</li>
<li>नियमित हेल्थ चेकअप</li>
<li>योग और ध्यान से तनाव कम करें</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 16:12:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Food For Heart Health: इन 5 फूड्स को हर रोज बोलोगे हाँ तो दिल बोलेगा वाह!</title>
                                    <description><![CDATA[Food For Heart Health: आजकल आपकी दिनचर्या पर आपके खानपान का ज्यादा प्रभाव पड़ता है। अगर खानपान सही ना हो तो आपको विभिन्न प्रकार की समस्याएं घेर सकती है जिनमें दिल की बीमारी मुख्य तौर पर शामिल है। आज के दौर में खराब खानपान के कारण ही क्या बुजुर्ग और क्या युवा, सब हार्ट अटैक, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/food-for-heart-health/article-50065"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/food-for-heart-health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Food For Heart Health: आजकल आपकी दिनचर्या पर आपके खानपान का ज्यादा प्रभाव पड़ता है। अगर खानपान सही ना हो तो आपको विभिन्न प्रकार की समस्याएं घेर सकती है जिनमें दिल की बीमारी मुख्य तौर पर शामिल है। आज के दौर में खराब खानपान के कारण ही क्या बुजुर्ग और क्या युवा, सब हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं। नतीजतन उनकी मौत भी हो जाती है। दिल की बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ अच्छे फूड को शामिल कर सकते हैं और दिल की समस्याओं से बच सकते हैं। आइए आज हम आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे जिनके सेवन से दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। Heart Cure Diet</p>
<p style="text-align:justify;">जिन खाद्य पदार्थों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं उनके सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। अगर आप अपनी डाइट में ये खास चीज जिसे अखरोट कहते हैं, को शामिल कर लेते हैं तो ये आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल काफी कम कर सकता है, जिसकी मदद से आप दिल की बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। बता दें कि अखरोट में फाइबर, ओमेगा-3 और फैटी एसिड होते हैं। इनकी मदद से बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम किया जा सकता है। ये आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/dry-cough/">Dry Cough से परेशान? सूखी खांसी को दूर करने में कारगर हैं ये 3 घरेलू नुस्खे</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Dry Cough से परेशान? सूखी खांसी को दूर करने में कारगर हैं ये 3 घरेलू नुस्खे” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/dry-cough/embed/#?secret=UFB1JREJAB%23?secret=bXiH3tRaE0" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;">दिल के रोगियों के लिए संतरा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए दिल के रोगों के जोखिम को कम करने के लिए आपको संतरा जरूर अपनी डाइट में शामिल करें। क्योंकि संतरे में विटामिन सी और पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इनकी मदद से आप अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रख सकते हैं। इससे ब्लड वेसल्स स्वस्थ रहता है और हाई बीपी की समस्या को कम करता है। बता दें कि जब आपका बीपी कंट्रोल में रहेगा तो दिल से जुड़ी बीमारियां आपके नजदीक भी नहीं फटकेंगी। Food For Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी डाइट में आज ही शामिल करें…फ्लैक्स सीड, जिसे अलसी के नाम से भी जाना जाता है। इसके सेवन से आप बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी हद तक कम कर सकते हैं। क्योंकि इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड सहित एंटीआॅक्सीडेंट भी पाया जाता है। जो ब्लड फ्लो को सही करता है। इसी के साथ लो फैट दही खाना भी काफी लाभदायक हो सकती है। इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है, जिसके नियमित सेवन से हार्ट रेट सही रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल की बीमारियों से बचाव के लिए आपको हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए। इस आज से ही अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। आयरन, कैल्शियम, फाइबर, पोटेशियम, विटामिन सी जो हृदय रोग की समस्या को कम कर सकते हैं। इन सब को खाने से आॅक्सीजन रिच ब्लड आपके हार्ट तक आसानी से पहुंचता है। ये ब्लड वेसल्स को भी खोलने में मददगार साबित होते हैं। इसके लिए आप अपनी डाइट में पालक, सरसों का साग, ब्रोकली, ल्यूटस शामिल कर सकते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/black-pepper-side-effects/">Black Pepper Side Effects: काली मिर्च का अत्याधिक सेवन, खराब कर सकता है आपका जीवन!</a></p>
<p style="text-align:justify;">नोट: लेख में दिए गए सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। बताई गई विधि, तरीकों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह अवश्य</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/food-for-heart-health/article-50065</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 13:08:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Heart Health : एडवांस तकनीक से दिल की गंभीर बीमारियों का इलाज आसान: Dr Akhil Rastogi</title>
                                    <description><![CDATA[बड़ौत सन्दीप दहिया। Heart Health : दिल की बीमारी अब गंभीर नही। एडवांस तकनीक से दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज (Heart Health ) अब आसान हो रहा है। उक्त बातें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल कार्डियक साइंस एंड सीटीवीएस के हेड डॉक्टर अखिल कुमार रस्तोगी ने बडौत नगर में पत्रकारवार्ता करते हुए बताई।उन्होंने कहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/treatment-of-serious-heart-diseases-is-easy-with-advanced-technology/article-48933"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/heart-health.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बड़ौत सन्दीप दहिया</strong>। Heart Health : दिल की बीमारी अब गंभीर नही। एडवांस तकनीक से दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज (Heart Health ) अब आसान हो रहा है। उक्त बातें ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल कार्डियक साइंस एंड सीटीवीएस के हेड डॉक्टर अखिल कुमार रस्तोगी ने बडौत नगर में पत्रकारवार्ता करते हुए बताई।उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है वहीं कार्डियक साइंस में काफी तरक्की भी हो रही है जिससे मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। अब हार्ट ओपन किए बिना ही सर्जरी हो रही हैं और तकनीक इतनी एडवांस हो गई है कि मुश्किल से मुश्किल केस का सफल इलाज हो रहा है। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है कि लेटेस्ट एडवांसमेंट की मदद से ऐसे केस भी सुलझाए जा रहे हैं जो बिल्कुल बॉर्डर लाइन पर होते हैं। डॉ अखिल रस्तोगी ने बताया कि हैरानी की बात ये है कि 25-40 वर्ष के बीच के लोगों में दिल की बीमारियां काफी बढ़ी हैं। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में हर चार में से एक मौत हल्के लक्षणों को इग्नोर करने के कारण होती है। आजकल कई तरह की कार्डियक सर्जरी उपलब्ध हैं। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें बैलून माइट्रल वाल्वोप्लास्टी, बैलून एट्रियल वाल्वोप्लास्टी, एट्रियल सेप्टल या वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट क्लोजर हैं। वाल्व और जन्मजात समस्याओं के लिए भी इसी तरह की प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। कार्डियक सर्जरी के लिए आजकल तीव्र दिल के दौरे पड़ने पर रेडियल रूट प्राइमरी पीटीसीए है, हार्ट ओपन किए बिना वाल्व बदलने के लिए टीएवीआई प्रक्रिया है और ओपन हार्ट सर्जरी के बिना माइट्रल वाल्व में रिसाव की रिपेयरिंग के लिए माइट्रा क्लिप है। Heart Health</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ट्रांस-एओर्टिक वाल्वुलर इंटरवेंशन (TAVI)-कार्डियक साइंस के क्षेत्र में प्रगति के साथ, तीव्र दिल के दौरे पड़ने पर रेडियल रूट प्राइमरी पीटीसीए है, हार्ट ओपन किए बिना वाल्व बदलने के लिए टीएवीआई प्रक्रिया में परक्यूटीनियस तकनीक ने इलाज में क्रांति ला दी है। टीएवीआर एक ऐसी प्रक्रिया है जहां एओर्टिक वाल्व पेरिफेरल आर्टेरियल के जरिए इम्प्लांट किया जाता है। हार्ट फेल के गंभीर मामलों में ईसीएमओ, एलवीएडी और हार्ट लंग ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाओं ने एंड स्टेज के हार्ट पेशंट को नया जीवन दिया है</p>
<p style="text-align:justify;">माइट्रा क्लिप-वाल्वुलर हार्ट की जटिलताएं एक और घातक चीज है और इसमें वाल्व बदलना ही लास्ट विकल्प बचता है. लेकिन अब माइट्रा क्लिप को कैथेटर की मदद से लगाकर बिना सर्जरी के ही वाल्व की रिपेयरिंग कर दी जाती है। माइट्रा क्लिप एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कैथेटर के जरिए दिल में वाल्व लगा दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया में नसों के जरिए कैथेटर को इंट्रा ट्रायल सेप्टम में छेद करके दिल के राइट चैंबर से लेफ्ट चैंबर में भेजा जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद इकोकार्डियोग्राफी और एक्स-रे की मदद से लीक होने वाले वाल्व पर क्लिप लगाई जाती है, जिससे मरीज की स्थित में सुधार होता है। इस प्रक्रिया के 24-48 घंटे के अंदर मरीज को डिस्चार्ज किया जा सकता है। दिल का क्रायोब्लेशन- ये एक बहुत ही लेटेस्ट तकनीक है। ये एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है यानी इसमें बहुत ही चीर-काट की जाती है। ये एक बहुत ही सुरक्षित प्रक्रिया है और इसमें स्वस्थ टिशू और आसपास के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचने की आशंका जीरो रहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">माइक्रा AV पेसमेकर- पेसमेकर तकनीक में ये एक बहुत ही क्रांतिकारी चीज आई है। ये डिवाइस दुनिया में सबसे छोटा पेसमेकर है जिसकी बैटरी लाइफ 15 साल है। इसका वजन केवल 15 ग्राम है और इसमें डुअल चैंबर की क्षमता है। आज की तारीख तक, ये डिवाइस भारत के सिर्फ दो अस्पतालों में इंप्लांट की जाती है। परंपरागत पेसमेकर्स की तुलना में इसके इस्तेमाल से 63 फीसदी दिक्कतें कम हुई हैं. माइक्रा एवी को पैर की नस के जरिए दिल में लगाया जाता है, जिसके चलते दिल में किसी तरह के कट लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और इसमें किसी तरह के इंफेक्शन का चांस भी नहीं रहता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/treatment-of-serious-heart-diseases-is-easy-with-advanced-technology/article-48933</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Jun 2023 10:35:00 +0530</pubDate>
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