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                <title>मुश्किल नहीं है गणित विषय के एग्जाम की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[Mathematics Exam | इन बातों का रखें ध्यान सरसा-सुनील वर्मा अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी गणित विषय को काफी कठिन मानते हैं इसका सबसे बढ़ा कारण यह है कि वे इस विषय का गहन अध्ययन नहीं करते हैं व इससे दूर भागते हैं। विद्यार्थी जितना इस विषय से दूर भागेगा या घबराएगा उतना ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/mathematics-exam-preparation-is-not-so-tough/article-12937"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/mathematics.jpg" alt=""></a><br /><h2>Mathematics Exam | इन बातों का रखें ध्यान</h2>
<h3 style="text-align:justify;">सरसा-सुनील वर्मा</h3>
<p style="text-align:justify;">अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी गणित विषय को काफी कठिन मानते हैं इसका सबसे बढ़ा कारण यह है कि वे इस विषय का गहन अध्ययन नहीं करते हैं व इससे दूर भागते हैं। विद्यार्थी जितना इस विषय से दूर भागेगा या घबराएगा उतना ही यह मुश्किल होता जाएगा, गणित विषय को यदि सहजता व समय देकर किया जाए तो यह सरल व रुचिकर विषय है। गणित की परीक्षा (Mathematics Exam) की तैयारी करते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समय सारणी तैयार करें विद्यार्थी</h3>
<p style="text-align:justify;">एग्जाम की तैयारी के लिए समय सारणी की अहम भूमिका है। विद्यार्थी के पास अपने पूरे दिन का प्लान पहले से तैयार होना चाहिए। कम से कम दो से तीन घंटे गणित विषय के लिए निर्धारित करें। गणित विषय का पाठ्यक्रम बाकी विषयों के मुकाबले अधिक होता है। विद्यार्थी पूरे सिलेबस को दो हिस्सों में बांट लें। पहले हिस्से में उन टॉपिक्स को लें, जो आसानी से समझे जा सकें। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा व गणित के प्रति रूचि भी बढ़ेगी। दूसरे हिस्से में कठिन टॉपिक रखें। जिसके लिए अध्यापक की व अपने सहपाठियों की मदद लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मजबूत बनाएं आधार</h3>
<p style="text-align:justify;">गणित विषय में बेसिक ज्ञान का होना अधिक आवश्यक है। विद्यार्थी रटने की प्रणाली को न अपनाकर अवधारणाओं को समझें। इससे विद्यार्थियों का आधार मजबूत होगा व विषय पर पकड़ बनेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शुद्धता व समय का ध्यान रखें विद्यार्थी</h3>
<p style="text-align:justify;">अक्सर देखा गया है कि विद्यार्थी प्रश्न हल तो कर लेते हैं, लेकिन उसमें या तो अधिक गलतियां कर देते हैं या समय का ध्यान नहीं रखते। शुद्धता व समय इस विषय के प्रमुख अंग हैं। इन दोनों पर पकड़ मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास व अध्ययन की आवश्यकता है। विद्यार्थी अधिक से अधिक सैंपल पेपर या पिछले वर्षों के बोर्ड पेपर्स को समय सीमा में हल करें। इससे शुद्धता व सही समय पर प्रश्नों को हल करने में निपुणता प्राप्त होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभिवावक भी बच्चों की कर सकते हैं मदद</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>परीक्षा के दिनों में विद्यार्थी मानसिक दबाव में होता है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अभिवावक इस दबाब को कम करने के लिए अपने बच्चों से रोज दस से पंद्रह मिनट बातचीत करें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वहीं उनके खान पान का विशेष ध्यान रखें। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>यदि विद्यार्थी इन बिन्दुओं को ध्यान में रखकर गणित विषय की तैयारी करता है तो उसे निश्चित लाभ मिलेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>साथ ही एग्जाम फोबिया से निजात मिल सकती है। </strong><br />
<h3 style="text-align:right;"><strong>नीरज पाहुजा, गणित विशेषज्ञ, सरसा (हरियाणा)।</strong></h3>
</li>
</ul>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2020 12:28:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टैक्स चोरी रोकने की नई तैयारी, E-way बिल को FASTag से जोड़ेगा राजस्व विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। राजस्व विभाग ई-वे बिल को एनएचएआई (NHAI) के फास्टैग (FASTag) सिस्टम से लिंक करने की योजना बना रहा है। ई-वे बिल को दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMICDC) के FASTag और लॉजिस्टक्स डेटा बैंक (LDB) के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सामानों की आवाजाही में तेजी लाई जा सके और टैक्स चोरी पर लगाम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-preparation-to-stop-tax-evasion/article-6664"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/tax-01.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> राजस्व विभाग ई-वे बिल को एनएचएआई (NHAI) के फास्टैग (FASTag) सिस्टम से लिंक करने की योजना बना रहा है। ई-वे बिल को दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMICDC) के FASTag और लॉजिस्टक्स डेटा बैंक (LDB) के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सामानों की आवाजाही में तेजी लाई जा सके और टैक्स चोरी पर लगाम लगाई जा सके।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव देशभर के भीतर लॉजिस्टिक लैंडस्केप में संचालन दक्षता में और सुधार लाने का काम करेगा। वर्तमान समय में विभिन्न एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने के संदर्भ में ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ तंत्र के तहत सामंजस्य की कमी देश में व्यवसाय को और आसान करने की स्थिति को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा ये देश की लॉजिस्टिक कंपनियों की लागत को भी प्रभावित कर रही है।</p>
<p>जिस प्रस्ताव पर राजस्व विभाग काम कर रहा है की मदद से उन बेईमान व्यापारियों की ओर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी को रोकने में भी मदद मिलेगी, जो कि सप्लाई चेन में लूप होल का फायदा उठाते हैं। गौरतलब है कि ई-वे बिल को देशभर में 1 अप्रैल 2018 को लागू कर दिया गया था।</p>
<h2>क्या है ई-वे बिल</h2>
<p>अगर किसी वस्तु का एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर राज्य के भीतर मूवमेंट होता है तो सप्लायर को ई-वे बिल जनरेट करना होगा। अहम बात यह है कि सप्लायर के लिए यह बिल उन वस्तुओं के पारगमन (ट्रांजिट) के लिए भी बनाना जरूरी होगा जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती हैं।</p>
<h2>क्या होता है ई-वे बिल में:</h2>
<p>इस बिल में सप्लायर, ट्रांसपोर्ट और ग्राही (Recipients) की डिटेल दी जाती है। अगर जिस गुड्स का मूवमेंट एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर एक ही राज्य के भीतर हो रहा है और उसकी कीमत 50,000 रुपए से ज्यादा है तो सप्लायर (आपूर्तिकर्ता) को इसकी जानकरी जीएसटीएन पोर्टल में दर्ज करानी होगी।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Nov 2018 08:44:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भू-जल समस्या से निपटने की तैयारी, केंद्रीय योजना लागू करेगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[योजना ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी स्थापित करने के लिए स्वीकृति चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार की इंसैंटीवेशन स्कीम फॉर ब्रिजिंग इरीगेशन गैप लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के अतिरिक्त राज्य के भू-जल की समस्या से निपटने के लिए ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी स्थापित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparation-for-dealing-with-ground-water-problem/article-3233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/captain.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">योजना ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी स्थापित करने के लिए स्वीकृति</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार की इंसैंटीवेशन स्कीम फॉर ब्रिजिंग इरीगेशन गैप लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के अतिरिक्त राज्य के भू-जल की समस्या से निपटने के लिए ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी स्थापित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भू-जल की स्थिति का जायजा लेने और केंद्रीय स्कीम को लागू करने के लिए विचार -विमर्श करने हेतू बुलाई गई एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के 40 प्रतिशत हिस्से के तौर पर 3448 करोड़ रुपए के हिस्से की सहमति दे दी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 8658 करोड़ रुपए है। उन्होंने सूबे की सहमति संबंधित आधिकारियों को भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय को तुरंत भेजने के निर्देश दिए।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सचिवों की कमेटी को मंजूरी</h1>
<p style="text-align:justify;">अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एम.पी. सिंह के नेतृत्व में चार सचिवों की एक कमेटी बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है जो आई.एस.बी.आई.जी. के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार करेगी। इस कमेटी के शेष सदस्यों में प्रमुख सचिव सिंचाई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी, प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत और प्रमुख सचिव वित्त शामिल हैं।</p>
<h1 style="text-align:justify;">योजना का मुख्य उद्देश्य</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सिंचाई क्षमता रचना (आई.पी.सी.) और सिंचाई क्षमता प्रयोग (आई.पी.यू) के बीच के अंतर का खत्म करना</li>
<li style="text-align:justify;">पंजाब में यह प्रोजेक्ट 21 जिलों में 12 नहरों के द्वारा 1249.257 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल को बढ़िया सिंचाई सुविधाएं मुहैया करवाएगा</li>
<li style="text-align:justify;">सरकार पर बोझ घटेगा</li>
<li style="text-align:justify;">ट्यूबवैलों के लिए इस्तेमाल की जाती बिजली में कमी आएगी</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparation-for-dealing-with-ground-water-problem/article-3233</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 23:51:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2 हफ्ते में भारतीय सेना को खदेड़ देंगे: डोकलाम पर चीन</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग: सिक्किम के डोकलाम एरिया पर भारत से जारी विवाद के बीच चीन के एक एक्सपर्ट ने बीजिंग की तरफ से छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन की आशंका जताई है। एक्सपर्ट ने कहा है, चीन डोकलाम में लंबे वक्त तक गतिरोध बने रहने की इजाजत नहीं दे सकता, इसलिए वहां से भारतीय सैनिकों को हटाने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/dokalm-dispute-small-operation-preparation/article-2906"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/sikkim-border.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग:</strong> सिक्किम के डोकलाम एरिया पर भारत से जारी विवाद के बीच चीन के एक एक्सपर्ट ने बीजिंग की तरफ से छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन की आशंका जताई है। एक्सपर्ट ने कहा है, चीन डोकलाम में लंबे वक्त तक गतिरोध बने रहने की इजाजत नहीं दे सकता, इसलिए वहां से भारतीय सैनिकों को हटाने के लिए 2 हफ्तों के भीतर छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन किया जा सकता है। बता दें कि सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है और भारत इसका विरोध कर रहा है। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं।</p>
<h1 class="post-title entry-title left">चीन-भारत का रिश्ता भाई-बहन जैसा</h1>
<p style="text-align:justify;">चीन-भारत के बीच सिक्किम के डोकलाम एरिया को लेकर विवाद जारी है। इस बीच, बीजिंग ने अपने तेवर अब कुछ नरम किए हैं। चीन के कॉन्सुल-जनरल मा झानवू ने कहा है, बॉर्डर पर शांति और धैर्य बनाए रखना दोनों देशों के लिए अहम है और हमें आपसी हितों पर फोकस करना चाहिए। झानवू ने ये भी कहा, चीन-भारत का रिश्ता भाई-बहन की तरह है, इसलिए मतभेद तो होंगे ही, लेकिन हमारे आपसी हित ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्या है डोकलाम विवाद?</h1>
<p style="text-align:justify;">ये विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम एरिया में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का कहना है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">भारत की क्या है चिंता?</h1>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली ने चीन से कहा है कि चीन के सड़क बनाने से इलाके की मौजूदा स्थिति में अहम बदलाव आएगा, भारत की सिक्युरिटी के लिए ये गंभीर चिंता का विषय है। रोड लिंक से चीन को भारत पर एक बड़ी मिलिट्री एडवान्टेज हासिल होगी। इससे नॉर्थइस्टर्न स्टेट्स को भारत से जोड़ने वाला कॉरिडोर चीन की जद में आ जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2017 00:37:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>र्इंट भट्ठों को प्रदूषणमुक्त करने की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[जिग-जैग तकनीक से प्रदूषण पर लगाम लगाने वाला पहला राज्य बनेगा हरियाणा प्रदेश में जल्द लागू होगी नई नीति प्रदेश में 2947 र्इंट भट्ठों पर कार्यरत हैं हजारों मजदूर चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज ने कहा है कि सरकार र्इंट भट्ठों से निकलने वाले प्रदूषण पर काफी गंभीर है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/preparation-of-brick-kilns-to-pollution-free/article-1520"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/bhathha-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">जिग-जैग तकनीक से प्रदूषण पर लगाम लगाने वाला पहला राज्य बनेगा हरियाणा</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश में जल्द लागू होगी नई नीति</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश में 2947 र्इंट भट्ठों पर कार्यरत हैं हजारों मजदूर </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। </strong>प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज ने कहा है कि सरकार र्इंट भट्ठों से निकलने वाले प्रदूषण पर काफी गंभीर है। लगभग 2 वर्ष से चल रही स्टडी के बाद सरकार ने इस प्रदूषण पर कंट्रोल करने के लिए नई नीति का निर्माण किया है। जिसके तहत प्रदेश में सभी र्इंट भट्ठे प्रदूषण मुक्त होकर ज्यादा प्रॉडक्शन करेंगे। वीरवार को वे यहां सच कहूँ से विशेष बातचीत कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">कर्णदेव कंबोज ने बताया कि प्रदेश में इस समय 2947 र्इंट भट्ठे हैं, जहां हजारों लोग काम करते हैं। इन भट्ठों से निकलने वाले प्रदूषण से जहां वहां काम करने वाले लोगों को बीमारियां घेर रही थीं, वहीं आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए भी ये बड़ी समस्या थे। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने इस समस्या पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद से इस समस्या से निजात के लिए स्टडी शुरू कर दी गई थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रुड़की लैब ने सुझाई तकनीक</h2>
<p style="text-align:justify;">कंबोज ने बताया कि काफी स्टडी एवं र्इंट भट्ठा संचालकों से विचार-विमर्श करने एवं रुड़की (हरिद्वार) की एक लैब के वैज्ञानिकों द्वारा सुझाई गई जिग-जैग तकनीक को सरकार ने इंप्लीमेंट करने का प्लॉन किया है। कंबोज ने बताया कि यह तकनीक अपनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हर भट्ठे पर 22 लाख रुपए आएगा खर्च</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रत्येक र्इंट भट्ठा संचालक को इस तकनीक को इंस्टाल करवाने में करीबन 22 लाख रुपए प्रति भट्ठा खर्चा होगा। कंबोज ने बताया कि हालांकि इस पर एक बारगी तो खर्च ज्यादा लग रहा है लेकिन इस तकनीक के बाद भट्ठे की प्रॉडक्शन काफी बढ़ जाएगी। जहां ईंटों की क्वालिटी नंबर 1 की रहेगी वहीं 90 फीसदी र्इंटें तैयार होंगी। जोकि पहले 65-70 फीसदी होता था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">टायर, बोरियां एवं अन्य पदार्थ जलाने से हो रहा था प्रदूषण</h2>
<p style="text-align:justify;">कंबोज ने बताया उन्हें शिकायत मिली थी कि कि कई र्इंट भट्ठों पर टायर, बोरियां, लकड़ी इत्यादि जला कर र्इंटों का निर्माण किया जा रहा है जिससे प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ जाती थी। उन्होंने कहा कि इस जिग-जैग तकनीक से न केवल इन ज्यादा प्रदूषण वाले ज्वलनशील पदार्थांे के उपयोग से राहत मिलेगी वहीं काले प्रदूषित धुएं की जगह बहुत ही कम मात्रा में सफेद धुआं चिमनी से निकलेगा।</p>
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</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2017 00:55:00 +0530</pubDate>
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                <title>फिरोजपुर छावनी में नए टैक्स की तैयारी, विरोध करेगी ‘आप’</title>
                                    <description><![CDATA[टैक्स लगने से जनता की बढ़ेगी परेशानी, व्यापार भी होगा प्रभावित फिरोजपुर (सच कहूँ न्यूज)। आमदन का नया जरिया बनाने के मकसद से छावनी परिक्षेत्र में बोर्ड द्वारा व्हीकल टैक्स लगाए जाने के प्रस्तावित मुद्दे का आम आदमी पार्टी विरोध करेगी। इस टैक्स के लग जाने से छावनी वासियों को परेशानी तो होगी ही, साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/preparation-of-new-tax-in-firozpur-cantt/article-1179"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/tax.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">टैक्स लगने से जनता की बढ़ेगी परेशानी, व्यापार भी होगा प्रभावित</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आमदन का नया जरिया बनाने के मकसद से छावनी परिक्षेत्र में बोर्ड द्वारा व्हीकल टैक्स लगाए जाने के प्रस्तावित मुद्दे का आम आदमी पार्टी विरोध करेगी। इस टैक्स के लग जाने से छावनी वासियों को परेशानी तो होगी ही, साथ में इसका असर छावनी के व्यापार पर भी पड़ेगा। यह बातें आम आदमी पार्टी के पूर्व स्टेट ज्वाइंट सचिव लीगल एवं एससी विंग एडवोकेट रजनीश दहिया ने कही।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धरना लगाने की चेतावनी</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में पार्टी की जिला ईकाई से लेकर वरिष्ठ नेताओं से भी बातचीत हो चुकी है। यदि छावनी परिषद अपने इस प्रस्तावित मुद्दे पर कोई लिखित या मौखिक आदेश जारी करता है तो इसका पार्टी हर स्तर पर विरोध करेगी। जरूरत पड़ने पर छावनी परिषद के कार्यालय के बाहर धरना भी दिया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">लाइसेंस फीस बढ़ाने की तैयारी</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा व्यापारिक लाइसेंस फीस, प्रॉपर्टी से संबंधित टैक्स में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी की तैयारी परिषद द्वारा की जा रही है। अभी तक जो लाइसेंस फीस 100 रुपये वसूल की जाती है उसे बढ़ाकर 1000 से 1200 रुपये तक करने की तैयारी हो रही है, जिसका पार्टी विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सरहदी जिला होने के कारण फिरोजपुर पहले से ही पिछड़ा हुआ है। ऐसे में इन नए टैक्सों के लगाए जाने से छावनी का व्यापार पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। यही नहीं व्हीकल टैक्स आम लोगों के लिए भारी मुसीबत पैदा करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>व्यापारी नवीन शर्मा, सुमित गर्ग, गगन अग्रवाल, दीपक मित्तल, कुलभूषण गुप्ता, अमित सिंगला, राजकुमार गर्ग आदि छावनी परिषद के प्रस्तावित टैक्सों का विरोध कर रहे हैं।</em></p>
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                <pubDate>Tue, 13 Jun 2017 06:24:49 +0530</pubDate>
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