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                <title>Business News In Hindi - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>GST: केंद्र सरकार का जीएसटी पर आया बड़ा फैसला!</title>
                                    <description><![CDATA[GST : जीएसटी चोरी पर गिरफ्तारी हो सकती है खत्म नई दिल्ली। भारत जीएसटी चोरी के मामलों में गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमा चलाने की सीमा ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹3 करोड़ करने पर विचार कर रहा है। गैर-अपराधीकरण पहल का उद्देश्य उत्पीड़न को कम करना और व्यापार करने में आसानी में सुधार करना है। केंद्र […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/central-governments-big-decision-on-gst/article-54900"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/gst.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">GST : जीएसटी चोरी पर गिरफ्तारी हो सकती है खत्म</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत जीएसटी चोरी के मामलों में गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमा चलाने की सीमा ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹3 करोड़ करने पर विचार कर रहा है। गैर-अपराधीकरण पहल का उद्देश्य उत्पीड़न को कम करना और व्यापार करने में आसानी में सुधार करना है। केंद्र ने ईटी को बताया कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), केंद्र के तहत शीर्ष अप्रत्यक्ष कर निकाय, इसे और अधिक प्रतिबंधात्मक बनाने के लिए समन जारी करने की प्रक्रिया में संशोधन करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है और केवल कुछ शर्तों के तहत अनुमति दी जा सकती है। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">उद्योग जगत ने मौजूदा कानून को बेहद कठोर बताते हुए दंडात्मक प्रावधानों में बदलाव की मांग की है। इस संबंध में एक प्रस्ताव जल्द ही जीएसटी परिषद में लाए जाने की उम्मीद है और अगले आम चुनाव से पहले केंद्र के लेखानुदान के समय केंद्रीय और एकीकृत जीएसटी अधिनियमों में विधायी बदलाव लाए जा सकते हैं। राज्य अपने संबंधित जीएसटी अधिनियमों में अलग से संशोधन करेंगे।</p>
<h3>उद्योग ने 5 करोड़ रुपये की मांग की है</h3>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि, बोर्ड वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के बिना फर्जी चालान और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों से जुड़े मामलों में कानून की शक्ति को कम करने के पक्ष में नहीं है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “जेल की सजा और आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की सीमा को बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये किया जा सकता है।” उन्होंने कहा कि उद्योग ने 5 करोड़ रुपये की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में, केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 132 के तहत, जीएसटी चोरी के लिए अवैध क्रेडिट एक आपराधिक अपराध है। 2 करोड़ रुपये और उससे अधिक की जीएसटी चोरी पर तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। जीएसटी परिषद ने दिसंबर 2022 में चरणों में सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी। मार्च में इसे बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया गया। रस्तोगी चैंबर्स के संस्थापक अभिषेक ए रस्तोगी ने कहा, ष्अपराधीकरण के लिए इन सीमाओं को तर्कसंगत बनाने से उन मामलों को कम करने में मदद मिलेगी जहां शामिल राशि काफी कम है या अस्पष्टता है।</p>
<h3>फर्जी चालान के मामले अभी भी अधिक हैं | Business News</h3>
<p style="text-align:justify;">ऊपर उद्धृत अधिकारी ने कहा कि फर्जी चालान और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों के उच्च मामलों को देखते हुए, बोर्ड ने ऐसे मामलों को गैर-अपराधीकरण पहल से बाहर रखने की सिफारिश की है। अधिकारी ने कहा, हालांकि अनुपालन में निश्चित रूप से सुधार हुआ है, फर्जी चालान के मामले अभी भी अधिक हैं, इसलिए कोई छूट देने का यह सही समय नहीं हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने नवंबर 2022 में इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया। अब तक 57,000 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के 6,000 मामलों का पता चला है और 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में डीजीजीआई ने 1.36 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी से जुड़े 1,040 मामलों का पता लगाया, जिनमें से 14,000 करोड़ रुपये इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी से संबंधित थे। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में जीएसटी से संबंधित कुल 91 गिरफ्तारियां हुई हैं। Business News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ICC Cricket World Cup : वसीम अकरम की बड़ी भविष्यवाणी, इस टीम को बताया वर्ल्ड कप खिताब का दावेदार!" href="http://10.0.0.122:1245/wasim-akram-called-this-team-a-contender-for-the-world-cup-title/">ICC Cricket World Cup : वसीम अकरम की बड़ी भविष्यवाणी, इस टीम को बताया वर्ल्ड कप खिताब का दावेदार!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 17 Nov 2023 06:42:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Israel Hamas War Impact: इजरायल-हमास जंग के बीच टूट रहा अडानी का यह शेयर, निवेशकों में मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[Israel Hamas War Impact: वैश्विक स्तर से मिल कमजोर संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर लगभग हर क्षेत्र में हुयी बिकवाली के कारण आज शेयर बाजार में गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी गिरावट लेकर बंद हुआ। हमास के आतंकियों और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/this-share-of-adani-is-falling-amid-israel-hamas-war-panic-among-investors/article-53463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/israel-hamas-war-impact.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Israel Hamas War Impact: वैश्विक स्तर से मिल कमजोर संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर लगभग हर क्षेत्र में हुयी बिकवाली के कारण आज शेयर बाजार में गिरावट रही। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी गिरावट लेकर बंद हुआ। हमास के आतंकियों और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर बन रही भू राजनैतिक स्थिति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शेयर बाजार में रही गिरावट के दबाव में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 483.24 अंक टूटकर 65512.39 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 141.15 अंक उतरकर 19512.35 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी तेजी बिकवाली देखी गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.22 प्रतिशत गिरकर 31686.69 अंक पर और स्मॉलकैप 1.72 प्रतिशत फिसलकर 37209.94 अंक पर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएसई में सभी समूह गिरावट में रहे जिसमें सर्विसेस में सबसे अधिक 2.73 प्रतिशत की और आईटी में सबसे कम 0.18 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी। इस दौरान बीएसई में कुल 3929 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2804 को नुकसान उठाना पड़ा जबकि 993 हरे निशान में रही। 132 कंपनियों में कोई बदलाव नहीं हुआ। वैश्विक स्तर पर मिश्रित रूख देखा गया। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.30 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.18 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि जर्मनी का डैक्स 0.54 प्रतिशत , चीन का शंघाई कंपोजिट 0.44 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.26 प्रतिशत की गिरावट में रहा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">टूट रहा अडानी का यह शेयर</h4>
<p style="text-align:justify;">अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयरों में सोमवार को 4% से अधिक की गिरावट आई। कंपनी के शेयर इंट्रा डे ट्रेड में शुक्रवार के शेयर प्राइस 830.55 रुपये के मुकाबले 4.5% टूटकर 792.95 रुपये पर पहुंच गए थे। शेयरों में इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ रही तनाव है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अडानी पोर्ट्स के शेयर पर क्यों पड़ रहा असर</h4>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब हैं कि गौतम अडानी समूह ने इजरायल के हाइफा पोर्ट का अधिग्रहण किया हुआ है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) और इजराइल के गादोत समूह ने इजराइल में हाइफा बंदरगाह के 1.18 अरब डॉलर में निजीकरण के लिए पिछले वर्ष जुलाई में बोली जीती थी। इसमें भारतीय भागीदार अडानी की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत और गादोत समूह का हिस्सा 30 फीसदी है। जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि हाइफा पोर्ट शिपिंग कंटेनर के मामले में इजराइल का दूसरा सबसे बड़ा पोत और पर्यटक क्रूज शिप के मामले में सबसे बड़ा बंदरगाह है।</p>
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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 17:44:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>RBI MPC Update: बैंकों से लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी, आरबीआई गवर्नर का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[Home Loan Fixed Rate Regime: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदारों को राहत पहुंचाने एवं उन्हें अपने ऋण के लिए ब्याज दरों के विकल्प के चयन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से फिक्स्ड दरों पर कर्ज लेने की सुविधा प्रदान करने जा रहा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/home-loan-fixed-rate-regime/article-51041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/rbi-mpc-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Home Loan Fixed Rate Regime: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदारों को राहत पहुंचाने एवं उन्हें अपने ऋण के लिए ब्याज दरों के विकल्प के चयन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से फिक्स्ड दरों पर कर्ज लेने की सुविधा प्रदान करने जा रहा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर शक्तकांत दास ने आज बयान जारी करते हुये कहा कि केन्द्रीय बैंक द्वारा की गई पर्यवेक्षी समीक्षा और जनता से मिली प्रतिक्रिया एवं संदर्भों से उधारकतार्ओं को उचित सहमति और संचार के बिना उधारदाताओं द्वारा फ्लोटिंग रेट ऋणों की अवधि को अनुचित रूप से बढ़ाने के कई मामले सामने आए हैं। RBI MPC Update</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सभी ऋण देने वालों द्वारा लागू किए जाने वाले एक उचित आचरण ढांचे को स्थापित करने का प्रस्ताव है जिसमें ऋणदाताओं को अवधि या ईएमआई को रीसेट करने के लिए उधारकर्ताओं के साथ स्पष्ट रूप से संवाद करना चाहिए, फिक्स्ड दर ऋण पर स्विच करने या ऋणों को बंद करने का विकल्प प्रदान करना चाहिए। इन विकल्पों के प्रयोग के लिए प्रासंगिक विभिन्न शुल्कों का पारदर्शी खुलासा करना चाहिए और उचित संचार करना चाहिए। उधारकतार्ओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की जानी चाहिए। इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। RBI MPC Update</p>
<h4 style="text-align:justify;">नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखना रियल एस्टेट के लिए महत्वपूर्ण कदम</h4>
<p style="text-align:justify;"> रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा नीतिगत दरों विशेषकर रेपो दर को लगातार तीसरी बार यथावत बनाये रखने का रियल एस्टेट उद्योग ने स्वागत करते हुये आज कहा कि यह इस क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। नरेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन बन्देलकर ने कहा, ‘रेपो दरों को आरबीआई द्वारा अपरिवर्तित रखने का निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। ब्याज दरों में स्थिरता से उन डेवलपरों को राहत मिलेगी जो एक जटिल आर्थिक परिदृश्य से गुजर रहे हैं। अपरिवर्तित दरें कुछ हद तक दीर्घकालिक परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने के लिए एक आवश्यक स्थिति प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही यह निर्णय सेक्टर की स्थिरता की आवश्यकता के साथ अच्छी तरह से मेल भी खाता है और एक सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देता है। हालाँकि, हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक उभरते बाजार की गतिशीलता के प्रति सचेत रहेगा और विकासोन्मुख उपायों का समर्थन करना जारी रखेगा। रियल एस्टेट डेवलपरों का निकाय विभिन्न आर्थिक कारकों पर विचार करते हुए आरबीआई द्वारा किए जा रहे सावधानीपूर्वक संतुलन कार्य को स्वीकार करता है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम एक मजबूत रियल एस्टेट क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर और नियामक अधिकारियों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आशा करते हैं जो देश के आर्थिक पुनरुत्थान में योगदान दे।</p>
<p style="text-align:justify;">त्रेहान ग्रुप के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहान ने कहा ‘ रेपो रेट को अपरिवर्तित बनाए रखने से रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए विकास के आंकड़े समान रहेंगे। आवास की मांग लगातार बढ़ रही है और आरबीआई की नीति रियल एस्टेट परिसंपत्तियों में पैसा लगाने की योजना बना रहे खरीदारों की संपत्ति-अनुकूल भावनाओं में काफी मूल्य जोड़ रही है। आरबीआई के इस कदम से मुद्रास्फीति की दरें और कम हो जाएंगी, जो निस्संदेह कम हो रही है लेकिन कंस्ट्रक्शन संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है और समग्र आर्थिक माहौल को बाधित कर रही है। आरबीआई को 4 प्रतिशत के अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निर्णय करने के लिए प्रेरित किया गया है और रेपो रेट को अपरिवर्तित रखकर यह अपने उद्देश्यों को महत्वपूर्ण रूप से प्राप्त करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गंगा रियल्टी के संयुक्त प्रबंध निदेशक विकास गर्ग ने कहा कि आरबीआई के इस निर्णय से आवास की मांग को स्थिर करने और संपत्ति बाजारों में सकारात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। रेपो दर को अपरिवर्तित रखकर आरबीआई ने उद्योग-अनुकूल रुख की मौद्रिक नीति को बनाए रखा है जो रुझानों के समेकन का समर्थन करेगा। यह रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अच्छे परिणाम देगा और इसके अलावा व्यापक आर्थिक स्थितियों को स्थिर रखने में भी मदद करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इमामी रियल्टी के प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ. नितेश कुमार ने आरबीआई नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के बावजूद आरबीआई ने रेपो दर पर यथास्थिति बनाए रखा है। इससे घर खरीदने की भावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी बातों के अलावा, देश की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। समग्र बाजार विश्वास को बढ़ावा देने और घर खरीदने को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए मौजूदा नीति दरों को जारी रखना और संभवत: ब्याज दरों में और कमी करना बेहतर होगा। रियल एस्टेट के लिए त्योहारी सीजन के दौरान इस नीतिगत निर्णय से घरेलू खपत और एनआरआई मांग बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/upi-lite-payment-limit/">UPI Lite: छोटे डिजिटल भुगतान की सीमा बढ़कर 500 रुपये : आरबीआई</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/business/home-loan-fixed-rate-regime/article-51041</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 16:43:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>LIC Saral Pension Plan : एक बार निवेश, पायें 12 हजार विशेष</title>
                                    <description><![CDATA[LIC Saral Pension Plan : जीवन बीमा निगम ने पॉलिसीधारक के रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं आपकी सेवानिवृत्ति के बाद आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। एक ऐसी ही योजना एलआईसी सरल पेंशन योजना है। पॉलिसीधारक के पास एकमुश्त भुगतान पर दो उपलब्ध […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/lic-saral-pension-plan/article-49376"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/lic-pension-plan.jpg" alt=""></a><br /><p>LIC Saral Pension Plan : जीवन बीमा निगम ने पॉलिसीधारक के रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। ये योजनाएं आपकी सेवानिवृत्ति के बाद आपको वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। एक ऐसी ही योजना एलआईसी सरल पेंशन योजना है। पॉलिसीधारक के पास एकमुश्त भुगतान पर दो उपलब्ध विकल्पों में से वार्षिकी प्रकार चुनने का विकल्प होता है। पॉलिसी के प्रारंभ में ही वार्षिकी दरों की गारंटी दी जाती है। Business News</p>
<h3 style="text-align:justify;">योजना का मुख्य उद्देश्य है:</h3>
<p style="text-align:justify;">पॉलिसी को ग्राहक-अनुकूल बनाना जो एक सूचित विकल्प चुनने में मदद करता है। बीमाकर्ता और बीमाधारक के बीच विश्वास बनाना। एकरूपता बनाना और योजना का दुरुपयोग कम करना।</p>
<h3 style="text-align:justify;">योजना के तहत पात्रता मानदंड:</h3>
<p style="text-align:justify;">1. प्रवेश के समय न्यूनतम आयु 40 वर्ष (पूर्ण)<br />
2. प्रवेश के समय अधिकतम आयु 80 वर्ष (पूर्ण)<br />
3. अधिकतम खरीद मूल्य की कोई सीमा नहीं</p>
<h3 style="text-align:justify;">पॉलिसी अवधि संपूर्ण जीवन पॉलिसी: | LIC Saral Pension Plan</h3>
<p style="text-align:justify;">1. मासिक के लिए न्यूनतम वार्षिकी: 1000 रुपये<br />
2. त्रैमासिक के लिए: 3000 रु.<br />
3. अर्धवार्षिक के लिए: 6000 रु.<br />
4. वार्षिक के लिए: 12000 रु.</p>
<h3 style="text-align:justify;">एलआईसी सरल पेंशन योजना की विशेषताएं: | LIC Saral Pension Plan</h3>
<p style="text-align:justify;">यह एक गैर-भागीदारी, एकल प्रीमियम, गैर-लिंक्ड, तत्काल वार्षिकी योजना है। यह योजना दो वार्षिकी विकल्पों के साथ आती है। ज्वाइंट जीवन पॉलिसी में पति या पत्नी की मृत्यु के मामले में 100% वार्षिकी का भुगतान पति या पत्नी को किया जाता है। हालाँकि, यदि दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो खरीद मूल्य का 100% नामांकित व्यक्ति को दिया जाएगा। बीमाधारक अपनी सुविधा के अनुसार वार्षिकी भुगतान की आवृत्ति चुन सकता है। एलआईसी सरल पेंशन योजना के तहत वार्षिकी भुगतान के वार्षिक, अर्ध-वार्षिक, त्रैमासिक और मासिक तरीके प्रदान करता है। यदि पति या पत्नी या वार्षिकीधारक या उनके बच्चों में से किसी को किसी गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो पॉलिसी को शुरूआत की तारीख से 6 महीने के बाद किसी भी समय सरेंडर किया जा सकता है। बीमित व्यक्ति योजना शुरू होने के 6 महीने बाद इस पर ऋण ले सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एलआईसी सरल पेंशन | Business News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>योजना के लाभ:</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. मृत्यु का लाभ:</strong> एकल-जीवन वार्षिकी के अंतर्गत पॉलिसी धारक की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति को खरीद मूल्य का 100% भुगतान किया जाता है। यदि जीवनसाथी जीवित है, तो उन्हें वार्षिकीधारक की मृत्यु पर समान वार्षिकी राशि प्राप्त होगी। यदि पति या पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है, तो खरीद मूल्य का 100% नामांकित व्यक्ति को दिया जाएगा।<br />
<strong>2. ऋण लाभ:</strong> एलआईसी सरल पेंशन योजना के तहत ऋण की अनुमति पॉलिसी की शुरूआत की तारीख से 6 महीने के बाद ही दी जाती है। भुगतान की गई वार्षिक ब्याज राशि 50% से अधिक न हो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 16:49:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rupees 2000 Note: 2 हजार के नोट पर आरबीआई गवर्नर का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[How many Rupees 2000 Note are back in Banks: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि 2,000 रुपये के लगभग 72 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा या बदले जा चुके हैं। दास के अनुसार, अब तक बैंकों में 2.62 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट जमा किए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rbi-governor-gave-big-update-on-two-thousand-note/article-49279"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/rupees-2000-note.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">How many Rupees 2000 Note are back in Banks: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि 2,000 रुपये के लगभग 72 प्रतिशत नोट बैंकों में जमा या बदले जा चुके हैं। दास के अनुसार, अब तक बैंकों में 2.62 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट जमा किए गए हैं या बदले गए हैं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक 2,000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य 3.62 लाख करोड़ रुपये था। आरबीआई गवर्नर ने आगे बताया कि 2,000 रुपये के नोट वापस लेने से मौद्रिक स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम में वापस आए कुल पैसे में से 85 प्रतिशत जमा में है और बाकी मुद्रा विनिमय में है। Rupees 2000 Note</p>
<p style="text-align:justify;">दास ने पीटीआई भाषा को एक साक्षात्कार में बताया, ”एक बात मैं आपको स्पष्ट रूप से बता सकता हूं कि 2,000 रुपये का जो नोट हम अभी वापस ले रहे हैं, उसका अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।” हालाँकि, उन्होंने उस विश्लेषक रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने के कदम से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा। Rupees 2000 Note</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इससे अर्थव्यवस्था को अनुमानित 6.5 प्रतिशत से अधिक बढ़ने में मदद मिलेगी। आरबीआई और सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत और पहली तिमाही के लिए 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई ने 19 मई को 2,000 रुपये के बैंक नोटों को वापस लेने का आदेश दिया और बैंकों से 23 मई को जनता से नोट इकट्ठा करने के लिए काउंटर खोलने को कहा। इन नोटों को बदलने या जमा करने की समय सीमा 30 सितंबर तक है। Rupees 2000 Note</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय बैंक ने उस समय कहा था कि मौजूदा 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। दास ने बाद में कहा था कि उन्हें यकीन नहीं है कि वह सरकार से 30 सितंबर के बाद इन नोटों की कानूनी मुद्रा स्थिति को रद्द करने के लिए कहेंगे या नहीं। 2,000 रुपये के बैंक नोट नवंबर 2016 में (आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 24 (1) के तहत) 8 नवंबर की नोटबंदी के कुछ दिनों के भीतर पेश किए गए थे, जिसमें सरकार ने मुद्रा को पूरा करने के लिए सभी 500 और 1000 बैंक नोटों की कानूनी निविदा स्थिति को वापस ले लिया था। आवश्यकताओं को शीघ्रता से पूरा करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 14:52:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Stock Market Today: छोटे शेयरों का बड़ा कमाल: एक महीने में पैसा डबल कर मचाया धमाल</title>
                                    <description><![CDATA[एक महीने की अल्पावधि में ही निवेशक हुए मालामाल नई दिल्ली। JITF Infralogistics Share Price रिटर्न के मामले में जहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयर निवेशकों को मुनाफा देने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं वहीं केवल एक महीने में चार छोटी कंपनियों के शेयरों ने बड़ी कंपनियों को पछाड़ कर रख दिया है। इन छोटी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/jitf-infralogistics-share-price/article-49075"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/stock-market-boom-sensex-shines-585-points-and-nifty-160-points.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">एक महीने की अल्पावधि में ही निवेशक हुए मालामाल</h3>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। JITF Infralogistics Share Price रिटर्न के मामले में जहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयर निवेशकों को मुनाफा देने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं वहीं केवल एक महीने में चार छोटी कंपनियों के शेयरों ने बड़ी कंपनियों को पछाड़ कर रख दिया है। इन छोटी कंपनियों के शेयर एक महीने की समयावधि में 115 से 174 फीसदी तक का रिटर्न दे चुके हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें, वो शेयर हैं, जिनकी हम बात कर रहे हैं… स्मॉल कैप स्टॉक्स JITF Infralogistics, ब्राइटकॉप ग्रुप, स्वराज शूटिंग और सर्वोटेक पावर सिस्टम। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">JITF Infralogistics के शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक महीने में यह स्टॉक 147.30 रुपये के उछाल के साथ 403.75 रुपये पर पहुंच गया है। इस अल्प अवधि में इसने 174.10 फीसदी की लम्बी छलांग लगाई है। इस अल्प अवधि के दौरान इसका शेयर न्यूनतम 144.75 रुपये और उच्चतम 403.75 रुपये के शिखर पर रहा। अगर उछाल की बात करें तो लगातार पिछले 5 दिनों के 5 फीसदी अपर सर्किट के साथ 21 फीसदी उछाल से 423.90 रुपये पर पहुंच गया है। एक माह में JITF Infralogistics के शेयर ने 174 फीसदी से अधिक की उड़ान भरी है। यह शेयर 6 माह में 301 फीसदी तथा 1 वर्ष में 263 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल कर चुका है। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">बात करें ब्राइटकाम ग्रुप की तो यह भी अपने निवेशकों को पिछले एक महीने में ज्यादा मुनाफा देकर मालामाल करने में कामयाब रहा। इसने भी इस अल्पावधि में 123.65 फीसदी की उड़ान भरी और 14.80 रुपये से बढ़कर 18.30 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद आता है स्वराज शूटिंग। इस शेयर ने भी एक महीने की समयावधि में 119.97 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज करके अपने निवेशकों को डबल मुनाफा दिया है। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">एक महीने में यह 32.55 रुपये से बढ़कर 71.60 रुपये के उच्चतम शिखर पर पहुंच गया है। ब्राइटकॉम गु्रप के शेयर तो आज भी अपर सर्किट पर लगे हैं। आज भी यह शेयर 4.98 फीसदी की बढ़त के साथ 34.75 रुपये के शिखर पर पहुंच गया है। इस शेयर ने पिछले एक महीने में 124 फीसदी की उच्चतम छलांग के साथ शिखर पर है। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">अब बात आती है चौथे शेयर सवोर्टेक पावर की। इस शेयर ने भी अपने निवेशकों का पैसा एक ही महीने में ही दोगुने से भी अधिक कर दिया है। इस अल्पावधि में यह 88.90 रुपये से बढ़कर 191.70 रुपये के शिखर पर पहुंच गया है। इस समयावधि में इसने 115.64 फीसदी की छलांग लगाई है। Stock Market Today</p>
<p style="text-align:justify;">नोट : इस लेख में विभिन्न विश्लेषकों के विचार हैं। सच कहूँ इन विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। निवेशकों को सच कहूँ की तरफ से एक मशविरा है कि वो कोई भी निवेश करने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच-पड़ताल अवश्य कर लें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 12:09:08 +0530</pubDate>
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