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                <title>Saint Dr. MSG - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>‘मन के मते चलो मत कोई,  गुरु कहे करो तुम सोई&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस कलियुग में सत्संग इन्सानियत के लिए जलते हुए भट्ठ में एक संजीवनी के समान है। क्योंकि गमों, दुखों, परेशानियों में इन्सान जल रहे हैं, इनसे बचने का एकमात्र उपाय सत्संग को सुनकर उस पर अमल कमाना है। जिस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/true-spiritual-guide-respected-guru-saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan/article-83429"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस कलियुग में सत्संग इन्सानियत के लिए जलते हुए भट्ठ में एक संजीवनी के समान है। क्योंकि गमों, दुखों, परेशानियों में इन्सान जल रहे हैं, इनसे बचने का एकमात्र उपाय सत्संग को सुनकर उस पर अमल कमाना है। जिस तरह जलते हुए शरीर में बर्फ की ठंडक असर करती है उससे सैकड़ों, हजारों गुणा अधिक असर सत्संग में आने से तड़पते हुए जीव व जीवात्माओं पर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं सत्संग में आने के पश्चात ही इन्सान को यह मालूम पड़ता है कि उसके द्वारा कौन सा कार्य किया जाना चाहिए व कौन सा नहीं। जो जीव वचनों को सुनकर मान लिया करते हैं उन पर परमानंद की बरसात होती है, और जो मनमते चलते हैं वो अपने कर्मों की स्वयं ही रूपरेखा तैयार करके खुद ही पूरी जिंदगी उसमें उलझे रहते हैं। सत्संग में आने से ही इन्सान के जन्मों-जन्म के पापकर्म व जीते-जी भी जो कर्म भोगने हैं वो भी पहाड़ से राई में बदल जाया करते हैं। लेकिन यह तभी संभव है जब इन्सान सत्संग को सुनकर उसे माने व वचनों पर अमल करे। जब तक इन्सान वचनों पर अमल नहीं करता तब तक वह खोखला है, बिल्कुल खाली है तथा खुशियों से महरूम रहता है। इसलिए वचन सुनकर उन पर अमल करो, लेकिन मन के कहेअनुसार न चलो।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संत पिछले कितने वर्षों से ही कहते आ रहे हैं कि ‘मन के मते चलो मत कोई, गुरु कहे करो तुम सोई। ये भव में गोते खिलवाए, ये गुरु से बेमुख करवाए’ अर्थात् मन बहुत बुरी बला है। ये इन्सान को इस तरह से गुमराह करता है कि उसकी हिलने तक की मजाल भी नहीं होती। उसको कोई भी जंजीर व बेड़ियां नजर नहीं आती व न कोई जाल होता है, लेकिन मन उसे अपनी गिरफ्त में ऐसा लेता है कि आदमी की उसके चंगुल से निकलने की मजाल तक नहीं होती। उससे निकलने का एकमात्र उपाय है केवल सत्संग। संतों के वचन पर अमल कमाना ही एकमात्र उपाय ऐसा है जिससे आदमी मन के चंगुल से निकल सकता है। लेकिन जब इन्सान का सतगुरु, मौला पर विश्वास न रहे तो उसके लिए सत्संग सुनना या न सुनना एक समान है तथा अगर हर समय उसके मन की तार बजती रहे तो आप समझ लीजिए मन उसका बेड़ा गरक करने वाला है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 10:59:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मार्च महीना फिर से डेरा सच्चा सौदा के लिए तीसरी बार साक्षी बनने को आतुर था&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दी और गर्मी के मीठे अहसास को अपने आंचल में समेटेने वाला मार्च महीना फिर से डेरा सच्चा सौदा के लिए तीसरी बार साक्षी बनने को आतुर था। 25 मार्च 1973 का दिन था, जब पूज्य हजूर पिता संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां अपने नन्हें-नन्हें कोमल कदमों से डेरा सच्चा सौदा दरबार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/where-did-revered-guru-ji-take-the-gurumantra/article-82696"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/msg-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सर्दी और गर्मी के मीठे अहसास को अपने आंचल में समेटेने वाला मार्च महीना फिर से डेरा सच्चा सौदा के लिए तीसरी बार साक्षी बनने को आतुर था। 25 मार्च 1973 का दिन था, जब पूज्य हजूर पिता संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां अपने नन्हें-नन्हें कोमल कदमों से डेरा सच्चा सौदा दरबार में पधारे थे, पूज्य बापू स. मग्घर सिंह जी के पावन सान्निध्य में पूज्य पिता जी अपने मुर्शिदे-कामिल से रूबरू हो रहे थे। उस दिन नाम दान का प्रोग्राम शाह मस्ताना जी धाम के तेरावास व सचखण्ड हाल के बीच वाले पंडाल में था।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/when-is-eating-figs-beneficial-and-when-is-it-harmful-know-complete-information/#google_vignette">Right Way to Eat Anjeer: अंजीर कब खाना है फायदेमंद और कब नुकसानदायक? जानें पूरी जानकारी</a></p>
<p style="text-align:justify;">आपजी अपने पूजनीय बापू जी के साथ गुरूमंत्र लेने वालों में पीछे ही बैठे हुए थे। पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने आपजी को आगे बुलाते हुए फरमाया, ‘‘काका, अग्गे आ जाओ।’’परमपिता जी ने घर-परिवार के बारे में काफी बातें करते हुए अपनी कुर्सी (स्टेज) के पास बिठाकर गुरुमंत्र की बख्शिश की। पूजनीय परमपिता जी ने आपजी को 23 सितंबर 1990 को सबके सामने साध-संगत में अपने पवित्र कर-कमलों से अपना उत्तराधिकारी घोषित कर गुरगद्दी पर विराजमान किया। आपजी ने साध-संगत में ये भी वचन किये कि ये हमारा ही रूप हैं। आपजी ने ये भी फरमाया कि हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पूजनीय परमपिता जी ने डेरा सच्चा सौदा में गुरगद्दी की नई रस्म शुरू करते हुए गुरगद्दी बख्शिश करने से कुछ महीने पहले ही पूज्य हजूर पिता जी के नाम सरकारी वसीयत लिखवा दी। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मानवता की भलाई के लिए समय-समय पर नए कार्य शुरू किए हैं। वर्तमान में डेरा सच्चा सौदा द्वारा 175 मानवता भलाई कार्य किए जा रहे हैं, जिसके तहत डेरा सच्चा सौदा के लगभग सात करोड़ अनुयायी, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार व साध-संगत दुनियाभर में दीन-दुखियों, बेसहारों, बीमारों, लाचारों व जरूरतमंदों तथा भूखे-प्यासे लोगों, पशु-पक्षियों आदि के लिए दिन-रात सेवाकार्य में जुटी हुई है। रक्तदान, नेत्रदान, जीते-जी गुर्दादान व मरणोपरांत शरीरदान की अनूठी मुहिम चलाने वाला डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई कार्यों में विश्वभर में अनेकों खिताब हासिल कर चुका है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/sinking-cities/">Sinking Cities: आने वाले समय में पानी में डूब जाएगें दुनिया के ये शहर, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:12:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नशा छुड़वाने के लिए, बुराइयां छुड़वाने के लिए सत्संग करते ही रहेंगे: पूज्य गुरू जी</title>
                                    <description><![CDATA[MSG Gurumantra Bhandara Month: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने पावन अनमोल वचनों में फरमाया कि ये सब उनका (पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज व पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज का) प्रताप है। आपजी ने फरमाया कि क्या उन्होंने अपने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/we-will-continue-to-conduct-satsang-to-help-people-get-rid-of-addiction-and-evil-respected-guru-ji/article-82113"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/msg-16-1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>MSG Gurumantra Bhandara Month: पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने पावन अनमोल वचनों में फरमाया कि ये सब उनका (पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज व पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज का) प्रताप है। आपजी ने फरमाया कि क्या उन्होंने अपने शिष्यों की संख्या बढ़ाने के लिए या मुरीदों का नंबर ज्यादा करने के लिए सत्संगें की या कर रहे हैं? जी नहीं, नशा छुड़वाने के लिए, बुराइयां छुड़वाने के लिए, गंदी आदतों को बंदा अपने आप बदल सके उसे जगाने के लिए और बंदे से रब्ब तक का सफर कैसे तय हो सकता है बंदे को ये समझाने के लिए सच्चे दाता रहबर ने सत्संग किए, कर रहे हैं और करते ही रहेंगे।</p>
<p>पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि बुराइयां छोड़कर आज ये जीव जो बैठे हैं, साध-संगत हमारे बराबर में स्क्रीनों पर दिख रही है। ये अपने-अपने धर्मों को मानते हैं क्योंकि सच्चे दाता ने किसी भी धर्म को बदलने के लिए कभी नहीं कहा। यदि आप गरीब हैं तो इसका मतलब ये थोड़े ही है कि आप धर्म बदल लो। धर्म कोई पैसा नहीं देता, यदि कोई देता है तो वो धर्म पवित्रता की तरफ घट रहा है। क्योंकि अगर आप पैसे से किसी बंदे को खरीद कर उसका नाम बदल दोगे या धर्म बदल दोगे।</p>
<h3>”सभी धर्मों की इज्जत करो, सत्कार करो”</h3>
<p>पहले तो वो बंदा ही सही नहीं, क्योंकि उसकी खानदानी वो क्या बताएगा, कि तू किस खानदान का है भाई? सारा कुछ ही बदल दिया। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि अपने धर्म में रहो। अपने धर्म को मानो। ये तो रूहानियत, सूफियत है कि अगर आप गुरु की बात को मानते हो तो यकीन मानो आपको सभी धर्मों की समझ भी आने लग जाएगी। सभी धर्मों की इज्जत करो, सत्कार करो। डेरा सच्चा सौदा में यही सिखाया गया है और यही सिखाया जा रहा है और हमेशा यही सिखाया जाएगा। कोई ऊँच-नीच नहीं होती, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। सभी से बेग़र्ज प्यार करो।</p>
<p>ये सतगुरु जी ने सिखाया, ये सतगुरु जी ने बताया, क्योंकि जितना उनका गुण गाएं उतना ही थोड़ा है। पूज्य गुरु जी ने साध-संगत को अंधविश्वासों के प्रति जागरूक करते हुए फरमाया कि सत्संगी को जादू-टोना,ताबीज़, नज़र लगनी, भूत-प्रेत, जिन्न-चुड़ैल, श्याणे/चेले/ओझा/बेगे के चक्करों में नहीं पड़ना चाहिए। आपजी ने फरमाया कि इस धरती पर भूत-प्रेत होते ही नहीं हैं और ना ही कोई नज़र लगती है। खास कर माता-बहनें इन चक्करों में ज्यादा पड़ती हैं। आपजी ने फरमाया कि धर्मों के अनुसार सच्चा व्रत यही है कि 24 घंटे सिर्फ और सिर्फ पानी पर रहो। व्रत खोलने के बाद हल्का भोजन लो, इससे आप शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। इस बात को अब विज्ञान भी मानता है।</p>
</div>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:28:39 +0530</pubDate>
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                <title>Saint MSG के सृष्टि के कल्याण को समर्पित मानवता की सेवा के बेमिसाल 40 दिन</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ)। सच्चे संत किसी भी परिस्थिति में रहें, उनका उद्देश्य एक ही होता है ”मानवता की भलाई”। संत स्वयं भी मानवता भलाई के कार्य करते हैं और दूसरों को भी सेवा कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/saint-msgs-40-days-of-unparalleled-service-to-humanity-dedicated-to-the-welfare-of-the-universe/article-81335"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/40-humanity-days.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>सरसा (सच कहूँ)। सच्चे संत किसी भी परिस्थिति में रहें, उनका उद्देश्य एक ही होता है ”मानवता की भलाई”। संत स्वयं भी मानवता भलाई के कार्य करते हैं और दूसरों को भी सेवा कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने सरसा निवास के दौरान पिछले 40 दिनों में हर दिन, हर घंटे, हर पल सृष्टि के कल्याण को समर्पित किया।</p>
<p>आप जी ने मानवता की सेवा का जो महाकुंभ चलाया, वह अपने आप में एक मील का पत्थर है। पूज्य गुरु जी ने गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जागरूकता के लिए लगातार नि:शुल्क एलोपैथी, नेचुरोपैथी और आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के अंतर्गत मेडिकल कैंप लगाए, जिनका लाभ 10 हजार से अधिक लोगों ने उठाया। देश के 100 से अधिक स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने इन कैंपों में अपनी सेवाएं दीं।</p>
<h3>पूज्य गुरु जी ने कैंपों पर होने वाला खर्च अपनी हक-हलाल की कमाई से वहन किया</h3>
<p>दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, शिमला सहित अन्य महानगरों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इन कैंपों को अद्भुत और देश के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व शाह सतनाम जी स्पैशलिटी अस्पताल, प्रबंधन की सराहना की। विशेष बात यह रही कि पूज्य गुरु जी ने इन कैंपों पर होने वाला खर्च अपनी मेहनत और हक-हलाल की कमाई से वहन किया।</p>
<p>इन शिविरों में गरीब मरीजों की नि:शुल्क जांच के साथ-साथ सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे महंगे परीक्षण भी मुफ्त किए गए। ये कैंप स्वास्थ्य जागरूकता की एक बड़ी लहर साबित हुए। देश में महिलाओं में तेजी से फैल रहे छाती के कैंसर की रोकथाम के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। यदि बीमारी प्रारंभिक अवस्था में पकड़ ली जाए तो उसका इलाज सरल हो जाता है। इन कैंपों में हजारों महिलाओं को स्वयं जांच (सेल्फ एग्जामिनेशन) करने का प्रशिक्षण दिया गया।<br />
पूज्य गुरु जी ने नशों के खिलाफ चलाई मुहिम को इन 40 दिनों में इतनी गति दी कि बड़ी संख्या में लोगों ने नशा त्याग दिया। आप जी ने भयंकर नशे के शिकार लोगों को इस अभिशाप से बचाकर उन्हें पौष्टिक आहार देकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया और उनके घरों में पुन: खुशियां लौटाईं।</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 22:23:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>MSG Maha Rahmokaram Month: &amp;#8221;गद्दी बख्शिश से पहले ही पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने यह वचन फरमा दिए थे&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[Param Pita Shah Satnam Ji: सच्चे सतगुरु पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के गद्दीनशीन होने से पहले की बात है कि आप जी, पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से आज्ञा लेकर अपने घरेलू कार्यों के लिए अपने गांव पवित्र भूमि श्री जलालआणा साहिब आए थे। आप जी को पारिवारिक कार्यों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/even-before-the-throne-was-bestowed-the-revered-beparwah-shah-mastana-ji-maharaj-had-made-these-promises/article-81228"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/param-pita-ji-nature.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Param Pita Shah Satnam Ji: सच्चे सतगुरु पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के गद्दीनशीन होने से पहले की बात है कि आप जी, पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से आज्ञा लेकर अपने घरेलू कार्यों के लिए अपने गांव पवित्र भूमि श्री जलालआणा साहिब आए थे। आप जी को पारिवारिक कार्यों में लगभग पांच-छह दिन लग गए। जब आप जी वापिस लौटे, उस समय पूजनीय बेपरवाह जी डेरा सच्चा सौदा, रानियां (सिरसा) में डेरे के बाहर एक पेड़ के नीचे विराजमान थे। जब आप जी पूजनीय बेपरवाह जी के पास पहुंचे, तो पूजनीय बेपरवाह जी ने वचन फरमाया- ‘‘हरबंस सिंह (पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का बचपन का नाम), इतने दिन कहां रहे? यह देह अब बूढ़ी हो गई है, अब आगे आपको ही काम करना है।’’ गद्दी बख्शिश से पहले ही पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने स्पष्ट रूप से यह वचन फरमा दिए थे। MSG Maha Rahmokaram Month<br />
<strong>स्त्रोत: सच्चे रूहानी रहबर, भाग-2</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 10:02:59 +0530</pubDate>
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                <title>MSG Bhandara Month: काश! उसका घर भी पक्का व सुंदर होता तो&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[Param Pita Shah Satnam Ji: 17 जनवरी 1976 गाँव महमा सरजा (पंजाब) में सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज शाम के समय अधिकांशत: बाहर खेतों में घूमने जाया करते। वहां गुरबचन सिंह फौजी नाम का एक व्यक्ति था, जिसका घर गाँव से बाहर था। उसने सोचा कि काश! उसका घर भी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/i-wish-his-house-was-also-strong-and-beautiful/article-80372"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/param-pita-jil-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Param Pita Shah Satnam Ji: 17 जनवरी 1976 गाँव महमा सरजा (पंजाब) में सत्संग था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज शाम के समय अधिकांशत: बाहर खेतों में घूमने जाया करते। वहां गुरबचन सिंह फौजी नाम का एक व्यक्ति था, जिसका घर गाँव से बाहर था। उसने सोचा कि काश! उसका घर भी पक्का व सुंदर होता तो वह भी पिता जी से अपने घर पर चरण टिकाने की प्रार्थना कर सकता। पिता जी घूमने के लिए खेतों की तरफ जा रहे थे। जैसे ही उस फौजी भाई का घर आया तो पिता जी उसके घर जाकर वहाँ पर रखे एक मूढ़े पर विराजमान हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">फौजी की आँखों से प्रेम व खुशी के आँसू बहने लगे। उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। पूज्य परम पिता जी ने उसकी सच्ची तड़प को पूरा किया तथा स्वयं कहकर उससे चाय बनवाई। परम पिता जी ने वचन किए, ‘‘परवाह न कर! मालिक खुशियां बख्शेगा।’’ उस इन्सान पर प्यारे मुर्शिद जी ने इतनी रहमत की कि उस फौजी के चार पुत्रों को सरकारी नौकरी मिल गई। सारा परिवार साध-संगत की सेवा में बढ़-चढ़ कर योगदान देने लगा। MSG Bhandara Month</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
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                                            <category>आध्यात्मिक</category>
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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 09:49:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>MSG BHANDARA Month: नाम-शब्द दिए बिना ही परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने ऐसे किया जीव का उद्धार!</title>
                                    <description><![CDATA[Param Pita Shah Satnam Ji: 2 फरवरी 1976, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज गांव हठूर जिला लुधियाना में सत्संग फरमाकर गांव दीवाना की तरफ जा रहे थे। थोड़ी दूर जाने के बाद ड्राईवर रास्ता भूलकर गांव छीनीवाल वाली सड़क पर चल पड़ा। जब गांव के बाहर पहुंचे तो एक आदमी रास्ते में हाथ जोड़कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/thout-even-uttering-a-name-the-supreme-father-thus-redeemed-the-soul/article-80123"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/param-pita-shah-satnam-ji-maharaj.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>Param Pita Shah Satnam Ji: 2 फरवरी 1976, पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज गांव हठूर जिला लुधियाना में सत्संग फरमाकर गांव दीवाना की तरफ जा रहे थे। थोड़ी दूर जाने के बाद ड्राईवर रास्ता भूलकर गांव छीनीवाल वाली सड़क पर चल पड़ा। जब गांव के बाहर पहुंचे तो एक आदमी रास्ते में हाथ जोड़कर खड़ा था। पूजनीय परम पिता जी ने ड्राईवर को फरमाया, ”मोहन सिंह, गाड़ी रोको! जब गाड़ी रुकी तो उस आदमी ने विनती की, महाराज जी! मैं तो दो घंटों से यहां खड़ा हूं कि यहां महाराज जी आएंगे और मैं दर्शन करूंगा व आपजी को दूध पिलाऊंगा। मेरी दिल की इच्छा पूरी हो गई है। MSG BHANDARA Month</p>
<p>आप धन्य हो। ”पूजनीय परम पिता जी ने आशीर्वाद देते फरमाया, ” तेरा प्रेम ही हमें यहां खींच लाया है। जाना तो हमने गांव दीवाने था, लेकिन प्रेम ने रास्ता ही भुला दिया।” फिर फरमाया, ”अब दूध भी ले आ।”उस आदमी ने दूध का गिलास पहले पूजनीय परम पिता जी को दिया और फिर सभी सेवादारों को, जो परम पिता जी के साथ थे। पूजनीय परम पिता जी ने दूध पीते हुए फरमाया,”अब आप नाम-शब्द भी ले लेना।” उस आदमी ने कहा, ”जी! सत् वचन।” इसके बाद काफिला गांव दीवाना की तरफ चल पड़ा। रास्ते में शहनशाह जी उस आदमी की बातें करते हुए कहने लगे कि ”इस बेचारे का उद्धार होना था। ”</p>
<h3>”परमपिता परमात्मा को बना लो सच्चा दोस्त” | MSG BHANDARA Month</h3>
<p>सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम (Ram Rahim) सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि परमपिता परमात्मा, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब हर जगह मौजूद है। जहां तक निगाह जाती है और जहां तक निगाह नहीं जाती, वहां भी वो प्रभु-परमात्मा मौजूद है। इसलिए उसे हासिल करने के लिए अपनी भावना व विचारों का शुद्धिकरण करो। सच्ची श्रद्धा बनाकर रखो। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि इन्सान की फितरत है कि वह जानना चाहता है कि भगवान का रंग कैसा है? उसका रूप कैसा है?</p>
<h3>भगवान का कोई रंग या रूप नहीं होता</h3>
<p>पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि वैसे तो भगवान का कोई रंग या रूप नहीं होता है, उसको आप जहां भी जिस भी रूप में देखते हैं, वहां वह नजर आता है। उदाहरण देते हुए पूज्य गुरू जी ने फरमाया कि किसी ने पूछा, तेरा गुरु कैसा है? क्या वो दूध जैसा है या फिर चंद्रमा जैसा, सूर्य जैसा, शहद या चीनी जैसा? उसने बताया कि मेरा गुरु तो गुरु जैसा है, उस जैसा कोई नहीं है। उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वो उन सबसे अरबों-खरबों गुणा बढ़कर है। उसकी जिंदा तस्वीर हर जगह होती है।</p>
<p>ऐसे परमपिता परमात्मा को अपना सच्चा यार, दोस्त बनाना चाहिए, क्योंकि दुनिया की यारी, मित्रता सिर्फ मतलबी व गर्जी है। जब तक मतलब है, तब तक बात और जब मतलब निकल गया तो मुंह फेर लेते हैं। पूज्य गुरु जी ने मालिक, अल्लाह, राम, भगवान, खुदा, गॉड, रब्ब को पाने का तरीका बताते हुए फरमाया कि भगवान ही एक ऐसा है, जो आपकी हर गर्ज को पूरी कर सकता है और वो भी बिना किसी स्वार्थ के। इसलिए भगवान को हासिल करने के लिए अपनी भावना को शुद्ध रखो। विचारों का शुद्धिकरण करो।</p>
<p>सच्ची श्रद्धा बनाकर रखो। दूसरे के दु:ख-दर्द को दूर करो, ऐसा करने से इतनी खुशियां मिलेंगी कि आपकी झोलियां छोटी पड़ जाएंगी। पूज्य गुरू जी ने फरमाया कि खुद को पाक-पवित्र बनाने का एकमात्र उपाय है रूहानियत से जुड़ो। सेवा-सुमिरन और परहित के कार्य करो। दिखावा ना करो, दीनता-नम्रता धारण करो, इससे आप मालिक के करीब होते चले जाएंगे। MSG BHANDARA Month</p>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 09:58:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वचनों को मानने से ही आती हैं खुशियां: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि परमात्मा कण-कण में मौजूद है। उसका रहमो-कर्म मूसलाधार बरसता है, पर भाग्यशाली वही हैं जो उसके बरसते रहमो-कर्म को महसूस करते हैं। उन्हें फिर अंदर-बाहर कोई कमी नहीं रहती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि परमात्मा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/happiness-comes-only-by-following-the-vachan/article-79031"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/msg-8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Saint Dr. MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि परमात्मा कण-कण में मौजूद है। उसका रहमो-कर्म मूसलाधार बरसता है, पर भाग्यशाली वही हैं जो उसके बरसते रहमो-कर्म को महसूस करते हैं। उन्हें फिर अंदर-बाहर कोई कमी नहीं रहती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि परमात्मा की खुशियां तभी हासिल होती हैं, जब इन्सान को पूर्ण पीर, फकीर मिले और जीव उनके वचनों पर अमल करे। दरगाह में आत्मा के लिए सत्संग का फल मिलता है, लेकिन तीन परहेजों में गलती करते हो,  तो वो भयानक सजा भी भोगनी पड़ती है। तीन वचनों के अलावा कोई और गलती होती है, तो इन्सान सच्चे दिल से सुमिरन करे, तौबा करे, सत्संग में आकर माफी ले लेता है तो साथ ही साथ माफ हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन अगर तीन परहेजों में गलती करता है और सेवा करता है तो उससे जो बरकतें आनी चाहिएं, जो बेइन्तहा खुशियां मिलनी चाहिएं, उससे इन्सान खाली रह जाता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि अगर आप संत, पीर-फकीर के साथ लगे हैं, तो वचनों पर अमल करना सीखो। आप दुनियादारी के लोगों को बुद्धू बना सकते हैं, उन्हें गुमराह कर सकते हैं, उनको पता नहीं चलने देते, लेकिन परमात्मा जो हर किसी के अंदर मौजूद है, उससे आप कोई पर्दा नहीं कर सकते। संत हर किसी का पर्दा रखते हैं और सबसे प्यार करते हैं, सबको मोहब्बत से नवाजते हैं। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि वचन मानना अति जरूरी है। अगर आपका रुतबा है, तो उसके नाम का। रूहानियत में अगर कोई आपको दुआ, सलाम करता है। आपकी इज्जत, सत्कार करता है, इसका मतलब यह नहीं है कि आपके कोई अलग से ताज लगा हुआ है या आप अलग से कुछ नए भाग्य लेकर पैदा हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वचनों को मानने…</h3>
<p style="text-align:justify;">यह तो मालिक के नाम का रहमो-कर्म है। तू गुरमुख है, सतगुरु का मुरीद है, तू उसका अजीज है, तू भक्ति करता है, तू सेवादार है, इसलिए लोग सत्कार करते हैं। बाकि जैसे आम आदमी हैं, वैसा ही तू है। बस उसके (मालिक के) नाम को सलाम है। इसलिए उसका नाजायज फायदा न उठाओ। वरना लेने के देने पड़ते हैं। इन्सान गलतियां करता है, वचनों की परवाह नहीं करता, तो सब खुशियां चली जाती हैं और अगर वचन मानने शुरू करता है और 100 प्रसेंट वचन मान ले, तो खुशियां वापिस आ जाती हैं। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि वचनों में गलती करने को मखौल मत समझा करो। संतों का काम माफी देना और दिलवाना है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुश रहेंगे। आपकी उम्र कम हो सकती है, आपके स्वास तेजी से चलेंगे और आपका टाईम पीरियड कम हो जाएगा। आपको बीमारियां लग सकती हैं। आप परिवार की तरफ से, शरीर की तरफ से टेंशन में आ जाओगे। ये सब गलती करने के साईड इफेक्ट हैं। आदमी गलती करता है तो उसके बैक गेयर लग जाता है और जैसे-जैसे गलतियां करता जाता है, उसके बैक गेयर की स्पीड भी बढ़ती जाती है। इसलिए गलतियां न करो। संत, पीर-फकीरों की दया को मखौल मत समझो। वो दया करते हैं, क्योंकि वो दयालु होते हैं। मालिक का नूर वो हर किसी तक पहुंचाते हैं, इसलिए दया करते रहते हैं। पर, इसका मतलब यह नहीं होता कि आप गलतियां करते ही चले जाएं, बुरे कर्म करने से बाज ही न आओ।</p>
<p style="text-align:justify;">यह तो मालिक के नाम का रहमो-कर्म है। तू गुरमुख है, सतगुरु का मुरीद है, तू उसका अजीज है, तू भक्ति करता है, तू सेवादार है, इसलिए लोग सत्कार करते हैं। बाकि जैसे आम आदमी हैं, वैसा ही तू है। बस उसके (मालिक के) नाम को सलाम है। इसलिए उसका नाजायज फायदा न उठाओ। वरना लेने के देने पड़ते हैं। इन्सान गलतियां करता है, वचनों की परवाह नहीं करता, तो सब खुशियां चली जाती हैं और अगर वचन मानने शुरू करता है और 100 प्रसेंट वचन मान ले, तो खुशियां वापिस आ जाती हैं। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि वचनों में गलती करने को मखौल मत समझा करो। संतों का काम माफी देना और दिलवाना है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुश रहेंगे। Saint Dr. MSG</p>
<p style="text-align:justify;">आपकी उम्र कम हो सकती है, आपके स्वास तेजी से चलेंगे और आपका टाईम पीरियड कम हो जाएगा। आपको बीमारियां लग सकती हैं। आप परिवार की तरफ से, शरीर की तरफ से टेंशन में आ जाओगे। ये सब गलती करने के साईड इफेक्ट हैं। आदमी गलती करता है तो उसके बैक गेयर लग जाता है और जैसे-जैसे गलतियां करता जाता है, उसके बैक गेयर की स्पीड भी बढ़ती जाती है। इसलिए गलतियां न करो। संत, पीर-फकीरों की दया को मखौल मत समझो। वो दया करते हैं, क्योंकि वो दयालु होते हैं। मालिक का नूर वो हर किसी तक पहुंचाते हैं, इसलिए दया करते रहते हैं। पर, इसका मतलब यह नहीं होता कि आप गलतियां करते ही चले जाएं, बुरे कर्म करने से बाज ही न आओ।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 09:34:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दीनता-नम्रता के धारणी बनो: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज़)। Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/be-a-follower-of-humility-and-modesty-saint-dr-msg/article-76666"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/saint-dr.-msg-2-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Saint Dr MSG: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान जब सभी का भला करने लगता है तो किसी का भला हो या न हो लेकिन उस इन्सान की भावना की वजह से परमपिता परमात्मा उस इन्सान का भला जरूर किया करते हैं। इन्सान के अंदर जैसी श्रद्धा, भावना होती है वैसी ही मालिक की दया-मेहर, रहमत उस पर बरसती है, लेकिन मालिक पर दृढ़-विश्वास होना कोई छोटी बात नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि आदमी की खुद की कमियां होती हैं जो उसके सामने खड़ी हो जाती हैं। उनकी वजह से वह जैसा खुद होता है उसे सारी दुनिया भी वैसी ही लगती है, लेकिन आप मुर्शिदे-कामिल के वचनों को सुनो और सभी का भला करो। फिर सभी आपके हो जाएंगे। बेगाना कोई भी नहीं है। सभी अपने हैं। बस, किसी को इतना अपना न बनाओ कि सतगुरु, अल्लाह, मालिक को ही भूल जाओ। वो तो रहमत का मालिक है। यह नहीं है कि वह यहां प्रकट होकर ही रहमत बरसाएगा। अगर तड़प हो, दृढ़-विश्वास हो तो बिना प्रकट हुए भी वह बेड़े पार लंघा देगा। पूज्य गुरू जी फरमाते हैं कि इन्सान को अहंकार नहीं करना चाहिए। Saint Dr MSG</p>
<p style="text-align:justify;">दीनता-नम्रता धारण करनी चाहिए कि हम सब एक हैं, सभी मालिक की औलाद हैं। जब आदमी दूसरों की निंदा-चुगली छोड़कर अपने सतगुरु, मालिक पर विश्वास रखता है तो भयानक से भयानक रोग कट जाते हैं। अगर क्यों, किंतु, परन्तु, निंदा-चुगली करते हो तो छोटे रोग भी बड़े बन जाया करते हैं क्योंकि आदमी के कर्म होते हैं। जैसी जुबान का रस है वैसा ही असर होता है। इसलिए अहंकार छोड़कर सभी से बेगर्ज, नि:स्वार्थ भावना से प्यार करो। बड़े हैं तो मां-बाप, बराबर के हैं तो बहन-भाई और छोटे हैं तो बेटा-बेटी के समान वाले रिश्ते से पुकारो। सुमिरन करो तो यकीनन मालिक की दया-मेहर, रहमत के हकदार बन जाओगे। अंदर-बाहर से खुशियां जरूर हासिल होंगी और आपके अंदर-बाहर बहारें खिल जाएंगी। Saint Dr MSG</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/an-amount-of-rs-twenty-crore-released-for-the-beneficiary-families-of-scheduled-caste-under-ashirvad-scheme/">Punjab News: पंजाब के इन परिवारों को मिलेगे 51,000 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी</a></p>
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                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 17:00:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मैं तो बैठा था अपने मुर्शिद के रूबरू तो ख़ुदा ने आवाज दी&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[मैं तो बैठा था अपने मुर्शिद के रूबरू तो ख़ुदा ने आवाज दी पगले मैं ही तो हूँ तेरे सामने -जसविन्द्र जीन्द खुशियों का खजाना है सेवा-सुमिरन: पूज्य गुरु जी सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सेवा और सुमिरन इन्सान को वह तमाम खुशियां दिला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/anmol-vachan/i-was-sitting-in-front-of-my-murshid-when-god-called-out/article-76290"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/saint-dr-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><strong>मैं तो बैठा था अपने </strong><br />
<strong>मुर्शिद के रूबरू</strong><br />
<strong>तो ख़ुदा ने आवाज दी </strong><br />
<strong>पगले मैं ही तो हूँ तेरे सामने</strong><br />
<strong>-जसविन्द्र जीन्द</strong></p>
<h3>खुशियों का खजाना है सेवा-सुमिरन: पूज्य गुरु जी</h3>
<p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सेवा और सुमिरन इन्सान को वह तमाम खुशियां दिला देते हैं, जिसकी इन्सान ने कभी कल्पना भी नहीं की होती। अकसर यह कहा जाता है कि जो भाग्य में है वो मिलता है, जो मिलना है वह मालिक ने लिख दिया है। इसका मतलब यह नहीं होता कि आप हाथ पर हाथ रख कर बैठ जाओ। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि सभी धर्मों में लिखा है कि इन्सान कर्म योगी व ज्ञान योगी है। इसलिए ज्ञानयोगी बनो और उसके अनुसार कर्म योगी भी बनें, तो इन्सान अपनी तकदीर को बदल सकता है। ये खुदमुखत्यार है, सर्वोत्तम जून है। पशु, पक्षी, परिंदे जैसा कर्मों में लिखा है वे वैसा भोगते हैं। पर मनुष्य को मालिक ने खुदमुखत्यारी दी है, शक्ति दी है, जिससे यह परमपिता परमात्मा का नाम लेकर अपनी तकदीरों को बदल सकता है, अपने अंदर आत्मशक्ति पैदा करके बुलंदियों को छू सकता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जिस प्रकार इन्सान सुबह, दोपहर, शाम अपने शरीर के लिए खुराक लेता है। उसी तरह आत्मा को भी खुराक चाहिए जिससे आत्मबल बढ़े। धर्मों के अनुसार आत्मा की खुराक तो हमारे अंदर है। प्रभु, अल्लाह, वाहेगुरू, राम के नाम की भक्ति करो तो आत्मबल बढ़ता है और जिनके अंदर आत्मबल होता है सफलता उनके कदम जरूर चूमा करती है। नासा साइंस केंद्र अमेरिका भी यह कहता है कि अगर आपको विल पॉवर चाहिए तो आप लगातार ईश्वर का नाम जपो। अगर जल्दी भगवान से आत्मबल चाहते हो तो सुबह 2 से 5 का समय है इसमें उठकर मेडिटेशन (गुरूमंत्र का जाप) करो, क्योंकि इसमें आक्सीजन ज्यादा व शुद्ध होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि चाहे धर्म की मानो चाहे विज्ञान की, क्योंकि धर्म से ही विज्ञान बनी है, विज्ञान से धर्म नहीं बना। धर्म महाविज्ञान है। धर्म ने जो बात कह दी वो बदलती नहीं, लेकिन साइंस पैर-पैर पर बदली है। धर्म खुले दिमाग से पढ़ने के लिए है, धर्म सभी के लिए है, इसे कोई भी पढ़ सकता है। धर्म ने कोई जात-पात, मजहब का चक्कर नहीं चलाया। यह तो आदमी के दिमाग का कचरा है। सभी धर्मों में लिखा है कि जो अल्लाह, वाहेगुरू, राम का नाम जपेगा, वो ही उसकी कृपा दृष्टि को पाएगा, उसके दर्शन करेगा, जो नहीं जपेगा वह अपने कर्मों का फल भोगता रहेगा। आप जी ने फरमाया कि अगर भगवान से मांगना है तो अच्छी धरती, अच्छा पानी, तंदरुस्ती, अच्छी संतान मांगो, भगवान से मांगना है तो भगवान को मांगो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 14:38:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Maha Paropkar Diwas: &amp;#8221;गुरु और मुरीद का रिश्ता अनमोल तोहफा&amp;#8221;</title>
                                    <description><![CDATA[MSG Maha Paropkar Diwas: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि गुरु और मुरीद का रिश्ता वो अनमोल तोहफा होता है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। मुरीद सच्चे दिल से पीरो, मुर्शिदे-कामिल के वचन माने, वही मुरीद कहलाता है। आप जी फरमाते हैं कि गुरु, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sarsa/msg-maha-paropkar-diwas/article-76066"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-09/gurugaddi-diwas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">MSG Maha Paropkar Diwas: सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि गुरु और मुरीद का रिश्ता वो अनमोल तोहफा होता है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। मुरीद सच्चे दिल से पीरो, मुर्शिदे-कामिल के वचन माने, वही मुरीद कहलाता है। आप जी फरमाते हैं कि गुरु, मुर्शिदे-कामिल हर कार्य, हर वचन जीव के भले के लिए करते हैं। उसमें उनका अपना निजी मकसद, निजी स्वार्थ नहीं होता। Maha Paropkar Diwas</p>
<p style="text-align:justify;">जब इन्सान हद से ज्यादा गुजर जाता है, शातिर बन जाता है, शैतान बन जाता है तो गुरु, पीर-फकीर की बात अच्छी नहीं लगती। उसमें अहंकार इतना हो जाता है कि उसे लगता है कि सिर्फ वही सही है और बाकी दुनिया गलत है। ऐसे में उसे जो कुछ मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता। सतगुरु, मौला जब बात कहते हैं, इन्सान उसे सुने और अमल कर ले तो अंदर-बाहर उसे कोई कमी नहीं रहती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संत कहते हैं कि अल्लाह, वाहेगुरु, राम का नाम जपो, मन के पीछे न चलो और ऐसे गलत कर्म न करो, जिसका आने वाले टाईम में आपको फल भोगना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">सच्चे दाता परमपिता शाह सतनाम जी महाराज ने वचन भी किए हैं कि ‘हंसदे ने खिड-खिड जेड़े, रोवण गे यार कल नूं, जमां नै लेखा लैणा, फड़के तलवार कल नूं।’ कि भई, आज बुरे कर्म करके हंस रहे हो, अपनी चालाकियों पे हंस रहे हो तो आने वाले टाईम में जब उसका हिसाब-किताब देना पड़ेगा, फिर आप रोओगे, तड़पोगे और सारी चतुर-चालाकी धरी की धरी रह जाएगी। इस लिए ही अपने मुरीदों को संत इससे रोकते हैं। Maha Paropkar Diwas</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सरसा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 09:43:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>Saint Dr. MSG: युवाओं के सच्चे पथ प्रदर्शक हैं सेंट डॉ. एमएसजी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/special-on-international-youth-day/article-74547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/international-youth-day.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Saint Dr. MSG: वर्तमान युग में युवा पथभ्रमित होकर नशों और बुराइयों के दलदल में धंसता जा रहा है। इसकी बड़ी वजह है सही मार्गदर्शन न मिल पाना। ऐसे समय में युवा पीढ़ी को समाज उत्थान में भागीदार बनाने का बीड़ा उठाया डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने। पूज्य गुरु (Saint Dr. MSG) जी की डेफ्थ मुहिम से प्रेरित होकर जहां करोड़ों युवाओं ने नशों से तौबा की, वहीं ये युवा बुराइयों से दूर रहकर एक स्वस्थ समाज की संरचना में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूज्य गुरुजी के ही मार्गदर्शन का कमाल है कि उनके एक आह्वान पर सैकड़ों, हजारों नहीं बल्कि लाखों युवा एक साथ उठ खड़े होते हैं कभी नशों के खिलाफ तो कभी महानगरों को साफ करने के लिए चलाए गए ‘हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप’ सफाई महाअभियानों में शामिल होने तो कभी पौधारोपण अभियान के लिए।</p>
<p style="text-align:justify;">‘अंतर्राष्टÑीय युवा दिवस’ के अवसर पर अगर हम एक ऐसी हस्ती का चयन करें जो वास्तविक अर्थों में यूथ आइकॉन हो तो वो हैं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. MSG)। पूज्य गुरुजी कभी संत के रूप में तो कभी पापा कोच के रूप में, कभी रॉक स्टॉर व फिल्म अभिनेता बनकर तो कभी रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान जैसी अद्भूत मुहिम चलाकर समाज को बुराइयों से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। पूज्य गुरुजी के गीत-संगीत पर आधारित म्यूजिकल नाइट्स प्रोगाम ‘रूहानी रूबरू नाइट्स’ में उमड़ने वाला युवाओं का जनसमूह बदलते हुए समाज में आ रहे क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी रहा है। जहां युवा नशे व बुराइयों के लिए नहीं बल्कि राम-नाम, अध्यात्म और अपने सतगुरु के लिए रात-रात भर संगीत की धुनों पर थिरकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये पूज्य गुरुजी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी 7 करोड़ साध-संगत में अधिकत्तर युवा हैं, जो उनके वचनों की अक्षरश: पालना करते हैं। पूज्य गुरुजी के आह्वान पर युवा जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगाकर वर्ल्ड रिकार्ड बना देते हैं तो कभी समाज में तिरस्कृत दृष्टि से देखी जाने वाली वेश्याओं को भी अपने जीवनसाथी के रूप में बेहिचक अपनाने के लिए आगे आते हैं। पूज्य गुरुजी के एक आह्वान पर एक साथ हजारों युवा जीते जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का प्रण लेते हैं तो नशे की दलदल में फंसे युवा बुराई छोड़कर अध्यात्म पथ पर बढ़ते हुए स्वस्थ समाज के निर्माण में जुटे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वकला संपन्न पूज्य गुरुजी का पावन सानिध्य पाकर डेरा सच्चा सौदा से जुड़े करोड़ों युवा संयमित और आदर्श जीवन यापन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। रिश्तों के प्रति ईमानदारी, बड़े बुजुर्गों का मान-सम्मान, पुरातन संस्कार व अध्यात्म से जुड़ाव और सदैव दूसरे के भले की कामना करना इन युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग है। पूज्य गुरुजी के वचनों की पालना करते हुए युवा मानवता भलाई के 168 कार्यों में लगे हुए हैं। ये युवा विदेश में रहकर भी मानवता भलाई के कार्य कर रहे हैं, युवाओं के इस विलक्षण सेवा भाव को देखकर पाश्चत्य जगत के लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं। अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और यूएई सहित कितने ही देशों में सफाई अभियान, रक्तदान और जरूरतमंदों की मदद सहित मानवीय कार्यों के लिए वहां के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के नाम अनेकों प्रशंसा पत्र दिए जा चुके हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>आध्यात्मिक</category>
                                            <category>सत्संग</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 14:48:04 +0530</pubDate>
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