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                <title>नीति आयोग की पिरामल फाउंडेशन के साथ साझेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 25 पिछड़े जिलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के जरिये मानव विकास सूचकांक में सुधार के उद्देश्य से नीति आयोग ने आज पिरामल फाउंडेशन के साथ करार किया। इस साझेदारी के तहत पिरामल फाउंडेशन इन जिलों में स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की दिशा में काम करेगा। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/partnership-with-the-piramal-foundation-of-the-policy-commission/article-3622"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/niti-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>देश के 25 पिछड़े जिलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के जरिये मानव विकास सूचकांक में सुधार के उद्देश्य से नीति आयोग ने आज पिरामल फाउंडेशन के साथ करार किया। इस साझेदारी के तहत पिरामल फाउंडेशन इन जिलों में स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की दिशा में काम करेगा। वह ‘ट्रांसफॉर्मेशन आॅफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स’ कार्यक्रम में सहयोग के लिए जिलाधीशों और प्रमुख अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और पिरामल समूह के अध्यक्ष अजय पिरामल भी मौजूद थे। कांत ने कहा कि सरकार द्वारा चुने गये 115 पिछड़े जिलों को ‘संभावना वाले जिलों’ का दर्जा दिया गया था। इनका चुनाव स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, कृषि, जल संसाधन और बुनियादी ढांचे से संबंधित छह सामाजिक-आर्थिक मापदंडों पर किया गया था। इन जिलों में से 25 जिले नीति आयोग को मिले हैं, जबकि नक्सल प्रभावित 33 जिले गृह मंत्रालय के पास हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शेष जिले विभिन्न केन्द्रीय विभागों को दिये गये हैं। नीति आयोग को मिले 25 जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए फाउंडेशन के साथ साझेदारी की गयी है। इस अवसर पर पिरामल ने कहा कि जब भी कुछ अभिनव किया जाता है, उसके साथ जोखिम आता ही है। यही वह क्षेत्र है जहां निजी क्षेत्र ऐसी चुनौतियों से निपटने में सरकार की सहायता कर सकता है। बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी की आवश्यकता होती है। उनके फाउंडेशन को इन पिछड़े जिलों में सुधार के लिए सहयोग के लिए नीति आयोग द्वारा चुना जाना सुखद है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Mar 2018 06:25:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>एयरटेल की विमान कनेक्टिविटी के लिए सीमलेस अलायंस के साथ साझेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (एजेंसी)। दूरसंचार सेवायें देने वाली देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी भारती एयरटेल ने सीमलेस अलायंस के साथ साझेदारी की है जो विमान के केबिन में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल आॅपरेटरों और एयरलाइंस को एक मंच प्रदान करता है। एयरटेल सहित अलायंस के सदस्य उपग्रह प्रौद्योगिकी के जरिये अपने ग्राहकों को सतह से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/airtels-partnership-with-the-seamless-alliance-for-air-connectivity/article-3555"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-02/airtel-partnership.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (एजेंसी)। </strong>दूरसंचार सेवायें देने वाली देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी भारती एयरटेल ने सीमलेस अलायंस के साथ साझेदारी की है जो विमान के केबिन में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल आॅपरेटरों और एयरलाइंस को एक मंच प्रदान करता है। एयरटेल सहित अलायंस के सदस्य उपग्रह प्रौद्योगिकी के जरिये अपने ग्राहकों को सतह से विमान और विमान से सतह पर लगातार हाई स्पीड सेवायें देने में सक्षम होंगे। इससे लागत को कम करने में भी मदद मिलेगी। इस अलायंस के गठन की घोषणा आज बार्सिलोना में की गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके सदस्यों में वनवेब, एयरबस, डेल्टा और स्प्रिंट शामिल है। अलायंस के संस्थापक सदस्यों के अलावा इसमें कई और आॅपरेटरों के शामिल होने की उम्मीद है। एयरटेल के भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल विट्टल ने कहा कि इस नवाचारी प्लेटफॉर्म का एक संस्थापक सदस्य बनकर एयरटेल गौरवान्वित है। वैश्विक स्तर पर एयरटेल नेटवर्क के 37 करोड़ ग्राहक विमान में निर्बाध हाई स्पीड डाटा का उपयोग कर सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म को यथाशीघ्र शुरू करने के लिए सभी सदस्यों के बीच मिलकर काम किया जा रहा है। दुनिया के 16 देशों के काम करने वाली एयरटेल दुनिया की तीसरी बड़ी दूरसंचार कंपनी है।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2018 02:41:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूरोपीय संघ से प्रगाढ़ होते संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[यह सुखद है कि यूरोपीय संघ से भारत का बहुआयामी संबंध और सामरिक भागीदारी लगातार प्रगाढ़ हो रहा है। नई दिल्ली में संपन्न शिखर बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच आतंकवाद समेत मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद, लखवी और दाऊद इब्राहिम जैसे वैश्विक आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर सहमति एक बड़ी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/eu-intensifies-the-relationship/article-3399"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/india-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">यह सुखद है कि यूरोपीय संघ से भारत का बहुआयामी संबंध और सामरिक भागीदारी लगातार प्रगाढ़ हो रहा है। नई दिल्ली में संपन्न शिखर बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच आतंकवाद समेत मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद, लखवी और दाऊद इब्राहिम जैसे वैश्विक आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर सहमति एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिखर बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच सौर गठबंधन निवेश, बेंगलुरु मेट्रो निवेश और विज्ञान अनुसंधान विनिमय समेत कई अन्य अहम समझौतों पर मुहर लगी है। यूरोपीय यूनियन ने भारत की समुद्री सीमा की रक्षा की वचनबद्घता के साथ भविष्य में सैन्य सहयोग बढ़ाने की भी हामी भरी है। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझीदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">वह भारत को अन्य विश्व शक्तियों की तरह एक क्षेत्रीय और वैश्विक महाशक्ति के रुप में महत्व देता है जिसकी वजह से दोनों के बीच व्यापारिक संबंध परवान चढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि साल 2016 में यूरोपीयन यूनियन के साथ करीब 88 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। इसके अलावा यूरोपीय यूनियन भारत के निर्यात का भी सबसे बड़ा केंद्र है।</p>
<p style="text-align:justify;">  अभी गत वर्ष ही बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में संपन्न 13 वां भारत-यूरोपीय शिखर बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिला और व्यापार, उर्जा, सुरक्षा और वाणिज्य के मसले पर दोनों के बीच उल्लेखनीय प्रगति हुई। इस बैठक में आतंकवाद के मसले पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव को गंभीरता से लिया गया और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्घता जाहिर की गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन समझ से परे है कि एफटीए पर बार-बार वार्ता का संकेत दिए जाने के बावजूद भी इस दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं हो रही है। जबकि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में इसे मूर्त रुप दिया जाना बहुत आवश्यक है। गौर करें तो एफटीए पर सहमति न बनना दोनों पक्षों के लिए नुकसानदायक है। उल्लेखनीय है कि कई तरह की बाधाओं ने इन वार्ताओं को दस वर्षों से रोक रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर इस दिशा में रचनात्मक पहल होती तो एफटीए लागू होता और वस्तुओं पर शुल्क काफी हद तक कम होता। भारत और यूरोपीय संघ के इतिहास में जाएं तो 1963 में भारत ने यूरोपीय आर्थिक समुदाय के साथ कुटनीतिक संबंध स्थापित किए और 1973 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय द्वारा वाणिज्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किया।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2000 से भारत और यूरोपीय संघ एकदूसरे के काफी निकट आ गए। भारत और यूरोपीय संघ के बीच निकटता अनायास नहीं है। भारत और यूरोपीय संघ दोनों लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। दोनों क्षेत्र आतंकवाद से ग्रसित हैं। दोनों बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के समर्थक और एकध्रवीय व्यवस्था के विरुद्घ हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भारत एक बड़ा बाजार है और यहां पूंजी निवेश और तकनीकी की आवश्यकता है। एक ओर भारत को विज्ञान, संचार, महासागरीय शोध, अंतरिक्ष व परमाणु क्षेत्र इत्यादि में यूरोपीय संघ के मदद की दरकार है वहीं वैश्विक स्तर पर जन्म ले रही समस्याओं जैसे पर्यावरण समस्या, लिंग असमानता, मानवाधिकार हनन व सतत विकास इत्यादि के समाधान के लिए यूरोपीय संघ को भारत की भी जरुरत है। मौजुदा समय में यूरोपिय संघ के सदस्य देशों की संख्या 28 है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोपीय समुदाय को कई नामों से पुकारा जाता है जैसे-यूरोपिय आर्थिक समुदाय, साझा बाजार, यूरोपिय साझा बाजार, और यूरोपिय आर्थिक सहयोग संगठन इत्यादि। यूरोपिय संघ सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रुप में मान्यता देता है एवं इसके कानून सभी सदस्य राष्ट्रों पर लागू होता है। यूरोपिय संघ में तकरीबन 500 मिलियन नागरिक हैं एवं यह विश्व के सकल घरेलू उत्पाद का 31 फीसद योगदानकर्ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोपिय संघ समूह आठ संयुक्त राष्ट्र संघ तथा विश्व व्यापार संगठन में अपने सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करता है। यूरोपिय संघ के 21 देश नाटो के भी सदस्य हैं। 28 सदस्यीय यूरोपिय संघ वैश्विक अर्थव्यवस्था की प्रमुख ताकत हैं और साथ ही सेवा और सामान का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक एवं आयातक भी। यूरोपीय संघ भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के विशालतम स्रोतों में से है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए यूरोपीय संघ के सर्वाधिक महत्वपूर्ण देश ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड और इनके बाद फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम है। शीतयुद्घोत्तर युग में यूरोप में राजनीतिक-कुटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर कई तरह के बदलाव हुए जिन्होंने भारत की घरेलू और विदेश नीति को भी प्रभावित किया। नई दिल्ली में शिखर बैठक में आतंकवाद समेत कई आर्थिक-व्यापारिक मसलों पर सहमति जताकर भारत और यूरोपीय संघ ने अपने प्रगाढ़ होते रिश्ते को एक नई ऊंचाई दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अरविंद जयतिलक</strong></p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Oct 2017 04:37:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल: मजबूत सुरक्षा साझेदारी बनाना चाहता है भारत</title>
                                    <description><![CDATA[स्वागत के लिए किया आभार व्यक्त तेल अवीव:  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल आपसी शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा खतरों को उचित ढंग से जवाब देने के लिए एक ‘मजबूत सुरक्षा साझेदारी’ बनाने के लिए काम करेंगे।  मोदी ने कल देर रात श्री मोदी के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/israel-india-wants-to-build-a-strong-security-partnership/article-1940"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">स्वागत के लिए किया आभार व्यक्त</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>तेल अवीव: </strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल आपसी शांति, स्थिरता और समृद्धि के साझा खतरों को उचित ढंग से जवाब देने के लिए एक ‘मजबूत सुरक्षा साझेदारी’ बनाने के लिए काम करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"> मोदी ने कल देर रात श्री मोदी के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी के साथ रात्रि भोज से पहले कहा मैं ‘मजबूत सुरक्षा साझेदारी’ के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ एक स्पष्ट एजेंडा बनाने के लिए काम करुंगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> मोदी ने यहां उनके गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा, “विकास की प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी और नवीनता का उपयोग हमें अकादमिक, वैज्ञानिक, अनुसंधान और व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Jul 2017 22:51:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जापान के साथ भागीदारी और मजबूत होगी: वसुन्धरा राजे</title>
                                    <description><![CDATA[1700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश  प्रदेश को मिलेगा प्रगाढ़ रिश्तों का फायदा जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि भारत एवं जापान के प्रगाढ़ रिश्तों का फायदा राजस्थान को मिला है। जापान एवं राजस्थान पिछले एक दशक से मिलकर काम कर रहे हैं और यह पार्टनरशिप आने वाले समय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/partnership-will-be-stronger-with-japan-vasundhara-raje/article-1215"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cmp_0274.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">1700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> प्रदेश को मिलेगा प्रगाढ़ रिश्तों का फायदा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि भारत एवं जापान के प्रगाढ़ रिश्तों का फायदा राजस्थान को मिला है। जापान एवं राजस्थान पिछले एक दशक से मिलकर काम कर रहे हैं और यह पार्टनरशिप आने वाले समय में और अधिक मजबूत होगी। इसमें जापान एक्सटर्नल ट्रेड आॅर्गेनाइजेशन (जेट्रो) की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। श्रीमती राजे बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जेट्रो के प्रतिनिधिमण्डल के साथ बैठक के दौरान संबोधित कर रही थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमारे पिछले कार्यकाल में नीमराणा (अलवर) में स्थापित जापानी इन्वेस्टमेंट जोन आज एक रोल मॉडल है जिसका अनुसरण अन्य राज्य भी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी सफल जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जेट्रो द्वारा आयोजित सेमीनार एवं इन्वेस्टर्स मीट के फलस्वरूप राजस्थान में 1700 करोड़ से अधिक का निवेश हाल ही आया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा में निवेश के लिए उपयुक्त राज्य</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सौर ऊर्जा में निवेश के लिए देश में सर्वाधिक उपयुक्त राज्य बन चुका है। उन्होंने जापानी कम्पनियों को इस क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। श्रीमती राजे ने कहा कि जेट्रो के प्रतिनिधिमंडल के साथ पिछली बैठक के दौरान ध्यान में लाये गए मुद्दों में से ज्यादातर का समाधान राज्य सरकार ने कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राजस्थान सरकार, जेट्रो एवं अन्य जापानी निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। जेट्रो के चीफ डायरेक्टर जनरल काजूया नाकाजो ने राजस्थान में निवेश के प्रति अनुकूल माहौल तैयार करने एवं ईज आॅफ डूइंग बिजनेस की दिशा में उठाए गए कदमों के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे की प्रशंसा की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बैठक में ये रहे मौजूद</h3>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जेट्रो के डिप्टी डायरेक्टर जनरल तकाशी सुचिया, सीनियर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर हिरोशी डायकोकु, निप्पोन स्टील के एमडी एवं नीमराणा इन्वेस्टमेंट जोन के चेयरमैन तेत्सुया मागातानी, नीमराणा इन्वेस्टमेंट जोन के वाईस चेयरमैन ताकायोशी तोकीमुने, नीमराणा इन्वेस्टमेंट जोन के चीफ सेक्रेट्री तुमीहिरो मुराकामी, एसीएस उद्योग राजीव स्वरूप एवं रीको की एमडी श्रीमती मुग्धा सिन्हा भी उपस्थित थी।</p>
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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2017 06:01:38 +0530</pubDate>
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