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                <title>Rajasthan Flood - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Rajasthan Flood RSS Feed</description>
                
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                <title>Flood News: मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में बाढ़ का कहर, 105 लोगों को सेना ने बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)। Flood News: प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता की प्रतिबद्धता पर अडिग सेना मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत अभियान में जुटी है। सेना ने शनिवार को बताया कि मध्य प्रदेश में बाढ से उत्पन्न स्थिति सामान्य होने के बाद गुना और शिवपुरी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/flood-havoc-in-madhya-pradesh-rajasthan-and-punjab/article-74194"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/flood-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Flood News: प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता की प्रतिबद्धता पर अडिग सेना मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत अभियान में जुटी है। सेना ने शनिवार को बताया कि मध्य प्रदेश में बाढ से उत्पन्न स्थिति सामान्य होने के बाद गुना और शिवपुरी जिलों में तैनात सैन्य टुकड़ियों को आज वापस बुला लिया गया। Flood News</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, अशोकनगर-ग्वालियर से संचालित एक बाढ़ राहत टुकड़ी राहत और सहायता की संभावित आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए ईसागढ़ और सिहोरा क्षेत्रों का सक्रिय रूप से सर्वेक्षण कर रही है। राजस्थान के धौलपुर में सेना की एक टुकड़ी स्थिति बिगड़ने पर सहायता के लिए तैयार है। साथ ही श्रीगंगानगर के उपायुक्त से प्राप्त अनुरोध पर शीघ्र कदम उठाते हुए सेना ने एक टीम तैनात की है। इस टीम को बाढ़ जैसी स्थिति के कारण जलभराव की समस्या के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का काम सौंपा गया है। Flood News</p>
<p style="text-align:justify;">नागरिक प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पाँच पंपिंग सेट और दो किलोमीटर लंबे पाइन की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। सेना के सहायता और राहत कार्यक्रमों में अब तक 105 नागरिकों को बचाया गया और 300 से ज्यादा लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। सेना बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और किसी भी आपात स्थिति का तुरंत संवेदनशीलता और पेशेवर तरीके से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="रामगढ़ दौलताबाद के पूर्व प्रधान संजय की गोली मारकर हत्या" href="http://10.0.0.122:1245/former-head-of-ramgarh-daulatabad-sanjay-shot-dead/">रामगढ़ दौलताबाद के पूर्व प्रधान संजय की गोली मारकर हत्या</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 15:44:16 +0530</pubDate>
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                <title>Hanumangarh Flood: मुश्किल हालात में बेहतर प्रबंधन के लिए थपथपाई पीठ</title>
                                    <description><![CDATA[आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव ने बाढ़ के हालातों का किया रिव्यू हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Hanumangarh Flood: घग्घर नदी में पानी की अधिक आवक से हनुमानगढ़ जिले में पैदा हुए बाढ़ के हालातों का रिव्यू करने के लिए शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पीसी किशन हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/pat-on-the-back-for-better-management-in-difficult-situations/article-50561"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/disaster-relief-department.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव ने बाढ़ के हालातों का किया रिव्यू</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Hanumangarh Flood: घग्घर नदी में पानी की अधिक आवक से हनुमानगढ़ जिले में पैदा हुए बाढ़ के हालातों का रिव्यू करने के लिए शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के सचिव पीसी किशन हनुमानगढ़ पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बाढ़ के खतरे के बीच जिला प्रशासन की ओर से बेहतर तरीके से किए गए प्रबंधन की सराहना की। पत्रकारों से बात करते हुए पीसी किशन ने बताया कि इस बार हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में अधिक बारिश हो रही है। राजस्थान में भी पहले की अपेक्षा अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीछे अधिक बारिश के कारण हनुमानगढ़ जिले में करीब 15 दिन तक बाढ़ का खतरा रहा। लेकिन इस स्थिति को जिला प्रशासन ने बेहतर तरीके से नियंत्रित किया और पानी का जीडीसी व नाली बेड में बेहतर तरीके से प्रबंधन कर जिले में बाढ़ के खतरे को टाला। जीडीसी और नाली बेड में क्षमता से अधिक पानी चला। इससे पहले 1995 में इतनी अधिक मात्रा में पानी आने से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने इस मुश्किल घड़ी में अच्छा कार्य किया। अब पानी घटने से खतरा टल गया है। इन 15 दिनों के दौरान विभाग की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की गई। मुख्य सचिव की ओर से भी वीसी के जरिए हालातों का जायजा लिया गया। Rajasthan Flood Update</p>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी के पानी से इलाके में हुए नुकसान की भरपाई करने के सवाल में जवाब में पीसी किशन ने बताया कि एसडीआरएफ के मापदंड केन्द्र सरकार तय करती है। कागज में कोई कमी रहने पर भुगतान नहीं हो पाता। इसके लिए तीन स्तर पर प्रक्रिया होती है। प्रथम जिला कलक्टर के स्तर पर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया होती है। जिला कलक्टर के स्तर पर कार्यवाही में कोई दिक्कत आने पर आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग को मामला रेफर किया जाता है। विभाग की ओर से मुख्य सचिव के साथ बैठक कर स्वीकृति दिलवाई जाती है। पीसी किशन ने बताया कि अभी सर्वे किया जाना शेष है। उसके बाद ही पता चल पाएगा कितना नुकसान जिले में हुआ है। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान के तहत 15 दिन व एक माह के बीच उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। बैठक में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, एडीएम प्रतिभा देवठिया, जिला परिषद सीईओ अशोक असीजा, एएसपी जस्साराम बोस, जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा, एसई शिवचरण रेगर, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अनिल अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सरपंच के साथ भूखण्ड का विवाद, बुजुर्ग पति-पत्नी चढ़े टंकी पर" href="http://10.0.0.122:1245/plot-dispute-with-sarpanch-elderly-husband-and-wife-climbed-on-the-tank/">सरपंच के साथ भूखण्ड का विवाद, बुजुर्ग पति-पत्नी चढ़े टंकी पर</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jul 2023 17:37:42 +0530</pubDate>
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                <title>गुल्लाचिक्का पर फिर बढ़ा जल स्तर</title>
                                    <description><![CDATA[घग्घर नाली बेड में छह दिन में कम हुआ दो हजार क्यूसेक पानी अधिकारी बोले, अभी स्थिति नियंत्रण में | Hanumangarh News हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। घग्घर (Ghaggar) नाली बेड में धीरे-धीरे कम हो रही पानी की मात्रा शुक्रवार को 5000 क्यूसेक पर पहुंच गई। छह दिनों में नाली बेड में 2000 क्यूसेक से अधिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/water-level-increased-again-at-guhlacheeka/article-50535"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/hanumangarh-news-3.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">घग्घर नाली बेड में छह दिन में कम हुआ दो हजार क्यूसेक पानी</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>अधिकारी बोले, अभी स्थिति नियंत्रण में | Hanumangarh News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> घग्घर (Ghaggar) नाली बेड में धीरे-धीरे कम हो रही पानी की मात्रा शुक्रवार को 5000 क्यूसेक पर पहुंच गई। छह दिनों में नाली बेड में 2000 क्यूसेक से अधिक पानी कम हो चुका है। इस कारण स्थिति नियंत्रण में है और जिले में पैदा हुए बाढ़ के हालात टल गए हैं। हालांकि गुल्लाचिक्का हैड पर शुक्रवार को 4 से 5 हजार क्यूसेक पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई लेकिन उसके नीचे सरदूलगढ़ हैड पर गेज में कोई परिवर्तन न होने पर अधिकारी स्थिति नियंत्रण में बता रहे हैं। शुक्रवार दोपहर 12 बजे ओटू हैड से 18400 क्यूसेक पानी राजस्थान की ओर रिलीज किया जा रहा था। राजस्थान में कुल 12600 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">घग्घर साइफन पर 12600 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था। इसमें से जीडीसी आरडी 42 (सेमनाला) में 7785 क्यूसेक और घग्घर नाली बेड में 5000 क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा था। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने बताया कि 629 आरडी पर घग्घर नदी में 12600 क्यूसेक पहुंच रहा है। इसमें से 5000 क्यूसेक पानी नाली बेड और 7600 क्यूसेक पानी घग्घर डायवर्जन चैनल में चल रहा है। एकबारगी स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि गुल्लाचिक्का व ओटू हैड पर शुक्रवार को 4 से 5000 क्यूसेक पानी बढ़ा है। लेकिन सरदूलगढ़ की गेज में परिवर्तन नहीं हुआ है। इस कारण अभी हनुमानगढ़ जिले में बाढ़ के खतरे की स्थिति नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार हरियाणा के अधिकारियों से सम्पर्क रखा जा रहा है। मुख्य अभियंता ने बताया कि इंदिरा गांधी नहर के लिए 13500 पानी लिया है। चार में से दो ग्रुप चलाए जाएंगे। भाखड़ा में भी करीब 1500 क्यूसेक और नोहर के सिद्धमुख प्रोजेक्ट में 750 क्यूसेक पानी लिया गया है। इंदिरा गांधी नहर में गुरुवार को 10000 क्यूसेक पानी चल रहा था। धीरे-धीरे कर पानी की मात्रा में बढ़ोतरी की जा रही है। देर रात तक पानी पूरा हो जाएगा। अभी दो से तीन दिन पोंड भरने में समय लगेगा। साथ ही पानी की सप्लाई होगी। 31 जुलाई को सुबह से चार में दो ग्रुप का रेगुलेशन जारी होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नियंत्रण कक्ष समाप्त | Hanumangarh News</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले दिनों घग्घर में पानी की तेज आवक के चलते गठित किए गए नियंत्रण कक्ष को शुक्रवार को समाप्त कर दिया गया। नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अपने पूर्व पदस्थापन स्थान पर उपस्थिति के लिए कार्यमुक्त कर दिए गए। इस संबंध में जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग की ओर से शुक्रवार को संशोधित आदेश जारी किए गए। आदेशों में कहा गया कि घग्घर नदी में पानी की मात्रा में वृद्धि के दृष्टिगत आवश्यक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए 13</p>
<p style="text-align:justify;">जुलाई को आदेश जारी कर श्रीगंगानगर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड हनुमानगढ़ में कंट्रोल रूम गठित किया गया था। वर्तमान में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में होने के कारण उक्त कंट्रोल रूम को समाप्त किया जाता है व सभी कार्मिकों को कार्यमुक्त कर निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी उपस्थिति मूल पदस्थापन कार्यालय में देना सुनिश्चित करें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हिमाचल में बारिश का कहर जारी, एनएच-5 बंद, वाहनों में गुजरी रात" href="http://10.0.0.122:1245/rain-wreaks-havoc-in-himachal/">हिमाचल में बारिश का कहर जारी, एनएच-5 बंद, वाहनों में गुजरी रात</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/water-level-increased-again-at-guhlacheeka/article-50535</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Jul 2023 19:34:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan Flood: सरकारी गाड़ी फंसी तो एसडीएम ने ट्रैक्टर पर किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के कारण कमजोर हुए नए बनाए गए बंधे | Rajasthan Flood हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood: घग्घर नाली बेड में जलस्तर कम होने पर एकबारगी बाढ़ का खतरा टल गया है। लेकिन अब हो रही बारिश के कारण नए बनाए गए तटबंध कमजोर हो रहे हैं। उनमें से पानी का रिसाव होने का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sdm-inspected-flood-relief-works-on-tractor/article-50445"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/sdm-hanumangarh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारिश के कारण कमजोर हुए नए बनाए गए बंधे | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood: घग्घर नाली बेड में जलस्तर कम होने पर एकबारगी बाढ़ का खतरा टल गया है। लेकिन अब हो रही बारिश के कारण नए बनाए गए तटबंध कमजोर हो रहे हैं। उनमें से पानी का रिसाव होने का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को एसडीएम डॉ. अवि गर्ग ने जीडीसी की आरडी 88, 133 का निरीक्षण किया तो यह बात सामने आई। इस पर तत्काल जेसीबी की मदद से कमजोर हुए बंधों को मजबूत करने का कार्य किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंडा क्षेत्र में तटबंधों का निरीक्षण करने के दौरान एसडीएम की सरकारी गाड़ी मिट्टी में फंस गई। इस पर एसडीएम ने ट्रैक्टर की मदद से पटड़ों की स्थिति देखी। जहां बंधे कमजोर थे, उन्हें आसपास के ग्रामीणों की मदद से मजबूत करवाया गया। एसडीएम डॉ. अवि गर्ग ने बताया कि अभी घग्घर नदी में बाढ़ के हालात हैं। अब घग्घर नाली बेड में पानी कम हुआ था कि बारिश ने स्थिति खराब कर दी है। बारिश के पानी के कारण कई जगह से नए बनाए गए पटड़े कमजोर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य में विशेष रूप से ग्रामीण पंचायती राज विभाग के ग्रामसेवक, एलडीसी, राजस्व विभाग के पटवारी, गिरदावर के अलावा जल संसाधन विभाग के एईएन-जेईएन, मनरेगा श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मनरेगा श्रमिक पटड़ों को मजबूत करने के लिए जगह-जगह लगे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम के अनुसार मुंडा में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि किसी किसान ने घग्घर के जीडीसी में छुपाकर पाइप लगा रखी है। वह पाइप खुली होने की वजह से पास ही के खेत में खड़ी नरमा की करीब दो बीघा भूमि में पानी भर गया था। सेमनाला के तटबंधों का निरीक्षण करने के दौरान सरपंच कुंभाराम, ग्राम विकास अधिकारी पूजा, कनिष्ठ सहायक सुंदर दास, हरविंद्र सिंह, सिंचाई विभाग एसई, एक्सईएन, एईएन, जेईएन, राजस्व विभाग से पटवारी सरोज बाला, नरेंद्र सारण, कृषि पर्यवेक्षक ममता सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साथ रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ओटू हैड से लगातार कम हो रही पानी की मात्रा</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नाली बेड में लगातार जलस्तर घट रहा है। इसका कारण हरियाणा के ओटू हैड से पिछले तीन दिन से राजस्थान की ओर छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी होना है। पिछले दिनों खतरे के निशान तक पहुंच चुकी घग्घर नाली बेड का पानी उतरने से प्रशासन के साथ घग्घर बहाव क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग के अधिकारी अब रिलेक्स मोड पर आ गए हैं। हालांकि अभी भी दिन-रात तटबंधों की निगरानी की जा रही है। इसमें विभिन्न सामाजिक-राजनैतिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक व राजनैतिक संगठनों की ओर से शहर को बचाने के लिए ठीकरी पहरा दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच बाढ़ का खतरा टलने पर मंगलवार से चिह्नित इलाके के स्कूलों को छोड़कर हनुमानगढ़, पीलीबंगा, रावतसर व टिब्बी ब्लॉक के पिछले दस दिनों से बंद पड़े स्कूल भी जिला कलक्टर के संशोधित आदेश के बाद मंगलवार को खुल गए। सोमवार को ओटू हैड से 33625 क्यूसेक पानी राजस्थान की ओर रिलीज किया जा रहा था। मंगलवार को यह मात्रा घटकर 31700 क्यूसेक रह गई। मंगलवार को घग्घर नाली बेड में पानी की मात्रा घटकर 6308 क्यूसेक रह गई जबकि सोमवार को 6650 क्यूसेक पानी चल रहा था। अभी भी घग्घर नाली बेड में क्षमता से अधिक पानी चल रहा है। लेकिन राहत की बात है कि तीन दिन पहले तटबंधों को छू रहा पानी अब काफी नीचे आ चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को घग्घर साइफन पर 19374 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था। इसमें से जीडीसी आरडी 42 (सेमनाला) में 12835 क्यूसेक और घग्घर नाली बेड में 6308 क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा था। इंटेक स्ट्रक्चर के जरिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 2530 क्सूसेक पानी डाला जा रहा था। घग्घर नाली बेड में पिछले तीन दिनों में 700 क्यूसेक से अधिक पानी का जलस्तर कम हो चुका है। ओटू हैड से लगातार कम हो रही पानी की मात्रा के कारण सेमनाला और घग्घर नाली बेड पर दबाव कम हो रहा है। Rajasthan Flood</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Diabetes Symptoms: …नींद में पेशाब आना है एक बड़ी परेशानी, ये है हाई Blood Sugar की निशानी" href="http://10.0.0.122:1245/urination-in-sleep-is-a-big-problem-this-is-a-sign-of-high-blood-sugar/">Diabetes Symptoms: …नींद में पेशाब आना है एक बड़ी परेशानी, ये है हाई Blood Sugar की निशानी</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jul 2023 15:25:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>बाढ़ पीड़ितों  की मदद करेगी भाजपा : सीपी जोशी</title>
                                    <description><![CDATA[जारी किया टोल फ्री नंबर | Rajasthan Flood जयपुर (सच कहूं न्यूज)। Rajasthan Flood: उत्तरी राजस्थान के बीकानेर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी है। जिसके चलते श्रीगंगानगर, हनुमानगढ और बीकानेर में बीती रात तक 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। घग्घर नदी में उफान के चलते इन जिलों में बाढ के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/bjp-will-help-flood-victims-of-sriganganagar-and-hanumangarh-districts/article-50153"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/cp-joshi-bjp.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जारी किया टोल फ्री नंबर | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूं न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood: उत्तरी राजस्थान के बीकानेर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी है। जिसके चलते श्रीगंगानगर, हनुमानगढ और बीकानेर में बीती रात तक 2 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। घग्घर नदी में उफान के चलते इन जिलों में बाढ के हालात बने हुए हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि बाढ के हालातों को देखते हुए प्रशासन के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता बाढ प्रभावित लोगों कों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित फूड पैकिट और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए मदद में जुटे हुए हैं। हनुमानगढ भाजपा की ओर से बाढ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए (01552-294297) टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। बाढ आपदा की स्थिति में सहायता हेतु लोग इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">सीपी जोशी ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता पूर्व में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और जम्मू कश्मीर में आई बाढ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में भी प्रभावित लोगों के लिए फरिस्ते बनकर कपडे, भोजन, फल, दूध और राहत शिविर लगाकर लोगों की मदद कर चुके हैं। राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करने वाले भाजपा कार्यकर्ता सदैव देश को एक परिवार मानकर काम करते हैं। इसलिए देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में भाजपा कार्यकर्ता सदैव तत्पर रहता है। Rajasthan Flood</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Recruitment: पशु परिचर के 5 हजार 934 पदों पर होगी सीधी भर्ती" href="http://10.0.0.122:1245/animal-attendant-recruitment/">Recruitment: पशु परिचर के 5 हजार 934 पदों पर होगी सीधी भर्ती</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2023 15:58:10 +0530</pubDate>
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                <title>बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट, आपातकाल में तैयार रहने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood: घग्घर बहाव क्षेत्र में भारी पानी की आवक के चलते बाढ़ आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर है। जहां प्रशासन द्वारा कस्बे की सभी धर्मशाला संचालकों व सामुदायिक केंद्रों को आपातकाल के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नई धान मंडी में अनाज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/administration-alert-in-view-of-possibility-of-flood/article-50112"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/rajasthan-flood-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood: घग्घर बहाव क्षेत्र में भारी पानी की आवक के चलते बाढ़ आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर है। जहां प्रशासन द्वारा कस्बे की सभी धर्मशाला संचालकों व सामुदायिक केंद्रों को आपातकाल के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नई धान मंडी में अनाज रखने के लिए बनाए गए शेडों को भी मंडी समिति प्रशासन द्वारा खाली करवाया जा रहा है। ताकि आवश्यकता पड़ने पर यहां गांवों से आने वाले ग्रामीणों को अस्थाई रूप से ठहराने के लिए टैंट लगाए जा सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की ओर से सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी अस्पताल, वृद्धाश्रम, छात्रावास एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में भी शेल्टर होम बनाए गए हैं। जिनका एसडीएम संजना जोशी ने निरीक्षण कर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस कार्य में बीडीओ शंकर धारीवाल, तहसीलदार आकांक्षा गोदारा, थाना प्रभारी विजय सिंह मीणा व ईओ पूजा शर्मा भी टीम सहित जुटे हुए हैं। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ संवेदनशील गांवों के उपकेद्रों पर पीलीबंगा सीएचसी प्रभारी पीलीबंगा डॉ. सुनील अग्रवाल, बीपीओ राकेश जोशी, नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष निशा शर्मा ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर वहां कार्यरत कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रभारी ने ब्लाक टीम के साथ मौके पर जाकर पानी की स्थिति का भी निरीक्षण किया और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने एवं मेडिसिन किटों की स्थिति व उपयोग के बारे में भी निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएचसी प्रभारी ने कार्मिकों को मुख्यालय नहीं छोड़ने व आपातकालीन स्थिति में आमजन की हरसंभव सहायता करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक व विभिन्न किसान, शिक्षक व कर्मचारी संगठन भी इस आपदा में पीड़ित परिवारों की मदद करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष बलवीर सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए इस आपदा की घड़ी में हर पीड़ित का सहयोग करने का आह्वान किया है। पीलीबंगा की पूर्व विधायक डॉ. द्रोपती मेघवाल, लोंगवाला सरपंच सुनील क्रांति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप, बजरंग दल व गऊ रक्षा दल के कार्यकर्ता इस आपदा से प्रभावित हो सकने वाले गांवों में जाकर ग्रामीणों के पालतू व निराश्रित मवेशियों को पलायन करवाने व उनकी अन्य हरसंभव मदद करने में जुटे हुए हैं।</p>
<h3>क्षेत्र की कमान मातृशक्ति के हाथ | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">कोरोनाकाल के बाद इस आपदा की घड़ी में पीलीबंगा क्षेत्र की जनता के जानोमाल की सुरक्षा का जिम्मा एक बार फिर मातृशक्ति के हाथ में ही है। कोरोनाकाल के समय जहां तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी प्रियंका तलानिया, पालिका अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा व नायब तहसीलदार पूनम कंवर प्रशासन का नेतृत्व कर हर मोर्चे पर व डटी रहीं थीं। उसी तरह इस बार भी उपखण्ड अधिकारी संजना जोशी, प्रभारी सुनीता चौधरी, तहसीलदार आकांक्षा गोदारा, पालिका ईओ पूजा शर्मा व सब इंस्पेक्टर रजनदीप कौर एक बार फिर मातृशक्ति का जज्बा दिखाते हुए हर मोर्चे पर आमजन की सुरक्षा में जुटी हुई हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जेपी का मतलब भ्रष्टाचारी, जातिवादी एवं पक्षपाती: डोटासरा" href="http://10.0.0.122:1245/jp-means-corrupt-casteist-and-biased-dotasara/">जेपी का मतलब भ्रष्टाचारी, जातिवादी एवं पक्षपाती: डोटासरा</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 15:19:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास में पहली बार घग्गर साइफन से आईजीएनपी में छोड़ा पानी, लापरवाही पर जेईएन निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[आरडी के सभी गेट खोले, सफाई कार्य युद्ध स्तर पर | Rajasthan Flood हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood : क्षेत्र से गुजर रही घग्घर नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। रविवार यानी सोलह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/all-gates-of-rd-opened-cleaning-work-on-war-footing/article-50095"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/hanumangarh-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आरडी के सभी गेट खोले, सफाई कार्य युद्ध स्तर पर | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood : क्षेत्र से गुजर रही घग्घर नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। रविवार यानी सोलह जुलाई को गुल्लाचिक्का हैड पर पानी की मात्रा में कुछ कमी आई। लेकिन ओटू से राजस्थान के लिए पानी की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है। रविवार को गुल्लाचिक्का हैड पर 53043, खनौरी 16000, ओटू हैड से 26300 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। नाली बेड में अब 4800, घग्घर साइफन में 12200, जीडीसी में 7300, जीडीसी आरडी 133 में 2000, एसओजी ब्रांच में 1750 व जीडीसी आरडी 158 में 1900 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ओटू हैड से पानी रिलीज किया गया है, जिसके आगामी कुछ घंटों में पहुंचने का अनुमान है। जिला कलक्टर के प्रयासों से इतिहास में पहली बार घग्घर साइफन से आईजीएनपी में पानी डाला जा रहा है और इसके गेटों को खोला गया है। अब पानी स्थानांतरित होना प्रारंभ हो गया है, जिससे नाली बैड और जीडीसी पर पानी का दबाव कम हो रहा है। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ के खतरे के बीच राहत की बात यह है कि घग्घर नदी में पानी का दबाव करने के लिए टिब्बी क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के आरडी 629 तथा जीडीसी के जीरो आरडी के बीच में बने हेड के सभी गेट खोल दिए गए हैं। गेट के नीचे जमी मिट्टी को निकालने का काम रविवार को भी जारी रहा। ज्यादा मिट्टी होने की वजह से गेटों की सफाई तेजी से नहीं हो पा रही। बताया जा रहा है शनिवार रात करीब ग्यारह बजे तक एक गेट की सफाई का कार्य ही पूरा हो पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि दस गेट लगे हुए हैं। जिस एक गेट की सफाई पूरी हुई, उसमें से थोड़ा-बहुत पानी शनिवार रात करीब ग्यारह बजे इंदिरा गांधी नहर में जाने लगा। सभी गेट दुरुस्त हो जाएंगे और पानी का प्रवाह तेजी से होने लगेगा, तभी घग्घर में पानी का दबाव कम हो सकेगा। इस बीच रविवार को भी पानी बढ़ने का क्रम जारी रहने पर एहतियात बरती जा रही है। अफसर रात-दिन मशीनें लगाकर हैडों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा, एक्सईएन सुरेश सुथार, रामाकिशन सहित अन्य अधिकारियों की टीम मुस्तैदी से इस कार्य में जुटी हुई है। टिब्बी क्षेत्र से लेकर पीलीबंगा तक घग्घर बहाव क्षेत्र में पुलिस अधिकारी भी मुस्तैद हैं जो पूरी रात बंधों की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। इस बीच सिंचाई विभाग के एक अभियंता ने पानी को लेकर भ्रम फैला दिया। कार्य में लापरवाही बरतने तथा नकारात्मक प्रचार के चलते मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने उक्त कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">निलंबित कनिष्ठ अभियंता कृष्ण कुमार कस्वां के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता ने नहर व घग्घर नदी के हेडों की निगरानी को तैनात किए गए अभियंताओं को सतर्क होकर कार्य करने की नसीहत दी है। ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके। वहीं पानी की कहानी जानने को लेकर देर रात तक लोग परिचितों से जानकारी लेते रहे। लोगों की रात की नींद उड़ गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मदद के लिए तैयार की युवाओं की टीम | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी में पानी की भारी आवक के चलते बन रही बाढ़ की आशंका के दृष्टिगत यूथ क्लब सोसायटी की ओर से युवाओं की टीम तैयार की गई है। आपदा की स्थिति में जरूरतमंद के लिए दवाई, भोजन, पानी आदि की व्यवस्था करने में युवाओं की टीम प्रशासन का सहयोग करेगी। समाजसेवी प्रो. सुमन चावला ने बताया कि जरूरत पड़ने पर यह टीम संबंधित के घर तक पहुंचेगी। सोसायटी की ओर से हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं।</p>
<h3>जिले में कुल 55 राहत केन्द्र चिह्नित</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले में कुल 55 राहत केन्द्रों को चिह्नित किया गया है। जिसमें अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 33 राहत केन्द्रों में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। टिब्बी तहसील क्षेत्र में पन्नीवाली, पीरकामडिया, शेरेकां, कमरानी गांव की विस्थापित करने योग्य 3800 आबादी के लिए 14 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक प्रशासन की अपील से 310 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र के अमरपुरा थेड़ी, मक्कासर, करणीसर, सहजीपुरा, बहलोलनगर, 7 एसएनम 3 एसएनएम गांव की विस्थापित करने योग्य 3250 आबादी के लिए 12 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक कुल 184 नागरिक प्रशासन की समझाइश से शिफ्ट हो गए हैं। वहीं पीलीबंगा तहसील क्षेत्र में 23 एसटीजी, 26 एसटीजी, 29 एसटीजी चक/गांव की विस्थापित करने योग्य 2700 आबादी के लिए 7 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक लगभग 200 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। राहत केन्द्रों में भोजन, आवास, पानी, साफ-सफाई और शौचालय आदि व्यवस्था के लिए विभिन्न प्रभारी लगाए गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जलभराव वाले क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में निवास करने वाले आमजन सुरक्षित स्थानों पर अथवा प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत केन्द्रों में प्रस्थान करें। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भिजवा दें। पशु चरवाहे नाली क्षेत्र से दूर रहें। आम नागरिक नदी बहाव क्षेत्र से दूर रहें। नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाएं। तेज बहाव में वाहन न उतारें, पानी निकलने वाली रपट से नहीं गुजरें।</p>
<p style="text-align:justify;">तेज बहाव के समय आसपास के बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिरने की संभावना रहती है अत: सावधानी रखें। बैटरी से संचालित मोबाइल फोन, इन्वर्टर इत्यादि उपकरणों को चार्ज रखें। आपातकालीन स्थितियों के लिए एक थैली, सूखे कपड़े, दवाइयों की किट, टॉर्च, मोबाइल फोन, रस्सी इत्यादि सामान अपने पास रखें। घर में रखे कीमती सामान समय रहते सुरक्षित कर लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यहां दे सकते हैं सूचना | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने व किसी प्रकार की सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम शुरू कर आपातकालीन नम्बर जारी किए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 01552-260793, 01552-244288, जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260299, ड्रेनेज खण्ड में स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260079, पीलीबंगा नियंत्रण कक्ष 01508-233313 व टिब्बी नियंत्रण कक्ष के नम्बर 01539-234123 हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="माता वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन से रवाना" href="http://10.0.0.122:1245/special-train-leaves-for-mata-vaishno-devi/">माता वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन से रवाना</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/all-gates-of-rd-opened-cleaning-work-on-war-footing/article-50095</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 21:58:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घग्गर नदी में बढ़ी पानी की आवक, सुरक्षित क्षेत्रों में नागरिकों की शिफ्टिंग</title>
                                    <description><![CDATA[बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन ने संभावित क्षेत्र के लोगों को किया सतर्क बाढ़ के डेंजर क्षेत्र में बढ़ाई मॉनिटरिंग | Rajasthan Flood घग्गर के बांधों को मजबूत करने के किए जा रहे प्रयास | Rajasthan Flood टिब्बी/सिलवाला खुर्द (सच कहूँ न्यूज)। क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी (Ghaggar River) में प्रतिदिन बढ़ रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/due-to-the-possibility-of-flood-the-administration-alerted-the-people-of-the-potential-area/article-50024"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/rajasthan-flood.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन ने संभावित क्षेत्र के लोगों को किया सतर्क</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>बाढ़ के डेंजर क्षेत्र में बढ़ाई मॉनिटरिंग | Rajasthan Flood</li>
<li>घग्गर के बांधों को मजबूत करने के किए जा रहे प्रयास | Rajasthan Flood</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>टिब्बी/सिलवाला खुर्द (सच कहूँ न्यूज)।</strong> क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी (Ghaggar River) में प्रतिदिन बढ़ रही पानी की आवक के मद्देनजर उपखंड प्रशासन ने बाढ़ संभावित डेंजर क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। गांव पीरकामड़िया, पन्नीवाली, शेरेकां व कामरानी में मॉनिटरिंग बढ़ाकर आवश्यक इंतजाम कर लोगों को सतर्क किया गया है तथा घग्गर बहाव क्षेत्र के समीप बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों में भेजने के प्रयास किया जा रहे हैं। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार टिब्बी के संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र के लोगों 1 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों में जाने के लिए मुनियादी तथा आग्रह किया जा रहा है। इस क्षेत्रों की मॉनिटरिंग के लिए टीमों का गठन कर निरंतर निगरानी तथा बंधों के नजदीक रहे कमजोर प्वाइंट को मजबूती देने के लिए मिट्टी के कट्टे तथा एक्सक्वेटर मशीन की मदद से मिट्टी लगाने का कार्य जोरों पर है। पीरकामड़िया रोही में घग्गर के बांध के नजदीक बसी ढाणी के लोगों को सुरक्षित क्षेत्र में भेजा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">टिब्बी उपखण्ड अधिकारी स्वाति गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियो की टीम सदस्य मुस्तैदी से घग्गर बहाव क्षेत्र की निगरानी तथा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। लोगों से भी इस कार्य में आपसी मतभेद भुलाकर आवश्यक सहयोग की प्रशासन की ओर से अपील की जा रही है। Rajasthan Flood</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री भगवंत मान, नाव पलटने वाली थी…देखें वीडियो" href="http://10.0.0.122:1245/cm-bhagwant-mann-and-the-team-accompanying-him-survived-a-major-accident/">बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री भगवंत मान, नाव पलटने वाली थी…देखें वीडियो</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2023 15:07:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Flood : बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित रहने की मुनादी</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर ने घग्घर साइफन का लिया जायजा | Flood केली को जल्द हटवाने व सुरक्षात्मक उपाय करने के दिए निर्देश | Flood  हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Flood : घग्घर नदी के कैचमेंट एरिया में अधिक बरसात होने की वजह से नदी में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। घग्घर नदी के नाली बेड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/flood-threat-administration-alert-warning-to-stay-safe/article-49943"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/flood-raj.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">जिला कलक्टर ने घग्घर साइफन का लिया जायजा | Flood</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>केली को जल्द हटवाने व सुरक्षात्मक उपाय करने के दिए निर्देश | Flood </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Flood : घग्घर नदी के कैचमेंट एरिया में अधिक बरसात होने की वजह से नदी में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। घग्घर नदी के नाली बेड में पानी की आवक के साथ ही जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग हाई अलर्ट हो गया है। बाढ़ का खतरा टालने के लिए सरकारी मशीनरी बंदोवस्त करने में जुट गई है। प्रशासन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से लगातार घग्घर नदी के बंधों का मौके पर निरीक्षण कर निगरानी की जा रही है। हरियाणा-पंजाब के सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ भी समन्वय स्थापित कर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ की आशंका के चलते क्षेत्र के नागरिक सहमे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को गुलाचिका हैड पर पानी की मात्रा मंगलवार की तुलना में बढ़कर 82 हजार क्यूसेक को पार कर गई। बुधवार को शाम चार बजे गुलाचिका में 82400 क्यूसेक, खनोरी में 15125 क्यूसेक, चांदपुर में 12500 क्यूसेक, ओटू हैड में 3500 क्यूसेक, घग्घर साइफन में 3100 क्यूसेक, नाली बेड में 3000 क्यूसेक पानी चल रहा था। हालांकि घग्घर नदी में पानी की आवक से धान उत्पादक किसानों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है। श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में करीब पचास हजार हैक्टैयर में धान की खेती होती है। नदी में पानी की आवक होने से नदी के आसपास के इलाके का भूजल स्तर भी बढ़ेगा। मंगलवार को शाम करीब चार बजे घग्घर नदी में आया पानी टाउन के निकट स्थित भद्रकाली मंदिर को पार कर गया था। Flood</p>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी में लगातार बढ़ रही पानी की आवक के दृष्टिगत जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग ने बुधवार को टिब्बी तहसील क्षेत्र में स्थित घग्घर साइफन का जायजा लिया। उन्होंने घग्घर साइफन पर आई केली को जल्द हटवाने के निर्देश दिए ताकि घग्घर साइफन को नुकसान न पहुंचे। डीएम ने घग्घर नदी में पानी की आवक को देखते हुए सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए। अधिकारियों को घग्घर में पानी की आवक के चलते अगले कई दिन अलर्ट पर रहने को कहा। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी साथ रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बात करते हुए जिला कलक्टर रुक्मणि रियार सिहाग ने बताया कि घग्घर नदी हनुमानगढ़ जिले से प्रवाहित होती है। पीछे पूरे उत्तरी भारत में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और पानी का बहाव काफी ज्यादा है। उसके मद्देनजर बुधवार को मौका निरीक्षण किया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि पानी की निकासी के लिए जहां संकरा एरिया है उसे खुलवाया जाए। हाइड्रॉलिक गेटों को खोला जाए ताकि आईजीएनपी कैनाल में पानी दिया जा सके और कुछ घग्घर डायवर्जन चैनल में डायवर्ट किया जा सके। Flood</p>
<p style="text-align:justify;">जिला कलक्टर ने बताया कि 30 हजार क्यूसेक पानी आने के समाचार मिल रहे हैं। इससे हनुमानगढ़ जिले में एक हजार क्यूसेक पानी आज रात बढ़ने से कुल सात हजार क्यूसेक पानी हो जाएगा। कल तक यह पानी 20 हजार क्यूसेक से अधिक आने की संभावना है। जिला कलक्टर ने बताया कि जीरो आरडी पर कम से कम 10 मशीनें लगी हुई हैं जो घग्घर साइफन से केली निकालने का कार्य कर रही हैं। तहसीलदार और इरीगेशन की पूरी टीम काम कर रही है और प्रयास किया जा रहा है कि इस एरिया को क्लियर किया जा सके ताकि जैसे ही पानी आए उसको डायवर्ट किया जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मुख्य अभियंता पहुंचे हरियाणा में ओटू हैड | Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने बुधवार को विभाग के अधिकारियों के साथ हरियाणा में ओटू हैड पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान हरियाणा के सिंचाई विभाग के एसआई आत्माराम सहित अन्य अधिकारी भी साथ रहे। मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने बताया कि इस बार हरियाणा में बहुत ज्यादा बारिश हुई है। इस वजह से इस बार पानी की आवक अधिक होने की संभावना है। उसी को ध्यान में रखते हुए ओटू हैड पर जो पानी था वह खाली करवाया गया है ताकि पीछे से पानी आने पर समय रहते उसकी मॉनिटरिंग की जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य अभियंता मेहरड़ा के अनुसार इस बार पिछले सालों के मुकाबले राजस्थान में अधिक पानी पहुंचने की संभावना है। इसको लेकर राजस्थान में पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। हनुमानगढ़ जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक कर सभी अधिकारियों को फिल्ड विजिट के लिए पाबंद कर दिया गया है ताकि बाढ़ की स्थिति में जान-माल का ज्यादा नुकसान न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;">टूट सकता है पिछले सालों का रिकॉर्ड | Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा सिंचाई विभाग के एसई आत्माराम ने बताया कि अभी तक पानी की स्थिति सामान्य है। लेकिन अम्बाला क्षेत्र में हुई बारिश से संभावना है कि पिछले सालों का रिकॉर्ड टूटेगा। अतिरिक्त पानी पहुंचने की उम्मीद है। अभी तक गुलाचिका 82 हजार क्यूसेक पानी पार कर गया है। यह और बढ़ सकता है। पिछले सालों की बात की जाए तो 2010 में अधिकतम पानी 64 हजार क्यूसेक गुलाचिका पर पार किया था। ओटू से नीचे पानी निकाल दिया गया है ताकि राजस्थान में एकसाथ ज्यादा पानी न जाए। उन्होंने बताया कि राजस्थान आॅथोरिटी व मुख्य अभियंता के साथ लगातार सम्पर्क में हैं। मंगलवार को साइफन पर मीटिंग भी हुई। समूह तरीके से प्रयास किया जा रहा है कि यह पानी आसानी से आगे निकल जाए और बाढ़ की स्थिति पैदा न हो।</p>
<h3>पूर्व मंत्री ने लगाई फटकार</h3>
<p>पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप ने बुधवार को घग्घर नदी क्षेत्र के संवेनदशील स्थानों का दौरा किया। नदी क्षेत्र में लापरवाही देखकर पूर्व मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने फोन पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि कमरे में बैठकर सिस्टम का प्रबंधन नहीं होने वाला। पूर्व मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कहा कि 3 दिनों से पंजाब और हरियाणा में बाढ़ के चलते हनुमानगढ़ चेतावनी आई है। बावजूद इसके अधिकारी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने भद्रकाली क्षेत्र से तुरंत केली निकालने की बात कही। उधर, बड़ी आपदा की स्थिति उत्पन्न होने के बावजूद स्थानीय कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने मौन साध रखा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Haryana, Punjab Flood: देखें तबाही का भयावह मंजर!" href="http://10.0.0.122:1245/haryana-punjab-flood/">Haryana, Punjab Flood: देखें तबाही का भयावह मंजर!</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/flood-threat-administration-alert-warning-to-stay-safe/article-49943</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Jul 2023 16:52:08 +0530</pubDate>
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