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                <title>Rajasthan High Court - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Rajasthan High Court RSS Feed</description>
                
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                <title>'लक्षित मामलों' के खिलाफ वकीलों का न्यायिक बहिष्कार </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की ओर से लंबित 'लक्षित मामलों' के निस्तारण की छठे चरण की कार्ययोजना लागू किए जाने के विरोध में सोमवार को बार संघ हनुमानगढ़ के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। बार संघ के आह्वान पर सभी अधिवक्ताओं ने सोमवार को किसी भी न्यायालय में न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/judicial-boycott-by-lawyers-against--targeted-cases/article-90468"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/baar-sangh.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हनुमानगढ़। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की ओर से लंबित 'लक्षित मामलों' के निस्तारण की छठे चरण की कार्ययोजना लागू किए जाने के विरोध में सोमवार को बार संघ हनुमानगढ़ के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। बार संघ के आह्वान पर सभी अधिवक्ताओं ने सोमवार को किसी भी न्यायालय में न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लिया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची के अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर ने पत्रांक के माध्यम से अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित लक्षित मामलों के निस्तारण की छठे चरण की कार्ययोजना निर्धारित की है। इसी कार्ययोजना के विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यांे से विरत रहने का निर्णय लिया। खिच्ची के अनुसार लक्षित मामलों के निस्तारण की कार्ययोजना प्रारंभ में 20 वर्ष या उससे अधिक पुराने लंबित प्रकरणों के निस्तारण के उद्देश्य से शुरू की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में इस योजना के दायरे में 5 वर्ष से कम पुराने प्रकरणों को भी शामिल किया जा रहा है, जिस पर उन्हें गंभीर आपत्ति है। अधीनस्थ न्यायालयों में मामलों की न्यायिक गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाय अधिक से अधिक मामलों के संख्यात्मक निस्तारण की प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। इससे न्याय प्रणाली के आधारभूत मानदंड प्रभावित हो रहे हैं और न्याय की गुणवत्ता से समझौता होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में मामलों के निस्तारण का आधार केवल फाइलों की संख्या नहीं होना चाहिए। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्येक मामले में तथ्यों, साक्ष्यों, कानूनी पहलुओं और पक्षकारों को पर्याप्त समय देकर निष्पक्ष निर्णय किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित संख्या में मामलों के निस्तारण पर जोर देने से न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। अधिवक्ताओं के अनुसार इस व्यवस्था से उनकी निजी जीवनशैली और कार्यप्रणाली भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बार संघ पदाधिकारियों ने बताया कि लक्षित मामलों के निस्तारण की कार्ययोजना को लेकर राजस्थान के विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों में अधिवक्ताओं की ओर से विरोध किया जा रहा है। इसी विरोध का समर्थन करते हुए बार संघ हनुमानगढ़ के समस्त अधिवक्ताओं ने सोमवार को पूर्ण रूप से न्यायिक कार्यांे से दूरी बनाए रखी। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि लंबित मामलों के निस्तारण में केवल संख्या बढ़ाने के बजाय न्याय की गुणवत्ता, निष्पक्षता और न्यायिक प्रक्रिया के मूल सिद्धांतों को प्राथमिकता दी जाए। Hanumangarh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 16:20:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>Rajasthan High Court: जोधपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं दो कैदी </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे आदेश में जोधपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों को शादी करने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्जी से शादी करने वाले दो बालिग लोगों की शादी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत आजादी के अधिकार के दायरे में आती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-two-prisoners-are-serving-life-imprisonment-in/article-88176"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे आदेश में जोधपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों को शादी करने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्जी से शादी करने वाले दो बालिग लोगों की शादी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत आजादी के अधिकार के दायरे में आती है। Rajasthan High Court</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की बेंच ने यह आदेश नागौर के रहने वाले मूलाराम की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मूलाराम ने शादी करने के लिए अपनी सजा को कुछ समय के लिए रोकने की मांग की थी। मूलाराम 16 फरवरी 2017 से उम्रकैद की सजा काट रहा है और अभी जोधपुर स्थित मंडोर ओपन एयर कैंप परिसर में है। पुरुष कैदी मूलाराम को हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा हुई, जबकि महिला कैद सीमा गाडसे गुलाब अपने पति के हत्या मामले में की सजा काट रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">वकील कालूराम भाटी के अनुसार, कैदी मूलाराम सीमा गाडसे गुलाब से शादी करना चाहता है, जो अपने पति की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रही है। सीमा अभी 40 दिन की पैरोल पर बाहर है। याचिका में कहा गया कि शादी से दोनों कैदियों के सुधार और पुनर्वास में मदद मिलेगी, जिससे वे रिहाई के बाद एक स्थिर पारिवारिक जीवन जी सकेंगे। इसमें राजस्थान हाईकोर्ट के पहले के एक फैसले का भी हवाला दिया गया, जिसमें कैदियों के शादी करने और बच्चे पैदा करने के अधिकार को अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित मौलिक अधिकारों का हिस्सा माना गया था। Rajasthan High Court</p>
<p style="text-align:justify;">अपनी रिपोर्ट में राज्य सरकार ने पुष्टि की कि दोनों कैदी शादी करना चाहते हैं और माना कि वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहे हैं। सरकारी वकीलों ने कोर्ट को बताया कि राज्य को ओपन-एयर कैंप में शादी कराने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते यह जेल के नियमों के अनुसार हो। बेंच ने कहा कि सजा काट रहे कैदियों को आपसी सहमति से शादी करने के अधिकार से सिर्फ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे जेल में हैं। कोर्ट ने माना कि ऐसी शादी की इजाजत देने से कैदियों के सुधार और उन्हें मुख्यधारा के समाज में फिर से शामिल करने के मकसद को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि शादी के लिए मंडोर ओपन एयर कैंप में दोनों पक्षों के अधिकतम 21 परिवार के सदस्यों को आने की इजाजत होगी, जिसमें शादी कराने वाले पंडित भी शामिल होंगे। शामिल होने वालों की संख्या बढ़ाने के किसी भी अनुरोध पर जेल प्रशासन ही फैसला करेगा। कोर्ट ने जोड़े को यह भी निर्देश दिया कि वे शादी की तारीख से काफी पहले जेल प्रशासन को इसकी सूचना दें। समारोह से जुड़ा सारा खर्च मूलाराम उठाएंगे। Rajasthan High Court</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:05:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>Bomb Threat: राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर और जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की बेंचों को ईमेल के जरिए बम से सोमवार को उड़ाने की नई धमकियां मिलने के बाद न्यायिक और सुरक्षा महकमों में हड़कंप मच गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-received-threat-to-blow-up-a-bomb/article-88025"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (एजेंसी)।</strong> Rajasthan High Court: जयपुर और जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की बेंचों को ईमेल के जरिए बम से सोमवार को उड़ाने की नई धमकियां मिलने के बाद न्यायिक और सुरक्षा महकमों में हड़कंप मच गया। धमकी भरा मैसेज एक अनजान ईमेल एड्रेस से भेजा गया था, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए गए। पुलिस, साइबर एक्सपर्ट और दूसरी जांच एजेंसियां ​​इस ईमेल की सच्चाई का पता लगाने और यह कहां से आया है, यह जानने के लिए जांच कर रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि धमकी असली है या नहीं। अलर्ट मिलने के बाद दोनों हाईकोर्ट परिसरों में सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई। एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी निगरानी रखी गई और सभी आने-जाने वालों और गाड़ियों की अच्छी तरह से जांच की गई। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए कोर्ट परिसरों की पूरी तरह से तलाशी लेने के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए। एहतियाती उपायों के तहत सुरक्षाकर्मी हाई अलर्ट पर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान हाईकोर्ट को पहले भी कई बार ईमेल के ज़रिए ऐसे ही बम की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि पिछली बार की तलाशी में कोई विस्फोटक चीज नहीं मिली, लेकिन हर घटना के बाद बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाए गए, कोर्ट की कार्यवाही में रुकावट आई और मुक़दमे से जुड़े लोगों और वकीलों को परेशानी हुई। बार-बार मिल रही इन धमकियों से कानून लागू करने वाली और सुरक्षा एजेंसियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह ताजा धमकी जोधपुर रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) को मिले ऐसे ही एक ईमेल के कुछ समय बाद ही मिली है। हाल के महीनों में कई सरकारी संस्थानों और पब्लिक ऑफिस को गुमनाम धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं, जिससे साइबर-आधारित झूठी धमकियों और सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर एक्सपर्ट्स ईमेल के सोर्स का पता लगाने और उसे भेजने वाले को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और अधिकारियों ने किसी संदिग्ध की पहचान भी नहीं की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहें न फैलाएं और न ही उन पर यकीन करें, बल्कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साइबर जांच जारी है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां ​​दोनों हाई कोर्ट बेंचों पर स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच के दौरान जजों, कोर्ट के कर्मचारियों, वकीलों और आने-जाने वालों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/rajasthan-high-court.jpg" alt="Rajasthan High Court" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 14:20:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Rajasthan High Court: निर्दलीय विधायक रितु बनावत की याचिका को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! लगाया 1 लाख का जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने बयाना की निर्दलीय विधायक रितु बनावत के चुनाव को रद्द करने की मांग वाली चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप चुनावी जनादेश को अमान्य करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। कोर्ट ने विधायक रितु बनावत पर कोर्ट के समन (बुलावा) से जानबूझकर बचने की कोशिश करने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-imposed-a-fine-of-rs-1-lakh/article-87373"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बयाना की निर्दलीय विधायक रितु बनावत के चुनाव को रद्द करने की मांग वाली चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप चुनावी जनादेश को अमान्य करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। कोर्ट ने विधायक रितु बनावत पर कोर्ट के समन (बुलावा) से जानबूझकर बचने की कोशिश करने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह आदेश जस्टिस सुदेश बंसल ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनावों में बयाना विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार पुरुषोत्तम लाल की याचिका पर दिया। Rajasthan High Court</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने कार्यवाही के दौरान विधायक रितु बनावत के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने कोर्ट के समन लेने से बचने के लिए "जानबूझकर और सोच-समझकर" कई तरीके अपनाए। कोर्ट ने गौर किया कि नोटिस तामील कराने की बार-बार की गई कोशिशें नाकाम रहीं, जिससे हाईकोर्ट को राजस्थान विधानसभा के सचिव के जरिए नोटिस तामील कराने का दूसरा तरीका अपनाना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने विधायक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया था कि रितु बनावत 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी संपत्ति और देनदारियों के बारे में पूरी और सही जानकारी देने में नाकाम रही थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता का तर्क था कि जिन जानकारियों को नहीं बताया गया, वे चुनाव कानून के तहत भ्रष्ट आचरण के दायरे में आती हैं और इसके आधार पर उनका चुनाव रद्द किया जाना चाहिए। याचिका के अनुसार, पुरुषोत्तम लाल को 689 वोट मिले जबकि रितु बनावत ने एक लाख से ज्यादा वोट हासिल करके बयाना सीट जीती। Rajasthan High Court</p>
<p style="text-align:justify;">बनावत की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट आरएन माथुर ने तर्क दिया कि कानून के तहत जरूरी सभी अहम जानकारियां सही ढंग से बताई गई थीं। उन्होंने कहा कि चुनाव खर्च के लिए खास तौर पर खोले गए बैंक खाते की जानकारी देना कानूनी रूप से जरूरी नहीं था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एक गृहिणी भी वैध तरीके से खेती से आय अर्जित कर सकती है; इसलिए, ये आरोप बेबुनियाद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दलीलों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका खारिज कर दी और कहा कि जिन जानकारियों का खुलासा नहीं किया गया, वे न तो इतनी अहम थीं और न ही इतनी पर्याप्त थीं कि उनके आधार पर चुनाव को अमान्य ठहराया जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि चुने गए उम्मीदवार की संपत्ति से जुड़ी छोटी-मोटी, तकनीकी और गैर-जरूरी कमियों के आधार पर मतदाताओं के जनादेश को पलटने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ेगा। इन टिप्पणियों के साथ हाई कोर्ट ने बनावत के चुनाव को बरकरार रखा, साथ ही अदालत के समन से बचने की कोशिश करने के लिए उन्हें एक लाख रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया। Rajasthan High Court</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan News: महेश जोशी को राजस्थान हाईकोर्ट से लगा झटका, गिरफ्तारी को चुनौती वाली याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका उनके बेटे रोहित जोशी ने दायर की गई थी, जिसमें जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले में उनके पिता की गिरफ्तारी को अवैध बताया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-news-mahesh-joshi-got-a-shock-from-rajasthan-high/article-86527"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/mahesh-joshi-rajasthan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जयपुर (ब्यूरो)। राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका उनके बेटे रोहित जोशी ने दायर की गई थी, जिसमें जल जीवन मिशन से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले में उनके पिता की गिरफ्तारी को अवैध बताया गया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो और विशेष न्यायाधीश की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की और कई प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर किया। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश उमाशंकर व्यास और जस्टिस अशोक कुमार जैन की पीठ ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के आधार को लिखित रूप में बताना एक संवैधानिक अनिवार्यता है, लेकिन इस मामले में इसका सही तरीके से पालन नहीं किया गया। अदालत ने पाया कि एसीबी यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज रिकॉर्ड पर पेश नहीं कर सकी कि महेश जोशी को गिरफ्तारी के वास्तविक आधार लिखित रूप में बताए गए थे। केवल कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया, जबकि गिरफ्तारी के आधार और गिरफ्तारी के कारण अलग-अलग कानूनी अवधारणाएं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि एसीबी के जवाबों में विरोधाभास पाया गया। पहले एजेंसी ने दावा किया कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे, जबकि बाद में कहा गया कि यह जानकारी परिवार को दी गई थी। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रस्तुत किए गए अतिरिक्त तथ्य प्रथमदृष्टया ‘मनगढ़ंत’ प्रतीत होते हैं। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश की कार्यवाही पर भी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि 7 मई को ही रिमांड कार्यवाही के दौरान गिरफ्तारी की वैधता पर आपत्ति उठाई गई थी, लेकिन इस पर तुरंत निर्णय लेने के बजाय आवेदन को लगभग 31 दिनों तक लंबित रखा गया, जो गंभीर लापरवाही है। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महेश जोशी न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के माध्यम से उनकी गिरफ्तारी की वैधता की जांच नहीं की जा सकती। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी से जुड़े अधिकारों पर उचित प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही आदेश की प्रति मुख्य न्यायाधीश और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजने का निर्देश भी दिया गया, ताकि आगे आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। Rajasthan News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 09:26:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Naresh Banjara Missing Case: लापता नरेश बंजारा केस सीबीआई के सुपुर्द </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने आठ साल से लापता नरेश बंजारा के मामले में जांच को नई दिशा देते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया है। साथ ही अदालत ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के इस्तेमाल का सुझाव दिया है, ताकि युवक की वर्तमान उम्र के अनुसार संभावित तस्वीर तैयार कर उसे देशभर में प्रसारित किया जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/missing-naresh-banjara-case-handed-over-to-cbi/article-86372"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/missing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Naresh Banjara Missing Case: जोधपुर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान हाईकोर्ट ने आठ साल से लापता नरेश बंजारा के मामले में जांच को नई दिशा देते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया है। साथ ही अदालत ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के इस्तेमाल का सुझाव दिया है, ताकि युवक की वर्तमान उम्र के अनुसार संभावित तस्वीर तैयार कर उसे देशभर में प्रसारित किया जा सके। Rajasthan News</p>
<p style="text-align:justify;">नरेश 25 नवंबर 2017 की शाम घर से निकला था और तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया। वर्षों तक पुलिस, एसआईटी और अन्य एजेंसियों की जांच के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। पिता ने न्याय के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन परिणाम शून्य रहा। हाईकोर्ट ने माना कि लंबे समय तक जांच के बाद भी परिणाम न निकलना गंभीर चिंता का विषय है। इसी आधार पर अदालत ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए और एआई तकनीक के माध्यम से नई जांच रणनीति अपनाने पर जोर दिया। Rajasthan News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 08:09:47 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan High Court: राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला 31 जुलाई तक करवाने होंगे पंचायती राज व निकाय चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाई कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला देते हुए राजस्थान सरकार को पंचायती राज व निकाय चुनाव 31 जुलाई तक करवाने के आदेश दिए हैं। आगामी अप्रैल माह तक चुनाव डालने की याचिका भी हाईकोर्ट ने ठुकरा दी है। राज्य सरकार द्वारा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आने की दलील पर हाईकोर्ट ने आयोग को ओबीसी रिपोर्ट 20 जून तक जमा करवाने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-big-decision-of-rajasthan-high-court-panchayati/article-85257"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Rajasthan Local Body Elections 2026: श्रीगंगानगर। राजस्थान हाई कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला देते हुए राजस्थान सरकार को पंचायती राज व निकाय चुनाव 31 जुलाई तक करवाने के आदेश दिए हैं। आगामी अप्रैल माह तक चुनाव डालने की याचिका भी हाईकोर्ट ने ठुकरा दी है। राज्य सरकार द्वारा ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आने की दलील पर हाईकोर्ट ने आयोग को ओबीसी रिपोर्ट 20 जून तक जमा करवाने को कहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिए। Rajasthan High Court</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने चुनाव कराने की समय सीमा बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र किया था जिस पर खंडपीठ ने सभी पक्षों की बहस सुनकर 11 मई को फैसला  सुरक्षित रख लिया था।पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा का कहना था कि सरकार जानबूझकर पिछले डेढ़ साल से चुनाव टाल रही है।  </p>
<p style="text-align:justify;">हाईकोर्ट ने  14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन सरकार ने तय समय सीमा में चुनाव नहीं कराए और हाईकोर्ट में चुनाव टालने का प्रार्थना पत्र लगा दिया। सरकार ने सुनवाई के दौरान ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट नहीं आने और अन्य परिस्थितियों के चलते अभी चुनाव नहीं करवा पाना बताया था। Rajasthan High Court</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:20:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan High Court Bomb Threat: राजस्थान उच्च न्यायालय को फिर बम धमकी, आनन-फानन कराया गया परिसर खाली</title>
                                    <description><![CDATA[Rajasthan High Court Bomb Threat: जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ को मंगलवार प्रातः एक बार फिर विस्फोट की धमकी प्राप्त हुई, जिससे न्यायालय परिसर में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे परिसर को खाली करवा दिया तथा सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ कर दिया। Jodhpur […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-received-another-bomb-threat-and-the-premises-were-evacuated-immediately/article-81379"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/rajasthan-high-court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Rajasthan High Court Bomb Threat: जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ को मंगलवार प्रातः एक बार फिर विस्फोट की धमकी प्राप्त हुई, जिससे न्यायालय परिसर में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे परिसर को खाली करवा दिया तथा सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ कर दिया। Jodhpur News</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार न्यायालय प्रशासन को ईमेल के माध्यम से धमकी संदेश मिला, जिसमें परिसर में विस्फोटक सामग्री होने की चेतावनी दी गई थी। एहतियातन अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं वादकारियों को तुरंत न्यायालय कक्षों से बाहर जाने का निर्देश दिया गया। इसके उपरांत समस्त कक्षों को खाली कर गहन तलाशी अभियान प्रारंभ किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता एवं श्वान दल द्वारा भवन के प्रत्येक हिस्से की सूक्ष्म जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों के अनुरूप किसी भी संदिग्ध वस्तु की पहचान हेतु विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। एहतियाती कदम के रूप में न्यायिक कार्यवाही को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। परिसर में प्रदर्शित सूचना-पट्ट के माध्यम से बताया गया है कि स्थिति सामान्य होने पर कार्य पुनः आरंभ किया जाएगा। Jodhpur News</p>
<h3>प्रवेश व्यवस्था को और अधिक नियंत्रित करते हुए पहचान-पत्र सत्यापन अनिवार्य</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने प्रवेश व्यवस्था को और अधिक नियंत्रित करते हुए पहचान-पत्र सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। केवल वैध पहचान पत्र रखने वाले व्यक्तियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर तलाशी प्रक्रिया को कठोर बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालय प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ता संघों एवं न्यायालय कर्मचारियों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि गत महीनों में भी ईमेल के माध्यम से इसी प्रकार की धमकियां प्राप्त हो चुकी हैं, जिनकी जांच जारी है। पूर्व में 6 फरवरी को भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होने पर जयपुर एवं जोधपुर स्थित न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली कराया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">लगातार मिल रही धमकियों के कारण न्यायिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है तथा अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में चिंता का वातावरण व्याप्त है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की सलाह दी गई है। Jodhpur News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/rajasthan-high-court-received-another-bomb-threat-and-the-premises-were-evacuated-immediately/article-81379</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 12:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Recruitment : राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में 59 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती</title>
                                    <description><![CDATA[कनिष्ठ निजी सहायक के पदों पर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित | Recruitment जयपुर। Recruitment : राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर ने कनिष्ठ निजी सहायक (अंग्रेजी) के 59 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन की अन्तिम तिथि 2 अगस्त, शाम 5 बजे व आवेदन शुल्क जमा करवाने की अन्तिम तिथि 3 अगस्त […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/online-applications-are-invited-for-the-posts-of-junior-personal-assistant-english/article-49984"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/cho-recruitment-exam-to-be-held-on-november-10.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कनिष्ठ निजी सहायक के पदों पर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित | Recruitment</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> Recruitment : राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर ने कनिष्ठ निजी सहायक (अंग्रेजी) के 59 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन की अन्तिम तिथि 2 अगस्त, शाम 5 बजे व आवेदन शुल्क जमा करवाने की अन्तिम तिथि 3 अगस्त है। Recruitment</p>
<p style="text-align:justify;">चयनित अभ्यर्थी को नियमानुसार दो वर्ष की परिवीक्षाधीन अवधि में रूपये 23,700/- प्रतिमाह देय होंगे। परिवीक्षा काल सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर उन्हें नियमानुसार पेट्रिक्स लेवल संख्या एल-10 के अनुसार पे स्केल रूपये 33,800- 1,06,700/- संदेय होगा। परीक्षा राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 25 अगस्त से 10 सितम्बर के मध्य आयोजित किए जाने की संभावना है। Recruitment</p>
<p style="text-align:justify;">आवेदन व परीक्षा सम्बन्धित समस्याओं के निवारण एवं जानकारी हेतु हैल्प लाईन नम्बरों 0291-2888100 एवं 2888101 पर सम्पर्क करें अथवा कार्यालय समय के दौरान सम्पर्क करे। अधिक जानकारी के राजस्थान उच्च न्यायालय की अधिकृत वेबसाइट www.hcraj.nic.in का अवलोकन करें। Recruitment</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2023 16:20:30 +0530</pubDate>
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