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                <title>Forest Department - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Forest Department RSS Feed</description>
                
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                <title>उत्तराखंड में नहीं थम रहा जंगली जानवरों का आतंक, किसान बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[रुद्रप्रयाग में जंगली सूअर, बंदर और भालू किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग ने रोकथाम के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम तेज किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/menace-of-wild-animals-continues-unabated-in-uttarakhand--farmers-in-distress/article-90360"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/rudra-safety.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">रुद्रप्रयाग, (एजेंसी)। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के कारण किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। खेतों में घुसकर जंगली सूअर, बंदर और भालू फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे खेती पर निर्भर परिवारों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए अब वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और नियंत्रण की कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी विनीत कुमार मिश्रा ने बताया कि जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विभाग अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर योजनाएं तैयार कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वनाधिकारी के अनुसार, पहाड़ों में जंगली सूअर, बंदर और भालू किसानों के लिए प्रमुख चुनौती बने हुए हैं। प्रत्येक वन्यजीव का व्यवहार और खेतों में आने का तरीका अलग होने के कारण सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि विभाग की कोशिश है कि संबंधित वन्यजीव की गतिविधियों को समझते हुए उसके अनुसार रोकथाम के उपाय किए जाएं। इससे किसानों की फसलों को बचाने के साथ वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच टकराव को भी कम किया जा सकेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जंगली सूअरों से फसलों को भारी नुकसान</h3>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग के मुताबिक जंगली सूअर खेतों में काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनके कारण किसानों की तैयार फसल तक प्रभावित हो रही है। विभाग का कहना है कि पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बाद इस समस्या से निपटने के लिए प्रस्तावित योजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। इसके साथ ही कुछ तात्कालिक उपायों पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसानों को तत्काल राहत मिल सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">भालुओं की गतिविधियों पर भी नजर</h3>
<p style="text-align:justify;">पहाड़ी इलाकों में भालुओं के खेतों तक पहुंचने की घटनाओं को लेकर भी वन विभाग सतर्क है। अधिकारियों के मुताबिक रात के समय भोजन की तलाश में भालू आबादी के आसपास और कृषि क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। विभाग प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर रहा है और ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। लक्ष्य यह है कि किसानों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित व्यवस्था बनाई जा सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फील्ड में भेजी जा रही टीमें</h3>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजना शुरू किया है। टीमें उन स्थानों को चिह्नित कर रही हैं, जहां से जंगली जानवर बार-बार खेतों में प्रवेश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की गतिविधियों के स्रोत और उनके आवागमन के रास्तों की जानकारी जुटाना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके आधार पर आगे की रोकथाम की रणनीति तैयार की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग की ओर से किसानों को वन्यजीवों से बचाव के लिए कुछ स्थानीय उपाय भी बताए गए हैं। अधिकारी के अनुसार, भालू नजर आने की स्थिति में मिर्ची का धुआं करने जैसे उपायों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। कुछ क्षेत्रों में जंगली सूअर और बंदरों को दूर रखने के लिए पटाखों के इस्तेमाल का सुझाव भी दिया गया है। हालांकि वन्यजीवों के सामने किसी भी स्थिति में लोगों को खुद जोखिम उठाने के बजाय सावधानी बरतने और वन विभाग को सूचना देने पर प्राथमिकता देने की जरूरत है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1300 बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य</h3>
<p style="text-align:justify;">रुद्रप्रयाग में बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने 1,300 बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के मुताबिक लक्ष्य की दिशा में काफी काम किया जा चुका है और विभाग इस वर्ष निर्धारित संख्या पूरी करने का प्रयास कर रहा है। मंदिरों और पर्यटन स्थलों के आसपास भी बड़ी संख्या में बंदरों की मौजूदगी को देखते हुए उनकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गुलदारों के लिए संवेदनशील इलाकों में लगाए जा रहे पिंजरे</h3>
<p style="text-align:justify;">वन विभाग ने गुलदारों की आवाजाही वाले संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष निगरानी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जा रहे हैं, जहां गुलदारों की गतिविधियां अधिक दर्ज की गई हैं। वन विभाग का कहना है कि जंगली जानवरों से जुड़े मामलों में दीर्घकालिक समाधान के साथ तत्काल कदम उठाना भी जरूरी है। विभाग का लक्ष्य किसानों की फसलों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ वन्यजीवों के संरक्षण के बीच संतुलन कायम करना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 16:39:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वन विभाग की टीम ने रेड के दौरान खैर की लकड़ी से भरा ट्रक, तीन सप्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन व एक तुलाई कांटा बरामद किया, आरोपी मौके से फरार</title>
                                    <description><![CDATA[प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: वन विभाग छछरौली की टीम ने जगाधरी में खैर का एक डिपो को पकड़ने में सफलता हासिल की है। मौके से खैर की लकड़ी से भरा एक ट्रक, तीन सप्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन व एक तुलाई कांटा भी बरामद हुआ है। ट्रक में 240 पीस खैर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-team-of-forest-department-chhachhrauli-recovered-a-truck-full-of-khair-wood/article-74721"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/pratap-nagar-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)।</strong> Pratap Nagar News: वन विभाग छछरौली की टीम ने जगाधरी में खैर का एक डिपो को पकड़ने में सफलता हासिल की है। मौके से खैर की लकड़ी से भरा एक ट्रक, तीन सप्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन व एक तुलाई कांटा भी बरामद हुआ है। ट्रक में 240 पीस खैर के बरामद हुए है। वन स्टाफ की रेड के दौरान ट्रक में लकड़ी लाद रहे आरोपी मौके से फरार हो गए। वन विभाग ने पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने को कहा है। Pratap Nagar News</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस को दी शिकायत में डारपुर बीट के इंचार्ज वन रक्षक राजिंद्र सिंह ने बताया कि वह रात को अपने साथी वन रक्षक छबीलदास के साथ डारपुर जंगल में गश्त पर थे। गश्त के दौरान अचानक सूचना मिली कि चिक्कन, जाटांवाला व डारपुर में कुछ दिन पहले चोरी से पेड़ काटे गए थे। उनकी लकडी़ को एक गाड़ी में लाद कर जाटांवाला का एक तस्कर जड़ौदा-गुलाबनगर पावरहाऊस के नजदीक खैर डिपो में ले जाएगा। राजिंंद्र ने इसकी सूचना  संजीव कुमार,डिप्टी रेंजर छछरौली ब्लाक, फारेस्ट गार्ड सुरेंद्र के अलावा, साढौरा रेंज के गार्ड संदीप सैनी को दी। सूचना के स्थान पर जब हमारी टीम पहुंची तो वहां से एक हिमाचल नंबर गाड़ी निकल रही थी, जब उस गाड़ी का पीछा किया तो शहर के ट्रैफिक में वह अचानक गायब हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अब फारेस्ट टीम दोबारा से उस गली में पहुंची जहां से वह गाड़ी निकल रही थी।  उस इलाके की खोजबीन की तो वहां एक गली में पुराने भवन के नजदीक खैर के टुकड़े पाए गए। वहीं एक घर में खड़े ट्रक में छह सात लोग खैर को लाद रहे थे। फारेस्ट स्टाफ को देखकर ट्रक में खैर की लकड़ी को लाद रहे लोग तुरंत मौके से फरार हो गए। मौके से खैर से एक भरा एक ट्रक, तीन मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन व एक तुलाई कांटा बरामद हुआ। छानबीन के दौरान ट्रक पानीपत के किसी व्यकित के नाम रजिस्टर्ड पाया गया।ट्रक से खैर के 240 टुकड़े बरामद हुए। जिनका वजन 60 से 70 किवंटल बताया जाता है। वन विभाग ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी है। Pratap Nagar News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भिवानी की सबसे बड़ी जीबीटीएल कपड़ा मिल में लगी आग" href="http://10.0.0.122:1245/fire-breaks-out-in-bhiwani-biggest-gbtl-textile-mill/">भिवानी की सबसे बड़ी जीबीटीएल कपड़ा मिल में लगी आग</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-team-of-forest-department-chhachhrauli-recovered-a-truck-full-of-khair-wood/article-74721</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Aug 2025 21:21:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Recruitment: हिमाचल वन विभाग में आई भर्ती, भर्ती प्रक्रिया इस तारीख से होगी शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[शिमला (सच कहूँ न्यूज)। HP Forest Department: हिमाचल में वन मित्रों की भर्ती प्रक्रिया 30 नवंबर से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। सरकार वन विभाग में 2,061 वन मित्र भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए वन विभाग की वेबसाइट या फिर संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंज आॅफिसर) कार्यालय से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिमला (सच कहूँ न्यूज)।</strong> HP Forest Department: हिमाचल में वन मित्रों की भर्ती प्रक्रिया 30 नवंबर से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। सरकार वन विभाग में 2,061 वन मित्र भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए वन विभाग की वेबसाइट या फिर संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंज आॅफिसर) कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। वन मित्र के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। वन मित्रों के लिए 100 अंकों का टेस्ट होगा जो टॉप पर होगा, उसे वन मित्र लगाया जाएगा। Himachal News</p>
<p style="text-align:justify;">अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। वन मित्रों को 10 हजार रुपए प्रति माह मानदेय और सरकारी छुट्टियों के अलावा साल में 12 अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। महिलाओं को 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। अभ्यर्थियों को शारीरिक मानदंड भी पूरे करने होंगे। ग्राउंड टेस्ट पास करने के बाद ही वन मित्र बन सकेंगे। वन मित्रों को वनों की आग से सुरक्षा, पौधरोपण समेत अन्य काम करने होंगे। जिस बीट में वन मित्र रखे जाएंगे वहां से उनका तबादला नहीं होगा। एक दिन में न्यूनतम छह घंटे काम करना होगा। Himachal News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/education-employement/recruitment-in-himachal-forest-department/article-55044</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Nov 2023 15:23:54 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिकारी समुचित एवं समयबद्ध रुप से राशि का उपयोग करें : मुख्य सचिव</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। Forest department: मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के फंड का समुचित एवं समयबद्ध रुप से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। शर्मा शुक्रवार को यहां शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में राजस्थान स्टेट कैम्पा की स्टीयरिंग कमेटी की अध्यक्षता कर रहीं थी। उन्होंने उक्त बैठक में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/officers-should-use-the-funds-appropriately-and-in-a-timely-manner/article-49998"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/forest-department.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर।</strong> Forest department: मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि क्षतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के फंड का समुचित एवं समयबद्ध रुप से उपयोग सुनिश्चित किया जाए। शर्मा शुक्रवार को यहां शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में राजस्थान स्टेट कैम्पा की स्टीयरिंग कमेटी की अध्यक्षता कर रहीं थी। उन्होंने उक्त बैठक में कैम्पा के तीन सूत्री एजेण्डा पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर मुख्य सचिव ने कैम्पा फंड के अंतर्गत जमा, प्राप्ति और खर्च राशि का ब्यौरा लिया। साथ ही उन्होंने वर्ष 2023-24 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर कैम्पा के कार्यों को सम्पादित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग शिखर अग्रवाल ने कैम्पा से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि सभी कार्य समयबद्ध रुप से सम्पादित किए जाएंगे। उन्होंने इस सम्बन्ध में प्रदेश में मौजूद संभावनाओं और भावी कार्ययोजना की भी विस्तार से जानकारी दी। Forest department</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेट कैम्पा की अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा ने बैठक में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से राजस्थान में कैम्पा फंड से करवाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वन विभाग के पीसीसीएफ श्री मनीष कुमार गर्ग, संयुक्त सचिव मंजू विजय, उप वन संरक्षक अभिषेक शर्मा (कैंपा) भी मौजूद रहे। वहीं स्टेट कैम्पा के गैर सरकारी सदस्य एवं पूर्व सांसद रघुवीर मीणा तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वीसी के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="हनुमानगढ़, टिब्बी और पीलीबंगा के सभी स्कूलों में छूटी घोषित" href="http://10.0.0.122:1245/holiday-declared-in-all-schools-of-hanumangarh-tibbi-and-pilibanga/">हनुमानगढ़, टिब्बी और पीलीबंगा के सभी स्कूलों में छूटी घोषित</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2023 19:08:40 +0530</pubDate>
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