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                <title>Ghaggar Rive - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारी बाढ़ से सड़क पर बने गढ्ढे, दे रहे हादसों को निमंत्रण, प्रशासन बेखबर</title>
                                    <description><![CDATA[सड़कों पर बाढ़ से जमा हुई मिट्टी और गढ्ढ़ों से उठती धूल से लोगों को हो रही सांस की बीमारी | Jakhal News जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। पिछले महीने घग्गर (Ghaggar) में आई बाढ़ के कारण जहां घग्गर के तटबंध टूट गए थे। वहीं खेत्र की आधा दर्जन सड़कों में बड़े बड़े कटाव हो गए। और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/potholes-on-the-road-due-to-heavy-floods-are-inviting-accidents/article-51941"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/jakhal-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सड़कों पर बाढ़ से जमा हुई मिट्टी और गढ्ढ़ों से उठती धूल से लोगों को हो रही सांस की बीमारी | Jakhal News</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> पिछले महीने घग्गर (Ghaggar) में आई बाढ़ के कारण जहां घग्गर के तटबंध टूट गए थे। वहीं खेत्र की आधा दर्जन सड़कों में बड़े बड़े कटाव हो गए। और कई जगह से इन सड़कों की एक साइड की पटरी कट गई थी। जो अब इन सड़कों के बड़े बड़े गड्ढे हादसों का कारण बने हुए हैं। अब इन गड्ढों के पास उड़ती धूल से राहगिरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">जाखल के कई गांवों में बाढ़ के पानी से सड़कें टूटकर बिखर गई थी। और यहां से वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। गांव चांदपुरा से लेकर जाखल मंडी तक 6-7 जगह सड़क को काटकर पानी आगे निकाला था। इसके अलावा जाखल भूना मार्ग पर डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई केंद्र जाखल के पास भी रोड़ में एक बहुत बड़ा कटाव बन गया था। इसके अलावा गांव तलवाड़ा की ओर सड़क की एक साइड से भरम बिल्कुल ही खस्ता हाल हो चुकी है। गांव शकरपुर से लखुवाली ढ़ाणी तक की सड़क भी बिल्कुल टूट चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्कूली छात्र-छात्राएं इस टूटी सड़क में गिर गिरकर स्कूल में पहुंच रहे हैं। हालांकि समाज सेवी लोगों और किसानों ने अपने स्तर पर एक बारगी इन रास्तों पर मिट्टी डालकर रास्ते को बहाल कर दिया गया था। लेकिन अब इन गड्ढों के पास उड़ती दूर से आमजन परेशान है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल अब बाढ़ग्रस्त इलाके जाखल क्षेत्र में मुख्य समस्याओं में शुमार हो चुकी है। हवाओं में धूल का स्तर बढ़ने से लोग परेशान हैं। Jakhal News</p>
<h3 style="text-align:justify;">लोग जान जोखिम में डालकर कर रहे यात्रा, सड़कें दुरूस्त करने की मांग</h3>
<p style="text-align:justify;">धूल के कारण लोगों और वाहन चालकों का सड़कों में चलना मुश्किल हो गया है। राहगिरों को सांस के जरिए शरीर में जा रही धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा रही हैं। चांदपुरा के सरपंच अमरीक सिंह गांव मुंदलीया के सरपंच कुलदीप सिंह, गांव सिधानी के सरपंच सोनू कुमार, गांव साधनवास के सरपंच गुरप्रीत सिंह, पूर्व सरपंच नरेंद्र बढ़ियाल, ब्लॉक समिति सदस्य रामचन्द्र, शक्करपुरा के पूर्व सरपंच अशोक कंबोज, संदीप कुमार लाडी, मनोहर लाल डाकपाल सहित</p>
<p style="text-align:justify;">पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन के उपप्रधान जग्गी महल इत्यादि ने कहा कि सड़कों पर उड़ती धूल से लोगों को धूल से फेफड़ों में इंफेक्शन की समस्या होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को जाखल-टोहाना आने जाने वाले सभी रास्ते दुरस्त करने शुरू कर देने चाहिए। इन टूटी फूटी सड़कों में बने गड्ढों उक्त रास्तों पर लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। स्कूली बसें भी इन खतरनाक रास्तों से गुजर रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सड़कों की तुरंत मरम्मत कर लोगों को राहत दी जाए। Jakhal News</p>
<p style="text-align:justify;">जाखल क्षेत्र में घग्गर की बाढ़ से काफी सड़कों का नुकसान हुआ था सड़क निर्माण विभाग की ओर से इन सभी सड़को में बने गड्ढों को ठीक करने का एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा हुआ है। जल्दी ही इन सड़कों की मरम्मत करवरकर लोगों को राहत पहुंचा दी जाएगी।<br />
<strong>                                                                                           अंकुर गर्ग, जेई सड़क निर्माण विभाग</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="समय की मांग है ‘एक देश-एक चुनाव’" href="http://10.0.0.122:1245/the-need-of-the-hour-is-one-country-one-election/">समय की मांग है ‘एक देश-एक चुनाव’</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 15:41:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जाखल में आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 10 गांवों का टूटा संपर्क</title>
                                    <description><![CDATA[गांवों को जाने वाली कई सड़कें टूटी, घर तहस-नहस, पशुओं का चारा खराब घग्घर में आई बाढ़ ने 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ा चांदपुरा से साधनवास रोड पर 100 फीट से अधिक का बना कटाव | Haryana Flood फतेहाबाद/जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। खंड जाखल में आई बाढ़ (Flood) से लोग अभी भी कई महीने उबर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jakhal-flood-caused-huge-devastation/article-50472"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/haryana-flood-5.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">गांवों को जाने वाली कई सड़कें टूटी, घर तहस-नहस, पशुओं का चारा खराब</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>घग्घर में आई बाढ़ ने 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ा</li>
<li>चांदपुरा से साधनवास रोड पर 100 फीट से अधिक का बना कटाव | Haryana Flood</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>फतेहाबाद/जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)।</strong> खंड जाखल में आई बाढ़ (Flood) से लोग अभी भी कई महीने उबर नहीं सकते हैं। घग्घर से बाढ़ का पानी भले ही कासिमपुर, पूरनमाजरा पूर्व दक्षिण, पश्चिम उतर दिशा की और चांदपुरा और सिधानी की तरफ आया है, रंगोई नाला टूटने से लखूवाली ढाणी, दीवाना इत्यादि गांवों में कहर मचाया हो। लेकिन दर्जनों गांवों में बाढ़ न भूलने वाले कई ऐसे निशान छोड़ गई है, जिसे आसानी से भूला नहीं जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार घग्घर में आई इस बाढ़ ने पिछले 35 का रिकॉर्ड तोड़ा है। बाढ़ के पानी ने जहां कई कच्चे घरों को तहस-नहस कर दिया। दर्जन भर लोगों के पक्के मकानों में आई बड़ी-बड़ी दरारों से लोगों को सड़क पर ला दिया है। Haryana Flood</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं कई प्रमुख मार्गों को बुरी तरह नष्ट कर दिया है। चांदपुरा बांध टूटने से से करीब 8 से 10 गांवों का सड़क से संपर्क टूट गया है। चांदपुरा से साधनवास रोड पर 100 फिट से अधिक कटाव को न प्रशासन ही भर पाया और ना लोगों ने हिम्मत दिखाई। चांदपुरा के पेट्रोल पंप के पास गांव सिधानी को डूबने से बचाने के लिए जेसीबी से सिधानी पंचायत ने सड़क तो काट दी लेकिन अब गड्ढे को भरने में आनाकानी कर रहे है। सड़क के इस कटाव से गुरदीप पूनिया की 4 एकड़ जमीन में बड़े-बड़े गड्डे बन गए है। सड़क का मलवा भी खेतों में फैल गया है। इसके अलावा अन्य सड़कों पर कई फुट के गड्ढे बन गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">किसानों के चेहरे भी मुरझाए | Haryana Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ खड़ी धान और मक्की की फसल, सब्जियां, मूंग की फसल व पशुओं का चारा पूरी तरह से नष्ट हो गया है। इससे किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। गांव चांदपुरा के किसान बंटी ग्रेवाल, तलवाड़ा के किसान जग्गी महल, सिधानी के किसान सतीश कुमार, अजय कुमार इत्यादि का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आज उनका यह हाल है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सैकड़ों मकानों में आई दरारें</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्गर (Ghaggar Rive) और बरसात का इस बार ऐसा संगम रहा कि जाखल क्षेत्र में ही सैकड़ों लोग घर से बेघर हो गए। जाखल की नायक बस्ती के वार्ड न 10 निवासी सोमनाथ पुत्र बाबू लाल का बाढ़ के दौरान मकान गिरने से परिवार बाल-बाल बचा। मकान मालिक विकलांग होने के साथ गरीब भी है वह दिहाड़ी मजदूरी से परिवार का पालन पोषण कर रहा है। इसके अलावा चांदपुरा में मदी सिंह, काला सिंह, बंता सिंह, बिल्लू सिंह दर्जनों लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल मिलाकर जाखल खंड के सैकड़ों मकान बाढ़ की चपेट में आ गए हैं किसी मकान की छत गिर गई तो किसी मकान का फर्श बैठ गया जिनमें अब रहना किसी खतरे से कम नहीं है। ऐसे परिवारो को जल्दी से जल्दी हरियाणा सरकार से मदद मिलनी चाहिए। Haryana Flood</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="पंजाबी लोक गायक सुरिंदर छिंदा का निधन" href="http://10.0.0.122:1245/punjabi-folk-singer-surinder-shinda-passed-away/">पंजाबी लोक गायक सुरिंदर छिंदा का निधन</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jakhal-flood-caused-huge-devastation/article-50472</link>
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                <pubDate>Wed, 26 Jul 2023 21:52:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&amp;#8230;और अब डेरा श्रद्धालुओं ने सड़कों को सही करने का उठाया बीड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[देवीगढ़ में मशीगन से इशरहेड़ी का जाती सड़क पर 15 से 20 फुट की आई थी दरार पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। जिला पटियाला में बाढ़ (Flood) के कारण भारी नुक्सान हुआ है। आलम यह है कि पानी का मार का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांवों की सड़कों में 20-20 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dera-devotees-took-the-initiative-to-repair-the-roads/article-50173"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/punjab-flood-4.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">देवीगढ़ में मशीगन से इशरहेड़ी का जाती सड़क पर 15 से 20 फुट की आई थी दरार</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> जिला पटियाला में बाढ़ (Flood) के कारण भारी नुक्सान हुआ है। आलम यह है कि पानी का मार का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांवों की सड़कों में 20-20 फुट चौड़ी दरारें आ चुकी हैं। जिस कारण यहां से यातायात पूरी तरह बंद पड़ा है। इधर डेरा सच्चा सौदा के ब्लाक कछवीं के सेवादारों ने गांव मसीगन से इसरहेड़ी को जाती सड़क में आई दरार को भरने का बीड़ा उठाया है। उक्त सड़क पंजाब के साथ हरियाणा राज्य के गांवों को भी जोड़ती है। Punjab Floods</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घग्गर के कहर से जिला पटियाला के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं और लोगों को आर्थिक तौर पर बड़ी चोट पहुंची है। इसके साथ ही जिले में सड़कों पर पुल भी पूरी तरह से तबाह हो गए हैं और सरकारी इन्फ्रास्टक्चर को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार को भी मोटी राशि खर्च करनी होगी। बाढ़ के पानी के कारण ही हलका सनौर के देवीगढ़ क्षेत्र में आते गांव मशीगन से इसरहेड़ी सहित हरियाणा राज्य को मिलाती सड़Þक पर पानी से 15 से 20 फुट तक दरार आ गई थी और इन गांवों को जाने वाले लोगों को मुश्किलें आ रही थीं। Punjab Floods</p>
<p style="text-align:justify;">इसे देखते ब्लाक कछवीं के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सेवादारों ने सड़क को सही करने का बीड़ा उठाया और आज दर्जनों सेवादार विभिन्न जगहों से मिट्टी लाकर इस सड़क को फिर से शुरू करने के लिए जुट गए। ब्लाक कछवी के सेवादार गुरदीप सिंह इन्सां ने बताया कि 50 से अधिक ट्रालियोंं मिट्टी की अब तक डाल दी गई हैं और सड़क की दरार अभी आधी ही भरी है और कल तक इसे पूरा भर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पानी गुजरने से 15-20 फुट सड़क बीच में टूट गई थी और उसमें काफी गहरा गड्ढा बन गया था। Punjab Flood</p>
<p style="text-align:justify;">इस कारण यहां मिट्टी की काफी खप्पत हो रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जगहों पर बाढ़ के साथ आई मिट्टी की ट्रालियों जेबीसी से भरकर यहां डाली जा रही है। उन्होंंने बताया कि यह सड़क मशीगन से इसरहेड़ी, मकर साहब, फरीदपुर, ताजलपुर, टांडां और हरियाणा राज्य के गांव बगोली आदि गांवों को आपस में जोड़ती है, जिस कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने बताया कि इस मुश्किल को देखते ही सेवादारों द्वारा अपने टैÑक्टर-ट्रॉलियों द्वारा सड़क की दरार भरी जा रही है। इस मौके प्रेमी सेवक कृष्ण इन्सां, गुरदीप सिंह, संजू, बलिहार सिंह, धरमिन्दर सिंह, मनोज इन्सां, गुरजीत इन्सां, बिन्दर सिंह के अलावा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार व साध-संगत बड़ी संख्या में मौजूद थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की ओर जाती यह सड़क | Punjab Floods</h3>
<p style="text-align:justify;">गुरदीप सिंह ने बताया कि गांव मकर साहिब में नौवीं पातशाही श्री गुरू तेग बहादुर जी की छोह प्राप्त एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब है, जहां बड़ी ंसंख्या में साध-संगत नतमस्तक होती है। बीते दिनों अमावस्या थी और और काफी साध-संगत को रास्ता बंद होने से वापिस लौटना पड़ा था। जिसे देखते शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग द्वारा इस सड़क में आई दरार को भरने का बीड़ा उठाया गया है ताकि किसी भी राहीगर को वापिस न लौटना पड़े। उन्होंने बताया कि वह इस दरार का कल तक भरने में सफल हो जाएंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="आशा वर्करों-एएनएम को दी मिशन इंद्रधनुष प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी" href="http://10.0.0.122:1245/information-about-mission-indradhanush-project-given-to-asha-workers-anm/">आशा वर्करों-एएनएम को दी मिशन इंद्रधनुष प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी</a></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/dera-devotees-took-the-initiative-to-repair-the-roads/article-50173</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Jul 2023 20:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Sirsa Ghaggar River: सिरसा में बाढ़ का खतरा, खेतों में पहुंचा घग्गर नदी का पानी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसासच कहूँ/सुनील वर्मा। Sirsa Ghaggar River पहाड़ी इलाकों में हुई बरसात के चलते घग्गर नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है और जिले में घग्गर नदी पिछले 24 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पानी अधिक आने और बहाव तेज होने के कारण नदी के तटबंधों में दरारें आ रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sirsa-ghaggar-river/article-50062"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/sirsa-ghaggar-river.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसासच कहूँ/सुनील वर्मा। Sirsa Ghaggar River पहाड़ी इलाकों में हुई बरसात के चलते घग्गर नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है और जिले में घग्गर नदी पिछले 24 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पानी अधिक आने और बहाव तेज होने के कारण नदी के तटबंधों में दरारें आ रही हंै। शक्रवार को गांव रंगा, रात्रि को मुसाहिब वाला और बाद में देर रात्रि को गांव पनिहारी के पास घग्गर नदी के तटबंधों में कटाव हो गया। कटाव इतने बड़े है कि शनिवार शाम तक इन्हें बंद नहीं किया जा सका। इसलिए जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ बचाव के लिए अब एनडीआरएफ की मदद मांगी गई है। जिसके पश्चात दो एनडीआरएफ की यूनिटें यहां पहुंच रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन्हें राहत व बचाव कार्यों में लगाया जाएगा। पनिहारी के पास घग्गर नदी टूटने से पनिहारी, फरवाई कलां, बुर्जकर्मगढ़ सहित कई गांवों में हालात नाजुक बने हुए है। क्योंकि पानी तेज गति से इन गांवों के खेतों और गांव की फिरनियों को छूता हुआ फरवाई कलां गांव के समीप पहुंच गया है। फरवाई कलां गांव निचले इलाके में स्थित होने के कारण उन्हें 2010 की भांति इस बार भी गांव के डूबने का मंजर याद आने लगा है। गांव की ओर तेज गती से बढ़ते पानी के बहाव को देखते हुए ग्रामीणों ने यहां से पलायन करना शुरू कर दिया हैं। शुक्रवार रात्रि से ही ग्रामीण ट्रेक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों से अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे है। Sirsa Ghaggar River</p>
<p style="text-align:justify;">फरवाई कलां के ग्रामीणों ने कहा कि जब भी घग्घर में बाढ़ आती है, उन्हें हर बार गांव से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जिसके कारण कई वर्षों तक उनकी जिंदगी पटरी पर नहीं लौटती। ग्रामीण अपने पशुओं, कीमती सामान आदि को अपने सगे संबंधी व रिश्तेदारों के पास भेज रहे है। वहीं कुछ ग्रामीण अपने घरों के अंदर ही जेसीबी की सहायता से बड़े अवरोधक बांध बना रहे है, ताकि उनका मकान खराब न हो। उधर शनिवार सुबह सरसा-सरदूलगढ़ हाईवे पर फरवाई कलां के समीप बनी पुलियों को बंद करने के विरोध में भी किसानों ने रोड जाम कर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन ने जाम को खुलवाया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">बांध बनाकर मकानों को बचाने का कर रहे प्रयास | Sirsa Ghaggar River</h4>
<p style="text-align:justify;">फरवाई कलां में अपने मकानों को बचाने के लिए जेसीबी की सहायता से अपने घर में ही अवरोधक बांध बनाने में जुटे रामकुमार ने बताया कि 2010 में जब गांव में घग्गर की बाढ़ आई थी तो उन्होंने घर के अंदर बांध बनाकर अपने पूरे मकान को बचाया था। उन्होंने कहा कि घर बनाने में लाखों रूपए खर्च होते है, इसलिए आर्थिक नुकसान ना हो, इसके बांध बना रहे है। हालांकि ग्रामीण रामकुमार ने अपना सारा सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। वहीं दुखी मन से गांव से पलायन कर रही बुजुर्ग महिला मूर्ति देवी ने कहा कि जब भी बाढ़ आती है उन्हें गांव छोड?ा पड़ता है। इससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार व प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि ग्रामीणों को पलायन ना करना पड़े, इसके लिए कोई स्थाई समाधान निकालना चाहिए। ग्रामीण सुरेंद्र कुमार, गुरनाम सिंह ने बताया कि सबसे पहले 1962 में घग्गर में बाढ़ आई थी, जिससे उनका पूरा गांव तहस नहस हो गया था। क्योंकि उस समय ग्रामीणों के अधिकतर मकान कच्चे थे जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। बाद में 1988 और फिर 1993, 94,95 तीन साल लगातार बाढ़ आई थी। इसके पश्चात 2010 में आई बाढ़ के कारण भी उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पिछले 24 घंटों से घग्गर में लगातार आ रहा है 44 हजार क्यूसेक पानी | Sirsa Ghaggar River</h4>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि वे स्वयं शुक्रवार रात के समय भी तथा शनिवार सुबह भी मुसाहिब गांव, पनिहारी, फरवाई सहित अन्य साथ लगते गांवों को देखकर आए थे। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आबादी को पानी से बचाया जाए, इसके लिए जरूरी प्रयास व कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीछे से ही पानी का बहाव काफी अधिक रहा है तथा सरसा में अनुमान से अधिक पानी पहुंचा है, जिस कारण लगातार घग्घर नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में घग्घर नदी में 44 हजार क्यूसेक पानी लगातार आ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला सरसा से पहले सरदुलगढ में आज प्रात: 48 हजार क्यूसेक जल स्तर पहुंच गया था। उपायुक्त ने बताया कि गांव मुसाहिब गांव में लगभग 250 एकड़ व गांव पनिहारी में 450 एकड़ कृषि भूमि में पानी चला गया है। गांव मुसाहिब वाला व पनिहारी में जनस्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग को हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए हैं। राजस्थान कैनाल पर स्थित दोनों साइफन की लगभग 30 हजार क्यूसेक पानी पार करवाने की क्षमता है तथा ओटू हैड से सभी द्वार खोले गए हैं तथा पानी को आगे भेजा जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि आपातकालीन स्थिति की संभावना के मद्देनजर एनडीआरएफ से संपर्क किया जा रहा है। जैसे ही यूनिट मिलेंगी, उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में डिप्लॉय कर दिया जाएगा। इसके अलावा आवश्यकता के अनुरूप सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। आपदा की स्थिति में बचाव के लिए सेफ हाउस बनाने के लिए प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">डीसी, एसपी ने किया गांवों का दौरा</h4>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को उपायुक्त पार्थ गुप्ता, एसपी उदय सिंह मीणा ने गांव मुसाहिबवाला, पनिहारी, फरवाई खुर्द व अन्य गांवों का दौरा किया तथा इन गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की और जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इससे पहले भी शुक्रवार रात के समय बांध टूटने की सूचना मिलने पर उपायुक्त ने मौके की स्थिति का जायजा लिया तथा प्रशासन अधिकारियों को त्वरित बचाव कार्य करने के निर्देश दिए। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बताया कि गांव बुढाभाणा, मल्लेवाला व साथ लगते अन्य गांवों के तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।</p>
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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 10:46:26 +0530</pubDate>
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