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                <title>solar power - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अब सौर ऊर्जा से चमकेंगे पंजाब के 40 सरकारी स्कूल</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरु जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की इमारतों को सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरु की है। इसके पहले चरण में इस परियोजना के लिए कुल 40 स्कूलों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/now-40-government-schools-of-punjab-will-shine-with-solar-power/article-42526"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-01/plant.jpg" alt=""></a><br /><p>बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरु</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। </strong>जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की इमारतों को सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अनूठी पहल शुरु की है। इसके पहले चरण में इस परियोजना के लिए कुल 40 स्कूलों का चयन किया गया है। जिला उपायुक्त जसप्रीत सिंह ने कहा कि यह परियोजना एक गैर सरकारी संगठन आईसीआईसीआई फाउंडेशन के सहयोग से शुरु की गई है, जिसमें 40 किलोवाट की क्षमता वाले 11 रुफ-टॉप सौर पैनल पहले से ही 60 लाख रुपए के परिव्यय पर स्थापित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ए पैनल सरकारी स्कूलों गांव जमशेर, बिनपालके, बल, पचरंगा, वारियाना, चुहड़वाली, कल्यानुर, ढींडसा, नथेवाल और गोपालपुर में सफलतापूर्वक स्थापित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शेष 29 स्कूलों में जल्द ही इन सौर पैनलों की स्थापना की जाएगी, जबकि अगले चरण में इन 40 स्कूलों में भूमिगत वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आईसीआईसीआई फाउंडेशन के कार्यकारी प्रशिक्षु बानी सिंह और सामुदायिक सुविधाकर्ता साधु राम ने कहा कि रुफ-टॉप सोलर सिस्टम पावर बैकअप सुविधा से लैस है जो इन स्कूलों को बिजली उत्पादन के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाता है। उन्होंने कहा कि सौर पैनल लगाने के तुरंत बाद भूमिगत जल संचयन प्रणाली की स्थापना शुरु कर दी जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि फाउंडेशन जालंधर सिविल अस्पताल को रक्त परिवहन वाहन प्रदान करने की प्रक्रिया में है, जो जिले में रक्त परिवहन को और आसान करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, उपायुक्त ने अपनी सीएसआर पहल के तहत समाज में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने के लिए आईसीआईसीआई फाउंडेशन के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एनजीओ पहले भी जिला प्रशासन के साथ विभिन्न विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों में लगा हुआ है और यह परियोजना ऊर्जा संरक्षण की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित होगी।</p>
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                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jan 2023 12:28:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>सौर ऊर्जा से चलेगी ट्रेन, रेलवे ने बीना में लगाया संयंत्र</title>
                                    <description><![CDATA[सौर ऊर्जा से कई रेलवे स्टेशनों की बिजली की जरुरत सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद रेलवे जल्द ही इसका इस्तेमाल ट्रेन चलाने के लिए करेगा। मध्य प्रदेश के बीना में रेलवे ने अपनी खाली पड़ी जमीन पर 1.7 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम पूरा कर लिया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trains-will-run-with-solar-power-railways-set-up-plant-in-bina/article-16524"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-07/trains-will-run-with-solar-power-railways-set-up-plant-in-bina.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>। सौर ऊर्जा से कई रेलवे स्टेशनों की बिजली की जरुरत सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद रेलवे जल्द ही इसका इस्तेमाल ट्रेन चलाने के लिए करेगा। मध्य प्रदेश के बीना में रेलवे ने अपनी खाली पड़ी जमीन पर 1.7 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम पूरा कर लिया है। इसे 25 केवी के ओवरहेड लाइन से जोड़कर इससे ट्रेन चलाने की योजना है। पहली बार देश में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से ट्रेनों चलाई जाएगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) और भारतीय रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से लगाए गए इस संयंत्र के परीक्षण का काम शुरू हो गया है और 15 दिन में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। रेलवे ने वर्ष 2030 तक शुद्ध रूप से कार्बन निरपेक्ष इकाई बनने का लक्ष्य रखा है। इस प्रयास में एक तरफ उसे कार्बन उत्सर्जन कम करना है तो दूसरी तरफ पेड़ लगाकर कार्बन सिंक तैयार करना है। उसने ऊर्जा के स्रोत के रूप में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक इस्तेमाल का लक्ष्य रखा है। रेलवे की खाली पड़ी जमीनों, प्लेटफार्मों पर बने शेड और इमारतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर वह ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर होने का भी प्रयास कर रहा है। विभिन्न स्टेशनों और रेलवे की इमारतों की छतों पर अब तक करीब सौ मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। रायबरेली स्थित मॉर्डन कोच फैक्ट्री में तीन मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र चालू हो चुका है।</h6>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2020 17:44:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>सौर ऊर्जा की इंटर स्टेट खरीद-बेच में दखल नहीं देगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[इंट्रा-स्टेट व्हीलिंग शुल्क, क्रॉस सब्सिडी शुल्क या ट्रांसमिशन तथा वितरण शुल्कों में छूट चण्डीगढ़ (ब्यूरो)। हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पन्न होने वाली बिजली पर इंट्रा-स्टेट व्हीलिंग शुल्क, क्रॉस सब्सिडी शुल्क या ट्रांसमिशन तथा वितरण शुल्कों में छूट दी है। जिससे साफ हो गया है कि अब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-will-not-interfere-in-buying-and-selling-of-solar-power/article-2961"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/solar.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">इंट्रा-स्टेट व्हीलिंग शुल्क, क्रॉस सब्सिडी शुल्क या ट्रांसमिशन तथा वितरण शुल्कों में छूट</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चण्डीगढ़ (ब्यूरो)।</strong> हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पन्न होने वाली बिजली पर इंट्रा-स्टेट व्हीलिंग शुल्क, क्रॉस सब्सिडी शुल्क या ट्रांसमिशन तथा वितरण शुल्कों में छूट दी है। जिससे साफ हो गया है कि अब सौर ऊर्जा अपनी मर्ज़ी से राज्य के अंदर खरीदी बेची जा सकती है। इस संबंध में जानकारी देते हुए नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब कोई भी निवेशक, जिसने राज्य में किसी भी स्थान पर सौर ऊर्जा का संयंत्र स्थापित किया है, वह बिना इन भुगतानों को दिए अपनी आपसी सहमति टैरिफ के साथ प्रदेश के भीतर किसी भी निजी इकाई को सौर ऊर्जा बेच सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एक मेगावाट के ग्राउंड माऊंटेड सौर ऊर्जा परियोजना को स्थापित करने के लिए पांच एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है और इस पर लगभग पांच करोड़ रुपए का खर्च आता है। उन्होंने बताया कि उत्पादित सौर ऊर्जा हरियाणा पावर खरीद केन्द्र द्वारा प्रतिस्पार्धात्मक बोलियों पर निविदाएं आमंत्रित करते हुए टैरिफ को अंतिम रूप देते हुए खरीदी जाती है। प्रवक्ता ने बताया कि अब निवेशक बिना किस व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क का भुगतान किए थर्ड पार्टी के साथ बिजली खरीद समझौता के साथ राज्य में आ सकता है जिससे राज्य में सौर बिजली परियोजनाओं में और अधिक आकर्षण बढ़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Aug 2017 09:07:00 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>500 वर्ग गज से बड़े प्लाट पर सौर ऊर्जा प्लांट जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[सरकारी विभागों में भी सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के आदेश चण्डीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। प्रदेश सरकार द्वारा 30 किलोवाट से अधिक लोड वाली इकाइयों जैसे कि संस्थान, घरेलू, उद्योग एवं व्यावसायिक, अस्पताल, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों तथा नगरपालिका एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अर्न्तगत 500 वर्ग गज से अधिक के प्लाटों में सौर ऊर्जा प्लांट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/order-to-government-departments-for-solar-power-plants/article-1222"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/solar-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सरकारी विभागों में भी सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के आदेश</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चण्डीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> प्रदेश सरकार द्वारा 30 किलोवाट से अधिक लोड वाली इकाइयों जैसे कि संस्थान, घरेलू, उद्योग एवं व्यावसायिक, अस्पताल, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थानों तथा नगरपालिका एवं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अर्न्तगत 500 वर्ग गज से अधिक के प्लाटों में सौर ऊर्जा प्लांट लगवाना अनिवार्य किया गया है। इतना ही नहीं, सरकारी विभागों में भी जल्द से जल्द सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के आदेश जारी किए गए हैं। सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के लिए कुरुक्षेत्र के करीब 50 होटल व बैक्वेंट हाल संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा प्लांट लगाने में 1 से 10 किलोवाट तक लगभग 70 हजार रुपए प्रति किलोवाट11 से 50 किलोवाट तक 65 हजार रुपए प्रति किलोवाट तथा 51 से 500 किलोवाट तक लगभग 60 हजार रुपए प्रति किलोवाट खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट लगाने पर 20 हजार रुपए प्रति किलोवाट की दर से ग्रांट भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा से उत्पादित घरेलू बिजली पर बिजली के बिल में एक रुपए प्रति यूनिट तथा संस्थान व अन्य पर 25 पैसे प्रति यूनिट छूट दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2017 07:48:11 +0530</pubDate>
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