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                <title>Rajasthan Flood News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Rajasthan Flood News RSS Feed</description>
                
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                <title>Rajasthan Flood: सरकारी गाड़ी फंसी तो एसडीएम ने ट्रैक्टर पर किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के कारण कमजोर हुए नए बनाए गए बंधे | Rajasthan Flood हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood: घग्घर नाली बेड में जलस्तर कम होने पर एकबारगी बाढ़ का खतरा टल गया है। लेकिन अब हो रही बारिश के कारण नए बनाए गए तटबंध कमजोर हो रहे हैं। उनमें से पानी का रिसाव होने का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/sdm-inspected-flood-relief-works-on-tractor/article-50445"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/sdm-hanumangarh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बारिश के कारण कमजोर हुए नए बनाए गए बंधे | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood: घग्घर नाली बेड में जलस्तर कम होने पर एकबारगी बाढ़ का खतरा टल गया है। लेकिन अब हो रही बारिश के कारण नए बनाए गए तटबंध कमजोर हो रहे हैं। उनमें से पानी का रिसाव होने का खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार को एसडीएम डॉ. अवि गर्ग ने जीडीसी की आरडी 88, 133 का निरीक्षण किया तो यह बात सामने आई। इस पर तत्काल जेसीबी की मदद से कमजोर हुए बंधों को मजबूत करने का कार्य किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंडा क्षेत्र में तटबंधों का निरीक्षण करने के दौरान एसडीएम की सरकारी गाड़ी मिट्टी में फंस गई। इस पर एसडीएम ने ट्रैक्टर की मदद से पटड़ों की स्थिति देखी। जहां बंधे कमजोर थे, उन्हें आसपास के ग्रामीणों की मदद से मजबूत करवाया गया। एसडीएम डॉ. अवि गर्ग ने बताया कि अभी घग्घर नदी में बाढ़ के हालात हैं। अब घग्घर नाली बेड में पानी कम हुआ था कि बारिश ने स्थिति खराब कर दी है। बारिश के पानी के कारण कई जगह से नए बनाए गए पटड़े कमजोर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य में विशेष रूप से ग्रामीण पंचायती राज विभाग के ग्रामसेवक, एलडीसी, राजस्व विभाग के पटवारी, गिरदावर के अलावा जल संसाधन विभाग के एईएन-जेईएन, मनरेगा श्रमिकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। मनरेगा श्रमिक पटड़ों को मजबूत करने के लिए जगह-जगह लगे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एसडीएम के अनुसार मुंडा में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि किसी किसान ने घग्घर के जीडीसी में छुपाकर पाइप लगा रखी है। वह पाइप खुली होने की वजह से पास ही के खेत में खड़ी नरमा की करीब दो बीघा भूमि में पानी भर गया था। सेमनाला के तटबंधों का निरीक्षण करने के दौरान सरपंच कुंभाराम, ग्राम विकास अधिकारी पूजा, कनिष्ठ सहायक सुंदर दास, हरविंद्र सिंह, सिंचाई विभाग एसई, एक्सईएन, एईएन, जेईएन, राजस्व विभाग से पटवारी सरोज बाला, नरेंद्र सारण, कृषि पर्यवेक्षक ममता सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि साथ रहे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ओटू हैड से लगातार कम हो रही पानी की मात्रा</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नाली बेड में लगातार जलस्तर घट रहा है। इसका कारण हरियाणा के ओटू हैड से पिछले तीन दिन से राजस्थान की ओर छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी होना है। पिछले दिनों खतरे के निशान तक पहुंच चुकी घग्घर नाली बेड का पानी उतरने से प्रशासन के साथ घग्घर बहाव क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग के अधिकारी अब रिलेक्स मोड पर आ गए हैं। हालांकि अभी भी दिन-रात तटबंधों की निगरानी की जा रही है। इसमें विभिन्न सामाजिक-राजनैतिक संगठन भी सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक व राजनैतिक संगठनों की ओर से शहर को बचाने के लिए ठीकरी पहरा दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच बाढ़ का खतरा टलने पर मंगलवार से चिह्नित इलाके के स्कूलों को छोड़कर हनुमानगढ़, पीलीबंगा, रावतसर व टिब्बी ब्लॉक के पिछले दस दिनों से बंद पड़े स्कूल भी जिला कलक्टर के संशोधित आदेश के बाद मंगलवार को खुल गए। सोमवार को ओटू हैड से 33625 क्यूसेक पानी राजस्थान की ओर रिलीज किया जा रहा था। मंगलवार को यह मात्रा घटकर 31700 क्यूसेक रह गई। मंगलवार को घग्घर नाली बेड में पानी की मात्रा घटकर 6308 क्यूसेक रह गई जबकि सोमवार को 6650 क्यूसेक पानी चल रहा था। अभी भी घग्घर नाली बेड में क्षमता से अधिक पानी चल रहा है। लेकिन राहत की बात है कि तीन दिन पहले तटबंधों को छू रहा पानी अब काफी नीचे आ चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को घग्घर साइफन पर 19374 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था। इसमें से जीडीसी आरडी 42 (सेमनाला) में 12835 क्यूसेक और घग्घर नाली बेड में 6308 क्यूसेक पानी रिलीज किया जा रहा था। इंटेक स्ट्रक्चर के जरिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 2530 क्सूसेक पानी डाला जा रहा था। घग्घर नाली बेड में पिछले तीन दिनों में 700 क्यूसेक से अधिक पानी का जलस्तर कम हो चुका है। ओटू हैड से लगातार कम हो रही पानी की मात्रा के कारण सेमनाला और घग्घर नाली बेड पर दबाव कम हो रहा है। Rajasthan Flood</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Diabetes Symptoms: …नींद में पेशाब आना है एक बड़ी परेशानी, ये है हाई Blood Sugar की निशानी" href="http://10.0.0.122:1245/urination-in-sleep-is-a-big-problem-this-is-a-sign-of-high-blood-sugar/">Diabetes Symptoms: …नींद में पेशाब आना है एक बड़ी परेशानी, ये है हाई Blood Sugar की निशानी</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jul 2023 15:25:35 +0530</pubDate>
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                <title>बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट, आपातकाल में तैयार रहने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood: घग्घर बहाव क्षेत्र में भारी पानी की आवक के चलते बाढ़ आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर है। जहां प्रशासन द्वारा कस्बे की सभी धर्मशाला संचालकों व सामुदायिक केंद्रों को आपातकाल के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नई धान मंडी में अनाज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/administration-alert-in-view-of-possibility-of-flood/article-50112"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/rajasthan-flood-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पीलीबंगा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood: घग्घर बहाव क्षेत्र में भारी पानी की आवक के चलते बाढ़ आने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन पूरे अलर्ट मोड पर है। जहां प्रशासन द्वारा कस्बे की सभी धर्मशाला संचालकों व सामुदायिक केंद्रों को आपातकाल के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नई धान मंडी में अनाज रखने के लिए बनाए गए शेडों को भी मंडी समिति प्रशासन द्वारा खाली करवाया जा रहा है। ताकि आवश्यकता पड़ने पर यहां गांवों से आने वाले ग्रामीणों को अस्थाई रूप से ठहराने के लिए टैंट लगाए जा सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की ओर से सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी अस्पताल, वृद्धाश्रम, छात्रावास एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में भी शेल्टर होम बनाए गए हैं। जिनका एसडीएम संजना जोशी ने निरीक्षण कर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस कार्य में बीडीओ शंकर धारीवाल, तहसीलदार आकांक्षा गोदारा, थाना प्रभारी विजय सिंह मीणा व ईओ पूजा शर्मा भी टीम सहित जुटे हुए हैं। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ संवेदनशील गांवों के उपकेद्रों पर पीलीबंगा सीएचसी प्रभारी पीलीबंगा डॉ. सुनील अग्रवाल, बीपीओ राकेश जोशी, नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश उपाध्यक्ष निशा शर्मा ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर वहां कार्यरत कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रभारी ने ब्लाक टीम के साथ मौके पर जाकर पानी की स्थिति का भी निरीक्षण किया और आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने एवं मेडिसिन किटों की स्थिति व उपयोग के बारे में भी निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएचसी प्रभारी ने कार्मिकों को मुख्यालय नहीं छोड़ने व आपातकालीन स्थिति में आमजन की हरसंभव सहायता करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक व विभिन्न किसान, शिक्षक व कर्मचारी संगठन भी इस आपदा में पीड़ित परिवारों की मदद करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष बलवीर सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया के जरिए सभी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए इस आपदा की घड़ी में हर पीड़ित का सहयोग करने का आह्वान किया है। पीलीबंगा की पूर्व विधायक डॉ. द्रोपती मेघवाल, लोंगवाला सरपंच सुनील क्रांति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप, बजरंग दल व गऊ रक्षा दल के कार्यकर्ता इस आपदा से प्रभावित हो सकने वाले गांवों में जाकर ग्रामीणों के पालतू व निराश्रित मवेशियों को पलायन करवाने व उनकी अन्य हरसंभव मदद करने में जुटे हुए हैं।</p>
<h3>क्षेत्र की कमान मातृशक्ति के हाथ | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">कोरोनाकाल के बाद इस आपदा की घड़ी में पीलीबंगा क्षेत्र की जनता के जानोमाल की सुरक्षा का जिम्मा एक बार फिर मातृशक्ति के हाथ में ही है। कोरोनाकाल के समय जहां तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी प्रियंका तलानिया, पालिका अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा व नायब तहसीलदार पूनम कंवर प्रशासन का नेतृत्व कर हर मोर्चे पर व डटी रहीं थीं। उसी तरह इस बार भी उपखण्ड अधिकारी संजना जोशी, प्रभारी सुनीता चौधरी, तहसीलदार आकांक्षा गोदारा, पालिका ईओ पूजा शर्मा व सब इंस्पेक्टर रजनदीप कौर एक बार फिर मातृशक्ति का जज्बा दिखाते हुए हर मोर्चे पर आमजन की सुरक्षा में जुटी हुई हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जेपी का मतलब भ्रष्टाचारी, जातिवादी एवं पक्षपाती: डोटासरा" href="http://10.0.0.122:1245/jp-means-corrupt-casteist-and-biased-dotasara/">जेपी का मतलब भ्रष्टाचारी, जातिवादी एवं पक्षपाती: डोटासरा</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2023 15:19:20 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास में पहली बार घग्गर साइफन से आईजीएनपी में छोड़ा पानी, लापरवाही पर जेईएन निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[आरडी के सभी गेट खोले, सफाई कार्य युद्ध स्तर पर | Rajasthan Flood हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Rajasthan Flood : क्षेत्र से गुजर रही घग्घर नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। रविवार यानी सोलह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/all-gates-of-rd-opened-cleaning-work-on-war-footing/article-50095"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/hanumangarh-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आरडी के सभी गेट खोले, सफाई कार्य युद्ध स्तर पर | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Rajasthan Flood : क्षेत्र से गुजर रही घग्घर नदी में संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। रविवार यानी सोलह जुलाई को गुल्लाचिक्का हैड पर पानी की मात्रा में कुछ कमी आई। लेकिन ओटू से राजस्थान के लिए पानी की मात्रा लगातार बढ़ाई जा रही है। रविवार को गुल्लाचिक्का हैड पर 53043, खनौरी 16000, ओटू हैड से 26300 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा था। नाली बेड में अब 4800, घग्घर साइफन में 12200, जीडीसी में 7300, जीडीसी आरडी 133 में 2000, एसओजी ब्रांच में 1750 व जीडीसी आरडी 158 में 1900 क्यूसेक पानी चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ओटू हैड से पानी रिलीज किया गया है, जिसके आगामी कुछ घंटों में पहुंचने का अनुमान है। जिला कलक्टर के प्रयासों से इतिहास में पहली बार घग्घर साइफन से आईजीएनपी में पानी डाला जा रहा है और इसके गेटों को खोला गया है। अब पानी स्थानांतरित होना प्रारंभ हो गया है, जिससे नाली बैड और जीडीसी पर पानी का दबाव कम हो रहा है। Rajasthan Flood</p>
<p style="text-align:justify;">बाढ़ के खतरे के बीच राहत की बात यह है कि घग्घर नदी में पानी का दबाव करने के लिए टिब्बी क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर के आरडी 629 तथा जीडीसी के जीरो आरडी के बीच में बने हेड के सभी गेट खोल दिए गए हैं। गेट के नीचे जमी मिट्टी को निकालने का काम रविवार को भी जारी रहा। ज्यादा मिट्टी होने की वजह से गेटों की सफाई तेजी से नहीं हो पा रही। बताया जा रहा है शनिवार रात करीब ग्यारह बजे तक एक गेट की सफाई का कार्य ही पूरा हो पाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि दस गेट लगे हुए हैं। जिस एक गेट की सफाई पूरी हुई, उसमें से थोड़ा-बहुत पानी शनिवार रात करीब ग्यारह बजे इंदिरा गांधी नहर में जाने लगा। सभी गेट दुरुस्त हो जाएंगे और पानी का प्रवाह तेजी से होने लगेगा, तभी घग्घर में पानी का दबाव कम हो सकेगा। इस बीच रविवार को भी पानी बढ़ने का क्रम जारी रहने पर एहतियात बरती जा रही है। अफसर रात-दिन मशीनें लगाकर हैडों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा, एक्सईएन सुरेश सुथार, रामाकिशन सहित अन्य अधिकारियों की टीम मुस्तैदी से इस कार्य में जुटी हुई है। टिब्बी क्षेत्र से लेकर पीलीबंगा तक घग्घर बहाव क्षेत्र में पुलिस अधिकारी भी मुस्तैद हैं जो पूरी रात बंधों की निगरानी का कार्य कर रहे हैं। इस बीच सिंचाई विभाग के एक अभियंता ने पानी को लेकर भ्रम फैला दिया। कार्य में लापरवाही बरतने तथा नकारात्मक प्रचार के चलते मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा ने उक्त कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">निलंबित कनिष्ठ अभियंता कृष्ण कुमार कस्वां के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मुख्य अभियंता ने नहर व घग्घर नदी के हेडों की निगरानी को तैनात किए गए अभियंताओं को सतर्क होकर कार्य करने की नसीहत दी है। ताकि संभावित बाढ़ के खतरे को टाला जा सके। वहीं पानी की कहानी जानने को लेकर देर रात तक लोग परिचितों से जानकारी लेते रहे। लोगों की रात की नींद उड़ गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मदद के लिए तैयार की युवाओं की टीम | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">घग्घर नदी में पानी की भारी आवक के चलते बन रही बाढ़ की आशंका के दृष्टिगत यूथ क्लब सोसायटी की ओर से युवाओं की टीम तैयार की गई है। आपदा की स्थिति में जरूरतमंद के लिए दवाई, भोजन, पानी आदि की व्यवस्था करने में युवाओं की टीम प्रशासन का सहयोग करेगी। समाजसेवी प्रो. सुमन चावला ने बताया कि जरूरत पड़ने पर यह टीम संबंधित के घर तक पहुंचेगी। सोसायटी की ओर से हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं।</p>
<h3>जिले में कुल 55 राहत केन्द्र चिह्नित</h3>
<p style="text-align:justify;">जिले में कुल 55 राहत केन्द्रों को चिह्नित किया गया है। जिसमें अति संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 33 राहत केन्द्रों में व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। टिब्बी तहसील क्षेत्र में पन्नीवाली, पीरकामडिया, शेरेकां, कमरानी गांव की विस्थापित करने योग्य 3800 आबादी के लिए 14 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक प्रशासन की अपील से 310 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हनुमानगढ़ तहसील क्षेत्र के अमरपुरा थेड़ी, मक्कासर, करणीसर, सहजीपुरा, बहलोलनगर, 7 एसएनम 3 एसएनएम गांव की विस्थापित करने योग्य 3250 आबादी के लिए 12 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक कुल 184 नागरिक प्रशासन की समझाइश से शिफ्ट हो गए हैं। वहीं पीलीबंगा तहसील क्षेत्र में 23 एसटीजी, 26 एसटीजी, 29 एसटीजी चक/गांव की विस्थापित करने योग्य 2700 आबादी के लिए 7 राहत केन्द्र बनाए गए हैं। अब तक लगभग 200 व्यक्ति सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। राहत केन्द्रों में भोजन, आवास, पानी, साफ-सफाई और शौचालय आदि व्यवस्था के लिए विभिन्न प्रभारी लगाए गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जलभराव वाले क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्र में निवास करने वाले आमजन सुरक्षित स्थानों पर अथवा प्रशासन की ओर से बनाए गए राहत केन्द्रों में प्रस्थान करें। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भिजवा दें। पशु चरवाहे नाली क्षेत्र से दूर रहें। आम नागरिक नदी बहाव क्षेत्र से दूर रहें। नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाएं। तेज बहाव में वाहन न उतारें, पानी निकलने वाली रपट से नहीं गुजरें।</p>
<p style="text-align:justify;">तेज बहाव के समय आसपास के बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिरने की संभावना रहती है अत: सावधानी रखें। बैटरी से संचालित मोबाइल फोन, इन्वर्टर इत्यादि उपकरणों को चार्ज रखें। आपातकालीन स्थितियों के लिए एक थैली, सूखे कपड़े, दवाइयों की किट, टॉर्च, मोबाइल फोन, रस्सी इत्यादि सामान अपने पास रखें। घर में रखे कीमती सामान समय रहते सुरक्षित कर लें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">यहां दे सकते हैं सूचना | Rajasthan Flood</h3>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति से निपटने व किसी प्रकार की सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम शुरू कर आपातकालीन नम्बर जारी किए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 01552-260793, 01552-244288, जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260299, ड्रेनेज खण्ड में स्थापित नियंत्रण कक्ष 01552-260079, पीलीबंगा नियंत्रण कक्ष 01508-233313 व टिब्बी नियंत्रण कक्ष के नम्बर 01539-234123 हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="माता वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन से रवाना" href="http://10.0.0.122:1245/special-train-leaves-for-mata-vaishno-devi/">माता वैष्णो देवी के लिए स्पेशल ट्रेन से रवाना</a></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/all-gates-of-rd-opened-cleaning-work-on-war-footing/article-50095</link>
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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2023 21:58:56 +0530</pubDate>
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