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                <title>Power Supply - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Power Supply RSS Feed</description>
                
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                <title>Electricity News: गेहूं की फसल तैयार, सुबह से शाम तक बिजली सप्लाई बंद रखने के आदेश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों के रोजमर्रा के कार्य पूरी तरह से बाधित ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। Odhan News: फसली सीजन के मद्देनजर विद्युत विभाग ने विद्युत आपूर्ति सुबह से लेकर शाम तक शटडाउन रखने के आदेश दिए हैं। ये आदेश 3 अप्रैल से लागू किए गए हैं। आदेशों के अनुसार खेतों व गांवों (एपी फीडर व आरडीएस फीडर) की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/orders-issued-to-stop-power-supply-from-morning-till-evening/article-83054"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/electricity.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">लोगों के रोजमर्रा के कार्य पूरी तरह से बाधित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। </strong>Odhan News: फसली सीजन के मद्देनजर विद्युत विभाग ने विद्युत आपूर्ति सुबह से लेकर शाम तक शटडाउन रखने के आदेश दिए हैं। ये आदेश 3 अप्रैल से लागू किए गए हैं। आदेशों के अनुसार खेतों व गांवों (एपी फीडर व आरडीएस फीडर) की विद्युत आपूर्ति सुबह 8:30 से लेकर शाम 6:00 बजे तक यानी 9 घंटे 30 मिनट तक आगामी आदेशों तक बंद रहेगी। इस विषय में सब डिवीजन पंजुआना के एसडीओ राजेन्द्र कुमार ने नुहियांवाली 400 केवी व ओढ़ां 132 केवी सबस्टेशन को पत्र जारी किया है। Odhan News</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और खेतों में कटान का कार्य भी शुरू हो चुका है। ऐसे में एहतियात के तौर पर ये आदेश जारी किए गए हैं। शुक्रवार को शट डाउन के प्रथम दिन लोग विद्युत आपूर्ति को लेकर काफी परेशान दिखे। लोगों के रोजमर्रा के कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहे तो वहीं पेयजल आपूर्ति सहित अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह से बाधित रहे। अधिकारी ने बताया कि ये आदेश पूरे प्रदेशभर में है, जो आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे। वहीं लोगों ने इस लंबे कट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आगजनी की घटनाएं खेतों में होती हैं, इसलिए चाहे खेतों की आपूर्ति बंद रखें, लेकिन गांवों में आपूर्ति क्यों बंद की गई है। कट लगने से उनके रोजमर्रा के कार्य बाधित होंगे तो वहीं पेयजल आपूर्ति न होने से भी परेशानी होगी। Odhan News</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पंजाब में बिजली की मांग 14000 मेगावाट से हुई पार</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले साल की तुलना में लगभग 3000 मेगावाट की हुई बढ़ौतरी जालंधर (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आठ घंटे बिजली आपूर्ति (Power Supply) के तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही सोमवार को राज्य में बिजली की मांग 14000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। दोपहर तीन बजे बिजली की मांग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/power-demand-in-punjab-crossed-fourteen-thousand-mw/article-49022"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/power.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पिछले साल की तुलना में लगभग 3000 मेगावाट की हुई बढ़ौतरी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>जालंधर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आठ घंटे बिजली आपूर्ति (Power Supply) के तीसरे चरण की शुरुआत के साथ ही सोमवार को राज्य में बिजली की मांग 14000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई। दोपहर तीन बजे बिजली की मांग 14182 मेगावाट पर पहुंच गई। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">आॅल इंडिया पावर इंजीनियर एसोसिएशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने बताया कि पीएसपीसीएल उत्तरी ग्रिड से 8500 मेगावॉट से ज्यादा बिजली ले रहा था जबकि इसका खुद का सकल उत्पादन करीब 5600 मेगावॉट है। इसमें 1150 मेगावाट का राज्य क्षेत्र का अपना थर्मल उत्पादन, हाइड्रो उत्पादन 800 मेगावाट, निजी जनरेटर 3200 मेगावाट शामिल थे। उन्होने बताया कि राज्य क्षेत्र में उपलब्ध सभी सात तापीय इकाइयां थोड़े कम लोड पर चल रही हैं। तकनीकी खराबी के कारण गोइंदवाल (जीवीके) ताप संयत्र की एक इकाई खराब हो गई है। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">गुप्ता ने बताया कि पिछले साल इन दिनों बिजली की मांग 11025 से 11347 मेगावाट के बीच थी। राज्य में अधिकतम बिजली की मांग में पिछले साल की तुलना में लगभग 3000 मेगावाट की वृद्धि हुई है। धान की फसल के लिए बिजली आपूर्ति का अंतिम चरण 21 जून से शुरु होगा और उसके बाद अधिकतम बिजली की मांग जून अंत तक 15500 मेगावाट को पार कर जाएगी। रविवार को अधिकतम बिजली की मांग 11997 मेगावाट और पीएसपीसीएल ने 2446 लाख यूनिट की आपूर्ति की। यहां तक कि पीएसपीसीएल ने एक्सचेंज के जरिए 16.8 लाख यूनिट्स की बिक्री की।</p>
<p style="text-align:justify;">लहरा मोहब्बत और रोपड़ थर्मल प्लांट में कोयले का स्टॉक क्रमश: 44 और 27 दिनों के लिए है। निजी क्षेत्र के थर्मल प्लांट राजपुरा में कोयले का स्टॉक 34 दिन, तलवंडी साबो में 6.5 दिन और जीवीके में केवल 2.6 दिन है। पिछले वर्ष के स्तर की तुलना में हाइड्रो प्लांट जलाशय में जल स्तर बेहतर स्थिति में है। भाखड़ा जलाशय में जल स्तर 1577 फीट है जो पिछले वर्ष के इसी दिन के 1567.5 फीट के स्तर से 19.5 फीट अधिक है। रंजीत सागर में जल स्तर 511.97 है जो पिछले वर्ष के 505.2 मीटर के स्तर से 6.7 मीटर अधिक है। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल 29 जून को पंजाब में 14207 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग ने अपने पहले के रिकॉर्ड 14056 मेगावाट को पार कर लिया था। कृषि आपूर्ति का तीसरा और चौथा चरण क्रमश: 19 और 21 जून से शुरु होगा। आम तौर पर अधिकतम मांग और आपूर्ति जून के आखिरी दिनों में आती है, जब इसके 15000 मेगावाट को पार करने की उम्मीद की जाती है। Punjab News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Punjab Police: पंजाब पुलिस ने राज्य भर के धार्मिक संस्थानों में सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा" href="http://10.0.0.122:1245/punjab-police-reviews-security-arrangements-at-religious-institutions-across-the-state/">Punjab Police: पंजाब पुलिस ने राज्य भर के धार्मिक संस्थानों में सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jun 2023 18:05:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा के गांवों व शहरों में बिजली आपूर्ति में हो रहा सुधार</title>
                                    <description><![CDATA[सुधार। शहरी क्षेत्र में 24 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में दी जा रही 23 घंटे बिजली लोगों को मिली राहत, सरसा में 70 लाख यूनिट तक पहुंची खपत सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बिजली आपूर्ति में सुधार हो रहा है। जहां शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/improvement-in-power-supply-in-haryana/article-33136"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-05/electricity1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सुधार। शहरी क्षेत्र में 24 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में दी जा रही 23 घंटे बिजली</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>लोगों को मिली राहत, सरसा में 70 लाख यूनिट तक पहुंची खपत</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)।</strong> जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बिजली आपूर्ति में सुधार हो रहा है। जहां शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। वहीं गांवों में भी 23 घंटे बिजली दी जा रही है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में भी पिछले दो दिनों से 24 घंटे बिजली मिल रही है और कोई कट नहीं है। जिले में बिजली की खपत 70 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। बिजली आपूर्ति के संकट के समाधान के लिए निगम अधिकारियों की टीम जुटी हुई है। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र सभ्रवाल स्वयं निगरानी रखे हुए है और वीडियो कांफ्रेंसिंग से अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं और सभी क्षेत्रों में लगातार बिजली आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निगम अधिकारियों का मानना है कि अब बिजली किल्लत नहीं होगी और व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहेंगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>औद्योगिक क्षेत्र में आठ घंटे बिजली आपूर्ति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">औद्योगिक क्षेत्र में सरकार ने आठ घंटे बिजली देने के निर्देश दिये हैं इसके बावजूद जिले में व्यवस्था में अच्छा सुधार हुआ है तथा इंडस्ट्रियल एरिया में भी लगातार बिजली मिल रही है। शनिवार रात को सरसा जिले में कहीं भी कट नहीं लगा। शहर क्षेत्र में पांच जगह डिफाल्ट आए, जिन्हें कुछ समय बाद सही कर लिया गया वहीं गांवों में छह जगहों पर करीब एक घंटे ब्रेकडाउन हुआ। ब्रेक डाउन के कारण सलारपुर मसीतां गांव प्रभावित रहे। जिले में जगमग योजना से जुड़े गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषि के लिए मिलेगी पांच घंटे बिजली, निगम ने जारी किया नया शेडयूल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बिजली की किल्लत कुछ कम होने के साथ ही अब निगम ने कृषि व इंडस्ट्रीज के लिए नया शेडयूल जारी कर दिया है। इस शेडयूल के तहत कृषि क्षेत्र के लिए पांच घंटे और इंडस्ट्रीयल के लिए आठ घंटे बिजली उपलब्ध रहेगी। दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम व उत्तर हरियाणा प्रसारण निगम कृषि क्षेत्र को तीन ग्रुप में बिजली देगा। निगम की ओर से प्रथम ग्रुप को चार से नौ बजे और दूसरे ग्रुप को नौ से दो बजे तक तथा तीसरे ग्रुप को दो से सात बजे तक बिजली आपूर्ति दी जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में पहले आठ बजे शाम से सुबह चार बजे तक बिजली दी जाती थी। लेकिन अब आठ बजे शाम से चार बजे तक दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम भी इंडस्ट्रीज को बिजली देगा। नए आदेश नौ मई से लागू होंगे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 10:09:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोयले की कमी से लड़खड़ा सकती है विद्युत आपूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ (एजेंसी)। देश के ताप बिजलीघरों में कोयले की किल्लत के बीच घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहरा सकता है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में जरूरत की तुलना में एक चौथाई कोयले का स्टाक बचा है। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में भीषण गर्मी के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/power-supply-may-falter-due-to-shortage-of-coal/article-32486"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/coal-mines.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> देश के ताप बिजलीघरों में कोयले की किल्लत के बीच घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहरा सकता है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में जरूरत की तुलना में एक चौथाई कोयले का स्टाक बचा है। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 38 वर्षों में अप्रैल के महीने में इस वर्ष बिजली की मांग सबसे अधिक रही। कोयला संकट के चलते जहां अक्टूबर के महीने में 1.1 प्रतिशत बिजली की कमी थी, वहीं अप्रैल के पहले पखवाड़े में यह कमी 1.4 फीसदी थी। आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड, हरियाणा में तीन से 8.7 प्रतिशत तक बिजली की कटौती हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">आॅल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी बिजली की मांग 21000 मेगावॉट तक पहुंच गई है और आपूर्ति 19000 से 20000 मेगावाट के आसपास है। कोयला संकट के लिए केंद्रीय विद्युत मंत्री आर के सिंह ने रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते आयातित कोयले के दामों में भारी बढ़ोत्तरी के साथ-साथ बिजली घरों तक कोयला पहुंचाने के लिए रेलवे के वैगनो की पर्याप्त उपलब्धता न होने को भी जिम्मेदार ठहराया है। देश के ताप बिजली घरों तक कोयला आपूर्ति करने के लिए 453 रेक की जरूरत है, जबकि अप्रैल के पहले सप्ताह में मात्र 379 रेक उपलब्ध थी । अब यह संख्या बढ़कर 415 हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि सरकारी क्षेत्र के उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में यद्यपि अभी कोयले का गंभीर संकट नहीं है, मगर स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार स्टॉक में जितना कोयला होना चाहिए, उसका मात्र 26 प्रतिशत कोयला बचा है। इसे देखते हुए आने वाले समय में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ेगी और इसके लिये कोयले की मांग भी बढ़ेगी तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।2630 मेगावाट क्षमता की अनपरा ताप बिजली परियोजना कोयला खदान के मुहाने पर है। यहां सामान्यतया 17 दिन का कोयला होना चाहिए । अन्य परियोजनाएं 1265 मेगावॉट की हरदुआगंज, 1094 मेगावॉट की ओबरा और 1140 मेगावॉट की परीछा चूँकि कोयला खदान के मुहाने पर नहीं है अत: स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार यहां 26 दिन का कोयला स्टॉक में होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">रिकॉर्ड के अनुसार अनपरा में 5 लाख 96 हजार 700 टन कोयला स्टॉक में होना चाहिए जबकि इस समय 328100 टन कोयला ही है। इसी प्रकार हरदुआगंज में स्टॉक में 497000 टन कोयला होना चाहिए किंतु केवल 65700 टन कोयला है, ओबरा में चार लाख 45 हजार 800 टन कोयला होना चाहिए जबकि मात्र एक लाख 500 टन कोयला है। पारीछा में 4 लाख 30 हजार 800 टन कोयला होना चाहिए जबकि मात्र 12900 टन कोयला ही है।चारों पर ताप बिजली परियोजनाओं पर लगभग 19 लाख 69 हजार 800 टन कोयला के विपरीत मात्र 5 लाख 11 हजार 700 टन कोयला स्टाक में है जो स्टैंडर्ड नॉर्म के अनुसार मात्र 26 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कोयले की खपत के हिसाब से देखें तो अनपरा में 40000 मीट्रिक टन कोयले की प्रतिदिन खपत होती है और उपलब्ध मात्र 29000 मीट्रिक टन कोयला है, हरदुआगंज में 17000 मीट्रिक टन की तुलना में 15000 मीट्रिक टन, ओबरा में 12000 मीट्रिक टन की तुलना में 11,000 मीट्रिक टन और परीक्षा में 11,000 मीट्रिक टन की तुलना मे मात्र 4000 मीट्रिक टन कोयला शेष बचा है। पारीछा में 910 मेगावाट का उत्पादन होता है और केवल 1 दिन का कोयला बचा है ऐसे में उत्पादन घटा कर 500 मेगावाट कर दिया गया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Apr 2022 14:48:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>अर्थव्यवस्था के लिए बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[देश में यदि बिजली संकट गहराएगा तो अर्थव्यवस्था को गहरी चोट लगेगी। कोरोना महामारी से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौट रही है। इसके लिए बिजली की आपूर्ति का सुचारू बने रहना बेहद आवश्यक है। सरकारी कंपनी गेल और निजी कंपनी टाटा के गैस व कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति बाधित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/power-supply-is-very-important-for-the-economy/article-27555"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/haryana-electricity-departments.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में यदि बिजली संकट गहराएगा तो अर्थव्यवस्था को गहरी चोट लगेगी। कोरोना महामारी से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौट रही है। इसके लिए बिजली की आपूर्ति का सुचारू बने रहना बेहद आवश्यक है। सरकारी कंपनी गेल और निजी कंपनी टाटा के गैस व कोयले की कमी से बिजली आपूर्ति बाधित होने के संदेश के चलते आने वाले वक्त में बिजली संकट होने की आशंका व्याप्त हुई है। दुनियाभर में बिजली संकट की समस्या यूरोप में नेचुरल गैस के उत्पादन में कमी, कोरोना के दौरान कोयले के उत्पादन की सुस्त रफ्तार, पिछले 18 महीने में जीवाश्म ईंधन को निकालने की दिशा में बहुत कम काम, चक्रवाती तूफानों के चलते खाड़ी देशों की कुछ तेल रिफाइनरी का बंद होना, रूसी गैस निर्यात में गिरावट, चीन और आॅस्ट्रेलिया के तनावपूर्ण संबंध व समुद्र में कम हवा चलने के कारण पैदा हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">संकट का एक पहलू यह है कि दुनिया में कोयले के दामों में चालीस फीसदी की तेजी है। सरकार भी आयात कम करना चाहती है। हालिया आयात पिछले दो सालों में सबसे कम है। हालांकि, भारत दुनिया में कोयले का चौथा बड़ा उत्पादक है, मगर खपत ज्यादा होने के कारण आयात करने वाले देशों में दूसरे नंबर पर है। अत: बिजली संयंत्र देश के कोयले पर निर्भर हो गये हैं। देश में कोयला संकट की आहट से सरकार से लेकर आम आदमी तक के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। भारत ही नहीं चीन, अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, रूस, लेबनान आदि देश पहले से ही ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। लेबनान अंधेरे में डूबा है। चीन की बढ़ती ऊर्जा भूख ने आपूर्ति तंत्र में असंतुलन पैदा कर दिया है। कई राज्य कोयला कमी से पैदा होने वाले बिजली संकट को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ ने तो बिजली कटौती शुरू कर दी है और बिजली का उपयोग संयम से करने की अपील की गई है। इस संकट का त्योहारी सीजन में जहां अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, वहीं महंगी बिजली का असर फिर उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है जो परोक्ष रूप से महंगाई बढ़ने का जरिया भी बन सकता है। दरअसल, खुलती अर्थव्यवस्था में बिजली की मांग में अचानक तेजी आई है, जो वर्ष 2019 के मुकाबले सत्रह फीसदी से भी अधिक है। पहले से महंगाई का दंश झेल रही जनता की परेशानियां बढ़ सकती हैं। बहरहाल, भारत को कोयले पर निर्भरता कम करने तथा ग्रीन ऊर्जा को विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने के लिये दीर्घकालीन रणनीति बनानी होगी।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 09:54:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हरियाणा के शेष 25 प्रतिशत गांवों में जल्द होगी 24 घंटे बिजली आपूर्ति</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के उद्देश्य से ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना को आगे बढ़ाते हुए गत 18 मई को 17 और नए गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। बिजली निगमों के प्रवक्ता ने शनिवार को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/24-hours-power-supply-soon-in-remaining-25-percent-villages-of-haryana/article-23817"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/electricity.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के उद्देश्य से ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना को आगे बढ़ाते हुए गत 18 मई को 17 और नए गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। बिजली निगमों के प्रवक्ता ने शनिवार को जानकारी देते हुये बताया कि सोनीपत के 9 गांव रतनगढ़, जाट माजरा, चिताना, भटाना, गढ़ी हकीकत, कारेवाड़ी, बड़वासनी, हुल्लाहेड़ी और डेरा, रोहतक के कलिंगा, ककराना, बलियाना, घिल्लोर कलां और घिल्लोर खुर्द और पानीपत का सिमला, झज्जर का माजरा और कैथल जिले का हजवाना गांव इस योजना में शामिल किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत अब प्रदेश के 5287 गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। वर्तमान में प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों को पूरी तरह जगमग किया जा चुका है तथा इससे प्रदेश के 10 जिले पंचकूला, अम्बाला, कुरूक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, गुरूग्राम, फरीदाबाद, सिरसा, रेवाड़ी और फतेहाबाद में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">योजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है</h4>
<p style="text-align:justify;">‘म्हारा गांव जगमग गांव योजना’ की शुरूआत एक जुलाई, 2015 को कुरूक्षेत्र जिले के दयालपुर गांव से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी जिसके तहत ग्रामीणों से बकाया बिजली बिलों का भुगतान करने, बिजली चोरी रोकने का आग्रह किया गया तथा इसके फलस्वरूप जिन ग्रामीण फीडरों का लाइन लॉस कम होता है उन गांवों को चिन्हित कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना का कार्य तीव्र गति से चल रहा है ताकि शेष बचे गांवों को जल्द ही इस योजना में शामिल कर सम्पूर्ण प्रदेश को जगमग किया जा सके। इस योजना से प्रदेश के ग्रामीण उपभोक्ताओं में बिजली बिलों का समय पर भुगतान करने, बिजली चोरी रोकने और बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 May 2021 16:37:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>नवंबर से सरसा में 24 घंटे मिलेगी बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[पंचकूला के बाद बनेगा प्रदेश दूसरा जिला सरसा (सुनील वर्मा)। एक नवंबर हरियाणा जयंती पर बिजली निगम सरसा जिले के उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा देने जा रहा है। एक नवंबर से जिले के सभी गांव में भी शहर की तरह 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलेगी। प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के मामले में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/electricity-will-get-24-hours-in-sirsa-from-november/article-1241"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/power1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">पंचकूला के बा<strong>द बनेगा प्रदेश दूसरा जिला </strong></h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सुनील वर्मा)।</strong> एक नवंबर हरियाणा जयंती पर बिजली निगम सरसा जिले के उपभोक्ताओं को बड़ा तोहफा देने जा रहा है। एक नवंबर से जिले के सभी गांव में भी शहर की तरह 24 घंटे बिजली सप्लाई मिलेगी। प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के मामले में सरसा जिला पंचकूला के बाद दूसरा जिला बन जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए बिजली निगम ने जिले में लाइन लॉस को कम करने का अभियान चलाया जा रहा है। लक्ष्य रखा गया है कि नवंबर माह में पूरे जिले को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाए। गांव व शहर में बिजली आपूर्ति के फर्क को कम करने की दिशा में निगम द्वारा पहल की गई है। प्रयास किए जा रहे है कि सभी जगहों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति मिले। बिजली की किल्लत झेलने वाले ग्रामीणों को अब बिजली के लिए तरसना नहीं पड़ेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब तक 30 गांव में सप्लाई शुरू</h2>
<p style="text-align:justify;">बिजली निगम के एसई पीके चौहान जिले के ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली देने के लिए तेजी से प्रयासरत है। अब तक उनके नेतृत्व में 30 गांव को यह सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। जिसमें ग्रामीणों का भी बड़ा सहयोग रहा है। गांव में बिजली चोरी रूकी है। इसलिए लाइन लॉसिज भी तेजी से घटे हैं। इसलिए 13 फीडरों के अंतर्गत आने वाले गांव को 24 घंटे बिजली सप्लाई देनी शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां बता दें कि वर्ष 2016 में सीएम मनोहर लाल ने सरसा जिले के नौ गांव को जगमग योजना के तहत 24 घंटे बिजली देने की शुरूआत की थी। उसके बाद अन्य गांव के ग्रामीण भी जागरूक हुए। इसी का नतीजा है कि अब तक 30 गांव में 24 घंटे की बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em>जिले के 30 गांव की तरह बाकी गांव के ग्रामीण भी अपने स्तर पर प्रयास करें तो 24 घंटे की बिजली सप्लाई उन्हें भी मिल जाएगी। बस ग्रामीण मिलकर गांव में बिजली चोरी रोके। लाइन लॉसिज कम हो जाएंगे। बिजली का पूरा बिल भरे। गांव को उसी समय 24 घंटे बिजली दे दी जाएगी। उनका प्रयास है कि एक नवंबर तक जिले के सभी 340 गांव में 24 घंटे बिजली दी जाए। </em></p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>-एसई पीके चौहान, एसई बिजली निगम सरसा।</strong></em></p>
<h2 style="text-align:justify;">चक्कां फीडर को आज से होगी 24 घंटे सप्लाई</h2>
<p style="text-align:justify;">जिले में चक्का फीडर के तहत आने वाले गिंदड़ा, घोड़ावांली, चक्कां और भूना गांव में गुरुवार से 24 घंटे की बिजली सप्लाई शुरू कर दी है। यहां के ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर बिजली निगम का सहयोग करके लाइन लॉसिज कम किए हैं। इसलिए यहां पर अब 24 घंटे बिजली सप्लाई शुरू हो गई है। चक्कां गांव के सरपंच महेन्द्र नारायण जयपुरियां ने बताया कि गांव में 24 घंटे बिजली होना बड़ी बात है। हमें खुशी है कि हमारे गांव को यह सुविधा मिली है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मई में पकड़ी एक करोड़ की बिजली चोरी</h2>
<p style="text-align:justify;">लाइन लॉस को कम करने की दिशा में विद्युत निगम के प्रयास स्पष्ट नजर आने लगे है। निगम द्वारा मई माह में बिजली चोरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का परिणाम है कि इस माह में निगम ने एक करोड़ 5 लाख की बिजली चोरी पकड़ी, जिसमें से 42 लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। निगम ने 544 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी। जिस पर 134 उपभोक्ताओं पर एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जबकि अन्य के खिलाफ निगम की कार्रवाई जारी है।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 02:11:13 +0530</pubDate>
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