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                <title>Bank Loan - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Bank Loan RSS Feed</description>
                
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                <title>Bank Loan Fraud: 58 लाख रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। Bhiwani Bank Loan Fraud Case: भिवानी जिला अनुसंधान इकाई भिवानी की टीम ने बैंक लोन धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता संदीप वरिष्ठ अधिकारी उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने सिविल लाइन थाना में शिकायत […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/two-accused-arrested-in-rs-fifty-eight-lakh-bank-loan-fraud-case/article-82161"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/bhiwani-bank-loan-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Bhiwani Bank Loan Fraud Case: भिवानी जिला अनुसंधान इकाई भिवानी की टीम ने बैंक लोन धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता संदीप वरिष्ठ अधिकारी उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, बालाजी कॉम्पलेक्स, पुराना बस स्टैंड के पास स्थित शाखा में कार्यरत लोन अधिकारी अनिल व अन्य आरोपियों ने मिलकर लोन प्रक्रिया में धोखाधड़ी की। आरोपियों ने योजना बनाकर 29 लोन आवेदकों के फर्जी केवाईसी दस्तावेज तैयार किए और उनके नाम पर 29 लोन खाते खोले गए। प्रत्येक खाते पर लगभग 2 लाख का लोन स्वीकृत करवाया गया। आरोपियों ने लोन प्रक्रिया के दौरान आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज अन्य व्यक्तियों के लगाकर फर्जी केवाईसी की तथा लोन की राशि अपने रिश्तेदारों व परिचितों के खातों में डलवा दी। इस प्रकार आरोपियों द्वारा 29 खातों के माध्यम से कुल 58 लाख की धोखाधड़ी की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। Bhiwani Bank Loan Fraud</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में कार्रवाई करते हुए जिला अनुसंधान इकाई के एएसआई विजेंद्र सिंह ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गांव कायला निवासी मनवीर तथा स्थानीय न्यू विद्या नगर निवासी लोकेश के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से धोखाधड़ी से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी लोकेश के कब्जे से एक मोबाइल फोन व 65 हजर की नकद राशि बरामद की गई। इस मामले में मुख्य आरोपी अनिल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है तथा उससे 93 हजार 300 की नकद राशि बरामद की जा चुकी है। पुलिस द्वारा रिमांड अवधि के दौरान इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है तथा उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। Bhiwani Bank Loan Fraud Case</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गीता कॉलोनी पुलिस ने चोरी के मामले में एक गिरफ्तार किया" href="http://10.0.0.122:1245/geeta-colony-police-have-arrested-the-thief-in-the-theft-case/">गीता कॉलोनी पुलिस ने चोरी के मामले में एक गिरफ्तार किया</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>Fraud Alert</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/two-accused-arrested-in-rs-fifty-eight-lakh-bank-loan-fraud-case/article-82161</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:23:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bank Loan: अगर लोन लेने वाले की मौत हो जाए तो बैंक किससे करेगा वसूली, किसे भरना होगा पैसा..</title>
                                    <description><![CDATA[Bank Loan: अनु सैनी। किसी व्यक्ति को जब बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से कर्ज़ मिलता है, तो उसे कर्ज की अदायगी समय पर करनी होती है। हालांकि, अगर कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो यह सवाल उठता है कि उस कर्ज़ की वसूली किससे की जाएगी और कर्ज का भुगतान कौन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/kon-mapatay-ang-nag-utang-kay-sin-o-mabawi-sang-bangko-ang-utang-kag-sin-o-ang-magabayad-sang-kuwarta/article-69111"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/bank-loan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Bank Loan: अनु सैनी।</strong> किसी व्यक्ति को जब बैंकों या वित्तीय संस्थाओं से कर्ज़ मिलता है, तो उसे कर्ज की अदायगी समय पर करनी होती है। हालांकि, अगर कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो यह सवाल उठता है कि उस कर्ज़ की वसूली किससे की जाएगी और कर्ज का भुगतान कौन करेगा? इस लेख में हम इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्ज़ की अदायगी पर मृत्यु का प्रभाव | Bank Loan</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्ज़ लेने वाले की मृत्यु के बाद कर्ज़ की अदायगी का सवाल बैंक और परिवार के लिए एक जटिल स्थिति उत्पन्न कर सकता है। बैंकों द्वारा किसी व्यक्ति से कर्ज़ लेने की स्थिति में, यह मान लिया जाता है कि वह व्यक्ति समय पर कर्ज़ चुका पाएगा। लेकिन जब अचानक कोई अप्रत्याशित घटना घटती है, जैसे कि मृत्यु, तो कर्ज़ की अदायगी के बारे में कई प्रश्न उठते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/alerto-sa-mabaskog-nga-ulan-kag-kilat-sa-sini-nga-mga-estado-sa-masunod-nga-tatlo-ka-adlaw/">Rain Alert: सावधान: अगले तीन दिन इन राज्यों में भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">विवाद की स्थिति से बचने के लिए कर्ज़ लेते समय इंश्योरेंस का होना जरूरी</h4>
<p style="text-align:justify;">बैंक और वित्तीय संस्थाएं कर्ज़ लेने वाले से पहले कई दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाती हैं, जिसमें जीवन बीमा पॉलिसी भी शामिल हो सकती है। अगर कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति ने जीवन बीमा पॉलिसी ली हुई है, तो इसके तहत कर्ज़ की अदायगी की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की हो जाती है। यह बीमा कर्ज़ की शेष राशि का भुगतान कर देता है, जिससे परिवार को कर्ज़ से छुटकारा मिलता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गैर-बीमित कर्ज़ का भुगतान: परिवार की जिम्मेदारी</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति ने कोई बीमा नहीं लिया है, तो मृत्यु के बाद कर्ज़ की अदायगी का बोझ परिवार और गारंटर पर आ सकता है। बैंकों को कर्ज़ की वसूली करने के लिए कानूनी तरीके अपनाने का अधिकार होता है। हालांकि, यह एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है, और बैंक को यह साबित करना पड़ता है कि कर्ज़ लेने वाले व्यक्ति के द्वारा उधार लिया गया पैसा अभी भी बाकी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">गारंटर का रोल: कर्ज़ की अदायगी में अहम भूमिका</h3>
<p style="text-align:justify;">किसी कर्ज़ के लिए बैंक अक्सर एक गारंटर की मांग करता है। गारंटर वह व्यक्ति होता है, जो कर्ज़ लेने वाले की असमर्थता की स्थिति में कर्ज़ चुकाने की जिम्मेदारी उठाता है। अगर कर्ज़ लेने वाले की मृत्यु हो जाती है और उनके पास बीमा नहीं है, तो गारंटर को कर्ज़ की पूरी रकम चुकानी पड़ सकती है। गारंटर की भूमिका इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बैंक उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कंपनी से कर्ज़ लेने पर, किसे मिलेगा भुगतान का जिम्मा?</h3>
<p style="text-align:justify;">कभी-कभी व्यवसायिक कर्ज़ भी व्यक्ति द्वारा लिया जाता है, जैसे कि किसी कंपनी के मालिक ने बैंक से लोन लिया हो। अगर कंपनी का मालिक मर जाता है, तो कर्ज़ की वसूली के लिए बैंक कंपनी के वारिसों या उस कंपनी के नए मालिक से संपर्क कर सकता है। यदि कंपनी पर कर्ज़ लिया गया है, तो उसका भुगतान कंपनी की संपत्तियों से किया जा सकता है, या फिर व्यक्तिगत संपत्तियों से।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कानूनी उपाय: बैंक की वसूली प्रक्रिया</h3>
<p style="text-align:justify;">कर्ज़ के न चुकाने पर बैंक विभिन्न कानूनी कदम उठा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि बैंक सीधे परिवार से पैसे मांगने लगे। बल्कि बैंक के पास कुछ कानूनी विकल्प होते हैं, जैसे कि कर्ज़ की वसूली के लिए अदालत में मामला दर्ज करना। बैंक तब कर्ज़ की वसूली के लिए परिवार या गारंटर पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, अगर बैंक को लगता है कि कर्ज़ का भुगतान संभव नहीं है, तो वह कर्ज़ को डिफॉल्ट मानकर वसूली प्रक्रिया शुरू कर सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कर्ज़ का भुगतान करने के तरीके | Bank Loan</h3>
<p style="text-align:justify;">मृत्यु के बाद कर्ज़ चुकाने के विभिन्न तरीके हो सकते हैं:<br />
1. बीमा पॉलिसी: यदि कर्ज़ लेने वाले ने जीवन बीमा पॉलिसी ली है, तो बीमा कंपनी शेष कर्ज़ की अदायगी कर सकती है।<br />
2. गारंटर से वसूली: गारंटर को कर्ज़ की अदायगी करनी होगी, यदि कर्ज़ लेने वाला व्यक्ति बीमा के बिना मृत हो जाता है।<br />
3. वारिसों से वसूली: अगर गारंटर नहीं है, तो बैंक मृतक के परिवार से कर्ज़ की वसूली कर सकता है, जो मृतक के वारिस होंगे।<br />
4. कंपनी के मामले में वसूली: अगर कर्ज़ किसी व्यवसाय से संबंधित है, तो कंपनी की संपत्तियों से कर्ज़ चुकाया जा सकता है या फिर नए मालिकों से वसूली की जा सकती है।<br />
कर्ज़ की अदायगी मृत्यु के बाद एक जटिल और संवेदनशील मामला बन सकती है। हालांकि, अगर कर्ज़ लेने वाले ने जीवन बीमा पॉलिसी ली है, तो यह प्रक्रिया सरल हो जाती है। इसके बिना, कर्ज़ की अदायगी का जिम्मा परिवार, गारंटर, या कंपनी के खिलाफ वसूली प्रक्रिया के रूप में उठाया जाता है। बैंक इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा करने के लिए कई तरीके अपनाते हैं।<br />
महत्वपूर्ण यह है कि किसी भी प्रकार का कर्ज़ लेते वक्त बीमा पॉलिसी की योजना को अवश्य ध्यान में रखें, ताकि भविष्य में किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में परिवार पर अधिक बोझ न पड़े।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Mar 2025 11:45:32 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Loan News: लोन के लिए 27 एवं 28 फरवरी को होगा इंटरव्यू</title>
                                    <description><![CDATA[National Corporation Scheme Loans: श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. श्रीगंगानगर (Rajasthan Development Cooperative Corporation Ltd. Sri Ganganagar) द्वारा वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों की आपूर्ति हेतु राष्ट्रीय निगम योजनान्तर्गत ऋण हेतु आवेदन किये गये आवेदकों के साक्षात्कार 27 फरवरी 2025 एवं 28 फरवरी 2025 को प्रात: 11 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/national-corporation-scheme-loans/article-67380"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/now-home-car-and-personal-loan-will-be-cheaper.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">National Corporation Scheme Loans: श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लि. श्रीगंगानगर (Rajasthan Development Cooperative Corporation Ltd. Sri Ganganagar) द्वारा वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों की आपूर्ति हेतु राष्ट्रीय निगम योजनान्तर्गत ऋण हेतु आवेदन किये गये आवेदकों के साक्षात्कार 27 फरवरी 2025 एवं 28 फरवरी 2025 को प्रात: 11 बजे जिला परिषद् मिटिंग हॉल श्रीगंगानगर में आयोजित किये जा रहे है। परियोजना प्रबंधक वीरेन्द्र पाल ने बताया कि साक्षात्कार में उपस्थित होने वाले समस्त आशार्थी अपनी तिथी अनुसार अपने ऋण संबंधी समस्त दस्तावेजों के साथ उपस्थित होवें। साक्षात्कार संबंधित जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष 0154-2445048 पर संपर्क कर सकते हैं। Loan News</p>
<p><a title="PM Kusum Yojana: पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों के लिए हुआ ये बड़ा ऐलान!" href="http://10.0.0.122:1245/this-big-announcement-was-made-for-farmers-under-pm-kusum-yojana/">PM Kusum Yojana: पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों के लिए हुआ ये बड़ा ऐलान!</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/national-corporation-scheme-loans/article-67380</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Feb 2025 13:01:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन रिकवरी के पैसे बैंक में नहीं करवाए जमा, बैंक कर्मी काबू</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (सच कहूँ न्यूज)। जिला पुलिस ने लोन रिकवरी (Loan Recovery) के रुपये बैंक में जमा नहीं करवाने वाले बैंक कर्मी को गिरफ्तार किया है। थाना कृष्णा गेट थानसेर की टीम ने लोन रिकवरी के रुपये बैंक में जमा नहीं करवाने के आरोप में रजत चौहान निवासी अमीन थाना केयूके जिला कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार किया […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bank-employees-arrested-for-not-depositing-loan-recovery-money-in-bank/article-51573"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/2-lakh-reward-accused-arrested.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जिला पुलिस ने लोन रिकवरी (Loan Recovery) के रुपये बैंक में जमा नहीं करवाने वाले बैंक कर्मी को गिरफ्तार किया है। थाना कृष्णा गेट थानसेर की टीम ने लोन रिकवरी के रुपये बैंक में जमा नहीं करवाने के आरोप में रजत चौहान निवासी अमीन थाना केयूके जिला कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार किया है। तरसेम शर्मा व विजेन्द्र शर्मा मैनेजर चोला मंडलम फाईनन्स कम्पनी कुरुक्षेत्र ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह चोला मंडलम फाईनन्स कम्पनी में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं। Kurukshetra News</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त कम्पनी में रजत बतौर रिकवरी एजेन्ट कार्यरत है और दिनांक 15 जून को रजत ने बैंक कस्टमर के लोन की किस्तों की रसीदें काटी थी। जिसकी कुल राशि 2 लाख 54 हजार 101 रुपए है, जो कि 10 किस्तो में काटा गया था । बैंक या कम्पनी के प्रोसेस के हिसाब से 24 घंटो के अन्दर रसीदों का काटा गया पैसा बैंक में जमा करवाना होता है। परन्तु रजत द्वारा उक्त कैश को बैंक में जमा नहीं करवाया गया है। जब उनके द्वारा उक्त रजत से पूछा गया तो वो उक्त कैश जमा करवाने में आनाकानी करने लगा और धमकी दी कि मुझे परेशान मत करो नही तो मैं तुम्हारा नाम लिखकर कुछ कर लूंगा। रजत से बैंक का पैसा वसूल करवाया जाये और दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये।</p>
<p style="text-align:justify;">जिनकी शिकायत पर थाना कृष्णा गेट थानेसर में मामला दर्ज करके जांच पुलिस चौंकी सुभाष मण्डी थानेसर के सहायक उप निरीक्षक जसबीर सिंह को सौंपी गई। 23 अगस्त को पुलिस चौंकी सुभाष मण्डी थानेसर के सहायक उप निरीक्षक जसबीर सिंह की टीम ने लोन रिकवरी के रुपये बैंक में जमा नहीं करवाने के आरोप में रजत चौहान पुत्र ईश्वर सिंह वासी अमीन थाना केयूके जिला कुरुक्षेत्र को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को माननीय अदालत के जारीशुदा निदेर्शों के अनुसार जमानत पर रिहा किया गया। Kurukshetra News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर ठगे 39 लाख" href="http://10.0.0.122:1245/thirty-nine-lakh-cheated-in-the-name-of-getting-franchise/">फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर ठगे 39 लाख</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/bank-employees-arrested-for-not-depositing-loan-recovery-money-in-bank/article-51573</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 16:09:29 +0530</pubDate>
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                <title>RBI New Rule: आरबीआई का नया नियम&amp;#8230;मुश्किलें बढ़ने के साथ बढ़ सकती है ईएमआई भी!</title>
                                    <description><![CDATA[Home Loan EMIs:आरबीआई का नया नियम होम लोन लेने वालों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इस नए नियम के तहत एक निश्चित रेट पर स्विच करने का विकल्प है। इस विकल्प के अनुसार बढ़ती ब्याज दरों के बीच बैंकों और फाइनेंस कंपिनयों को समान किस्त वाले ब्याज दर में बढ़ोतरी करने पर विवश होना पड़ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rbis-new-rule-emi-may-also-increase-as-difficulties-increase/article-51429"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/rbi-new-rule.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Home Loan EMIs:आरबीआई का नया नियम होम लोन लेने वालों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इस नए नियम के तहत एक निश्चित रेट पर स्विच करने का विकल्प है। इस विकल्प के अनुसार बढ़ती ब्याज दरों के बीच बैंकों और फाइनेंस कंपिनयों को समान किस्त वाले ब्याज दर में बढ़ोतरी करने पर विवश होना पड़ सकता है। लोन रीसेट के दौरान आपको फि कस्ड ब्याज दर का विकल्प दिया जा सकता है। RBI New Rule</p>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई द्वारा जारी नए दिशा निर्देश में बताया गया है कि लोन अप्रूव लेटर में भविष्य में फ्लोटिंग से तय ब्याज दर में परिवर्तन से जुड़ी लागतों का जिक्र करना होगा। लोन लेने वालों को यह भी बताना अनिवार्य होगा कि दरों में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की अवस्था में भी ईएमआई मासिक ब्याज भुगतान को कवर करेगी। इससे क्या होगा कि आपकी महीने वार ईएमआई में वृद्धि हो सकती है। आसान भाषा में समझाएं तो जब लोन का ब्याज बढ़ता है तो फ्लोटिंग रेट बढ़ाने के लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियां भी विवश हो सकती हैं। ऐसे में जब फ्लोटिंग में बढ़ोतरी होती है तो फ्लोटिंग बेस्ड लोन फिक्स्ड ब्याज दर में भी वृद्धि होगी। मतलब साफ है कि फिक्स्ड रेट पर भी लोन की ईएमआई में वृद्धि हो सकती है। RBI New Rule</p>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई ने अपने सर्कुलर में बताया कि पर्सनल फ्लोटिंग रेट रीसेट पर लोन लेने वाले केवल मौजूदा ब्याज दर के आधार पर रिपेमेंट क्षमता का आंकलन न करें बल्कि वो ये तय करें कि ब्याज दर बढ़ने से भी उधारकर्ता अपने भुगतान दायित्वों को निभा सकें। बता दें कि सिंगल लोन सर्किल में 6 फीसदी तक का उतार-चढ़ाव रहा है यानि ब्याज की चिंताएं पहले की अपेक्षा ज्यादा बढ़ी हैं तथा लोन के कार्यकाल में भी बढ़ोतरी हुई। RBI New Rule</p>
<p style="text-align:justify;">इस स्थिति में ईएमआई को एडजेस्ट करने के लिए ईएमआई चुकाने के समय में वृद्धि की गई या लोन की ब्याज दर बढ़ाई गई। अब भारतीय रिजर्व बैंक के नए नियम में अगर पूरा लोन चुकाया जाता है तो मौजूदा ब्याज और अधिकतम ब्याज का आंकलन करना होगा। बैंक मौजूदा ब्याज दर के आधार पर ही लोन चुकाने का विकल्प देंगे। ऐसे हालात में कुछ लोगों के लिए लोन लेना भी मुश्किल हो जाएगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/the-body-gives-these-signals-when-cholesterol-increases/">High Cholesterol: कोलेस्ट्रोल बढ़ने पर शरीर देता है ये संकेत, गलती से भी ना करें नजरअंदाज</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Aug 2023 09:02:45 +0530</pubDate>
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                <title>RBI MPC Update: बैंकों से लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी, आरबीआई गवर्नर का बड़ा ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[Home Loan Fixed Rate Regime: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदारों को राहत पहुंचाने एवं उन्हें अपने ऋण के लिए ब्याज दरों के विकल्प के चयन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से फिक्स्ड दरों पर कर्ज लेने की सुविधा प्रदान करने जा रहा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/home-loan-fixed-rate-regime/article-51041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/rbi-mpc-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Home Loan Fixed Rate Regime: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्जदारों को राहत पहुंचाने एवं उन्हें अपने ऋण के लिए ब्याज दरों के विकल्प के चयन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से फिक्स्ड दरों पर कर्ज लेने की सुविधा प्रदान करने जा रहा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद गवर्नर शक्तकांत दास ने आज बयान जारी करते हुये कहा कि केन्द्रीय बैंक द्वारा की गई पर्यवेक्षी समीक्षा और जनता से मिली प्रतिक्रिया एवं संदर्भों से उधारकतार्ओं को उचित सहमति और संचार के बिना उधारदाताओं द्वारा फ्लोटिंग रेट ऋणों की अवधि को अनुचित रूप से बढ़ाने के कई मामले सामने आए हैं। RBI MPC Update</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सभी ऋण देने वालों द्वारा लागू किए जाने वाले एक उचित आचरण ढांचे को स्थापित करने का प्रस्ताव है जिसमें ऋणदाताओं को अवधि या ईएमआई को रीसेट करने के लिए उधारकर्ताओं के साथ स्पष्ट रूप से संवाद करना चाहिए, फिक्स्ड दर ऋण पर स्विच करने या ऋणों को बंद करने का विकल्प प्रदान करना चाहिए। इन विकल्पों के प्रयोग के लिए प्रासंगिक विभिन्न शुल्कों का पारदर्शी खुलासा करना चाहिए और उचित संचार करना चाहिए। उधारकतार्ओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की जानी चाहिए। इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। RBI MPC Update</p>
<h4 style="text-align:justify;">नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखना रियल एस्टेट के लिए महत्वपूर्ण कदम</h4>
<p style="text-align:justify;"> रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा नीतिगत दरों विशेषकर रेपो दर को लगातार तीसरी बार यथावत बनाये रखने का रियल एस्टेट उद्योग ने स्वागत करते हुये आज कहा कि यह इस क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। नरेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन बन्देलकर ने कहा, ‘रेपो दरों को आरबीआई द्वारा अपरिवर्तित रखने का निर्णय रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। ब्याज दरों में स्थिरता से उन डेवलपरों को राहत मिलेगी जो एक जटिल आर्थिक परिदृश्य से गुजर रहे हैं। अपरिवर्तित दरें कुछ हद तक दीर्घकालिक परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने के लिए एक आवश्यक स्थिति प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही यह निर्णय सेक्टर की स्थिरता की आवश्यकता के साथ अच्छी तरह से मेल भी खाता है और एक सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देता है। हालाँकि, हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक उभरते बाजार की गतिशीलता के प्रति सचेत रहेगा और विकासोन्मुख उपायों का समर्थन करना जारी रखेगा। रियल एस्टेट डेवलपरों का निकाय विभिन्न आर्थिक कारकों पर विचार करते हुए आरबीआई द्वारा किए जा रहे सावधानीपूर्वक संतुलन कार्य को स्वीकार करता है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम एक मजबूत रियल एस्टेट क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर और नियामक अधिकारियों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आशा करते हैं जो देश के आर्थिक पुनरुत्थान में योगदान दे।</p>
<p style="text-align:justify;">त्रेहान ग्रुप के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहान ने कहा ‘ रेपो रेट को अपरिवर्तित बनाए रखने से रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए विकास के आंकड़े समान रहेंगे। आवास की मांग लगातार बढ़ रही है और आरबीआई की नीति रियल एस्टेट परिसंपत्तियों में पैसा लगाने की योजना बना रहे खरीदारों की संपत्ति-अनुकूल भावनाओं में काफी मूल्य जोड़ रही है। आरबीआई के इस कदम से मुद्रास्फीति की दरें और कम हो जाएंगी, जो निस्संदेह कम हो रही है लेकिन कंस्ट्रक्शन संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है और समग्र आर्थिक माहौल को बाधित कर रही है। आरबीआई को 4 प्रतिशत के अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निर्णय करने के लिए प्रेरित किया गया है और रेपो रेट को अपरिवर्तित रखकर यह अपने उद्देश्यों को महत्वपूर्ण रूप से प्राप्त करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गंगा रियल्टी के संयुक्त प्रबंध निदेशक विकास गर्ग ने कहा कि आरबीआई के इस निर्णय से आवास की मांग को स्थिर करने और संपत्ति बाजारों में सकारात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। रेपो दर को अपरिवर्तित रखकर आरबीआई ने उद्योग-अनुकूल रुख की मौद्रिक नीति को बनाए रखा है जो रुझानों के समेकन का समर्थन करेगा। यह रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अच्छे परिणाम देगा और इसके अलावा व्यापक आर्थिक स्थितियों को स्थिर रखने में भी मदद करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इमामी रियल्टी के प्रबंध निदेशक और सीईओ डॉ. नितेश कुमार ने आरबीआई नीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के बावजूद आरबीआई ने रेपो दर पर यथास्थिति बनाए रखा है। इससे घर खरीदने की भावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी बातों के अलावा, देश की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। समग्र बाजार विश्वास को बढ़ावा देने और घर खरीदने को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए मौजूदा नीति दरों को जारी रखना और संभवत: ब्याज दरों में और कमी करना बेहतर होगा। रियल एस्टेट के लिए त्योहारी सीजन के दौरान इस नीतिगत निर्णय से घरेलू खपत और एनआरआई मांग बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/upi-lite-payment-limit/">UPI Lite: छोटे डिजिटल भुगतान की सीमा बढ़कर 500 रुपये : आरबीआई</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Aug 2023 16:43:02 +0530</pubDate>
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