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                <title>Rheumatoid arthritis - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Rheumatoid arthritis RSS Feed</description>
                
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                <title>Arthritis treatment: जोड़ों के दर्द, गठिया के इलाज में जापानी वैज्ञानिकों ने की प्रतिरक्षा &amp;#8216;केंद्र&amp;#8217; की खोज</title>
                                    <description><![CDATA[Japan scientific research: नई दिल्ली। जापान के वैज्ञानिकों की एक टीम ने गठिया (रूमेटाइड आर्थराइटिस) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोधकर्ताओं ने ऐसे छिपे हुए “प्रतिरक्षा केंद्र” (इम्यून हब्स) की पहचान की है, जो जोड़ों को नुकसान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। Arthritis treatment रूमेटाइड आर्थराइटिस (आरए) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/japanese-scientists-discover-immune-hub-to-treat-joint-pain-arthritis/article-74783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-08/arthritis-treatment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Japan scientific research: नई दिल्ली। जापान के वैज्ञानिकों की एक टीम ने गठिया (रूमेटाइड आर्थराइटिस) से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोधकर्ताओं ने ऐसे छिपे हुए “प्रतिरक्षा केंद्र” (इम्यून हब्स) की पहचान की है, जो जोड़ों को नुकसान पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। Arthritis treatment</p>
<p style="text-align:justify;">रूमेटाइड आर्थराइटिस (आरए) एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही अपने जोड़ों पर हमला करने लगती है। यह बीमारी विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। कई बार दवाइयों का असर सीमित होता है और करीब हर तीन में से एक मरीज को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती। एडवांस स्तर पर यह रोग जोड़ों में विकृतियां भी उत्पन्न कर सकता है। क्योटो यूनिवर्सिटी की टीम ने अध्ययन में पाया कि पेरिफेरल हेल्पर टी (टीपीएच) कोशिकाएं, जो गठिया में प्रमुख भूमिका निभाती हैं, दो प्रकार की होती हैं:</p>
<p style="text-align:justify;">स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाएं: ये कोशिकाएं सूजन वाले ‘इम्यून हब’ या टर्शियरी लिम्फोइड स्ट्रक्चर में रहती हैं। यहाँ वे अपनी संख्या बढ़ाती हैं और बी कोशिकाओं को सक्रिय करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इफेक्टोर टीपीएच कोशिकाएं: स्टेम-लाइक टीपीएच कोशिकाओं में से कुछ इफेक्टोर टीपीएच कोशिकाओं में बदल जाती हैं। ये हब से बाहर निकलकर जोड़ों में सूजन पैदा करती हैं। यही कारण है कि कई मरीजों में इलाज के बावजूद सूजन बनी रहती है।</p>
<h3>मरीजों को लंबे समय तक राहत और जीवन की गुणवत्ता में सुधार मिल सकता है</h3>
<p style="text-align:justify;">शोधपत्र में बताया गया है कि यदि शुरुआत में ही इन स्टेम जैसी टीपीएच कोशिकाओं को टारगेट किया जाए, तो मरीजों को लंबे समय तक राहत और जीवन की गुणवत्ता में सुधार मिल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">टीपीएच कोशिकाओं की यह खोज यह भी स्पष्ट करती है कि स्टेम जैसी कोशिकाएं स्वयं को बार-बार नवीनीकृत कर सकती हैं और इफेक्टोर टीपीएच कोशिकाओं में बदल सकती हैं। यानी ये कोशिकाएं बीमारी की जड़ के रूप में काम कर सकती हैं। कुल मिलाकर, इस अध्ययन से पता चला कि सूजे हुए जोड़ों में दो प्रकार की टीपीएच कोशिकाएं मौजूद हैं और इनकी अलग-अलग भूमिकाएं हैं। यह शोध गठिया रोगियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। Arthritis treatment</p>
<p><a title="Old Age Pension: वृद्धावस्था पेंशन को लेकर सरकार  ने उठाया ये बड़ा कदम" href="http://10.0.0.122:1245/the-government-took-this-big-step-regarding-old-age-pension/">Old Age Pension: वृद्धावस्था पेंशन को लेकर सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Aug 2025 15:19:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Pizza: वैज्ञानिकों का खुलासा, पिज्जा खाने से ये गंभीर बीमारी हो सकती है दूर</title>
                                    <description><![CDATA[Pizza: अक्सर कहा जाता है कि पिजा खाने से बहुत सी बीमारी का खतरा रहता है। जैसे कि वजन बढ़ना, डायबिटीज, हार्ट अटैक व हाई ब्लड प्रेशन जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। लेकिन आज हम आपको ऐसी खबर बताने जा रहे हैं कि पिज्जा खाने से एक गंभीर बीमारी को कम किया जा सकता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/scientists-reveal-eating-pizza-can-cure-this-serious-disease/article-51120"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/pizza.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Pizza: अक्सर कहा जाता है कि पिजा खाने से बहुत सी बीमारी का खतरा रहता है। जैसे कि वजन बढ़ना, डायबिटीज, हार्ट अटैक व हाई ब्लड प्रेशन जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। लेकिन आज हम आपको ऐसी खबर बताने जा रहे हैं कि पिज्जा खाने से एक गंभीर बीमारी को कम किया जा सकता है तो आपको रिएक्शन क्या होगा? बेशक यह सुनकर आप चौंक जाए लेकिन हम मजाक नहीं कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अध्ययन में दावा किया है कि पिज्जा खाने से रूमेटाइड अर्थराइटिस या रूमेटाइड गठिया की तकलीफों से आराम मिल सकता है। इस अध्ययन में पाया गया है कि अगर पिज्जा को फ्रेश सामग्री से तैयार किया जाता है तो ये रूमेटीइड गठिया से जुड़ी कुछ दिक्कतों को कम कर सकता है। एनएचएस के अनुसार, रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून डिजीज है। यह बीमारी हेल्दी सेल्स पर आक्रमण करता है, जिसकी वजह से जलन व सूजन होने लगती है। रूमेटाइड गठिया में व्यक्ति जोड़ों में तेज दर्द का सामना करता पड़ता है। फिलहाल इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/yoga-for-eyesight/">Yoga For Eyesight: ये योग आजमाएँ, आँखों से हमेशा के लिए चश्मा हटाएँ!</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Yoga For Eyesight: ये योग आजमाएँ, आँखों से हमेशा के लिए चश्मा हटाएँ!” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/yoga-for-eyesight/embed/#?secret=fxdsejiCRK%23?secret=1uO4a1PXhx" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<h4 style="text-align:justify;">पिज्जा खाने से कैसे हो जाता है कम दर्द? Pizza</h4>
<p style="text-align:justify;">इटली के वैज्ञानिकों की मानें तो हफ्ते में एक बार आधा पिज्जा खाने से रूमेटाइड अर्थराइटिस की वजह से होने वाले दर्द को 80 फीसदी तक कम किया जा सकता है। क्योंकि पिज्जा में डाली जाने वाली कुछ सामग्रियों में सूजन रोधी गुण पाए जाते हैं। पिज्जा बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला मोजेरेला चीज व जैतून का तेल सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। क्योंकि न्यूट्रिएंटस में पब्लिस इस अध्ययन में 18 से 65 वर्ष के 365 व्यक्तियों को शामिल किया गया था, जिन्हें रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">रूमेटीइड आर्थराइटिस के मरीजों को ये खाना चाहिए? Pizza</h3>
<p style="text-align:justify;">अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने हर हफ्ते एक से ज्यादा बार आधा पिज्जा खाया, उन्होंने गठिया के दर्द से राहत होने की बात कही। रूमेटाइड अर्थराइटिस वाले व्यक्तियों ने सामान मात्रा में पिज्जा का सेवन किया, इन लोगों ने भी दर्द में 80 फीसदी की कमी होने की बात कही। रूमेटीइड आर्थराइटिस से विश्व में हर वर्ष लाखों लोग प्रभावित होते हैं। इसके इलाज के लिए स्टेरॉयड व फिजियोथेरेपी जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। एनएचएस इस बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को एंटी-इंफ्लेमेटरी वाली मेडिटेरियन स्टाइल डाइट लेने की सलाह देता है जिसमें सब्जियां, फलियां, नट्स, अनाज, बीन्स, जैतून का तेल शामिल है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/right-time-to-drink-water/">Healthy Tips: खाना खाने से पहले और बाद में कब पीना चाहिए पानी, जानिये …</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2023 16:43:19 +0530</pubDate>
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