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                <title>Jan Dhan Yojana - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Jan Dhan Yojana: जनधन योजना के तहत खोले गए खातों की होगी रि-केवाईसी</title>
                                    <description><![CDATA[बैंकर्स विभिन्न योजनाओं के लंबित ऋण आवेदन पत्रों का समयबद्ध करें निपटा: डीसी प्रीति कैथल (सच कहूं न्यूज)। Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana: डीसी प्रीति ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 2014 में खोले गए खातों को दस साल से ज्यादा का समय हो गया है, इसलिए इनकी रि-केवाईसी होना अनिवार्य है। ग्राहक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/re-kyc-will-be-done-for-the-accounts-opened-under-jan-dhan-yojana/article-67501"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-02/kaithal-news-2-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बैंकर्स विभिन्न योजनाओं के लंबित ऋण आवेदन पत्रों का समयबद्ध करें निपटा: डीसी प्रीति</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैथल (सच कहूं न्यूज)।</strong> Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana: डीसी प्रीति ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 2014 में खोले गए खातों को दस साल से ज्यादा का समय हो गया है, इसलिए इनकी रि-केवाईसी होना अनिवार्य है। ग्राहक किसी भी शाखा से केवाईसी करवा सकता है। सभी बैंकर्स लोगों को इसके प्रति जागरूक करें और रि-केवाईसी करवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सभी योजनाओं के लंबित ऋण आवेदन पत्रों का समयबद्ध निपटान करें, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। Kaithal News</p>
<p style="text-align:justify;">डीसी प्रीति सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों व बैंकर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थी। डीसी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की स्कीमों के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को विभिन्न विभागों के माध्यम से लाभ पहुंचाने के लिए आवेदन प्राप्त होते हैं, जिसके बाद उन्हें बैंकर्स के पास भेजा जाता है। इन स्वीकृत आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आवेदकों को लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करें।<br />
एलडीएम एसके नंदा ने कहा कि बैंक सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को ध्यान में रखकर अपनी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जा रहा है। उन्होंने सभी बैंकर्स को कहा कि शिक्षा ऋण योजना के अंतर्गत सरलता से ज्यादा से ज्यादा लोन प्रदान करें। इस अवसर पर आरबीआई, नाबार्ड व विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। Kaithal News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="अमेरिका से वापिसी आंखें खोलने वाली, गैर-कानूनी तरीके से न जाएं विदेश: सीएम" href="http://10.0.0.122:1245/cm-bhagwant-mann-said-that-the-return-from-america-was-an-eye-opener-do-not-go-abroad-illegally/">अमेरिका से वापिसी आंखें खोलने वाली, गैर-कानूनी तरीके से न जाएं विदेश: सीएम</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 20:42:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जन-धन योजना के नाम पर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के दो आरोपी काबू</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपियों के पास से पांच बैंक खाता बुक, फर्जी रेंट एग्रीमेंट व बिजली बिल बरामद गुुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)। जन-धन योजना (Jan Dhan Yojana) के नाम पर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के दो आरोपियों को पुलिस ने काबू किया है। आरोपियों के पास से पांच बैंक खाता बुक, फर्जी रेंट एग्रीमेंट व बिजली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/two-accused-arrested-for-providing-bank-accounts-to-fraudsters-in-the-name-of-jan-dhan-yojana/article-66536"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-01/gurugram-news-3.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">आरोपियों के पास से पांच बैंक खाता बुक, फर्जी रेंट एग्रीमेंट व बिजली बिल बरामद</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)।</strong> जन-धन योजना (Jan Dhan Yojana) के नाम पर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के दो आरोपियों को पुलिस ने काबू किया है। आरोपियों के पास से पांच बैंक खाता बुक, फर्जी रेंट एग्रीमेंट व बिजली के बिल बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार 24 जनवरी 2025 को एक व्यक्ति ने थाना साईबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम में एक लिखित शिकायत दी थी। उसने कहा था कि उसकी मुलाकात दो व्यक्तियों से हुई थी। Gurugram News</p>
<p style="text-align:justify;">जिन्होंने बताया कि वे लोग जन-धन योजना के तहत बैंक में खाता खोलते हैं। जिसमें प्रत्येक महीने 7000 हजार रुपये सरकार द्वारा दिए जाते हैं। इसके बाद उसने खुद का तथा अपनी पत्नी का बैंक खाता खुलवा लिया। बैंक खाता खुलवाने के बाद उन लोगों ने उससे एटीएम कार्ड तथा बैंक खाते में पंजीकृत मोबाईल नंबर ले लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कई दिन तक एटीएम व मोबाइल नंबर नहीं मिला तो बैंक गए | Gurugram News</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय में जाकर जन-धन योजना के तहत पंजीकृत करने के बाद उन्हें एटीएम कार्ड व मोबाईल नंबर वापस मिल जाएगा। जब कई दिनों तक उन्हें बैंक एटीएम कार्ड तथा मोबाईल नंबर वापस नहीं दिए तो उन्होंने बैंक में जाकर पता किया। वहां जाकर पता चला कि उनके बैंक खाता से काफी रुपयों का लेन-देन हुआ है। उन व्यक्तियों ने फर्जी तरीके से जन-धन बैंक खाता योजना के नाम पर खाता खुलवाकर इनके बैंक खातों में फ्रॉड ट्रांजेक्शन की है। इस शिकायत पर थाना साइबर पश्चिम गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सहायक पुलिस आयुक्त साईबर अपराध प्रियांशु दिवान के नेतृत्व में निरीक्षक संदीप प्रबंधक थाना साईबर पश्चिम की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए इस मामले में 15 जनवरी 2025 को दो आरोपियों को सेक्टर-10 गुरुग्राम से काबू किया। आरोपियों की पहचान साहुन निवासी गांव किरणकी जिला गुरुग्राम व अजहरुद्दीन उर्फ अजरू निवासी पुनहाना जिला नूंह के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी लोगों को जन-धन योजना के तहत बैंक खाता खोलते थे। Gurugram News</p>
<p style="text-align:justify;">बैंक खाता खुलवाने के लिए आरोपी फर्जी एग्रीमेंट व बिजली बिल तैयार करवाते थे। बैंक खाता खुलने के बाद बैंक खाता धारक से सरकारी कार्यलय में बैंक खाता पंजीकृत करने के नाम पर बैंक का एटीएम कार्ड व पंजीकृत मोबाईल नंबर ले लेते थे। उसके बाद उन बैंक खातों को 10 हजार रुपये में अपने एक अन्य साथी आरोपी को बेच देते थे। आगामी पूछताछ व बरामदगी के लिए आरोपी साहुन को अदालत से एक दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="गौरव गोयल भाजपा छछरौली मंडल व प्रियंक शर्मा भाजपा जगाधरी शहरी मंडलके अध्यक्ष बने" href="http://10.0.0.122:1245/gaurav-goyal-became-the-president-of-chhachhrauli-mandal-and-priyank-sharma-became-the-president-of-jagadhri-urban-mandal/">गौरव गोयल भाजपा छछरौली मंडल व प्रियंक शर्मा भाजपा जगाधरी शहरी मंडलके अध्यक्ष बने</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jan 2025 18:35:59 +0530</pubDate>
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                <title>Jan Dhan Yojana: जन धन योजना ने गरीबों को आर्थिक मुख्&amp;#x200d;यधारा में शामिल किया: सीतारमण</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Jan Dhan Yojana: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के आज एक दशक पूर्ण के अवसर पर कहा कि वित्तीय समावेशन एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक सभी की आसान पहुंच आवश्यक है और पीएमजेडीवाई ने गरीबों को आर्थिक मुख्यधारा में शामिल करने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/jan-dhan-yojana-brought-the-poor-into-the-economic-mainstream-sitharaman/article-61579"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/delhi-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Jan Dhan Yojana: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के आज एक दशक पूर्ण के अवसर पर कहा कि वित्तीय समावेशन एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक सभी की आसान पहुंच आवश्यक है और पीएमजेडीवाई ने गरीबों को आर्थिक मुख्यधारा में शामिल करने के साथ ही हाशिए के समुदायों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के प्रारंभ में 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन और गरीबों की बैंकिंग सेवाओं मे पहुंच को आसान बनाने के लिए इस योजना की शुरूआत की थी और यह योजना आज सफलतापूर्वक एक दशक पूरा कर रही है। इस दौरान पीएमजेडीवाई दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यकम भी बन गया है। वित्त मंत्रालय अपने वित्तीय समावेशन प्रयासों के जरिये हाशिए के समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने का निरंतर प्रयास करता रहा है। इसकी परिवर्तनकारी ताकत और डिजिटल नवाचारों ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांतिकारी बदलाव किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर श्रीमती सीतारमण ने कहा कि जन-धन, मोबाइल एवं आधार को लिंक करते हुए सहमति आधारित पाइपलाइन वित्तीय समावेशन परिवेश का एक सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है जिसने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभों को पात्र लाभार्थियों के खाते में त्वरित, निर्बाध एवं पारदर्शी तरीके से हस्‍तांतरित करने में सक्षम बनाया है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘बैंक खाते, लघु बचत योजनाएं, बीमा एवं ऋण सुविधा सहित तमाम सार्वभौमिक, सस्ती एवं औपचारिक वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हुए पीएम जन-धन योजना ने पिछले एक दशक में देश के बैंकिंग एवं वित्तीय परिदृश्य को बदल दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती सीतारमण ने कहा, ‘इस कार्यक्रम की सफलता इसी बात से परिलक्षित होती है कि जन-धन खाते खोलकर 53 करोड़ लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जा चुका है। इन बैंक खातों में 2.3 लाख करोड़ रुपये जमा हुए है और इसके परिणामस्वरूप 36 करोड़ से अधिक नि:शुल्क रुपे कार्ड जारी किए गए हैं जो 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान करते हैं। गौरतलब है कि यह खाता खोलने के लिए कोई शुल्क या रखरखाव शुल्क नहीं लिया जाता है और इसके लिए खाते में न्यूनतम शेष राशि को बनाए रखने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा ‘यह जानकर खुशी हो रही है कि 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण अथवा कस्‍बाई क्षेत्रों में खोले गए हैं और 55 प्रतिशत खाते महिलाओं द्वारा खोले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा, ‘पीएमजेडीवाई महज एक योजना ही नहीं है बल्कि यह एक परिवर्तनकारी अभियान है, जिसने बैंकिंग सेवाओं से वंचित तमाम लोगों को वित्तीय आजादी प्रदान की है और उनमें वित्तीय सुरक्षा की भावना पैदा की है। प्रधानमंत्री ने 2021 में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में घोषणा की थी कि हर परिवार में एक बैंक खाता होना चाहिए और हरेक वयस्क के पास बीमा एवं पेंशन कवरेज होना चाहिए। देश भर में चलाए गए विभिन्न अभियानों के जरिये इस दिशा में लगातार किए गए प्रयासों के बल पर आज हम बैंक खातों के मामले में लगभग संतृप्ति की स्थिति हासिल कर चुके हैं। इससे देश भर में बीमा एवं पेंशन कवरेज में भी लगातार वृद्धि हुई है।ह्</p>
<p style="text-align:justify;">चौधरी ने कहा, ‘सभी हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और राज्य सरकारों के समर्थन से अब हम वित्तीय तौर पर कहीं अधिक समावेशी समाज की ओर बढ़ रहे हैं। पीएमजेडीवाई को देश के वित्तीय समावेशन में गेम चेंजर के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री जन-धन योजना न केवल शासन के मिशन मोड का एक प्रमुख उदाहरण है बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि अगर सरकार लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तो वह क्या हासिल कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई बिना बैंकिंग सुविधा वाले हर वयस्क को एक बुनियादी बैंक खाता प्रदान करता है। इस खाते के लिए खाता में शेष राशि रखने की जरूरत नहीं होती है और इस खाते के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता है। इस खाते के साथ एक नि:शुल्क रुपे डेबिट कार्ड भी प्रदान किया जाता है ताकि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया जा सके। रुपे डेबिट कार्ड पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को आपातकालीन स्थितियों के दौरान 10,000 रुपये तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले एक दशक के दौरान प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत किए गए प्रयासों ने प्रभावी तौर पर परिवर्तनकारी एवं दिशात्मक बदलाव किए हैं। इससे बैंक एवं वित्तीय संस्थान समाज के अंतिम व्यक्ति यानी सबसे गरीब व्यक्ति तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में समर्थ हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री जन-धन योजना  (Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana) के तहत खोले गए खाते न केवल प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण में मददगार साबित हुए हैं बल्कि ये सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थियों को दी जाने वाली सब्सिडी/भुगतान को बिना किसी बिचौलिए के आसानी से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने, निर्बाध लेनदेन और बचत संचय के लिए भी एक प्‍लेटफॉर्म के रूप में भी काम करते हैं। इसके अलावा ये खाते जन सुरक्षा योजनाओं (सूक्ष्म बीमा योजनाओं) के जरिये असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को जीवन एवं दुर्घटना बीमा प्रदान करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जन-धन आधार एवं मोबाइल (जेएएम) की त्रिमूर्ति के लिए भी प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक महत्‍वपूर्ण स्तंभ है और यह बिना किसी नुकसान के सब्सिडी वितरित करने का ढांचा साबित हुआ है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत जेएएम के जरिये सरकार ने सब्सिडी एवं सामाजिक लाभ को सीधे तौर पर वंचितों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक हस्तांतरित किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस एक दशक में इस योजना की प्रमुख उपलब्धियों में 14 अगस्त 2024 तक खोले गए खातों की कुल संख्या 53.13 करोड़ है। इसमें 55.6 प्रतिशत (29.56 करोड़) जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं और 66.6 प्रतिशत (35.37 करोड़) जन-धन खाते ग्रामीण एवं कस्‍बाई क्षेत्रों में हैं। जन-धन योजना के तहत खोले गए खातों में कुल जमा रकम 2,31,236 करोड़ रुपये है। इन खातों में अगस्त 2015 की तुलना में अगस्त 2024 में 3.6 गुना वृद्धि के साथ जमा राशि में करीब 15 गुना बढोतरी हुई है। इस योजना के प्रति खाते में औसत जमा रकम 4,352 रुपये है जो अगस्‍त 2015 के मुकाबले प्रति खाता औसत जमा रकम में 4 गुना वृद्धि हुई है। औसत जमा रकम में वृद्धि खातों के बढ़ते उपयोग और खाताधारकों में बचत की आदत विकसित होने का संकेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">जन-धन योजना के तहत 36.06 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जाने, 89.67 लाख पीओएस/एमपीओएस मशीनों की स्थापना और यूपीआई जैसी मोबाइल आधारित भुगतान प्रणालियों की शुरूआत होने से डिजिटल लेनदेन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2018-19 में 2,338 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 16,443 करोड़ हो गई। यूपीआई वित्तीय लेनदेन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2018-19 में महज 535 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 13,113 करोड़ हो गई। इसी प्रकार, पीओएस और ई-कॉमर्स पर रुपे कार्ड के जरिये लेनदेन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 में 67 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 96.78 करोड़ हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई की सफलता इसके मिशन मोड वाले दृष्टिकोण, नियामकीय समर्थन, सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी और बायोमेट्रिक पहचान के लिए आधार जैसे डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के महत्व को दशार्ती है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने लोगों को बचत करने में सक्षम बनाया है। साथ ही इसने औपचारिक तौर पर लेनदेन के बिना किसी रिकॉर्ड वाले लोगों के लिए भी ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित की है। खाताधारक अब अपना बचत पैटर्न दिखा सकते हैं, जो उन्हें बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से ऋण के लिए पात्र बनाएगा। इसका सबसे अच्‍छा उदाहरण मुद्रा लोन का आवंटन है। मुद्रा लोन के आवंटन में वित्त वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2024 तक 5 वर्षों के दौरान सालाना 9.8 प्रतिशत चक्रवृद्धि दर से बढ़ोतरी हुई है। इस ऋण तक पहुंच काफी परिवर्तनकारी है क्योंकि यह व्यक्तियों को अपनी आय बढ़ाने के लिए सशक्त बनाती है। Jan Dhan Yojana</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="High Court: 25 मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोले जाने पर हाईकोर्ट ने लगायी मुहर" href="http://10.0.0.122:1245/the-high-court-approved-the-opening-of-twenty-five-routes-for-private-vehicles/">High Court: 25 मार्गों को निजी वाहनों के लिये खोले जाने पर हाईकोर्ट ने लगायी मुहर</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/jan-dhan-yojana-brought-the-poor-into-the-economic-mainstream-sitharaman/article-61579</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Aug 2024 15:57:47 +0530</pubDate>
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                <title>जनधन योजना ने वो कर दिखाया जिसका किसी को अनुमान नहीं था&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Jan Dhan Yojana सभी देशवासियों विशेषकर बैंकिंग सेवायें से वंचितों को वित्तीय तंत्र की मुख्य धारा में शामिल करने और वित्तीय समावेशन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गयी ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई)’ के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/pradhan-mantri-jan-dhan-yojana-has-completed-nine-years/article-51681"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/jandhan-modi-acnt1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Jan Dhan Yojana सभी देशवासियों विशेषकर बैंकिंग सेवायें से वंचितों को वित्तीय तंत्र की मुख्य धारा में शामिल करने और वित्तीय समावेशन को गति देने के उद्देश्य से शुरू की गयी ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई)’ के राष्ट्रीय मिशन के सफल कार्यान्वयन के आज नौ साल पूरे हो गए हैं और अब इस मिशन के तहत 50 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं जिनमें 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से इस योजना की घोषणा की थी और 28 अगस्त 2014 को इसकी शुरूआत की गयी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर | Jan Dhan Yojana</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के नौ वर्ष पूर्ण होने के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएमजेडीवाई की अगुवाई में ठोस उपायों के 9 साल के महत्?वपूर्ण दौर और डिजिटल बदलाव ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि जन धन खाते खोलकर 50 करोड़ से भी अधिक लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन खातों में से लगभग 55.5 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं, और 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण/अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। इन खातों में कुल जमा राशि बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई है। इसके अलावा, इन खातों के लिए लगभग 34 करोड़ ‘रुपे कार्ड’ बिना शुल्क के जारी किए गए हैं, जिसके तहत 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया जाता है। Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana</p>
<h3 style="text-align:justify;">जनधन खातों में कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये | Jan Dhan Yojana</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि समस्त हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के आपसी सहयोग से पीएमजेडीवाई एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर कर सामने आई है, जो देश में वित्तीय समावेशन के परिदृश्य को प्रधानमंत्री की पिरकल्पना के अनुरूप पूरी तरह से बदल रही है। वित्तीय समावेशन के जरिए गरीबों की बचत राशि को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में लाया जाता है और यह गांवों में रह रहे उनके परिवारों को धन भेजने का अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा यह उन्हें साहूकारों के चंगुल से बाहर निकालता है। 9 अगस्त 2023 तक पीएमजेडीवाई खातों की कुल संख्या: 50.09 करोड़ थी जिनमें से 55.6 प्रतिशत (27.82 करोड़) जन-धन खाताधारक महिलाएं हैं और 66.7 प्रतिशत (33.45 करोड़) जन-धन खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के प्रथम वर्ष के दौरान 17.90 करोड़ पीएमजेडीवाई खाते खोले गए। पीएमजेडीवाई खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से तीन गुना (3.4) बढ़कर 16 अगस्त 2023 तक 50.09 करोड़ हो गई है। जनधन खातों में कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये है। खातों की संख्?या में अगस्त 2015 की तुलना में अगस्त 2023 में 3.34 गुना वृद्धि के साथ जमा राशि लगभग 13 गुना बढ़ी है। जनधन खातों में औसत जमा राशि 4063 रुपये है। अगस्त 2015 की तुलना में प्रति खाता औसत जमा राशि 3.8 गुना से भी अधिक बढ़ गई है। इन खाताधारकों को कुल 33.98 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं। समय के साथ रुपे कार्ड की संख्या और उनका उपयोग बढ़ गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">13 लाख से भी अधिक बैंकिंग टचप्वाइंट्स की मैपिंग जेडीडी ऐप पर</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना को गति देने के लिए जन धन दर्शक ऐप (जेडीडी ऐप) भी लाँच किया गया जो बैंक शाखाओं, एटीएम, बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स (बीसी), भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक जैसे बैंकिंग टचप्वाइंट्स या बैंकिंग केंद्रों का पता लगाने के लिए एक नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। 13 लाख से भी अधिक बैंकिंग टचप्वाइंट्स की मैपिंग जेडीडी ऐप पर की गई है। Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">इस ऐप का उपयोग उन गांवों की पहचान के लिए भी किया जा रहा है, जिनके 5 किलोमीटर के दायरे में अभी भी कोई बैंकिंग आउटलेट नहीं है। बैंकिंग आउटलेट खोलने के लिए इन पहचाने गए गांवों को संबंधित एसएलबीसी द्वारा विभिन्न बैंकों को आवंटित किया जाता है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक कवर नहीं किए जा सके गांवों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। जुलाई 2023 तक कुल 6.01 लाख गांवों की मैपिंग जेडीडी ऐप पर की गई है। मैपिंग किए गए कुल गांवों में से 5,99,468 (99.7प्रतिशत) को बैंकिंग आउटलेट (बैंक शाखा, बैंकिंग कॉर्नर या इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) 5 किमी के दायरे में है) से कवर कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैंकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगभग 6.26 करोड़ पीएमजेडीवाई खाताधारकों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्राप्?त होता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पात्र लाभार्थियों को समय पर उनका डीबीटी प्राप्त हो, संबंधित विभाग डीबीटी मिशन, एनपीसीआई, बैंकों और विभिन्न अन्य मंत्रालयों के परामर्श से डीबीटी की विफलताओं के टाले जा सकने वाले कारणों का पता लगाने में अत्?यंत सक्रिय भूमिका निभाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई के तहत 33.98 करोड़ से भी अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी करने, 79.61 लाख पीओएस/एमपीओएस मशीनों की स्थापना करने और यूपीआई जैसी मोबाइल आधारित भुगतान प्रणालियों की शुरूआत होने से डिजिटल लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 1,471 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 11,394 करोड़ हो गई है। यूपीआई वित्तीय लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 92 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 8,371 करोड़ हो गई है। इसी तरह पीओएस और ई-कॉमर्स पर रुपे कार्ड से लेन-देन की कुल संख्या वित्त वर्ष 2017-18 के 67 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2022-23 में 126 करोड़ हो गई है। Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्रालय का कहना है कि सूक्ष्म बीमा योजनाओं के तहत पीएमजेडीवाई खाताधारकों की कवरेज सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। पीएमजेडीवाई के पात्र खाताधारकों को पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत कवर करने का प्रयास किया जाएगा। बैंकों को इस बारे में पहले ही सूचित किया जा चुका है। पूरे देश स्वीकार्य बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के निर्माण के जरिए पीएमजेडीवाई खाताधारकों के बीच रुपे डेबिट कार्ड के उपयोग सहित डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएमजेडीवाई खाताधारकों की पहुंच सूक्ष्म-ऋण और सूक्ष्म निवेश जैसे कि फ्लेक्सी-आवर्ती जमा, इत्?यादि तक बढ़ाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशनराव कराड ने भी इस अवसर पर ‘पीएमजेडीवाई’ के बारे में कहा, ‘इस योजना ने समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों को औपचारिक बैंकिंग के दायरे में लाकर वित्तीय अस्पृश्यता को कम कर दिया है। समाज के कमजोर वर्गों की पहुंच बैंकिंग सुविधाओं तक सुनिश्चित करके, ऋणों की उपलब्धता तक लोगों की पहुंच को सुविधाजनक बनाकर, बीमा एवं पेंशन कवरेज प्रदान करके और वित्तीय जागरूकता बढ़ाकर इस योजना ने दूरगामी परिणाम प्रस्?तुत किए हैं और अर्थव्यवस्था पर इसका कई गुना सकारात्?मक प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, ‘जन धन-आधार-मोबाइल (जैम)’ ने आम आदमी के खातों में सरकारी लाभों का निर्बाध रूप से सफल हस्तांतरण संभव कर दिया है। Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">पीएमजेडीवाई खाते इसके साथ ही डीबीटी जैसी जन-केंद्रित पहल का आधार बन गए हैं और इसने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचितों के समावेशी विकास में अहम योगदान दिया है। यह योजना वित्तीय समावेशन के लिए राष्ट्रीय मिशन है, जिसके तहत किफायती तरीके से बैंकिंग/बचत और जमा खातों, धन प्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन जैसी वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसका उद्देश्य किफायती मूल्?यों पर वित्तीय उत्पादों और सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना, लागत कम करने और लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना आदि है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के मूल सिद्धांत बैंकिंग सुविधाओं से वंचितों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना – न्यूनतम कागजी कार्रवाई के साथ बुनियादी बचत बैंक जमा (बीएसबीडी) खाता खोलना, केवाईसी, ई-केवाईसी में ढील, शिविर मोड में खाता खोलना, शून्य बैलेंस और शून्य शुल्क असुरक्षित को सुरक्षित करना झ्र नकदी की निकासी और कारोबारी स्थलों पर भुगतान के लिए स्वदेशी डेबिट कार्ड जारी करना जिसमें 2 लाख रुपये की मुफ्त दुर्घटना बीमा कवरेज भी शामिल है। अन्य वित्तीय उत्पाद जैसे कि सूक्ष्म-बीमा, उपभोग के लिए ओवरड्राफ्ट, सूक्ष्म-पेंशन और सूक्ष्म-ऋण आदि भी इसमें शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">मार्च 2014 से लेकर मार्च 2020 के बीच खोले गए प्रत्?येक 2 खातों में से एक खाता दरअसल पीएमजेडीवाई खाता ही था। पूरे देश में लॉकडाउन लगाए जाने के 10 दिनों के भीतर लगभग 20 करोड़ से अधिक महिला पीएमजेडीवाई खातों में से प्रत्येक महिला पीएमजेडीवाई खाते में डीबीटी के माध्यम से तीन महीने तक प्रति माह 500 रुपये की वित्तीय सहायता जमा की गई। कोविड-19 महामारी के दौरान इसमें निर्बाध रूप से उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली जिसकी बदौलत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया है और इसके साथ ही उन्?हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पीएमजेडीवाई खातों के माध्यम से डीबीटी ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक रुपया इच्छित लाभार्थी तक पहुंच जाए और इस तरह से धनराशि के प्रणालीगत रिसाव या लीकेज को रोकना संभव हो गया। Jan Dhan Yojana</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="चोरों ने तीन घरों में बोला धावा, हजारों की नगदी व 3 तोले सोना चोरी" href="http://10.0.0.122:1245/thieves-raided-three-houses-stole-thousands-of-cash-and-three-tolas-of-gold/">चोरों ने तीन घरों में बोला धावा, हजारों की नगदी व 3 तोले सोना चोरी</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Aug 2023 12:01:15 +0530</pubDate>
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                <title>जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ के पार</title>
                                    <description><![CDATA[पीएम मोदी ने जताई खुशी नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन (PMJDY) खातों की संख्या के 50 करोड़ के पार पहुंचने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। जनधन खातों (Jan Dhan Account) की संख्या 50 करोड़ को पार कर गई। इस पर मोदी ने शनिवार को कहा कि यह […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-number-of-jan-dhan-account-crossed-fifty-crores/article-51369"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/jandhan-modi-acnt.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने जताई खुशी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन (PMJDY) खातों की संख्या के 50 करोड़ के पार पहुंचने की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।</p>
<p style="text-align:justify;">जनधन खातों (Jan Dhan Account) की संख्या 50 करोड़ को पार कर गई। इस पर मोदी ने शनिवार को कहा कि यह देखकर प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं। पीआईबी इंडिया के एक ट्वीट पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए 67 प्रतिशत खातों के साथ, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि वित्तीय समावेशन का लाभ हमारे देश के हर कोने तक पहुंचे।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने झूले झूलकर गाए लोक गीत" href="http://10.0.0.122:1245/students-and-staff-sang-folk-songs-by-swinging/">विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने झूले झूलकर गाए लोक गीत</a></p>
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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2023 17:46:12 +0530</pubDate>
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