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                <title>Aditya L1 satellite - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>ISRO: अब सौर खोज मिशन ‘आदित्य एल1 उपग्रह’ के प्रक्षेपण की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[ISRO: सूर्य के अध्ययन से मिलेगी अन्य आकाश गंगाओं की जानकारी चेन्नई (एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) गतिशील सूर्य का अध्ययन करने के लिए अपने पहले सौर खोज मिशन ‘आदित्य एल1 उपग्रह’ के प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है और आने वाले दिनों में इस मिशन के लिए  (पीएसएलवी) को काम में लिया जाएगा। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/now-preparing-for-the-launch-of-the-solar-exploration-mission-aditya-l1-satellite/article-51378"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/isro.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ISRO: सूर्य के अध्ययन से मिलेगी अन्य आकाश गंगाओं की जानकारी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई (एजेंसी)।</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) गतिशील सूर्य का अध्ययन करने के लिए अपने पहले सौर खोज मिशन ‘आदित्य एल1 उपग्रह’ के प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है और आने वाले दिनों में इस मिशन के लिए  (पीएसएलवी) को काम में लिया जाएगा। इसरो ने कहा कि सूर्य सबसे निकटतम तारा है और इसलिए अन्य तारों की तुलना में इसका अधिक विस्तार से अध्ययन किया जा सकता है। ISRO</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा, ‘‘सूर्य का अध्ययन करके हम अपनी आकाशगंगा के तारों के साथ-साथ विभिन्न अन्य आकाशगंगाओं के तारों के बारे में भी बहुत कुछ जान सकते हैं।’’ इसरो ने कहा, ‘‘सूर्य एक बहुत ही गतिशील तारा है और जितना हमें दिखाई देता है उससे कहीं अधिक फैला हुआ है। यह कई विस्फोटक घटनाएं दिखाता है और सौर मंडल में भारी मात्रा में ऊर्जा छोड़ता है। यदि ऐसी विस्फोटक सौर घटनाएं पृथ्वी की ओर निर्देशित होती हैं, तो यह पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष वातावरण में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ी पैदा कर सकती हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया है कि विभिन्न अंतरिक्ष यान और संचार प्रणालियाँ ऐसी गड़बड़ी से ग्रस्त हैं और इसलिए पहले से ही सुधारात्मक उपाय करने के लिए ऐसी घटनाओं की प्रारंभिक चेतावनी महत्वपूर्ण है। इनके अतिरिक्त, यदि कोई अंतरिक्ष यात्री सीधे ऐसी विस्फोटक घटनाओं के संपर्क में आता है, तो वह खतरे में पड़ सकता है। सूर्य पर विभिन्न तापीय और चुंबकीय घटनाएं अत्यधिक प्रकृति की हैं। इस प्रकार सूर्य उन घटनाओं को समझने के लिए एक अच्छी प्राकृतिक प्रयोगशाला भी प्रदान करता है जिनका सीधे प्रयोगशाला में अध्ययन नहीं किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सात तरह के वैज्ञानिक पेलोड लेकर जाएगा</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र (इसरो) ने कहा कि आदित्य-एल1 मिशन सूर्य का व्यवस्थित अध्ययन करने के लिए सात वैज्ञानिक पेलोड का एक सूट ले जाएगा। इनमें सौर कोरोना और कोरोनल मास इजेक्शन की गतिशीलता का अध्ययन करने के लिए विजिबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (वीईएलसी), अल्ट्रा-वायलेट (यूवी) के निकट सौर प्रकाशमंडल और क्रोमोस्फीयर की तस्वीरें लेने तथा यूवी के निकट सौर विकिरण भिन्नता को भी मापने के लिए सौर अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (एसयूआईटी) पेलोड है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि सौर पवन और उनका ऊर्जा वितरण का अध्ययन करने के लिए आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (एएसपीईएक्स) और प्लाज्मा एनालाइजÞर पैकेज फॉर आदित्य (पीएपीए) पेलोड हैं। इसी तरह ऊर्जा रेंज में सूर्य से आने वाली एक्स-रे फ्लेयर्स का अध्ययन करने के लिए सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (एसओएलइएक्सउस) और हाई एनर्जी एल-1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर विस्तृत एक्स-रे हैं। अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र को मापने के लिए सक्षम मैग्नेटोमीटर पेलोड लगा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Imran Khan: ‘इमरान को जेल में जहर दिए जाने का खतरा’" href="http://10.0.0.122:1245/imran-at-ri-of-being-poisoned-in-jail/">Imran Khan: ‘इमरान को जेल में जहर दिए जाने का खतरा’</a></p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2023 19:07:57 +0530</pubDate>
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