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                <title>Chandrayaan-3 Landing - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Chandrayaan-3 Landing RSS Feed</description>
                
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                <title>Chandrayaan-3 Landing Update: उम्मीदों का रिसर्च: चंद्रयान-3 के लिए वैकल्पिक लैंडिंग साइट में हो सकते है नए प्रयोग</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. संदीप सिंहमार। Chandrayaan-3 Landing Update: चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के चंद्रयान 3 मिशन के कामयाब ने के बाद भी इसकी लैंडिंग की वैकल्पिक जगह पर भविष्य में अब नए प्रयोग किए जा सकते हैं। ऐसी उम्मीद अहमदाबाद की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के एक नए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-experiments-can-be-done-in-the-alternative-landing-site-for-chandrayaan-3/article-56514"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/chandaryan-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. संदीप सिंहमार।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Landing Update: चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के चंद्रयान 3 मिशन के कामयाब ने के बाद भी इसकी लैंडिंग की वैकल्पिक जगह पर भविष्य में अब नए प्रयोग किए जा सकते हैं। ऐसी उम्मीद अहमदाबाद की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के एक नए रिसर्च में में सामने आया है। पिछले सप्ताह करंट साइंस जर्नल में प्रकाशित अपने अध्ययन में पीआरएल के शोधकर्ताओं ने पिछले साल भारत के तीसरे चंद्रमा मिशन के लिए चुने गए वैकल्पिक स्थल की भू-आकृति विज्ञान, संरचना और तापमान का विस्तृत विश्लेषण किया है। यहाँ भविष्य में होने वाले प्रयोगों की भी बात कही गई है। Chandrayaan-3</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर उभारा कि भविष्य के चंद्र लैंडिंग मिशनों के लिए इन-सीटू वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देने के लिए यह साइट बड़ी ही “दिलचस्प” होगी।पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज ने बताया कि “चंद्रयान-3 लैंडर की पार्किंग के लिए दो लैंडिंग साइटें चुनी थी।” इसरो की योजना के अनुसार यदि विक्रम लैंडर प्राथमिक स्थल पर लैंडिंग करने में असमर्थ होता है, तो इसरो दो दिनों के बाद वैकल्पिक स्थल पर फिर से लैंडिंग का प्रयास करेगा। पर भारतीय वैज्ञानिकों ने पहले प्रयास में चन्द्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करा दी थी। भारद्वाज ने कहा, हमने इसरो को पूरी तस्वीर देने और मिशन को अंजाम देने में मदद करने के लिए प्राथमिक और वैकल्पिक दोनों साइटों का गहन विश्लेषण किया है। साइट का यह विश्लेषण भारत के नियोजित भविष्य के चंद्र लैंडिंग मिशन के लिए दावेदार बना सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चंद्रमा पर मानव भेजने का मिशन</h3>
<p style="text-align:justify;">ज्ञात रहे कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य रखा है कि 2040 तक एक भारतीय चंद्रमा पर उतरेगा। इस विषय पर भी रिसर्च चल रहा है। सिर्फ भारत ही नहीं, यहां तक ​​कि अन्य देश भी अपने भविष्य के चंद्र मिशन की योजना बनाने के लिए हमारे विश्लेषण से मिली जानकारी का उपयोग कर सकते हैं।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">तब रचा था इतिहास | Chandrayaan-3</h3>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल 23 अगस्त को इसरो ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाली दुनिया की पहली अंतरिक्ष एजेंसी बनकर इतिहास रचा था। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के साथ, भारत उन तीन अन्य देशों की विशिष्ट सूची में शामिल हो गया जो चंद्रमा पर उतरने में कामयाब रहे हैं। भारत से पहले केवल पूर्व यूएसएसआर,अमेरिका और चीन ने ही यह उपलब्धि हासिल की थी। तब भारत का पूरी दुनिया में डंका बजा था।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एम क्रेटर के बीच हुई थी सॉफ्ट लैंडिंग</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने अपने यान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से लगभग 600 किमी दूर मंज़ियस यू और बोगुस्लावस्की एम क्रेटर के बीच उतारा था। इस स्थल का नाम अब शिव-शक्ति प्वाइंट रखा गया है। इसरो वैज्ञानिकों ने कहा कि लैंडिंग के बाद 14 दिनों तक विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने महत्वपूर्ण प्रयोग किए,जो भारत के भविष्य के चंद्र मिशन का आधार बनेंगे। प्रज्ञान रोवर ने विश्व को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐसी है वैकल्पिक साइट | Chandrayaan-3</h3>
<p style="text-align:justify;">नवीनतम पीआरएल अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि चंद्रयान -3 के लिए वैकल्पिक लैंडिंग साइट की स्थानीय भू-आकृति विज्ञान विविधताएं अपेक्षाकृत ऊंचे केंद्रीय भाग और लगभग 216 मीटर की औसत ऊंचाई के साथ चिकनी स्थलाकृति की विशेषता थीं। विश्लेषण से पता चलता है कि वैकल्पिक साइट, जो मोरेटस क्रेटर के पश्चिम में स्थित है, को मुख्य रूप से ताजा क्रेटर वितरण और संबंधित बोल्डर घनत्व के आधार पर दो अलग-अलग भू-आकृतिक इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिलचस्प है वैकल्पिक साइट</h3>
<p style="text-align:justify;">इस अध्ययन के अनुसार वैकल्पिक लैंडिंग साइट, एक छोटा क्षेत्र होने के बावजूद, महत्वपूर्ण तापमान परिवर्तनशीलता दर्ज करती है। दिलचस्प बात यह है कि शोधकर्ताओं ने क्षेत्र की सतह के तापमान में लगभग 40 केल्विन का अंतर देखा। यह भी पाया गया कि टाइको, जिसे चंद्रमा पर सबसे कम उम्र के क्रेटर में से एक माना जाता है, इस साइट के उत्तर में स्थित था। इसका मतलब यह है कि इसे टाइको क्रेटर से प्रमुख दृश्यमान इजेक्टा किरणें प्राप्त होती हैं। यह भविष्य के लैंडिंग मिशनों के लिए क्रेटर संरचना का नमूना लेने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जो चंद्र भूमध्य रेखा से एकत्र किए गए अपोलो चट्टानों से बहुत अलग होने की संभावना है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वित्त पोषित अनुसंधान संस्थान है पीआरएल</h3>
<p style="text-align:justify;">पीआरएल केंद्र सरकार के अंतरिक्ष विभाग द्वारा वित्त पोषित एक अनुसंधान संस्थान, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को उसके अंतरिक्ष और ग्रह अन्वेषण मिशनों में समर्थन देता रहा है। Chandrayaan-3</p>
<p><a title="Lok Sabha Election 2024: मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें, 21 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में मतदान शांतिपूर्ण जारी" href="http://10.0.0.122:1245/long-queues-of-voters-at-polling-stations/">Lok Sabha Election 2024: मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें, 21 राज्यों और केन्द्रशासित …</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Apr 2024 14:44:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Chandrayaan-3 moon landing: चांद पर कदम, ऐतिहासिक उपलब्धि!</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 moon landing: चंद्रयान-3 चंद्रमा पर उतर चुका है। अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत जैसे विकासशील देश के लिए चंद्रमा पर पहुंचना एक ऐतिहासिक और अद्भुत उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने अमेरिका, चीन और रूस जैसी शक्तियों के बाद चंद्रमा तक पहुंचने वाला चौथा देश बन गया है। मात्र 20 वर्षों में चंद्रयान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/step-on-the-moon-historic-achievement/article-51568"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-31.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 moon landing: चंद्रयान-3 चंद्रमा पर उतर चुका है। अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत जैसे विकासशील देश के लिए चंद्रमा पर पहुंचना एक ऐतिहासिक और अद्भुत उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने अमेरिका, चीन और रूस जैसी शक्तियों के बाद चंद्रमा तक पहुंचने वाला चौथा देश बन गया है। मात्र 20 वर्षों में चंद्रयान की सफलता भारत की प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता को साबित करती है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में वैज्ञानिकों की कोई कमी नहीं है। Chandrayaan-3</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग में पूरी विशेषज्ञता प्राप्त कर ली है। इससे पूर्व भी भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व भर के विभिन्न देशों के विकास के लिए काम किया है। एक विकासशील देश के लिए धन जुटाने के साथ-साथ प्रतिभाओं को अवसर देना कठिन होता है। चंद्रयान-3 की उपलब्धि के बाद भारतीय वैज्ञानिकों व इसरों के लिए नए अवसरों के दरवाजे खुल गए हैं। पहले ही इसरो के माध्यम से कई देश अपने सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़ चुके हैं, जिससे भारत को आर्थिक रुप से योगदान मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले लंबे समय से अमेरिका का अंतरिक्ष जांच केंद्र नासा विश्व भर के लिए आर्कषण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन अब इसरो भी दुनिया के मानचित्र पर आ गया है। इसमें कोई संदेह नहीं कि अब इसरो एक पर्यटन स्थल भी बन जाएगा। सभी वैज्ञानिक बधाई के पात्र हैं, जिनकी मेहनत और समर्पण रंग लाया है। इसरो को अगली परियोजनाओं के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए ताकि वैज्ञानिक आगामी नई खोजों को सफलतापूर्वक कर सकें। एक समय था जब इसरो के रॉकेटों पहुंचाने के लिए बैल गाड़ियों का प्रयोग किया जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के पास सीमित वित्तीय संसाधन थे। फिर भी इसरो ने प्रगति की और चंद्रमा तक पहुंच गया। यह भी बड़ी बात है कि चन्द्रयान-2 भी नाकामी के बावजूद वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी और मेहनत को जारी रखा। रूस जैसे देश की लूना-25 चंद्र परियोजना की विफलता के बावजूद इसरो के वैज्ञानिकों के हौंसले बुलंद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटनाक्रम यह भी साबित करता है कि आत्मविश्वास और साहस बहुत महत्वपूर्ण है, यदि कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ काम किया जाए तो प्रगति निश्चित है। यह भी आवश्यक है कि प्रकृति की गहराई को समझने के साथ-साथ प्रकृति के संतुलन के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है। प्रकृति के वरदान को अवश्य खोजा जाए, लेकिन प्रकृति के चक्र को भी साथ-साथ बरकरार रखा जाए। यह विश्व के अन्य ताकतवर देशों के लिए भी आवश्यक है कि प्रकृति के साथ रिश्ता मित्रता व सद्भावना भरा हो। Chandrayaan-3 moon landing</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Brinjal side effects: इन बीमारियों ने कर रखा है अगर शरीर में घर तो इस सब्जी का सेवन जरा सभंलकर कर" href="http://10.0.0.122:1245/brinjal-side-effects/">Brinjal side effects: इन बीमारियों ने कर रखा है अगर शरीर में घर तो इस सब्जी का सेवन जरा सभंलकर कर</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 13:06:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>गूगल ने डूडल के माध्यम से चंद्रयान-3 की सफलता को ऐसे किया सलाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफल लैंडिंग को बखूबी अंजाम देकर जो इतिहास रचा, उसे देश और दुनिया भर के मुल्कों ने तो सराहा ही आज के युग की लाइफलाइन माने जाने वाले इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने भी अपने डूडल के माध्यम से भारत की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/this-is-how-google-saluted-the-success-of-chandrayaan-3-through-doodle/article-51533"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/google.gif" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की सफल लैंडिंग को बखूबी अंजाम देकर जो इतिहास रचा, उसे देश और दुनिया भर के मुल्कों ने तो सराहा ही आज के युग की लाइफलाइन माने जाने वाले इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने भी अपने डूडल के माध्यम से भारत की इस शानदार कामयाबी को सलाम किया है। Google</p>
<p style="text-align:justify;">गूगल (Google) महत्वपूर्ण अवसरों पर आकर्षक डूडल देकर घटना विशेष के महत्व को दर्शाता है और कल भारत के चंद्रयान मिशन चंद्रयान-3 की सफल लैंडिग की ऐतिहासिक घटना पर भी गूगल ने आकर्षक डूडल बनाया गया है। इस डूडल में गूगल की स्पेलिंग के दूसरे ‘ओ’ अक्षर को चंद्रमा के आकार दिया गया है, जो मुस्कुरा रहा है और उसके दक्षिणी ध्रुव पर भारत के चंद्रयान को दिखाया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चंद्रयान 3 ने रचा इतिहास | Google</h3>
<p style="text-align:justify;">डूडल में एक जिफ भी लगाया गया है जिसमें चंद्रयान जब चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा था तो चांद उसे हैरानी से देखता है और जब चंद्रयान उसकी सतह पर उतरता है और रोवर सतह पर चलता है तो वह खुश हो जाता है। चांद के आस पास टिमटिमाते तारे में दिखाये गये हैं। गौरतलब है कि भारत का चंद्रयान-3 बेहद सटीकता के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चंद्रमा का यह हिस्सा लैंडिंग के हिसाब से बेहद खतरनाक माना जाता है और यही वजह है कि अभी तक दुनिया के जिस भी देश ने यान भेजे हैं वह उसके इक्वेटोरियल रीजन पर ही उतारे गये हैं। कोई देश चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतर नहीं पाया लेकिन कल भारत के चंद्रयान-3 ने इसी हिस्से पर उतरकर एक नया इतिहास रचा, जिसे आज दुनिया अपने अपने तरीके से सलाम कर रही है। Google</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="खुद का घर है नहीं, फिर भी बिजली के चार मीटर दिखाकर बीपीएल सूची से किया बाहर" href="http://10.0.0.122:1245/kavita-was-thrown-out-of-bpl-card-list-by-showing-four-meters-of-electricity/">खुद का घर है नहीं, फिर भी बिजली के चार मीटर दिखाकर बीपीएल सूची से किया बाहर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 16:04:14 +0530</pubDate>
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                <title>दुनिया ने देखा भारत का दम, अब चाँद के साउथ पोल पर हम</title>
                                    <description><![CDATA[अपना मिशन पूरा करने से पहले चंद्रयान-3 का लैंडर माड्यूल 21 बार पृथ्वी के और 120 बार चंद्रमा के चक्कर लगाने के बाद आखिर इंडिया’स नेशनल स्पेस एजेंसी इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन का चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करते ही पूरे विश्व में विज्ञान एवं तकनीक में भारत का डंका बजने लगा। जैसे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/chandrayaan-3-lander-soft-landed-on-the-moons-south-pole/article-51527"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">अपना मिशन पूरा करने से पहले चंद्रयान-3 का लैंडर माड्यूल 21 बार</h3>
<p style="text-align:justify;">पृथ्वी के और 120 बार चंद्रमा के चक्कर लगाने के बाद आखिर इंडिया’स नेशनल स्पेस एजेंसी इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन का चंद्रमा के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करते ही पूरे विश्व में विज्ञान एवं तकनीक में भारत का डंका बजने लगा। जैसे ही चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) की लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग हुई तो पूरी भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व भर में अजीब सी हलचल होने लगी।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि भारत का यह विकसित देशों की श्रेणी की ओर कदम माना जा रहा है। यहां यह भी जानना जरूरी है कि जो काम अब तक अमेरिका जापान, चीन और रूस भी नहीं कर सका, वह काम हमारे देश के इसरो के वैज्ञानिकों ने कर दिखाया। चंद्रयान 3 की लांचिंग से भारत के वैज्ञानिक उत्साह-भरोसे से लबरेज थे। तभी आखिरी वक्त तक इसरो के वैज्ञानिक देशवासियों को यह भरोसा दिलाते रहे कि चंद्रयान-3 का लैंडर 23 अगस्त को भारतीय समय अनुसार 6:04 पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा और ऐसा ही हुआ। पहली बार ऐसा हुआ, जब कोई साइंटिफिक मिशन पूरा होने के लिए गया हो, तब पूरा देश दुआओं के साथ अपने-अपने घरों में व स्कूलों में टीवी से चिपके रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो पूरी दुनिया के दिग्गज भारत के मूल मिशन चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग पर भारत के वैज्ञानिकों पर भारत के केंद्र सरकार को बधाई दे रहा है, लेकिन पाकिस्तान के पूर्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद हुसैन चौधरी जिसने भारत के मूल मिशन चंद्रयान-2 का मजाक उड़ाया था और चंद्रयान 2 के सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान विक्रम ब्लेंडर से इसरो के संपर्क टूटने पर इंडिया फेल्ड का अभियान चलाया था। पाकिस्तान के इस पूर्व मंत्री फवाद हुसैन चौधरी ने भी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो को बधाई दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">धरती पर संकल्प लिया और चांद पर साकार किया | Chandrayaan-3</h3>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो के वैज्ञानिकों और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं तो जीवन धन्य हो जाता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्रीय जीवन की चिरंजीव चेतना बन जाती है। यह पल अविश्वसनीय है, यह क्षण अद्भुत है, यह क्षण विकसित भारत के शंखनाद का है, यह क्षण मुश्किलों के महासागर को पार करने का है, यह क्षण जीत के चंद्र पथ पर चलने का है, यह क्षण 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है। यह क्षण भारत में नई ऊर्जा,नया विश्वास, नई चेतना का है, यह क्षण भारत के उदयमान भाग्य के आह्वान का है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृतकाल की प्रथम प्रवाह में सफलता की अमृत वर्षा हुई है। हमने धरती पर संकल्प लिया और चांद पर उसे साकार किया। हमारे वैज्ञानिक साथियों ने भी कहा ‘इंडिया इज़ नाउ ऑन द मून’। आज हम अंतरिक्ष में नए भारत की उड़ान के साक्षी बने। मैं इस समय ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका में हूँ, लेकिन हर देशवासी की तरह मेरा मन चंद्रयान अभियान पर भी लगा हुआ था। नया इतिहास बनते हुए हर भारतीय जश्न में डूब गया। हर घर में उत्सव शुरू हो गया है। हृदय से मैं भी अपने देशवासियों के साथ अपने परिवारजनों के साथ इस उमंग और उल्लास से जुड़ा हुआ हूँ।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब प्रज्ञान रोवर चहलकदमी कर पानी और वातावरण की देगा जानकारी</h3>
<p style="text-align:justify;">भारतीय समयानुसार बुधवार श्याम 6:04 पर लैंडर विक्रम के लैंड होते ही अगला मिशन भी शुरू हो गया है। लैंडर विक्रम ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने कदम रखते ही काम शुरू कर दिया अब रैंप के जरिए छह पहियों वाला प्रज्ञान रोवर बाहर आकर इसरो के वैज्ञानिकों से कमांड मिलते ही चांद की सतह पर 500 मीटर तक के इलाके में चहलकदमी करते हुए वहां के पानी और वातावरण के बारे में इसरो को जानकारी भेजेगा। यह भी सबसे अहम पल होगा। क्योंकि ऐसा आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं कर पाया है। भारत की इस बेहतरीन सफलता पर वर्ल्ड मीडिया ने भी अपनी अलग-अलग प्रकार की प्रतिक्रिया देकर भारत की सफलता का गीत गाया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि इसरो ने चांद के साउथ पोल पर हुई सॉफ्ट लैंडिंग का लाइव टेलीकास्ट किया। सबसे पहले जब ऑटोमेटिक लैंडिंग सीक्वेंस शुरू किया गया तो इसरो के पूरे वैज्ञानिक को सहित देश भर के लोगों की नजरे चंद्रयान-3 मिशन पर टिकी रही। बता दे की भारत के चंद्रायन-3 की साउथ पोल पर सफल लैंडिंग होने के साथ ही भारत चंद्रमा के साउथ पोल इलाके में पहुंचने वाला पहला व सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन गया है। इससे पहले चंद्रमा पर तो अमेरिका, रूस और चीन सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। लेकिन इसके साउथ पोल तक अभी तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच पाया। Chandrayaan-3</p>
<p style="text-align:right;"><strong> डॉ संदीप सिंहमार, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार।</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ISRO Moon Mission: चंद्रयान-3 के कामयाब कदमों की लाखों आँखें बनी गवाह" href="http://10.0.0.122:1245/millions-of-eyes-witnessed-the-successful-steps-of-chandrayaan-3/">ISRO Moon Mission: चंद्रयान-3 के कामयाब कदमों की लाखों आँखें बनी गवाह</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/chandrayaan-3-lander-soft-landed-on-the-moons-south-pole/article-51527</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 21:35:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ISRO Moon Mission: चंद्रयान-3 के कामयाब कदमों की लाखों आँखें बनी गवाह</title>
                                    <description><![CDATA[ISRO Moon Mission: आज 23 अगस्त 2023 को इसरो द्वारा छोड़े गए चंद्रयान-3 की चांद पर ऐतिहासिक एवं सफलता (Chandrayaan 3 Landing) की कहानी लाखों लोगों ने यूट्यूब के माध्यम से ISRO Official’ चैनल पर लाइव देखी। इस दौरान पूरी दुनिया की निगाहें भारत के चंद्रयान-3 पर टिकी हुई थी। चांद पर कामयाब कदम रखते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/millions-of-eyes-witnessed-the-successful-steps-of-chandrayaan-3/article-51515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/isro-moon-mission.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ISRO Moon Mission: आज 23 अगस्त 2023 को इसरो द्वारा छोड़े गए चंद्रयान-3 की चांद पर ऐतिहासिक एवं सफलता (Chandrayaan 3 Landing) की कहानी लाखों लोगों ने यूट्यूब के माध्यम से ISRO Official’ चैनल पर लाइव देखी। इस दौरान पूरी दुनिया की निगाहें भारत के चंद्रयान-3 पर टिकी हुई थी। चांद पर कामयाब कदम रखते हुए पूरे देश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। सभी एक-दूसरे को बधाइयां देते नजर आए। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देशवासियों की इस सफलता की बधाई देते हुए भारत के वैज्ञानिकों का तहेदिल से धन्यवाद दिया। ISRO Moon Mission</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले चंद्रयान-3 ने भारत की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपना ऐतिहासिक कदम 6.03 मिनट पर चाँद पर रखा। इस दौरान पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजरे चंद्रयान-3 पर लगी रही और पूरे भारत देश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने चंद्रयान-3 के मिशन की कामयाबी के लिए भारत देश के वैज्ञानिकों को बधाई दी और सभी का हार्दिक धन्यवाद किया है। ISRO Moon Mission</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर मोदी ने कहा कि सफलता की अमृत वर्षा हुई है हमने धरती पर संकल्प लिया और चांद पर उसे साकार किया। हमारे वैज्ञानिक साथियों ने भी कहा कि आज हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बनें हैं। दक्षिण अफ्रीका में बैठे मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम से भारत चंद्रमा के उस धु्रव तक पहुंचा है जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के बाद से चांद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे और कहावतें भी बदल जाएंगी। कभी कहा जाता था कि चंदा मामा बहुत दूर के हैं अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे चंदा मामा बस भारत देश के। सांइस और टैक्नालॉजी देश के उज्जवल भविष्य का आधार है। देश इसे हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा। यह देश को एक उज्जवल भविष्य की ओर प्रेरित करेगा। यह दिन इस बात का प्रतीक है कि भारत से सबक लेकर जीत कैसे हासिल की जाती है। पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों की इस सफलता के लिए उन्हें बार-बार बधाई दी और उनका धन्यवाद किया। इसरो की इस सफलता को यूट्यूब के माध्यम से दुनिया के 42 लाख लोगों ने लाइव देखा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>साहित्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 18:48:39 +0530</pubDate>
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                <title>Chandrayaan 3 Landing Live: भारत ने रखा चांद पर ऐतिहासिक कदम, चंद्रयान-3 ने शान से चांद को किया फतेह</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan 3 Moon Landing Live: चंद्रयान-3 ने भारत की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपना ऐतिहासिक कदम 6.03 मिनट पर चाँद पर रखा। इस दौरान पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजरे चंद्रयान-3 पर लगी रही और पूरे भारत देश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chandrayaan-3-landing-live-news/article-51513"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-landing-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan 3 Moon Landing Live: चंद्रयान-3 ने भारत की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अपना ऐतिहासिक कदम 6.03 मिनट पर चाँद पर रखा। इस दौरान पूरे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजरे चंद्रयान-3 पर लगी रही और पूरे भारत देश की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने चंद्रयान-3 के मिशन की कामयाबी के लिए भारत देश के वैज्ञानिकों को बधाई दी और सभी का हार्दिक धन्यवाद किया है। Chandrayaan 3 Moon Landing</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर मोदी ने कहा कि सफलता की अमृत वर्षा हुई है हमने धरती पर संकल्प लिया और चांद पर उसे साकार किया। हमारे वैज्ञानिक साथियों ने भी कहा कि आज हम अंतरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बनें हैं। दक्षिण अफ्रीका में बैठे मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों के अथक परिश्रम से भारत चंद्रमा के उस धु्रव तक पहुंचा है जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के बाद से चांद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे और कहावतें भी बदल जाएंगी। कभी कहा जाता था कि चंदा मामा बहुत दूर के हैं अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे चंदा मामा बस भारत देश के। सांइस और टैक्नालॉजी देश के उज्जवल भविष्य का आधार है। देश इसे हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा। यह देश को एक उज्जवल भविष्य की ओर प्रेरित करेगा। यह दिन इस बात का प्रतीक है कि भारत से सबक लेकर जीत कैसे हासिल की जाती है। पीएम मोदी ने देश के वैज्ञानिकों की इस सफलता के लिए उन्हें बार-बार बधाई दी और उनका धन्यवाद किया।</p>
<h4>चंद्रयान-3 के चाँद पर साॅफ्ट लैंडिंग के लिए देश भर में पूजा अर्चना की गयी</h4>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले चंद्रयान-3 के चाँद पर सफल अवतरण (सॉफ्ट लैंडिंग) की कामना करते हुए देश भर में विभिन्न स्थानों पर लोगों का हवन, पूजन और यज्ञ आदि अनुष्ठानों का आयोजन जारी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कार्यक्रम के अनुसार चंद्रयान-3 का लैंडर नियंत्रित गति से बुधवार शाम छह बजकर 3 मिनट पर चंद्रमा के सतह पर उतरा।</p>
<p style="text-align:justify;">मिशन चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए देश और दुनिया की निगाह चंद्रयान पर टिकी हुई है। इसरो के अनुसार चंद्रयान-3 आज शाम लगभग 6:03 बजे लैंड करने के लिए तैयार है। मिशन चंद्रयान तीन की सफल लैंडिंग के लिए पटना स्थित वेद विद्यालय के छात्रों द्वारा पूजा और यज्ञ किया गया। Chandrayaan 3 Moon Landing</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय राजधानी के संत नगर आर्यसमाज मंदिर में बृहद यज्ञ का आयोजन हुआ। यज्ञोपरांत विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि इस प्रात: कालीन यज्ञ में पवित्र वेद मंत्रों के माध्यम से आहुतियां लगाकर हमने ईश्वर से चंद्रयान की चहुँमुखी सफलता के लिए प्रार्थना की तथा सभी वैज्ञानिकों एवं देशवासियों के साथ भारत सरकार को भी इस हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दीं। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन से लेकर यूएस तक चंद्रयान 3 की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना और अनुष्ठान आयोजित किया गया है। भारत के विभिन्न हिस्सों में चंद्रयान 3 के लिए धार्मिक समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में खास गंगा आरती भी कराई जा रही है। आरती से पहले हवन पूजा भी की गई। हरिद्वार में चंद्रयान की सफलता की लिए तीर्थ पुरोहितों ने हनुमान चालीसा पाठ का पाठ किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जयपुर के भूतेश्वर मंदिर में भी चन्द्रयान-3 के चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव में सफल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए पूजा अर्चना की गयी। कोलकाता में हवन पूजन किया गया, लखनऊ के हनुमान मंदिर में हवन पूजन एवं नैनीताल के नैनादेवी मंदिर में भी अनुष्ठान किये गए। सिंगापुर के उच्चायुक्त सिमोन वॉन्ग ने बताया कि वह चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। केवल भारत ही नहीं दुनियाभर से इस ऐतिहासिक लैंडिंग के लिए पूजा-अर्चना की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने अपनी टीम के साथ ‘चंद्रयान-3’ मिशन के प्रक्षेपण से पहले तिरुपति के सुल्लुरपेटा स्थित चेंगलम्मा परमेश्वरिनी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। इस मिशन के सफल आयोजन की टीम में महिलाएं भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो के बेंगलुरु स्थित टेलीमेट्री एंड कमांड सेंटर (इस्ट्रैक) के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स (मॉक्स) में 50 से ज्यादा वैज्ञानिक कंप्यूटर पर चंद्रयान-3 से मिल रहे आंकड़ों की रात भर पड़ताल में जुटे रहे।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/chandrayaan-3-landing-live-news/article-51513</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 18:08:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Chandrayaan-3 Landing: चंद्रयान 3 की लैंडिंग से पहले ISRO का बड़ा बयान, अब 27 August को होगी लैंडिंग?</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan 3 Landing: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि किसी प्रतिकूलता की स्थिति में 27 अगस्त को विक्रम मॉड्यूल को चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग करेगा। विक्रम मॉड्यूल की मूल लैंडिंग 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे के आसपास निर्धारित है। इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक (अहमदाबाद) […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/school-children-will-see-chandrayaan-3s-landing-live/article-51495"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-landing-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan 3 Landing: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि किसी प्रतिकूलता की स्थिति में 27 अगस्त को विक्रम मॉड्यूल को चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग करेगा। विक्रम मॉड्यूल की मूल लैंडिंग 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे के आसपास निर्धारित है। इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक (अहमदाबाद) नीलेश एम. देसाई ने मीडिया को बताया कि 23 अगस्त को, चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले, हम लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा की स्थितियों के आधार पर इस बात का निर्णय लेंगे कि उस समय इसे उतारना उचित होगा या नहीं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हम 27 अगस्त को मॉड्यूल को चंद्रमा पर उतार देंग | Chandrayaan 3 Landing</h4>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा,‘यदि कोई भी कारक प्रतिकूल प्रतीत होता है तो हम 27 अगस्त को मॉड्यूल को चंद्रमा पर उतार देंगे। कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और हम 23 अगस्त को ही विक्रम मॉड्यूल को उतारने में सक्षम होंगे। अहमदाबाद स्थित इसरो वैज्ञानिक ने कहा कि लैंडिंग के संबंध में निर्णय विक्रम लैंडर की स्थिति और चंद्रमा की स्थितियों के आधार पर लिया जाएगा। लैंडिंग के आखिरी 15 मिनट चंद्रयान-3 मिशन का बेहद अहम चरण है क्योंकि अगर विक्रम मॉड्यूल की गति को नियंत्रित नहीं किया जाए तो क्रैश लैंडिंग की संभावना रहती है। Chandrayaan 3 Landing</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव पर मॉड्यूल को उतारना उतना मुश्किल नहीं है। लेकिन इसके दक्षिणी ध्रुव पर बड़े गड्ढे और चट्टानें हैं। इसलिए, मॉड्यूल को सुरक्षित और धीरे से उतारना बहुत मुश्किल होगा। हमारा ध्यान लैंडर की गति को 1.68 किमी/सेकंड से कम करना होगा क्योंकि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल भी इसमें एक भूमिका निभाता है। यह पूछे जाने पर कि यदि विक्रम लैंडर लैंडिंग स्थल के आसपास नहीं है तो क्या होगा, श्री देसाई ने कहा कि यह सतह के आधार पर आपातकालीन मोड की मदद से स्वचालित लैंडिंग करेगा। Chandrayaan 3 Landing</p>
<p style="text-align:justify;">चंद्रयान-3 का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव, पानी की बर्फ या जमे हुए पानी वाला एक क्षेत्र है जो भविष्य के चंद्रमा मिशनों या अधिक स्थायी चंद्रमा कॉलोनी के लिए आॅक्सीजन, ईंधन और पानी का स्रोत हो सकता है। यदि विक्रम की सॉफ्ट-लैंडिंग सफलतापूर्वक हो जाती है तो चंद्रयान-3 के दो सप्ताह तक क्रियाशील रहने की उम्मीद है। चंद्रयान-3 की स्वीकृत लागत 250 करोड़ रुपये (प्रक्षेपण वाहन लागत को छोड़कर) है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/chandrayaan-3-landing/">Chandrayaan-3 landing live: स्कूली बच्चे लाइव देखेंगे चंद्रयान-3 की लैंडिंग</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 13:18:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Chandrayaan-3 landing live: स्कूली बच्चे लाइव देखेंगे चंद्रयान-3 की लैंडिंग</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 landing live: चंद्रयान-03 की लैंडिंग को लेकर जहां समूचा देश उत्साहित है, वहीं उत्तर प्रदेश में मऊ जनपद पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने स्कूली बच्चों को लैंडिंग का सजीव प्रसारण दिखाने के लिए पुलिस लाइन सभागार में प्रोजेक्टर की व्यवस्था करवाते हुए आमंत्रित भी किया। इस अवसर पर अंतरिक्ष से संबंधित एक स्पेस क्विज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chandrayaan-3-landing/article-51494"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-32.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 landing live: चंद्रयान-03 की लैंडिंग को लेकर जहां समूचा देश उत्साहित है, वहीं उत्तर प्रदेश में मऊ जनपद पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने स्कूली बच्चों को लैंडिंग का सजीव प्रसारण दिखाने के लिए पुलिस लाइन सभागार में प्रोजेक्टर की व्यवस्था करवाते हुए आमंत्रित भी किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर अंतरिक्ष से संबंधित एक स्पेस क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है जिसमें सही जवाब देने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया कि इंटरमीडिएट स्तर तक के सभी स्कूली बच्चों के अंतरिक्ष ज्ञान में संवर्धन के लिए यह एक बहुत अच्छा सेशन होगा। उक्त सभागार में सहायक पुलिस अधीक्षक आईपीएस अरुण कुमार द्वारा क्विज तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि इसे हम सभी लोग एक उत्सव की भांति मनायें। इससे बच्चों में देशभक्ति की भावना का विकास भी होता है और उनकी जागरूकता उत्सुकता में वृद्धि होती है। Chandrayaan-3 landing live</p>
<h3>चंद्रयान-3 भारत के लिए व्यापक वैश्विक तालमेल को आकर्षित कर रहा है: डॉ. सिंह</h3>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि चंद्रयान-3 मिशन भारत के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग आकर्षित कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सिंह ने सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और नवाचार (एमआईटीसीआई) मंत्री दर्शनानंद दीपक बालगोबिन के नेतृत्व में आए मॉरीशस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मॉरीशस के प्रतिनिधिमंडल ने भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए यहां उनसे (डॉ. सिंह)मुलाकात की। भारत और मॉरीशस तीसरे पक्ष के मिशनों को सहायता प्रदान करने के लिए मॉरीशस में भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) के ग्राउंड स्टेशन का उपयोग करने पर भी सहमत हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर करके भारत ने दुनिया के अन्य देशों के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में एक समान भागीदार के रूप में सहयोग करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बालगोबिन ने इससे पहले 17 अगस्त को बेंगलुरु में इसरो के केंद्र का दौरा किया था। इसरो ने मंत्री को प्रस्तावित भारत-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह के तकनीकी विवरण और अनुप्रयोग क्षमताएं प्रस्तुत कीं। दोनों मंत्री यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी सहित तीसरे पक्ष के मिशनों को शामिल करने के लिए मॉरीशस में स्थापित इसरो के ग्राउंड स्टेशन का दायरा बढ़ाने पर सहमत हुए और इस तरह के सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए मौजूदा समझौता ज्ञापन में संशोधन पर हस्ताक्षर करने की योजना है। मॉरीशस ने तीन दशकों से अधिक समय से उपग्रह और प्रक्षेपण वाहनों पर नज़र रखने के लिए इसरो के ग्राउंड स्टेशन की मेजबानी की है और वर्तमान में यह ग्राउंड स्टेशन मॉरीशस में संचालित दो एंटेना (11 मीटर व्यास के) के साथ लगातार संचालित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. सिंह ने कहा कि भारत ने 1999 में रिमोट सेंसिंग सेंटर की स्थापना करके और मॉरीशस क्षेत्र से संबंधित उपग्रह डेटा प्रदान करके मॉरीशस का समर्थन किया है तथा मॉरीशस के अधिकारियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों पर भारतीय संस्थानों द्वारा पेश किए गए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों से लाभ हुआ है। डॉ. सिंह और श्री बालगोबिन ने पृथ्वी अवलोकन उपग्रह डेटा साझा करना, मॉरीशस से संबंधित उपग्रह डेटा, भू-स्थानिक परतों और मूल्य वर्धित सेवाओं के साथ एक ‘भारत-मॉरीशस अंतरिक्ष पोर्टल’ विकसित करना, अंतरिक्ष उद्योग स्तर पर सहयोग के लिए चर्चा शुरू करना जैसे अंतरिक्ष सहयोग के मुद्दे पर चर्चा की।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/white-hair-will-turn-black-naturally-if-you-follow-these-methods/">White Hair: सफेद बाल नेचुरल हो जाएंगे काले, अगर इन तरीकों को अपनालें</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 13:03:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Chandrayaan-3 Landing Live: अभी-अभी इसरो ने चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग के बारे में दिया शुभ समाचार</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 Moon Landing Live: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. एस सोमनाथ ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिक (स्वतंत्र प्रभार) ,परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से आज मुलाकात की और उन्हें 23 अगस्त की शाम 18.04 बजे चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग की स्थिति और […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/chandrayaan-3-landing-live/article-51478"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-landing-live.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Moon Landing Live: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. एस सोमनाथ ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिक (स्वतंत्र प्रभार) ,परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से आज मुलाकात की और उन्हें 23 अगस्त की शाम 18.04 बजे चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग की स्थिति और तैयारी के बारे में अवगत कराया। सोमनाथ ने बताया कि सभी प्रणालियां पूरी तरह से काम कर रही हैं और बुधवार को किसी आकस्मिक संकट की आशंका नहीं है। अगले दो दिनों में चंद्रयान-3 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/will-india-be-able-to-become-the-first-country-to-land-on-the-south-pole-of-the-moon-read-full-details-here/">Chandrayaan-3: …तो पूरे विश्व में लहराएगा भारत का परचम, जानें चंद्रयान-3 के संघर्ष की कहानी</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">इस समय लैंडिंग करेगा चंद्रयान | Chandrayaan-3 Landing Live</h3>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान डॉ. सिंह ने इस बार चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग पर भरोसा व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि ग्रहों की खोज का एक नया इतिहास रचेगा। इसरो ने बताया है कि चंद्रयान-3, 23 अगस्त 2023 को भारतीय समयानुसार शाम करीब 18:04 बजे चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा। हार्ड लैंडिंग के बाद लैंडर से संपर्क टूटने के बाद चंद्रयान-2 मिशन आंशिक रूप से सफल रहा। इसरो ने चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल और अभी भी परिक्रमा कर रहे चंद्रयान-2 आॅर्बिटर के बीच दो-तरफा संचार सफलतापूर्वक स्थापित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले आज, इसरो ने चंद्रयान-3 द्वारा कैप्चर की गई चंद्रमा के सुदूर भाग की नई तस्वीरों को साझा किया। इस सफलता क साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश होगा, लेकिन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला भारत दुनिया का एकमात्र देश होगा। चंद्रयान-3 मिशन के तीन प्राथमिक उद्देश्य हैं, जिनमें चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन करना, चंद्रमा पर रोवर की परिक्रमा करना और चंद्रमा की सतह पर इन-सीटू वैज्ञानिक प्रयोगों का संचालन करना शामिल है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Aug 2023 09:23:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Chandrayaan 3 Landing: चंद्रयान-3 की चांद से बढ़ती नजदीकियां, देखें खास कैमरे से खींची खास तस्वीरें</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan 3 Moon Landing: इसरो चंद्रयान-3 की बढ़ती नजदीकियां ये दर्शा रही है कि 23 अगस्त को चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम सेफ लैंडिंग करेगा। चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर पूरी तरह से चांद पर उतरने के लिए तैयार है, इतिहास बनाने से बस कुछ ही कदमों की दूरी पर है। विक्रम लैंडर ने लैंडिंग से पहले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/chandrayaan-3s-increasing-proximity-to-the-moon-see-special-pictures-captured-by-special-camera/article-51439"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/chandrayaan-3-landing.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Chandrayaan 3 Moon Landing: इसरो चंद्रयान-3 की बढ़ती नजदीकियां ये दर्शा रही है कि 23 अगस्त को चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम सेफ लैंडिंग करेगा। चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर पूरी तरह से चांद पर उतरने के लिए तैयार है, इतिहास बनाने से बस कुछ ही कदमों की दूरी पर है। विक्रम लैंडर ने लैंडिंग से पहले चांद की कुछ रोचक तस्वीरे भी भेजी हैं जोकि किसी खास कैमरे से खींची गई हैं, कैमरे का नाम लैंडर हैजर्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस है जिससे चांद की ये खास तस्वीरें उतारी गई हैं। इसरो के अनुसार चांद की सतह के दक्षिणी धु्रव की ये तस्वीरें हैं जहां पर विक्रम लैंडर ने लैंडिंग करनी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Chandrayaan-3 Mission:</p>
<p>Here are the images of<br />
Lunar far side area<br />
captured by the<br />
Lander Hazard Detection and Avoidance Camera (LHDAC).</p>
<p>This camera that assists in locating a safe landing area — without boulders or deep trenches — during the descent is developed by ISRO… <a href="https://t.co/rwWhrNFhHB">pic.twitter.com/rwWhrNFhHB</a></p>
<p>— ISRO (@isro) <a href="https://twitter.com/isro/status/1693469304619188516?ref_src=twsrc%5Etfw">August 21, 2023</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">इसरो ने चांद की इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किया है और लिखा है ‘ये चांद के सुदूरवर्ती क्षेत्र की तस्वीरें हैं, जिसे खास कैमरे से खींचा गया है जोकि लैंडर के खतरा जांच और बचाव कैमरे की बदौलत है’ इसरो ने चंद्रयान-3 में लगे इस खास कैमरे के बारे में जानकारी से अवगत कराते हुए बताया कि कैमरा लैंडिंग के दौरान लैंडिंग क्षेत्र की सूचना देगा, वहां पर बनें गहरे गड्ढों या बोल्डर का पता लगाने में मदद करेगा जोकि स्पेस एप्लीकेशन सेंटर इसरो में विकसित किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव पर उतरने का अनुमान लगाया जा रहा है जोकि 23 अगस्त की शाम को भारतीय समयानुसार 6 बजकर 4 मिनट पर लैंड करेगा। बताया जा रहा है कि चांद पर सफल लैंडिंग के बाद भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अभी तक के सफर की बात करें तो अभी तक केवल अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के मिशन ने ही चाँद पर यह कारनाम कर दिखाया है, अगर भारत भी यह कारनामा कर दिखाता है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/chandrayaan-3-or-luna-25-which-is-better-see-the-difference/">Chandrayaan-3 vs Luna-25: चंद्रयान-3 या लूना-25: कौन बेहतर? देखें फर्क…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Aug 2023 12:30:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Russia Luna-25 Moon Mission: चांद से आई ‘बुरी खबर’ मिशन हुआ फेल&amp;#8230;?</title>
                                    <description><![CDATA[Chandrayaan-3 Landing LIVE: Russia के Luna-25 पर अंतरिक्ष से आई बुरी खबर, टूट गया Putin का सपना….. Russia Luna-25 Moon Mission: रूस ने 50 वर्षों के बाद दूसरी बार मून मिशन लॉन्च किया था, जिसको 21 अगस्त को चांद की सतह पर उतरना था। लेकिन रोस्कोस्मोस के अनुसार लूना-25 स्टेशन चंद्रमा से टकरा गया, जिस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-bad-news-mission-from-the-moon-failed/article-51401"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/russia-luna-25-moon-mission.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Landing LIVE: Russia के Luna-25 पर अंतरिक्ष से आई बुरी खबर, टूट गया Putin का सपना…..</h3>
<p style="text-align:justify;">Russia Luna-25 Moon Mission: रूस ने 50 वर्षों के बाद दूसरी बार मून मिशन लॉन्च किया था, जिसको 21 अगस्त को चांद की सतह पर उतरना था। लेकिन रोस्कोस्मोस के अनुसार लूना-25 स्टेशन चंद्रमा से टकरा गया, जिस कारण रूस का मिशन फेल हो गया है। गौरतलब हैं कि रूस ने 11 अगस्त को लूना-25 को लॉन्च किया गया था। Russia Luna-25 Moon Mission</p>
<h3 style="text-align:justify;">मात्र 25 किमी दूर चंद्रयान-3</h3>
<p style="text-align:justify;">Chandrayaan-3 Moon Mission:  विक्रम लैंडर ऐतिहासिक दूरी तय करते हुए चांद से मात्र 25 किमी की दूरी पर है,  चंद्रयान-3 एक-एक करके अपने सभी अहम पड़ाव पार करता जा रहा है और अपनी मंजिल तय करने से मात्र 25 किमी दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि देर रात 1 बजकर 50 मिनट पर विक्रम लैंडर ने सफलतम डी-बूस्टिंग के जरिए चंद्रयान-3 की रफ्तार और धीमी करने में कामयाबी हासिल की है। चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर 17 अगस्त को प्रोपल्शन मॉड्यूल को छोड़कर दूसरा रास्ता पकड़ चुका था। इसी रास्ते पर वह चांद के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुका है। अब मॉड्यूल को आंतरिक जांच से गुजरने के लिए लैंडिंग स्थल पर सूर्योदय का इंतजार करना होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 23 अगस्त की शाम को वह चांद की सतह पर लैंड कर जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो की ताजा जानकारी के अनुसार अभी चंद्रमा पर रात है और 23 अगस्त को वहां सूर्य उदय होगा। चंद्रयान-3 को अब बस चंद्रमा की सतह पर सूर्य के उदय होने का इंतजार है। क्योंकि विक्रम लैंडर सूरज की रोशनी और ताकत का इस्तेमाल करके अपना मिशन कामयाब करेगा। इसी बीच एक चीज समझना बेहद जरूरी हो गया है कि किसी भी स्पेसक्राफ्ट के लिए चांद पर उतरा अत्यंत मुश्किलों भरा है और हजारों चुनौतियों से परिपूर्ण भी। बताया जा रहा है कि चंद्रमा की सतह आसमान है और वहां पर गड्ढों, पत्थरों के अलावा कुछ भी नहीं है। इस तरह की सतह पर लैंडिंग करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो के अनुसार चांद पर लैंडिंग के अंतिम कुछ किमी पहले की अपेक्षा अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उस वक्त अंतरिक्षयान के थ्रस्ट से गैस निकलती है। इस गैस की वजह से चांद की सतह पर बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है जो आॅनबोर्ड कंप्यूटर और सेंसर्स को नुकसान पहुंचा सकती है या दिग भ्रमित कर सकती है। साथ ही चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग के लिए बहुत ज्यादा र्इंधन की आवश्यकता पड़ती है जिसके जरिए सामने की दिशा में जोर लगाकर चंद्रयान की नीचे उतरने की स्पीड कम की जाती है और ऐसे में इतने र्इंधन के साथ उड़ान भरना खतरे से खाली नहीं हो सकता। और तो और चंद्रमा पर पृथ्वी के मुकाबले वातावरण 8 गुना पतला होने के कारण पैराशूट से भी किसी अंतरिक्ष यान को उतारना खतरों से भरा है।</p>
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                <pubDate>Sun, 20 Aug 2023 15:13:02 +0530</pubDate>
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