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                <title>Mughal Gardens 5 फरवरी से खुलेगा, फ्री होगा रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन करें अप्लाई</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन लोगों के दीदार के लिए तैयार है। यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा और ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mughal-gardens-will-open-from-february-5-registration-will-be-free-apply-online/article-12904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/mughal-gardens.jpg" alt=""></a><br /><h2>यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा । <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p>Edited By Vijay Sharma</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong>  राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन <strong>(Mughal Gardens)</strong> लोगों के दीदार के लिए तैयार है। यह आम जनता के लिए 5-8 फरवरी तक खुलेगा। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा और ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे। मुगल गार्डन रखरखाव के मद्देनजर प्रत्येक सोमवार बंद रहेगा। सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित मुगल गार्डन में पानी व दूध की बोतल, ब्रीफकेस, हैंडबैग, लेडीज पर्स, कैमरा, रेडियो, छाता व अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं प्रतिबंधित रहेंगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 एकड़ में फैला है राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में मुगल गार्डन | <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">आजादी मिलने से पहले सर एडविन लुटियंस की परिकल्पना का साकार रूप ‘मुगल गार्डन’ राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में कुल 15 एकड़ में स्थित है। जमीं के जन्नत जम्मू-कश्मीर के मुगल गार्डन से प्रभावित होकर इसे बनाया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जन्नत जैसा एहसास कराता मुगल गार्डन | <strong>Mughal Gardens</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">पूरे गार्डन में कैनाल है जिसमें कल-कल करता पानी बहता रहता है। साथ ही फव्वारे भी हैं जो जन्नत सा एहसास कराते हैं। मुगल गार्डन के भीतर कुल 12 अलग-अलग गार्डन स्थित हैं जो अपनी खास गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से मुगल गार्डन जो रेक्टेंगिल, लॉन व सर्कुलर तीन हिस्सों में बंटा है। इसके अलावा रोज गार्डन, बायो डायवर्सिटी पार्क, म्यूजिकल फाउंटेन, हर्बल गार्डन, बटरफ्लाई, सनकीन गार्डन, स्प्रीचुअल गार्डन (जिसमें धर्म में वर्णित पेड़-पौधे लगे हैं) तथा कैक्टस गार्डन, न्यूट्रीशियन गार्डन व बायो फ्यूल पार्क स्थित है। बेल्वेदर इस्टेट कोलकाता से लाई गई दूब घास से ढंका हुए लान में मौलसारी, साइप्रस और चाइना ऑरेंज जैसे पेड़ बड़े करीने से लगाए गए हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश के लिए ऑनलाइन भी करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मुगल गार्डन 5 फरवरी से 8 मार्च तक सुबह 10 बजे से सायं 4 </strong><strong>बजे तक खुला रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हालांकि, रखरखाव कार्यों को लेकर सोमवार को यह बंद रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रवेश के लिए ऑनलाइन सुविधा भी है। रजिस्ट्रेशन निशुल्क रहेगा। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एक मोबाइल नंबर से केवल एक बुकिंग की अनुमति है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिन आगंतुकों ने ऑनलाइन बुकिंग की है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्हें पहचान पत्र के साथ आगंतुक प्रवेश पत्र (पेपर प्रिंच या मोबाइल पास) ले जाना होगा।</strong></li>
</ul>
<h2>गाड़ी की बजाए केंद्रीय सचिवालय तक मेट्रो से जाए</h2>
<p style="text-align:justify;">मुगल गार्डन देखने का प्लान बना रहे हैं तो बेहतर होगा अपनी गाड़ी की बजाए केंद्रीय सचिवालय तक मेट्रो से जाए। या फिर केंद्रीय टर्मिनल तक जाने वाली बस से पहुंचे। वहां से गार्डन में प्रवेश में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। मुगल गार्डन में चर्च रोड की तरफ गेट संख्या 35 से प्रवेश व निकासी का प्रबंध होगा। वैसे, रखरखाव के मद्देनजर प्रत्येक सोमवार मुगल गार्डन बंद रहेगा। सुरक्षा कारणों से राष्ट्रपति भवन परिसर स्थित मुगल गार्डन में पानी व दूध की बोतल, ब्रीफकेस, हैंडबैग, लेडीज पर्स, कैमरा, रेडियो, छाता व अन्य आपत्तिजनक वस्तु प्रतिबंधित रहेगी।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2020 12:06:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘हर तहसील में खुले केन्द्रीय विद्यालय, तीन माह में लें निर्णय</title>
                                    <description><![CDATA[इसके पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने उपाध्याय की जनहित याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि प्रत्येक तहसील में केंद्रीय विद्यालय खोलना और भारतीय संविधान को प्राइमरी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करना नीतिगत मामला है, इसलिए न्यायालय केन्द्र सरकार को निर्देश नहीं दे सकता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/central-schools-open-in-every-tehsil-supreme-court/article-12553"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/caa-supreme-court1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सुप्रीम कोर्ट ने वित्त और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिए निर्देश (Supreme Court)</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल करने की भी मांग</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देश की प्रत्येक तहसील में एक केन्द्रीय विद्यालय खोलने और प्राइमरी स्कूल के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान को शामिल करने की मांग वाली याचिका पर वित्त मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय को तीन महीने में निर्णय लेने का शुक्रवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एनवी रमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति आर सुब्रमण्यम की पीठ ने यह निर्देश भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की दलील सुनने के बाद दिया है। याचिकाकर्ता ने न्यायालय से कहा कि प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने और भारतीय संविधान को प्राथमिक स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल करने से भाषावाद और क्षेत्रवाद समाप्त होगा, राष्ट्रीय एकता और अखंडता मजबूत होगी, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और गरीब छात्रों को भी समान अवसर मिलेगा।</p>
<h3>न्यायालय केन्द्र सरकार को निर्देश नहीं दे सकता</h3>
<p style="text-align:justify;">उपाध्याय ने कहा कि अच्छे स्कूल के अभाव में तहसील मुख्यालय पर कार्यरत तहसीलदार, न्यायिक अधिकारी, डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर अपने परिवार को जिला मुख्यालय पर रखते हैं। इससे आने-जाने में समय बर्बाद होता है और वे ठीक से अपनी ड्यूटी नहीं कर पाते हैं। इसके पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने उपाध्याय की जनहित याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि प्रत्येक तहसील में केंद्रीय विद्यालय खोलना और भारतीय संविधान को प्राइमरी स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करना नीतिगत मामला है, इसलिए न्यायालय केन्द्र सरकार को निर्देश नहीं दे सकता है।तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने से उच्च कोटि की शिक्षा गरीब छात्रों तक पहुंचेगी</p>
<h3 style="text-align:justify;">याचिकाकर्ता ने कहा कि देश में कुल 5464 तहसील हैं</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">केन्द्रीय विद्यालय मात्र 1209 हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इसलिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलना चाहिए।</li>
<li style="text-align:justify;">इससे गरीब बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी, उन्हें समान अवसर मिलेगा।</li>
<li style="text-align:justify;">आपसी भाईचारा बढ़ेगा तथा देश की एकता और अखंडता मजबूत होगी’।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong><em> -उन्होंने कहा कि गरीबी के चलते किसान-मजदूर के होनहार बच्चों को अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा नहीं मिल पाती है। प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने से उच्च कोटि की शिक्षा गरीब छात्रों तक पहुंचेगी, जो अभी तक इससे वंचित हैं। याचिका में कहा कि प्रत्येक तहसील में एक केंद्रीय विद्यालय खोलने पर राज्य के सरकारी स्कूल भी इनसे प्रतिस्पर्धा करने लगेंगे। फलस्वरूप शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।</em></strong></p>
<p> </p>
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                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jan 2020 17:13:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायकोट नजदीक खुला राज्य का पहला पराली खरीद केन्द्र</title>
                                    <description><![CDATA[गांव नूरपुरा नजदीक राज्य का पहला पराली खरीद केंद्र शुरू किया गया है।
इस केंद्र पर क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में धान की पराली बेचने के लिए आ रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/first-straw-purchase-center-open-in-raikot/article-10936"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-10/straw-purchase-center.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पराली बेचने के लिए आए किसान भी इस प्रयास से काफी खुश | <strong>Straw Purchase Center</strong></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>लुधियाना/रायकोट(सच कहूँ/राम गोपाल रायकोटी)।</strong> पर्यावरण बचाने के लिए प्रयत्नशील संस्था <strong>(Straw Purchase Center)</strong> ‘गदरी बाबा दूल्हा ज्ञानी नेहाल सिंह फाउंडेशन गांव जलालदीवाल के डायरैक्टर डॉ. हरमिन्दर सिंह सिद्धू, जिनके प्रयासों से करीबी गांव नूरपुरा नजदीक राज्य का पहला पराली खरीद केंद्र शुरू किया गया है और इस केंद्र पर क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में धान की पराली बेचने के लिए आ रहे हैं। संस्था की ओर से पर्यावरण बचाने के लिए शुरू की मुहिम के अंतर्गत किए गए ऐसे अनौखे प्रयासों का जायजा लेने के लिए एसडीएम डॉ. हिमांशु गुप्ता व ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. हरमिन्दर सिंह छीना विशेष तौर पर इस पराली खरीद केंद्र पर पहुंचे और संस्था की ओर से किए गए इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए इसे व्यापक स्तर पर लागू करने संबंधी विचार-विमर्श किया।</p>
<h2>पराली न जलाने संबंधी किसानों को किया जा रहा जागरूक</h2>
<p style="text-align:justify;">संस्था के डॉयरैक्टर डॉ. हरमिन्दर सिंह सिद्धू ने बताया कि उनकी संस्था सरकार व अन्य विभागों के साथ मिलकर क्षेत्र में किसानों को पराली न जलाने संबंधी जागरूक कर रहे हैं और वह अपने इस उद्देश्य में काफी हद तक कामयाब भी रहे हैं। डॉ. सिद्धू ने बताया कि वह खुद भी एक किसान हैं और अपनी इस मुहिम के अंतर्गत वह हर रोज कई किसानों से मुलाकात करते हैं, उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से पराली जलाने का मुख्य कारण पराली की संभाल में होने वाला महंगा खर्चा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि किसानों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए उनकी तरफ से राजस्थान की एक समाजसेवी संस्था के साथ बातचीत की गई, जो कि किसानों के पास से पराली लेने से उनको पराली का उचित मूल्य भी देने के लिए तैयार थी। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से किसानों को 40 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मौके पर ही नगद अदायगी की जाती है, इसलिए किसानों को बस अपने खेतों में पड़ी पराली को 20 -22 किलो की गांठ बना कर खरीद सैंटर तक लाना होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किसानों की पराली जलाने की चिंता हुई खत्म</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पराली बेचने आए गांव गोंदवाल के किसान रछपाल सिंह ने बताया कि वह 25 एकड़ की कृषि करता है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>और धान की कटाई के बाद उसने सारी पराली खरीद केंद्र पर बेची है, </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जिससे जहां उसकी खेतों में पराली संभालने की लागत में भारी कमी आई है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वहां आगे वाली फसल के लिए उसके खेत भी जल्दी तैयार हो जाएंगे। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>किसान अवतार सिंह ने बताया कि उस ने 30 एकड़ में धान की फसल की बिजाई की थी,</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जिसकी पराली उस ने यहां बेची है, इससे जहां पराली बेचकर पैसे मिले हैं</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> वहीं आग न लगाने के कारण जमीन की उपजाऊ शक्ति भी बरकरार रहेगी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> गांव बुर्ज हरी सिंह के किसान सन्दीप सिंह ने बताया कि वह 12 एकड़ की कृषि करता है</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>और यहां अपनी धान की पराली बेचने के लिए आया है, </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उसने बताया कि पहले जहां उनको धान की कटाई के बाद पराली संभालने की चिंता रहती थी, </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेकिन अब वह पराली संभालने से चिंतामुक्त है और पराली बेच कर उसे आर्थिक सहायता भी मिल जाएगी।</strong></li>
</ul>
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<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/first-straw-purchase-center-open-in-raikot/article-10936</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Oct 2019 19:49:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले साल तक खुलेगा कालेधन का पूरा चिट्ठा</title>
                                    <description><![CDATA[स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में 13 साल में सबसे तेज वृद्धि नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीयों द्वारा जमा किए गए (Complete, Blog, Black Money, Open, Till, Next, Year) कालेधन के सभी आंकड़े अगले वर्ष तक मिल जायेंगे। गोयल का यह बयान ऐसे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/complete-blog-of-black-money-will-be-open-till-next-year/article-4562"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/blackmoney.jpg" alt=""></a><br /><h1>स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में 13 साल में सबसे तेज वृद्धि</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीयों द्वारा जमा किए गए <strong>(Complete, Blog, Black Money, Open, Till, Next, Year)</strong> कालेधन के सभी आंकड़े अगले वर्ष तक मिल जायेंगे। गोयल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्विट्जरलैंड ने वीरवार को एक रिपोर्ट जारी किया, जिसके अनुसार वर्ष 2017 में भारतीय द्वारा उसके यहां जमा की गयी धनराशि 50 फीसदी से अधिक बढ़कर सात हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।</p>
<h1>अवैध लेनदेन की आशंका जताना सही नहीं</h1>
<p style="text-align:justify;">गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार के पास सभी जानकारियां हैं और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जायेगा तो उसके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। वर्तमान समय में किसी भी व्यक्ति को देश से बाहर रुपये जमा करने का साहस नहीं है और यह सरकार के कठिन परिश्रम से संभव हुआ है। गोयल ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच एक संधि है जिसके तहत उसने भारत और कुछ अन्य देशों द्वारा दी गयी जानकारियों के आधार पर विदेशी ग्राहकों के बारे में सूचनायें साझा करना शुरू कर दिया है। एक जनवरी 2018 से 31 मार्च 2019 तक सभी डाटा उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने वीरवार को जारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसको अभी से कालाधन या अवैध लेनदेन की आशंका जताना सही नहीं है।</p>
<h1>राहुल का मोदी पर तंज, क्या अब ये व्हाइट मनी है!</h1>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले चार साल के दौरान स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में 50 फीसदी की वृद्धि होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए शुक्रवार को कहा कि पहले इसे कालाधन बताने वाले मोदी उसे अब उसे सही बता रहे हैं। गांधी ने ट्वीट किया, ‘उन्होंने (मोदी)2014 में कहा, ‘मैं स्विस बैंक से सारा कलाधन वापस लाऊंगा और हर भारतीय के खाते में 15 लाख रुपए जमा करूंगा। उन्होंने 2016 में कहा, ‘नोटबंदी से देश में कालाधन खत्म हो जाएगा। वह 2018 में कह रहे हैं भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा की गयी राशि 50 फीसदी बढ़ गयी है और यह सफेद पैसा है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Jun 2018 22:17:37 +0530</pubDate>
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                <title>अगले 18 माह में खुलेंगे 29 कॉलेज, हर साल तैयार होंगे 2000 डॉक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)। प्रदेश में आज 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य सरकार ने 29 और ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां पर नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/29-colleges-will-open-in-next-18-months-2000-doctors-will-be-ready-every-year/article-4076"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/cm-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना)।</strong> प्रदेश में आज 50 से अधिक विश्वविद्यालय खुल गए हैं। हरियाणा में 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज है। राज्य सरकार ने 29 और ऐसी जगहों को चिन्हित किया गया है जहां पर नए कॉलेजों की आवश्यकता है। इन नए कॉलेजों के निर्माण के बाद हरियाणा में बेटियों व ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को यहां कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेशभर के राज्य से अनुदान प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व आर्थिक प्रबंधन विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रथम सत्र में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा है। जब सभी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे तो हरियाणा से हर वर्ष कम से कम 2000 चिकित्सक बनकर निकलेंगे। इसके लिए हमें विश्वविद्यालयों में सार्इंस फैकल्टी को ओर अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए स्कूल व कॉलेजों में भी सांइस फैकल्टी का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय कम से कम एक विषय में अपनी उत्कृष्टता साबित करें। इस मौके पर स्टेट यूनिवर्सिटी आफ पर्फोमिंग एंड विजुअल आर्टस के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, सीडीएलयू सरसा के कुलपति डॉ विजय के कायत, दीनबंधू छोटूराम यूनिवर्सिटी मुरथल के कुलपति प्रो. राजेन्द्र कुमार अनायत, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, हरियाणा विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के कुलपति राज नेहरू, वाईएमसीए फरीदाबाद के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार  मौजूद रहे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Jun 2018 09:21:59 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेशभर में खुलेंगे 55 नए स्वास्थ्य केंद्र</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। इन केन्द्रों को नई बीमारियों की रोकथाम हेतू उपचार एवं प्रबंधन के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि ये केन्द्र सरकार के सहयोग से बनाये जाएंगे, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/55-new-health-centers-will-opened-across-the-state/article-2887"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/hospital.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> चालू वित्तवर्ष के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। इन केन्द्रों को नई बीमारियों की रोकथाम हेतू उपचार एवं प्रबंधन के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि ये केन्द्र सरकार के सहयोग से बनाये जाएंगे, जिनमें लोगों को व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवायी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन केन्द्रों के निर्माण हेतू स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 572.13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इन केन्द्रों को 1.20 लाख की आबादी पर खोला जाएगा, जिससेक्षेत्र के 25 से 30 उपकेन्द्र संबंधित होंगे। इन केन्द्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा नागरिक अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। इनमें गुणवत्तापरकप्रजनन, स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, ई.एन.टी., नेत्र रोग, दंत रोग तथा मानसिक रोगों की जांच एवं उपचार की सुविधा होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तकनीकी संस्थानों में 15 तक ले सकते हैं दाखिला</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के सभी तकनीकी शैक्षिक संस्थानों / विश्वविद्यालयों / पॉलिटेक्निक में वर्ष 2017-18 हेतु दाखिला के लिए अंतिम तिथि 15 अगस्त है। इसके बाद किसी भी दाखिले को वैध नहीं माना जाएगा। हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा समिति के प्रवक्ता ने बताया कि सत्र 2017-18 के लिए तकनीकी शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए 15 अगस्त अंतिम तिथि है। इस प्रकार इन पाठ्यक्रमों में सभी प्रवेश, सभी परिस्थितियों में और किसी भी अपवाद के बिना 15 अगस्त तक पूर्ण किए जाने चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">शिशु देखभाल संस्थान खोलने के लिए मांगे आवेदन</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2017-18 के लिए समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत सभी जिलों में शिशु देखभाल संस्थान (सीसीआई) खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि केवल ऐसे संस्थान या व्यक्ति, जो अनाथ, बेसहारा बच्चों और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए सीसीआई खोलने में रूचि रखते हैं, वे अपने-अपने जिलों में जिला बाल सरंक्षण अधिकारी को 31 अगस्त तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।</p>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 09:47:36 +0530</pubDate>
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                <title>पार्किंग के वक्त कारों के शीशे थोड़े खुले छोड़ दें</title>
                                    <description><![CDATA[पटौदी में 5 साल की दो जुड़वां बच्चियां एक खड़ी कार में दम घुटने से मौत के आगोश में पहुंच गई। अभी 20 दिन पहले अमेरिका के टेक्सास में भी ऐसा ही हुआ, जब एक शॉपिंग मॉल के बाहर खड़ी कार में दो छोटे बच्चे दम घुटने से दम तोड़ गए और उनकी मां जो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/leave-the-car-mirror-open-at-the-time-of-parking/article-1271"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/car.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटौदी में 5 साल की दो जुड़वां बच्चियां एक खड़ी कार में दम घुटने से मौत के आगोश में पहुंच गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी 20 दिन पहले अमेरिका के टेक्सास में भी ऐसा ही हुआ, जब एक शॉपिंग मॉल के बाहर खड़ी कार में दो छोटे बच्चे दम घुटने से दम तोड़ गए और उनकी मां जो खरीददारी कर रही थी, को पता भी नहीं चला।</p>
<p style="text-align:justify;">देश के किसी न किसी शहर में आए माह कोई न कोई ऐसी दु:खद घटना सामने आ ही जाती है। इस तरह की दुर्घटना का शिकार ज्यादातर 10 वर्ष से छोटी आयु के बच्चे हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">या बहुत छोटे बच्चे जोकि माता-पिता की लापरवाही से गाड़ी में रह जाते हैं। खेलने-कूदने की आयु के बच्चे थोड़े चंचल स्वभाव के होते हैं, जिन्हें व्हीकल पर बैठना, उनमें चढ़ना, हॉर्न बजाना, स्टेरिंग घुमाना जैसे खेल बहुत लुभाते हैं। ये खेल भी बच्चे अक्सर माता-पिता या बड़ों की आंख चुराकर खेलते हैं। बस यही इनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल गर्मी का मौसम है, तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसी व्हीकल में बंद हो जाने पर बहुत जल्द दम घुटने लगता है। कारों की बनावट भी ऐसी बना दी गई है कि उनमें बंद बच्चे की चीख-पुकार भी बाहर सुनाई नहीं पड़ती। कारों में दम घुटकर मरने वाले बच्चों की बढ़ रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मां-बाप, कार-कंपनियों एवं सरकार को शीघ्र कोई उपाय खोजना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले तो समस्या का हल कंपनीज करें। वह कारों में ऐसी व्यवस्था कर दें कि उनमें किसी का दम नहीं घुट पाए और अंदर बंद होने पर भी पीड़ित को ताजी हवा मिलती रहे। जब तक कार कंपनीज कोई उपाय नहीं करती, तब बड़ों को चाहिए कि वह अपने व्हीकल को खड़ा करते वक्त खिड़की के शीशे एक-आध सेंटीमीटर खुला छोड़ दें।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे जहां वाहन चोरी होने का भी डर नहीं रहेगा, वहीं भूलवश यदि उनमें कोई छोटा बच्चा फंस भी जाए, तब उसका दम नहीं घुटेगा और उसकी रोने व चीखने की आवाज भी बाहर सुनाई पड़ सकेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को चाहिए कि वह इस विषय में अभिभावकों एवं कार निर्माता कंपनियों के लिए निर्देश जारी करे कि वह अपने वाहनों को इस तरह रखें कि कोई दुर्घटना का शिकार नहीं हो। चूंकि कारों में बच्चों के दम घुट जाने की समस्या ज्यादा बड़ी नहीं है, अत: माता-पिता एवं कार निर्माता कम्पनीज जरा-सी सावधानी व उपायों से इस विपत्ति को टाल सकती हैं, जिसे कि हर संभव बहुत जल्द टाला जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2017 22:45:47 +0530</pubDate>
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