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                <title>Millet - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>Millet: यूपी में एक अक्तूबर से शुरू होगी मोटे अनाज की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[सीधे किसानों के खातों में जाएगी भुगतान राशि | Lucknow News समस्या समाधान के लिए करें टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क | Lucknow News लखनऊ (एजेंसी)। Bajra ki Khareed: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024-25 के लिए मोटे अनाजों की खरीद पहली अक्टूबर से प्रारंभ होगी और 31 दिसंबर तक चलेगी। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/procurement-of-coarse-grains-will-start-from-october-one-in-up/article-62286"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-09/millet.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सीधे किसानों के खातों में जाएगी भुगतान राशि | Lucknow News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>समस्या समाधान के लिए करें टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क | Lucknow News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> Bajra ki Khareed: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024-25 के लिए मोटे अनाजों की खरीद पहली अक्टूबर से प्रारंभ होगी और 31 दिसंबर तक चलेगी। अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि मोटे अनाज में शामिल मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण व नवीनीकरण चल रहा है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक इसके लिए किसानों को एफसीएस.यूपी.जीओवी.इन या ऐप यूपी किसान मित्र पर पंजीकरण/नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। खरीद पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए पूर्व में जारी टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। Lucknow News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। किसानों को जिस बैंक खाते में भुगतान होगा, उसका आधार से जुड़ा होना आवश्यक है। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट आॅफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। श्रीअन्न को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाया है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2225 रुपये प्रति कुंतल, बाजरा का 2625 रुपये प्रति कुंतल, ज्वार (हाइब्रिड) का 3371 व ज्वार (मालवांडी) का 3421 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। Lucknow News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="लोगों को गुब्बारे बेचने वाला नहीं, काम करने वाला चाहिए : विज" href="http://10.0.0.122:1245/people-need-someone-who-works-not-a-balloon-seller-anil-vij/">लोगों को गुब्बारे बेचने वाला नहीं, काम करने वाला चाहिए : विज</a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/procurement-of-coarse-grains-will-start-from-october-one-in-up/article-62286</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Sep 2024 18:15:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Bajra: 15 नवंबर तक होगी बाजरा खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। खरीफ सीजन 2023 के दौरान राज्य में बाजरा फसल (Millet Crop) की खरीद हैफेड एवं हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग द्वारा की जा रही है। एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में बाजरा की खरीद 25 सितम्बर, 2023 से शुरू हो गई थी और यह खरीद 15 नवम्बर, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/millet-will-be-procured-till-fifteen-november/article-54775"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/millet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> खरीफ सीजन 2023 के दौरान राज्य में बाजरा फसल (Millet Crop) की खरीद हैफेड एवं हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग द्वारा की जा रही है। एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में बाजरा की खरीद 25 सितम्बर, 2023 से शुरू हो गई थी और यह खरीद 15 नवम्बर, 2023 तक जारी रहेगी। जिस भी किसान की बाजरा फसल की खरीद नहीं हुई है, वह 15 नवम्बर तक अपनी फसल सम्बंधित मंडी में बेच सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कृषि</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/millet-will-be-procured-till-fifteen-november/article-54775</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Nov 2023 17:11:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरीफ सीजन के तहत जिला में की जा चुकी 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने कहा कि खरीफ सीजन के अंतर्गत जिला (Sonipat) में धान और बाजरा की आवक के साथ ही सुचारू रूप से इनकी खरीद की जा रही है। सोनीपत जिला में 08 अक्टूबर सायं तक 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इनमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sixty-seven-thousand-four-hundred-forty-one-metric-tons-of-paddy-has-been-purchased-in-sonipat-district/article-53452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/millet-purchase.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)।</strong> उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने कहा कि खरीफ सीजन के अंतर्गत जिला (Sonipat) में धान और बाजरा की आवक के साथ ही सुचारू रूप से इनकी खरीद की जा रही है। सोनीपत जिला में 08 अक्टूबर सायं तक 67 हजार 441 मिट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इनमें ग्रेड-ए 1893 मिट्रिक टन, पीआर कॉमन धान 253 मिट्रिक टन, बासमत्ती 65 मिट्रिक टन तथा 1509 किस्म 65 हजार 230 मिट्रिक टन शामिल है। Kharkhoda News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा जिला की सभी खरीद केन्द्रों पर अब तक किसान 828 मिट्रिक टन बाजरा लेकर पहुंचे है। जिसकी खरीद की जा चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि धान व बाजरा की खरीद के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां की गई है। किसान के धान व बाजरे के एक-एक दाने को खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों व खरीद केंद्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। Kharkhoda News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="जन सहयोग से साकार हुई शहर के विकास की संकल्पना : करुणा" href="http://10.0.0.122:1245/concept-of-city-development-realized-with-public-cooperation-karuna/">जन सहयोग से साकार हुई शहर के विकास की संकल्पना : करुणा</a></p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 15:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा में बाजरे की खरीद शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश की 35 मंडियों में हैफेड ने संभाला मोर्चा | Bhiwani News 2500 रुपए के भाव पर बिक रहा बाजरा भिवानी अनाज मंडी में पहले दिन दोपहर तक पहुँचा 700 क्विंटल बाजरा | Bhiwani News भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। हरियाणा प्रदेश के शुष्क व अर्धशुष्क क्षेत्रों में उगाई जाने वाली प्रमुख मिलिट्स (Millet) बाजरे की शनिवार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/procurement-of-millet-started-in-haryana/article-52758"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/bhiwani-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">प्रदेश की 35 मंडियों में हैफेड ने संभाला मोर्चा | Bhiwani News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>2500 रुपए के भाव पर बिक रहा बाजरा</li>
<li>भिवानी अनाज मंडी में पहले दिन दोपहर तक पहुँचा 700 क्विंटल बाजरा | Bhiwani News</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> हरियाणा प्रदेश के शुष्क व अर्धशुष्क क्षेत्रों में उगाई जाने वाली प्रमुख मिलिट्स (Millet) बाजरे की शनिवार से सरकारी खरीद हैफेड के माध्यम से प्रदेश भर की 35 मंडियों में शुरू कर दी गई हैं। अबकी बार राज्य सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2200 रुपए तथा भावांतर भरपाई के तहत 300 रुपए के बोनस सहित कुल 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर बाजरे की खरीद की जा रही है। Bhiwani News</p>
<p style="text-align:justify;">भिवानी अनाज मंडी में भी आज बाजरे की खरीद के लिए किसान गेट पास लेकर पहुंचे, जिन्होंने बाजरे की खरीद पर मिल रहे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खुशी जताई। भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुडगांव, हिसार सहित एक दर्जन से अधिक जिलों में बाजरा मुख्य खरीफ की फसल है। भिवानी अनाज मंडी के सुपरवाईजर योगेश शर्मा ने बताया कि भिवानी जिले में बाजरे की खरीद के पहले दिन अब तक 700 क्विंटल के करीब बाजरा पहुंचा है, जिसे नमी चैक करके खरीद एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। Bhiwani News</p>
<p style="text-align:justify;">इसके तहत जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्यारौ पोर्टल पर पंजीकरण करवाया था, उनका बाजरा 2200 रुपए के न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित भावांतर भरपाई योजना के तहत 300 रुपए सहित 2500 रुपए में खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए अनाज मंडी में बाजरे की खरीद के दौरान कोई परेशानी न हो, इसके लिए चार शैड बनाए गए है। लाईट, जनरेटर, पीने के पानी व साफ-सफाई व बरसात से बचने के लिए आढ़तियों को तिरपाल उपलब्ध करवाए गए हैं। बाजरे की खरीद की मॉनिटरिंग के लिए कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने भिवानी के उपायुक्त, एसडीएम की देखरेख में खरीद शुरू की है।</p>
<p style="text-align:justify;">भिवानी अनाज मंडी में अपनी बाजरे की फसल को लेकर पहुंचे किसान नगेंद्र, अशोक, सुंदर सिंह व आढ़ती नरेंद्र ने बताया कि आज से बाजरे की सरकारी खरीद शुरू कर दी गई है। किसानों को 2500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से सरकारी खरीद की जा रही है। अबकी बार फसल के पकाव के अंतिम डेढ़ महीनों में बरसात न होने के कारण फसल कुछ कमजोर रही है। जिससे उत्पादन में कमी आई है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा बाजरे का अच्छा भाव दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद के लिए आने वाले किसानों के लिए पीने के पानी, लाईट, शैड की अच्छी व्यवस्था की गई है। Bhiwani News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="सीनियर छात्राओं ने जूनियर का तिलक लगाकर किया स्वागत" href="http://10.0.0.122:1245/senior-students-welcomed-the-juniors-by-applying-tilak/">सीनियर छात्राओं ने जूनियर का तिलक लगाकर किया स्वागत</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/procurement-of-millet-started-in-haryana/article-52758</link>
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                <pubDate>Sat, 23 Sep 2023 18:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाजरे की सरकारी खरीद सहित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे अन्नदाता</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों ने विधायक को सौंपा मांगपत्र | Bhiwani News विधायक सर्राफ बोले: सीएम और कृषि मंत्री मिलकर मांगों को पूरा करवाने का प्रयास करूंगा भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। सरकार किसानों की बाजरे की सरकारी खरीद शुरू न करवाकर उनकी वर्ष भर मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-handed-over-demand-letter-to-mla/article-52221"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/bhiwani-news.gif" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">किसानों ने विधायक को सौंपा मांगपत्र | Bhiwani News</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>विधायक सर्राफ बोले: सीएम और कृषि मंत्री मिलकर मांगों को पूरा करवाने का प्रयास करूंगा</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> सरकार किसानों की बाजरे की सरकारी खरीद शुरू न करवाकर उनकी वर्ष भर मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बात भाकियु जिला प्रधान राकेश आर्य ने बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करवाने सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्व मंत्री एवं भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ को मांगपत्र सौंपते हुए कही। Bhiwani News</p>
<h3 style="text-align:justify;">ये हैं प्रमुख मांगें</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">बाढ़ प्रभावित बर्बाद फसलों का 30 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा मिले और 5 एकड़ की शर्त हटाई जाए</li>
<li style="text-align:justify;">बाढ़ में खराब ट्यूब्वैल का 2 लाख रुपए तथा मोटर का 3 लाख रुपए मुआवजा मिले।</li>
<li style="text-align:justify;">बाढ़ से खेतों में चढ़ी रेत को बिना शर्त बेचने की अनुमति मिले।</li>
<li style="text-align:justify;">गन्ने व पापुलर की फसल की मुआवजा राशि घोषित की जाए और गन्ने का रेट 450 रुपए क्विंटल बढ़ाया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">एमएसपी का कानून बने व किसान व मजदूरों को कर्जमुक्त किया जाए।</li>
<li style="text-align:justify;">तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसानों को 12 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिक सब्सिडी मिले।</li>
<li style="text-align:justify;">6 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के मुखियाओं का 10 लाख रुपए का बीमा हो आदि।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">विधायक घनश्याम सर्राफ ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इस विषय में कृषि मंत्री व मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे तथा 15 सितंबर तक बाजरे की सरकारी खरीद शुरू करवाने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। Bhiwani News</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="डोर-टू डोर इकट्ठा किया कूड़ा परिषद के गेट पर फेंका" href="http://10.0.0.122:1245/garbage-collection-door-to-door-and-thrown-at-the-council-gate/">डोर-टू डोर इकट्ठा किया कूड़ा परिषद के गेट पर फेंका</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/farmers-handed-over-demand-letter-to-mla/article-52221</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Sep 2023 17:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुपोषण और न्यूमोनिया से बचाएगा बाजरा</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ एक्सलुसिव: वर्ष-2022 के खरीफ सीजन के लिए मिलेगा प्रमाणित बीज रारी ने विकसित की दो नई किस्में आयरन व जिंक से भरपूर होगा बाजरा सच कहूँ/गुरजंट धालीवाल जयपुर। दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई यानी रारी) ने देश को एनीमिया और कुपोषण से निजात दिलाने के मकसद से बाजरे की दो नई […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/millet-will-save-from-malnutrition-and-pneumonia/article-20585"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-12/millet.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>सच कहूँ एक्सलुसिव: वर्ष-2022 के खरीफ सीजन के लिए मिलेगा प्रमाणित बीज</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>रारी ने विकसित की दो नई किस्में</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>आयरन व जिंक से भरपूर होगा बाजरा</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/गुरजंट धालीवाल जयपुर।</strong> दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई यानी रारी) ने देश को एनीमिया और कुपोषण से निजात दिलाने के मकसद से बाजरे की दो नई किस्में विकसित की हैं। इन किस्मों को नोटिफाइड किया जा चुका है। वर्ष-2019 में नोटिफाइड हुई इन दोनों किस्मों के प्रमाणित बीज वर्ष-2022 के खरीफ सीजन में किसानों को बुवाई के लिए उपलब्ध होंगे। संस्थान की बाजरा परियोजना के प्रभारी व अतिरिक्त निदेशक अनुसंधान (बीज) डॉ. एल.डी. भारद्वाज ने बताया कि आरएचबी 233 और आरएचबी 234 नामक इन दोनों किस्मों में आयरन 80 से 90 पीपीएम व जिंक 40 से 50 पीपीएम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका उत्पादन 32 से 33 क्विंटल व चारा उत्पादन 75 से 78 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होगा, जो दूसरी किस्मों से ज्यादा है। उन्होंने बताया कि इस बार ब्रीडर सीड यानी प्रजनक बीज तैयार हो चुका है। अब सीड प्रोडेक्शन एजेंसियां इस खरीफ सीजन में आधार बीज तैयार करेंगी और साल 2022 के खरीफ सीजन में किसानों को प्रमाणित बीज मिल सकेगा। इतना ही नहीं बाजरे की इन नई किस्मों से फसल केवल 80 से 81 दिन में पककर तैयार हो जाएगी। नई किस्में ईजाद करने वाले कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रजनन विधि से आयरन और जिंक तत्वों की बढ़ोतरी की कोशिश कामयाब रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ये है इन किस्मों की खासियत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डॉ. एलडी भारद्वाज ने बताया कि भारत में एनीमिया और कुपोषण दो बड़ी समस्याएं हैं। देश में 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में आयरन की कमी पाई जाती है। साथ ही 6 से 35 साल तक के 74 फीसदी लोग आयरन की कमी के शिकार हैं। वहीं आयरन के साथ ही जिंक की कमी के चलते देश में बड़े स्तर पर बच्चे कुपोषण की जद में है। जयपुर के राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान ने देश को एनीमिया और कुपोषण से निजात दिलाने के मकसद से बाजरे की इन दोनों नई किस्मों को विकसित किया है। आरएचबी 233 और आरएचबी 234 नामक ये किस्में जिंक और आयरन से भरपूर हैं, जो महिलाओं को रक्त की कमी और बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित होगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इन राज्यों में कारगर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अब तक क्षेत्रीय लिहाज से बाजरे की किस्में विकसित होती रही हैं, लेकिन इन किस्मों की खास बात यह है कि पहली बार पूरे देश के लिहाज से ये किस्में तैयार की गई हैं। राजस्थान के साथ ही हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल राज्य में बाजरे की अच्छी पैदावार की जा सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आयरन की कमी से ये नुकसान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">आयरन की कमी के चलते महिलाओं में गर्भधारण करने में परेशानी और गर्भ के दौरान बच्चे की मृत्यु होने जैसे मामले सामने आते हैं। वहीं जिंक की कमी के कारण बच्चों की शारीरिक वृद्धि रूकने के साथ ही दस्त, निमोनिया जैसी कई बीमारियों का शिकार उन्हें होना पड़ता है। अब बाजरे की नई किस्मों के सेवन में उन्हें समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। खास बात यह है कि ये समस्याएं समाज के कमजोर तबके में ज्यादा पाई जाती हैं और यही वर्ग बाजरे का ज्यादा सेवन भी करता है।</p>
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                                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sach-kahoon-special-story/millet-will-save-from-malnutrition-and-pneumonia/article-20585</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Dec 2020 16:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवंबर से गरीब परिवारों को गेहूं के साथ मिलेगा बाजरा</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार ने गरीबों को सस्ती दर पर दी जाने वाली गेहूं में कटौती का फैसला लिया है, क्योंकि नवंबर माह से पीले, गुलाबी और ओपीएच परिवारों को दी जाने वाली गेहूं के साथ-साथ उन्हें बाजरा भी दिया जाएगा। जिला में अब तक हर माह 26 हजार क्विंटल गेहूं की खेप […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/millet-to-get-wheat-with-poor-families-from-november/article-6287"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/millet-to-get-wheat-with-poor-families-from-november.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सच कहूँ न्यूज)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार ने गरीबों को सस्ती दर पर दी जाने वाली गेहूं में कटौती का फैसला लिया है, क्योंकि नवंबर माह से पीले, गुलाबी और ओपीएच परिवारों को दी जाने वाली गेहूं के साथ-साथ उन्हें बाजरा भी दिया जाएगा। जिला में अब तक हर माह 26 हजार क्विंटल गेहूं की खेप पहुंचती थी, इस बार उसमें कटौती करके 11 हजार क्विंटल ही गेहूं की आपूर्ति की जाएगी। शेष आपूर्ति बाजरे से की जाएगी। नवंबर माह में 15 हजार क्विंटल बाजरा उपभोक्ताओं को वितरित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा नवंबर माह से गेहूं की मात्रा में कटौती का फैसला लिया गया है। जिसके तहत पीले, गुलाबी व ओपीएच परिवारों को गेहूं में कटौती करके शेष बाजरा दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा बाजरा 1950 रुपये की दर से खरीदा जा रहा है और इसे डिपूओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को बेचा जाएगा। बाजरे की दर एक रुपये प्रति किलो तय की गई है। जबकि सरकार द्वारा डिपूओं के माध्यम से गेहूं 2 रुपये प्रति किलो की दर पर बेचा जाता है। डिपूओं पर गेहूं के साथ-साथ अब बाजरा भी मिल पाएगा। हालांकि सरसा जिला में बाजरे को अधिक लोकप्रियता नहीं मिली। पिछली बार भी जब डिपूओं के माध्यम से बाजरा वितरित किया गया, तब उपभोक्ताओं ने इसमें अरूचि दिखाई। जिसके कारण बाजरे का काफी स्टॉक रह गया था। सरकार ने बचे हुए स्टॉक को पुन: बंटवाकर खाली किया। इस बार लोगों की कितनी रूचि रहती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो पाएगा।<br />
<strong>पीले राशन कार्ड </strong><br />
पहले : 5 किलो प्रति यूनिट<br />
अब : 2 किलो गेहूं और 3 किलो बाजरा<br />
<strong>गुलाबी राशन कार्ड </strong><br />
पहले : 35 किलो प्रति कार्ड<br />
अब : 20 किलो गेहूं व 15 किलो बाजरा<br />
<strong>ओपीएच परिवार</strong><br />
पहले : 5 किलो प्रति यूनिट<br />
अब : 2 किलो गेहूं 3 बाजरा</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/millet-to-get-wheat-with-poor-families-from-november/article-6287</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Oct 2018 14:46:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाजरा की सरकारी खरीद एक से, न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा 1425 रू.</title>
                                    <description><![CDATA[15 नवंबर तक की जाएगी खरीद 48 से 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेशभर की अनाज मंडियों में एक अक्टूबर से बाजरा की खरीद शुरू कर दी जाएगी। बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। भिवानी जिला उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/government-procurement-of-millet-from-one-october/article-3346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-09/bajra.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">15 नवंबर तक की जाएगी खरीद</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">48 से 72 घंटे के अंदर भुगतान के आदेश</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेशभर की अनाज मंडियों में एक अक्टूबर से बाजरा की खरीद शुरू कर दी जाएगी। बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। भिवानी जिला उपायुक्त अंशज सिंह ने बताया कि बाजरा की खरीद एक अक्टूबर से 15 नवंबर तक की जाएगी। बाजरा का न्यूनतम मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा बाजरा की खरीद के लिए पांच खरीद केन्द्र बनाए गए हंै। उन्होंने बताया कि भिवानी मंडी, तोशाम, लोहारू, चरखी-दादरी व ढिगावा की मंडि?ों में बाजरा की खरीद होगी। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा बाजरा साफ-सुथरा व अपनी उपज का केवल आधा भाग बिक्री के लिए मंडियों में लाएं ताकि उन्हें इसे बेचने में कोई कठिनाई ना हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उपायुक्त ने बताया कि बाजरा में व्यर्थ पदार्थ जैसे जीवित-अजीवित जीव, अन्य अनाज के दाने या घुन -निम्र श्रेणी के दाने न हो। इसके अलावा बाजरा में नमी की अधिकता भी न हो। उन्होंने बताया कि किसान अपने साथ पटवारी द्वारा बाजरा बिजाई व मालिका हक के मूल दस्तावेज ब्रिकी के समय ब्रिकी केन्द्रों/ मंडियों में अपने साथ लाएं। उपायुक्त ने बताया कि किसान को बाजरा का अदायगी उनके व्यक्तिगत बैंक खातों के माध्यम से की जाएगी। किसान पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड भी साथ लाएं। उन्होंने बताया कि 48 से 72 घंटे के अंदर-अंदर किसानों को उनके बाजरा की कीमत का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मंडियों में आढ़तियों के पास बाजरा की सफाई के लिए बिजली के पंखे, झरने व अन्य साधनों की व्यवस्था की गई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2017 07:06:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पौली में बरसाती पानी की मार, 200 एकड़ में फसलें डूबी</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की धान, बाजरा और ज्वार की फसलें बर्बाद प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी नहीं समाधान जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।जैसे ही बरसात का मौसम आता है, पौली गाँव के किसानों के माथे पर चिंता की लक ीरें खिंच जाती हैं, क्योंकि पौली-लिजवानां कलां ड्रैन की सफाई नहीं होने से गाँव की अधिकतर भूमि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-water-in-polly-waste-of-paddy-millet-and-tide-crops/article-2174"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/crops.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">ग्रामीणों की धान, बाजरा और ज्वार की फसलें बर्बाद</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी नहीं समाधान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong>जैसे ही बरसात का मौसम आता है, पौली गाँव के किसानों के माथे पर चिंता की लक ीरें खिंच जाती हैं, क्योंकि पौली-लिजवानां कलां ड्रैन की सफाई नहीं होने से गाँव की अधिकतर भूमि जलमग्न हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">गत दिनों हुई बरसात से पौली लिजवानां कलां ड्रैन पौली गाँव के खेतों में ओवरफ्लो हो गई है, जिससे 200 एकड़ से ज्यादा फसल पानी में डूब गई, जबकि यहां पर ग्रामीणों द्वारा धान, ज्वार और बाजरा की बिजाई की हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा किसानों ने ईख की खेती भी की हुई थी। जो अब बारिश के पानी से जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गेहूँ के सीजन में भी उनकी फसल इसी तरह से बर्बाद हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि लिजवानां कलां, अकालगढ़ हथवाला आदि गाँवों का ढलान पौली गाँव की तरफ ज्यादा होने के कारण सारा बारिश का पानी उनके गाँव की तरफ बहता है और खेतों में लगभग 3-4 फीट पानी भर जाता है। जिससे ग्रामीणों की फसल बारिश के पानी से बर्बाद हो जाती है, ऐसे में किसानों ने प्रशासन से उनकी समस्या का समाधान किए जाने की गुहार लगाई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">1992 से बनी हुई है समस्या</h2>
<p style="text-align:justify;">गाँव पौली के कुलबीर, दलबीर, रोहिराम, जिले मलिक, सुनील, बिजेन्द्र ने बताया कि उनकी यह समस्या कोई आज या कल की नहीं बल्कि साल 1992 से यह समस्या बनी हुई है। इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है और हर वर्ष उनकी फसल बर्बाद हो रही है। ऐसे में किस प्रकार वे अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करेंगे जबकि उनके पास खेती के अलावा कोई इंकम का साधन नहीं है। इसलिए प्रशासन द्वारा उनकी समस्या पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बिजली समस्या ने बढ़ाई परेशानी</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बारिश व ड्रैन के पानी को निकालने के लिए बिजली विभाग से चार दिन के लिए 24 घंटे बिजली छोड़ने की मांग की है। लेकिन इसके बावजूद बिजली केवल 8 घंटे ही छोड़ी जा रही है। जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पौली गाँव के किसानों की 200 एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न है। ड्रैन का पानी निकलवाने के लिए सिंचाई विभाग, बिजली विभाग व जिला प्रशासन को मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। किसानों की मांग है कि खेतों के पानी को जल्द से जल्द निकलवाने का प्रबंध करें।<br />
<em><strong>सुंदर, सरपंच पौली।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-water-in-polly-waste-of-paddy-millet-and-tide-crops/article-2174</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 02:22:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>जाने धान, अरहर, मक्का बाजरा की फसलों के बारे में</title>
                                    <description><![CDATA[धान : उत्तर भारत में वीरवार से धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। यदि आप भी धान की रोपाई की तैयारी में हैं तो यह जानकारी आपके बेहद काम आएगी। पौधों की रोपाई लाइनों में करे। लाइन से लाइन की दूरी 15-20 सेमी. रखें। एक स्थान पर कम से कम दो पौधे […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/know-regarding-the-crops-of-paddy-arhar-mecca-millet/article-1281"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/crops.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;"><strong>धान :</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">उत्तर भारत में वीरवार से धान की रोपाई का काम शुरू हो गया है। यदि आप भी धान की रोपाई की तैयारी में हैं तो यह जानकारी आपके बेहद काम आएगी। पौधों की रोपाई लाइनों में करे। लाइन से लाइन की दूरी 15-20 सेमी. रखें।</p>
<p style="text-align:justify;">एक स्थान पर कम से कम दो पौधे रोपें। खरपतवारों की रोकथाम प्रारम्भ से ही की जाए। असिंचित दशाओं में मैदानी क्षेत्रों में सीधी बुवाई के लिए 90-110 दिन में पकने वाली जातियों की बुवाई करनी चाहिए। बीज की मात्रा 70-80 किग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">लाइन से लाइन की दूरी 20 सेमी. रखनी चाहिए। यदि पलेवा लगाकर धान की बुवाई करनी हो तो 100-110 कि.ग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करें। बीज को 12 घण्टे पानी में भिगोकर लगभग 45 घण्टे तक ढेर बनाकर रखना चाहिए जिससे बीजों में अंकुरण शुरू हो जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;"><strong>मूंग :</strong></h2>
<p style="text-align:justify;">पकी हुई फलियों की चुनाई कर लें या 60-80 प्रतिशत फलियों के पकने पर कटाई करें। उर्द की कटाई फसल पूरी पक जाने पर करें। इस समय फलियां काली पड़ जाती हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अरहर :</h2>
<p style="text-align:justify;">कम अवधि में तैयार होने वाली किस्मों की बुवाई इस माह में कर ले। नमी की कमी में पलेवा करके बुवाई करे। 12-15 कि.ग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर पर्याप्त होता है। बुवाई कतारों में 45-60 सेमी.की दूरी पर करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मक्का :</h2>
<p style="text-align:justify;">इस माह मक्का की बुवाई करे। ध्यान रहे कि नमी के अभाव में पलेवा अवश्य करें। प्रति हैक्टेयर 18-20 किग्रा. बीज पर्याप्त होता है। बुवाई लाइनों में करें। कंचन, सूर्या नवीन, पंत संकुल मक्का-3 प्रजाति आदि किस्मों की बुवाई करें। यह ध्यान रहे कि संकर किस्मों का बीज प्रति वर्ष नया प्रयोग करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बाजरा :</h2>
<p style="text-align:justify;">बारानी क्षेत्रों में मानसून सत्र की पहली अच्छी वर्षा पर बुवाई शुरू कर दें। औसतन 4-5 किग्रा. बीज प्रति हैक्टेयर की दर से प्रयोग करें। फसल की बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर 4 से.मी. गहरे कूड़ों में करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मूंगफली :</h2>
<p style="text-align:justify;">बुवाई माह के अन्तिम सप्ताह से शुरू करें तथा जुलाई के प्रथम सप्ताह तक पूरी कर लें। फैलने व कम फैलने वाली किस्मों की लाइन से लाइन की दूरी 45 से.मी. या गुच्छेदार किस्मों में 30से.मी. एवं पौधों की दूरी 15-20 से.मी. रखें। गुच्छेदार किस्मों के लिए 80-100 कि.ग्रा. एवं फैलने वाली किस्मों के लिए 60-80 किग्रा गिरी प्रति हैक्टेयर की दर से पर्याप्त होती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सोयाबीन :</h2>
<p style="text-align:justify;">मैदानी क्षेत्रों में जून के अन्तिम सप्ताह से जुलाई के प्रथम सप्ताह का समय बुवाई के लिए सर्वोत्तम है। सोयाबीन का 75-80 कि.ग्रा बीज प्रति हैक्टर प्रयोग किया जाय। बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर लाइनों में करें। बीज से बीज की दूरी 3 से 5 सेमी. रखें। बीज को 3-4 से.मी. से अधिक गहरा नहीं बोना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ज्वार:</h2>
<p style="text-align:justify;">ज्वार की बुवाई का सही समय जून के अन्तिम सप्ताह से जुलाई का प्रथम सप्ताह है। एक हैक्टर क्षेत्रफल के लिये 12-15 कि.ग्रा. बीज की आवश्यकता पड़ती है। बुवाई 45 से.मी. की दूरी पर लाइनों में करें। पौधे से पौधे की दूरी 15-20 सेमी. होनी चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गन्ना :</h2>
<p style="text-align:justify;">आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें व खेत में खरपतवार निकालते रहें। यूरिया की अन्तिम टॉपडेंसिंग न की गई हो तो इस माह अवश्य कर लें। फसल पर मिट्टी चढ़ायें। यदि नमी या वर्षा के बाद पायरिला का प्रकोप दिखाई दे तो तो मैलाथियान 50 ई.सी. की 1.00 लीटर या क्लोरपाइरीफास 20 ई.सी. का 1.50 लीटर को 500-600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।</p>
<p style="text-align:justify;">अंगोला बेधक, तना बेधक व जड़बेधक की रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफास 36 एस.एल का 1500 मिली. दवा को 500 लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करें। पत्ती के भूरा धब्बा रोग की रोकथाम के लिये ब्लाइटाक्स 50 नामक दवा 2-2.5 कि.ग्रा. आवश्यक पानी में मिलाकर प्रति हैक्टर की दर से छिड़काव करना चाहिए।</p>
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</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2017 00:43:03 +0530</pubDate>
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